उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन व महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने किया विकास कार्यो का भूमिपूजन व लोकार्पण
नवनिर्मित सामुदायिक भवन हुआ लोकार्पित, वहीं सड़क, नाली, पेयजल व्यवस्था कार्य सहित आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण कार्यो का किया गया भूमिपूजन
कोरबा। निगम के बालको जोनांतर्गत वार्ड क्र. 47 एवं 39 को आज 02 करोड़ 17 लाख रूपय के विकास कार्यो की सौगात मिली, जिसमें नवनिर्मित सामुदायिक भवन के लोकार्पण, विभिन्न वार्डो के 08 स्थानों पर आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण सहित सड़क, नाली व पाईप लाईन विस्तार के नवीन कार्य शामिल हैं। प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने इन विकास कार्यो का भूमिपूजन व लोकार्पण किया। उन्होने पूरी गुणवत्ता के साथ कार्य करते हुए समयसीमा में कार्य को पूरा करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा वार्ड क्र. 47 शिवनगर बिरसामुन्डा मोहल्ला में 25 लाख रूपये की लागत से सामुदायिक भवन का निर्माण कराया गया है, जिसका लोकार्पण आज प्रदेश के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उनके करकमलों से किया गया। इसी प्रकार निगम द्वारा वार्ड क्र. 47 अंतर्गत शिवनगर बिरसामुन्डा बस्ती में 30 लाख रूपये की लागत से आर.सी.सी.नाली एवं सी.सी. रोड का निर्माण, बालको जोन के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर 01 करोड़ 04 लाख रूपये की लागत से 08 नग आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण, वार्ड क्र. 39 अंतर्गत रिंग रोड से रोहित घर तक एवं रिंकी घर से विबल साहू घर तक 41 लाख 66 हजार रूपये की लागत से ओ.पी.व्ही.सी. पाईप बिछाने का कार्य एवं वार्ड क्र. 47 अंतर्गत पॉलिटेक्निक कालेज बस्ती 16 लाख 48 हजार रूपये की लागत से ओ.पी.व्ही.सी. पाईप बिछाने का कार्य कराया जाना हैं, आज इन सभी कार्यो का विधिवत भूमिपूजन उद्योग मंत्री श्री देवांगन एवं महापौर श्रीमती राजपूत के द्वारा किया गया।
वार्ड वासियों की मांग अनुसार कार्य हों, हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता
इस मौके पर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि वार्डवासियों व आमजन की मांग एवं आवश्यकता के अनुरूप वार्डो में विकास कार्य किए जाएं, यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, जनता जनार्दन की मांग को पूरा करना, मैं अपना प्रथम कर्तव्य समझता हूॅं। उन्होने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान शिवनगर बिरसामुन्डा मोहल्ला के नागरिकबंधुओं एवं शिव फाउंडेशन के द्वारा सामुदायिक भवन निर्माण की मांग मेरे समक्ष रखी गई थी, उनकी मांग का सम्मान करते हुए 25 लाख रूपये की लागत से यह भवन बनाया गया है, आज यह भवन यहॉं की जनता जनार्दन की सेवा के लिए समर्पित किया गया, अब बस्ती के लोगों को अपने विभिन्न आयोजनों, कार्यक्रमों के लिए एक सुविधापूर्ण स्थान उपलब्ध हो चुका है। मंत्री श्री देवांगन ने अपने उद्बोधन में आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आशीर्वाद एवं उप मुख्यमंत्री व नगरीय प्रशासन मंत्री अरूण साव के मार्गदर्शन में कोरबा नगर निगम क्षेत्र के विकास के लिए धनराशि की कोई कमी नहीं हो रही है, जो भी प्रस्ताव मेरे द्वारा या महापौर के द्वारा उनके समक्ष प्रस्तुत किए जाते हैं, उन पर शीघ्र स्वीकृति मिल रही है, जिसके कारण कोरबा में तेजी से विकास हो रहा है। उन्हेने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देश में दर्जनों जनकल्याणकारी योजनाओं को संचालित कर लोगों के दुख दर्द को दूर किया है, तो वहीं देश के सर्वांगीण विकास की दिशा में भी ऐतिहासिक रूप से कार्य हो रहे है। उन्होने कहा कि डॉ.रमन सिंह ने अपने 15 वर्ष के मुख्यमंत्रित्व काल में प्रदेश का ऐतिहासिक रूप से विकास किया, दर्जनों योजनाएं चलाई और अब आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पूरी इच्छाशक्ति व समर्पण के साथ छत्तीसगढ़ की जनता की सेवा कर रहे हैं तथा उनके मार्गदर्शन में प्रदेश विकास के पथ पर तेजी से बढ़ रहा है।
कोरबा के विकास के लिए सदैव समर्पित रहें हैं, उद्योग मंत्री
इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रदेश के उद्योग मंत्री तथा कोरबा के माटीपुत्र लखनलाल देवांगन कोरबा के विकास के लिए सदैव समर्पित रहे हैं, उन्होने कोरबा के विकास के लिए, वार्ड बस्तियों में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य किया है, यहॉं के विकास कार्यो हेतु उनके द्वारा लगातार फंड की व्यवस्था की जा रही है, हमारा सौभाग्य है कि प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उप मुख्यमंत्री व नगरीय प्रशासन मंत्री अरूण साव का भी पूरा आशीर्वाद कोरबा के विकास के लिए लगातार प्राप्त हो रहा है। महापौर श्रीमती राजपूत ने उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुए आगे कहा कि अपने जिस आशा व विश्वास के साथ मुझे एवं उद्योग मंत्री श्री देवांगन को अपना आशीर्वाद दिया है, आपके उस विश्वास, आपकी उस उम्मीद को कभी खंडित नहीं होने दिया जाएगा तथा हम सदैव आपके सुख-दुख में आपके साथ खडे़ नजर आएंगे, मैं यह विश्वास दिलाती हूॅं।
रविवार को होगा विकास कार्यो का भूमिपूजन
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत के द्वारा रविवार 08 फरवरी को नगर पालिक निगम कोरबा के टी.पी.नगर जोनांतर्गत एवं कोरबा जोनांतर्गत वार्ड क्र 09 में किए जाने वाले पेयजल व्यवस्था से जुड़े साढे़ 87 लाख रूपये के कार्यो का भूमिपूजन किया जाएगा, भूमिपूजन का यह कार्यक्रम टी.पी.नगर स्थित टैगोर उद्यान में दोपहर 03 बजे से आयोजित किया गया है।
इस अवसर पर वरिष्ठ पार्षद नरेन्द्र देवांगन, सत्येन्द्र दुबे, वार्ड पार्षद सीमाबाई कंवर व चंदादेवी, पार्षद मुकुंद सिंह कंवर व जनकसिंह राजपूत, मण्डल अध्यक्ष मनोज लहरे, भाजपा जिला उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी, पूर्व जिला उपाध्यक्ष तुलसी ठाकुर, पूर्व मण्डल अध्यक्ष नारायण सिंह ठाकुर, पूर्व मण्डल अध्यक्ष ईश्वर साहू, पूर्व पार्षद हेतराम चन्द्रा, महामंत्री किशोर साहू, भूपेन्द्र साहू, महिला मोर्चा से धनबाई निर्मलकर, अनिल गिरी, ओम यादव, अजय राठौर, मनहरणलाल यादव, सीमा गिरी, किशोर प्रधान, गजेन्द्र मनसर, पुन्यगिरी, कल्याणी श्रीवास, अभय कुर्रे, भरत पाल, सीताराम राठौर, कृष्णा यादव, नरेन्द्र पाटनवार, आकाश श्रीवास्तव, मनोज सिंह राजपूत, अंजाए अग्रवाल, संतोष चन्द्राकर, शिव फाउंडेशन के अध्यक्ष रवि यादव, अनिल यादव, डॉ.आर.आर.सिंदे, कल्याणी श्रीवास्तव, निगम के जोन कमिश्नर एन.के.नाथ, कार्यपालन अभियंता राकेश मसीह, सहायक अभियंता मोतीलाल बरेठ, अभय मिंज, गौरेलाल चन्द्रा, भुनेश्वर दुबे, चेतन सिंह राठौर, विजय सिंह कंवर, योगेन्द्र राठौर आदि के साथ काफी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।
कोरबा निवासी 02 लोगों के विरुद्ध म्यूल अकाउंट के मामले में पुलिस की कार्रवाई
कोरबा पुलिस की अपील—अपना बैंक खाता, एटीएम, सिम एवं मोबाइल नंबर किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग हेतु न दें
कोरबा। पुलिस अधीक्षक जिला कोरबा सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटेल एवं साइबर नोडल अधिकारी नितेश ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कटघोरा के मार्गदर्शन में साइबर थाना प्रभारी ललित कुमार चंद्रा के नेतृत्व में म्यूल अकाउंट के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है।
भारत सरकार के गृह मंत्रालय से म्यूल अकाउंट (Mule Account) के संबंध में प्राप्त निर्देशों के पालन में साइबर पुलिस थाना कोरबा द्वारा ऐसे बैंक खातों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है, जिनका उपयोग साइबर अपराधों में किए जाने की आशंका है।
इसी क्रम में साइबर पुलिस थाना कोरबा द्वारा अलग अलग बैंक खातों के संबंध में अपराध पंजीबद्ध कर धारा 317(2), 318(4) बीएनएस के तहत विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान दो अलग अलग अपराधों में दो खाताधारकों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ में खाता धारक महेंद्र कुमार धीवर निवासी मानस नगर, कोरबा एवं के प्रभाकर राव निवासी कृष्ण नगर कोरबा द्वारा अपने बैंक खातों को लाभ कमाने के उद्देश्य से अन्य व्यक्तियों को कमीशन के बदले उपयोग हेतु दिए जाने की बात सामने आई। बाद में उन्हें जानकारी हुई कि संबंधित बैंक खाते होल्ड हो गए हैं।
प्रकरण में उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर दोनों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई है। प्रकरण की विवेचना वर्तमान में जारी है।
म्यूल अकाउंट के विरुद्ध कोरबा पुलिस की कार्रवाई
साइबर अपराधियों द्वारा आम नागरिकों को कमीशन अथवा आसान कमाई का लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाकर अथवा पहले से संचालित बैंक खातों का उपयोग साइबर अपराध से प्राप्त राशि के लेन-देन के लिए किया जाता है। ऐसे बैंक खातों को म्यूल अकाउंट (Mule Account) कहा जाता है।
साइबर अपराध में प्रयुक्त ऐसे खातों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए उपलब्ध कराने वाले खाताधारक भी साइबर अपराध की विवेचना एवं कानूनी कार्रवाई की चपेट में आ सकते हैं।
कोरबा पुलिस की आम नागरिकों से अपील
साइबर अपराधी लोगों को कमीशन अथवा अन्य प्रकार के लाभ का लालच देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड, मोबाइल नंबर अथवा सिम का उपयोग साइबर अपराधों में कर सकते हैं। अतः नागरिक निम्न सावधानियां बरतें—
अपना बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग हेतु न दें।
अपना एटीएम/डेबिट कार्ड, पासबुक, चेकबुक या इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी किसी को न दें।
अपना मोबाइल नंबर अथवा सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग करने के लिए न दें।
किसी व्यक्ति द्वारा कमीशन या आसान कमाई का लालच देकर बैंक खाता उपलब्ध कराने की बात कही जाए तो सतर्क रहें।
अपने बैंक खाते में होने वाले लेन-देन की नियमित रूप से जानकारी रखें।
किसी संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिलने पर तत्काल अपने बैंक एवं पुलिस को सूचित करें।
किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने खाते में राशि प्राप्त कर उसे दूसरे खाते में ट्रांसफर अथवा नकद निकालकर न दें।
कोरबा पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि थोड़े से आर्थिक लाभ के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम, सिम अथवा मोबाइल नंबर किसी अन्य व्यक्ति को देकर स्वयं को साइबर अपराध की विवेचना एवं कानूनी कार्रवाई का हिस्सा न बनाएं।
SECL मानिकपुर जनसुनवाई रद्द करने की मांग:ग्रामीणों ने प्रक्रिया को फर्जी बताया,भू-विस्थापित बोले- पहले पुराने वादे पूरे करो,नहीं तो 3 हजार ग्रामीण करेंगे विरोध
कोरबा। SECL मानिकपुर ओपन कास्ट खदान विस्तार परियोजना को लेकर प्रभावित ग्रामीणों और प्रबंधन के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। भू-विस्थापित संगठन मानिकपुर ने 21 अगस्त को प्रस्तावित पर्यावरण जनसुनवाई को रद्द करने की मांग की है।
संगठन ने जनसुनवाई की प्रक्रिया को फर्जी बताते हुए चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो 8 प्रभावित गांवों के करीब 2 से 3 हजार महिला-पुरुष ग्रामीण मौके पर पहुंचकर इसका उग्र विरोध करेंगे।
200-250 किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिलने का आरोप
250 किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिलने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि दशकों पहले खदान के लिए अपनी उपजाऊ जमीन देने के बावजूद करीब 200 से 250 किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। वहीं, SECL द्वारा गोद लिए गए 7-8 गांवों में सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी खराब है।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और SECL प्रबंधन खदान विस्तार और कॉर्पोरेट मुनाफे को प्राथमिकता दे रहा है, जबकि विस्थापित परिवारों की पुरानी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है।
युवाओं के लिए 400-500 स्थायी नौकरी की मांग
भू-विस्थापितों ने प्रभावित गांवों के युवाओं के लिए मौके पर ही 400 से 500 पदों पर नियमित और स्थायी भर्ती शुरू करने की मांग रखी है। इसके अलावा भिलाई खुर्द-1, 2 और 3 में बचे मकानों और जमीनों का दोबारा पारदर्शी तरीके से भौतिक सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन कराने की मांग की गई है।
रापाखरा और दादर खुर्द को लेकर भी मांग
ग्रामीणों ने रापाखरा के विस्थापितों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने और आने-जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं, दादर खुर्द के तालाब को गांव की निस्तारी का प्रमुख स्रोत बताते हुए वहां ओबी डंपिंग पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है।
ग्रामीणों को सूचना दिए बिना जनसुनवाई कराने का आरोप
ग्रामीण अमन पटेल ने आरोप लगाया कि SECL प्रबंधन 21 अगस्त को जनसुनवाई कराने जा रहा है, लेकिन प्रभावित गांवों को इसकी जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि करीब 15-20 दिन पहले अधिकारियों से चर्चा के दौरान कहा गया था कि जनसुनवाई की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों को बताया जाएगा। इसके बावजूद अब पंचायत सचिव, सरपंच और अन्य क्षेत्रों को नोटिस भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पुराने मुआवजे, रोजगार, पुनर्वास और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े वादे पूरे नहीं होते, तब तक खदान विस्तार के लिए जनसुनवाई नहीं होने दी जाएगी।
पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध शिकायत निवारण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
बिलासपुर/कोरबा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने भूमि के बदले रोजगार से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय स्थायी समीक्षा समिति का गठन किया है। समिति उपलब्ध अभिलेखों, दस्तावेजों एवं साक्ष्यों के आधार पर प्रत्येक प्रकरण का परीक्षण कर अपनी अनुशंसाएं सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेगी।
भूमि के बदले रोजगार की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से लागू की गई यह उच्चस्तरीय स्थायी समीक्षा व्यवस्था प्रत्येक पात्र हितग्राही के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
समिति के अध्यक्ष महाप्रबंधक (भू-राजस्व), एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर होंगे। समिति में महाप्रबंधक (योजना एवं परियोजना), महाप्रबंधक (मानव संसाधन/श्रमशक्ति), महाप्रबंधक (मानव संसाधन/औद्योगिक संबंध) तथा उप-महाप्रबंधक (विधि), एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर सदस्य होंगे।
गठित समिति आवश्यकता के अनुसार संबंधित अभिलेखों एवं दस्तावेजों की जांच करेगी, अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त करेगी तथा उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों का सत्यापन करते हुए प्रचलित नियमों एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप शिकायतों का परीक्षण करेगी। इससे प्रकरणों के त्वरित, निष्पक्ष एवं तार्किक निस्तारण में सहायता मिलेगी।
भूमि के बदले रोजगार से संबंधित अनियमितता, जाली अथवा कूटरचित दस्तावेजों के उपयोग, तथ्य छिपाकर रोजगार प्राप्त करने अथवा अन्य संबंधित मामलों के संबंध में कोई भी व्यक्ति आवश्यक दस्तावेजों एवं साक्ष्यों सहित समिति के समक्ष शिकायत प्रस्तुत कर सकता है।
एसईसीएल ने स्पष्ट किया है कि विधिवत दर्ज की गई शिकायत को वापस लेने का कोई प्रावधान नहीं है। अतः शिकायतकर्ताओं से अपेक्षा की जाती है कि वे केवल प्रामाणिक तथ्यों एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही शिकायत दर्ज कराएं। कंपनी ने सभी संबंधित पक्षों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि शिकायत केवल अधिकृत माध्यमों से ही प्रस्तुत करें तथा किसी भी प्रकार के बिचौलियों, अपुष्ट सूचनाओं अथवा भ्रामक दावों से सावधान रहें।
एसईसीएल ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि जांच के दौरान कोई शिकायत जानबूझकर असत्य, दुर्भावनापूर्ण अथवा भ्रामक तथ्यों पर आधारित पाई जाती है, अथवा किसी व्यक्ति की छवि धूमिल करने या अनावश्यक उत्पीड़न के उद्देश्य से की गई प्रतीत होती है, तो संबंधित शिकायतकर्ता के विरुद्ध प्रचलित नियमों एवं लागू विधिक प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
एसईसीएल सुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही एवं संस्थागत निष्पक्षता के उच्च मानकों के प्रति प्रतिबद्ध है। कंपनी का विश्वास है कि उच्चस्तरीय स्थायी समीक्षा व्यवस्था के माध्यम से भूमि के बदले रोजगार संबंधी शिकायतों के परीक्षण की प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष एवं विश्वसनीय बनेगी। साथ ही, वास्तविक एवं पात्र हितग्राहियों के हितों का प्रभावी संरक्षण सुनिश्चित होने के साथ शिकायत निवारण तंत्र में जनविश्वास एवं संस्थागत जवाबदेही भी और सुदृढ़ होगी।