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कोरबा

एनकेएच में दो दिनों में 10 एंजियोग्राफी और 6 एंजियोप्लास्टी

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कोरबा में हृदय रोगियों को मिल रही उपचार की आधुनिक सुविधा

कोरबा। हृदय रोगियों को समय पर विशेषज्ञ चिकित्सक का परामर्श और उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एनकेएच कोरबा में नियमित रूप से विशेष कार्डियक सेवाएं संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में रायपुर के प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सतीश सूर्यवंशी एवं उनकी टीम ने कार्डियक कैंप में 70 से अधिक मरीजों की जांच की। मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श, जांच और उपचार की सलाह दी गई। हृदय रोग संबंधी गंभीर शिकायतों वाले मरीजों की आवश्यक उपचार प्रक्रियाएं भी की गईं।
एनकेएच में पिछले दो दिनों में 10 एंजियोग्राफी और 6 एंजियोप्लास्टी सफलतापूर्वक की गईं। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार सभी मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हैं और उनकी स्थिति संतोषप्रद बनी हुई है। कुछ मरीजों को चिकित्सकीय निगरानी के बाद छुट्टी दे दी गई है। डिस्चार्ज के दौरान मरीजों को दवाओं, आवश्यक सावधानियों और फॉलोअप की जानकारी भी दी गई।

500 से अधिक एंजियोग्राफी और 300 से ज्यादा एंजियोप्लास्टी

एनकेएच कोरबा में अब तक 500 से अधिक एंजियोग्राफी और 300 से अधिक एंजियोप्लास्टी की जा चुकी हैं। इसके अलावा 2 हजार से अधिक लोगों ने सीने में दर्द, सांस फूलने, धड़कन की अनियमितता सहित विभिन्न हृदय संबंधी समस्याओं की जांच और चिकित्सकीय परामर्श लिया है। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ आधुनिक कार्डियक जांच एवं उपचार सुविधाएं उपलब्ध होने से स्थानीय मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल रही है। चिकित्सकों के अनुसार हृदय संबंधी बीमारी में समय पर जांच और उपचार बेहद महत्वपूर्ण है। सीने में दर्द, सांस फूलना, असामान्य थकान या धड़कन की अनियमितता जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है। एनकेएच में विशेषज्ञ परामर्श के साथ एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी जैसी प्रक्रियाओं की सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों को उपचार के लिए दूसरे शहरों में जाने की परेशानी भी कम हुई है। इससे समय के साथ-साथ पैसे की बचत भी हो रही है।

9 सितंबर को डॉ. एस.एस. मोहंती देंगे परामर्श

एनकेएच में विशेषज्ञ कार्डियक सेवाओं का क्रम जारी है। कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. एस.एस. मोहंती 9 सितंबर को एनकेएच कोरबा में मरीजों को परामर्श देंगे। हृदय संबंधी समस्या, सीने में दर्द, सांस फूलना, धड़कन की अनियमितता अथवा अन्य कार्डियक शिकायतों वाले मरीज विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह का लाभ ले सकते हैं। एनकेएच प्रबंधन के अनुसार अस्पताल का उद्देश्य हृदय उपचार की आधुनिक सुविधाओं को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है, ताकि मरीजों को समय पर विशेषज्ञ परामर्श और आवश्यक उपचार मिल सके तथा गंभीर हृदय रोगों के उपचार के लिए उन्हें दूर-दराज के शहरों पर निर्भर न रहना पड़े।

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कोरबा

NTPC कोरबा की 7 यूनिट 36 घंटे से बंद:बे-ब्रेकर टेस्टिंग के दौरान खराबी, छत्तीसगढ़ समेत सात राज्यों में संकट, ब्लैकआउट की जांच जारी

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े बिजली उत्पादक एनटीपीसी कोरबा संयंत्र में एक ब्रेकडाउन हो गया है। पावर ग्रिड कार्पोरेशन ऑफ इंडिया (PGCIL) द्वारा बे-ब्रेकर की टेस्टिंग के दौरान आई इलेक्ट्रिकल खराबी के कारण एनटीपीसी कोरबा की सभी सातों इकाइयां एक साथ बंद हो गईं थीं।

हालांकि, शनिवार को एनटीपीसी कोरबा की जनसंपर्क अधिकारी उषा घोष ने बताया कि तीन इकाइयों को दोबारा चालू कर दिया गया है। इनमें 500-500 मेगावाट की दो और 200 मेगावाट की एक इकाई शामिल है। बाकी चार इकाइयों को भी सुरक्षा और तय प्रक्रिया के तहत क्रमवार चालू करने का काम जारी है।

इस ब्रेकडाउन के कारण एनटीपीसी कोरबा का 2600 मेगावाट बिजली उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है। एनटीपीसी कोरबा की कुल क्षमता 2600 मेगावाट है, जिसमें 200 मेगावाट की तीन और 500 मेगावाट की चार इकाइयां शामिल हैं। सभी सातों इकाइयों के एक साथ बंद होने से संयंत्र में ब्लैकआउट जैसी स्थिति बन गई।

ब्रेकर टेस्टिंग के दौरान इलेक्ट्रिकल फॉल्ट

जानकारी के मुताबिक, PGCIL की टीम PGCIL बे में ब्रेकर की जांच और टेस्टिंग कर रही थी। इसी दौरान अचानक इलेक्ट्रिकल फाल्ट हुआ, जिसका असर सीधे एनटीपीसी की सभी यूनिटों पर पड़ा। फाल्ट इतना बड़ा था कि सभी यूनिटें एक के बाद एक बंद होती चली गईं। बताया गया कि फाल्ट के बाद पूरे प्लांट में अंधेरा छा गया और सहायक व्यवस्थाएं भी प्रभावित हुईं।

छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में असर

इस घटना का असर छत्तीसगढ़ के साथ-साथ दूसरे राज्यों की बिजली सप्लाई पर भी पड़ा है। एनटीपीसी कोरबा से छत्तीसगढ़ के अलावा मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा सहित कई राज्यों को बिजली सप्लाई की जाती है। उत्पादन ठप होने से ग्रिड पर भी दबाव बढ़ गया है।

जमनीपाली टाउनशिप में बिजली गुल

जमनीपाली स्थित एनटीपीसी टाउनशिप में भी डेढ़ घंटे तक बिजली गुल रही। बाद में डीजी सेट और वैकल्पिक व्यवस्था से टाउनशिप की सप्लाई बहाल की गई। देर रात तक स्ट्रीट लाइटें बंद रहने से टाउनशिप में अंधेरा पसरा रहा। शनिवार सुबह तक भी यूनिटें शुरू नहीं हो सकी थीं।

ब्लैकआउट के बाद NTPC कोरबा की तीन यूनिटें फिर शुरू

इस संबंध में शनिवार को एनटीपीसी कोरबा की जनसंपर्क अधिकारी उषा घोष से बात की गई। उन्होंने बताया कि कल हुए ब्लैकआउट के बाद एनटीपीसी कोरबा की तीन बिजली उत्पादन इकाइयों को दोबारा चालू कर दिया गया है। इनमें 500 मेगावाट की दो और 200 मेगावाट की एक इकाई शामिल है।

वहीं, बाकी चार इकाइयों को चालू करने का काम भी जारी है। इन्हें सुरक्षा और तय प्रक्रिया के अनुसार एक-एक करके शुरू किया जा रहा है। ब्लैकआउट की वजह क्या रही, इसकी भी जांच की जा रही है।

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कांग्रेसियों ने पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली डॉ.राधाकृष्णन का जन्मदिन सुभाष चौक निहारिका में शिक्षक दिवस के रूप मेंमनाया

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कोरबा। देश के पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली डॉ.राधाकृष्णन का स्मरण शिक्षक दिवस के रूप में जिला कांग्रेस कमेटी कोरबा शहर द्वारा सुभाष चौक निहारिका में मनाया गया। इस अवसर पर डॉ. राधाकृष्णन के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनके योगदान को भारत के लिये अविस्मरणीय निरूपित किया गया।

शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि डॉ राधाकृष्णन ने अकादमिक शिक्षा ग्रहण करने के साथ सामाजिक जीवन के कई वर्ष एक शिक्षक के तौर पर बिताये और असंख्य छात्रों को विद्या दान दिया। उन्होंने इस दौरान आदर्श शिक्षक के रूप में उदाहरण प्रस्तुत किया। इसके अलावा डॉ. राधाकृष्णन ने राष्ट्रपति के पद पर कार्य करते हुए देश को बेहतर नेतृत्व प्रदान किया।
पूर्व अध्‍यक्ष नत्‍थु लाल यादव ने डॉ. राधाकृष्णन के बहुआयामी व्यक्तित्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सर्वपल्ली जी के योगदान को सरकार ने पूरी गंभीरता से लेते हुए उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाना स्वीकार किया। यह परंपरा अब भी भारतवर्ष में जारी है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश राठौर ने कहा कि हमारे देश में शिक्षकों का दर्जा सबसे ऊंचा है। गुरु-शिष्य की महान परंपरा का दर्शन कराने का माध्यम शिक्षक दिवस बना हुआ है। शिक्षक पहले भी छात्रों के लिये सम्मानित थे और आज भी उनके प्रति सभी लोगों के मन में यही भावना कायम है।
ग्रामीण अध्‍यक्ष मनोज चौहान ने कहा कि गुरूकुल की परंपरा आज विद्यालयों के तौर पर बनी हुई है। गुरूजनों का महत्व यथावत बने हुए हैं। व्यक्ति की सफलता की पीछे सबसे बड़ी भूमिका गुरूजनों की होती है जो उन्हें विभिन्न तरीकों से मार्गदर्शन प्रदान करते हैं और लक्ष्य तक पहुँचाने में सहायता करते हैं इसलिए गुरू के ऋण से कभी भी मुक्त नहीं हुआ जा सकता। कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष नारायण कुर्रे, ने शिक्षक दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डॉ. राधाकृष्णन, गौतम बुद्ध की तरह हृदय में अपार करुणा रखते थे।

इस मौके पर कुसुम द्विवेदी, सपना चौहान, अर्चना उपाध्‍याय, रवि चंदेल, शशि अग्रवाल, अमृता निषाद, गिरधारी बरेठ, गजानंद साहु, संतोष राठौर, देवीदयाल सोनी, एफ डी मानिकपुरी, महेन्‍द्र थवाईत(गुड्डु) हिमांशु सिंह, सुभद्रा सिंह, रामगोपाल यादव, पालुराम साहु, सनीष कुमार, दुष्‍यंत शर्मा, संतोष यादव, समारू बरेठ, जवाहर निर्मलकर, डॉ.डीआर नेताम, कृपाराम साह आदि ने डॉ. राधाकृष्णन की जीवनी पर प्रकाश डाला।

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बैंक क्रेडिट लोन मेले में 137 समूहों को 5.07 करोड़ रुपए की दी गई ऋण स्वीकृति

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42 समूहों को रू.1.18 करोड़ का वितरण

स्व-सहायता समूहों की दीदियों को आजीविका से जोड़ने की दिशा में बड़ी पहल

कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में जिले में स्व-सहायता समूहों की दीदियों को विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय एवं आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए निरंतर विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 02 सितंबर 2026, बुधवार को जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा के सभाकक्ष में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत बैंक क्रेडिट लोन मेले का आयोजन किया गया।

लोन मेले में स्व-सहायता समूहों को विभिन्न आजीविका गतिविधियों के लिए बैंक लिंकेज के माध्यम से 137 समूहों के लिए कुल रू.5 करोड़ 7 लाख की ऋण राशि स्वीकृत की गई। वहीं 42 स्व-सहायता समूहों को रू.1 करोड़ 18 लाख की ऋण राशि का वितरण किया गया। इससे समूह की दीदियों को स्वरोजगार एवं आयमूलक गतिविधियों को विस्तार देने में मदद मिलेगी।

इसी प्रकार उद्यम लोन (स्वयं सिद्ध) के अंतर्गत 28 प्रकरणों में कुल रू.28 लाख की ऋण राशि स्वीकृत की गई, जबकि रू.3 लाख की राशि का वितरण किया गया। उद्यम लोन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को छोटे उद्यम स्थापित करने एवं संचालित करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

लोन मेले में बैंक लिंकेज एवं ऋण प्रक्रिया से संबंधित जानकारी के साथ समूह की दीदियों को उपलब्ध वित्तीय सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम में लीड बैंक प्रबंधक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि, विकासखंड परियोजना प्रबंधक, क्षेत्रीय समन्वयक, बिहान की दीदियां एवं हितग्राही उपस्थित रहे।

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