छत्तीसगढ़
बस्तर में 1KG गोल्ड के साथ 108 नक्सलियों का सरेंडर:3.61 करोड़ कैश और 101 हथियार डाले, रेड-कार्पेट बिछाकर स्वागत, कांकेर में हुई मुठभेड़
जगदलपुर/कांकेर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में बस्तर के संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में आज 108 नक्सलियों ने सरेंडर किया। पुलिस अधिकारियों ने इनके सरेंडर में रेड कार्पेट बिछाया था। इन सरेंडर नक्सलियों पर 3.95 करोड़ रुपए का इनाम भी घोषित है।
नक्सली अपने साथ जंगल से 1.64 करोड़ का 1 किलो सोना, 3 करोड़ 61 लाख कैश और 101 हथियार साथ लेकर आए थे, जो पुलिस को सौंप दिया है। लेवी वसूली के दौरान नक्सलियों ने यह पैसा इकट्ठा किया था।
वहीं, इस सरेंडर के बीच कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा इलाके में एनकाउंटर की खबर सामने आई है। जहां सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच आधे घंटे तक फायरिंग हुई। अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। एसपी निखिल राखेचा ने इसकी पुष्टि की है।
नक्सलियों के सरेंडर की तस्वीरें …

नक्सली अपने साथ 1.64 करोड़ का 1 किलो सोना लाए थे। ये सोना कहा से आया, अभी इस संबंध में उनसे पूछताछ की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों ने सरेंडर नक्सलियों का रेड कार्पेट बिछाकर स्वागत किया।

हाथ में संविधान की किताब लिए दिखे सरेंडर नक्सली।

सरेंडर कार्यक्रम में बस्तर संभाग के 7 जिलों के एसपी और डीजीपी मौजूद रहे।
सरेंडर के बाद नक्सलियों से होगी पूछताछ
जानकारी के मुताबिक, सरेंडर से पहले इन नक्सलियों ने सीधे बस्तर पुलिस से संपर्क किया था और अपने पास कैश और गोल्ड होने की जानकारी भी दी थी। इस ऑफिशियली सरेंडर के बाद नक्सलियों से पूछताछ की जाएगी कि गोल्ड कहा से आया। कौन उन्हें पैसे देता था।
101 हथियार साथ लाए नक्सली
नक्सलियों के पास 7 AK-47, 10 इंसास राइफल, 5 एसएलआर राइफल, 4 एमजी राइफल, 20 नग 303 राइफल, 11 बीजीएम लॉन्चर बरामद हुए हैं।
इन्हें सरकार की नीतियों का पूरा लाभ दिया जाएगा। पुलिस ने अपील की है कि, जो भी नक्सली बचे हैं, वो भी समय रहते सरेंडर कर दें।
सरेंडर कार्यक्रम में बस्तर संभाग के 7 जिलों के एसपी और डीजीपी मौजूद रहे। ये सभी नक्सली दंडकारण्य इलाके में सक्रिय थे।
मार्च 2027 तक बस्तर से केंद्रीय बलों की होगी वापसी
गृह मंत्री विजय शर्मा ने विधानसभा में मंगलवार (10 मार्च) को कहा था कि, बस्तर क्षेत्र में तैनात अधिकांश केंद्रीय बलों को 31 मार्च 2027 तक वापस बुला लिया जाएगा। राज्य में सशस्त्र नक्सलवाद को खत्म करने के लिए 31 मार्च 2026 की समयसीमा तय की गई है।
विजय शर्मा ने सदन में कहा कि, जब 31 मार्च 2026 को सशस्त्र नक्सलवाद के समापन की तिथि तय की गई, उसी समय यह भी निर्णय लिया गया था कि, 31 मार्च 2027 तक बस्तर में तैनात केंद्रीय बलों की वापसी की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
उन्होंने कहा कि कुछ केंद्रीय बल इससे पहले भी वापस जा सकते हैं। बैठकों में यह सहमति बनी है कि 31 मार्च 2027 को एक तय समय सीमा मानकर चलें, हालांकि इसमें थोड़ा आगे-पीछे भी हो सकता है।
कोरबा
माँ गायत्री मंदिर प्रांगण में होली मिलन समारोह:जीवन के सुखद पलों से रू ब रू हुए प्रबंधन के सदस्य
कोरबा। माँ गायत्री मंदिर एवं गायत्री हायर सेकेण्डरी स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में पावर हाऊस रोड स्थित माँ गायत्री मंदिर प्रांगण में होली मिलन समारोह का लघु, किन्तु भव्य आयोजन किया गया। यहां उपस्थित मंदिर प्रबंधन एवं गायत्री हायर सेकेण्डरी स्कूल शिक्षण समिति के सदस्यों के अलावा कोरबा के गणमान्य नागरिक उपस्थित हुए और प्राकृतिक रंगों से तिलक लगाकर एक-दूसरे को रंगोत्सव की बधाईयां दी और एक-दूसरे के समृद्ध और खुशहाल जीवन की कामनाएं दी गई। रंगोत्सव के बाद सभी ने स्वादिष्ट और सात्विक व्यंजनों का लुफ्त उठाया। यहां का रंगोत्सव कार्यक्रम लघु था, किन्तु दिव्य आयोजन था।

गायत्री शिक्षण समिति के अध्यक्ष कमलेश मिश्रा, प्राचार्य अशोक कुमार शुक्ला, इंद्रजीत शर्मा, कन्हैया सिंह सहित प्रबंधन के सभी सदस्य उपस्थित थे। गायत्री परिवार की वरिष्ठ सदस्य डॉ. श्रीमती मनीषा सिंह ने बताया कि इस तरह के सामूहिक आयोजन से जीवन की खुशियों में रंग भरते हैं और सामाजिक जीवन का विस्तार होता है। कुछ पल अपने लिए निकालना, समय की जरूरत है और इससे जीवन खुशहाल बनता है और सामाजिक कार्यक्रमों से एकता और सद्भाव का विस्तार होता है।



कोरबा
मिडिल ईस्ट युद्ध का गैस सिलेण्डर आपूर्ति पर कोई प्रभाव नहीं:स्थिति सामान्य-सारांश गैस एजेंसी
कोरबा। इन दिनों मिडिल ईस्ट युद्ध से आम उपभोक्ता संशय की स्थिति में हैं, कि यदि यह युद्ध लंबा खींचा, तो पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित होगी। गैस सिलेण्डर की आपूर्ति भी प्रभावित होगी, लेकिन कोरबा में भारत गैस सिलेण्डर की आपूर्ति पूर्ववत सामान्य ढंग से हो रही है। सारांश गैस एजेंसी के संचालक ने आम उपभोक्ताओं से निवेदन करते हुए कहा है कि मिडिल ईस्ट युद्ध से गैस सिलेण्डर की आपूर्ति में कोई व्यवधान नहीं आ रहा है और उपभोक्ताओं को सामान्य रूप से गैस सिलेण्डर की आपूर्ति की जा रही है। संचालक ने कहा है कि भारत सरकार द्वारा इंधन (गैस) की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है और हमारे पास पर्याप्त मात्र में गैस सिलेण्डर उपलब्ध है। उपभोक्ताओं से आग्रह करते हुए संचालक ने आश्वस्त किया है कि तनाव लेने की आवश्यकता नहीं है। जमाखोरी रोकने के लिए शासन ने जो गाइडलाइन्स जारी किया है, लेकिन सिलेण्डर समय पर उपलब्ध हो रहा है और डिलिवरी भी समय पर की जा रही है।

कोरबा
महतारी वंदन योजना बनी मातृशक्ति के आत्मविश्वास की पहचान
योजना की राशि से सुनीता नेताम ने बेटी के स्वास्थ्य पर दिया विशेष ध्यान पौष्टिक आहार और देखभाल से कमजोर बच्ची अब स्वस्थ
कोरबा। राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। यह राशि केवल आर्थिक सहयोग ही नहीं बल्कि महिलाओं के लिए आत्मविश्वास, सम्मान और सुरक्षा की भावना भी प्रदान कर रही है।
कोरबा जिले के अंतर्गत ग्राम झांझ, ग्राम पंचायत कसियाडीह की निवासी श्रीमती सुनीता नेताम भी इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि योजना के तहत मिलने वाली राशि बिना किसी से मांगे और बिना किसी प्रतीक्षा के हर माह समय पर उनके बैंक खाते में पहुंच जाती है, जिससे उन्हें काफी सहूलियत होती है।

श्रीमती सुनीता नेताम ने बताया कि उन्हें इस योजना की जानकारी आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से मिली, जिसके बाद उन्होंने आवेदन कर योजना का लाभ लेना शुरू किया। इसी दौरान वे गर्भवती हुईं और उनकी बेटी का जन्म सातवें माह में ही हो गया। समय से पहले जन्म होने के कारण बच्ची काफी कमजोर थी और जन्म के समय उसका वजन मात्र 1 किलो 600 ग्राम था। ऐसे समय में महतारी वंदन योजना से प्राप्त होने वाली राशि उनके लिए सहारा बनी। उन्होंने इस राशि का उपयोग अपने और अपनी बेटी के स्वास्थ्य एवं पोषण पर किया। उन्होंने अपने खान-पान में विशेष ध्यान देते हुए फल, हरी सब्जियां और पौष्टिक आहार लेना शुरू किया, जिससे उन्हें और उनकी बच्ची को लाभ मिला। जब बच्ची छह माह की हुई, तब उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र से मिलने वाले रेडी टू ईट पोषण आहार का भी नियमित रूप से उपयोग कराया। उचित पोषण और देखभाल के कारण आज उनकी बेटी पूरी तरह स्वस्थ है और वर्तमान में उसका वजन लगभग सात किलोग्राम हो चुका है।
श्रीमती सुनीता नेताम ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना जैसी पहल से माताओं को आर्थिक सहयोग के साथ-साथ मानसिक संबल भी मिला है। उन्होंने कहा कि आज उनकी बेटी स्वस्थ है और इसके लिए वे राज्य सरकार की इस जनकल्याणकारी योजना की आभारी हैं।
महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लाखों महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा के साथ आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरणा मिल रही है और यह योजना मातृशक्ति के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
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