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कोरबा

ग्राम भंवरखोल में नई उचित मूल्य दुकान स्थापित होने से ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत

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अब 14 किलोमीटर दूर नहीं जाना पड़ता राशन के लिए

कोरबा। विकासखंड करतला के ग्राम पंचायत साजापानी का आश्रित ग्राम भंवरखोल लंबे समय से खाद्यान्न प्राप्ति की गंभीर समस्या का सामना कर रहा था। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले राशन के लिए ग्रामीणों को लगभग 14 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी। बरसात के दिनों में मार्ग बाधित होने से स्थितियाँ और अधिक कठिन हो जाती थीं, जिससे विशेष रूप से बुजुर्ग, महिलाएँ एवं दिव्यांग हितग्राहियों को भारी परेशानी होती थी।

साजापानी स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान में सितंबर 2025 तक कुल 670 राशनकार्ड संबद्ध थे, जिनमें अंत्योदय, प्राथमिकता, निःशक्त तथा सामान्य श्रेणी के परिवार शामिल थे। इनमें से भंवरखोल के 276 कार्डधारी परिवारों द्वारा लगातार दूरी एवं असुविधा संबंधी समस्या की जानकारी स्थानीय पंचायत द्वारा जिला प्रशासन तक पहुंचाई गई।

ग्रामीणों की आवश्यकता और सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता के साथ त्वरित निर्णय लिया और ग्राम भंवरखोल में ही नवीन शासकीय उचित मूल्य दुकान की स्थापना स्वीकृत की। अक्टूबर 2025 से इस दुकान में खाद्यान्न आबंटन एवं वितरण का कार्य विधिवत प्रारंभ करा दिया गया। इससे ग्रामीणों को तत्काल बड़ी राहत मिली और अब वे अपने ही गाँव में समय पर और नियमित रूप से राशन प्राप्त कर पा रहे हैं। दुकान का संचालन जय भैरवी महिला स्व-सहायता समूह द्वारा पारदर्शी एवं सुचारू रूप से किया जा रहा है, जिससे वितरण व्यवस्था में सहजता बनी हुई है।

जिला प्रशासन द्वारा दुकान के लिए नवीन पीडीएस भवन की स्वीकृति भी प्रदान की गई है। यह भवन डीएमएफ मद से निर्माणाधीन है और आगामी बरसात से पूर्व पूर्ण हो जाएगा। भवन तैयार होने के पश्चात खाद्यान्न भंडारण एवं वितरण व्यवस्था और अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित हो जाएगी।
ग्राम भंवरखोल के ग्रामीण किशन पिता जीवन, नन्द कुमार पिता प्यारे लाल, योगेश कुमार पिता शहादुर सिंह, राहुल कुमार पिता रामरतन तथा जीवन लाल पिता रामसिंह ने बताया कि पहले उन्हें राशन प्राप्ति हेतु लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी और बरसात में स्थिति अत्यंत जटिल हो जाती थी। अब गांव में ही उचित मूल्य दुकान संचालित होने से न केवल समय और दूरी की समस्या समाप्त हो गई है बल्कि नियमित और समय पर राशन उपलब्ध होने से सभी हितग्राही संतुष्ट हैं।

भंवरखोल में उचित मूल्य दुकान की स्थापना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि ग्रामीणों की वास्तविक जरूरतों को समझते हुए किए गए संवेदनशील निर्णय का स्पष्ट उदाहरण है। यह सफलता कहानी दर्शाती है कि योजनाओं का प्रभाव तब ही सार्थक होता है, जब वे जन-हित में समय पर और सही स्थान पर लागू की जाती हैं। खाद्य अधिकारी श्री घनश्याम कँवर ने बताया कि आज भंवरखोल के ग्रामीण महसूस कर रहे हैं कि सुविधाएँ उनके द्वार तक पहुँच रही हैं और उनका जीवन पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल एवं सहज हो गया है।

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कोरबा

कोरबा में भाजपा की प्रेस वार्ता: नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर कांग्रेस पर तीखा हमला

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भाजपा का आरोप: कांग्रेस ने रोका महिलाओं का हक, उजागर हुई संकीर्ण मानसिकता

कोरबा। भाजपा जिला कार्यालय पं. दीनदयाल कुंज, टीपी नगर कोरबा में आज आयोजित प्रेस वार्ता में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर भाजपा नेताओं ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर जोरदार निशाना साधा। प्रेस वार्ता में मुख्य वक्ता के रूप में केबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन, जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, महापौर संजू देवी राजपूत, रायपुर संभाग सह प्रभारी डॉ. राजीव सिंह, जिला महामंत्री अजय विश्वकर्मा, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा प्रीति स्वर्णकार एवं प्रदेश मंत्री महिला मोर्चा संतोषी दीवान मौजूद रहे।

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर अपनी “संकीर्ण और महिला-विरोधी मानसिकता” उजागर की है। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को अधिक राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, लेकिन विपक्ष ने इसे रोककर मातृशक्ति के अधिकारों के साथ अन्याय किया है। भाजपा वक्ताओं ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी राष्ट्र प्रथम और राष्ट्र सेवा के भाव से कार्य करती है तथा महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से यह विधेयक लाया गया था, लेकिन विपक्ष ने विकास की हर पहल में बाधा डालने की अपनी प्रवृत्ति के तहत इसका विरोध किया। भाजपा ने कांग्रेस पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष नहीं चाहता कि आम महिलाओं को राजनीतिक अवसर मिलें और प्रतिनिधित्व बढ़े। पार्टी नेताओं ने विपक्ष को लोकतंत्र के लिए “नासूर” बताते हुए कहा कि यह दल केवल कुछ परिवारों तक राजनीति सीमित रखना चाहते हैं।
भाजपा वक्ताओं ने कहा कि भले ही सदन में संख्या बल के अभाव में विधेयक पारित नहीं हो सका हो, लेकिन पार्टी जनता के बीच जाकर कांग्रेस की “कुत्सित सोच” को उजागर करती रहेगी और महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

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कोरबा

SECL गेवरा क्षेत्र के भू-विस्थापितों का बड़ा आक्रोश, मुआवजे और रोजगार की मांग को लेकर 28 अप्रैल से अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी

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कोरबा/गेवरा। एस.ई.सी.एल. (SECL) गेवरा परियोजना से प्रभावित ग्राम रलिया, मनगांव, लक्ष्मण नगर और नरईबोध के ग्रामीणों ने प्रशासन और प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को कलेक्टर, विधायक और एसईसीएल महाप्रबंधक को सौंपे गए एक ज्ञापन में ग्रामीणों ने अपनी गंभीर समस्याओं को साझा करते हुए चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 28 अप्रैल 2026 से वे गेवरा कार्यालय के समक्ष उग्र और अनिश्चितकालीन प्रदर्शन करेंगे ।

प्रमुख मांगें और समस्याएं

रुका हुआ मुआवजा:- ग्राम रलिया के बहादुर केंवट का मकान तोड़े हुए एक माह बीत चुका है, लेकिन आज तक मुआवजा राशि खाते में जमा नहीं की गई है। इसी प्रकार मनगांव लक्ष्मण नगर के विस्थापितों की दोबारा अधिग्रहित की गई भूमि का मुआवजा भी अटका हुआ है ।

रोजगार की अनदेखी:- प्रभावित परिवारों को न तो स्थाई रोजगार दिया जा रहा है और न ही वैकल्पिक रोजगार की कोई व्यवस्था की गई है। भूमि संबंधी अन्य प्रकरण भी वर्षों से लंबित हैं ।

बाहरी हस्तक्षेप और असुरक्षा:- ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि शांतिपूर्ण धरने के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है, साथ ही नरईबोध के पार्षद पति राकेश पटेल पर आरोप लगाया गया है कि वे प्रभावित ग्रामीणों की पीएनसी कंपनी में ज्वाइनिंग को अवैध रूप से रुकवा रहे हैं ।

प्रशासन और SECL को अल्टीमेटम

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने अपनी जमीन SECL को दी है, किसी स्थानीय प्रतिनिधि को नहीं। अतः प्रबंधन और प्रशासन सीधे विस्थापितों से संवाद करे। ज्ञापन में मांग की गई है, अगले 7 दिनों के भीतर सभी लंबित मुआवजा राशि और रोजगार की प्रक्रिया पूर्ण की जाए। धरना स्थल और आने-जाने वाले मार्ग पर पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए ।

प्रभावित महिला गोमती केवट ने कहा कि हम अपनी जायज मांगों के लिए सालों से भटक रहे हैं । यदि शासन-प्रशासन सात दिनों में ठोस कार्यवाही नहीं करता, तो 28 अप्रैल से होने वाले अनिश्चितकालीन आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी SECL प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की होगी ।

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जीएसटी बार एसोसिएशन ने माला सिंह का सम्मान किया

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कोरबा। छत्तीसगढ़ टैक्स बार काउंसिल की उपाध्यक्ष एवं टैक्स बार एसोसिएशन कोरबा की सचिव माला सिंह को जीएसटी बार एसोसिएशन ने सम्मानित किया है। यह सम्मान उनके कार्य क्षेत्र में उपलब्धि के लिए किया गया। माला सिंह को सम्मान स्वरूप जीएसटी बार एसोसिएशन बिलासपुर के अध्यक्ष सुरेश शुक्ला एवं सचिव रामेश्वर तंबोली के द्वारा शॉल एवं श्रीफल भेंट किया गया। इस अवसर पर जीएसटी बार एसोसिएशन बिलासपुर ने कहा कि सीएमए सिंह शुरू से ही अपने कार्य को लेकर न केवल बेहद संजीदा हैं बल्कि उन्होंने अपने दायित्व का पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता से निर्वहन कर यह साबित किया है कि नारी शक्ति हर क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल करने में सक्षम हैं। सम्मान कार्यक्रम के दौरान कार्य क्षेत्र से जुड़े अन्य लोग भी उपस्थित रहे।

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