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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के 11 पुलिस अफसर होंगे सम्मानित:ASI को प्रेसिडेंट मेडल, IG रामगोपाल, SP शशि मोहन सहित 10 अन्य को मिलेगा पदक, वीरता पदक किसी को नहीं

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रायपुर,एजेंसी। गणतंत्र दिवस के अवसर पर पुलिस अफसरों को दिए जाने वाले प्रतिष्ठित पदकों की घोषणा कर दी गई है। इस साल छत्तीसगढ़ के 11 पुलिस अफसरों को उनके उत्कृष्ट और सराहनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया है।

छत्तीसगढ़ से रामअवतार सिंह राजपूत को प्रेसिडेंट मेडल से नवाजा गया है। वे वर्तमान में एएसआई के पद पर पदस्थ हैं। लंबे समय से अनुशासित सेवा और कर्तव्यनिष्ठ कार्य के लिए उन्हें यह सम्मान दिया गया है। वहीं, इस बार किसी भी पुलिसकर्मी को वीरता पदक नहीं मिला है।

इसके अलावा राज्य के 10 सीनियर और युवा पुलिस अफसरों को सराहनीय सेवा पदक प्रदान किया गया है। इनमें वरिष्ठ आईजी से लेकर सहायक पुलिस अधीक्षक और कमांडेंट स्तर के अधिकारी शामिल हैं।

आईजी राम गोपाल को सराहनीय सेवा पदक मिला है।

आईजी राम गोपाल को सराहनीय सेवा पदक मिला है।

इन अफसरों को मिला सराहनीय सेवा पदक

  1. आईजी राम गोपाल
  2. एसपी शशि मोहन सिंह
  3. एसपी राजश्री मिश्रा
  4. एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा
  5. कमांडेंट निवेदिता पॉल
  6. कमांडेंट मनीषा ठाकुर रावते
  7. अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त तारकेश्वर पटेल
  8. एएसपी एम.एस. उनैज़ा खातून अंसारी,
  9. असिस्टेंट कमांडेंट जयलाल मरकाम।
  10. हजारी लाल साहू, प्लाटून कमांडर, छत्तीसगढ़ (वर्तमान में दिल्ली NCR)
एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा को सराहनीय सेवा पदक

एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा को सराहनीय सेवा पदक

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त तारकेश्वर पटेल को सराहनीय सेवा पदक।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त तारकेश्वर पटेल को सराहनीय सेवा पदक।

प्रदेश पुलिस बल का बढ़ेगा मनोबल

पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों का कहना है कि ये सम्मान पुलिस अफसरों के निरंतर समर्पण, प्रशासनिक दक्षता और जनसेवा में योगदान को देखते हुए दिए गए हैं।

हालांकि, इस वर्ष राज्य से किसी को भी वीरता पदक नहीं मिलने को लेकर पुलिस महकमे में चर्चा जरूर है। गणतंत्र दिवस पर घोषित इन सम्मानों से प्रदेश पुलिस बल का मनोबल बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

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छत्तीसगढ़

BSP के निजीकरण की खबरों को मैनेजमेंट ने बताया झूठा:भूपेश-देवेंद्र ने उठाए थे सवाल, भाजपा ने सबूत सार्वजनिक करने की चुनौती दी थी

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दुर्ग-भिलाई, एजेंसी। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के निजीकरण और अडानी समूह के इसे खरीदने की चर्चा के बीच मैनेजमेंट ने BSP के निजीकरण से जुड़ी खबरों को झूठा और भ्रामक बताया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अडानी समूह के प्रतिनिधियों के BSP दौरे की संभावना पर केंद्र सरकार से सवाल किए थे।

इसके बाद भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने कहा था कि वे भिलाई इस्पात संयंत्र को बिकने नहीं देंगे। वहीं, वैशाली नगर से भाजपा विधायक रिकेश सेन ने भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव के घर के सामने धरना देने की बात कही थी।

उन्होंने कांग्रेस नेताओं को अपने दावों के सबूत सार्वजनिक करने की चुनौती भी दी थी। अब BSP बयान जारी कर निजीकरण की खबरों को झूठा और भ्रामक बताया है।

BSP बयान जारी कर निजीकरण की खबरों को झूठा और भ्रामक बताया है। (फाइल फोटो)

BSP बयान जारी कर निजीकरण की खबरों को झूठा और भ्रामक बताया है। (फाइल फोटो)

भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर किया था पोस्ट

14 अक्टूबर को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया था। उन्होंने लिखा था कि अडानी भिलाई स्टील प्लांट देखने आने वाले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नजर अब बीएसपी पर है और उनके करीबी खरीददार प्लांट देखने आ रहे हैं।

भूपेश बघेल ने लिखा कि बीएसपी छत्तीसगढ़ की आत्मा है। इसे किसी भी हाल में बिकने नहीं देंगे। उन्होंने भाजपा नेताओं से भी कहा कि बीएसपी बिकाऊ नहीं है।

भूपेश बघेल ने 14 अक्टूबर को BSP को लेकर पोस्ट किया था।

भूपेश बघेल ने 14 अक्टूबर को BSP को लेकर पोस्ट किया था।

देवेंद्र यादव बोले- किसी कीमत पर नहीं बिकने देंगे BSP

भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने भी बीएसपी के निजीकरण का विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि अंबानी-अडानी को बीएसपी खरीदने नहीं देंगे। बीएसपी सिर्फ एक कारखाना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान है। भिलाई से लोगों की यादें जुड़ी हैं।

उन्होंने कहा कि बीएसपी को बचाने के लिए आखिरी समय तक लड़ाई लड़ेंगे और इसे किसी भी हाल में बिकने नहीं देंगे।

इस्पात मंत्रालय ने निजीकरण की खबर को अफवाह और भ्रामक बताया।

इस्पात मंत्रालय ने निजीकरण की खबर को अफवाह और भ्रामक बताया।

रिकेश सेन बोले- दोनों कांग्रेस नेताओं के घर के बाहर दूंगा धरना

बीएसपी के निजीकरण को लेकर कांग्रेस नेताओं के आरोपों पर वैशाली नगर से भाजपा विधायक रिकेश सेन ने कहा कि अगर उनके पास बीएसपी को अडानी समूह या किसी निजी कंपनी को बेचने से जुड़े दस्तावेज हैं, तो उन्हें सार्वजनिक करें। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाया।

रिकेश सेन ने कहा कि अगर भिलाई इस्पात संयंत्र को अडानी या किसी दूसरी निजी कंपनी को बेचने की कोशिश हुई, तो वे सबसे पहले विरोध में धरने पर बैठेंगे। उन्होंने भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव के घर के बाहर भी धरना देने की बात कही।

रिकेश सेन ने भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव के घर के बाहर भी धरना देने की बात कही।

रिकेश सेन ने भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव के घर के बाहर भी धरना देने की बात कही।

BSP बोला- निजीकरण की खबरें झूठी और भ्रामक

इस पूरे घटनाक्रम के बीच भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन ने बयान जारी कर प्लांट को बेचने की योजना से जुड़ी खबरों को झूठा और भ्रामक बताया है। प्रबंधन के मुताबिक, सोशल मीडिया और कुछ प्रिंट मीडिया में इस तरह की खबरें फैलाई जा रही हैं।

बयान में बताया गया कि इस्पात मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर इन दावों का खंडन किया है। वहीं, प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) की फैक्ट चेक टीम ने भी इन खबरों को झूठा बताया है।

बीएसपी और अडानी समूह की कंपनी के बीच गैस सप्लाई का समझौता

बताया जा रहा है कि भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) और अडानी टोटल गैस लिमिटेड (एटीजीएल) के बीच पाइप से प्राकृतिक गैस (पीएनजी) की सप्लाई के लिए समझौता हुआ है। इसका उद्देश्य प्लांट और टाउनशिप में गैस पहुंचाना है।

जानकारी के मुताबिक, दोनों के बीच 16 जुलाई 2026 को समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ था। इसी समझौते के सिलसिले में कुछ अधिकारियों के बीएसपी दौरे की योजना की चर्चा है।

भूपेश बोले- रिकेश सेन पहले पता करें, कौन-कौन से प्लांट बिकने की सूची में हैं

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पहले कोयला खदानें और पावर प्लांट गए। एसीसी जामुल भी चला गया और अब लौह अयस्क की खदानों पर खतरा है। उन्होंने कहा कि भिलाई स्टील प्लांट में भी अधिकारियों का दौरा हो चुका है और अडानी समूह के आने की चर्चा है।

बघेल ने कहा कि सभी चाहते हैं कि भिलाई इस्पात संयंत्र न बिके, लेकिन इसे बचाने के लिए भिलाई के लोगों को अभी से तैयारी करनी चाहिए। अगर भाजपा विधायक रिकेश सेन को धरना देना है तो प्रधानमंत्री कार्यालय के सामने जाकर प्रदर्शन करना चाहिए। हमारे घर के सामने धरना देने से क्या होगा।

भूपेश बघेल ने कहा कि रिकेश सेन को पहले पता करना चाहिए कि केंद्र सरकार की सूची में नगरनार स्टील प्लांट और भिलाई स्टील प्लांट को लेकर क्या स्थिति है। उन्होंने कहा कि मुद्दा किसी नेता के घर के सामने प्रदर्शन करने का नहीं, बल्कि सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों को बचाने का है।

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कोरबा

माँ दुर्गा के दरबार में सपरिवार पहुँचे भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, माता रानी का आशीर्वाद लेकर की जिलेवासियों की सुख-समृद्धि की कामना

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शिवाजी नगर, एमपी नगर, आरपी नगर एवं इंदिरा विहार सहित विभिन्न दुर्गोत्सवों में हुए शामिल, श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित कर भक्तिमय आयोजनों में की सहभागिता

कोरबा। शक्ति की आराधना, भक्ति और आस्था के पावन पर्व शारदीय नवरात्र एवं दुर्गा पूजा के अवसर पर कोरबा जिले में धार्मिक उत्साह और भक्तिमय वातावरण देखने को मिल रहा है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में माँ दुर्गा की प्रतिमाओं की स्थापना कर पूजा-अर्चना, डांडिया उत्सव एवं विविध धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी विभिन्न दुर्गोत्सवों में सपरिवार शामिल हुए। उन्होंने माँ दुर्गा के पावन दरबार में शीश नवाकर माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा जिलेवासियों के सुख, समृद्धि, खुशहाली एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने आर.पी. नगर, शिवाजी नगर, एम.पी. नगर एवं इंदिरा विहार सहित विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित दुर्गा पूजा एवं दशहरा उत्सवों में सहभागिता की। इस दौरान उन्होंने माँ जगदम्बा की पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं जिले की सुख-शांति, समृद्धि और सर्वांगीण विकास की मंगलकामना की। विभिन्न दुर्गोत्सव समितियों के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं श्रद्धालुओं ने उनका आत्मीय स्वागत किया। धार्मिक आयोजनों में उनकी सपरिवार उपस्थिति से आयोजन समिति के सदस्यों एवं श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।

विभिन्न दुर्गोत्सवों में की सहभागिता, श्रद्धालुओं से किया आत्मीय संवाद

दुर्गा पूजा एवं दशहरा उत्सव समिति कोसाबाड़ी के अंतर्गत आर.पी. नगर में आयोजित दुर्गोत्सव, शिवाजी नगर डांडिया उत्सव, एम.पी. नगर के दुर्गा पूजा एवं दशहरा उत्सव तथा इंदिरा विहार युवा दुर्गोत्सव में धार्मिक उल्लास और उत्सवधर्मिता का विशेष माहौल रहा। इन आयोजनों में माँ दुर्गा की आराधना, विधि-विधान से पूजा-अर्चना और श्रद्धालुओं की भक्ति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

इस अवसर पर गोपाल मोदी ने आयोजन समितियों के सदस्यों एवं उपस्थित श्रद्धालुओं से आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने दुर्गोत्सव के आयोजन में जुटे कार्यकर्ताओं और समिति के सदस्यों के प्रयासों की सराहना करते हुए धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने में ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। दुर्गा पूजा जैसे पर्व समाज में आपसी सद्भाव, एकजुटता, सहयोग और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का अवसर प्रदान करते हैं।

श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित कर लिया माता रानी का आशीर्वाद

माँ दुर्गा के दर्शन एवं पूजा-अर्चना के साथ भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने शिवाजी नगर में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। इस दौरान भक्तों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। माता रानी के जयकारों और भक्तिमय माहौल के बीच श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की तथा परिवार एवं समाज की खुशहाली की कामना की।

श्री मोदी ने माँ दुर्गा से प्रार्थना की कि माता रानी का आशीर्वाद सभी जिलेवासियों पर बना रहे तथा कोरबा जिला निरंतर प्रगति, विकास और खुशहाली के पथ पर आगे बढ़ता रहे। उन्होंने सभी के जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और सकारात्मकता की कामना की।

आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का संदेश देते हैं दुर्गोत्सव

दुर्गा पूजा एवं दशहरा उत्सव भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के महत्वपूर्ण पर्व हैं। ये पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय, शक्ति, साहस और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। साथ ही, सामूहिक सहभागिता के माध्यम से समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और एकता की भावना को प्रबल बनाते हैं।

कोरबा के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित दुर्गोत्सवों में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ और धार्मिक कार्यक्रमों के प्रति लोगों का उत्साह इस बात का परिचायक है कि क्षेत्र में धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराएँ निरंतर जीवंत बनी हुई हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी की सपरिवार सहभागिता, माता रानी के दर्शन, श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण तथा जिलेवासियों की सुख-समृद्धि के लिए की गई प्रार्थना ने इन आयोजनों के भक्तिमय वातावरण को और अधिक आत्मीयता प्रदान की।

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छत्तीसगढ़

राष्ट्रपति भवन पहुंचा छत्तीसगढ़ के ‘राष्ट्रपति’ का मामला:कहा- मुझे भी मेरा नाम अटपटा लगता है, संवैधानिक पदों से जुड़े नामों पर कानून की मांग

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मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले के घुटरा गांव में ‘राष्ट्रपति’ नाम वाले व्यक्ति का मामला अब राष्ट्रपति सचिवालय तक पहुंच गया है। इस नाम को लेकर अब देश में संवैधानिक पदों के व्यक्तिगत इस्तेमाल पर कानूनी नीति बनाने की मांग उठाई गई है।

किसी व्यक्ति का नाम राष्ट्रपति होने को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर के अध्यक्ष सौरव मिश्रा ने आपत्ति दर्ज की है। कांग्रेस नेता ने संवैधानिक पदों के नामों पर स्पष्ट नीति और कानूनी प्रावधान बनाने की मांग की है, ताकि भविष्य में पदों को लेकर किसी का नाम ना रखा जाए।

कांग्रेस नेता की इस याचिका पर राष्ट्रपति सचिवालय ने संज्ञान लिया और संबंधित केंद्रीय विभागों को पत्र भेजा है। वहीं प्रधानमंत्री कार्यालय में भी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। इस मामले में ग्रामीण ‘राष्ट्रपति’ ने कहा कि उन्हें पता चला है कि उनके नाम की चर्चा दिल्ली तक पहुंच गई है।

उन्होंने बताया कि माता-पिता ने उनका नाम राष्ट्रपति रखा था। हालांकि, गांव में लोग उन्हें राजपति कहते हैं। उन्होंने यह भी कहा ‘अपने नाम को लेकर अटपटा भी लगता है, क्योंकि हम पेशे से मजदूर हैं और ये इतना बड़ा नाम है।’

‘राष्ट्रपति’ नाम के शख्स एमसीबी जिले के घुटरा गांव में रहते हैं।

‘राष्ट्रपति’ नाम के शख्स एमसीबी जिले के घुटरा गांव में रहते हैं।

‘राष्ट्रपति’ नाम का मामला राष्ट्रपति सचिवालय पहुंचा।

‘राष्ट्रपति’ नाम का मामला राष्ट्रपति सचिवालय पहुंचा।

स्कूल की मार्कशीट जैसे दस्तावेजों में नाम ‘राष्ट्रपति’ ही दर्ज है।

स्कूल की मार्कशीट जैसे दस्तावेजों में नाम ‘राष्ट्रपति’ ही दर्ज है।

दरअसल, घुटरा गांव के रहने वाले राष्ट्रपति पेशे से मजदूर हैं। वह मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालते हैं। गांव के लोग उन्हें आमतौर पर ‘राजपति’ कहकर बुलाते हैं। हालांकि, स्कूल की मार्कशीट और बैंक पासबुक जैसे दस्तावेजों में उनका नाम ‘राष्ट्रपति’ ही दर्ज है।

जानकारी के अनुसार, प्राथमिक स्कूल घुटरा के दाखिला रजिस्टर में 14 जुलाई 1988 को उनका नाम राष्ट्रपति ही लिखा गया था।

संवैधानिक पदों से जुड़े शब्दों पर स्पष्ट नियम बनाने की मांग

इस मामले को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर के अध्यक्ष सौरव मिश्रा ने किसी व्यक्ति का नाम राष्ट्रपति होने को लेकर आपत्ति जताई है। उन्होंने इस मामले को लेकर भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को अलग-अलग पत्र लिखा है।

कांग्रेस नेता सौरव मिश्रा ने अपनी याचिका में मांग की है कि ‘राष्ट्रपति’, ‘प्रधानमंत्री’, ‘मुख्यमंत्री’, ‘राज्यपाल’ और ‘भारत’ जैसे शब्दों को लोगों के नाम के रूप में इस्तेमाल करने को लेकर साफ नियम बनाए जाएं।

कांग्रेस नेता का कहना है कि देश के संवैधानिक पदों और राष्ट्रीय पहचान से जुड़े शब्दों के इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट नियम होने चाहिए। इससे भविष्य में ऐसे मामले सामने आने पर किसी तरह का असमंजस नहीं रहेगा और यह भी साफ हो सकेगा कि इन शब्दों का व्यक्तिगत नाम के रूप में इस्तेमाल किस तरह किया जा सकता है।

राष्ट्रपति सचिवालय ने विभागों को लिखा पत्र

राष्ट्रपति सचिवालय से मिले पत्र के मुताबिक 17 सितंबर 2026 को इस मामले में की गई याचिका को आगे की कार्रवाई के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के गृह सचिव और विधि एवं न्याय विभाग के संयुक्त सचिव के पास भेजा गया है। यह याचिका 8 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति को भेजी गई थी।

पत्र में कहा गया है कि संबंधित अधिकारी इस मामले पर ध्यान दें। साथ ही, याचिका पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी सीधे याचिकाकर्ता को देने की बात भी कही गई है।

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