मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले के घुटरा गांव में ‘राष्ट्रपति’ नाम वाले व्यक्ति का मामला अब राष्ट्रपति सचिवालय तक पहुंच गया है। इस नाम को लेकर अब देश में संवैधानिक पदों के व्यक्तिगत इस्तेमाल पर कानूनी नीति बनाने की मांग उठाई गई है।
किसी व्यक्ति का नाम राष्ट्रपति होने को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर के अध्यक्ष सौरव मिश्रा ने आपत्ति दर्ज की है। कांग्रेस नेता ने संवैधानिक पदों के नामों पर स्पष्ट नीति और कानूनी प्रावधान बनाने की मांग की है, ताकि भविष्य में पदों को लेकर किसी का नाम ना रखा जाए।
कांग्रेस नेता की इस याचिका पर राष्ट्रपति सचिवालय ने संज्ञान लिया और संबंधित केंद्रीय विभागों को पत्र भेजा है। वहीं प्रधानमंत्री कार्यालय में भी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। इस मामले में ग्रामीण ‘राष्ट्रपति’ ने कहा कि उन्हें पता चला है कि उनके नाम की चर्चा दिल्ली तक पहुंच गई है।
उन्होंने बताया कि माता-पिता ने उनका नाम राष्ट्रपति रखा था। हालांकि, गांव में लोग उन्हें राजपति कहते हैं। उन्होंने यह भी कहा ‘अपने नाम को लेकर अटपटा भी लगता है, क्योंकि हम पेशे से मजदूर हैं और ये इतना बड़ा नाम है।’
‘राष्ट्रपति’ नाम के शख्स एमसीबी जिले के घुटरा गांव में रहते हैं।
‘राष्ट्रपति’ नाम का मामला राष्ट्रपति सचिवालय पहुंचा।
स्कूल की मार्कशीट जैसे दस्तावेजों में नाम ‘राष्ट्रपति’ ही दर्ज है।
दरअसल, घुटरा गांव के रहने वाले राष्ट्रपति पेशे से मजदूर हैं। वह मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालते हैं। गांव के लोग उन्हें आमतौर पर ‘राजपति’ कहकर बुलाते हैं। हालांकि, स्कूल की मार्कशीट और बैंक पासबुक जैसे दस्तावेजों में उनका नाम ‘राष्ट्रपति’ ही दर्ज है।
जानकारी के अनुसार, प्राथमिक स्कूल घुटरा के दाखिला रजिस्टर में 14 जुलाई 1988 को उनका नाम राष्ट्रपति ही लिखा गया था।
संवैधानिक पदों से जुड़े शब्दों पर स्पष्ट नियम बनाने की मांग
इस मामले को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर के अध्यक्ष सौरव मिश्रा ने किसी व्यक्ति का नाम राष्ट्रपति होने को लेकर आपत्ति जताई है। उन्होंने इस मामले को लेकर भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को अलग-अलग पत्र लिखा है।
कांग्रेस नेता सौरव मिश्रा ने अपनी याचिका में मांग की है कि ‘राष्ट्रपति’, ‘प्रधानमंत्री’, ‘मुख्यमंत्री’, ‘राज्यपाल’ और ‘भारत’ जैसे शब्दों को लोगों के नाम के रूप में इस्तेमाल करने को लेकर साफ नियम बनाए जाएं।
कांग्रेस नेता का कहना है कि देश के संवैधानिक पदों और राष्ट्रीय पहचान से जुड़े शब्दों के इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट नियम होने चाहिए। इससे भविष्य में ऐसे मामले सामने आने पर किसी तरह का असमंजस नहीं रहेगा और यह भी साफ हो सकेगा कि इन शब्दों का व्यक्तिगत नाम के रूप में इस्तेमाल किस तरह किया जा सकता है।
राष्ट्रपति सचिवालय ने विभागों को लिखा पत्र
राष्ट्रपति सचिवालय से मिले पत्र के मुताबिक 17 सितंबर 2026 को इस मामले में की गई याचिका को आगे की कार्रवाई के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के गृह सचिव और विधि एवं न्याय विभाग के संयुक्त सचिव के पास भेजा गया है। यह याचिका 8 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति को भेजी गई थी।
पत्र में कहा गया है कि संबंधित अधिकारी इस मामले पर ध्यान दें। साथ ही, याचिका पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी सीधे याचिकाकर्ता को देने की बात भी कही गई है।
जिले के सभी थाना एवं चौकी क्षेत्रों में गुण्डा-बदमाशों एवं निगरानी बदमाशों को बुलाकर दी गई सख्त समझाइश
आपराधिक गतिविधियों से दूर रहने एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने की दी गई हिदायत
शांति व्यवस्था भंग करने की आशंका वाले व्यक्तियों के विरुद्ध की गई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई
कोरबा। आगामी दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने तथा जिले में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कोरबा के निर्देशन में कोरबा पुलिस द्वारा जिलेभर में व्यापक प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में कोरबा जिले के सभी थाना एवं चौकी क्षेत्रों में गुण्डा-बदमाशों, निगरानी बदमाशों तथा पूर्व में मारपीट एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे व्यक्तियों को थाना/चौकी तलब कर सख्त समझाइश दी गई। उन्हें आगामी त्यौहार के दौरान किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि, विवाद, हुड़दंग अथवा शांति व्यवस्था भंग करने वाले कृत्य से दूर रहने तथा अपने आचरण में सुधार लाने की स्पष्ट हिदायत दी गई।
पुलिस द्वारा ऐसे व्यक्तियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। शांति व्यवस्था भंग करने की आशंका वाले व्यक्तियों के विरुद्ध विधि अनुसार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है तथा उन्हें पाबंद किया गया है, ताकि दशहरा पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
कोरबा पुलिस की स्पष्ट चेतावनी
त्यौहार के दौरान कानून व्यवस्था बिगाड़ने, सार्वजनिक स्थान पर विवाद करने, हुड़दंग मचाने अथवा किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पूर्व में आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे व्यक्तियों को विशेष रूप से चेतावनी दी गई है कि वे पुलिस की निगरानी में हैं और किसी भी प्रकार की कानून-विरोधी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कोरबा पुलिस की अपील
कोरबा पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि दशहरा पर्व को शांति, सौहार्द एवं भाईचारे के साथ मनाएं तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, विवाद अथवा असामाजिक तत्व की सूचना तत्काल नजदीकी थाना/चौकी अथवा डायल-112 पर दें।
रायगढ़, एजेंसी। रायगढ़ जिले में शासकीय उचित मूल्य दुकान पचेड़ा में 3 लाख 22 हजार 193 रुपए के खाद्यान्न की कमी मिली है। खाद्य निरीक्षक की जांच में ई-पॉस मशीन में दर्ज स्टॉक और दुकान में उपलब्ध खाद्यान्न की मात्रा में अंतर मिला। इसके बाद पुलिस ने जय मां दुर्गा महिला समूह के पदाधिकारियों और दुकान के विक्रेता के खिलाफ केस दर्ज किया है।
मामला कोतरा रोड थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, खाद्य निरीक्षक ने 21 तारीख को शासकीय उचित मूल्य दुकान पचेड़ा में जांच कर खाद्यान्न के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया। इस दौरान दुकान में 48 क्विंटल चावल, 1.50 क्विंटल शक्कर और 4.50 क्विंटल नमक मिला।
जबकि ई-पॉस मशीन में दर्ज स्टॉक के मुताबिक, दुकान में 120.03 क्विंटल चावल, 5.44 क्विंटल शक्कर और 5.99 क्विंटल नमक होना चाहिए था। दोनों का मिलान करने पर 72.03 क्विंटल चावल, 3.94 क्विंटल शक्कर और 1.49 क्विंटल नमक कम मिला। इसकी कुल कीमत 3 लाख 22 हजार 193 रुपए बताई गई है।
महिला समूह के 10 पदाधिकारियों समेत 11 पर केस
खाद्य निरीक्षक ने मामले की सूचना कोतरा रोड थाने में देकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जय मां दुर्गा महिला समूह की अध्यक्ष सेवतीन चौहान, सचिव जमुना सिदार और सदस्य जानकी पटेल, कमला सिदार, प्यारीमती सिदार, भानुमति सिदार, शगुन चौहान, सजन मांझी, पद्मेश्वरी मांझी और मंगरा के साथ दुकान के विक्रेता पदमन चौहान के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 और 7 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
दुर्ग-भिलाई, एजेंसी। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के निजीकरण और अडानी समूह के इसे खरीदने की चर्चा के बीच मैनेजमेंट ने BSP के निजीकरण से जुड़ी खबरों को झूठा और भ्रामक बताया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अडानी समूह के प्रतिनिधियों के BSP दौरे की संभावना पर केंद्र सरकार से सवाल किए थे।
इसके बाद भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने कहा था कि वे भिलाई इस्पात संयंत्र को बिकने नहीं देंगे। वहीं, वैशाली नगर से भाजपा विधायक रिकेश सेन ने भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव के घर के सामने धरना देने की बात कही थी।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं को अपने दावों के सबूत सार्वजनिक करने की चुनौती भी दी थी। अब BSP बयान जारी कर निजीकरण की खबरों को झूठा और भ्रामक बताया है।
BSP बयान जारी कर निजीकरण की खबरों को झूठा और भ्रामक बताया है। (फाइल फोटो)
भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर किया था पोस्ट
14 अक्टूबर को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया था। उन्होंने लिखा था कि अडानी भिलाई स्टील प्लांट देखने आने वाले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नजर अब बीएसपी पर है और उनके करीबी खरीददार प्लांट देखने आ रहे हैं।
भूपेश बघेल ने लिखा कि बीएसपी छत्तीसगढ़ की आत्मा है। इसे किसी भी हाल में बिकने नहीं देंगे। उन्होंने भाजपा नेताओं से भी कहा कि बीएसपी बिकाऊ नहीं है।
भूपेश बघेल ने 14 अक्टूबर को BSP को लेकर पोस्ट किया था।
देवेंद्र यादव बोले- किसी कीमत पर नहीं बिकने देंगे BSP
भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने भी बीएसपी के निजीकरण का विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि अंबानी-अडानी को बीएसपी खरीदने नहीं देंगे। बीएसपी सिर्फ एक कारखाना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान है। भिलाई से लोगों की यादें जुड़ी हैं।
उन्होंने कहा कि बीएसपी को बचाने के लिए आखिरी समय तक लड़ाई लड़ेंगे और इसे किसी भी हाल में बिकने नहीं देंगे।
इस्पात मंत्रालय ने निजीकरण की खबर को अफवाह और भ्रामक बताया।
रिकेश सेन बोले- दोनों कांग्रेस नेताओं के घर के बाहर दूंगा धरना
बीएसपी के निजीकरण को लेकर कांग्रेस नेताओं के आरोपों पर वैशाली नगर से भाजपा विधायक रिकेश सेन ने कहा कि अगर उनके पास बीएसपी को अडानी समूह या किसी निजी कंपनी को बेचने से जुड़े दस्तावेज हैं, तो उन्हें सार्वजनिक करें। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाया।
रिकेश सेन ने कहा कि अगर भिलाई इस्पात संयंत्र को अडानी या किसी दूसरी निजी कंपनी को बेचने की कोशिश हुई, तो वे सबसे पहले विरोध में धरने पर बैठेंगे। उन्होंने भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव के घर के बाहर भी धरना देने की बात कही।
रिकेश सेन ने भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव के घर के बाहर भी धरना देने की बात कही।
BSP बोला- निजीकरण की खबरें झूठी और भ्रामक
इस पूरे घटनाक्रम के बीच भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन ने बयान जारी कर प्लांट को बेचने की योजना से जुड़ी खबरों को झूठा और भ्रामक बताया है। प्रबंधन के मुताबिक, सोशल मीडिया और कुछ प्रिंट मीडिया में इस तरह की खबरें फैलाई जा रही हैं।
बयान में बताया गया कि इस्पात मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर इन दावों का खंडन किया है। वहीं, प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) की फैक्ट चेक टीम ने भी इन खबरों को झूठा बताया है।
बीएसपी और अडानी समूह की कंपनी के बीच गैस सप्लाई का समझौता
बताया जा रहा है कि भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) और अडानी टोटल गैस लिमिटेड (एटीजीएल) के बीच पाइप से प्राकृतिक गैस (पीएनजी) की सप्लाई के लिए समझौता हुआ है। इसका उद्देश्य प्लांट और टाउनशिप में गैस पहुंचाना है।
जानकारी के मुताबिक, दोनों के बीच 16 जुलाई 2026 को समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ था। इसी समझौते के सिलसिले में कुछ अधिकारियों के बीएसपी दौरे की योजना की चर्चा है।
भूपेश बोले- रिकेश सेन पहले पता करें, कौन-कौन से प्लांट बिकने की सूची में हैं
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पहले कोयला खदानें और पावर प्लांट गए। एसीसी जामुल भी चला गया और अब लौह अयस्क की खदानों पर खतरा है। उन्होंने कहा कि भिलाई स्टील प्लांट में भी अधिकारियों का दौरा हो चुका है और अडानी समूह के आने की चर्चा है।
बघेल ने कहा कि सभी चाहते हैं कि भिलाई इस्पात संयंत्र न बिके, लेकिन इसे बचाने के लिए भिलाई के लोगों को अभी से तैयारी करनी चाहिए। अगर भाजपा विधायक रिकेश सेन को धरना देना है तो प्रधानमंत्री कार्यालय के सामने जाकर प्रदर्शन करना चाहिए। हमारे घर के सामने धरना देने से क्या होगा।
भूपेश बघेल ने कहा कि रिकेश सेन को पहले पता करना चाहिए कि केंद्र सरकार की सूची में नगरनार स्टील प्लांट और भिलाई स्टील प्लांट को लेकर क्या स्थिति है। उन्होंने कहा कि मुद्दा किसी नेता के घर के सामने प्रदर्शन करने का नहीं, बल्कि सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों को बचाने का है।