छत्तीसगढ़
दो जिलों के 1500 लोगों से 10 करोड़ की ठगी:कोरिया-MCB में ऐप डाउनलोड कराकर निवेश कराया, फिर विड्रॉल किया बंद
कोरिया/मनेंद्रगढ़ ,एजेंसी। कोरिया और MCB जिले में करीब 15 सौ लोगों से ऐप के जरिए निवेश कराकर 10 करोड़ से ज्यादा की ठगी की गई है। सैनलुकर कंपनी के ऐप में लोगों ने पैसे निवेश किया। शुरुआत में उन्हें अच्छा रिटर्न मिला तो निवेश की राशि बढ़ा दी। अब ऐप बंद होने से लोगों के हजारों से लेकर लाखों रुपए तक फंस गए हैं।
लोगों ने SP कार्यालय बैकुंठपुर में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ितों ने बताया कि कैथरीन नाम की महिला निवेशकों को जवाब भी देती थी। लेकिन जब उनके पैसे फंसे तो महिला गायब है।
जानकारी के मुताबिक, कोरिया और एमसीबी जिले में सेनलुकर कंपनी का ठगी का कारोबार वॉट्सऐप ग्रुप के माध्यम से किया गया। निवेशकों को बताया गया कि 35 से अधिक देशों में कारोबार करने वाली सेनलुकर कंपनी में निवेश करने से अच्छा रिटर्न मिलेगा।
वॉट्सऐप के माध्यम से ही लोगों को APK लिंग भेजे गए और ऐप डाउनलोड कराया गया। मेंबर्स को कंपनी के वॉट्सऐप ग्रुप से जोड़ा गया। दो ग्रुपों में दोनों जिलों के करीब 1500 से अधिक सदस्य थे।
अच्छा रिटर्न मिलने पर लालच में फंसे लोग
कंपनी ने शुरुआत में सदस्यता के लिए 550 रुपए लिए। प्रतिदिन राशि रिटर्न के रूप में दी गई। अच्छा रिटर्न मिलने पर लोगों ने तीन हजार, 7 हजार, 10 हजार, 17 हजार और 25 हजार रुपए के स्कीम में निवेश करते गए। अधिकांश निवेशकों ने एक लाख रुपए या इससे ज्यादा की राशि निवेश की है।
वॉट्सऐप पर होती थी ऑनलाइन मीटिंग
निवेशक गौरव जायसवाल और दासन सिंह ने बताया कि कंपनी के टीम लीडर ऑनलाइन मीटिंग लेते थे और ज्यादा निवेश करने के लिए कहते थे। कंपनी का संचालक कैथरीन नामक महिला को बताया गया है, जो निवेशकों को जवाब भी देती थी।
ऐप से पैसों की निकासी बंद होने पर इसकी शिकायत की गई तो कैथरीन ने कहा कि क्रिसमस और छुट्टियों के कारण यह स्थिति बनी है। छुट्टियां समाप्त होने के बाद निकासी हो जाएगी।
निवेशकों ने की पुलिस से शिकायत
सेनलुकर कंपनी में लोगों के करोड़ों रुपए फंस गए हैं। इसकी शिकायत निवेशकों ने कोरिया पुलिस से की है। अनुमान के मुताबिक ठगी की रकम 10 करोड़ रुपए से अधिक है। कोरिया एसपी के नाम ज्ञापन सौंपकर निवेशक संतोष सारथी, भरत सिंह, नीलू सिंह और अन्य निवेशकों ने FIR दर्ज करने की मांग की है।
मामले में कोरिया एसपी रवि कुर्रे ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है।
यूरोप की नामी कंपनी के नाम ऐप
ऐप के निवेशकों को जिस सेनलुकर कंपनी के नाम पर ठगी का शिकार बनाया गया, वह कंपनी स्पेन की है और कई देशों में फलों का कारोबार करती है। सेनलुकर कंपनी यूरोप में रजिस्टर्ड है और अपने ब्रांड के नाम पर फल बेचती है। निवेशकों से कहा गया कि वे इंटरनेशनल कंपनी में निवेश कर रहे हैं।
ठगों ने बनाया दूसरा ऐप
सेनकुलर ऐप बंद होने के बाद निवेशकों को एक और ऐप में इन्वेस्टमेंट करने के लिए कहा जा रहा है। नया ऐप टेस्ला कंपनी के नाम पर बनाया गया है, जो एलन मस्क की ऑटोमोबाइल कंपनी है।
छत्तीसगढ़
केशकाल : तेंदुए की खाल की तस्करी पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 9 आरोपी गिरफ्तार
केशकाल । वन्यजीव संरक्षण को लेकर राज्य में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में 19 मार्च 2026 को केशकाल वनमंडल और राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तेंदुए की खाल की तस्करी में शामिल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

वन्य जीव संरक्षण का अर्थ जंगली जानवरों, पक्षियों और उनके प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा करना है, ताकि जैव विविधता बनी रहे और पारिस्थितिक संतुलन न बिगड़े। भारत में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत अवैध शिकार, व्यापार और आवास विनाश को रोकना और वन्य प्रजातियों की रक्षा करना अनिवार्य है। यह पारिस्थितिक तंत्र के लचीलेपन और भावी पीढ़ियों के लिए प्रकृति के संरक्षण हेतु महत्वपूर्ण है।
यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना के आधार पर की गई। वन विभाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया, जिसमें एक कर्मचारी ने खरीदार बनकर तस्करों से संपर्क किया। जैसे ही आरोपी मोटरसाइकिल और एक वाहन में तेंदुए की खाल लेकर रसगांव-बड़ेडोंगर मार्ग स्थित ग्राम बैलगांव पहुंचे, टीम ने उन्हें घेरकर पकड़ लिया। मौके से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि तेंदुए का शिकार लगभग 7 महीने पहले अवैध हथियार (भरमार बंदूक) से किया गया था। आरोपियों की निशानदेही पर मुख्य आरोपी को अगले दिन नारायणपुर जिले के ग्राम बोरावण्ड से गिरफ्तार किया गया तथा शिकार में प्रयुक्त बंदूक भी जब्त की गई। बरामद तेंदुए की खाल की लंबाई 195 सेंटीमीटर और चौड़ाई 45 सेंटीमीटर पाई गई।
वनमंडलाधिकारी दिव्या गौतम के निर्देशन में आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 (संशोधित 2022) के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी कोंडागांव, दंतेवाड़ा, बस्तर और नारायणपुर जिलों के निवासी हैं। इस अभियान में राज्य स्तरीय टीम के अधिकारियों एवं वन विभाग के कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका रही। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के शिकार और अवैध व्यापार को रोकने के लिए आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। राज्य शासन की वन एवं वन्यजीव संरक्षण संबंधी योजनाओं के तहत जैव विविधता संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
छत्तीसगढ़
रायपुर : बाल संरक्षण पर राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित
हर बच्चा अपना है, यही सोच बदलेगी भविष्य की दिशा – मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

रायपुर। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और संवेदनशील मुद्दों पर राज्यस्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कहा कि बच्चों को ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सही दिशा और संवेदनशील वातावरण देना आवश्यक है। जब तक हम दूसरों के बच्चों को अपने बच्चों की तरह नहीं देखेंगे, तब तक समग्र विकास संभव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के समन्वय से बाल संरक्षण व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि बच्चे राष्ट्र की नींव हैं और उनकी सुरक्षा केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि संवेदनशीलता का विषय है। उन्होंने कहा कि केवल चिंतन नहीं, बल्कि ठोस मंथन और कार्ययोजना की जरूरत है। अपने जिलों के दौरे का उल्लेख करते हुए उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और बाल गृहों में पारिवारिक वातावरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की प्रतिनिधि सुश्री शाइस्ता शाह ने स्कूल सुरक्षा और पॉक्सो ट्रैकिंग पोर्टल की जानकारी दी, वहीं रायपुर कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने लॉ एंड ऑर्डर विभाग की संवेदनशील भूमिका और बाल तस्करी रोकथाम पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। किशोर न्याय अधिनियम 2015, मादक द्रव्यों के उन्मूलन, नशामुक्ति केंद्रों की स्थापना और आफ्टर केयर व्यवस्था को मजबूत करने पर भी चर्चा की गई।
कार्यशाला में सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, SJPU, पुलिस एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार करना रहा।
छत्तीसगढ़
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर : एमसीबी जिले से टीबी मुक्त भारत अभियान का स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया शुभारंभ
प्रधानमंत्री के विजन को साकार करने में जनता की भूमिका सबसे अहम, सब मिलकर बनाएं टीबी मुक्त भारत- स्वास्थ्य मंत्री

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर। विश्व क्षय दिवस के अवसर पर पूरे देश के साथ मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में भी “टीबी मुक्त भारत अभियान” के तहत 100 दिवसीय विशेष अभियान का भव्य शुभारंभ किया गया। राष्ट्रीय स्तर पर इस अभियान की शुरुआत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा द्वारा नोएडा से वर्चुअल माध्यम से की गई, वहीं छत्तीसगढ़ में इसका राज्य स्तरीय शुभारंभ मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले से होना अपने आप में एक ऐतिहासिक क्षण बन गया।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल बोले – जनभागीदारी से ही होगा टीबी का अंत
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि 24 मार्च का दिन ऐतिहासिक महत्व रखता है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “टीबी मुक्त भारत” का संकल्प तेजी से साकार हो रहा है। उन्होंने बताया कि 7 दिसंबर 2024 से 24 मार्च 2025 तक चले अभियान में 4113 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की 118 ग्राम पंचायतों के सरपंचों को उत्कृष्ट कार्य के लिए गांधी जी की प्रतिमा एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

अब गांव-गांव पहुंचेगी हाईटेक जांच – AI से 10 मिनट में मिलेगी रिपोर्ट
अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि स्वास्थ्य सेवाएं अब गांव-गांव तक पहुंचेंगी। आयुष्मान स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से लोगों की जांच की जाएगी, जिसमें रक्त जांच के साथ हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन से मौके पर ही छाती का एक्स-रे किया जाएगा। आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI ) तकनीक की मदद से मात्र 5 से 10 मिनट में रिपोर्ट उपलब्ध होगी, जिससे शुरुआती स्तर पर ही टीबी की पहचान संभव हो सकेगी।
जिले में 203 मरीज उपचार, निक्षय योजना से मिल रही पोषण सहायता
वर्तमान में जिले में 203 टीबी मरीज उपचाररत हैं, जिनमें 7 एमडीआर और 4 टीबी संक्रमण के मरीज शामिल हैं। सभी मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा 1000 रुपये प्रतिमाह (6 माह तक) तथा राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त 200 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जा रही है। वहीं वर्ष 2025-26 में 205 निक्षय मित्रों द्वारा 283 मरीजों को गोद लेकर पोषण आहार उपलब्ध कराया गया है। साथ ही जिले में 3 ट्रू-नेट मशीन, 5 सामान्य एक्स-रे मशीन और 1 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से जांच कार्य संचालित किया जा रहा है।
जागरूकता रथ रवाना, 100 दिनों में घर-घर पहुंचेगा अभियान
अभियान को चार चरणों में संचालित किया जाएगा, जिसमें पहले चरण में घर-घर सर्वे कर संभावित मरीजों की पहचान की जाएगी। इसके बाद हाई रिस्क क्षेत्रों, भीड़भाड़ वाले स्थानों, शहरी और जनजातीय क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में स्वास्थ्य मंत्री ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो जिलेभर में अभियान का प्रचार-प्रसार करेगा।
कार्यक्रम में चंपा देवी पावले, महापौर रामनरेश राय, सभापति संतोष सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह, एमआईसी सदस्य नीलम सलूजा, मंडल अध्यक्ष पुरुषोत्तम सोनकर, राम लखन सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अंत में उपस्थित जनसमूह ने एक स्वर में संकल्प लिया कि “हम सब ने ठाना है, छत्तीसगढ़ से टीबी को भगाना है। टीबी हारेगा, देश जीतेगा।”
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