वर्ल्ड चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय महिला, भारत की ही कोनेरू हम्पी को फाइनल हराया
नई दिल्ली,एजेंसी। 19 साल की दिव्या देशमुख ने चेस का FIDE महिला वर्ल्ड कप जीत लिया है। उन्होंने फाइनल में भारत की ही कोनेरू हम्पी को टाईब्रेक राउंड में हराकर खिताब जीता। वर्ल्ड चैंपियन बनने के साथ वे भारत की 88वीं ग्रैंडमास्टर भी बन गईं।
टूर्नामेंट में दिव्या ने कई टॉप रैंक प्लेयर्स को हराया और फाइनल में जगह बनाई। हम्पी के खिलाफ फाइनल में दिव्या ने दोनों प्रमुख मुकाबले ड्रॉ खेले। जिसके बाद सोमवार को टाईब्रेक राउंड हुआ, जिसमें दिव्या ने 2.5-1.5 के स्कोर से बाजी मारी।
मैच के बाद हम्पी ने कहा कि 12वीं चाल के बाद उन्हें समझ नहीं आया कि अब क्या करना है। हालांकि, 54वीं चाल में दिव्या ने जरूरी बढ़त हासिल कर ली। जिसके बाद हम्पी ने रिजाइन कर दिया और दिव्या को जीत मिली।
19 साल की दिव्या देशमुख चेस की सबसे युवा वर्ल्ड चैंपियन बनीं।
दिव्या को रू.42 लाख मिलेंगे
FIDE विमेंस वर्ल्ड कप जीतने पर दिव्या को लगभग 42 लाख रुपए मिलेंगे। वहीं वर्ल्ड कप (ओपन सेक्शन) के विजेता को लगभग ₹91 लाख मिलते हैं।
सोशल मीडिया वीडियो में देखिए दिव्या का विनिंग मोमेंट…
विमेंस कैंडिडेट्स के लिए क्वालिफाई किया
दिव्या ने वर्ल्ड चैंपियन बनने के साथ अगले साल के विमेंस कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए भी क्वालिफाई कर लिया। वे इस टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई करने वाली दूसरी ही भारतीय बनीं। कोनेरू हम्पी ने भी फाइनल में जगह बनाने के साथ कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई कर लिया।
वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद रो पड़ीं दिव्या
वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद दिव्या देशमुख ने मां को गले लगाया। मां से मिलते ही वे इमोशनल हो गईं और उनकी आंखों से आंसू छलक आए।
टाई-ब्रेक राउंड का फॉर्मेट
2 रैपिड गेम- हर गेम 10 मिनट का होता है।
10 मिनट के 2 गेम में अगर स्कोर बराबर रहा, तो 2 और फास्ट गेम। इस राउंड में हर गेम 5 मिनट का होता है।
5-5 मिनट के दोनों गेम भी बराबरी पर रहे, तो 3-3 मिनट के 2 गेम होते हैं।
3-3 मिनट में गेम ड्रॉ रहा तो 3+2 मिनट के ब्लिट्ज (तेज) गेम्स तब तक चलते रहेंगे, जब तक विजेता का फैसला नहीं हो जाता।
दिव्या ने पूर्व वर्ल्ड चैंपियन को भी हराया
सेमीफाइनल में पूर्व वर्ल्ड चैंपियन तान झोंगयी को हराने के बाद दिव्या अपने इमोशंस पर कंट्रोल नहीं कर पाई थीं।
महाराष्ट्र की दिव्या ने सेमीफाइनल में पूर्व विश्व चैंपियन चीन की तान झोंगयी को 1.5-0.5 से हराया से। दिव्या ने पहले गेम में सफेद मोहरों से खेलते हुए 101 चालों में शानदार जीत हासिल की। उन्होंने बीच गेम में लगातार दबाव बनाकर झोंगयी को गलतियां करने पर मजबूर किया।
क्वीन की अदला-बदली के बाद भी दिव्या की स्थिति मजबूत थी, हालांकि झोंगयी ने एक समय वापसी की कोशिश की और बढ़त ले ली। लेकिन समय की कमी में झोंगयी ने गलत चाल चली, जिसका फायदा उठाकर दिव्या दो प्यादों की बढ़त के साथ जीत हासिल करने में सफल रहीं।
पहले गेम में काली मोहरों से खेलते हुए दिव्या ने संतुलित रणनीति अपनाई और गेम ड्रॉ कराया था। झोंगयी ने ‘क्वीन्स गैम्बिट डिक्लाइन्ड’ ओपनिंग से शुरुआत की, जिसमें दिव्या ने मोहरों की अदला-बदली के साथ संतुलन बनाए रखा। अंत में दोनों के पास एक-एक हाथी, एक-एक छोटा मोहरा (ऊंट/घोड़ा), और तीन-तीन प्यादे एक ही हिस्से में थे, जिसके कारण गेम ड्रॉ रहा।
हम्पी ने सेमीफाइनल में टिंगजी लेई को हराया था
टाई ब्रेकर के दौरान चीनी खिलाड़ी टिंगजी लेई और भारतीय चेस खिलाड़ी कोनेरू हम्पी।
आंध्र प्रदेश की कोनेरू हम्पी ने सेमीफाइनल के टाईब्रेकर में चीन की टिंगजी लेई को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। टाईब्रेकर में पहली दो बाजियां 15-15 मिनट की थीं, जिसमें अतिरिक्त समय शामिल था। इसके बाद अगली दो बाजियां 10-10 मिनट की थीं। लेई ने पहली बाजी जीतकर बढ़त हासिल की, लेकिन हम्पी ने दूसरी बाजी में मुश्किल स्थिति से उबरते हुए जीत हासिल कर मुकाबला बराबर किया।
टाईब्रेकर के तीसरे सेट में हम्पी ने सफेद मोहरों से पहली बाजी में शानदार प्रदर्शन करते हुए लेई को हराया। फाइनल में पहुंचने के लिए उन्हें केवल एक ड्रॉ की जरूरत थी, लेकिन उन्होंने दूसरी बाजी भी जीतकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया।
इससे पहले दोनों क्लासिकल गेम ड्रॉ रहे थे, जिसके बाद गुरुवार को टाईब्रेकर हुआ। दूसरे गेम में हम्पी के पास सफेद मोहरे थीं, लेकिन वह लेई के मजबूत बचाव को भेद नहीं पाईं।
4 भारतीयों ने बनाई थी क्वार्टर फाइनल में जगह
इस टूर्नामेंट में पहली बार भारत की चार महिला खिलाड़ियों कोनेरू हम्पी, हरिका द्रोणवल्ली, आर. वैशाली और दिव्या देशमुख ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी। जो भारतीय शतरंज के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि रही। इन्हीं 4 प्लेयर्स ने पिछले साल चेस ओलिंपियाड में भी भारत को जीत दिलाई थी। इनके साथ तानिया सचदेव भी टीम का हिस्सा थीं।
गुकेश पिछले साल बने थे वर्ल्ड चैंपियन
19 साल के भारतीय डोम्माराजू गुकेश भी पिछले साल ही मेंस में चेस के वर्ल्ड चैंपियन बने थे। जब उन्होंने 12 दिसंबर को चीन के डिंग लिरेन को हराकर महज 18 साल की उम्र में खिताब जीता था। गुकेश ने इसके बाद नंबर-1 प्लेयर नॉर्वे के मैग्नस कार्लसन को भी अलग-अलग टूर्नामेंट में 2 बार हराया।
गुकेश 18 साल की उम्र में वर्ल्ड चैंपियन बने थे।
भारत चेस ओलिंपियाड का भी चैंपियन
भारत ने 23 सितंबर 2024 को चेस ओलिंपियाड का खिताब भी जीता था। देश की मेंस और विमेंस दोनों टीमों ने 45वें चेस ओलिंपियाड में चैंपियन बनकर इतिहास रचा था। मेंस टीम में देश से अर्जुन इरिगैसी, आर प्रागननंदा, डी गुकेश, विदित गुजराती और पी हरिकृष्णा थे। वहीं विमेंस टीम में हरिका द्रोणावली, आर. वैशाली, दिव्या देशमुख, वंतिका अग्रवाल, और तानिया सचदेव थीं।
चेस ओलिंपियाड की ट्रॉफी के साथ भारत की मेंस और विमेंस टीमें।
रायपुर। छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ की छत्तीसगढ़ वेटरन्स टेबल टेनिस समिति द्वारा दिनांक 13 सितंबर, 2026 (रविवार) को “स्व. श्री ओम प्रकाश शर्मा स्मृति” प्रथम छत्तीसगढ़ राज्य मास्टर्स रैंकिंग टेबल टेनिस प्रतियोगिता 2026″ का आयोजन सप्रे शाला टेबल टेनिस हाल, रायपुर में किया जा रहा है, जिसमें पुरुष एवं महिला एकल (आयु वर्ग 40, 50, 60, 65, 70, 75) वर्ग हेतु कुल मिलाकर 12 वर्गों में आयोजित की जा रही है। उक्त प्रतियोगिता के सम्बन्ध में छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ के सचिव सार्थक शुक्ला ने जानकारी दी कि प्रतियोगिता में राज्य के सभी जिलों से कुल मिलाकर लगभग 150 पुरुष एवं महिला खिलाडियों के भाग लेने की संभावना है एवं प्रतियोगिता लीग पद्धति में खेली जायेगी, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि प्रत्येक खिलाड़ी को कई मैच खेलने का अवसर मिले।
यह आयोजन टेबल टेनिस के क्षेत्र में वरिष्ठ खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ राज्य स्तर पर मास्टर्स खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धा और समरसता बढ़ाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से छत्तीसगढ़ में टेबल टेनिस खेल को और अधिक मजबूत एवं व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे अनुभवी खिलाड़ियों को खेलने का अवसर मिले और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने। प्रतियोगिता के दौरान खेल भावना, अनुशासन और उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन को बढ़ावा दिया जाएगा। इस प्रतियोगिता में विभिन्न जिलों के पंजीकृत खिलाड़ी ही भाग ले सकेंगे तथा प्रतियोगिता हेतु प्रविष्टि कि अंतिम तिथि 06.09.2026 है। उपरोक्त जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से प्रतियोगिता के आयोजन सचिव विनय बैसवाड़े ने दी।
प्रथम छत्तीसगढ़ राज्य रैंकिंग टेबल टेनिस प्रतियोगिता : सीनियर पुरुष , जुनियर (UNDER-17) एवं कैडेट (UNDER-13) के मुकाबले अंतिम चरण में सीनियर महिला वर्ग में सुष्मिता सोम तथा होप्स (UNDER-11) में शिवाय मेघानी एवं इशी मिश्रा विजेता बने
रायपुर। छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ के तत्वावधान में रायपुर महानगर टेबल टेनिस संघ द्वारा नाकोडा टीएमटी एवं हेक्टर पाइप के सहयोग से दिनांक 29 से 31 अगस्त, 2026 तक सप्रे शाला टेबल टेनिस हाल, बुढ़ापारा, रायपुर में आयोजित प्रथम छत्तीसगढ़ राज्य रैंकिंग टेबल टेनिस प्रतियोगिता-2026 में कल सीनियर महिला एकल वर्ग तथा यूथ UNDER-11 (होप्स) बालक एवं बालिका एकल वर्ग सम्पन्न हुयी।
रायपुर महानगर टेबल टेनिस संघ के सचिवशकील साजिद ने जानकारी दी कि कल सीनियर महिला एकल वर्ग तथा यूथ UNDER-11 (होप्स) बालक एवं बालिका एकल वर्ग प्रतियोगिता के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि श्री नाकोडा पाइप इम्पेक्स प्रायवेट लिमिटेड के डायरेक्टर स्पर्श गोयल थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ के उपाध्यक्ष अनिल पुसदकर ने किया तथा विशेष अतिथि छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ की तकनीकि समिति के चेयरमेन अरविंद कुमार शर्मा थे। इस अवसर पर रायपुर महानगर टेबल टेनिस संघ के अध्यक्ष डा मानिक चटर्जी, छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ के उपाध्यक्ष विनय बैसवाड़े एवं मुख्य निर्णायक एस.व्ही. पेंढारकर उपस्थित थे।
प्रतियोगिता में कल खेले गये सीनियर महिला एकल वर्ग तथा यूथ UNDER-11 (होप्स)
बालक एवं बालिका एकल वर्ग के फायनल मैच के परिणाम निम्नानुसार है:- सीनियर महिला वर्ग:- विजेता – सुष्मिता सोम (बिलासपुर), उपविजेता – प्रज्ञा पाठक (रायपुर) 4 -2 यूथ UNDER-11 (होप्स) बालक वर्ग:- विजेता – शिवाय मेघानी (बिलासपुर), उपविजेता- अबीर बडानी (रायपुर) 3-0 यूथ UNDER-11 (होप्स) बालिका वर्ग:- विजेता – इशी मिश्रा (रायपुर), उपविजेता- अराध्या चंद्राकर (धमतरी) 3-0
प्रतियोगिता में आज सीनियर पुरुष एकल वर्ग, यूथ UNDER-17 (जुनियर) तथा यूथ UNDER-13 (कैडेट) बालक एवं बालिका एकल वर्ग के अंतिम दौर के मुकाबले खेले जा रहे हैं जिसमें फायनल के मुकाबले खेले जा रहे हैं । प्रतियोगिता में अभी तक खेले गए मैचों के परिणाम निम्नानुसार है:-
सीनियर पुरुष वर्ग:- सेमीफायनल – अरिंदम देबनाथ (रायपुर) ने प्रणय चौहान (रायपुर) को 4 -1 तथा कुणाल देब (दुर्ग) ने आयुष शर्मा (रायपुर) को 4-2 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया।
यूथ UNDER-17 (जुनियर) बालक वर्ग:-
सेमीफायनल – आर्यन सिंह (रायपुर) ने श्रेष्ठ मिश्रा (रायपुर) को 3-1 तथा दीक्षांत कुमार जांगड़े (बिलासपुर) ने गौरव मून (दुर्ग) को 3-1 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया।
यूथ UNDER-17 (यूथ) बालिका वर्ग:- सेमीफायनल – समाया पांडे (रायपुर) ने लावण्या पांडे (रायपुर) को 3-2 तथा वेदी कछवाहा (रायपुर) ने इशी मिश्रा (रायपुर) को 3-0 से हराकर फायनल में प्रवेश किया ।
यूथ UNDER-13 (कैडेट) बालक वर्ग:-
सेमीफायनल – अथर्व साहू (दुर्ग) ने अबीर अग्रवाल (रायपुर) को 3-1 तथा विवान बैसवाड़े (रायपुर) ने नीरव तिवारी (रायपुर) को 3-2 से हराकर फाइनल मे प्रवेश किया।
यूथ UNDER-13 (कैडेट) बालिका वर्ग:- सेमीफायनल – अक्षिता बीनू (बिलासपुर) ने माहविन अंसारी (रायपुर) को 3-0 तथा इशी मिश्रा (रायपुर) ने आरुषि मढरिया (दुर्ग) को 3-0 से हराकर फाइनल मे प्रवेश किया । प्रतियोगिता के मुख्य निर्णायक एस.व्ही. पेंढारकर एवं सहायक मुख्य निर्णायक विमल नायर, अजीत बेनर्जी, पी.एन. मजूमदार, जे.एम. राठोड़ हैं |
उपरोक्त जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ के उपाध्यक्ष विनय बैसवाड़े ने दी।
बिलासपुर/कोरबा। आज दिनाँक 30 अगस्त 2026 राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) मुख्याय में 24 अगस्त से 30 अगस्त, 2026 तक आयोजित “कॉलोनी स्पोर्ट्स-2026” का आज सफल समापन हुआ। सप्ताहभर चले इस खेल महोत्सव में SECL मुख्यालय के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर खेल भावना, अनुशासन एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का उत्कृष्ट परिचय दिया। आयोजन के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया तथा पूरे आयोजन में उत्साह एवं उमंग का वातावरण बना रहा।
इस खेल महोत्सव का उद्देश्य अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों में खेलों के प्रति रुचि विकसित करना, स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली को प्रोत्साहित करना, शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा आपसी सहयोग, सौहार्द एवं टीम भावना को सुदृढ़ करना था। पूरे सप्ताह आयोजित प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने खेल भावना का परिचय देते हुए अनुशासित एवं उत्साहपूर्ण सहभागिता सुनिश्चित की।
आयोजन के अंतर्गत वॉलीबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, लॉन टेनिस, स्केटिंग, फुटबॉल, एथलेटिक्स सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया गया। सभी प्रतियोगिताएँ वसंत विहार एवं इंदिरा विहार टाउनशिप स्पोर्ट्स स्टेडियम में संपन्न हुईं, जिनमें प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को साकार किया।
कार्यक्रम के अंतिम दिवस आज प्रातः साइकिल रैली का आयोजन किया गया। रैली को एसईसीएल डीएवी स्कूल परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जिसमें अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों ने बड़ी संख्या में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान बी. सी. सेठी, महाप्रबंधक (मानव संसाधन/कल्याण), SECL तथा डीएवी पब्लिक स्कूल, SECL, बिलासपुर के प्राचार्य के. पार्थीपन विशेष रूप से उपस्थित रहे। रैली के माध्यम से प्रतिभागियों को नियमित व्यायाम, स्वस्थ जीवनशैली, पर्यावरण संरक्षण तथा दैनिक जीवन में खेलों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। पूरे मार्ग में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए “फिट इंडिया” एवं “खेलो इंडिया” की भावना को सशक्त संदेश दिया।
SECL प्रबंधन का मानना है कि खेल न केवल शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाते हैं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक कार्य संस्कृति के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी उद्देश्य से “कॉलोनी स्पोर्ट्स-2026” का आयोजन किया गया, ताकि कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को खेल गतिविधियों से जोड़ते हुए स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सके।
सप्ताहभर चले इस खेल महोत्सव का सफल आयोजन प्रतिभागियों के उत्साहपूर्ण सहयोग एवं SECL प्रबंधन के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम खेल संस्कृति को बढ़ावा देने, कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के बीच आपसी सौहार्द को सुदृढ़ करने तथा स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।