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छत्तीसगढ़

सक्ती में 2 सूने मकानों में चोरी का खुलासा:खरीदार सराफा व्यापारी समेत 4 गिरफ्तार, 3.85 लाख का माल बरामद

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सक्ती। सक्ती जिले के सोंठी गांव में दो सूने मकानों में हुई चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। चोरी का सामान खरीदने वाले एक सराफा व्यापारी समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के जेवरात और अन्य सामान समेत करीब 3.85 लाख रुपए का चोरी का माल बरामद किया है।

चोरी की दोनों घटनाएं 28 जुलाई की रात सोंठी गांव में हुई थीं। चोरों ने पीछे के दरवाजे का डंडा हटाकर घर में प्रवेश किया। इसके बाद अलमारी खंगालकर सोने-चांदी के जेवर, मोबाइल, नकदी और जरूरी दस्तावेज चोरी कर लिए। जाते समय मुख्य दरवाजे का ताला भी तोड़ दिया।

एक घर से चोरों ने फ्रिज में रखी पानी की बोतल निकालकर पानी पीया। वहीं घर से लगे नाश्ता होटल में रखी करीब 20 पैकेट सिगरेट भी चोरी कर ली।

एक घर से करीब 2.95 लाख के जेवर चोरी

सोंठी वार्ड नंबर 11 निवासी कमला बाई यादव के घर से सोने-चांदी के जेवर, नकदी, पासबुक, खेत की पर्ची, पैन कार्ड और आयुष्मान कार्ड समेत अन्य सामान चोरी हुआ था। उनके बेटे का मोबाइल फोन और होटल में रखी सिगरेट भी चोर ले गए।

दूसरी घटना फाटकपारा, कांजी हाउस के पीछे रहने वाले देवराम पटेल के घर हुई। यहां अलमारी से करीब सवा तोला सोने का हार, झुमका-कनोती, टॉप्स, सोने के फदक, चांदी की पायल, मंगलसूत्र और अंगूठियां समेत अन्य सामान चोरी हुआ था। जेवरों की कीमत करीब 2.95 लाख रुपए बताई गई।

एक ही गिरोह की करतूत होने का शक

दोनों घटनाओं में चोरी का तरीका लगभग एक जैसा मिलने पर सक्ती पुलिस ने इसे एक ही गिरोह की वारदात मानकर जांच शुरू की। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से सोंठी निवासी बलवीर सतनामी, फलेश साहू और समीर डेनियल को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में तीनों ने एक अन्य साथी के साथ मिलकर चोरी करना स्वीकार किया। चोरी का सामान आपस में बांटकर अलग-अलग जगह छिपाने की बात भी सामने आई।

सराफा व्यापारी को भी बनाया आरोपी

जांच में पुलिस को पता चला कि चोरी किए गए कुछ सोने-चांदी के जेवर अमित अग्रवाल, बनवारीलाल प्रेमचंद ज्वेलर्स, सक्ती को बिक्री के लिए दिए गए थे। इसके बाद पुलिस ने सराफा व्यापारी को भी मामले में आरोपी बनाया और गिरफ्तार कर लिया।

24 अगस्त को चारों गिरफ्तार

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर दोनों घरों से चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवर और अन्य सामान बरामद कर लिया। पुलिस के अनुसार, दोनों मामलों में चोरी गए माल की शत-प्रतिशत बरामदगी हुई है। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख 85 हजार रुपए है।

गिरफ्तार आरोपियों में बलवीर सतनामी (22), फलेश साहू (26), समीर डेनियल (19), तीनों निवासी सोंठी, और अमित अग्रवाल (45), निवासी सक्ती शामिल हैं। चारों को 24 अगस्त को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने मामले में धारा 3(5) और 317(2) बीएनएस भी जोड़ी है। मामले की आगे की जांच जारी है।

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छत्तीसगढ़

एयरपोर्ट टेकओवर में AAI की सुस्ती…हाईकोर्ट नाराज:एयरपोर्ट अथॉरिटी से पूछा- सरकारी पत्रों पर क्या कार्रवाई हुई, 20 अक्टूबर तक काम पूरा करने के निर्देश

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बिलासपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने बिलासपुर के चकरभाठा स्थित बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट के टेकओवर में हो रही देरी पर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) पर सख्त नाराजगी जताई है।

एयरपोर्ट के संचालन और विकास को लेकर राज्य सरकार ने AAI को पत्र भेजे थे। इस पर कोर्ट ने AAI से पूछा है कि इन पत्रों के बाद अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। कोर्ट ने इसकी जानकारी शपथ पत्र के साथ पेश करने के निर्देश दिए हैं।

कोर्ट ने AAI को अगली सुनवाई से पहले स्टेटस रिपोर्ट भी दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी।

बिलासपुर एयरपोर्ट से उड़ानें घटाने का आरोप

बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट को अपग्रेड करने और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर वर्ष 2017 में जनहित याचिकाएं दायर की गई थीं। तब से इस मामले की हाईकोर्ट में लगातार सुनवाई हो रही है।

सोमवार को सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट आशीष श्रीवास्तव ने कोर्ट को बताया कि बिलासपुर एयरपोर्ट शुरू होने के बाद भी अलग-अलग शहरों के लिए उड़ानों की संख्या और फेरे बिना किसी स्पष्ट कारण के काफी कम कर दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि उड़ानों में कमी होने से बिलासपुर और आसपास के यात्रियों को आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। इससे आम लोगों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

टेकओवर करने पर एएआई की सुस्ती पर जताई नाराजगी

राज्य सरकार ने बिलासपुर एयरपोर्ट के पूरे संचालन, प्रबंधन और विकास की जिम्मेदारी एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) को टेकओवर करने का अनुरोध किया था। इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय और एविएशन विभाग ने 12 दिसंबर 2025, 11 फरवरी 2026 और 14 जुलाई 2026 को AAI को पत्र भेजे थे।

AAI ने 21 अगस्त 2026 को हाईकोर्ट में शपथ पत्र पेश कर बताया कि ड्राफ्ट एमओयू 10 अगस्त 2026 को प्लानिंग डायरेक्टरेट को भेज दिया गया है। फिलहाल यह मामला AAI के मुख्यालय में विचाराधीन है।

कई महीने बीतने के बाद भी काम में कोई ठोस प्रगति नहीं होने पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है।

यात्री सुविधा भवन का निर्माण 60% पूरा, 20 अक्टूबर डेडलाइन

राज्य सरकार के विमानन संचालनालय ने बताया कि एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग के बाहर बनाए जा रहे पब्लिक यूटिलिटी भवन का काम तेजी से चल रहा है। भवन का करीब 60 प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है। इसमें ढांचा, दीवारें और प्लास्टर का काम पूरा हो गया है, जबकि छत का काम अभी चल रहा है।

विभाग ने बताया कि हाईकोर्ट की तय की गई समय-सीमा के अनुसार भवन का पूरा काम 20 अक्टूबर 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।

एप्रन का सिविल वर्क पूरा, इलेक्ट्रिकल कार्य 90 फीसदी हो चुका

इसके अलावा बताया गया कि एयरपोर्ट के एप्रन का सिविल काम पूरा हो चुका है, जबकि करीब 90 प्रतिशत इलेक्ट्रिकल काम भी पूरा हो गया है। एयरपोर्ट की बाउंड्री वॉल और पेरीमीटर रोड के डामरीकरण के लिए वर्क ऑर्डर जारी कर दिए गए हैं।

एयरपोर्ट के मुख्य सुरक्षा अधिकारी और सहायक कार्यकारी ने अपना काम संभाल लिया है। वहीं चीफ एयरोड्रम सिक्योरिटी ऑफिसर की निगरानी में करीब 85 पुलिसकर्मी एयरपोर्ट के अलग-अलग प्रमुख स्थानों पर तैनात हैं।

फिलहाल एलायंस एयर की ओर से बिलासपुर से दिल्ली, कोलकाता, प्रयागराज और अंबिकापुर के लिए नियमित उड़ानें संचालित की जा रही हैं।

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छत्तीसगढ़

कांग्रेस नेताओं का सोशल मीडिया रिपोर्ट कार्ड:भूपेश बघेल तीनों प्लेटफॉर्म पर मजबूत, दीपक बैज का X कमजोर, महंत-मरकाम इंस्टाग्राम पर पीछे

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रायपुर,एजेंसी। राजनीति अब सिर्फ मंच और मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि मोबाइल की स्क्रीन पर भी इसकी मजबूत मौजूदगी है। नेता का बयान हो या सरकार पर हमला, कुछ ही मिनटों में सोशल मीडिया के जरिए बात हजारों लोगों तक पहुंच जाती है।

ऐसे में नेताओं के लिए Facebook, Instagram और X सिर्फ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि जनता तक पहुंचने का बड़ा माध्यम बन चुके हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ कांग्रेस के बड़े नेताओं के सोशल मीडिया आंकड़ों पर नजर डालें तो एक दिलचस्प तस्वीर सामने आती है।

राजनीतिक कद बड़ा है, लेकिन डिजिटल पहुंच हर नेता की उतनी मजबूत नहीं है। दैनिक भास्कर ने कांग्रेस के प्रमुख नेताओं के इंस्ट्राग्राम, फेसबुक और एक्स पर फॉलोअर्स का डेटा देखा। कई नेताओं की एक प्लेटफॉर्म पर अच्छी पकड़ है, जबकि दूसरे प्लेटफॉर्म पर उनके फॉलोअर्स की संख्या काफी कम है।

आईटी एक्सपर्ट मोहित साहू ने बताया कि आंकड़ों को अगर देखें तो छत्तीसगढ़ कांग्रेस में सबसे मजबूत सोशल मीडिया पकड़ भूपेश बघेल की है, टीएस सिंहदेव दूसरे नंबर पर हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज की सोशल मीडिया मौजूदगी अभी कमजोर है।

खास बात यह है कि भूपेश बघेल की पकड़ सिर्फ फेसबुक और X तक सीमित नहीं है। इंस्टाग्राम पर भी उन्हें करीब 4.68 लाख लोग फॉलो करते हैं। यही आंकड़ा उन्हें दूसरे नेताओं से अलग करता है। तीनों प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनकी मजबूत मौजूदगी साफ दिखाई देती है।

बैज का फेसबुक मजबूत, लेकिन X पर बड़ी कमी

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के सोशल मीडिया आंकड़ों में प्लेटफॉर्म के बीच बड़ा अंतर नजर आता है।

फिलहाल बैज की सोशल मीडिया पहुंच फेसबुक पर मजबूत है, लेकिन X पर उनका दायरा 13 हजार से भी कम है।

चरणदास महंत का इंस्टाग्राम कमजोर

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के तीनों प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फॉलोअर्स हैं, लेकिन इनके आंकड़ों में बड़ा अंतर नजर आता है।

फेसबुक की तुलना में इंस्टाग्राम पर चरणदास की फॉलोइंग करीब 11 गुना कम है। इंस्टाग्राम पर रील्स और छोटे वीडियो के जरिए युवा यूजर्स तक पहुंच बनाने का बड़ा मौका है। ऐसे में प्रदेश के प्रमुख नेताओं में शामिल चरणदास महंत की इंस्टाग्राम पहुंच अपेक्षाकृत कमजोर नजर आती है।

मोहन मरकाम का X मजबूत, इंस्टाग्राम बेहद कमजोर

X की तुलना में इंस्टाग्राम पर मोहन मरकाम की फॉलोइंग करीब 19 गुना कम है। एक ही नेता की सोशल मीडिया पहुंच में प्लेटफॉर्म के हिसाब से इतना बड़ा अंतर बताता है कि नेताओं की पकड़ अभी सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक जैसी नहीं है।

ताम्रध्वज साहू: मौजूदगी है, लेकिन बड़ी पहुंच नहीं

ताम्रध्वज साहू का सबसे मजबूत प्लेटफॉर्म X है, जहां करीब 71 हजार फॉलोअर्स हैं। हालांकि यहां भी उनकी फॉलोइंग 1 लाख से कम है। कुल मिलाकर, तीनों प्लेटफॉर्म पर मौजूदगी के बावजूद ऐसा कोई प्लेटफॉर्म नहीं है, जहां ताम्रध्वज साहू की डिजिटल पहुंच बहुत बड़ी दिखाई देती हो।

कवासी लखमा का इंस्टाग्राम पर अकाउंट ही नहीं

कवासी लखमा के सोशल मीडिया आंकड़े बाकी नेताओं से अलग नजर आते हैं। इंस्टाग्राम पर उनका अकाउंट नहीं है।

फेसबुक और X को मिलाकर भी कवाली लखमा के फॉलोअर्स करीब 9 हजार ही हैं। आज इंस्टाग्राम युवाओं तक पहुंचने का एक बड़ा माध्यम बन चुका है। ऐसे में किसी बड़े नेता की इस प्लेटफॉर्म पर मौजूदगी नहीं होना उनके सोशल मीडिया नेटवर्क में डिजिटल गैप को दिखाता है।

फूलोदेवी नेताम की पहुंच भी हजारों में

राज्यसभा सांसद और महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष फूलोदेवी नेताम के सोशल मीडिया आंकड़े भी अपेक्षाकृत छोटे हैं।

तीनों प्लेटफॉर्म को मिलाकर उनके करीब 20 हजार फॉलोअर्स हैं। यानी महिला कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व की डिजिटल पहुंच भी फिलहाल सीमित नजर आती है।

रविंद्र चौबे की मौजूदगी फेसबुक और इंस्टाग्राम तक सीमित

रविंद्र चौबे के इंस्ट्राग्राम पर 27.6 हजार और फेसबुक पर 34 हजार फॉलोअर्स हैं। दिए गए आंकड़ों में उनका X अकाउंट शामिल नहीं है। यानी उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक रविंद्र चौबे की सोशल मीडिया मौजूदगी फिलहाल फेसबुक और इंस्ट्राग्राफ तक ही सीमित दिखाई देती है।

विकास उपाध्याय की फेसबुक पर मजबूत पकड़

विकास उपाध्याय के तीनों प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फॉलोअर्स हैं।

कांग्रेस के कई नेताओं के सोशल मीडिया आंकड़ों में यही पैटर्न दिखाई देता है। फेसबुक पर अच्छी पहुंच, लेकिन इंस्ट्राग्राम और X पर अपेक्षाकृत कम फॉलोअर्स।

सिर्फ फॉलोअर्स से पूरी कहानी नहीं बनती

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ज्यादा फॉलोअर्स का मतलब यह नहीं है कि नेता की हर पोस्ट वायरल होगी। इसी तरह कम फॉलोअर्स वाला नेता भी किसी एक मुद्दे पर बड़ी पहुंच हासिल कर सकता है।

इसलिए सोशल मीडिया पर किसी नेता की पकड़ समझने के लिए सिर्फ फॉलोअर्स नहीं, बल्कि views, likes, comments, shares और engagement जैसे आंकड़ों को भी देखना जरूरी है।

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छत्तीसगढ़

TET की अनिवार्यता के खिलाफ सरगुजा में शिक्षकों की रैली:कलेक्टर-डीईओ को सौंपा मांग पत्र, प्रमोशन में TET की बाध्यता पर उग्र आंदोलन की चेतावनी

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सरगुजा,एजेंसी। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर मंगलवार को अंबिकापुर में शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। कला केंद्र मैदान में धरना देने के बाद शिक्षकों ने “टेट मुक्ति महारैली” निकाली। इसके बाद कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को ज्ञापन सौंपा।

शिक्षकों ने सेवा सुरक्षा और पदोन्नति में TET की अनिवार्यता खत्म करने समेत कई मांगें रखीं। मंगलवार को सरगुजा जिले के हजारों शिक्षक अवकाश लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए। संघ का कहना है कि पदोन्नति की सूची में गैर-TET शिक्षकों को भी शामिल किया जाए। ऐसा नहीं होने पर शिक्षकों ने आगे उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

कलाकेंद्र मैदान से निकली रैली

कलाकेंद्र मैदान से निकली रैली

सालों की सेवा के बाद अनिवार्यता का विरोध

शिक्षकों की रैली कला केंद्र मैदान से शुरू हुई। रैली कलेक्टर कार्यालय और कलेक्ट्रेट होते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय पहुंची। यहां शिक्षकों ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव और लोक शिक्षण संचालनालय के नाम ज्ञापन सौंपा।

मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि पहले जिन शिक्षकों की भर्ती और पदोन्नति हुई थी, उसमें TET जरूरी नहीं था। अब कई साल तक नौकरी करने के बाद नई प्रक्रिया में TET अनिवार्य किया जा रहा है। इससे हजारों शिक्षकों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है।

शहर के मुख्यमार्गों से शिक्षकों ने निकाली रैली

शहर के मुख्यमार्गों से शिक्षकों ने निकाली रैली

पदोन्नति सूची को लेकर शिक्षकों की चेतावनी

रैली के बाद मोर्चा के जिला संयोजक कमलेश सिंह ने कहा कि शिक्षकों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए हरसंभव कोशिश की जा रही है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर शिक्षकों की मांगों पर विचार किए बिना पदोन्नति सूची जारी की गई, तो मोर्चा उग्र आंदोलन करेगा। इसके तहत संभागीय संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव किया जाएगा।

कमलेश सिंह ने बताया कि इन मांगों को लेकर शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रदेश संयोजकों ने पहले शिक्षा सचिव कमलप्रीत सिंह और लोक शिक्षण संचालक ऋतुराज रघुवंशी से मुलाकात की थी। इस दौरान TET से प्रभावित शिक्षकों समेत अन्य शिक्षक समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई थी।

डीईओ कार्यालय में सौंपा ज्ञापन

डीईओ कार्यालय में सौंपा ज्ञापन

संगठन ने पांच सूत्रीय मागें रखी

मोर्चा ने ज्ञापन में लंबे समय से नौकरी कर रहे शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता खत्म करने की मांग की। इसके साथ ही प्रदेश के शिक्षकों के लिए B.Ed. ब्रिज कोर्स शुरू करने और 13 फरवरी 2026 को जारी भर्ती के साथ पदोन्नति नियमों की विसंगतियां दूर करने की मांग रखी गई।

इसके अलावा पुरानी पेंशन के लिए शिक्षकों की पिछली सेवा अवधि को भी जोड़ने और शिक्षक-कर्मचारियों को केंद्र के बराबर वेतनमान देने की मांग की गई। मोर्चा का कहना है कि इससे वेतन से जुड़ी विसंगतियां भी दूर होंगी।

एकजुट होकर संघर्ष का आह्वान

शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रांतीय सह संचालक मुकेश मुदलियार ने कहा कि शिक्षकों के हितों को लेकर संगठन विभाग के साथ बातचीत भी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर आंदोलन भी करेगा।

मोर्चा के जिला संचालक कमलेश प्रताप सिंह, नरेंद्र मिश्रा और स्नेहलता पाठक ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि जिले के TET से प्रभावित शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए संगठन पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ा है।

आंदोलन में शामिल होने के लिए जिले के सभी विकासखंडों से बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं अंबिकापुर पहुंचे थे।

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