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छत्तीसगढ़

2 साल की भतीजी को जलते चूल्हे में डाला, मौत:बिलासपुर में भाभी को लेकर भागा देवर, लौटने के बाद विवाद में जिंदा जलाया

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बिलासपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पारिवारिक विवाद के दौरान चाचा ने अपनी 2 साल की भतीजी को जलते लकड़ी के चूल्हे में बैठा दिया। बच्ची गंभीर रूप से झुलस गई और बुधवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

दरअसल, देवर अपनी भाभी को लेकर भाग गया था। बाद में लौटने के बाद दोनों के बीच विवाद हुआ। इसी दौरान देवर ने गुस्से में भतीजी को जलते चूल्हे में डाल दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना कोनी थाना क्षेत्र की है।

2 साल की बच्ची को जलते चूल्हे में डाल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। (मां और बेटी की फाइल फोटो)

2 साल की बच्ची को जलते चूल्हे में डाल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। (मां और बेटी की फाइल फोटो)

पुलिस ने आरोपी चाचा को गिरफ्तार कर लिया है। (फाइल फोटो)

पुलिस ने आरोपी चाचा को गिरफ्तार कर लिया है। (फाइल फोटो)

देवर और भाभी का था लव अफेयर

आरोपी का नाम नितिन कुमार लोनिया है। वह घुटकू गांव का रहने वाला है। नितिन का अपनी भाभी अंकिता से अफेयर था। अंकिता अपने पति और दो साल की बेटी परमेश्वरी के साथ रहती थी।

26 अगस्त को अंकिता अपनी बेटी को लेकर नितिन के साथ घर से चली गई। काफी तलाश के बाद भी तीनों का पता नहीं चला तो बच्ची के नाना ने कोनी थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस को तीनों की जानकारी मिली।

इसके बाद 7 सितंबर को नितिन, अंकिता और बच्ची घुटकू लौट आए।

26 अगस्त को पत्नी बच्ची को लेकर देवर के साथ चली गई थी। (पति के साथ तस्वीर)

26 अगस्त को पत्नी बच्ची को लेकर देवर के साथ चली गई थी। (पति के साथ तस्वीर)

विवाद की सूचना पर पहुंची पुलिस

टीआई जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि मंगलवार को नितिन का अपने बड़े भाई सुधीर से विवाद होने की जानकारी मिली थी। कुछ देर बाद नितिन का किसी बात को लेकर अपनी भाभी से भी विवाद हो गया। मारपीट की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और विवाद शांत कराया।

पुलिस के पहुंचने पर जानकारी मिली कि नितिन ने अपनी दो साल की भतीजी को जिंदा जला दिया है। उसने बच्ची को जलते हुए लकड़ी के चूल्हे में बैठा दिया था। इससे बच्ची बुरी तरह झुलस गई। हालत गंभीर होने पर पुलिस ने उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।

चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा था, लेकिन देर रात बच्ची ने दम तोड़ दिया।

पहले गुमशुदगी, फिर अपहरण और अब हत्या का मामला

मामले में घटनाक्रम लगातार बदलता रहा। बच्ची और उसकी मां के घर से चले जाने के बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज कर दोनों की तलाश शुरू की। दोनों के वापस लौटने के बाद 8 सितंबर को भाभी-देवर और भाई-भाई के बीच विवाद हुआ।

इसी दौरान बच्ची के झुलसने की घटना सामने आई। बच्ची की मौत के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की नए सिरे से जांच शुरू की। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर आरोपी नितिन को गिरफ्तार कर लिया है।

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छत्तीसगढ़

सिंगल यूज प्लास्टिक…मोबाइल एप से होगी जांच और शिकायतों की निगरानी

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जांजगीर। सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक को लेकर ​नगरीय निकायों में अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान सिंगल यूज प्लास्टिक के साथ 120 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक कैरी बैग के उपयोग पर भी विशेष नजर रखी जाएगी।

अब अभियान में फील्ड अधिकारियों को एसयूपी (फील्ड इंस्पेक्शन मोबाइल एप) के माध्यम से निरीक्षण करना होगा। इसे जिले के 11 नगरीय निकायों में लागू किया जाएगा। टीम द्वारा शहर में हुए निरीक्षण की रिपोर्ट तत्काल पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। पोर्टल पर विक्रेताओं, उपयोगकर्ताओं, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से संबंधित जानकारी भी दर्ज की जाएगी। इसके साथ ही आम नागरिकों से एसयूपी एप के माध्यम से फीडबैक भी लिया जाएगा। इसके जरिए सिंगल यूज प्लास्टिक से जुड़ी शिकायतें भी दर्ज की जा सकेंगी। संबंधित स्थानीय निकाय को उनका निराकरण करना होगा।

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कोरबा

बिलासपुर जोन की 10 ट्रेनें कैंसिल:13-14 सितंबर को रायपुर-उरकुरा सेक्शन में काम, तीजा पर मायके जाने वाली महिलाओं की बढ़ी परेशानी

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बिलासपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में तीज पर्व पर मायके जाने की तैयारी कर रही महिलाओं और दूसरे यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में उरकुरा स्टेशन पर यार्ड रीमॉडलिंग के लिए प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन-इंटरलॉकिंग का काम किया जाएगा।

इसके चलते 13 और 14 सितंबर को रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, गेवरा रोड और इतवारी के बीच चलने वाली 10 ट्रेनें रद्द रहेंगी। वहीं 2 मेमू ट्रेनों का परिचालन बिलासपुर तक सीमित रहेगा। रेलवे के मुताबिक यह काम उरकुरा-रायपुर स्टोर डिपो के बीच दोहरीकरण परियोजना के तहत उरकुरा स्टेशन के यार्ड रीमॉडलिंग के लिए किया जा रहा है।

यात्रियों के लिए जरूरी बात

तीजा पर्व के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं और परिवार मायके आने-जाने के लिए ट्रेनों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में 13 और 14 सितंबर को यात्रा से पहले ट्रेन नंबर जरूर चेक कर लें। रद्द ट्रेन से यात्रा की योजना है तो वैकल्पिक ट्रेन या बस की व्यवस्था पहले कर लेना बेहतर होगा।

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छत्तीसगढ़

मंत्री खुशवंत के बड़े भाई ने ज्वॉइन की कांग्रेस:भूपेश बघेल ने कराया प्रवेश, ढालदास बोले- जनता जानती है कि भाजपा क्या कर रही है

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया। भाजपा सरकार में मंत्री खुशवंत साहेब के बड़े भाई और सतनामी समाज के धर्मगुरु गुरु बालदास के बड़े बेटे ढाल दास ने कांग्रेस ज्वॉइन कर ली। रायपुर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीजा-पोरा कार्यक्रम के दौरान उन्हें कांग्रेस में प्रवेश कराया।

ढाल दास ने कहा कि जनता भी जानती है कि भाजपा क्या कर रही है। अगर कांग्रेस मुझे मौका देती है तो मैं मुंगेली विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहूंगा। पार्टी जहां से मुझे चुनाव लड़ने के लिए चयनित करेगी, मैं वहां से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं।

उन्होंने कहा कि पार्टी में शामिल होने से पहले मैंने अपने भाई और पिताजी से बातचीत की थी और उन्हें इस बारे में बताया था। दोनों ने अपनी सहमति दे दी। वहीं उनके भाई मंत्री खुशवंत साहेब ने कहा कि कांग्रेस हमेशा तोड़ने की नीति से काम करती है।

रायपुर में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने ढाल दास को कांग्रेस में प्रवेश कराया।

रायपुर में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने ढाल दास को कांग्रेस में प्रवेश कराया।

सामाजिक-राजनीतिक रूप से प्रभावशाली है परिवार

ढाल दास के कांग्रेस में शामिल होने के बाद प्रदेश की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। उनका परिवार सामाजिक और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली माना जाता है। ऐसे में एक ही परिवार के एक सदस्य के भाजपा सरकार में मंत्री होने और दूसरे के कांग्रेस में शामिल होने को सियासी तौर पर महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

गुरु बालदास के 4 बेटे, ढाल दास सबसे बड़े

सतनामी समाज के प्रमुख धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब का परिवार बाबा गुरु घासीदास की वंश परंपरा से जुड़ा हुआ है। गुरु बालदास के चार बेटे हैं- ढाल दास, सोमेश दास, खुशवंत दास और सौरभ दास। उनकी एक बेटी भी है। इनमें ढाल दास सबसे बड़े बेटे हैं।

गुरु परिवार का सतनामी समाज में धार्मिक और सामाजिक प्रभाव माना जाता है। गिरौधपुरी धाम और भंडारपुरी धाम से जुड़े प्रमुख आयोजनों में परिवार की सक्रिय भूमिका रहती है।

मंत्री के भाई का कांग्रेस में जाना क्यों अहम?

ढाल दास के कांग्रेस में शामिल होने को सिर्फ एक राजनीतिक ज्वाइनिंग के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। वे मंत्री खुशवंत साहब के बड़े भाई हैं और गुरु बालदास के परिवार से आते हैं। ऐसे में उनके कांग्रेस में जाने से एक ही परिवार के राजनीतिक रूप से अलग-अलग दलों में होने का समीकरण सामने आया है।

ढाल दास ने मुंगेली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है। मुंगेली विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है और इसे भाजपा के मजबूत प्रभाव वाली सीट माना जाता है। यहां भाजपा के पुन्नूलाल मोहले लंबे समय से प्रमुख राजनीतिक चेहरा हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने लगातार चौथी बार जीत दर्ज की थी।

2023 के चुनाव में पुन्नूलाल मोहले को 85,429 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी संजीत बनर्जी को 73,648 वोट मिले थे। दोनों के बीच जीत का अंतर 11,781 वोट रहा था। ऐसे में अगर भविष्य में कांग्रेस ढाल दास को मुंगेली से अपना प्रत्याशी बनाती है, तो चुनावी समीकरण कुछ बदले हुए नजर आ सकते हैं।

कांग्रेस तोड़ने के नीयत से काम करती है- मंत्री खुशवंत

मंत्री खुशवंत साहेब ने भाई के कांग्रेस प्रवेश को लेकर कहा कि वह मेरे भाई हैं। सुख-दुख हो या किसी तरह का तीज-त्योहार, हम हमेशा एक-दूसरे के साथ मिलते हैं और आगे भी मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीयत ही समाज और परिवार को तोड़ने की रही है।

उन्होंने कहा कि एक धर्म को दूसरे धर्म से, एक समाज को दूसरे समाज से और एक परिवार को दूसरे परिवार से लड़ाने की कांग्रेस कितनी भी कोशिश कर ले, वह कभी सफल नहीं होगी।

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