कोरबा। कोरबा जिले में एक जून से 06 जुलाई तक कुल 205.6 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। अधीक्षक भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार उक्त अवधि में जिले की तहसील कोरबा में 183.1 मिलीमीटर, अजगरबहार 147.7, भैंसमा, 220.9, करतला 137.3, बरपाली 207.8, कटघोरा 207.2, दीपका 271.6, दर्री 199.1, पाली 274.2, हरदीबाजार 212, पोंड़ी-उपरोड़ा 239.4, और पसान तहसील में 113.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों का कराए शीघ्र मरम्मत -कलेक्टर कुणाल दुदावत
एग्रीस्टेक पंजीयन से वंचित किसानों का चिन्हांकन कर शीघ्र पंजीयन कराने किया निर्देशित
डिजिटल क्रॉप सर्वे में तेजी लाकर शत-प्रतिशत सर्वे शीघ्रता से पूर्ण करने दिए निर्देश
पीएम धन-धान्य योजना के सभी सूचकांकों में प्रगति लाने अधिकारियों को किया निर्देशित
कोरबा 25 अगस्त 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं एवं विभागीय कार्यो की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने टीएल प्रकरणों सहित विभिन्न लंबित एवं महत्वपूर्ण मामलों की विभागवार स्थिति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में सभी प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ ही लंबित मामलों के त्वरित निराकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने बारिश में क्षतिग्रस्त एवं मरम्मत योग्य सड़कों की स्थिति की समीक्षा करते हुए लोक निर्माण विभाग, सेतु विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, सभी नगरीय निकाय व जनपद सीईओ को खराब व क्षतिग्रस्त सड़को की आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवागमन की सुविधा और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चिन्हांकित सड़कों की मरम्मत में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने सड़कों का नियमित निरीक्षण कर बारिश के कारण खराब हुई सड़को का आवश्यकतानुसार तत्काल मरम्मत कार्य सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की विभागवार समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि शिकायतो का केवल औपचारिक निराकरण ना हो, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक व संतोष जनक समाधान मिले, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का वास्तविक स्थिति की जांच कर गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को नियमित रूप से पोर्टल में लॉगिन कर लंबित शिकायतों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करने तथा शिकायतों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय सीमा में निराकरण नहीं करने वाले विभागों को शोकॉज नोटिस जारी करने निर्देशित किया।
कलेक्टर ने शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व सहित सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को ई-एचआरएमएस पोर्टल पर आवश्यक जानकारी दर्ज कर शीघ्र ऑनबोर्ड होने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों का भी पोर्टल पर समयबद्ध ऑनबोर्डिंग सुनिश्चित करें, जिससे विभागीय मानव संसाधन संबंधी जानकारी का डिजिटल संधारण व्यवस्थित रूप से हो सके। बैठक में एग्रीस्टेक पंजीयन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने शत प्रतिशत किसानों का एग्रीस्टेक में पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टेक पर पंजीयन होने से किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। उन्होंने पंजीयन से वंचित किसानों का ग्रामवार चिन्हांकन कर अभियान चलाकर शीघ्र पंजीयन पूर्ण कराने को कहा। कलेक्टर ने वनाधिकार पट्टाधारी हितग्राहियों की सूची भी अद्यतन जानकारी के साथ संकलित करने के निर्देश राजस्व अधिकारियों को दिए, ताकि पात्र हितग्राहियों का एग्रीस्टेक पोर्टल पर पंजीयन समय-सीमा में पूर्ण किया जा सके। कलेक्टर ने डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिले के सभी गांवों में सर्वे कार्य में तेजी लाने और इसे निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे शासन की प्राथमिकता का कार्य है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पटवारियों के लिए लक्ष्य निर्धारित कर नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से सर्वे कार्य समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को प्रत्येक ग्राम में डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा कार्य की सतत निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन ग्रामों में सर्वे कार्य अभी शेष है, वहां विशेष टीम गठित कर प्राथमिकता के आधार पर सर्वे कार्य पूर्ण कराया जाए। साथ ही संबंधित अधिकारी शेष कार्य की नियमित समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित करें कि जिले में कोई भी ग्राम सर्वे कार्य से वंचित न रहे और निर्धारित समय-सीमा में शत-प्रतिशत सर्वे कार्य पूर्ण हो। कलेक्टर ने जिले में पीएम धन-धान्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा योजना से जुड़े सभी सूचकांकों में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित विभागीय अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि योजना के निर्धारित लक्ष्यों की समय-सीमा में पूर्ति के साथ-साथ मैदानी स्तर पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को इसका लाभ मिल सके। कलेक्टर ने कृषि विभाग को लक्ष्य के अनुरूप एक्सटेंशन वर्कर एवं किसानों का कृषक विज्ञान केंद्र के माध्यम से शीघ्र प्रशिक्षण पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशिक्षण कार्य में तेजी लाने तथा किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत कृषि पद्धतियों एवं योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने मत्स्य विभाग के अंतर्गत एफपीओ गठन के कार्य में अपेक्षित प्रगति लाने तथा मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से लाभान्वित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को योजना के अंतर्गत निर्धारित अन्य गतिविधियों एवं लक्ष्यों को भी समय-सीमा में पूर्ण करने तथा प्रगति की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने कहा कि पीएम धन-धान्य योजना में जिले का प्रदर्शन बेहतर बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने विभागवार लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करते हुए जिन सूचकांकों में प्रगति अपेक्षित स्तर से कम है, उनमें विशेष प्रयास कर तेजी से सुधार लाने के निर्देश दिए। साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने तथा निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर श्री दुदावत ने मुख्यमंत्री घोषणा, सुशासन तिहार, कलेक्टर जनदर्शन, पीजीएन पोर्टल, लोक सेवा गारंटी अधिनियम तथा विभिन्न जन शिकायतों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि समय-सीमा की बैठकों में निर्धारित दायित्वों एवं दिए गए निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें। कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन का मूल उद्देश्य आमजन को त्वरित, सुगम एवं पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी अधिकारी अपने विभागीय कार्यों के साथ-साथ जनहित से जुड़े प्रकरणों के निराकरण को प्राथमिकता दें तथा प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों का संवेदनशीलता और तत्परता के साथ निराकरण सुनिश्चित करें। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन, वनमण्डलाधिकारी कटघोरा जितेंद्र उपाध्याय, ओएसडी तरुण कुमार किरण, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
कोरबा, 25 अगस्त 2026। देवरी-कोरई (तुन्दुकोन्हा) मार्ग में सलिहा नाला पर निर्मित सेतु के क्षतिग्रस्त होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में हो रही असुविधा को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गई है। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने ग्रामीणों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) से 6 करोड़ 24 लाख 80 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। स्वीकृत राशि से देवरी-कोरई (तुन्दुकोन्हा) मार्ग में सलिहा नाला पर उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण किया जाएगा। इस निर्माण से क्षेत्र के ग्रामीणों को वर्षभर सुगम एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी तथा आवागमन में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। जिला प्रशासन द्वारा क्षेत्र की आवश्यकता और ग्रामीणों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए अधोसंरचना विकास से जुड़े कार्यों को गति दी जा रही है। सलिहा नाला पर उच्चस्तरीय पुल के निर्माण से क्षेत्र में आवागमन बेहतर होने के साथ ही ग्रामीणों को आवागमन के लिए अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक मार्ग उपलब्ध होगा।
कोरबा 25 अगस्त 2026। रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के रिश्ते को और गहरा करता है। ऐसे में ग्राम पतरापाली की देवन्ती राठिया के लिए इस बार का रक्षाबंधन केवल त्योहार नहीं, बल्कि अपने परिवार और बेटी के उज्ज्वल भविष्य को संवारने की एक नई उम्मीद लेकर आया है। उनकी खुशी आज और भी दुगनी हो गई जब उन्हें मालूम हुआ कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रक्षाबंधन के पहले अपनी बहनों के खाते में महतारी वंदन योजना की राशि भेज दी है। करतला तहसील के ग्राम पतरापाली, पंचायत बरकोन्हा निवासी श्रीमती देवन्ती राठिया, पति धजाराम राठिया, अपने चार सदस्यीय परिवार के साथ जीवन यापन करती हैं। उनके पति कृषि कार्य करते हैं। परिवार की जरूरतों को सीमित आय में पूरा करते हुए बेटी के भविष्य के लिए बचत करना उनके लिए हमेशा एक चुनौती रही है। लेकिन महतारी वंदन योजना से मिलने वाली हर माह एक हजार रुपये की राशि ने उनकी इस चिंता को काफी हद तक कम किया है। देवन्ती बताती हैं कि खाते में आने वाली यह राशि उनके लिए सिर्फ एक हजार रुपये नहीं, बल्कि परिवार की जरूरतों और बेटी के सपनों के बीच एक मजबूत सहारा है। वह इस राशि का उपयोग अपनी बेटी के सुकन्या समृद्धि योजना के खाते की मासिक किस्त जमा करने के साथ-साथ बच्चों के भरण-पोषण और घरेलू जरूरतों में करती हैं। उनका कहना है कि पहले परिवार की आमदनी से रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना ही प्राथमिकता होती थी, ऐसे में बेटी के भविष्य के लिए अलग से राशि बचाना मुश्किल था। अब महतारी वंदन योजना की राशि से वह नियमित रूप से बेटी के नाम बचत कर पा रही हैं। देवन्ती के चेहरे पर संतोष की मुस्कान के साथ यह विश्वास भी दिखाई देता है कि छोटी-छोटी बचत ही एक दिन बेटी के बड़े सपनों की नींव बनेगी। उनके लिए सुकन्या समृद्धि खाते में जमा होने वाली हर किश्त केवल पैसा नहीं, बल्कि बेटी के सुरक्षित और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ाया गया एक कदम है। रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए देवन्ती कहती हैं कि एक भाई के रूप में मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश की बहनों के लिए महतारी वंदन योजना के माध्यम से हर माह एक हजार रुपये का उपहार देकर उनके जीवन में आर्थिक संबल और आत्मविश्वास बढ़ाया है। उनके लिए यह राशि बहनों के सम्मान और भाई के स्नेह का प्रतीक है। देवन्ती कहती हैं कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महतारी वंदन योजना शुरू कर हमारे जैसे परिवारों के लिए आर्थिक समृद्धि का एक नया रास्ता खोला है। उन्हें अपनी बहनों की विशेष चिंता है जो आज त्यौहार से पहले ही खाते में हर महीने मिलने वाली राशि से मैं अपनी बेटी की सुकन्या समृद्धि की किश्त जमा कर रही हूं और घर की जरूरतों में भी मदद मिल रही है। अब मुझे लगता है कि मैं अपनी बेटी के भविष्य के लिए कुछ कर पा रही हूं। इस रक्षाबंधन पर देवन्ती के लिए सबसे बड़ा उपहार यही है कि उनकी बेटी के भविष्य की गुल्लक में हर माह एक नई उम्मीद जुड़ रही है। महतारी वंदन योजना की यह छोटी-सी आर्थिक मदद उनके लिए बेटी के सपनों को पंख देने, परिवार को संबल देने और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर बढ़ने का माध्यम बन गई है।