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कोरबा

समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने विभागीय कार्यों की समीक्षा कर दिए समयबद्ध निराकरण के निर्देश

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बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों का कराए शीघ्र मरम्मत -कलेक्टर कुणाल दुदावत

एग्रीस्टेक पंजीयन से वंचित किसानों का चिन्हांकन कर शीघ्र पंजीयन कराने किया निर्देशित

डिजिटल क्रॉप सर्वे में तेजी लाकर शत-प्रतिशत सर्वे शीघ्रता से पूर्ण करने दिए निर्देश

पीएम धन-धान्य योजना के सभी सूचकांकों में प्रगति लाने अधिकारियों को किया निर्देशित

कोरबा 25 अगस्त 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं एवं विभागीय कार्यो की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने टीएल प्रकरणों सहित विभिन्न लंबित एवं महत्वपूर्ण मामलों की विभागवार स्थिति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में सभी प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ ही लंबित मामलों के त्वरित निराकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
कलेक्टर ने  बारिश में क्षतिग्रस्त एवं मरम्मत योग्य सड़कों की स्थिति की समीक्षा करते हुए लोक निर्माण विभाग, सेतु विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, सभी नगरीय निकाय व जनपद सीईओ को खराब व क्षतिग्रस्त सड़को की आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवागमन की सुविधा और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चिन्हांकित सड़कों की मरम्मत में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने सड़कों का नियमित निरीक्षण कर बारिश के कारण खराब हुई सड़को का आवश्यकतानुसार तत्काल मरम्मत कार्य सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की विभागवार समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि शिकायतो का केवल औपचारिक निराकरण ना हो, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक व संतोष जनक समाधान मिले, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का वास्तविक स्थिति की जांच कर गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को नियमित रूप से पोर्टल में लॉगिन कर लंबित शिकायतों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करने  तथा शिकायतों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय सीमा में निराकरण नहीं करने वाले विभागों को शोकॉज नोटिस जारी करने निर्देशित किया।

कलेक्टर ने शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व सहित सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को ई-एचआरएमएस पोर्टल पर आवश्यक जानकारी दर्ज कर शीघ्र ऑनबोर्ड होने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों का भी पोर्टल पर समयबद्ध ऑनबोर्डिंग सुनिश्चित करें, जिससे विभागीय मानव संसाधन संबंधी जानकारी का डिजिटल संधारण व्यवस्थित रूप से हो सके।
बैठक में एग्रीस्टेक पंजीयन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने शत प्रतिशत किसानों का एग्रीस्टेक में पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टेक पर पंजीयन होने से किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। उन्होंने पंजीयन से वंचित किसानों का ग्रामवार चिन्हांकन कर अभियान चलाकर शीघ्र पंजीयन पूर्ण कराने को कहा।
कलेक्टर ने वनाधिकार पट्टाधारी हितग्राहियों की सूची भी अद्यतन जानकारी के साथ संकलित करने के निर्देश राजस्व अधिकारियों को दिए, ताकि पात्र हितग्राहियों का एग्रीस्टेक पोर्टल पर पंजीयन समय-सीमा में पूर्ण किया जा सके।
कलेक्टर ने डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिले के सभी गांवों में सर्वे कार्य में तेजी लाने और इसे निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे शासन की प्राथमिकता का कार्य है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पटवारियों के लिए लक्ष्य निर्धारित कर नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से सर्वे कार्य समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को प्रत्येक ग्राम में डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा कार्य की सतत निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन ग्रामों में सर्वे कार्य अभी शेष है, वहां विशेष टीम गठित कर प्राथमिकता के आधार पर सर्वे कार्य पूर्ण कराया जाए। साथ ही संबंधित अधिकारी शेष कार्य की नियमित समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित करें कि जिले में कोई भी ग्राम सर्वे कार्य से वंचित न रहे और निर्धारित समय-सीमा में शत-प्रतिशत सर्वे कार्य पूर्ण हो।
कलेक्टर ने जिले में पीएम धन-धान्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा योजना से जुड़े सभी सूचकांकों में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित विभागीय अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि योजना के निर्धारित लक्ष्यों की समय-सीमा में पूर्ति के साथ-साथ मैदानी स्तर पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को इसका लाभ मिल सके।
कलेक्टर ने कृषि विभाग को लक्ष्य के अनुरूप एक्सटेंशन वर्कर एवं किसानों का कृषक विज्ञान केंद्र के माध्यम से शीघ्र प्रशिक्षण पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशिक्षण कार्य में तेजी लाने तथा किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत कृषि पद्धतियों एवं योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने मत्स्य विभाग के अंतर्गत एफपीओ गठन के कार्य में अपेक्षित प्रगति लाने तथा मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से लाभान्वित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को योजना के अंतर्गत निर्धारित अन्य गतिविधियों एवं लक्ष्यों को भी समय-सीमा में पूर्ण करने तथा प्रगति की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने को कहा।
कलेक्टर ने कहा कि पीएम धन-धान्य योजना में जिले का प्रदर्शन बेहतर बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने विभागवार लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करते हुए जिन सूचकांकों में प्रगति अपेक्षित स्तर से कम है, उनमें विशेष प्रयास कर तेजी से सुधार लाने के निर्देश दिए। साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने तथा निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर श्री दुदावत ने मुख्यमंत्री  घोषणा, सुशासन तिहार, कलेक्टर जनदर्शन, पीजीएन पोर्टल, लोक सेवा गारंटी अधिनियम तथा विभिन्न जन शिकायतों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि समय-सीमा की बैठकों में निर्धारित दायित्वों एवं दिए गए निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें। कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन का मूल उद्देश्य आमजन को त्वरित, सुगम एवं पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी अधिकारी अपने विभागीय कार्यों के साथ-साथ जनहित से जुड़े प्रकरणों के निराकरण को प्राथमिकता दें तथा प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों का संवेदनशीलता और तत्परता के साथ निराकरण सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन, वनमण्डलाधिकारी कटघोरा जितेंद्र उपाध्याय, ओएसडी तरुण कुमार किरण, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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कोरबा

15 घंटे टापू पर फंसे 3 दोस्तों का रेस्क्यू:देवपहरी वाटरफॉल पिकनिक मनाने गए थे, धमतरी में चेकडैम बहा, 2 दिन बारिश का अलर्ट

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कोरबा/रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरबा के देवपहरी वाटरफॉल में नदी के तेज बहाव के बीच टापू पर फंसे 3 दोस्तों को 15 घंटे बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। तीनों पिकनिक मनाने पहुंचे थे। अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से वे बीच में फंस गए। रातभर टापू पर रहने के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने रस्सी के सहारे तीनों का रेस्क्यू किया।

धमतरी जिले के हरदी गांव में वाटरशेड परियोजना के तहत बन रहा एक चेकडैम बारिश के कारण टूट गया। लगभग 42 लाख रुपए की लागत से निर्माणाधीन इस चेकडैम का एक हिस्सा ढह गया है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।

पिछले 24 घंटे में बस्तर, रायपुर, बिलासपुर और सरगुजा संभाग में कुछ जगह भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। इधर, कोरबा में सोमवार दोपहर से हुई तेज बारिश के कारण दादर नाला, मानिकपुर, डिपरा पारा बाईपास और पोड़ीबहार नाला उफान पर आ गए। दादर नाला किनारे कई घरों में पानी घुस गया।

मौसम विभाग के मुताबिक अगले 2 दिन प्रदेश में मानसून एक्टिव रहेगा। आज कई इलाकों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है। इसके बाद बारिश की एक्टिविटी में कमी आने की संभावना है।

धमतरी में बन रहा चेकडैम बारिश के कारण बह गया।

धमतरी में बन रहा चेकडैम बारिश के कारण बह गया।

पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से टापू में फंसे तीनों दोस्तों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से टापू में फंसे तीनों दोस्तों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

कोरबा के देवपहरी जलप्रपात में तीनों युवक टापू पर फंसे थे।

कोरबा के देवपहरी जलप्रपात में तीनों युवक टापू पर फंसे थे।

कोरबा में सोमवार को लगातार बारिश से घरों में पानी घुस गया।

कोरबा में सोमवार को लगातार बारिश से घरों में पानी घुस गया।

केलो डैम से छोड़ा गया पानी, निचले इलाकों में अलर्ट

रायगढ़ के केलो डैम में लगातार ज्यादा पानी आ रहा है। इसे देखते हुए जलाशय से पानी छोड़ा जा रहा है। इससे केलो नदी का जलस्तर करीब 3 फीट तक बढ़ने की संभावना है।

जिला प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को नदी, जलभराव वाले क्षेत्रों और संभावित बाढ़ प्रभावित जगहों पर जाने से बचने को कहा गया है। प्रशासन जलस्तर पर नजर रख रहा है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने की अपील की गई है।

केलो नदी का बढ़ेगा जलस्तर, निचले इलाकों में अलर्ट।

केलो नदी का बढ़ेगा जलस्तर, निचले इलाकों में अलर्ट।

रायपुर में 120 मिमी बारिश

रायपुर सिटी में पिछले 24 घंटे में 4.7 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई। रायपुर में 2 इंच बारिश भी दर्ज की गई है। रायपुर में आज (25 अगस्त) गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री के आसपास रह सकता है।

बस्तर के छोटेडोंगर में 180 मिमी बारिश

पिछले 24 घंटे में बारिश का सबसे ज्यादा असर बस्तर संभाग में देखने को मिला। छोटेडोंगर में 180 मिमी (7.1 इंच), अंतागढ़ और बास्तानार में 160-160 मिमी (6.3-6.3 इंच), बड़े बचेली में 130 मिमी (5.1 इंच), उसूर में 110 मिमी (4.3 इंच), जगरगुंडा में 110 मिमी (4.3 इंच) और दरभा में 100 मिमी (3.9 इंच) बारिश हुई।

जगदलपुर में भी 50 मिमी (2 इंच) बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं बीजापुर में 100 मिमी (3.9 इंच) और सुकमा में 90 मिमी (3.5 इंच) बारिश हुई।

प्रदेश में अब तक बारिश सामान्य

मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में बारिश अब-तक सामान्य से 4% कम है। हालांकि इसे सामान्य श्रेणी में रखा गया है। अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.7 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में रिकॉर्ड हुआ।

छत्तीसगढ़ में बारिश का पूरा हिसाब: 4 जिले एक्सेस, 4 में कमी

छत्तीसगढ़ में मानसून के दौरान अब तक 832.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है। सामान्य बारिश का आंकड़ा 866.4 मिमी है। इस हिसाब से प्रदेश में बारिश 4% कम है, लेकिन इसे मौसम विभाग ने सामान्य श्रेणी में रखा है।

जिलेवार आंकड़ों में बारिश का अंतर काफी ज्यादा है। बालोद, बलौदाबाजार, बलरामपुर, महासमुंद, मुंगेली, नारायणपुर और सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है, जबकि बेमेतरा, जशपुर, कांकेर और सूरजपुर में बारिश सामान्य से काफी कम है।

सबसे ज्यादा बारिश नारायणपुर में, 1220 मिमी रिकॉर्ड

प्रदेश में अब तक सबसे ज्यादा बारिश नारायणपुर में 48.0 इंच दर्ज हुई है। यहां सामान्य बारिश 36.7 इंच है। यानी सामान्य से 31% ज्यादा बारिश हुई है। इसके बाद बलरामपुर में 43.0 इंच, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 41.9 इंच, बीजापुर में 41.8 इंच और महासमुंद में 38.4 इंच बारिश दर्ज हुई है।

बेमेतरा में सबसे कम बारिश

बारिश की कमी के मामले में बेमेतरा सबसे आगे है। यहां अब तक 18.8 इंच बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 31.1 इंच है। यानी बारिश 40% कम है। इसके बाद सूरजपुर में 20.8 इंच बारिश हुई है, जो सामान्य से 41% कम है। जशपुर में 26.7 इंच यानी 33% और कांकेर में 25.4 इंच यानी 37% कम बारिश हुई है।

इन जिलों में भी बारिश कम

प्रदेश के कुछ अन्य जिलों में भी सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। कबीरधाम में 16%, कोंडागांव में 16%, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 17%, कोरिया में 19%, कोरबा में 10%, रायगढ़ में 4% और सक्ती में 2% कमी है।

हालांकि इन जिलों में बारिश को मौसम विभाग ने सामान्य श्रेणी में रखा है।

रायपुर में सामान्य से 15% ज्यादा बारिश

रायपुर में अब तक 34.3 इंच बारिश हुई है। सामान्य बारिश 29.8 इंच है। यानी रायपुर में सामान्य से 15% ज्यादा बारिश दर्ज हुई है। वहीं गरियाबंद में 36.0 इंच बारिश हुई है, जो सामान्य से 16% ज्यादा है। धमतरी में 31.6 इंच यानी 2% ज्यादा बारिश हुई है।

आंकड़ों में कम, लेकिन कैटगरी में बारिश सामन्य

बारिश के आंकड़ों में सिर्फ यह देखना जरूरी नहीं होता कि कितने मिलीमीटर पानी गिरा। किसी जिले में बारिश सामान्य है या कम-ज्यादा, यह उसके लंबे समय के औसत यानी सामान्य आंकड़े से तुलना करके तय किया जाता है।

आमतौर पर सामान्य से 19% तक का अंतर सामान्य, 20% से 59% ज्यादा बारिश एक्सेस और 20% या उससे ज्यादा कमी डेफिशिएंट मानी जाती है।

इसलिए किसी जिले में 31.5 इंच बारिश होने के बावजूद वह सामान्य से कम हो सकती है, जबकि दूसरे जिले में यही बारिश सामान्य से ज्यादा हो सकती है। इसका कारण दोनों जिलों की सामान्य बारिश अलग-अलग होना है।

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कोरबा

कोरबा की जर्जर सड़कों को लेकर जिला कांग्रेस ने कलेक्टर से तत्काल कार्रवाई की मांग की

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बलगी से बरबसपुर तक कई प्रमुख मार्ग बदहाल, बेलगिरी-ढेंगुरनाला पुलों की स्थिति पर भी चिंता- औद्योगिक परिवहन वाले मार्गों के लिए बालको की वित्तीय सहभागिता की मांग
कोरबा। कोरबा नगर की लगातार बिगड़ती सड़क व्यवस्था को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी (शहर) ने गंभीर चिंता जताते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शहर की जर्जर एवं दुर्घटनाजनक सड़कों के तत्काल पुनर्निर्माण, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच तथा औद्योगिक परिवहन से प्रभावित मार्गों में बालको प्रबंधन की वित्तीय सहभागिता सुनिश्चित करने की मांग की है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश कुमार राठौर ने कहा कि प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक नगर एवं ऊर्जा राजधानी के रूप में पहचान रखने वाले कोरबा में आज अनेक प्रमुख सड़कें गड्ढों, कीचड़ और जलभराव के कारण अत्यंत खराब स्थिति में हैं। बारिश के दौरान कई मार्गों पर आवागमन जोखिमपूर्ण हो गया है और आम नागरिकों के साथ स्कूली बच्चों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा दोपहिया वाहन चालकों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में आर.पी. नगर में एसईसीएल की परित्यक्त रेलवे लाइन के समीप हाल ही में बनी सी.सी. सड़क के पहली ही वर्षा ऋतु में कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने का उल्लेख करते हुए इसकी स्वतंत्र तकनीकी जांच की मांग की गई है। वहीं सुभाष चौक–आर.पी. नगर मार्ग पर नाली निर्माण के बाद सड़क किनारे डाली गई मिट्टी का समतलीकरण नहीं किए जाने से उत्पन्न कीचड़ और फिसलन की समस्या को भी उठाया गया है।
कांग्रेस ने चेक पोस्ट–लालघाट–रिंग रोड, रिंग रोड–गायत्री मंदिर–बालको नगर बस स्टैंड, ध्यानचंद चौक–बजरंग चौक–रिसदा–झगरहा चौक, अगारखार चौक–बलगी, पुष्पलता कॉलोनी–लाटा–एनटीपीसी मुख्य मार्ग, साडा कॉलोनी, राताखार मुख्य मार्ग, घंटाघर चौक से हेलीपैड पहुँच मार्ग तथा सीतामणी – गौ माता चौक – बरबसपुर मार्ग की बदहाल स्थिति को तत्काल सुधारने की मांग की है।
ज्ञापन में विशेष रूप से कहा गया है कि लगातार बारिश के कारण अगारखार चौक से बलगी तक का लगभग 5 किलोमीटर मार्ग कई स्थानों पर तालाब में तब्दील हो गया है। इसी तरह साडा कॉलोनी की सड़कों की स्थिति इतनी खराब है कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए पैदल चलना भी सुरक्षित नहीं रह गया है। सीतामणी – गौ माता चौक से बरबसपुर मार्ग भी पूरी तरह जर्जर होने के कारण चारपहिया वाहनों तक के लिए जोखिमपूर्ण हो गया है।
बेलगिरी नाला एवं ढेंगुरनाला पुलों की जर्जर स्थिति पर भी चिंता जताते हुए दोनों पुलों का तकनीकी एवं संरचनात्मक ऑडिट कराने की मांग की गई है, क्योंकि इन मार्गों से भारी औद्योगिक वाहनों का लगातार आवागमन होता है।
मुकेश कुमार राठौर ने कहा कि ध्यानचंद चौक–बजरंग चौक–रिसदा–ढेंगुरनाला पुल मार्ग पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में भारी वाहन संचालित होते हैं। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के प्रयासों के बाद बजरंग चौक से रिसदा ढेंगुरनाला पुल तक फोरलेन सड़क निर्माण के लिए बालको प्रबंधन द्वारा ₹30 करोड़ की राशि जिला प्रशासन के पास जमा की गई है। ऐसे में इस औद्योगिक परिवहन से प्रभावित शेष मार्गों के पुनर्निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण में भी बालको की वित्तीय सहभागिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि नगर निगम एवं संबंधित विभागों द्वारा इन सड़कों के सुधार के लिए प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो जिला कांग्रेस एवं स्थानीय नागरिक जनहित में शांतिपूर्ण प्रदर्शन, धरना एवं निगम कार्यालय का घेराव जैसे लोकतांत्रिक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इसकी जिम्मेदारी कोरबा निगम के अधिकारियों की होगी।

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कोरबा

कोरबा में हॉर्न बजाने पर भड़का हाथी,टैंकर की ओर दौड़ा:बैक करने पर गड्ढे में फंसा पहिया, ड्राइवर-हेल्पर ने भागकर बचाई जान, हाईवे पर जाम

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कोरबा। कोरबा के कटघोरा वन मंडल क्षेत्र में मंगलवार को एक दंतैल हाथी ने सड़क पार करते समय डीजल टैंकर का रास्ता रोक दिया। हाथी के सड़क पर आने से नेशनल हाईवे पर करीब आधे घंटे तक जाम लगा रहा। इस दौरान वाहन चालकों में दहशत का माहौल रहा।

जानकारी के मुताबिक, डीजल टैंकर कटघोरा की ओर से आ रहा था। इसी दौरान जंगल से निकलकर एक दंतैल हाथी अचानक सड़क पर आ गया और टैंकर के सामने खड़ा हो गया। ड्राइवर ने हाथी को हटाने के लिए हॉर्न बजाया तो हाथी भड़क गया और टैंकर की ओर दौड़ने लगा।

हाथी को आता देख टैंकर पीछे लेने लगा चालक

हाथी को अपनी ओर आता देख ड्राइवर ने टैंकर को पीछे लेने की कोशिश की, लेकिन उसका पहिया सड़क किनारे गड्ढे में फंस गया। इसके बाद चालक और परिचालक टैंकर छोड़कर जंगल की ओर भाग गए और अपनी जान बचाई।

हाथी काफी देर तक सड़क के आसपास घूमता रहा। इसके चलते हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात प्रभावित रहा।

बताया जा रहा है कि इन दिनों इलाके में करीब 10 हाथियों का दल घूम रहा है। हाथी आसपास के खेतों में लगी फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। फसल बचाने के लिए किसान रातभर जागकर खेतों की रखवाली कर रहे हैं।

वन विभाग हाथियों की लगातार निगरानी कर रहा है। गांवों में मुनादी कराकर लोगों को हाथियों से दूर रहने की चेतावनी दी गई है। विभाग ने वाहन चालकों से भी अपील की है कि हाथी दिखाई देने पर हॉर्न न बजाएं और उसे छेड़ने या उसके पास जाने की कोशिश न करें।

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