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छत्तीसगढ़

वेदांता प्लांट हादसे में 25 मौतें, NHRC ने लिया संज्ञान:कहा-सरकार जवाबदेही तय करें, पीड़ितों को न्याय दिलाए, मुख्य सचिव और DGP से मांगी रिपोर्ट

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सक्ती, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए ब्लास्ट में 25 मजदूरों की मौत हो गई है। हादसे में 36 लोग झुलसे थे, जिनमें से 3 मरीजों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है, जबकि 5 मरीजों को ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। वहीं 2 मरीजों को इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है।

घटना के 10 दिन बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने राज्य सरकार से स्पष्ट कहा है कि घटना की जवाबदेही तय करें और पीड़ितों को न्याय दिलाए। राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को नोटिस जारी कर दो हफ्ते के अंदर डिटेल से रिपोर्ट मांगी है।

सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल दोपहर 2 बजे बॉयलर ब्लास्ट हुआ था।

सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल दोपहर 2 बजे बॉयलर ब्लास्ट हुआ था।

बॉयलर ब्लास्ट के बाद 4 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी।

बॉयलर ब्लास्ट के बाद 4 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी।

अन्य 21 मजदूरों ने इलाज के दौरान दम तोड़ा।

अन्य 21 मजदूरों ने इलाज के दौरान दम तोड़ा।

प्लांट हादसे के बाद कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल पर भी FIR हुई है।

प्लांट हादसे के बाद कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल पर भी FIR हुई है।

गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद हुई FIR

14 अप्रैल को हुए हादसे के बाद औद्योगिक सुरक्षा विभाग के बॉयलर इंस्पेक्टर उज्जवल गुप्ता और उनकी टीम ने 15 अप्रैल को घटना स्थल की जांच की। एसपी प्रफुल्ल ठाकुर को सौंपी गई शुरुआती जांच रिपोर्ट में प्लांट प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आई थी। जिसके बाद FIR की गई थी।

नवीन जिंदल बोले- पहले जांच होनी चाहिए

उद्योगपति नवीन जिंदल ने अनिल अग्रवाल पर FIR होने पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि पहले घटना की जांच होनी चाहिए और सबूतों के आधार पर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

जब सरकारी कंपनियों या रेलवे में घटनाएं होती हैं, तो क्या हम चेयरमैन का नाम लेते हैं? नहीं। यही मानक निजी क्षेत्र पर भी लागू होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने घटना पर दुख जताया।

जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका जांच के घेरे में

सिंघीतराई प्रोजेक्ट में NGSL की टीम तैनात है, जिसमें प्रोजेक्ट हेड और साइट इंचार्ज के रूप में राजेश सक्सेना कार्यरत हैं। वे वरिष्ठ महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी हैं। वेदांता प्रबंधन और NGSL कॉर्पोरेट ऑफिस के बीच समन्वय की मुख्य कड़ी माने जाते हैं। यूनिट-1 के दैनिक संचालन की जिम्मेदारी भी उन्हीं के पास थी।

इसके अलावा मेंटेनेंस टीम बॉयलर, टरबाइन और अन्य सहायक उपकरणों के रखरखाव के लिए जिम्मेदार थी। ऐसे में ऑपरेशन और मेंटेनेंस से जुड़े सभी अधिकारियों की भूमिका की बारीकी से जांच की जा रही है।

सुरक्षा और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी भी NGSL के पास

जानकारी के अनुसार, वेदांता ने पिछले साल एनजीएसएल को संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। इसमें मशीनों की नियमित निगरानी, तकनीकी खामियों की समय पर पहचान और सुधार, सुरक्षा मानकों का पालन और कर्मचारियों और उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल था।

औद्योगिक सुरक्षा विभाग के सहायक संचालक अश्विनी पटेल ने बताया कि सिंघीतराई प्लांट में ऑपरेशन और मेंटेनेंस का कार्य NGSL द्वारा किया जा रहा था। वहीं वेदांता कंपनी के PRO दीपक विश्वकर्मा ने भी पुष्टि की है कि बॉयलर यूनिट-1 की जिम्मेदारी NGSL के पास थी।

शुरुआती जांच में क्या लापरवाही सामने आई

औद्योगिक सुरक्षा विभाग की जांच में सामने आया कि बॉयलर फर्नेस के अंदर ज्यादा मात्रा में फ्यूल जमा हो जाने के कारण तेज प्रेशर बना। दबाव के कारण बॉयलर का निचला पाइप अपनी निर्धारित स्थिति से हट गया। जिस वजह से ब्लास्ट हुआ।

FSL की रिपोर्ट में भी यही कारण बताया गया है। जांच में यह भी पाया गया कि मशीनों के रखरखाव और संचालन में लापरवाही बरती गई। एसपी के निर्देश पर एएसपी पंकज पटेल के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई है, जो पूरे मामले की जांच कर रही है।

दबाव 1 से 2 सेकेंड के अंदर बढ़ा

विभाग के अनुसार, हादसा 14 अप्रैल को दोपहर 2:33 बजे हुआ। उस समय 2028 टीपीएच क्षमता वाले विशाल वाटर ट्यूब बॉयलर में फर्नेस प्रेशर (भट्ठी का दबाव) तेजी से बढ़ा। यह दबाव 1 से 2 सेकेंड के अंदर बढ़ा, जिससे सिस्टम को बंद करना या किसी तकनीकी खराबी को रोकना संभव नहीं था।

दबाव इतना तेज था कि अंदरूनी विस्फोट हुआ और इसकी चपेट में बाहरी पाइपलाइन भी आ गई। जांच में सामने आया है कि, 1 घंटे में दोगुना उत्पादन करने के लिए बॉयलर का लोड तेजी से बढ़ाया गया। लोड 350 मेगावाट से बढ़ाकर लगभग 590 मेगावाट किया गया। यह वृद्धि बहुत कम समय में की गई।

इसके साथ ही पीए फैन में बार-बार खराबी, अनबर्न फ्यूल से प्रेशर बनना, पाइपिंग सिस्टम का फेल होना और बेकअप का समय पर काम नहीं करने का भी जिक्र है। कलेक्टर अमृत विकास टोपनो ने भी मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। 30 दिन के अंदर इसकी रिपोर्ट भी मांगी गई है।

इन बिंदुओं पर मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

  1. घटना कब और कैसे हुई
  2. घटना के लिए कौन जिम्मेदार हैं
  3. घटना का तकनीकी या मानवीय क्या कारण है
  4. हादसे वाले दिन कौन-कौन मजदूर कार्यरत थे, किनकी मौत हुई, कौन घायल हुए
  5. प्रशासनिक अधिकारियों ने कब कब प्लांट का निरीक्षण किया, क्या कोई खामियां मिली थी, यदि हां तो क्या कार्रवाई की गई
  6. भविष्य में इस प्रकार की घटना ना हो, इस रोकने के उपाय और सुझाव

मृतकों के परिजनों को मिलेगा मुआवजा

वेदांता प्रबंधन ने मृतक परिजन को 35-35 लाख रुपए सहायता राशि और नौकरी देने का ऐलान किया है। घायलों को 15-15 लाख रुपए दिए जाएंगे। इससे पहले PMO ने मुआवजे की घोषणा की थी।

PMNRF से हर मृतकों के परिवार वालों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से मृतकों के परिवार वालों को 5-5 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे।

रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में शवों का पोस्टमॉर्टम हुआ।

रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में शवों का पोस्टमॉर्टम हुआ।

हादसे में 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी।

हादसे में 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी।

18 घायलों को रायगढ़ के जिंदल फोर्टिस अस्पताल लाया गया था।

18 घायलों को रायगढ़ के जिंदल फोर्टिस अस्पताल लाया गया था।

हादसे में कई मजदूर पूरी तरह झुलस गए थे।

हादसे में कई मजदूर पूरी तरह झुलस गए थे।

दामाद की मौत की सूचना के बाद उसके ससुर शव लेने यूपी से रायगढ़ पहुंचे थे।

दामाद की मौत की सूचना के बाद उसके ससुर शव लेने यूपी से रायगढ़ पहुंचे थे।

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कोरबा

राजस्व अनुविभाग स्तर पर 18 से 20 जून तक आयोजित होंगे 3-दिवसीय वृहद पंजीकरण शिविर

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कोरबा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष के कार्यकाल के उपलक्ष्य में संपूर्ण प्रदेश में ‘‘विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के‘‘ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत केंद्र एवं राज्य सरकार की समस्त हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए प्रत्येक राजस्व अनुविभाग (सब-डिवीजन) स्तर पर 18 से 20 जून 2026 तक 3-दिवसीय वृहद पंजीकरण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में मुख्य रूप से पात्र नागरिकों के नए पंजीकरण, त्रुटि सुधार और समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निवारण किया जाएगा।
इसी कड़ी में कोरबा अनुविभाग अंतर्गत शिविर नगर निगम पं. जवाहर लाल नेहरू सभाकक्ष में आयोजित किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा आमजनों से शिविर का लाभ उठाने की अपील की गई है।

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कोरबा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 12 वर्ष विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के पूर्ण होने पर कोरबा में तीन दिवसीय फोटो प्रदर्शनी का हुआ शुभारंभ

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सुश्री लखनी साहू, विधायक प्रेमचंद पटेल, महापौर श्रीमती संजू देवी सहित जनप्रतिनिधियों ने प्रदर्शनी का किया अवलोकन

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुए परिवर्तनकारी कार्यों को प्रभावी ढंग से किया गया है प्रदर्शित

सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों की झलक से रूबरू हो रहे नागरिक

कोरबा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार के 12 वर्ष विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जनसंपर्क विभाग द्वारा 17, 18 एवं 19 जून 2026 तक तीन दिवसीय फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। यह प्रदर्शनी कोरबा शहर के घंटाघर स्थित स्मृति उद्यान के समीप आयोजित की गई है। प्रदर्शनी के माध्यम से देश में हुए ऐतिहासिक विकास कार्यों, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, आत्मनिर्भर भारत अभियान तथा विकसित भारत-2047 की संकल्पना को आकर्षक छायाचित्रों एवं जानकारीपरक सामग्री के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।

फोटो प्रदर्शनी का शुभारंभ आज महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा सम्मानित सुश्री लखनी साहू के मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस अवसर पर कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह, गोपाल मोदी, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया, डॉ. राजीव सिंह, पार्षद नरेंद्र देवांगन, अशोक चावलानी सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

प्रदर्षनी का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा फीता काटकर किया गया। इसके पश्चात भारत माता, पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के छायाचित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन किया गया। अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं तथा उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त की। प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए परिवर्तनकारी कार्यों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया है। इसमें गरीब कल्याण, किसान हितैषी योजनाएं, महिला सशक्तिकरण, युवा विकास, बुनियादी अधोसंरचना, आत्मनिर्भर भारत तथा विकसित भारत-2047 जैसे विषयों को प्रमुखता से स्थान दिया गया है, जो आमजन के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

मुख्य अतिथि सुश्री लखनी साहू ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि बीते 12 वर्ष सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित रहे हैं। इन वर्षों में देश ने विकास और प्रगति के अनेक नए आयाम स्थापित किए हैं, जिन्हें आज प्रत्येक नागरिक अपने जीवन में अनुभव कर रहा है।

कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में उनके 12 वर्ष पूर्ण होना देश के लिए गौरव का विषय है। सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचा है तथा विभिन्न क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास कार्य संपादित हुए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री मोदी को इस उपलब्धि पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

महापौर श्रीमती राजपूत ने भी प्रदर्शनी की सराहना करते हुए आमजनों से प्रदर्शनी का अवलोकन कर योजनाओं की जानकारी लेने का आग्रह किया।

अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर केंद्र एवं राज्य शासन की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त की। प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश में हुए परिवर्तनकारी कार्यों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। इसमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को प्रदान की गई आर्थिक सहायता, कृषि क्षेत्र में सुधार, ई-नाम प्लेटफॉर्म के माध्यम से कृषि विपणन को बढ़ावा, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, जनधन योजना, डिजिटल इंडिया अभियान, लखपति दीदी योजना तथा विकसित भारत संकल्प अभियान जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की उपलब्धियों को दर्शाया गया है। प्रदर्शनी स्थल पर स्थापित एलईडी स्क्रीन के माध्यम से शासन की योजनाओं, विकास कार्यों और जनहितकारी पहलों पर आधारित वृत्तचित्रों का प्रदर्शन किया जा रहा है, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

फोटो प्रदर्शनी में देश की आधारभूत संरचना को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले कार्यों को भी विशेष स्थान दिया गया है। इसमें विश्व के सबसे ऊंचे चिनाब रेलवे ब्रिज, समुद्र पर निर्मित अटल सेतु, राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के विस्तार, वंदे भारत ट्रेनों, सेमीकंडक्टर निर्माण, डिजिटल क्रांति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी में देश की सुरक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए किए गए कार्यों को भी दर्शाया गया है। स्वदेशी रक्षा उत्पादन, रक्षा निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि तथा आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत रक्षा क्षेत्र में हुए नवाचारों की जानकारी आमजन को दी जा रही है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास परियोजनाओं तथा हितग्राहियों की प्रेरक सफलता की कहानियों को भी प्रदर्शनी में शामिल किया गया है। रंगीन छायाचित्रों, आंकड़ों, ग्राफिक्स और सूचना पटलों के माध्यम से योजनाओं के प्रभाव और उपलब्धियों को सरल एवं आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया है।

प्रदर्शनी स्थल पर स्थापित एलईडी स्क्रीन के माध्यम से विकास परियोजनाओं और जनहितकारी योजनाओं पर आधारित वृत्तचित्रों का प्रदर्शन किया गया है। जिसने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
युवा,  बच्चे, बड़े बुजुर्ग,  महिलाएं,  सभी आयु वर्ग के लोगो ने छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन कर सराहना की ।

जनसंपर्क विभाग द्वारा इस अवसर पर ‘जनमन’ पत्रिका, ‘सुशासन के नवीन आयाम’ सहित विभिन्न प्रचार-प्रसार सामग्री का भी निःशुल्क वितरण किया जा रहा है। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों, महिला स्व-सहायता समूहों, युवाओं, किसानों और आम नागरिकों की विशेष भागीदारी देखने को मिल रही है। जिला प्रशासन एवं जनसंपर्क विभाग ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में प्रदर्शनी का अवलोकन कर केंद्र एवं राज्य शासन की जनहितकारी योजनाओं, विकास कार्यों तथा देश की उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त करें और इस जनजागरूकता अभियान का हिस्सा बनें।

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कोरबा

राज्य सरकार की बेहतर व्यवस्था से किसानों को समय पर मिल रहे कृषि आदान सामग्री

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खाद-बीज की सहज उपलब्धता से बढ़ा किसानों का भरोसा, शीला टोप्पो ने जताई खुशी
कोरबा। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप खाद, बीज एवं अन्य कृषि आदानों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसका लाभ जिले के किसानों को सहजता से मिल रहा है, जिससे उनमें उत्साह और संतोष का वातावरण है।

कोरबा जिले के देलवाड़ीह की कृषक श्रीमती शीला टोप्पो भी उन किसानों में शामिल हैं जिन्हें समय पर कृषि आदान सामग्री उपलब्ध होने से खेती की तैयारियों में बड़ी सुविधा मिली है। लगभग तीन एकड़ भूमि में धान की खेती करने वाली श्रीमती टोप्पो इन दिनों खरीफ फसल की तैयारियों में जुटी हुई हैं। उनकी कृषि भूमि भालुसटका क्षेत्र में स्थित है और वे स्वयं खेती का पूरा कार्य संभालती हैं।
खेती की तैयारियों के तहत वे जामबहार सोनपुरी सहकारी समिति पहुंचीं, जहां से उन्होंने यूरिया, सुपर फॉस्फेट एवं बीज प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि सहकारी समिति में खाद एवं बीज की पर्याप्त उपलब्धता होने से किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें आसानी से सभी आवश्यक सामग्री उपलब्ध हो गई।
श्रीमती टोप्पो ने कहा कि समय पर खाद-बीज उपलब्ध हो जाना किसानों के लिए बहुत बड़ी सहायता है। इससे खेती की तैयारियां सुचारू रूप से हो पाती हैं और उत्पादन बढ़ाने में भी मदद मिलती है। उन्होंने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कृषि आदानों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

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