नई दिल्ली, एजेंसी। दिल्ली विधानसभा चुनाव का मतदान आज सुबह सात बजे से शुरू हो गया। इस चुनाव में दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है, साथ ही दो अन्य राज्यों – तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश की विधानसभा सीटों पर उपचुनाव भी हो रहे हैं। दिल्ली में कुल 1.56 करोड़ वोटर हैं, और 699 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। चुनाव का परिणाम 8 फरवरी को घोषित किया जाएगा।
राजधानी दिल्ली में इस बार कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान हो रहा है। सुरक्षा को लेकर कुल 97,955 कर्मचारी और 8,715 स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। इसके अलावा, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 220 कंपनियां, दिल्ली पुलिस के 35,626 जवान और 19,000 होमगार्ड को तैनात किया गया है। मतदान शांतिपूर्वक चल रहा है, और सुरक्षा इंतजामों के तहत ड्रोन निगरानी भी की जा रही है।
LIVE अपडेट:-
करोल बाग में सबसे कम वोटिंग हुई
दिल्ली में शाम 5 बजे 57.78 फीसदी वोटिंग हुई
70 विधानसभा सीटों पर दोपहर 3 बजे तक 46.55% प्रतिशत मतदान हुआ है।
यहां की मुस्लिम बहुल मुस्तफाबाद विधानसभा सीट पर अब तक सबसे ज्यादा 56.12% वोटिंग हो चुकी है। सीलमपुर 54.29 प्रतिशत मतदान हुआ।
दिल्ली में दोपहर 1 बजे तक 33.31% वोटिंग हुई है।
दिल्ली चुनाव में सुबह 11 बजे तक 19.59% मतदान, मुस्तफाबाद सीट पर सर्वाधिक 12.17% मतदान।
दिल्ली चुनाव में सुबह 9 बजे तक 8.03% वोटिंग, मुस्तफाबाद सीट पर सर्वाधिक 12.17% मतदान।
AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल के पिता गोबिंद राम केजरीवाल ने किया मतदान।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने निजामुद्दीन ईस्ट के पोलिंग बूथ पर डाला वोट।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय विद्यालय में अपना वोट डाला।
सुबह 11 बजे तक 19.59% मतदान हुआ है।
सबसे ज्यादा मतदान मुस्तफाबाद विधानसभा सीटी पर बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक मुस्तफाबाद में 42.55 फीसदी मतदान हुआ है।
मुस्तफाबाद में सुबह 11 बजे तक 26.33 फीसदी वोटिंग हुई है, जिसे सबसे ज्यादा बताया जा रहा है।
संगम विहार, सीलमपुर और गोकुलपुरी में 24 फीसदी से ज्यादा मतदान हो चुका है।
मुस्तफाबाद में अब तक सबसे ज्यादा 12.17% मतदान हुआ है।
करोल बाग में सबसे कम 4.49% मतदान हुआ है।
चांदनी चौक में 4.53% मतदान हुआ है।
सुबह 9 बजे तक कुल मिलाकर 8.03% मतदान हुआ है।
नई दिल्ली: 7 फीसदी, जंगपुरा: 7.5%, कालकाजी: 6.2%
मतदान केंद्रों पर गहमागहमी, बड़े नेता भी पहुंचे वोट डालने
✔️ त्रिलोकपुरी के राजकीय सर्वोदय बाल विद्यालय में मतदाताओं की लंबी लाइन, पहचान पत्र चेक करने के बाद ही प्रवेश। ✔️ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मतदान किया, इसके बाद मतदान केंद्र से रवाना हुए। ✔️ भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने जनपथ स्थित मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला। ✔️ राजधानी के विभिन्न मतदान केंद्रों पर लोगों में मतदान को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है। ✔️ सुरक्षा के कड़े इंतजाम, मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से जारी।
सीलमपुर और जंगपुरा में बवाल दिल्ली चुनाव में मतदान के बीच सीलमपुर और जंगपुरा में विवाद उठ खड़ा हुआ है। जंगपुरा से आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रत्याशी मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया कि एक बिल्डिंग में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ता पैसे बांट रहे थे। इस पर सिसोदिया पुलिस से बहस करते हुए भी नजर आए।
वहीं, बीजेपी ने सीलमपुर में फर्जी वोटिंग का दावा किया है। बीजेपी के आरोप के अनुसार, कुछ महिलाएं बुर्का पहनकर फर्जी तरीके से वोटिंग कर रही थीं। इस मामले में दोनों ही पार्टियां एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रही हैं, जिससे चुनाव प्रक्रिया को लेकर असमंजस पैदा हो गया है। इन घटनाओं ने दिल्ली चुनाव में हो रही मतदान प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं, और अब पुलिस एवं चुनाव आयोग से इस पर कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।
प्रत्याशियों की किस्मत फैसला 8 फरवरी को दिल्ली की मुख्य निर्वाचन अधिकारी आर. एलिस वाज ने राष्ट्रीय राजधानी के सभी मतदाताओं से अपने घरों से बाहर निकलकर बढ़ चढ़कर मतदान करने की अपील की है। चुनाव आयोग ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चत करने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं जिसके तहत कुल 97,955 कर्मचारी और 8,715 स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है। केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की 220 कंपनियां, होमगाडर् के 19,000 जवान और दिल्ली पुलिस के 35,626 पुलिसकर्मी तैनात किये गये हैं। इस बार दिल्ली विधानसभा चुनाव में 699 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिनके भाग्य को फैसला आज मतदाता इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में बंद कर देंगे और सभी प्रत्याशियों की किस्मत फैसला 8 फरवरी को आयेगा।
चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यत: तीन प्रमुख दलों- सत्तारूढ़ AAP, BJP और कांग्रेस पार्टी ने एक दूसरे के खिलाफ तीखे हमले किए। तीनों पाटिर्यों के बीच दिल्ली के मतदाताओं को लुभाने के लिए लोक-लुभावन चुनावी वायदे करने की होड़ देखी गयी। राष्ट्रीय राजधानी के कई सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला भी देखने को मिलेगा। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार कुल 1.56 करोड़ से अधिक मतदाता आज अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 83.76 लाख पुरुष, 72.36 महिला और 1,267 उभयलिंगी मतदाता शामिल हैं। इस बार लिंग अनुपात 864 और ईपी रेशिया (इलेक्टर टू पॉपुलेशन रेशियो) 71.86 दर्ज किया गया है, जिससे स्पष्ट है कि महिलाओं की भागीदारी भी मजबूत होगी।
इस बार युवा और वरिष्ठ नागरिकों की अच्छी-खासी भागीदारी देखी जा रही है। मतदान में 18-19 वर्ष के 2.39 से अधिक युवा मतदाता पहली बार मतदान करेंगे, जो कि युवाओं की लोकतंत्र में बढ़ती रुचि को दर्शाता है। वहीं 85 वर्ष से अधिक उम्र के 1.09 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिक और 100 वर्ष से अधिक उम्र के 783 मतदाता भी लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भागीदारी निभाएंगे। इसके अतिरिक्त 79,885 दिव्यांग मतदाता और 12,736 सेवा मतदाता भी सूची में शामिल हैं। दिल्ली में इस बार कुल 2,696 मतदान स्थल तय किए गए हैं, जिनमें 13,766 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। ताकि मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो सके। चुनाव परिणाम आठ फरवरी को आयेंगे और चुनाव प्रक्रिया 10 फरवरी तक संपन्न होगी।
लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही‘आप’ अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में ‘आप’ अपनी कल्याणकारी योजनाओं के दम पर लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है। दूसरी ओर, भाजपा 25 वर्षों से अधिक समय के बाद राजधानी में फिर से सरकार बनाने का प्रयास कर रही है। दिल्ली में 2013 तक 15 साल तक शासन करने वाली कांग्रेस पिछले दो विधानसभा चुनाव में एक भी सीट जीतने में विफल रहने के बाद वापसी की कोशिश कर रही है।
संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल किए जाएंगे तैनात मतदान बुधवार को सुबह सात बजे शुरू होगा और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शाम छह बजे तक वोट डाले जाएंगे। निर्वाचन आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए अर्धसैनिक बलों की 220 कंपनियां, दिल्ली पुलिस के 35,626 जवान और 19,000 होमगार्ड तैनात किए हैं। लगभग तीन हजार मतदान केंद्रों को संवेदनशील के रूप में चिह्नित किया गया है और इनमें से कुछ स्थानों पर ड्रोन निगरानी समेत विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए जाएंगे। उसने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) भी तैनात रहेंगे।
भाजपा, ‘आप’ और कांग्रेस में त्रिकोणीय मुकाबला वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं तथा 733 मतदान केंद्र खास उनकी जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के प्रयास में निर्वाचन आयोग ने एक कतार प्रबंधन प्रणाली (क्यूएमएस) ऐप पेश किया है, जिससे मतदाता भीड़ के स्तर की जानकारी हासिल कर सकेंगे। इसके अलावा, ‘घर से मतदान’ सुविधा के तहत 7,553 पात्र मतदाताओं में से 6,980 मतदाता पहले ही अपने वोट डाल चुके हैं। सोमवार शाम छह बजे आधिकारिक रूप से समाप्त हुए चुनाव प्रचार में तीन मुख्य दावेदारों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। ‘आप’ ने अपने शासन मॉडल पर ध्यान केंद्रित किया और अरविंद केजरीवाल तथा मुख्यमंत्री आतिशी ने पूरे शहर में रैलियां कीं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा जैसे दिग्गजों के नेतृत्व में भाजपा ने भ्रष्टाचार के आरोपों और कानून-व्यवस्था के मुद्दों को लेकर ‘आप’ पर निशाना साधा। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने भी जोरदार प्रचार किया और विभिन्न मुद्दों पर ‘आप’ और भाजपा दोनों पर हमला बोला।
चुनाव प्रचार के दौरान ‘‘शीश महल” विवाद, यमुना के पानी की गुणवत्ता, शासन, कानून-व्यवस्था, महिला कल्याण और मतदाता सूची से छेड़छाड़ के आरोप जैसे मुद्दों को जोरदार ढंग से उठाया गया। चुनाव पूर्व वादों में मुफ्त में सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने का मुद्दा भी हावी रहा। ‘आप’ ने छात्रों के लिए मुफ्त बस यात्रा, ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए बीमा और मंदिर के पुजारियों तथा गुरुद्वारों के ग्रंथियों को 18,000 रुपये की वित्तीय सहायता देने का वादा किया है।
दूसरी ओर, भाजपा ने गर्भवती महिलाओं के लिए 21,000 रुपये की वित्तीय सहायता और 500 रुपये में सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर देने का वादा किया है, जबकि कांग्रेस ने 8,500 रुपये का मासिक बेरोजगारी भत्ता देने की प्रतिबद्धता जताई है। आठ फरवरी को आने वाले चुनाव परिणामों से साफ होगा कि क्या ‘आप’ अपनी सरकार बरकरार रख पाती है, भाजपा अपनी हार का सिलसिला तोड़ पाती है या कांग्रेस कोई चौंकाने वाला नतीजा दे पाती है।
वाराणसी, एजेंसी। पीएम मोदी ने रविवार को वाराणसी के नमो घाट पर एयर शो देखा। शो में 100 विमानों ने हिस्सा लिया। इनमें राफेल और सुखोई जैसे 52 लड़ाकू विमान भी शामिल थे। पीएम मोदी के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी ने भी एयर शो देखा।
एयरशो में राफेल विमान ने कम ऊंचाई पर कलाबाजियां दिखाईं। विमान ऊपर जाते-जाते अचानक नीचे मुड़ जाता तो कभी गोल चक्कर लगाने लगता। ऐसे ही सुखोई-30 MKI विमान ने कम ऊंचाई पर हवाई करतब दिखाए। चेतक हेलिकॉप्टर ने फूल बरसाए।
C-17 ग्लोबमास्टर और नौ सूर्यकिरण हौक विमान एक साथ उड़ान भरते हुए मंच के ऊपर से गुजरे। सूर्यकिरण टीम के विमानों ने आसमान में शानदार कलाबाजियां दिखाईं।
राफेल, सुखोई, जगुआर, मिराज-2000, तेजस और मिग-29 ने तीर की नोक के आकार में उड़ान भरी। यह ऑपरेशन सिंदूर जैसा नजारा रहा। करीब 15 लाख लोगों ने वायुसेना की ताकत देखी। एयर शो भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस पर आयोजित किया गया। इसे ‘विंग्स ओवर गंगा’ नाम दिया गया था।
पीएम मोदी ने इससे पहले रूपापुर में 100 करोड़ रुपए की अरविंद टेक्सटाइल मिल का उद्घाटन किया। फिर पुलिस लाइन से 7 किमी. लंबा रोड शो कर नमो घाट पहुंचे।
C-17 ग्लोबमास्टर और नौ सूर्यकिरण हौक विमानों ने एक साथ उड़ान भरते हुए दशाश्व फॉर्मेशन बनाई।
चिनूक विमान ने अलकनंदा फार्मेशन बनाया। गंगा नदी के पास पहुंचकर नमन किया।
वायुसेना के विमानों ने आकाश में तिरंगा बनाते हुए कलाबाजियां दिखाईं।
सूर्यकिरण टीम के विमानों ने शानदार करतब दिखाए। आसमान को तिरंगे के रंग में रंग दिया।
एक C-295 और दो डोर्नियर विमान विजय के प्रतीक के आकार में मंच के सामने से गुजरकर भैरव फॉर्मेशन बनाया।
100 करोड़ की टेक्सटाइल यूनिट का उद्घाटन किया
PM मोदी सुबह 10 बजे वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचे। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद मोदी ने मिर्जामुराद स्थित खोचवां गांव के पास अरविंद लिमिटेड की नई कपड़ा निर्माण इकाई का उद्घाटन किया।
करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से बनी इस यूनिट में लगभग 1000 महिलाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है। यहां स्पोर्ट्स वियर और अंडरगारमेंट का उत्पादन होगा। यूनिट में 300 मशीनें लगाई गई हैं और करीब 300 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
अरविंद समूह की शुरुआत वर्ष 1931 में गुजरात के अहमदाबाद में हुई थी। यह समूह डेनिम (जींस बनाने में इस्तेमाल होने वाला कपड़ा), सूती और लिनेन के कपड़े, सूट फैब्रिक, स्पोर्ट्सवियर और औद्योगिक उपयोग के विशेष कपड़ों को बनाने और कारोबार के लिए जाना जाता है।
PM मोदी ने अरविंद लिमिटेड की नई कपड़ा निर्माण इकाई का उद्घाटन किया।
पुलिस लाइन से नमोघाट तक 7 किमी रोड शो किया
टेक्सटाइल यूनिट के उद्घाटन के बाद मोदी ने दोपहर करीब 12 बजे पुलिस लाइन से नमो घाट तक करीब 7 किलोमीटर का रोड शो किया। कार्यकर्ता और स्थानीय लोगों ने गुलाब की पंखुड़ियां बरसाईं। मोदी ने कार से बाहर निकलकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।
पीएम मोदी ने वाराणसी में 7 किमी. लंबा रोड शो किया।
नई दिल्ली, एजेंसी। चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान वोटर लिस्ट में गड़बड़ियां पहचानने के लिए इस्तेमाल किए गए सॉफ्टवेयर की जानकारी देने से इनकार कर दिया है।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, आयोग ने RTI के जवाब में कहा- यह जानकारी ट्रेड सीक्रेट और इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी से जुड़ी है। इसे RTI कानून के तहत सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।
आयोग ने यह भी साफ नहीं किया कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ियां पहचानने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) या मशीन लर्निंग का इस्तेमाल किया गया था या नहीं।
5 सवालों पर चुनाव आयोग के जवाब
1. सॉफ्टवेयर का नाम और वर्जन: आयोग ने नाम और वर्जन बताने से इनकार किया। RTI कानून की धारा 8(1)(d) के तहत ट्रेड सीक्रेट का हवाला दिया। साथ ही कहा कि SIR के लिए नया सॉफ्टवेयर न बनाया गया, न खरीदा गया।
2. क्या सॉफ्टवेयर खुद गड़बड़ियां पहचानता है: आयोग ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उसने इसे स्पष्टीकरण मांगने वाला सवाल बताते हुए RTI कानून की धारा 2(f) का हवाला दिया।
3. AI या मशीन लर्निंग का इस्तेमाल पर: आयोग ने स्पष्ट नहीं किया कि वोटर लिस्ट की जांच में AI, मशीन लर्निंग या प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स का इस्तेमाल हुआ या नहीं।
4. सॉफ्टवेयर से खुद नाम हटाने के सवाल पर: आयोग ने कहा कि वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने या हटाने का फैसला संबंधित क्षेत्र का ERO तथ्यों और रिकॉर्ड के आधार पर करता है। आयोग ने सॉफ्टवेयर की भूमिका के बारे में अलग से जानकारी नहीं दी।
5. चिह्नित रिकॉर्ड की समीक्षा और मंजूरी के सवाल पर: चुनाव आयोग ने RTI कानून की धारा 8(1)(g) का हवाला दिया। साथ ही बताया कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13B(1) और 13B(2) के तहत संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) की वोटर लिस्ट तैयार करने और उसमें संशोधन की जिम्मेदारी होती है।
कांग्रेस का आरोप- सॉफ्टवेयर की जानकारी छिपा रहा आयोग
वहीं, कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर ECINET सॉफ्टवेयर से जुड़ी जानकारी छिपाने का आरोप लगाया। जयराम रमेश ने सवाल उठाया कि इस सॉफ्टवेयर को टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने विकसित किया, इसकी जानकारी आयोग ने खुद सार्वजनिक क्यों नहीं की। उन्होंने SIR और मतदाता सूची में संशोधन के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल और उससे जुड़े सुरक्षा उपायों पर भी सवाल उठाए।
रमेश ने दावा किया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने ECINET सॉफ्टवेयर और चुनाव आयोग के IT डिवीजन को लेकर कई आपत्तियां दर्ज कराई थीं। उनके मुताबिक, ये शिकायतें प्रधानमंत्री के अधीन आने वाले कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) तक भी पहुंची थीं।
दो चुनाव आयुक्तों ने अफसर के कामकाज पर सवाल उठाए
दो दिन पहले RTI एक्टिविस्ट लोकेश के. बत्रा को RTI के तहत मिले जवाब से पता चला कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 29 जुलाई को कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन को अलग-अलग पत्र लिखे थे। इनमें उन्होंने डिप्टी इलेक्शन कमीश्नर मनीष गर्ग के कामकाज पर सवाल उठाए थे।
दोनों आयुक्तों ने अधिकारियों के बीच काम बांटने के एक आदेश पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि यह आदेश चुनाव आयोग की मंजूरी के बिना जारी किया गया। RTI से मिले दस्तावेजों के मुताबिक, कैबिनेट सचिवालय ने कहा कि ये पत्र पूरे चुनाव आयोग की ओर से भेजी गई आधिकारिक शिकायतें नहीं थीं। इसलिए उसने खुद कार्रवाई करने के बजाय शिकायतें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यालय और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को भेज दीं।
कोच्चि, एजेंसी। केरलम के कोच्चि में शनिवार देर रात मर्सिडीज कार ने स्कूटर को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में 55 साल के स्कूटर सवार की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, कार चलाने वाला एडिशनल सेशन जज का बेटा है। उसकी उम्र 17 साल है।
कार जज के नाम पर रजिस्टर्ड थी। हादसा रात 2 से 3 बजे के बीच हुआ। घटनास्थल के एक वीडियो में कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त दिखाई दिया।
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस स्टेशन में जब उन्होंने नाबालिग को कार चलाने देने पर सवाल उठाया, तो जज ने उनसे अपमानजनक लहजे में बात की।
जज के बेटे की कार का आगे का हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।
कार एडिशनल सेशन जज के नाम पर रजिस्टर्ड है।
30 साल से चला रहे थे खाने का स्टॉल, घर लौटते समय हादसा
हादसे में जान गंवाने शख्स की पहचान जयबालकृष्णन के रूप में हुई है। वह करीब 30 साल से अपनी पत्नी मंजू के साथ सड़क किनारे खाने का स्टॉल चला रहे थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, जयबालकृष्णन ने शनिवार रात चित्तूर मंदिर के पास अपना स्टॉल बंद किया था। वह रोज शाम करीब 4 बजे दुकान खोलते थे और वहां मुख्य रूप से डोसा सहित शाकाहारी खाना बेचते थे।
जयबालकृष्णन और उनकी पत्नी रोज स्कूटी से करीब 20 किलोमीटर का सफर तय करके दुकान पहुंचते थे। उनकी पत्नी वैरिकोज वेन्स के इलाज के कारण एक सप्ताह की छुट्टी पर थीं। हादसे के समय जयबालकृष्णन अकेले घर लौट रहे थे।
जयबालकृष्णन अपनी पत्नी के साथ (फाइल फोटो)
आरोपी जज की परमीशन के बिना कार लेकर निकला
पुलिस के मुताबिक, आरोपी अलुवा में रहता है और अपने माता-पिता की जानकारी के बिना मर्सिडीज-बेंज लेकर निकला था। कार वल्लारपदम से कलामस्सेरी की ओर जा रही थी, तभी उसने जयबालकृष्णन की स्कूटी को टक्कर मार दी।
चेरानेल्लूर पुलिस ने किशोर को घटनास्थल से हिरासत में लिया और कार जब्त कर ली। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 और 106(1) के तहत केस दर्ज किया गया है। ये धाराएं सार्वजनिक रास्ते पर लापरवाही से वाहन चलाने और लापरवाही से मौत होने से संबंधित हैं।
पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर बताया कि हादसे के समय नाबालिग चालक नशे में नहीं था। हालांकि, आगे की जांच के लिए उसके ब्लड सैंपल लिए गए हैं।