छत्तीसगढ़ की 74 ट्रेनें कैंसिल, कई के बदले रूट:चांपा-स्टेशन में होगा चौथी-लाइन का काम, 7-16 जून तक नहीं चलेंगी गाड़ियां, सात राज्यों के यात्रियों होंगे प्रभावित
बिलासपुर, एजेंसी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने छत्तीसगढ़ से होकर चलने वाली 74 ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है। बिलासपुर रेल मंडल के चांपा स्टेशन में चौथी लाइन का काम होगा, जिसके चलते रेलवे ने 8 से 14 जून तक यात्री ट्रेनों को रद्द कर दिया है। इससे पश्चिम-बंगाल, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों के यात्री प्रभावित होंगे। समर सीजन में ट्रेनें कैंसिल होने से यात्रियों की परेशानियां बढ़ जाएंगी।
अधोसंरचना विकास हेतु दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में अनेक परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है । इसी प्रकार बिलासपुर-झारसुगुड़ा के बीच तीसरी एवं चौथी रेलवे लाइन परियोजना दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की महत्वपूर्ण परियोजना है यह व्यस्त रेल मार्ग है, जो इस पूरे क्षेत्र को उत्तर एवं दक्षिण भारत से जोड़ती है । परिचालन को और भी सुचारू तथा नई गाडियों के मार्ग प्रशस्त करने के लिए नई लाइनों का निर्माण कार्य किया जा रहा है । इससे आधारभूत संरचना में तथा यात्री सुविधाओं में वृद्धि के साथ यात्री ट्रेनों की समय बद्धता में वृद्धि होगी । रेलवे प्रशासन ने बताया कि बिलासपुर से झारसुगुड़ा के बीच 206 किलोमीटर चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिसमें अब तक 180 किलोमीटर से अधिक का रेल लाइन का निर्माण का काम पूरा हो गया है। इसके अंतर्गत बिलासपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन के चांपा स्टेशन में चौथी लाइन से जोड़ने का कार्य किया जाएगा।
7 से 19 जून तक होगा काम
चांपा स्टेशन में चौथी रेललाइन में जोड़ने का यह कार्य 7 जून से 19 जून तक (विभिन्न तिथियो में) किया जाएगा। रेल अफसरों का दावा है कि रेल यात्रियों को कम से कम असुविधा हो इसलिए यह कार्य किए जा रहे हैं। रेल विकास से संबधित इस कार्य के लिए इन ट्रेनों का परिचालन अल्पकालिक बाधित रहेगा एवं इस कार्य के पूर्ण होते ही गाडियों की समयबद्धता एवं गति में तेजी आएगी।
रद्द होने वाली पैसेंजर ट्रेनें
8 से 19 जून तक रायगढ़ से चलने वाली 68735 रायगढ़-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
7 से 18 जून तक बिलासपुर से चलने वाली 68736 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
8 से 19 जून तक गेवरारोड से चलने वाली 68745 गेवरारोड-रायपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
7 से 18 जून तक रायपुर से चलने वाली 68746 रायपुर-गेवरारोड मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
8 से 19 जून तक कोरबा से चलने वाली 58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर रद्द रहेगी।
7 से 18 जून तक रायपुर से चलने वाली 58204 रायपुर-कोरबा पैसेंजर रद्द रहेगी।
8 से 19 जून तक बिलासपुर व गेवरारोड से चलने वाली 68734/68733 बिलासपुर-गेवरारोड-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
8 से 19 जून तक बिलासपुर व कोरबा से चलने वाली 68732/68731 बिलासपुर-कोरबा-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
8 से 19 जून तक रायगढ़ व बिलासपुर से चलने वाली 68737/68738 रायगढ़-बिलासपुर-रायगढ़ मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
8 से 19 जून तक बिलासपुर से चलने वाली 58210 बिलासपुर-गेवरारोड पैसेंजर रद्द रहेगी।
रद्द होने वाली एक्सप्रेस ट्रेनें
7 से 18 जून तक टाटानगर से चलने वाली 18113 टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
8 से 19 जून तक बिलासपुर से चलने वाली 18114 बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
8 से 19 जून तक टाटानगर व नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी से चलने वाली 18109/18110 टाटानगर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी-टाटानगर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
12 से 16 जून तक दुर्ग से चलने वाली 13287 दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
10 से 14 जून तक आरा से चलने वाली 13288 आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
11 से 15 जून तक अहमदाबाद व हावड़ा से चलने वाली 12833/12834 अहमदाबाद-हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
12 जून को हावड़ा से चलने वाली 12870 हावड़ा-सीएसएमटी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।14 जून को सीएसएमटी से चलने वाली 12869 सीएसएमटी-हावड़ा एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
12 व 15 जून को हटिया से चलने वाली 22846 हटिया-पुणे एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
14 व 17 जून को पुणे से चलने वाली 22845 पुणे-हटिया एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
10 जून को पुरी से चलने वाली 20813 पुरी-जोधपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
13 जून 2026 को जोधपुर से चलने वाली 20814 जोधपुर-पुरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
10 व 11 जून को पोरबंदर से चलने वाली 12905 पोरबंदर-शालीमार एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
12 व 13 जून को शालीमार से चलने वाली 12906 शालीमार-पोरबंदर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
14 जून को ओखा से चलने वाली 22905 ओखा-शालीमार एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
16 जून को शालीमार से चलने वाली 22906 शालीमार-ओखा एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
13 जून को कामाख्या से चलने वाली 22512 कामाख्या-एलटीटी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
16 जून को एलटीटी से चलने वाली 22511 एलटीटी-कामाख्या एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
13 जून को उदयपुर से चलने वाली 20971 उदयपुर-शालीमार एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
14 जून को शालीमार से चलने वाली 20972 शालीमार-उदयपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
10 जून को गया से चलने वाली 22358 गया-एलटीटी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
12 जून को एलटीटी से चलने वाली 22357 एलटीटी-गया एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
12 जून को वास्कोडिगमा से चलने वाली 17321 वास्कोडिगमा-जसीडीह एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
15 जून को जसीडीह से चलने वाली 17322 जसीडीह-वास्कोडिगमा एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
11 जून को हैदराबाद से चलने वाली 17005 हैदराबाद-रक्सौल एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
14 जून को रक्सौल से चलने वाली 17006 रक्सौल-हैदराबाद एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
9 व 13 जून को चर्लपल्ली से चलने वाली 17007 चर्लपल्ली-दरभंगा एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
12 व 16 जून को दरभंगा से चलने वाली 17008 दरभंगा-चर्लपल्ली एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
14 जून को श्रीगंगानगर से चलने वाली 20471 श्रीगंगानगर-पुरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
17 जून को पुरी से चलने वाली 20472 पुरी-श्रीगंगानगर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
13 जून को शालीमार से चलने वाली 22830 शालीमार-भुज एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
16 जून को भुज से चलने वाली 22829 भुज-शालीमार एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
10 जून को रानी कमलापति से चलने वाली 22169 रानी कमलापति-सांतरागाछी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
11 जून को सांतरागाछी से चलने वाली 22170 सांतरागाछी-रानी कमलापति एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
10 जून को सांतरागाछी से चलने वाली 20828 सांतरागाछी-जबलपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
11 जून को जबलपुर से चलने वाली 20827 जबलपुर-सांतरागाछी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
12 जून को पोरबंदर से चलने वाली 12949 पोरबंदर-सांतरागाछी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
14 जून को सांतरागाछी से चलने वाली 12950 सांतरागाछी-पोरबंदर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
9 जून को इंदौर से चलने वाली 20917 इंदौर-पुरी हमसफर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
11 जून को पुरी से चलने वाली 20918 पुरी-इंदौर हमसफर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
11 जून को बलसाड से चलने वाली 22909 बलसाड-पुरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
14 जून को पुरी से चलने वाली 22910 पुरी-बलसाड एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
9 जून को पुरी से चलने वाली 22866 पुरी-एलटीटी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
11 जून को एलटीटी से चलने वाली 22865 एलटीटी-पुरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
13 जून को सांतरागाछी से चलने वाली 20822 सांतरागाछी-पुणे एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
15 जून को पुणे से चलने वाली 20821 पुणे-सांतरागाछी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
12 जून को बिलासपुर से चलने वाली 22843 बिलासपुर-बक्सर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
13 जून को पटना से चलने वाली 22844 पटना-बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
13 जून को मालदाटाउन से चलने वाली 13425 मालदाटाउन-सूरत एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
15 जून को सूरत से चलने वाली 13426 सूरत-मालदाटाउन एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
15 जून को नांदेड़ से चलने वाली 12767 नांदेड़-सांतरागाछी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
17 जून को सांतरागाछी से चलने वाली 12768 सांतरागाछी-नांदेड़ एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
12 व 13 जून को हटिया से चलने वाली 12812 हटिया-एलटीटी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
14 व 15 जून को एलटीटी से चलने वाली 12811 एलटीटी-हटिया एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
12 व 13 जून को विशाखापटनम से चलने वाली 20807 विशाखापटनम–अमृतसर हीराकुंड एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
13 व 14 जून को अमृतसर से चलने वाली 20808 अमृतसर-विशाखापटनम हीराकुंड एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
9 व 12 जून को यशवंतपुर से चलने वाली 12251 यशवंतपुर-कोरबा एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
11 व 14 जून को कोरबा से चलने वाली 12252 कोरबा-यशवंतपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
11 व 15 जून को तिरुअनंतपुरम नॉर्थ से चलने वाली 22648 तिरुअनंतपुरम नॉर्थ-कोरबा एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
13 व 17 जून को कोरबा से चलने वाली 22647 कोरबा-तिरुअनंतपुरम नॉर्थ एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
10 व 11 जून को एलटीटी से चलने वाली 12151 एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
12 व 13 जून को शालीमार से चलने वाली 12152 शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
11 से 15 जून तक पुरी व योगनगरी ऋषिकेश से चलने वाली 18477/18478 पुरी-योगनगरी ऋषिकेश-पुरी उत्कल एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
पैसेंजर बनकर चलेगी हसदेव एक्सप्रेस इस दौरान रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को होने वाली असुविधा से बचने के लिए हसदेव एक्सप्रेस को बिलासपुर-कोरबा के बीच पैसेंजर बनाकर चलाने का फैसला लिया है। जारी आदेश के अनुसार 8 से 19 जून तक 18250/18249 तथा 18252/18251 कोरबा-रायपुर-कोरबा हसदेव एक्सप्रेस कोरबा-बिलासपुर-कोरबा के मध्य पैसेंजर बनकर चलेगी।
परिवर्तित मार्ग से चलने वाली गाड़ियां
11 व 13 जून को हावड़ा से चलने वाली 12222 हावड़ा-पुणे दुरन्तो एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया झारसुगुड़ा–टिटलागढ़-रायपुर होकर चलेगी।
13 व 15 जून को पुणे से चलने वाली 12221 पुणे-हावड़ा दुरन्तो एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया रायपुर-टिटलागढ़-झारसुगुड़ा होकर चलेगी।
11 व 13 जून को सीएसएमटी से चलने वाली 12261 सीएसएमटी-हावड़ा दुरन्तो एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया रायपुर-टिटलागढ़-झारसुगुड़ा होकर चलेगी।
12 व 15 जून को हावड़ा से चलने वाली 12262 हावड़ा-सीएसएमटी दुरन्तो एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया झारसुगुड़ा–टिटलागढ़-रायपुर होकर चलेगी।
12 व 13 जून को एलटीटी से चलने वाली 12101 एलटीटी-शालीमार ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया रायपुर-टिटलागढ़-झारसुगुड़ा होकर चलेगी।
14 व 15 जून को शालीमार से चलने वाली 12102 शालीमार-एलटीटी ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया झारसुगुड़ा–टिटलागढ़-रायपुर होकर चलेगी।
11 व 15 जून को भुवनेश्वर से चलने वाली 12880 भुवनेश्वर-एलटीटी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया झारसुगुड़ा–टिटलागढ़-रायपुर होकर चलेगी।
13 व 17 जून को एलटीटी से चलने वाली 12879 एलटीटी-भुवनेश्वर एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया रायपुर-टिटलागढ़-झारसुगुड़ा होकर चलेगी।
बीच रास्ते समाप्त होने वाली गाड़ियां
8 से 19 जून तक 68861/ 68862 गोंदिया-झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू पैसेंजर बिलासपुर स्टेशन में समाप्त और प्रारम्भ होगी। यह ट्रेन झारसुगुड़ा-बिलासपुर-झारसुगुड़ा के मध्य रद्द रहेगी।
8 से 19 जून तक कोरबा से चलने वाली 18237 कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस बिलासपुर स्टेशन से प्रारम्भ होगी तथा कोरबा-बिलासपुर के मध्य रद्द रहेगी।
7 से 18 जून तक विशाखापटनम से चलने वाली 18518 विशाखापटनम-कोरबा लिंक एक्सप्रेस बिलासपुर स्टेशन में समाप्त होगी तथा बिलासपुर-कोरबा के मध्य रद्द रहेगी।
8 से 19 जून तक कोरबा से चलने वाली 18517 कोरबा-विशाखापटनम लिंक एक्सप्रेस बिलासपुर स्टेशन से प्रारम्भ होगी तथा कोरबा-बिलासपुर के मध्य रद्द रहेगी।
10 व 13 जून को निज़ामुद्दीन से चलने वाली 12410 निज़ामुद्दीन-रायगढ़ गोंडवाना एक्सप्रेस बिलासपुर स्टेशन में समाप्त होगी तथा बिलासपुर-रायगढ़ के मध्य रद्द रहेगी।
12 व 15 जून को रायगढ़ से चलने वाली 12409 रायगढ़-निज़ामुद्दीन गोंडवाना एक्सप्रेस बिलासपुर स्टेशन से प्रारम्भ होगी तथा रायगढ़-बिलासपुर के मध्य रद्द रहेगी।
विलंब से रवाना होने वाली गाड़ियां
12 से 16 जून तक कोरबा से चलने वाली गाड़ी संख्या 18239 कोरबा-नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी शिवनाथ एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 1 घंटे 30 मिनट देरी से रवाना होगी।
11 से 15 जून तक पुणे से चलने वाली 12129 पुणे-हावड़ा आजाद हिन्द एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 3 घंटे देरी से रवाना होगी।
11 से 15 जून तक सीएसएमटी से चलने वाली 12809 सीएसएमटी-हावड़ा एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 02 घंटे 30 मिनट घंटे देरी से रवाना होगी।
12 से 16 जून 2026 तक गोंदिया से चलने वाली 12070 गोंदिया-रायगढ़ जनशताब्दी एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 2 घंटे देरी से रवाना होगी।
12 से 16 जून तक रायपुर से चलने वाली गाड़ी संख्या 18249 व 18251 रायपुर-कोरबा हसदेव एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 2 घंटे देरी से रवाना होगी।
समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने और विभागवार मासिक कार्ययोजना तैयार करने के दिए निर्देश
रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में राज्यों को पूंजीगत निवेश हेतु विशेष सहायता योजना (SASCI) 2026-27 के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे सुधार कार्यों एवं उनके क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से विभागवार मासिक कार्ययोजना तैयार कर उसके अनुसार कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा, ताकि योजना के तहत तय लक्ष्यों को समय पर हासिल किया जा सके। बैठक में राज्यों को पूंजीगत निवेश हेतु विशेष सहायता योजना (SASCI) 2026-27 के तहत जारी दिशा-निर्देशों एवं विभिन्न परिचालन गाइडलाइंस के अनुरूप विभागवार सुधार कार्यों की प्रगति, अब तक की उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध लक्ष्य-पूर्ति तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। बैठक में वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, मुख्यमंत्री एवं वाणिज्यिक कर विभाग के सचिव मुकेश कुमार, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव सुश्री आर.शंगीता, राजस्व विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. सारांश मित्तर, वित्त विभाग के विशेष सचिव चंदन कुमार, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल विवेक आचार्य सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
रायपुर : ‘भारत भाग्य विधाता‘ फिल्म के लेखक-निर्देशक मनोज तापड़िया तथा फिल्म निर्माता आदि शर्मा ने की छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के एमडी विवेक आचार्य से सौजन्य मुलाकात
चित्रोत्पला फिल्म सिटी के विकास, फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने और छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण के आकर्षक गंतव्य के रूप में विकसित करने पर हुई विस्तृत चर्चा
रायपुर। छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड में चित्रोत्पला फिल्म सिटी के विकास को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। रायपुर में आयोजित इस बैठक में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य से भारत भाग्य विधाता फिल्म के डायरेक्टर मनोज तापड़िया तथा फिल्म निर्माता आदि शर्मा ने सौजन्य भेंट कर राज्य में विकसित की जा रही चित्रोत्पला फिल्म सिटी की अवधारणा, उसकी संभावनाओं तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि छत्तीसगढ़ की अनुपम प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरें, जलप्रपात, वन क्षेत्र, जनजातीय संस्कृति तथा विविध प्राकृतिक लोकेशन राज्य को फिल्म निर्माण के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाते हैं। इन विशेषताओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर राज्य को फिल्मांकन का आकर्षक गंतव्य बनाने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। चर्चा के दौरान चित्रोत्पला फिल्म सिटी को आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक ऐसे समग्र फिल्म परिसर के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया, जहाँ फिल्म निर्माण से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ उपलब्ध हों। साथ ही फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने, राज्य में फिल्म निर्माण गतिविधियों का विस्तार करने तथा इस क्षेत्र में निजी और संस्थागत सहयोग की संभावनाओं पर भी विस्तार से मंथन हुआ।
प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने कहा कि चित्रोत्पला फिल्म सिटी का विकास छत्तीसगढ़ के फिल्म और पर्यटन क्षेत्र के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा। इससे राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी, फिल्म निर्माण गतिविधियों को गति मिलेगी तथा स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों, रचनात्मक युवाओं और फिल्म से जुड़े अन्य पेशेवरों के लिए रोजगार एवं कौशल विकास के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि फिल्म उद्योग के विकास से पर्यटन, आतिथ्य, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यवसायों को भी व्यापक लाभ मिलेगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्राप्त होगी। बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि छत्तीसगढ़ को एक उभरते हुए फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए फिल्म उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों, निर्माताओं और निर्देशकों के साथ निरंतर संवाद एवं सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। राज्य की प्राकृतिक संपदा, सांस्कृतिक विविधता और विकसित की जा रही आधुनिक फिल्म अवसंरचना के समन्वय से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएंगे। बैठक में चित्रोत्पला फिल्म सिटी के विकास, फिल्म पर्यटन के विस्तार तथा भविष्य में फिल्म निर्माण और पर्यटन संवर्धन के क्षेत्र में पारस्परिक सहयोग की व्यापक संभावनाओं पर सहमति व्यक्त की गई।
320.15 हेक्टेयर में फैला नंदनवन जंगल सफारी बना प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों का पसंदीदा केंद्र
धनंजय राठौर ,संयुक्त संचालक, जनसंपर्क
अशोक कुमार चंद्रवंशी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी
नंदनवन जंगल सफारी नवाँ रायपुर में पर्यटकों के लिए कई प्रकार की रोमांचक सफारी राइड्स उपलब्ध हैं, जिनमें शाकाहारी सफारी, टाइगर सफारी, भालू सफारी और लायन सफारी प्रमुख हैं। इसके अलावा यहाँ एक छोटा चिड़ियाघर (नंदनवन जू) भी है। छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-39 में स्थित नंदनवन जंगल सफारी राज्य के प्रमुख पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण केंद्रों में शामिल है। 320.15 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला यह विशाल परिसर प्रकृति प्रेमियों, वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। यहां वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ पर्यटकों को प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीवों को देखने और उनके बारे में जानने का अवसर मिलता है।
मिनी जू से जंगल सफारी तक का सफर नंदनवन की शुरुआत वर्ष 1979 में रायपुर में ‘नंदनवन मिनी जू’ के रूप में हुई थी। यह वन्यजीवों के रेस्क्यू और राहत केंद्र के रूप में विकसित किया गया था। वर्ष 2008 में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) ने इसे आधिकारिक रूप से ‘मिनी जू’ की मान्यता दी। इसके बाद नवा रायपुर में आधुनिक और विशाल जंगल सफारी विकसित करने के लिए वर्ष 2012 से 2015 के बीच 320.15 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई। 1 नवंबर 2016 को छत्तीसगढ़ राज्य के 16वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नंदनवन जंगल सफारी का उद्घाटन किया।
वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा पर विशेष जोर नंदनवन जंगल सफारी का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों का संरक्षण, दुर्लभ प्रजातियों का संरक्षण एवं प्रजनन और लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यहां वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक वातावरण के अनुरूप सुरक्षित और तनावमुक्त आवास उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है। विद्यार्थियों और पर्यटकों को वन्यजीवों तथा जैव विविधता के महत्व की जानकारी देने के लिए यहां विभिन्न पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। पांच प्रमुख सफारी जोन हैं आकर्षण का केंद्र नंदनवन जंगल सफारी को वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग जोन में विकसित किया गया है।
शाकाहारी सफारी 30.89 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस जोन में चीतल, सांभर, नीलगाय और काला हिरण जैसे वन्यजीव प्राकृतिक वातावरण में विचरण करते हैं। भालू सफारी 20.03 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित भालू सफारी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। यहां भालुओं को प्राकृतिक वातावरण में देखने का अवसर मिलता है। बाघ सफारी 20.04 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली बाघ सफारी में पर्यटक देश के राष्ट्रीय पशु बाघ को करीब से देखने का रोमांचक अनुभव प्राप्त करते हैं। सिंह सफारी 20.01 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित सिंह सफारी में एशियाई शेरों का संरक्षण किया जा रहा है। जू जोन 50 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले जू जोन में विभिन्न प्रजातियों के पक्षी, सरीसृप और अन्य वन्यजीव आकर्षण का केंद्र हैं।
दुर्लभ और विशेष वन्यजीवों का भी संरक्षण नंदनवन जंगल सफारी में विभिन्न चिड़ियाघरों के साथ पशु विनिमय कार्यक्रम के माध्यम से कई दुर्लभ और विशेष वन्यजीवों को लाया गया है। यहां सफेद बाघ, दरियाई घोड़ा, घड़ियाल और क्लोन जंगली भैंसा ‘दीपाशा’ जैसे वन्यजीव पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण हैं। देश-विदेश से पहुंचते हैं पर्यटक वनमंडलाधिकारी थेजस शेखर ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप की मंशानुरूप नंदनवन जंगल सफारी पर्यटकों के बीच लगातार लोकप्रिय हो रहा है। गौरतलब है कि वर्ष 2018-19 में ही देश-विदेश से 1 लाख 74 हजार 611, वर्ष 2019-20 में 1 लाख 60 हजार 767 ,वर्ष 2020-21 में 1 लाख 60 हजार 32, वर्ष 2021-22 में 1 लाख 73 हजार 72, वर्ष 2022-23 में 2 लाख 77 हजार 881, वर्ष 2023-24 में 2 लाख 62 हजार 486, वर्ष 2024-25 में 2 लाख 70 हजार 942, वर्ष 2025-26 में 3 लाख 24 हजार 785, से अधिक पर्यटकों ने जंगल सफारी का भ्रमण किया। यह आंकड़ा इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। जैव विविधता संरक्षण के प्रति जागरूकता का केंद्र नंदनवन जंगल सफारी में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस, विश्व बाघ दिवस और वन्यजीव सप्ताह जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों के माध्यम से लोगों, विद्यार्थियों और पर्यटकों को वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाता है। रायपुर से आसान पहुंच नंदनवन जंगल सफारी नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-39 में स्थित है। यह स्वामी विवेकानंद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे, रायपुर से लगभग 15 किलोमीटर और रायपुर रेलवे स्टेशन से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जंगल सफारी प्रत्येक सोमवार को बंद रहती है। वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा का ऐसा अनूठा केंद्र नंदनवन जंगल सफारी आज छत्तीसगढ़ में पर्यटन, वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा का ऐसा अनूठा केंद्र बन चुका है, जहां प्रकृति के करीब पहुंचकर वन्यजीवों को देखने के साथ-साथ उनके संरक्षण का संदेश भी मिलता है ।