छत्तीसगढ़
CSMCL ओवरटाइम भुगतान घोटाला…CDL के वाइस प्रेसिडेंट गिरफ्तार:अरुणपति त्रिपाठी के संपर्क में था उदय राव, ढेबर को जाता था कमीशन, 8 आरोपी गए जेल
रायपुर, एजेंसी। रायपुर में सामने आए CSMCL ओवर टाइम भुगतान घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (EOW-ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए CDL के वाइस प्रेसिडेंट (मार्केटिंग) एन. उदय राव को गिरफ्तार कर लिया है।

जांच में पता चला है कि ओवरटाइम और बोनस की बिलिंग का पूरा काम उदय राव के निर्देश पर किया जाता था। इस प्रक्रिया में कमीशन को लेकर वह अरुणपति त्रिपाठी से संपर्क में रहता था। अरुणपति के निर्देशों के बाद यह रकम अनवर ढेबर तक पहुंचाई जाती थी।
वहीं, इस मामले में पहले से गिरफ्तार सात आरोपियों को पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद विशेष न्यायालय ने ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया है।

CDL के वाइस प्रेसिडेंट (मार्केटिंग) एन. उदय राव को ईओडब्ल्यू ने गिरफ्तार किया है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) में मैनपावर सप्लाई का काम रिकॉर्ड में ए-टू-जेड इन्फ्रासर्विसेस लिमिटेड के नाम पर दर्ज था, लेकिन असल में इसका संचालन एन. उदय राव कर रहे थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि वह फील्ड मैनेजमेंट, बिलिंग, कर्मचारियों की व्यवस्था और भुगतान से जुड़े काम CDL से जुड़ी कंपनी एनकेजेए की ओर से संभालते थे।

ACB-EOW की टीम ने 7 आरोपियों को पूर्व में गिरफ्तार किया है।
182.98 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भुगतान किया
EOW-ACB के अनुसार, वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच ओवरटाइम, बोनस और अतिरिक्त चार दिनों के काम के भुगतान के नाम पर मैनपावर एजेंसियों को करीब 182.98 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भुगतान किया गया।
इसमें ओवरटाइम के नाम पर करीब 101.20 करोड़ रुपए, बोनस के रूप में 12.21 करोड़ रुपए और अतिरिक्त चार दिनों के काम के बदले 54.46 करोड़ रुपए शामिल हैं। इसके अलावा इन सभी भुगतानों पर सर्विस चार्ज और सर्विस टैक्स के रूप में लगभग 15.11 करोड़ रुपए भी दिए गए हैं।

2019-20 से 2023-24 के बीच में मैनपावर एजेंसियों को करीब 182.98 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भुगतान किया गया।
अरुणपति त्रिपाठी के निर्देश पर ढेबर को जाता था पैसा
जांच में यह भी सामने आया है कि ओवरटाइम और बोनस की बिलिंग उदय राव के निर्देश पर की जाती थी। कमीशन के भुगतान को लेकर वह अरुणपति त्रिपाठी से संपर्क में रहता था।
निर्देश मिलने पर यह रकम अनवर ढेबर तक पहुंचाई जाती थी। एजेंसियों का दावा है कि कर्मचारियों को मिलने वाली राशि फर्जी और बढ़े हुए बिलों के जरिए निकाली गई, जिसका इस्तेमाल अधिकारियों और कथित सिंडिकेट को कमीशन देने में किया गया।
इस मामले में सुमीत फैसिलिटीज, प्राइमवन वर्कफोर्स, ए-टू-जेड इन्फ्रासर्विसेस, अलर्ट कमांडोज और ईगल हंटर सॉल्यूशन्स जैसी कई एजेंसियों को भुगतान किया गया था। इनमें से ए-टू-जेड इन्फ्रासर्विसेस लिमिटेड को अकेले करीब 34.07 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भुगतान मिला है।

तेलीबांधा इलाके में स्थित एसीबी-ईओडब्ल्यू कार्यालय।
कौन हैं अरुणपति त्रिपाठी ?
अरुणपति त्रिपाठी छत्तीसगढ़ सरकार के आबकारी विभाग के विशेष सचिव रह चुके हैं। इससे पहले वे छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के एमडी भी रहे हैं। त्रिपाठी मूल रूप से इंडियन टेलीकॉम सर्विस के अधिकारी हैं और डेपुटेशन पर छत्तीसगढ़ में कार्यरत थे।
शराब घोटाले में उनकी भूमिका को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 5 अक्टूबर 2024 को रायपुर की विशेष अदालत में उनके खिलाफ मामला दायर किया। कोर्ट ने उसी दिन इस मामले पर संज्ञान लिया था, लेकिन 7 फरवरी 2025 को हाईकोर्ट ने PMLA कोर्ट के संज्ञान को रद्द कर दिया। अरुणपति त्रिपाठी 8 अगस्त 2024 से न्यायिक रिमांड पर जेल में बंद थे।

पूर्व में इन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पूर्व में इन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
इससे पहले नीरज कुमार चौधरी, अजय लोहिया, अजीत दरंदले, अमित प्रभाकर सालुंके, अमित मित्तल, राजीव द्विवेदी और संजीव जैन को गिरफ्तार किया जा चुका है। EOW-ACB का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कई और खुलासे हो सकते हैं।
छत्तीसगढ़
व्यापारी ने खुद छिपाए 3.15 लाख रुपए:अकलतरा पुलिस की जांच में खुलासा, उधारी छिपाने के लिए दर्ज कराई थी फर्जी चोरी की रिपोर्ट
जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले की अकलतरा पुलिस ने कथित चोरी के एक मामले का खुलासा करते हुए शिकायतकर्ता व्यापारी की बनाई पूरी कहानी का पर्दाफाश कर दिया है। जांच में सामने आया कि व्यापारी ने ही अपने 3 लाख 15 हजार 746 रुपए छिपाकर चोरी की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने पूरी रकम बरामद कर ली है और अब उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
पुलिस के अनुसार, तरौद निवासी होलसेल किराना व्यापारी चिराग अग्रवाल ने 4 जून को अकलतरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि धान बिक्री से प्राप्त 3,15,746 रुपए स्कूटी की डिक्की में रखकर घर लौट रहा था, तभी अज्ञात चोर रकम लेकर फरार हो गए।

स्कूटी की डिक्की से रकम गायब होने का किया था दावा
चिराग अग्रवाल ने पुलिस को बताया था कि वह कमला नारायण राइस मिल से रुपए लेकर निकला था और रास्ते में मेडिकल स्टोर सहित कई स्थानों पर रुका था। घर पहुंचने के बाद जब उसने स्कूटी की डिक्की देखी तो उसमें रखी नकदी गायब थी।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और संभावित चोरी की वारदात के हर पहलू की पड़ताल की।
सीसीटीवी जांच में नहीं मिला कोई सुराग
पुलिस ने अरोरा मेडिकल, कन्हैया जनरल स्टोर और पूरे मार्ग के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच के दौरान कहीं भी चोरी की घटना या संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आई।
इसके अलावा पुलिस ने उस व्यक्ति से भी पूछताछ की, जिसे व्यापारी ने रास्ते में अपनी स्कूटी पर बैठाया था। उसके बयान और अन्य साक्ष्यों में भी चोरी की पुष्टि नहीं हुई।
पूछताछ में टूटी कहानी
लगातार जांच और विरोधाभासी तथ्यों के सामने आने के बाद पुलिस को शिकायतकर्ता की कहानी पर संदेह हुआ। इसके बाद मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ करने पर चिराग अग्रवाल ने सच्चाई स्वीकार कर ली।
उसने बताया कि उस पर निजी उधारी थी। परिवार को इसकी जानकारी होने और डांट-फटकार के डर से उसने रकम छिपा दी थी तथा चोरी की झूठी कहानी बनाकर पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी।
पूरी रकम बरामद
आरोपी व्यापारी की निशानदेही पर पुलिस ने छिपाकर रखी गई पूरी रकम 3 लाख 15 हजार 746 रुपए बरामद कर ली है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने और अनावश्यक जांच में संसाधन खर्च कराने के मामले में चिराग अग्रवाल के खिलाफ अलग से वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने दी चेतावनी
अकलतरा पुलिस ने कहा है कि झूठी शिकायतें दर्ज कराना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि पुलिस का समय और संसाधन अनावश्यक रूप से व्यर्थ न हों।
कोरबा
बाड़ी में किसान ने लगाए चंदन के 1 हजार पौधे
कोरबा। जिले के किसान अब पारंपरिक खेती के साथ ही पेड़, पौधों से भी आय बढ़ाने के लिए आगे आ रहे हैं। वन विभाग किसान वृक्ष मित्र योजना के तहत चंदन की खेती को बढ़ावा दे रहा है। ग्राम धौराभाठा के किसान अर्जुन सिंह कंवर की बाड़ी में लगाए गए करीब 1 हजार चंदन पौधे लहलहा रहे हैं। इसकी खुशबू दूर तक बिखरने लगी है। इस वजह से और भी किसान चंदन के पौधे लगाने आगे आ रहे हैं।

वन परिक्षेत्र पाली के धौराभाठा निवासी अर्जुन सिंह कंवर ने अगस्त 2024 में किसान वृक्ष मित्र योजना के तहत चंदन पौधों का रोपण किया था। वर्तमान में पौधों की उत्कृष्ट वृद्धि और जीवितता दर यह साबित कर रही है कि उन्होंने संरक्षण, सिंचाई और नियमित देखरेख पर विशेष ध्यान दिया है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार अर्जुन की मेहनत और समर्पण के कारण चंदन की खेती का यह माडल अन्य किसानों के लिए भी उदाहरण बन गया है। चंदन की खेती के प्रति किसानों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। चंदन देश की सबसे मूल्यवान लकड़ी में शामिल है।
इसकी फसल तैयार होने में लगभग 12 से 15 वर्ष का समय लगता है, इसकी लकड़ी और तेल का बाजार मूल्य काफी अधिक होता है। यही कारण है कि केंद्र सरकार भी सफेद चंदन की खेती को प्रोत्साहित कर रही है। कटघोरा वनमंडल की ओर से इस वर्ष मानसून सत्र में 2500 से अधिक चंदन पौधों के रोपण की तैयारी की गई है, ताकि अधिक से अधिक किसानों को इस लाभकारी खेती से जोड़ा जा सके। इस वर्ष भी विभाग की ओर से पाली के हाईटेक नर्सरी में पौधे तैयार किए जा रहे हैं, जिसे किसानो को प्रदाय किया जाएगा।
किसानों को किसान वृक्ष योजना के तहत व्यवसायिक रूप से चंदन, सागौन की खेती से जोड़ा जा रहा है। दीर्घकालिक आय के विकल्प वाले इन पौधों से किसान आगामी समय में लाभांवित होंगे।
– कुमार निशांत, डीएफओ वन मंडल कटघोरा
कोरबा
कोरबा के मड़वारानी पहाड़ पर युवक ने लगाई फांसी:पत्नी से विवाद के बाद में तनाव था, पुलिस जांच में जुटी
कोरबा। कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र स्थित मड़वारानी पहाड़ पर एक युवक का शव पेड़ से फंदे पर लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। बताया जा रहा है कि पत्नी से विवाद के बाद युवक मानसिक तनाव में था।
मृतक की पहचान ग्राम जर्वे निवासी 32 वर्षीय सिमरन कुमार सांडे के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, वह शनिवार शाम करीब 7 बजे अपनी बाइक लेकर घर से निकला था, लेकिन रातभर वापस नहीं लौटा।

श्रद्धालुओं ने देखा शव, पुलिस को दी सूचना
रविवार (7 जून) सुबह मड़वारानी पहाड़ स्थित मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने एक पेड़ पर युवक का शव फंदे से लटका देखा। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। घटनास्थल के पास ही मृतक की बाइक भी खड़ी मिली।
सूचना मिलने पर उरगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से नीचे उतारकर पंचनामा कार्रवाई की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पत्नी के मायके जाने से था परेशान
परिजनों ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले सिमरन का अपनी पत्नी से विवाद हुआ था। विवाद के बाद पत्नी अपने चार वर्षीय बेटे को लेकर मायके चली गई थी। इसी बात को लेकर सिमरन काफी परेशान और मानसिक तनाव में था।
परिवार ने भी पुलिस के समक्ष पारिवारिक कलह की बात स्वीकार की है। हालांकि आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
सुसाइड नोट नहीं मिला
उरगा थाना प्रभारी नवीन पटेल ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और परिजनों के बयान दर्ज किए गए हैं।
गांव में शोक का माहौल
युवक की मौत के बाद जर्वे गांव में शोक का माहौल है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक के चार साल के बेटे के सिर से पिता का साया उठ गया है। वहीं परिजन घटना से सदमे में हैं।
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