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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ की 74 ट्रेनें कैंसिल, कई के बदले रूट:चांपा-स्टेशन में होगा चौथी-लाइन का काम, 7-16 जून तक नहीं चलेंगी गाड़ियां, सात राज्यों के यात्रियों होंगे प्रभावित

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बिलासपुर, एजेंसी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने छत्तीसगढ़ से होकर चलने वाली 74 ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है। बिलासपुर रेल मंडल के चांपा स्टेशन में चौथी लाइन का काम होगा, जिसके चलते रेलवे ने 8 से 14 जून तक यात्री ट्रेनों को रद्द कर दिया है। इससे पश्चिम-बंगाल, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों के यात्री प्रभावित होंगे। समर सीजन में ट्रेनें कैंसिल होने से यात्रियों की परेशानियां बढ़ जाएंगी।

अधोसंरचना विकास हेतु दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में अनेक परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है । इसी प्रकार बिलासपुर-झारसुगुड़ा के बीच तीसरी एवं चौथी रेलवे लाइन परियोजना दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की महत्वपूर्ण परियोजना है यह व्यस्त रेल मार्ग है, जो इस पूरे क्षेत्र को उत्तर एवं दक्षिण भारत से जोड़ती है । परिचालन को और भी सुचारू तथा नई गाडियों के मार्ग प्रशस्त करने के लिए नई लाइनों का निर्माण कार्य किया जा रहा है । इससे आधारभूत संरचना में तथा यात्री सुविधाओं में वृद्धि के साथ यात्री ट्रेनों की समय बद्धता में वृद्धि होगी । रेलवे प्रशासन ने बताया कि बिलासपुर से झारसुगुड़ा के बीच 206 किलोमीटर चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिसमें अब तक 180 किलोमीटर से अधिक का रेल लाइन का निर्माण का काम पूरा हो गया है। इसके अंतर्गत बिलासपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन के चांपा स्टेशन में चौथी लाइन से जोड़ने का कार्य किया जाएगा।

7 से 19 जून तक होगा काम

चांपा स्टेशन में चौथी रेललाइन में जोड़ने का यह कार्य 7 जून से 19 जून तक (विभिन्न तिथियो में) किया जाएगा। रेल अफसरों का दावा है कि रेल यात्रियों को कम से कम असुविधा हो इसलिए यह कार्य किए जा रहे हैं। रेल विकास से संबधित इस कार्य के लिए इन ट्रेनों का परिचालन अल्पकालिक बाधित रहेगा एवं इस कार्य के पूर्ण होते ही गाडियों की समयबद्धता एवं गति में तेजी आएगी।

रद्द होने वाली पैसेंजर ट्रेनें

  • 8 से 19 जून तक रायगढ़ से चलने वाली 68735 रायगढ़-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 7 से 18 जून तक बिलासपुर से चलने वाली 68736 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 8 से 19 जून तक गेवरारोड से चलने वाली 68745 गेवरारोड-रायपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 7 से 18 जून तक रायपुर से चलने वाली 68746 रायपुर-गेवरारोड मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 8 से 19 जून तक कोरबा से चलने वाली 58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 7 से 18 जून तक रायपुर से चलने वाली 58204 रायपुर-कोरबा पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 8 से 19 जून तक बिलासपुर व गेवरारोड से चलने वाली 68734/68733 बिलासपुर-गेवरारोड-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 8 से 19 जून तक बिलासपुर व कोरबा से चलने वाली 68732/68731 बिलासपुर-कोरबा-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 8 से 19 जून तक रायगढ़ व बिलासपुर से चलने वाली 68737/68738 रायगढ़-बिलासपुर-रायगढ़ मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 8 से 19 जून तक बिलासपुर से चलने वाली 58210 बिलासपुर-गेवरारोड पैसेंजर रद्द रहेगी।

रद्द होने वाली एक्सप्रेस ट्रेनें

  • 7 से 18 जून तक टाटानगर से चलने वाली 18113 टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 8 से 19 जून तक बिलासपुर से चलने वाली 18114 बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 8 से 19 जून तक टाटानगर व नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी से चलने वाली 18109/18110 टाटानगर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी-टाटानगर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 12 से 16 जून तक दुर्ग से चलने वाली 13287 दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 10 से 14 जून तक आरा से चलने वाली 13288 आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 11 से 15 जून तक अहमदाबाद व हावड़ा से चलने वाली 12833/12834 अहमदाबाद-हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 12 जून को हावड़ा से चलने वाली 12870 हावड़ा-सीएसएमटी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।14 जून को सीएसएमटी से चलने वाली 12869 सीएसएमटी-हावड़ा एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 12 व 15 जून को हटिया से चलने वाली 22846 हटिया-पुणे एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 14 व 17 जून को पुणे से चलने वाली 22845 पुणे-हटिया एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 10 जून को पुरी से चलने वाली 20813 पुरी-जोधपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 13 जून 2026 को जोधपुर से चलने वाली 20814 जोधपुर-पुरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 10 व 11 जून को पोरबंदर से चलने वाली 12905 पोरबंदर-शालीमार एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 12 व 13 जून को शालीमार से चलने वाली 12906 शालीमार-पोरबंदर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 14 जून को ओखा से चलने वाली 22905 ओखा-शालीमार एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 16 जून को शालीमार से चलने वाली 22906 शालीमार-ओखा एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 13 जून को कामाख्या से चलने वाली 22512 कामाख्या-एलटीटी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 16 जून को एलटीटी से चलने वाली 22511 एलटीटी-कामाख्या एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 13 जून को उदयपुर से चलने वाली 20971 उदयपुर-शालीमार एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 14 जून को शालीमार से चलने वाली 20972 शालीमार-उदयपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 10 जून को गया से चलने वाली 22358 गया-एलटीटी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 12 जून को एलटीटी से चलने वाली 22357 एलटीटी-गया एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 12 जून को वास्कोडिगमा से चलने वाली 17321 वास्कोडिगमा-जसीडीह एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 15 जून को जसीडीह से चलने वाली 17322 जसीडीह-वास्कोडिगमा एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 11 जून को हैदराबाद से चलने वाली 17005 हैदराबाद-रक्सौल एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 14 जून को रक्सौल से चलने वाली 17006 रक्सौल-हैदराबाद एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 9 व 13 जून को चर्लपल्ली से चलने वाली 17007 चर्लपल्ली-दरभंगा एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 12 व 16 जून को दरभंगा से चलने वाली 17008 दरभंगा-चर्लपल्ली एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 14 जून को श्रीगंगानगर से चलने वाली 20471 श्रीगंगानगर-पुरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 17 जून को पुरी से चलने वाली 20472 पुरी-श्रीगंगानगर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 13 जून को शालीमार से चलने वाली 22830 शालीमार-भुज एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 16 जून को भुज से चलने वाली 22829 भुज-शालीमार एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 10 जून को रानी कमलापति से चलने वाली 22169 रानी कमलापति-सांतरागाछी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 11 जून को सांतरागाछी से चलने वाली 22170 सांतरागाछी-रानी कमलापति एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 10 जून को सांतरागाछी से चलने वाली 20828 सांतरागाछी-जबलपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 11 जून को जबलपुर से चलने वाली 20827 जबलपुर-सांतरागाछी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 12 जून को पोरबंदर से चलने वाली 12949 पोरबंदर-सांतरागाछी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 14 जून को सांतरागाछी से चलने वाली 12950 सांतरागाछी-पोरबंदर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 9 जून को इंदौर से चलने वाली 20917 इंदौर-पुरी हमसफर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 11 जून को पुरी से चलने वाली 20918 पुरी-इंदौर हमसफर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 11 जून को बलसाड से चलने वाली 22909 बलसाड-पुरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 14 जून को पुरी से चलने वाली 22910 पुरी-बलसाड एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 9 जून को पुरी से चलने वाली 22866 पुरी-एलटीटी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 11 जून को एलटीटी से चलने वाली 22865 एलटीटी-पुरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 13 जून को सांतरागाछी से चलने वाली 20822 सांतरागाछी-पुणे एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 15 जून को पुणे से चलने वाली 20821 पुणे-सांतरागाछी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 12 जून को बिलासपुर से चलने वाली 22843 बिलासपुर-बक्सर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 13 जून को पटना से चलने वाली 22844 पटना-बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 13 जून को मालदाटाउन से चलने वाली 13425 मालदाटाउन-सूरत एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 15 जून को सूरत से चलने वाली 13426 सूरत-मालदाटाउन एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 15 जून को नांदेड़ से चलने वाली 12767 नांदेड़-सांतरागाछी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 17 जून को सांतरागाछी से चलने वाली 12768 सांतरागाछी-नांदेड़ एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 12 व 13 जून को हटिया से चलने वाली 12812 हटिया-एलटीटी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 14 व 15 जून को एलटीटी से चलने वाली 12811 एलटीटी-हटिया एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 12 व 13 जून को विशाखापटनम से चलने वाली 20807 विशाखापटनम–अमृतसर हीराकुंड एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 13 व 14 जून को अमृतसर से चलने वाली 20808 अमृतसर-विशाखापटनम हीराकुंड एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 9 व 12 जून को यशवंतपुर से चलने वाली 12251 यशवंतपुर-कोरबा एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 11 व 14 जून को कोरबा से चलने वाली 12252 कोरबा-यशवंतपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 11 व 15 जून को तिरुअनंतपुरम नॉर्थ से चलने वाली 22648 तिरुअनंतपुरम नॉर्थ-कोरबा एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 13 व 17 जून को कोरबा से चलने वाली 22647 कोरबा-तिरुअनंतपुरम नॉर्थ एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 10 व 11 जून को एलटीटी से चलने वाली 12151 एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 12 व 13 जून को शालीमार से चलने वाली 12152 शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 11 से 15 जून तक पुरी व योगनगरी ऋषिकेश से चलने वाली 18477/18478 पुरी-योगनगरी ऋषिकेश-पुरी उत्कल एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

पैसेंजर बनकर चलेगी हसदेव एक्सप्रेस इस दौरान रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को होने वाली असुविधा से बचने के लिए हसदेव एक्सप्रेस को बिलासपुर-कोरबा के बीच पैसेंजर बनाकर चलाने का फैसला लिया है। जारी आदेश के अनुसार 8 से 19 जून तक 18250/18249 तथा 18252/18251 कोरबा-रायपुर-कोरबा हसदेव एक्सप्रेस कोरबा-बिलासपुर-कोरबा के मध्य पैसेंजर बनकर चलेगी।

परिवर्तित मार्ग से चलने वाली गाड़ियां

  • 11 व 13 जून को हावड़ा से चलने वाली 12222 हावड़ा-पुणे दुरन्तो एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया झारसुगुड़ा–टिटलागढ़-रायपुर होकर चलेगी।
  • 13 व 15 जून को पुणे से चलने वाली 12221 पुणे-हावड़ा दुरन्तो एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया रायपुर-टिटलागढ़-झारसुगुड़ा होकर चलेगी।
  • 11 व 13 जून को सीएसएमटी से चलने वाली 12261 सीएसएमटी-हावड़ा दुरन्तो एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया रायपुर-टिटलागढ़-झारसुगुड़ा होकर चलेगी।
  • 12 व 15 जून को हावड़ा से चलने वाली 12262 हावड़ा-सीएसएमटी दुरन्तो एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया झारसुगुड़ा–टिटलागढ़-रायपुर होकर चलेगी।
  • 12 व 13 जून को एलटीटी से चलने वाली 12101 एलटीटी-शालीमार ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया रायपुर-टिटलागढ़-झारसुगुड़ा होकर चलेगी।
  • 14 व 15 जून को शालीमार से चलने वाली 12102 शालीमार-एलटीटी ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया झारसुगुड़ा–टिटलागढ़-रायपुर होकर चलेगी।
  • 11 व 15 जून को भुवनेश्वर से चलने वाली 12880 भुवनेश्वर-एलटीटी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया झारसुगुड़ा–टिटलागढ़-रायपुर होकर चलेगी।
  • 13 व 17 जून को एलटीटी से चलने वाली 12879 एलटीटी-भुवनेश्वर एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया रायपुर-टिटलागढ़-झारसुगुड़ा होकर चलेगी।

बीच रास्ते समाप्त होने वाली गाड़ियां

  • 8 से 19 जून तक 68861/ 68862 गोंदिया-झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू पैसेंजर बिलासपुर स्टेशन में समाप्त और प्रारम्भ होगी। यह ट्रेन झारसुगुड़ा-बिलासपुर-झारसुगुड़ा के मध्य रद्द रहेगी।
  • 8 से 19 जून तक कोरबा से चलने वाली 18237 कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस बिलासपुर स्टेशन से प्रारम्भ होगी तथा कोरबा-बिलासपुर के मध्य रद्द रहेगी।
  • 7 से 18 जून तक विशाखापटनम से चलने वाली 18518 विशाखापटनम-कोरबा लिंक एक्सप्रेस बिलासपुर स्टेशन में समाप्त होगी तथा बिलासपुर-कोरबा के मध्य रद्द रहेगी।
  • 8 से 19 जून तक कोरबा से चलने वाली 18517 कोरबा-विशाखापटनम लिंक एक्सप्रेस बिलासपुर स्टेशन से प्रारम्भ होगी तथा कोरबा-बिलासपुर के मध्य रद्द रहेगी।
  • 10 व 13 जून को निज़ामुद्दीन से चलने वाली 12410 निज़ामुद्दीन-रायगढ़ गोंडवाना एक्सप्रेस बिलासपुर स्टेशन में समाप्त होगी तथा बिलासपुर-रायगढ़ के मध्य रद्द रहेगी।
  • 12 व 15 जून को रायगढ़ से चलने वाली 12409 रायगढ़-निज़ामुद्दीन गोंडवाना एक्सप्रेस बिलासपुर स्टेशन से प्रारम्भ होगी तथा रायगढ़-बिलासपुर के मध्य रद्द रहेगी।

विलंब से रवाना होने वाली गाड़ियां

12 से 16 जून तक कोरबा से चलने वाली गाड़ी संख्या 18239 कोरबा-नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी शिवनाथ एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 1 घंटे 30 मिनट देरी से रवाना होगी।

11 से 15 जून तक पुणे से चलने वाली 12129 पुणे-हावड़ा आजाद हिन्द एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 3 घंटे देरी से रवाना होगी।

11 से 15 जून तक सीएसएमटी से चलने वाली 12809 सीएसएमटी-हावड़ा एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 02 घंटे 30 मिनट घंटे देरी से रवाना होगी।

12 से 16 जून 2026 तक गोंदिया से चलने वाली 12070 गोंदिया-रायगढ़ जनशताब्दी एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 2 घंटे देरी से रवाना होगी।

12 से 16 जून तक रायपुर से चलने वाली गाड़ी संख्या 18249 व 18251 रायपुर-कोरबा हसदेव एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 2 घंटे देरी से रवाना होगी।

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कोरबा

कोरबा के CSEB चौकी के सामने युवक से मारपीट:वायरल VIDEO के बाद पुलिस हरकत में, पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई

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कोरबा। कोरबा के सीएसईबी चौकी क्षेत्र में रविवार को दिनदहाड़े बीच सड़क एक युवक के साथ जमकर मारपीट की गई। फाटक के पास कुछ युवकों ने उसे घेरकर लात-घूंसों से पीटा और गाली-गलौज की। घटना के दौरान सड़क पर लोगों की भीड़ जुटी रही, लेकिन किसी ने बीच-बचाव की कोशिश नहीं की।

मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

फाटक के पास हुआ हंगामा, लग गया जाम

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, फाटक के पास किसी बात को लेकर दो पक्षों के युवकों के बीच पहले कहासुनी हुई। कुछ ही देर में विवाद मारपीट में बदल गया। कई युवकों ने एक युवक को घेर लिया और उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। इस दौरान उसके कपड़े तक फाड़ दिए गए। सड़क पर हंगामे के कारण वाहनों की लंबी कतार लग गई और लोग लगातार हॉर्न बजाते रहे।

राहगीरों ने बनाया वीडियो, सोशल मीडिया पर हुआ वायरल

घटना के दौरान मौजूद लोगों ने पूरी मारपीट का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। कुछ ही देर में वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में कई युवक एक युवक की पिटाई करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि आसपास मौजूद लोग तमाशबीन बने खड़े हैं।

पीड़ित ने थाने पहुंचकर दर्ज कराई शिकायत

मारपीट के बाद पीड़ित युवक सीधे सीएसईबी चौकी पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई। उसने आरोप लगाया कि कुछ युवकों ने बिना किसी वजह के उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी।

वीडियो और CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

सीएसईबी चौकी प्रभारी राजेश तिवारी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद पीड़ित का बयान दर्ज कर लिया गया है। वायरल वीडियो और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। जांच में मामला आपसी विवाद का प्रतीत हो रहा है।

आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है और मामले में शामिल युवकों की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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कोरबा

मन की बात’ में गूंजा कोरबा का नाम:1,728 रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट और रिचार्ज वेल मॉडल की प्रधानमंत्री ने की प्रशंसा

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कोरबा। जल संरक्षण के क्षेत्र में कोरबा जिले की पहल को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 136वें एपिसोड में कोरबा नगर पालिक निगम के ‘कैच द रेन’ अभियान का उल्लेख करते हुए इसे जल संवर्धन की प्रभावी पहल बताया। प्रधानमंत्री की इस सराहना से जिला प्रशासन, नगर निगम और जिलेवासियों में उत्साह और गर्व का माहौल है।

कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन और नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय के नेतृत्व में कोरबा में जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया गया है। एसएएम-2.0 अभियान के तहत शहर के 10 स्थानों पर इसरो के विशेषज्ञों की सलाह से इंजेक्ट वेल तकनीक से रिचार्ज वेल बनाए गए हैं।

1,728 रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट तैयार

नगर निगम ने जनसहभागिता के माध्यम से 757 शासकीय और 971 निजी भवनों में कुल 1,728 रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट तैयार कराए हैं। भवन निर्माण की अनुमति में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य किया गया है। स्कूलों, आंगनबाड़ियों, मंगल भवनों और अन्य सार्वजनिक भवनों में भी इसकी व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा 109 निर्माण कार्यों के लिए कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं।

अनुपयोगी बोरवेल बनेंगे रिचार्ज संरचना

भूजल संरक्षण को मजबूत करने के लिए नगर निगम ने 95 अनुपयोगी बोरवेल चिन्हित किए हैं। इन्हें री-ड्रिलिंग कर रिचार्ज संरचना में बदलने की योजना पर काम किया जा रहा है, ताकि बारिश के पानी का अधिकतम उपयोग हो सके।

पौधरोपण अभियान भी तेज

जल संरक्षण के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। वन विभाग के कोरबा और कटघोरा वनमंडल में इस वर्ष ढाई लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। 15 सितंबर तक ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान चलाया जा रहा है। वहीं 18 जुलाई को आयोजित ‘रन फॉर ग्रीन कोरबा’ अभियान में जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

‘मन की बात’ का हुआ सामूहिक श्रवण

इसी अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के शक्ति केंद्र पोडीबाहर स्थित एसएलआर सेंटर में ‘मन की बात’ कार्यक्रम का सामूहिक श्रवण किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कारगिल विजय दिवस पर भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर हुई। उपस्थित लोगों ने देश की एकता और अखंडता के प्रति अपना संकल्प दोहराया।

जल संरक्षण की पहल को राष्ट्रीय पहचान
जल संरक्षण की पहल को राष्ट्रीय पहचान

पूर्व महापौर ने बताया प्रेरणादायी पहल

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद पूर्व महापौर जोगेश लांबा ने शहीदों को नमन करते हुए कहा कि ‘मन की बात’ समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी नागरिकों से जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ-स्वस्थ भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

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कोरबा

रायपुर : ‘मन की बात’ में बार-बार छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात: मुख्यमंत्री साय

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 ‘मन की बात’ में बार-बार छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात: मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री साय ने फाफाडीह में युवाओं और आमजनों के साथ सुनी ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी

प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत कोरबा में जल संरक्षण के उत्कृष्ट प्रयासों की सराहना की

जल संचयन को जन-अभियान बनाने का किया आह्वान

मुख्यमंत्री ने कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को दी श्रद्धांजलि

 ‘मन की बात’ में बार-बार छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात: मुख्यमंत्री श्री साय

 ‘मन की बात’ में बार-बार छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात: मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के फाफाडीह स्थित दया भवन में युवा साथियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी का श्रवण किया।
कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों के साथ संवाद का एक ऐसा सशक्त मंच बन गया है, जो समाज के बीच हो रहे सकारात्मक और प्रेरणादायी कार्यों को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है। देशभर के लोगों को प्रत्येक माह इस कार्यक्रम की उत्सुकता से प्रतीक्षा रहती है। प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों, संस्थाओं, नवाचारों और जन-अभियानों को सामने लाते हैं, जो बिना किसी प्रसिद्धि या व्यक्तिगत अपेक्षा के समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के नवाचारों को लगातार मिल रही राष्ट्रीय पहचान

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पिछले कुछ महीनों में ‘मन की बात’ कार्यक्रम में लगातार छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, सांस्कृतिक विरासत और नवाचारों का उल्लेख किया जाना प्रत्येक प्रदेशवासी के लिए गर्व की बात है। प्रधानमंत्री ने इससे पहले मल्हार की समृद्ध पुरातात्विक विरासत, बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे अभिनव आयोजनों का उल्लेख कर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक शक्ति, जनजातीय परंपराओं और युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया था।

उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा कोरबा में जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण की दिशा में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों का उल्लेख किया गया। यह छत्तीसगढ़ के लिए एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि है। प्रधानमंत्री द्वारा प्रदेश की उपलब्धियों का राष्ट्रीय मंच पर उल्लेख किए जाने से न केवल छत्तीसगढ़वासियों का उत्साह बढ़ता है, बल्कि राज्य के नवाचारों और जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल को देशभर में नई पहचान भी मिलती है।

कोरबा के जल संरक्षण प्रयासों की प्रधानमंत्री ने की सराहना

‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान के अंतर्गत देशभर में वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, पुराने जल स्रोतों के पुनर्जीवन और वृक्षारोपण के लिए किए जा रहे प्रयासों की चर्चा की। उन्होंने छत्तीसगढ़ के कोरबा में जल संरक्षण की दिशा में किए जा रहे कार्यों को उत्साहजनक बताते हुए उनकी सराहना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कोरबा में वैज्ञानिक पद्धति से जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण के लिए भू-स्थानिक मैपिंग, शैलो एक्विफर मैनेजमेंट, रिचार्ज वेल तथा अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य वर्षा जल को अधिकतम मात्रा में संरक्षित करना, भूजल स्तर में सुधार लाना और क्षेत्र में जल उपलब्धता को दीर्घकालिक रूप से सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान के माध्यम से बारिश की प्रत्येक बूंद को सहेजने का जो संदेश दिया है, वह वर्तमान और भविष्य दोनों की आवश्यकता है। जल केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि मानव जीवन, कृषि, पर्यावरण और भावी पीढि़यों के सुरक्षित भविष्य का आधार है।

जल संरक्षण को जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाएगी राज्य सरकार

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, तालाबों और अन्य परंपरागत जल स्रोतों के संरक्षण तथा वृक्षारोपण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि जल संरक्षण के कार्य केवल सरकारी योजनाओं और विभागीय गतिविधियों तक सीमित न रहें, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से एक व्यापक जन-अभियान का स्वरूप लें।

कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘मन की बात’ की शुरुआत कारगिल विजय दिवस पर देश के वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए की। कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस, अप्रतिम शौर्य, दृढ़ संकल्प और सर्वाेच्च बलिदान का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों की शौर्यगाथा सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।

‘हर घर तिरंगा’ अभियान में उत्साह से सहभागिता की अपील

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आगामी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को पूरे उत्साह और गौरव के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर पूरे सम्मान के साथ तिरंगा फहराएं तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और गौरव के इस उत्सव में सहभागी बनें।

स्थानीय उत्पादों और स्वदेशी परंपराओं को बढ़ावा देने का संदेश

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कार्यक्रम में ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।  मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय हस्तशिल्प, कोसा, हथकरघा वस्त्र, बेलमेटल, बांस शिल्प, माटी कला और वन उत्पादों में अपार संभावनाएं हैं। इन्हें अपनाना स्थानीय कारीगरों के श्रम और सृजनशीलता का सम्मान है।

मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं अपनाने का आह्वान

मुख्यमंत्री श्री साय ने आगामी गणेशोत्सव के संदर्भ में प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा देश की मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं को अपनाने की अपील का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यावरण-अनुकूल उत्सव हमारी संस्कृति और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाओं की स्थापना से स्थानीय कुम्हारों और शिल्पकारों को रोजगार मिलता है, स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन मिलता है और जल स्रोतों को रासायनिक प्रदूषण से बचाने में सहायता मिलती है। मिट्टी से बनी प्रतिमाओं का उपयोग परंपरा, पर्यावरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था – तीनों के हित में है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए वृक्षारोपण को जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया।

युवा शक्ति की उपलब्धियां देश का गौरव

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने खेल, विज्ञान, अंतरिक्ष और नवाचार के क्षेत्र में भारतीय युवाओं की उपलब्धियों की सराहना की। निजी क्षेत्र द्वारा विकसित रॉकेट के सफल प्रक्षेपण, अंतरराष्ट्रीय विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन और खेल जगत में प्राप्त उपलब्धियां नए भारत की युवा शक्ति, प्रतिभा और आत्मविश्वास को दर्शाती हैं।

उन्होंने कहा कि भारत का युवा आज विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, खेल और नवाचार के क्षेत्र में विश्व पटल पर देश का नाम रोशन कर रहा है। राज्य सरकार भी छत्तीसगढ़ के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, खेल सुविधाएं और नवाचार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के सपनों को अवसरों से जोड़ना विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। राष्ट्र की युवा शक्ति ही आने वाले समय में भारत को विश्व की अग्रणी शक्ति बनाएगी।

इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन महाराज सहित बड़ी संख्या में युवा, जनप्रतिनिधि, आम नागरिक और गणमान्यजन उपस्थित थे।

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