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खेल

वल्र्ड कप में दर्शकों का 8 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा

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12.5 लाख दर्शकों ने स्टेडियम आकर देखा मैच, 2015 में 10 लाख लोग आए थे

अहमदाबाद (एजेंसी)। वनडे वल्र्ड कप 2023 आईसीसी के इतिहास का सबसे सफल आयोजन बन गया है। इस बार सभी मैचों को देखने के लिए स्टेडियम पहुंचने वाले दर्शकों की कुल संख्या 12 लाख 50 हजार से ज्यादा रही। इससे वल्र्ड कप में दर्शकों का 8 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया है। इससे पहले, यह रिकॉर्ड 2015 में खेले गए वल्र्ड कप के नाम था। उस साल 10 लाख 16 हजार 420 दर्शकों ने स्टेडियम में जाकर मैच देखा था। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने मंगलवार को इसकी जानकारी अपनी वेबसाइट और एक्स (ट्विटर) के जरिए दी।

6 मैच बाकी रहते ही 10 लाख का आंकड़ा पार हो गया था

आईसीसी के मुताबिक, 19 नवंबर 2023 को फाइनल से पहले 6 मैच बचे थे और दर्शकों की संख्या 10 लाख के आंकड़े को पार कर चुकी थी। वल्र्ड कप 2023 की शुरुआत 5 अक्टूबर को हुई थी। पहला मैच पिछले बार की चैंपियन इंग्लैंड और रनर-अप न्यूजीलैंड के बीच खेला गया था। वहीं फाइनल रविवार को मेजबान भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया। इसमें ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 6 विकेट से हराकर छठी बार टाइटल जीता।

आईसीसी के किसी भी इवेंट में सबसे ज्यादा अटेंडेंस

आईसीसी के अनुसार, 12 लाख 50 हजार से ज्यादा दर्शकों का आंकड़ा क्रिकेट के इतिहास में एक नया बेंचमार्क है। यह किसी भी अन्य आईसीसी इवेंट में दर्शकों की उपस्थिति के आंकड़े से कहीं ज्यादा है। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में हुए आईसीसी मेंस क्रिकेट वल्र्ड कप 2015 में 10 लाख 16 हजार 420 दर्शक आए थे। वहीं इंग्लैंड और वेल्स में खेले गए 2019 के एडिशन में 7.52 लाख दर्शक स्टेडियम आए थे।

ओटीटी पर भी टूटे रिकॉर्ड

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 19 नवंबर को खेले गए वल्र्ड कप फाइनल मैच ने व्यूअरशिप के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। इसे ओटीटी प्लेटफॉर्म डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर एक समय रिकॉर्ड 5.9 करोड़ से ज्यादा लोग लाइव देख रहे थे। ओटीटी पर अब तक किसी भी क्रिकेट मैच को इतने लोगों ने लाइव कभी नहीं देखा था। हालांकि जैसे-जैसे मैच ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में जाने लगा, वैसे-वैसे व्यूअर्स की संख्या घटती गई। इससे पहले यह रिकॉर्ड इसी वल्र्ड कप में 15 नवंबर को खेले गए भारत-न्यूजीलैंड सेमीफाइनल मैच के नाम था, जिसे करीब 5.3 करोड़ लोगों ने ओटीटी पर देखा था। वहीं, अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में करीब 1.3 लाख दर्शक मौजूद थे।

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खेल

87वीं इंटर स्टेट जुनियर एवं  यूथ नेशनल प्रतियोगिता हेतु छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस टीम घोषित

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रायपुर। भारतीय टेबल टेनिस महासंघ के तत्वावधान में उत्तराखंड  टेबल टेनिस संघ द्वारा देहरादून (उत्तराखंड) में दिनांक 15 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026 तक “UTT 87वीं इंटर स्टेट जुनियर एवं यूथ नेशनल टेबल टेनिस  प्रतियोगिता 2025” आयोजित की जा रही है जिसमें दिनांक 15/04/2026 से 18/04/2026 तक जुनियर बालिका (एकल/युगल) एवं यूथ बालिका (टीम/एकल/युगल) वर्ग तथा दिनांक 20/04/2026 से 23/04/2026 तक जुनियर बालक (एकल/युगल) एवं यूथ बालक (टीम/एकल/युगल) वर्ग की प्रतियोगिता होगी । 

               उक्त प्रतियोगिता हेतु छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के जुनियर एवं यूथ (बालक एवं बालिका) टीम की घोषणा की गयी। इस अवसर पर विशेष अतिथि महामाया स्टील इंडस्ट्रीज लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश अग्रवाल, पदाधिकारी विनय बैसवाड़े, प्रदीप जोशी, प्रवीण निरापुरे सहित सभी पदाधिकारियो ने टीम को शुभकामनाए दी एवं अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जतायी। 

               प्रतियोगिता हेतु छत्तीसगढ़ टीम के स्पोर्ट्स किट के प्रायोजक स्टेग ग्लोबल (STAG  GLOBAL) है। प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु छत्तीसगढ़ राज्य कि जुनियर एवं यूथ बालिका टीम आज दिनाक 13 अप्रैल 2026 को रवाना हुयी है तथा जुनियर एवं यूथ बालक टीम दिनाक 17 अप्रैल  2026 को रवाना होगी। 

              टीम के कोच पी.एस. हरीश (दुर्ग) हैं एवं मेनेजर श्रीमती गीतांजली पाठक (दुर्ग) है। छत्तीसगढ़ से प्रतियोगिता में अंपायरिंग के लिए  तर्राष्ट्रीय अंपायर अजीत बेनर्जी (रायपुर) को चुना गया है । 

टीम इस प्रकार है:-

यूथ बालक (UNDER-19) :-  अर्जुन मल्होत्रा (रायपुर), एंड्र्यू टी विलियम्स (रायपुर), यशवंत डेकाटे (रायपुर), दीक्षांत कुमार जांगड़े (बिलासपुर)।     

यूथ बालिका (UNDER-19) :-  समाया पांडे (रायपुर), प्रज्ञा पाठक (दुर्ग), लावण्या पांडे (रायपुर), सिया मेघानी (बिलासपुर)  ।  

जुनियर बालक (UNDER-17) :- अर्जुन मल्होत्रा (रायपुर), आर्यन कुमार सिंह (रायपुर), दीक्षांत कुमार जांगड़े (बिलासपुर), रेयांश पाहवा (बिलासपुर)।   

जुनियर बालिका (UNDER-17):- समाया पांडे (रायपुर), वेदी कछवाहा (रायपुर), लावण्या पांडे (रायपुर), सिया मेघानी (बिलासपुर) ।      

उपरोक्त जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ के उपाध्यक्ष विनय बैसवाड़े ने दी।

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कोरबा

बचपन की टिकट:अशोक वाटिका में 10,000 से अधिक महिलाएं बचपन की यादों में खोईं

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भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री सरोज पाण्डेय की अनुपम और अनोखी पहल से खेलों के माध्यम से महिलाओं को गुदगुदाया, घंटों तक रोमांच की दुनिया का कराया सफर
सरोज पाण्डेय ने कहा-धन्यवाद कोरबा, अपेक्षा से अधिक कार्यक्रम को बनाया सफल

कोरबा। 12 अप्रैल का दिन कोरबा के लिए एक ऐतिहासिक दिन था। भाजपा के दो धु्रवों के बीच एक तरह से शक्ति प्रदर्शन था। एक तरफ मंत्री लखनलाल देवांगन के जन्मदिन पर जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित था, तो दूसरी ओर कोरबा लोकसभा की भाजपा प्रत्याशी, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय का अशोक वाटिका में बपचन की टिकट का अद्भूत कार्यक्रम आयोजित था।

बचपन की टिकट कोरबा की महिलाओं के लिए एक अद्भूत अनुभव साबित हुआ। कोरबा के लिए ऐसा प्रथम बार कार्यक्रम महिलाओं के लिए आयोजित था, जिसमें 10,000 से अधिक महिलाओं ने अपनी भागीदारी निभाई।
सबसे अद्भूत और रोमांच का दृश्य उस समय देखने को मिला जब कोरबा की महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत और उनकी टीम वर्सेस बिलासपुर की महापौर श्रीमती पूजा विधानी और उनकी टीम के बीच कबड्डी खेली गई। रोमांच चरम पर था और तालियों की गड़गड़ाहट और हौसला के बीच कोरबा महापौर बिलासपुर की टीम को समेटने के लिए मैदान में उतरीं और कबड्डी…कबड्डी बोलते-बोलते बिलासपुर टीम के पाले में गई, लेकिन खुद पटकनी खा गईं।
बिलासपुर महापौर जब मैदान में कुदीं तो वे बैरंग लौट गईं। महिला पार्षदों ने दमखम दिखाया और दोनों टीम अपनी खेल प्रतिभा से एक-दूसरे पर भारी दिख रहे थे, लेकिन बाद में जजों ने दोनों को संयुक्त विजेता घोषित कर दिया, लेकिन बिलासपुर महापौर और उनकी टीम ने रोमांचक हंगामा किया और कहा-जीत हमारी हुई।
उपविजेता के रूप में नितेश कुमार मेमोरियल लायंस पब्लिक स्कूल खरहरकुड़ा की टीम रही।

छत्तीसगढ़ी खेलों ने गुदगुदाया:बचपन की यादों में खोईं महिलाएं

सुश्री सरोज पाण्डेय की इस अद्भूत पहल से संध्या 5.00 बजे से रात्रि 8.30 बजे तक अशोक वाटिका महिलाओं की भीड़ से आबाद रहा। ऐसा दृश्य कोरबा में पहली बार देखने को मिला। अलग-अलग खेलों के लिए जोन में बांटा गया था, जहां कबड्डी, खो-खो, जलेबी दौड़, फूगड़ी, बोरा दौड़, हौजी, सुआ नृत्य, रस्सी खींच, कुर्सी दौड़, गोटा, बिल्लस सहित कई रोमांचित छत्तीसगढ़ी खेलों में महिलाएं व्यस्त रहीं और अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन कर रही थीं। चारों तरफ उल्लास और उमंग का माहौल था। घर की जिम्मेदारियां, महिलाओं की व्यस्तता के बीच तीन घंटे सुकून के पल अशोक वाटिका में महिलाओं सहित युवतियां खेलों के माध्यम से बिताया और महिलाओं ने इसे रोमांच का अद्भूत उदाहरण बताया और सुश्री सरोज पाण्डेय को इस तरह के आयोजन के लिए हृदय से धन्यवाद दिया।

कई हस्तियां पहुंची थीं

कोरबा के लिए इस ऐतिहासिक और अनोखा कार्यक्रम -बपचन की टिकट को अनुभव करने, खेलने छत्तीसगढ़ की कई प्रतिभाएं यहां मौजूद थीं। सुश्री सरोज पाण्डेय के अलावा कोरबा महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, बिलासपुर महापौर श्रीमती पूजा विधानी, महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती हर्षिता पाण्डेय सहित कई महिला प्रतिभाएं यहां रोमांच का अनुभव लिया और खुद बचपन में खो गईं।

पूजा विधानी ने कहा-महिलाओं के लिए सराहनीय कार्यक्रम

बिलासपुर महापौर ने कबड्डी में अपनी और टीम की प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरोज दीदी की सोच काफी प्रशंसनीय रहती है। बचपन की टिकट-कार्यक्रम का अनुभव वाकई में रोमांच पैदा कर गया। ऐसा आयोजन महिलाओं के लिए होते रहना चाहिए।

महिलाओं के बीच महिलाओं का प्रदर्शन नया अनुभव दे गया- कोरबा महापौर संजूदेवी राजपूत

कोरबा महापौर संजूदेवी राजपूत ने कबड्डी में टीम के साथ अपनी प्रतिभाएं दिखाईं। उन्होंने पत्रकारों से रू ब रू होकर कहा कि महिलाओं के बीच महिलाओं का खेल प्रदर्शन अद्भूत और अनोखा अनुभव दे गया। हमारी भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज दीदी का यह कार्यक्रम कोरबा के लिए ऐतिहासिक अनुभव दे गया। महिलाओं की अपार भीड़ के बीच खेलों ने हमें गुदगुदाया और सुकून दे गया। ऐसा कार्यक्रम महिलाओं के लिए होते रहना चाहिए। यह अनुभव महिलाओं के लिए खास रहा और घंटों तक हमारी महिलाएं जीवन की आपाधापी से दूर कुछ पल अपनों के साथ बीताया, बचपन की यादों में खोई रहीं।

अपेक्षा से कहीं अधिक सफल रहा कार्यक्रम, धन्यवाद कोरबा-सुश्री सरोज पाण्डेय

कार्यक्रम की संयोजिका सुश्री सरोज पाण्डेय ने बचपन की टिकट-कार्यक्रम में महिलाओं की इतनी बड़ी भागीदारी से काफी रोमांचित हुईं और मंच पर कहा- धन्यवाद कोरबा! इस कार्यक्रम को आपकी उपस्थिति ने अपेक्षा से अधिक सफल बनाया, हम कृतार्थ हैं।

बचपन की टिकट-एक कार्यक्रम ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, छत्तीसगढ़ी खेलों के प्रति पुनर्जागरण का संदेश था, महिलाओं के जीवन में आपाधापी के बीच सुकून के पल बिताने का अवसर था।
घर से निकलकर अपने लिए महिलाओं को जीने का सुअवसर प्रदान करना कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था, जिसमें हम सफल हुए। कोरबा ने बता दिया कि हम इस तरह के कार्यक्रम को और आगे बढ़ाते रहें। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने वाले सहयोगियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया। सखी-सहेली महिला समूह छत्तीसगढ़ के बैनर तले सरोज पाण्डेय के इस कार्यक्रम को सभी ने सराहा…।

टीम के सदस्यों से रू ब रू होते सरोज पाण्डेय

टीम के सदस्यों से रू ब रू होते भाजपा नेता

मशाल जलाकर प्रतियोगिता का शुभारंभ

खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ मशाल जलाकर किया गया और मशाल रैली में मंत्री लखनलाल देवांगन, सुश्री सरोज पाण्डेय, भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी, व्यापारी प्रकोष्ठ के पूर्व जिला संयोजक विकास अग्रवाल, कोरबा महापौर संजूदेवी राजपूत, बिलासपुर महापौर पूजा विधानी, महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष हर्षिता पाण्डेय, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रीति स्वर्णकार सहित कई हस्तियां शामिल हुईं।

पुरूस्कारों से विजेता टीमों के खिले चेहरे

इस अनुपम और अनोखी खेल प्रतियोगिता के समापन के बाद अतिथियों ने सभी विजेता टीम, खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया। विजेताओं के चेहरों पर मुस्कान बिखर रही थी। एक ओर बचपन की यादें और दूसरी ओर जीत की खुशी चेहरों पर झलक रही थीं।

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खेल

सचिन तेंदुलकर परिवार का सीक्रेट बिलासपुर दौरा:अचानकमार के आदिवासी गांव पहुंचे, पत्नी अंजलि, बेटी सारा और बहू सानिया ने बच्चों संग बिताया समय

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बिलासपुर/मुंगेली,एजेंसी। भारत रत्न और पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर का परिवार मंगलवार सुबह साढ़े 5 बजे बिलासपुर पहुंचा। यह दौरा पूरी तरह गोपनीय रखा गया, जिससे परिवार ने बिना किसी सार्वजनिक सूचना के शहर और ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा किया। सचिन की पत्नी डॉ. अंजलि तेंदुलकर, बेटी सारा और बहू सानिया चंडोक तेंदुलकर ग्रामीणों से मिलीं।

दोपहर में उनका काफिला लोरमी स्थित अचानकमार क्षेत्र के छपरवा-बम्हनी गांव पहुंचा। यहां तीनों ने पैदल भ्रमण कर ग्रामीणों से बातचीत की और उनके जीवन को करीब से समझने का प्रयास किया।

गांव में नवजात शिशु को गोद में लेकर स्नेह जताना, बच्चों के साथ सहज बातचीत करना और स्थानीय माहौल में घुलना-मिलना इस दौरे की खास झलक रही। परिवार ने सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन के तहत चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया।

बच्चों के साथ समय, ग्रामीण जीवन को समझने की कोशिश

परिवार ने बच्चों को खिलौने दिए और उनके साथ समय बिताया। ग्रामीणों से बातचीत के दौरान जीवनशैली, जरूरतों और समस्याओं को समझने पर खास फोकस रहा। इससे यह दौरा सिर्फ औपचारिक न रहकर जमीनी जुड़ाव का प्रयास नजर आया।

जन स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण, डॉक्टरों से चर्चा

बुधवार सुबह नाश्ते के बाद तीनों गनियारी प्राइमरी हेल्थ सेंटर पहुंचीं। यहां स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया गया और फुलवारी केंद्र का निरीक्षण किया गया। डॉक्टरों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।

ग्रामीणों ने बताया कि, गनियारी जन स्वास्थ्य समिति वनांचल के विभिन्न गांवों में निःशुल्क स्वास्थ्य और शिक्षा कार्यक्रम संचालित करती है। तेंदुलकर परिवार ने समिति की तरफ से संचालित फुलवारी केंद्र का अवलोकन किया।

उन्होंने ग्राम बम्हनी में जनस्वास्थ्य उपकेंद्र और बालवाड़ी में वनक्षेत्र के गरीब बच्चों के रहन-सहन और उपस्वास्थ्य केंद्र के संचालन को करीब से देखा। फुलवारी केंद्र में बैगा बच्चों के पोषण और शिक्षा की स्थिति के बारे में जानकारी ली। समिति की चिकित्सकीय टीम ने उन्हें स्वास्थ्य कार्यक्रमों के बारे में बताया।

ग्रामीणों की जीवन शैली और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी जुटाई

इस दौरान ग्रामीण महिलाओं ने पुष्पगुच्छ भेंटकर उनका स्वागत किया। ग्रामीणों ने उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। तेंदुलकर परिवार ने वनांचल में ग्रामीणों की जीवन शैली और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी भी जुटाई। इस दौरान सारा तेंदुलकर ने एक आदिवासी बच्चे को गोद में लेकर प्यार और दुलार करती हुई भी नज़र आई।

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