काठमांडू/नई दिल्ली, एजेंसी। नेपाल में बाढ़ के बाद हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में फंसे कर्मचारियों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 898 कर्मचारी अब भी फंसे हैं, जबकि 361 कर्मचारियों को अब तक बचाया जा चुका है।
त्रिशूली-3 ‘ए’ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन में कुछ कामयाबी मिली है। बचावकर्मी मशीनों की मदद से मिट्टी और गाद हटा रहे हैं। सुरंग में 6 इंच का छेद कर पाइप के जरिए हवा पहुंचाई जा रही है।
अब इसे बड़ा कर मैनहोल बनाने की तैयारी है, ताकि बचाव दल सुरंग के अंदर जाकर लोगों की तलाश कर सके।
26 अगस्त को नेपाल की भोटेकोशी और त्रिशुली नदी में अचानक बाढ़ आ गई थी। इस आपदा में नेपाल में अब तक 788 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, तिब्बत में मरने वालों का आंकड़ा 16 पहुंच गया है।
बाढ़ के बाद तबाही का मंजर
नेपाल के देवीघाट में त्रिशूली नदी के किनारे बाढ़ में तबाह हुए घरों का एरियल व्यू।
नुवाकोट में घरों की छतों के ऊपर से बाढ़ का पानी और मलबा गुजरने के निशान दिखाई दे रहे हैं।
रसुवा से रेस्क्यू लोगों को एयरलिफ्ट करने वाले बैरक के बाहर लापता परिजन का इंतजार करती महिला रो पड़ी।
नुवाकोट के देविघाट में बाढ़ से तबाह घर में सामान तलाशने के बाद बच्ची का पैर कीचड़ से सना नजर आया।
नेपाल बाढ़ में मरने वालों की संख्या 788 पहुंची
नेपाल पुलिस के मुताबिक, रविवार शाम तक 788 शव बरामद किए जा चुके हैं। इसके अलावा 2,502 लोग लापता हैं।
NDRRMA के मुताबिक, लापता लोगों में 933 क्षेत्रीय जलविद्युत प्रोजेक्ट्स के कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा 592 विदेशी नागरिक और विदेशी समूहों के साथ यात्रा कर रहे 127 नेपाली नागरिकों का भी अब तक पता नहीं चल पाया है।
20 साल की युवती ने 17 परिजनों को खोया
नेपाल के रसुवा जिले की 20 वर्षीय कोपिला तामांग ने बाढ़ में अपने परिवार के 17 सदस्यों को खो दिया। 2015 के भूकंप में उनका घर तबाह हुआ था, लेकिन इस बार बाढ़ उनके नए घर के साथ मां, बहन, दादी और एक महीने के भतीजे समेत कई परिजनों को भी बहा ले गई।
कोपिला ने CNN से कहा, “मैं खुद को बिल्कुल अकेला और खोया हुआ महसूस करती हूं।” उनका 7 साल का भाई अब भी मानता है कि उनकी मां वापस आएंगी।
नेपाल में 26 अगस्त को बाढ़ आई थी तब कोपिला तामांग काठमांडू में थी।
त्रिशूली-3 ‘ए’ सुरंग के अंदर जाने का रास्ता मिला
त्रिशूली-3 ‘ए’ प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए बचाव अभियान जारी है। रेस्क्यू टीम सुरंग के एक दूसरे रास्ते से अंदर जाने की कोशिश कर रही है।
टीम को सुरंग का ऊपरी हिस्सा मिल गया है। उसे खोलने के लिए मशीनों से खुदाई की जा रही है। रास्ता साफ और सुरक्षित होने के बाद रेस्क्यू टीम सुरंग के अंदर जाएगी और तलाश अभियान आगे बढ़ाएगी।
त्रिशूली-3 ‘ए’ सुरंग में फंसे लोगों तक पहुंचने की उम्मीद बढ़ी, चार छेद किए गए
त्रिशूली-3 ‘ए’ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में चल रहे बचाव अभियान में कुछ सफलता मिली है।
अब तक सुरंग के सामने वाले हिस्से में चार छेद किए जा चुके हैं। अब इसी रास्ते से सुरंग के अंदर जाकर फंसे लोगों की तलाश और उन्हें बाहर निकालने का काम आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
नेपाल की मदद के लिए कई देश आगे आए
नेपाल के विदेश मंत्री ने कहा है कि भीषण बाढ़ से हुए नुकसान का आंकड़ा अरबों डॉलर तक पहुंच सकता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस स्तर पर नुकसान का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी। इस बीच कई देशों ने नेपाल के लिए आर्थिक और मानवीय मदद का ऐलान किया है।
भारत: विदेश मंत्री एस. जयशंकर के मुताबिक, भारत से राहत सामग्री लेकर तीसरी उड़ान शुक्रवार को काठमांडू पहुंची। इसमें 10 टन मानवीय सहायता के साथ 11 सदस्यीय मेडिकल और सुरंग बचाव टीम भी शामिल थी।
ब्रिटेन: प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने 50 लाख पाउंड की मदद का ऐलान किया है। उन्होंने नेपाल की स्थिति को बेहद चिंताजनक और भयावह बताया।
यूरोपीय संघ: यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने 20 लाख यूरो की तत्काल मानवीय सहायता देने की घोषणा की है। इस मदद का इस्तेमाल लोगों तक जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने में किया जाएगा।
कनाडा: विदेश मंत्री अनिता आनंद ने 50 लाख कनाडाई डॉलर की मदद का ऐलान किया है। यह राशि संयुक्त राष्ट्र, रेड क्रॉस और अन्य गैर-सरकारी संगठनों के जरिए राहत कार्यों में खर्च की जाएगी।
अमेरिका: अमेरिकी विदेश विभाग ने 5 लाख डॉलर की मदद देने की घोषणा की है। इससे आपातकालीन आश्रय, पानी, स्वच्छता और दूसरी जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
चीन: नेपाल में चीन के राजदूत के मुताबिक, चीन ने भी आपातकालीन राहत सामग्री और आर्थिक मदद उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है।
तिब्बत सीमा के पास बनी झील का पानी निकला
नेपाल-चीन सीमा के पास बाढ़ के बाद बनी झील का ज्यादातर पानी प्राकृतिक रास्ते से निकल गया है। चीन के जल संसाधन मंत्रालय ने रविवार को कहा कि इससे निचले इलाकों में अचानक बड़ी बाढ़ आने का खतरा फिलहाल कम हो गया है।
यह झील पिछले बुधवार को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद बनी थी। लांगटांग री पर्वत क्षेत्र में ग्लेशियर और चट्टानों का बड़ा हिस्सा टूटकर नदी में गिर गया था, जिससे नदी का बहाव रुक गया और वहां पानी जमा होकर झील बन गई।
चीन के मुताबिक, झील में करीब 20 लाख घन मीटर पानी जमा था। आशंका थी कि प्राकृतिक बांध टूटने पर नेपाल और चीन के निचले इलाकों में फिर बड़ी बाढ़ आ सकती है। इसी वजह से दोनों देशों की एजेंसियां लगातार झील की निगरानी कर रही थीं।
तिब्बत में क्या हो रहा है, इसकी जानकारी मिलना इतना मुश्किल क्यों है?
चीन ने 1950 के दशक में तिब्बत को अपने नियंत्रण में ले लिया था। तब से तिब्बत चीन के सबसे ज्यादा निगरानी वाले और कड़े नियंत्रण वाले इलाकों में शामिल है।
बाढ़ की इस आपदा को चीन सरकार कितनी गंभीरता से ले रही है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने खुद राहत और बचाव के लिए निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री ली छियांग भी गुरुवार को घटनास्थल पर पहुंचे। किसी बड़ी आपदा के तुरंत बाद उनका इस तरह मौके पर पहुंचना काफी दुर्लभ माना जाता है।
तिब्बत में पहुंचना विदेशी लोगों के लिए आसान नहीं है। वहां जाने के लिए विशेष वीजा की जरूरत होती है और विदेशी मीडिया के लिए वहां प्रवेश करना बेहद मुश्किल है। वहां मौजूद लोगों से सीधे संपर्क करना भी आसान नहीं है।
नेपाल से तिब्बत होते हुए पवित्र कैलाश पर्वत की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों के लिए भी कई तरह की मंजूरियां जरूरी होती हैं। उन्हें कुल चार अलग-अलग परमिट लेने पड़ते हैं। यही वजह है कि तिब्बत में इस समय वास्तव में क्या हो रहा है, इसकी स्वतंत्र जानकारी जुटाना मुश्किल है।
भारत ने नेपाल के लिए 68.5 टन राहत सामग्री भेजी
नेपाल ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों को दोबारा जोड़ने के लिए भारत और चीन से कुल 42 बेली ब्रिज बनाने में मदद मांगी है।
भारत ने अब तक 68.5 टन राहत सामग्री भेजी है। इसके साथ ही सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने के लिए टनल विशेषज्ञों, फोरेंसिक एक्सपर्ट्स और तकनीकी टीमों को भी नेपाल भेजा गया है।
भारत ने कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, हाइजीन किट समेत राहत सामग्री उपलब्ध कराई है। इसके अलावा 230 फीट लंबे बेली ब्रिज बनाने के लिए सामान भी नेपाल पहुंचाए गए हैं। भारत जल्द ही 7 और बेली ब्रिज के लिए सामान और टेक्निकल टीम भेजेगा।
‘चाय के लिए नहीं रुकते तो जान जा सकती थी’
तीर्थयात्री गडा एलावेनी ने ANI को बताया कि वे तीन बसों में काठमांडू से सफर कर रहे थे। रास्ते में सभी लोग चाय पीने के लिए कुछ देर के लिए रुक गए। यह रुकना बाद में उनकी जिंदगी का सबसे अहम फैसला साबित हुआ। उन्हें बाद में पता चला कि उनसे करीब आधे घंटे पहले निकली दो बसें बाढ़ की तेज धारा में बह गईं और उनका कोई पता नहीं चला।
एलावेनी ने कहा कि उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि रास्ते में इतनी बड़ी आपदा आने वाली है। उन्होंने कहा, “हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारे साथ ऐसा होगा। खैर, हमें दर्शन नहीं मिले, लेकिन भगवान हमें सुरक्षित घर ले आए।” उन्होंने बताया कि उन्होंने काठमांडू से करीब 80 किलोमीटर का सफर तय किया था और तीनों बसों में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं।
नेपाल में बाढ़ के बाद मलबे में दबा सोलर पावर प्लांट
नई दिल्ली, एजेंसी। बिहार के 15 जिलों की 575 पंचायतों में करीब 50 लाख की आबादी अभी भी बाढ़ के पानी से घिरी हुई है। कटिहार में सरकारी स्कूल और कोचिंग सेंटर बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। बच्चे नाव में बैठकर पढ़ रहे हैं। प्रदेश के 26 जिलों बारिश का यलो अलर्ट है। आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है।
यूपी में बारिश से नदियां उफान पर हैं। 26 जिलों में बाढ़ के हालात हैं। करीब 4 लाख की आबादी प्रभावित है। वहीं, लखीमपुर में शारदा नदी का कटान तेज होने से 24 घंटे में 7 मकान नदी में समा गए हैं।
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के आदि कैलाश मार्ग पर दोबाट में लैंडस्लाइड से सड़क फिर बंद हो गई। रुद्रप्रयाग में केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा के पास सुरक्षा के मद्देनजर यात्रियों को हेलमेट पहनाकर भेजा जा रहा है। चार दिन पहले लैंडस्लाइड में कई घोड़े-खच्चर मारे गए थे। रास्ते में पड़े शवों से बदबू और सांस लेने में परेशानी की शिकायतें सामने आ रही हैं।
राजस्थान के 26 जिलों में 17 सितंबर तक बारिश का यलो अलर्ट है। मंगलवार को अजमेर, पाली समेत कुछ अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। वहीं, मध्य प्रदेश के पश्चिमी इलाकों में 17 से 19 सितंबर तक और 18 से 21 सितंबर तक पूर्वी हिस्से में बारिश हो सकती है।
सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति
देशभर से मौसम की तस्वीरें
गुजरात के ऊना जिले में चार घंटे में 8 इंच से अधिक बारिश हुई, जिससे 200 से अधिक घरों में पानी भर गया।
बिहार के कटिहार में बाढ़ के पानी में स्कूल डूबे हैं। गांव के टीचर नाव पर ही बच्चों को पढ़ा रहे हैं।
बिहार में भोजपुर के ज्वइनिया गांव में एक्ट्रेस अक्षरा सिंह ने बाढ़ पीड़ितो को राहत सामग्री बांटी।
केदारनाथ पैदल मार्ग पर हेलमेट पहनाकर यात्रियों को आगे भेजा जा रहा।
यूपी के सिद्धार्थनगर में बारिश के बीच दीवार भरभराकर गिर गई।
यूपी के सहारनपुर में प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां शाकंभरी देवी मंदिर के पास नदी में बाढ़ आ गई। पुलिस ने श्रद्धालुओं को अलर्ट कर दिया था।
छत्तीसगढ़ : बारिश थमने से चढ़ा पारा, राजनांदगांव में 35° तापमान
छत्तीसगढ़ में आज कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका भी है। पिछले 24 घंटे में रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। बारिश की गतिविधियां कम होने के साथ अब तापमान बढ़ने लगा है। राजनांदगांव सबसे गर्म रहा, यहां पारा 35 डिग्री तक पहुंच गया।
गुजरात: कच्छ के मांडवी में 7 इंच बारिश
गुजरात में पिछले 24 घंटे में 110 में बारिश हुई। कच्छ के मांडवी में सबसे ज्यादा 7 इंच बारिश दर्ज की गई। सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक हुई बारिश से कई जगह सड़कों पर पानी भर गया।
जूनागढ़, गिर सोमनाथ, राजकोट, अमरेली, आनंद और मेहसाणा के कुछ इलाकों में भी सुबह हल्की बारिश हुई। राज्य में अब तक 84.74% बारिश हुई है, लेकिन करीब 15% बारिश की कमी है।
यूपी: 26 जिलों में बाढ़ से 4 लाख लोग प्रभावित, लखीमपुर में 7 मकान नदी में बहे
यूपी में मानसून अभी सक्रिय है। मौसम विभाग ने बुधवार को 56 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, बारिश से नदियां उफान पर हैं। 26 जिलों में बाढ़ के हालात हैं। करीब 4 लाख की आबादी प्रभावित है। सिद्धार्थनगर में बारिश के बीच दीवार भरभराकर गिर गई।
मध्य प्रदेश: 19 सितंबर से नया सिस्टम एक्टिव होगा, राज्य में 4.3 इंच कम बारिश हुई
मध्य प्रदेश में भारी बरसात का एक और दौर आ सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक 19 सितंबर के बाद नया सिस्टम एक्टिव होगा। यदि सिस्टम स्ट्रॉन्ग रहा तो प्रदेश की बारिश का कोटा फुल हो सकता है। कोटे के बराबर पहुंचने में 4.3 इंच बारिश की और जरूरत है।
बिहार: सेंट्रल टीम बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेगी, 26 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने बिहार के 26 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। पटना समेत बाकी जिलों में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है।
राजस्थान: 26 जिलों में बारिश का अलर्ट, 19 सितंबर से मानसून की विदाई
राजस्थान में मानसून अंतिम चरण में है। आज 26 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट है। मंगलवार को अजमेर, पाली समेत कुछ अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। बारिश होने और हवा चलने से कई शहरों में मंगलवार को तापमान में गिरावट हुई।
झारखंड: बिजली गिरने का का यलो अलर्ट, हल्की बारिश की संभावना
राजधानी रांची में अगले पांच दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 21 सितंबर तक रांची और आसपास के इलाकों में रोजाना एक-दो बार बारिश हो सकती है। इस दौरान कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना है।
उत्तराखंड: अल्मोड़ा में रामगंगा नदी उफान पर, सभी जिलों में बारिश की चेतावनी
उत्तराखंड के सभी जिलों में आज बारिश की संभावना है। अल्मोड़ा के चौखुटिया क्षेत्र में देर रात मूसलाधार बारिश हुई, जिससे रामगंगा नदी अचानक उफान पर आ गई। पिथौरागढ़ में आदि कैलाश मार्ग पर दोबाट में पहाड़ी दरकने से सड़क फिर बंद हो गई।
नई दिल्ली, एजेंसी। पाकिस्तानी नौसेना का एक जहाज अरब सागर के अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में भारतीय नौसेना के जहाज से टकरा गया। घटना कब की है, इसकी जानकारी नहीं दी गई है। इससे पहले 2011 में भी दोनों देशों के जहाजों में टक्कर हुई थी।
भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारतीय युद्धपोत नियमित निगरानी मिशन पर था। इसी दौरान पाकिस्तानी जहाज तेज रफ्तार में आया और गलत दिशा में मुड़ गया, जिससे दोनों जहाज टकरा गए।
ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि पाकिस्तानी जहाज का नाम PNS हुनैन है। इसे समुद्री निगरानी और गश्त के लिए इस्तेमाल किया जाता है। टक्कर में इसको नुकसान पहुंचा है। हालांकि, भारतीय नौसेना के जिस जहाज से इसकी टक्कर हुई, इसका पता नहीं चल पाया है।
घटना के बाद भारत ने नई दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के चार्ज डी’अफेयर्स को तलब किया और कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने घटना को अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर बताया।
दिशा बदलने के दौरान दोनों की टक्कर हुई
ANI के मुताबिक, भारतीय नौसेना का एक युद्धपोत उत्तर अरब सागर में नियमित निगरानी मिशन पर था। इसी दौरान पाकिस्तानी नौसेना का एक जहाज तेज रफ्तार से भारतीय जहाज के करीब आ गया।
पाकिस्तानी जहाज ने जिस तरह अपनी दिशा बदली, उसे असुरक्षित और गैर-पेशेवर बताया गया है। इसके बाद दोनों जहाजों के बीच दूरी लगातार कम होती गई और आखिर में वे आपस में टकरा गए।
2011 में टकराए थे भारतीय-पाकिस्तानी जहाज
भारत और पाकिस्तान की नौसेनाओं के बीच समुद्र में इस तरह की घटना पहले भी हो चुकी है। 2011 में भारतीय नौसेना के INS दोगावरी और पाकिस्तानी नौसेना के PNS बाबर के बीच भी टक्कर हुई थी।
टक्कर को लेकर पाकिस्तान ने आरोप लगाया था कि भारतीय जहाज ने उसके काम में रुकावट डाली और खतरनाक तरीके से जहाज चलाया।
भारत ने इस आरोप को गलत बताया। भारत के मुताबिक, PNS बाबर ने INS गोदावरी को दाईं तरफ से पार करने की कोशिश की और इसी दौरान उसके हेलिकॉप्टर डेक वाले हिस्से से टकरा गया। इस दौरान हेलिकॉप्टर का जाल क्षतिग्रस्त हुआ था।
भारत ने तब भी 1991 के समझौते के आर्टिकल 10 का हवाला देते हुए पाकिस्तान के सामने विरोध दर्ज कराया था।
साल 2011 में INS दोगावरी और पाकिस्तानी नौसेना के PNS बाबर की टक्कर हो गई थी।
PNS बाबर, सोमालियाई समुद्री लुटेरों से छुड़ाए गए MV सुएज जहाज को सुरक्षित ले जा रहा था। यह मिस्र के मालिकाना हक वाला जहाज था।
इसे सोमालियाई समुद्री लुटेरों ने बंधक बना लिया था। बाद में करीब 20 लाख डॉलर से ज्यादा की फिरौती दिए जाने के बाद जहाज और उसके 22 सदस्यीय चालक दल को छोड़ा गया था।
भारत ने पाकिस्तान से क्या कहा?
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी चार्ज डी’अफेयर्स से कहा कि वह भारत की आपत्ति पाकिस्तान के संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएं। भारत ने कहा कि समुद्र में सभी सैन्य जहाजों को सावधानी से काम करना चाहिए और दोनों देशों के बीच हुए समझौतों का पालन करना चाहिए।
भारत ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। वहीं, इस्लामाबाद में मौजूद भारतीय चार्ज डी’अफेयर्स को भी पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के सामने भारत की ओर से विरोध दर्ज कराने को कहा गया है।
कोलकाता, एजेंसी। भाजपा ने पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने नंदीग्राम से हसीरानी रथ और रेजीनगर से शाश्वर सरकार को टिकट दिया है।
हसीरानी रथ CM शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की मां हैं। 6 मई की देर रात मध्यमग्राम के पास चंद्रनाथ को गोली मार दी गई थी। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उनकी मौत हो गई।
इस साल अप्रैल-मई में हुए बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 207 सीटें जीती थीं। तृणमूल कांग्रेस को 80 और कांग्रेस को 2 सीटें मिली थीं। इन नतीजों के बाद ममता बनर्जी 15 साल बाद सत्ता से बाहर हो गईं।
नंदीग्राम में TMC के दो गुट भी आमने-सामने
उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुट भी आमने-सामने हैं। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने नंदीग्राम से मोहम्मद एतेशामुल हक और रेजीनगर से सफीउज्जमान शेख को मैदान में उतारा है। वहीं ममता वाले गुट ने नंदीग्राम से संचिता प्रधान डे और रेजीनगर से पूर्व विधायक रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार बनाया है।
दोनों गुट खुद को असली TMC बताते हुए ‘जोड़ा घास फूल’ चुनाव चिह्न पर दावा कर रहे हैं। चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों से अतिरिक्त दस्तावेज मांगे हैं और 16 सितंबर तक जवाब देने को कहा है। अगर उपचुनाव से पहले आयोग इस विवाद पर फैसला नहीं कर पाता है, तो मौजूदा चुनाव चिह्न फ्रीज किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में दोनों गुटों को अलग नाम और चुनाव चिह्न के साथ मैदान में उतरना पड़ सकता है।
कांग्रेस ने नंदीग्राम से मिलन प्रधान और रेजीनगर से मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी को उम्मीदवार बनाया है। CPI(M) ने रेजीनगर से अधिवक्ता सैयद असद अली को और CPI ने नंदीग्राम से शांति गोपाल गिरी को टिकट दिया है।
नंदीग्राम से शुभेंदु ने ममता को हराया, लगातार दो बार से भाजपा जीत रही
नंदीग्राम लंबे समय से TMC और भाजपा के बीच राजनीतिक संघर्ष का प्रमुख केंद्र रहा है। इस क्षेत्र में 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन ने ममता बनर्जी और TMC को 2011 में सत्ता तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई थी।
2021 में ममता बनर्जी ने यहीं से बंगाल के मौजूदा सीएम शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं। 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ भवानीपुर सीट से भी चुनाव लड़ा और दोनों जगह जीत दर्ज की।
बाद में अधिकारी ने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद नंदीग्राम सीट खाली हुई।
बंगाल सहित 4 राज्यों की 6 सीटों पर उपचुनाव
तमिलनाडु में 2 सीट: मदुरांतकम और धारापुरम- ये दोनों विधानसभा सीटें मरागथम कुमारवेल और पी. सत्यबामा के इस्तीफे के बाद खाली हुई थीं। दोनों सीटों की फाइनल वोटर लिस्ट 23 फरवरी को जारी की गई।
पुडुचेरी की थट्टानचावड़ी सीट: यह सीट एन. रंगासामी के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। सीट की मतदाता सूची 14 फरवरी को पब्लिश हुई।
पश्चिम बंगाल की रेजीनगर-नंदीग्राम सीट: रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर और नंदीग्राम सीट शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई। इन सीटों की अंतिम वोटर लिस्ट 28 फरवरी को जारी की गई।
असम की नगांव लोकसभा सीट: असम की नागांव लोकसभा प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। इस सीट की अंतिम मतदाता सूची 10 फरवरी को जारी की गई थी।