नई दिल्ली/काठमांडू, एजेंसी। बाढ़ के पानी में बहकर आया एक बैंक लॉकर त्रिशूली नदी के किनारे मिला, जिसके बाद उसके अंदर रखे कैश को लेने के लिए लोगों में होड़ मच गई। पुलिस ने इस मामले में 29 लोगों को गिरफ्तार किया है और उनसे 92 लाख नेपाली रुपये से ज़्यादा की रकम बरामद की है; यह रकम भारतीय मुद्रा में लगभग 58 लाख रुपये के बराबर है।
नेपाल में आई भयानक बाढ़ में 600 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 2,500 लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों में 537 विदेशी नागरिक शामिल हैं, जिनमें 320 भारतीय हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत कार्य जारी हैं और अधिकारी आगे के खतरों को लेकर भी सतर्क हैं। इस तबाही के बीच, धाडिंग में एक अजीब घटना ने सबका ध्यान खींचा है। बाढ़ के पानी में बहकर आया एक बैंक लॉकर त्रिशूली नदी के किनारे मिला, जिसके बाद उसके अंदर रखे कैश को लेने के लिए लोगों में होड़ मच गई। पुलिस ने इस मामले में 29 लोगों को गिरफ्तार किया है और उनसे 92 लाख नेपाली रुपये से ज़्यादा की रकम बरामद की है; यह रकम भारतीय मुद्रा में लगभग 58 लाख रुपये के बराबर है।
बाढ़ में बह गया बैंक लॉकर
यह घटना तब हुई जब बाढ़ का पानी रसुवा से एक बैंक लॉकर बहा ले गया। यह लॉकर बहते हुए धाडिंग ज़िले की गल्छी रूरल म्युनिसिपैलिटी-4 में बेलखुखोला के पास त्रिशूली नदी के किनारे जा पहुँचा। जब लॉकर मिला, तो लोगों ने उसमें से कैश निकालना शुरू कर दिया, जिससे पैसे के लिए होड़ मच गई। पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में 29 लोगों को गिरफ़्तार किया। गिरफ़्तार किए गए लोगों से कुल 92,68,505 नेपाली रुपये (भारतीय मुद्रा में लगभग 58 लाख रुपये) बरामद किए गए।
गिरफ़्तार किए गए 29 लोगों में पवन पौडे, बीर बहादुर राणा मगर, बिनोद गिरी, नवराज भेटुवाल, पूर्ण लाल श्रेष्ठ, विष्णुमणि अधिकारी, कृष्णा मगर, शिव बहादुर राणा मगर, युवराज अधिकारी, सुशांत श्रेष्ठ, सुचिमबहादुर राणा मगर, सबिन श्रेष्ठ, प्रेम बहादुर राणा मगर और अनिल भेटुवाल शामिल थे। पुलिस बरामद पैसे के स्रोत और इसमें किसी और के शामिल होने की संभावना की जांच कर रही है।
बाढ़ के बाद नेपाल पर अभी भी खतरा बना हुआ है
भयानक बाढ़ के बाद नेपाल पर मंडरा रहा खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। चीन ने नेपाल को चेतावनी दी है कि ल्हेंडे नदी प्रणाली के ऊपरी इलाकों में बनी एक झील के किनारे कभी भी टूट सकते हैं। चीन ने पानी का रंग बदलने पर भी चिंता जताई है और इसे खतरे का संभावित संकेत बताया है। नदी के बहाव की दिशा में नीचे की ओर रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, जबकि अधिकारी स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब नेपाल बाढ़ के व्यापक असर से जूझ रहा है और लापता लोगों की तलाश का काम भी जारी है।
नई दिल्ली, एजेंसी। राहुल गांधी दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने प्रोजेक्टर पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का भाषण दिखाया।
राहुल ने कहा कि उत्तराखंड के हल्द्वानी में उनके भाषण के बाद मंच का शुद्धीकरण किया गया। प्रधानमंत्री दोषियों पर एक्शन लें। दलितों पर सदियों से अत्याचार हो रहा है। देश में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई है।
राहुल ने 4 तस्वीरें दिखाईं, कहा- BJP-RSS का रवैया दलित विरोधी
1. हर जगह दलितों का अपमान
हजारों साल से इस देश में दलितों पर अत्याचार, हिंसा की गई है। संविधान में यह गैरकानूनी है। लेकिन आज भी स्कूल में दलित बच्चों से टॉयलेट साफ कराया जाता है। झाड़ू-पोछा लगवाया जाता है। यह हिंदुस्तान की रियलिटी है। कई गांवों में उन्हें सार्वजनिक कुएं से पानी नहीं लेने दिया जाता, इसलिए अलग कुआं खोदना पड़ता है। चाय की दुकानों पर अलग-अलग कप रखे जाते हैं- दलितों के लिए अलग, बाकी लोगों के लिए अलग।
शादी जैसे खुशी के मौके पर भी दलित दूल्हों को घोड़ी पर बैठने से रोका जाता है। कई बार पत्थरबाजी और मारपीट तक होती है। कुछ लोग सुरक्षा के लिए हेलमेट पहनकर बारात निकालते हैं। यह सिर्फ गांवों की नहीं, उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत के कई हिस्सों की हकीकत है।
2. जितनी बुलंद आवाज, उतना तेज हमला
राहुल गांधी ने कहा कि जब राजस्थान में कांग्रेस के CLP टीकाराम जूली मंदिर जाते हैं, तो BJP और RSS के लोग उस मंदिर का शुद्धीकरण करवाते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे हल्द्वानी के रामलीला मैदान में भाषण देने गए, तो वहां भी शुद्धीकरण किया गया। उनकी ही पार्टी के नेता और बिहार के मुख्यमंत्री रहे जीतन राम मांझी जी जब एक मंदिर में गए, तो मंदिर का शुद्धीकरण किया गया।
3. शुद्धीकरण- छुआछूत का दूसरा नाम
8 अगस्त को खड़गे की हल्द्वानी के रामलीला मैदान में रैली हुई दो दिन बाद 10 अगस्त को BJP और RSS के कार्यकर्ताओं ने हवन कर मंच का शुद्धीकरण किया। खड़गे ने 13 अगस्त को संसद में इस घटना का जिक्र करते हुए इसे दलितों का अपमान बताया। उन्होंने कहा, ‘मैं दलित हूं, शुद्धीकरण के नाम पर मेरा अपमान किया गया।’
4. शुद्धीकरण करने वालों के खिलाफ FIR हो
20 दिन हो गए हैं। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हमारी मांग है कि उत्तराखंड में जिन लोगों ने खड़गे की रैली के बाद मंच का शुद्धीकरण किया, उनके खिलाफ जल्द से जल्द FIR दर्ज हो। SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए।
हल्द्वानी की सभा और उसके बाद क्या हुआ…
8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में खड़गे की सभा हुई थी। इसके बाद कुछ हिंदू संगठनों ने वहां यज्ञ कर मंच के शुद्धीकरण का दावा किया।
आयोजकों का कहना था कि धार्मिक मंच का इस्तेमाल राजनीतिक बयानों के लिए हुआ और वहां मर्यादा का ध्यान नहीं रखा गया, इसलिए शुद्धीकरण किया गया। इसका जाति से कोई लेना-देना नहीं है।
खड़गे ने मानसून सत्र के दौरान संसद में यह मुद्दा उठाया और इसे अपनी दलित पहचान से जोड़ते हुए दोषियों पर एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की। राहुल समेत कांग्रेस नेताओं ने इसे भाजपा-आरएसएस की जातिवादी सोच करार दिया।
काठमांडू/नई दिल्ली, एजेंसी। नेपाल में 26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने और भूस्खलन के बाद अचानक बाढ़ आई थी। अब घटना के तीन दिन बाद ग्लेशियर टूटने का वीडियो सामने आया है। टूर गाइड के एक ग्रुप ने तिब्बत में एक ऊंची जगह से इसे कैमरे में रिकॉर्ड किया।
वीडियो में नेपाल की सीमा के पास बर्फ से ढके पहाड़ और ग्लेशियर दिखाई दे रहे हैं। अचानक ग्लेशियर की बर्फ और चट्टानों का करीब 800 मीटर लंबा हिस्सा टूटकर नीचे घाटी में गिरता नजर आता है।
हिमस्खलन के बाद धूल और मलबा पूरे इलाके में फैल जाता है। वीडियो में नीचे की ओर बहता पानी और मलबा भी दिखाई दे रहा है।
ग्रुप जब नीचे उतरा तो रास्ते बंद मिले। इसके बाद उन्हें पता चला कि ग्लेशियर टूटने और भूस्खलन के बाद इलाके में आई बाढ़ से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है।
ग्लेशियर टूटने के तुरंत बाद का वीडियो
320 भारतीय अभी भी लापता
नेपाल और तिब्बत में इस आपदा से अब तक 633 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 2,500 लोग लापता हैं। इनमें 320 भारतीय भी शामिल हैं। वहीं, करीब 400 भारतीय अभी तिब्बत में फंसे हुए हैं।
तबाह घरों से अपना बचा हुआ सामान खोज रहे लोग
बाढ़ से बचाए गए लोगों की सूची में अपने परिजनों के नाम खोजते लोग
नेपाल के गृहमंत्री सुदन गुरुंग खुद रेस्क्यू ऑपरेशन में उतरे
नेपाल के गृहमंत्री सुदन गुरंग बाढ़ प्रभावित इलाके में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन में खुद शामिल हुए। उन्होंने सुरंग के अंदर पहुंचकर बचाव टीमों के साथ काम किया और फंसे लोगों को बाहर निकालने के अभियान में मदद की।
बिजली का तार पकड़े लटके रहे तब बची जान
त्रिशूली बाजार में मिठाई की दुकान पर काम कर रहे रामबचन साह बुधवार को अचानक आई बाढ़ में बह गए थे। उन्होंने बताया कि बिजली का तार पकड़कर करीब आधे घंटे तक लटके रहने के बाद उनकी जान बच सकी।
साह सुरक्षित हैं, लेकिन दुकान में मौजूद संगीता, उनका बेटा राहुल और कर्मचारी बिनोद भगत अब भी लापता हैं। उनकी कीचड़ से लथपथ तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी।
नेपाल में बाढ़ के बाद तबाही का मंजर
एक बुजुर्ग बस्ती के बीच से गुजरता हुआ। बाढ़ का पानी उतर चुका है, लेकिन घरों की दीवारों और गलियों में फंसा मलबा तबाही की भयावह तस्वीर दिखा रहा है।
बाढ़ के बाद उजड़ी बस्ती का एरियल व्यू। लोगों के घर कीचड़ से ढ़के हुए दिखाई दिए।
बेत्रावती में बाढ़ के बाद तबाही का मंजर। बाढ़ ने घरों, सड़कों और आसपास के इलाकों को भारी नुकसान पहुंचाया है।
त्रिशूली में बाढ़ के कीचड़ और मलबे से घिरी एक क्षतिग्रस्त इमारत।
एक क्षतिग्रस्त इमारत जो कीचड़ और मलबे के बीच है। पानी के सैलाब ने यहां सब कुछ तबाह कर दिया।
नेपाल की हाइड्रोपावर इंडस्ट्री पर बाढ़ का खतरा
नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने देश की हाइड्रोपावर इंडस्ट्री पर बड़ा असर डाला है। भोटेकोशी और त्रिशूली घाटियों में बाढ़ से 14 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं। इनमें 6 निर्माणाधीन प्रोजेक्ट भी शामिल हैं।
नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के मुताबिक, बाढ़ के बाद 431 MW बिजली उत्पादन क्षमता बंद हो गई। यह देश की कुल उत्पादन क्षमता का 12% से ज्यादा है। निर्माणाधीन प्रोजेक्टों को भी जोड़ने पर प्रभावित क्षमता करीब दोगुनी हो जाती है।
बाढ़ ने प्रोजेक्ट की सुरक्षा पर सवाल उठाए
हिमालयी क्षेत्र में भूस्खलन, हिमस्खलन और ग्लेशियल झील फटने जैसी घटनाओं का खतरा रहता है। जलवायु परिवर्तन के साथ इन जोखिमों के बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
बाढ़ के बाद अब सवाल उठ रहा है कि नेपाल में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट कहां बनाए जाएं और उन्हें ऐसे प्राकृतिक खतरों से बचाने के लिए किस तरह डिजाइन किया जाए। विशेषज्ञ छोटे प्रोजेक्टों की मजबूती और बड़े जलाशयों की जरूरत पर भी चर्चा कर रहे हैं।
नेपाल बाढ़ पीड़ितों के लिए पुरी बीच पर खास संदेश
ओडिशा के पुरी बीच पर रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक ने नेपाल बाढ़ के पीड़ितों के प्रति एकजुटता जताई। उन्होंने नेपाली झंडे और प्रे फॉर नेपाल’ संदेश के साथ रेत की कलाकृति बनाकर प्रभावित लोगों के लिए प्रार्थना की।
बाढ़ के बाद नेपाल की सड़कों पर कीचड़ और मलबा
एक सुरक्षाकर्मी धादिंग में बाढ़ के बाद सड़क पर जमा कीचड़ और मलबा हटाता हुआ।
सड़क पर जमा कीचड़ और मलबे में फंसे एक ऑटो-रिक्शा को निकालने की कोशिश करते पुलिसकर्मी।
एक महिला बाढ़ प्रभावित इलाके में गैस सिलेंडर के पास बैठकर फोन पर बात करती हुई।
एक महिला बाढ़ के बाद मलबे और कीचड़ से घिरे इलाके में खड़ी हुई।
त्रिशूली सुरंग में फंसे लोगों को बचाने पहुंची भारतीय टीम
नेपाल के रसुवा जिले में त्रिशूली-3A जलविद्युत परियोजना की सुरंग में लोगों के फंसे होने की आशंका है। उन्हें बचाने के लिए भारत की एक टीम भी त्रिशूली पहुंच गई है।
भारतीय टीम पहले हेलिकॉप्टर से चिलिमे और लांगटांग इलाके का हवाई सर्वे करेगी। इसके बाद हालात के मुताबिक आगे का बचाव अभियान चलाया जाएगा।
सुरंग में फंसे लोगों की तलाश के लिए दो दिन से रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। शनिवार सुबह से सुरंग का रास्ता खोलने के लिए मलबा और मिट्टी हटाने का काम तेज कर दिया गया है।
ग्लेशियर टूटने के तुरंत बाद का वीडियो आया
इसमें धूल और मलबा तेजी से घाटी की ओर जाता हुआ दिखाई दे रहा है।
तिब्बत के पास नेपाल में हिमस्खलन का खौफनाक मंजर कैमरे में कैद हुआ। टूर गाइड और हाइकर्स के एक ग्रुप ने बुधवार सुबह तिब्बत में एक ऑब्जर्वेशन डेक से इस घटना को देखा। यहां से नेपाल की सीमा के पार बर्फ से ढके पहाड़ और ग्लेशियर दिखाई देते हैं।
हाइकर्स के वीडियो में हिमस्खलन से पहले और बाद का अंतर साफ दिखाई देता है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ग्लेशियर की बर्फ और चट्टानों का कितना बड़ा हिस्सा नीचे घाटी में गिरा।
ग्रुप जब नीचे उतरा, तब उन्हें रास्ते बंद मिले। इसके बाद उन्हें हिमस्खलन और उसके बाद आई बाढ़ से हुई तबाही की जानकारी मिली।
चीन में बाढ़ की तस्वीरें और वीडियो क्यों नहीं दिख रहे?
नेपाल और तिब्बत की सीमा पर आई बाढ़ की तस्वीरें और वीडियो पूरी दुनिया में तेजी से फैल गए। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा ग्यिरोंग पोर्ट के वीडियो की हुई। यह नेपाल और तिब्बत के बीच एक अहम सीमा चौकी है। वीडियो में दिख रहा है कि बाढ़ का तेज पानी सब कुछ बहाता हुआ आगे बढ़ रहा है और लोग जान बचाने के लिए भाग रहे हैं।
BBC की रिपोर्ट के मुताबिक चीन के सोशल मीडिया पर यह वीडियो नहीं दिख रहा है।
ये वीडियो CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुए थे। सोशल मीडिया के जरिए ये दुनिया के कई देशों में पहुंच गए। लेकिन चीन में लोगों को ये वीडियो आसानी से देखने को नहीं मिले। चीन के सरकारी टीवी समाचार में भी अब तक इस घटना की सिर्फ एक तस्वीर दिखाई गई है।
चीन के इंटरनेट पर बाढ़ के वीडियो ढूंढना मुश्किल है। यहां तक कि इस बाढ़ में हुई मौतों और लापता लोगों के बारे में सोशल मीडिया पर लिखी पोस्ट भी आसानी से नहीं मिल रही हैं।
ऐसा इसलिए है क्योंकि चीन में इंटरनेट पर सरकार का कड़ा नियंत्रण और सेंसरशिप है। कौन-सी जानकारी लोगों तक पहुंचेगी और कौन-सी नहीं, इस पर सरकार का काफी नियंत्रण रहता है।
नेपाल ने भारत की मदद के लिए आभार जताया
नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करते हुए भारत के समर्थन के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की ओर से दिखाई गई चिंता, सहयोग और एकजुटता के लिए नेपाल सरकार और जनता की ओर से वह दिल से धन्यवाद।
काठमांडू के मुर्दाघर में अपनों को तलाशते लोग
UN बोला- नेपाल में हजारों परिवारों को खाने और साफ पानी की जरूरत
नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद हालात अब भी गंभीर हैं। UN के मुताबिक, हजारों परिवारों को भोजन और पीने के साफ पानी की जरूरत है।
राहत-बचाव के लिए कई देशों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने मदद बढ़ाई है। यूरोपीय संघ, कनाडा और अमेरिका ने नेपाल को राहत सामग्री और आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
वैज्ञानिक बोले- कभी भी टूट सकता है दूसरी झील का बांध
वैज्ञानिक जेफ्री कार्गेल ने CNN से कहा कि नेपाल में बाढ़ प्रभावित इलाके के ऊपर बनी दूसरी झील का पानी अस्थिर है। बांध टूटा तो नीचे के इलाकों में फिर बड़ी बाढ़ आ सकती है।
पहली झील का बांध शुक्रवार को टूट चुका है। अगर दूसरी झील भी टूटी तो उसका पानी पहली झील में पहुंचकर दोनों का पानी एक साथ नीचे ला सकता है। कार्गेल ने रेस्क्यू टीमों को ऊंचे इलाकों में तैयार रहने की सलाह दी है।
दोनों झीलें नेपाल-चीन सीमा के पास हैं, जहां बुधवार को भीषण बाढ़ आई थी।
बाढ़ से नेपाल में 80 पुल और 40 किमी सड़कें टूटीं
बाढ़ ने नेपाल की नई सरकार की आर्थिक मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। देश की अर्थव्यवस्था विदेशी मदद, विदेशों में काम कर रहे नेपाली लोगों के भेजे पैसे और चीन-भारत के सामान पर निर्भर है।
राष्ट्रीय आपदा प्राधिकरण के मुताबिक, बाढ़ से 80 पुल और करीब 40 किमी सड़कें खराब हुई हैं। प्रभावित इलाका चीन सीमा के पास है। ये सड़कें और पुल चीन से सामान लाने-भेजने के लिए जरूरी हैं। चीन नेपाल का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
नई दिल्ली, एजेंसी। बिहार के खगड़िया और चंपारण समेत 20 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, 1 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है।
वहीं, नेपाल में आई बाढ़ से बिहार के 8 जिलों में हाई अलर्ट है। गंगा और गंडक खतरे के निशान से ऊपर हैं। कोसी और बागमती नदियां भी उफान पर हैं। यहां 50 हजार से ज्यादा घर पानी में डूबे हैं।
उत्तराखंड के 11 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, गुरुवार को चमोली में लैंडस्लाइड से बद्रीनाथ हाईवे कुछ देर के लिए बाधित हुआ।
हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर भारी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 31 अगस्त से 2 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। लैंडस्लाइड्स और भारी बारिश के चलते राज्य में 70 सड़कें बंद हैं।
सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति
देशभर से मौसम की तस्वीरें
तस्वीर बिहार के वैशाली की है, जहां गंडक नदी गंगा में मिलती है। यहां देसरी, गनियारी घाट से सटे गांवों में पानी घुसने लगा है।
यूपी के महोबा में गुरुवार सुबह से शाम तक सबसे ज्यादा 131.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। सड़कें डूबने से कई जगह जाम लग गया।
मध्य प्रदेश के निवाड़ी में भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। हाईवे पर ट्रैफिक थम गया है।
राजस्थान में कोटा के नोनेरा डैम के कैचमेंट एरिया में लगातार बारिश हो रही है। इसके चलते डैम के गेट खोल दिए गए हैं।
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर के ग्राम तेतरडीह में कृषि विभाग का बांध टूट गया। पानी खेतों में भरने से धान की फसल को नुकसान हुआ है।
ओडिशा: IMD ने 21 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ओडिशा के 19 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें 28 अगस्त को कई स्थानों पर गरज और बिजली के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान है। क्योंझर और मयूरभंज को भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट पर रखा गया है।
यह चेतावनी तब आई है जब उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके प्रभाव में, 29 अगस्त को पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तट के साथ एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिससे पूरे राज्य में और अधिक बारिश होगी।