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जम्मू-कश्मीर चुनाव, बीजेपी का घोषणा पत्र जारी:5 लाख रोजगार, हर साल 2 फ्री सिलेंडर देने का वादा; शाह बोले- 370 की वापसी कभी नहीं होगी
श्रीनगर ,एजेंसी। भाजपा ने शुक्रवार, 6 सितंबर को जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का घोषणा पत्र जारी किया। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि कॉलेज छात्रों को हर साल 3 हजार रुपए यातायात भत्ता दिया जाएगा। 10वीं क्लास में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को टेबलेट और लैपटॉप मिलेगा।
उन्होंने कहा, ‘5 लाख रोजगार दिए जाएंगे। उज्जवला योजना के लाभार्थियों को हर साल 2 फ्री LPG सिलेंडर दिया जाएगा। अटल आवास योजना के जरिए भूमिहीन लोगों को 5 मरला (एक बीघा) जमीन मुफ्त दी जाएगी।’
जम्मू-कश्मीर में विधानसभा की 90 सीटें हैं, जिनमें से 47 घाटी में और 43 जम्मू संभाग में हैं। प्रदेश में 18 सितंबर, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को तीन फेज में चुनाव होने हैं। नतीजे 8 अक्टूबर को आएंगे।
गृह मंत्री ने कहा- 370 हटने नहीं देंगे शाह ने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर भारत का है, था और रहेगा। 10 साल में राज्य का विकास हुआ है और रहा है। आज धारा 370 और 35 (A) बीते दौरे की बात बन गई है। अब ये हमारे संविधान का हिस्सा नहीं है। ये सब पीएम नरेंद्र मोदी के ताकतवर फैसले से हुआ। धारा 370 इतिहास बन गई है। हम इसे कभी आने नहीं देंगे।’
बीजेपी के संकल्प पत्र की 9 बड़ी बातें
- महिलाओं के लिए: उज्जवला योजना के लाभार्थियों को हर साल 2 फ्री एलपीजी सिलेंडर। मां सम्मान योजना के जरिए हर एक परिवार की सबसे सीनियर महिला को 18 हजार रुपए महीने की आर्थिक सहायता। महिला सेल्फ-हेल्प ग्रुप का लोन माफ की घोषणा।
- स्टूडेंट्स के लिए, युवाओं के लिए: पंडित प्रेम नाथ डोगरा रोजगार योजना के जरिए 5 लाख रोजगार के अवसर पैदा करना। प्रगति शिक्षा योजना के तहत कॉलेज स्टूडेंट्स को हर साल 3 हजार रुपए यातायात भत्ता। JKPSC और UPSC की तैयारी के लिए 2 साल तक 10 हजार रुपए कोचिंग फीस की आर्थिक सहायता। 10वीं क्लास में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को टेबलेट और लैपटॉप मिलेगा।
- राज्य के डेवलपमेंट के लिए: श्रीनगर की डल झील को वर्ल्ड क्लास टूरिस्ट बनाया जाएगा। श्रीनगर के टैटू ग्राउंड में एम्यूजमेंट पार्क बनाया जाएगा। डोडा, किश्तवाड़, रामबन, राजौरी, पुंछ, उधमपुर और कठुआ के ऊपरी एरिया टूरिस्ट इंडस्ट्री के तौर पर अपडेट होंगे। कश्मीर घाटी में गुलमर्ग और पहलगाम को मॉडर्न टूरिस्ट सिटी बनाया जाएगा। श्रीनगर में तवी रिवरफ्रंट बनाया जाएगा। रणजीत सागर बांध बसोहली के लिए अलग झील विकास प्राधिकरण बनाया जाएगा। जम्मू में स्पेशल इकोनॉमिक जोन के तौर पर आईटी हब बनाया जाएगा।
- पानी और सोलर के लिए: बिजली-पानी के बकाया बिलों की समस्या के लिए योजना लाई जाएगी। हर घर नल से जल (जल जीवन मिशन) के तहत जम्मू-कश्मीर के सभी घरों में पीने का पानी पहुंचाया जाएगा। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के जरिए परिवारों को मुफ्त बिजली, सोलर उपकरण लगाने के लिए 10 हजार की सब्सिडी की घोषणा।
- संविदा, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए: एडहॉक, संविदा, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए नई नीति लाई जा सकती है। आंगनवाड़ी, आशा, एनएचएम, रहबर-ए-खेल कर्मचारियों (Rek), सामुदायिक सूचना केंद्र (CIC) संचालकों, होम गार्ड और राष्ट्रीय युवा कोर जैसे कम्युनिटी वर्करों को अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।
- किसानों के लिए: पीएम किसान सम्मान निधि में 10 हजार दिए जाएंगे, 6 हजार रुपए में अतिरिक्त 4 हजार शामिल होंगे। खेती के कामों के लिए बिजली दरों को 50 फीसदी कम किया जाएगा। अटल आवास योजना के जरिए भूमिहीन लोगों को 5 मरला (करीब एक बीघा) जमीन मुफ्त दी जाएगी।
- डेवलपमेंट बोर्ड और IT हब के लिए: जम्मू-कश्मीर में सरकारी योजनाओं की निगरानी के लिए तीन क्षेत्रीय विकास बोर्ड (RDB) स्थापित किए जाएंगे। जम्मू में स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) के तौर पर आईटी हब बनाया जाएगा। उधमपुर में फार्मास्युटिकल पार्क और किश्तवाड़ में आयुष हर्बल पार्क की स्थापना।
- विस्थापित समाज पुनर्वास योजना के लिए: टीका लाल टपलू विस्थापित समाज पुनर्वास योजना शुरू होगी। कश्मीरी पंडितों, वाल्मीकि, गोरखाओं सहित अन्य विस्थापितों की सुरक्षित वापसी और पुनर्वास में तेजी लाई जाएगी।
- 100 खंडहर मंदिरों के लिए: ऋषि कश्यप तीर्थ पुनरुद्धार अभियान के अंतर्गत हिंदू मंदिरों और धार्मिक स्थलों का पुनर्निर्माण किया जाएगा। 100 खंडहर मंदिरों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। धार्मिक और आध्यात्मिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से शंकराचार्य मंदिर (ज्येष्ठेश्वर मंदिर), रघुनाथ मंदिर व मार्तंड सूर्य मंदिर सहित अन्य मौजूदा मंदिरों का और अधिक विकास किया जाएगा।
- मोदी-शाह समेत 40 स्टार प्रचारक बनाए भाजपा ने जम्मू-कश्मीर में चुनाव प्रचार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी की है। लिस्ट में शिवराज चौहान, योगी आदित्यनाथ और स्मृति ईरानी का भी नाम है।
- कश्मीर में कुछ सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों का समर्थन कर सकती है भाजपा जम्मू-कश्मीर भाजपा अध्यक्ष रविंदर रैना ने कहा कि घाटी के कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में जमीनी हालात को देखते हुए भाजपा कुछ निर्दलीय उम्मीदवारों का समर्थन कर सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे जम्मू-कश्मीर में इस समय भाजपा की जबरदस्त लहर है। मैं विश्वास के साथ कहता हूं कि जम्मू-कश्मीर में भाजपा की सरकार बनेगी। प्रचंड बहुमत के साथ जम्मू-कश्मीर में भाजपा अपनी सरकार बनाएगी।
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CBI Raid: सरकारी पैसे की हेराफेरी में CBI का बड़ा एक्शन, दिल्ली-NCR सहित 6 जगहों पर छापे
नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने सरकारी धन की हेराफेरी और बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से जुड़े 661 करोड़ रुपये के एक बहुत बड़े धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई की टीमों ने एक साथ चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली-एनसीआर में छह अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। अधिकारियों से रविवार को मिली जानकारी के मुताबिक इस महाघोटाले की आंच हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन के कई बड़े विभागों तक पहुंच चुकी है जिसके बाद जांच एजेंसी ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू फाइनेंस बैंक में जमा धनराशि के कथित दुरुपयोग की जारी जांच के तहत शुक्रवार को हरियाणा कैडर के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और नोएडा स्थित विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक से जुड़े परिसरों पर छापे मारे गए।
सीबीआई के अनुसार इस धोखाधड़ी से हरियाणा सरकार के आठ विभाग और चंडीगढ़ के दो विभाग – चंडीगढ़ नगर निगम और चंडीगढ़ नवीकरणीय ऊर्जा और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संवर्धन सोसायटी (सीआरईएसटी) प्रभावित हुए। बयान में कहा गया, जांच के दौरान ऐसे सबूत सामने आए हैं जिनसे पता चलता है कि सरकारी कर्मचारियों ने बैंक अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके खाते खुलवाए और धन हस्तांतरण किया और फिर उसका इस्तेमाल दूसरे कामों में किया।
सीबीआई ने आरोप लगाया कि सरकारी कर्मचारियों ने लेन-देन को सुगम बनाने और अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई न करने के बदले अनुचित लाभ प्राप्त किए। जांच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खाते में अपराध से प्राप्त धनराशि जमा हुई जिसे बाद में उसके निदेशक के निजी खाते में स्थानांतरित कर दिया गया।
सीबीआई ने कहा, छापे के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, संपत्ति संबंधी दस्तावेज और अन्य संबंधित सामग्री जब्त की गई। यह जांच हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से लिए गए एक मामले और चंडीगढ़ के आर्थिक अपराध शाखा पुलिस थाने द्वारा मूल रूप से दर्ज किए गए दो मामलों से संबंधित है।
सीबीआई ने बताया कि ये मामले कथित आपराधिक साजिश, सरकारी धन के दुरुपयोग और बैंक अधिकारियों और लोक सेवकों की मिलीभगत से किए गए संबंधित अपराधों से जुड़े हैं। सीबीआई ने कहा कि उसने पंचकूला की एक विशेष अदालत में अपना पहला आरोप पत्र दाखिल कर दिया है जिसमें हरियाणा पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के लोक सेवकों की कथित भूमिका का विस्तृत विवरण दिया गया है।
आरोपपत्र में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू फाइनेंस बैंक में जमा सरकारी धन की हेराफेरी के लिए इस्तेमाल किए गए कथित तौर-तरीकों का भी विवरण दिया गया है। जांच जारी है और इस मामले में संलिप्त पाए गए अन्य आरोपियों के खिलाफ अतिरिक्त आरोपपत्र दाखिल किए जाएंगे।
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‘जो कोर्ट-कचहरी का खर्च नहीं उठा सकते, उन्हें भी मिले न्याय’, CJI सूर्यकांत ने लंदन के मंच से कह दी बड़ी बात, बोले- न्याय केवल अमीरों का हक नहीं
नई दिल्ली/लंदन, एजेंसी। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा है कि न्याय व्यवस्था का उद्देश्य केवल उन लोगों के अधिकारों की रक्षा करना नहीं है जो मुकदमेबाजी का खर्च उठा सकते हैं, बल्कि हर नागरिक को न्याय सुलभ कराना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि न्यायपालिका को ऐसा संस्थान होना चाहिए, जिसका संरक्षण समाज के अंतिम व्यक्ति तक महसूस हो।

लंदन के कार्यक्रम में सूर्यकांत ने रखे अपने विचार
लंदन स्थित क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान छात्रों से संवाद करते हुए CJI सूर्यकांत ने न्यायपालिका में जनता के विश्वास, न्याय तक पहुंच और कानूनी व्यवस्था के भविष्य जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए।
‘जनता का भरोसा पारदर्शिता से मिलता है, पद से नहीं’
उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतंत्र में जनता का भरोसा अपने आप नहीं मिलता, बल्कि पारदर्शिता, निरंतरता और आत्म-सुधार के माध्यम से अर्जित करना पड़ता है। न्यायपालिका संविधान की अंतिम संरक्षक है, लेकिन उसे संविधान और नागरिकों दोनों के प्रति जवाबदेह रहना चाहिए।
‘अदालतों में एकरूपता से बढ़ेगा न्याय व्यवस्था पर विश्वास’
सीजेआई ने एक समान राष्ट्रीय न्यायिक नीति की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि अदालतों के फैसलों में एकरूपता आने से लोगों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास मजबूत होता है और कानून के शासन को मजबूती मिलती है।
प्रौद्योगिकी की भूमिका पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि तकनीक ने न्याय तक पहुंच को आसान बनाया है। हालांकि न्यायपालिका की जिम्मेदारी है कि नवाचार को अपनाते समय निष्पक्षता, सुलभता और समान न्याय के संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि एक न्यायाधीश के लिए सबसे संतोषजनक क्षण वह होता है जब किसी व्यक्ति को यह महसूस हो कि उसकी बात सुनी गई और उसे न्याय मिला।
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बंगाल सरकार के आदेश से मदरसा संचालकों की उड़ी नींद, 5 जुलाई तक करना होगा ये काम नहीं तो…
कोलकाता, एजेंसी। पश्चिम बंगाल सरकार ने मदरसों के कामकाज, उनके बुनियादी ढांचे और उनकी कानूनी स्थिति के बारे में व्यापक जानकारी प्राप्त करने के लिए राज्यव्यापी सर्वेक्षण शुरू किया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में पांच जुलाई तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था।

भाजपा सरकार ने बदली रणनीति
अधिकारियों ने कहा कि सर्वेक्षण से सरकार को यह सत्यापित करने में भी मदद मिलेगी कि सभी मदरसे मौजूदा नियमों के अनुसार चल रहे रहे हैं या नहीं और यह भी कि उनके पास आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं या नहीं। यह घटनाक्रम भाजपा के राज्य में सत्ता में आने के एक महीने बाद सामने आया है। पार्टी ने 15 वर्षों तक राज्य पर शासन करने वाली तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से बेदखल कर दिया था।
पंजीकरण विवरण, वैध दस्तावेजों की मांगी रिपोर्ट
अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग ने पांच जून को एक अधिसूचना जारी की जिसके अनुसार, जिला प्रशासनों को मदरसों के स्थान, उनकी स्थापना का वर्ष, पंजीकरण विवरण, वैध दस्तावेजों की उपलब्धता और विद्यार्थियों, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की संख्या के बारे में डेटा एकत्र करने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट करना होगा कि संस्थान आवासीय हैं, सहायता प्राप्त निजी संस्थान हैं या गैर-सहायता हैं।
मदरसा शिक्षा क्षेत्र में भविष्य की योजना बनाने का उद्देश्य
रिपोर्ट में मदरसों में पढ़ाए जा रहे पाठ्यक्रमों का विवरण देना होगा। राज्य सचिवालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मदरसा शिक्षा क्षेत्र में भविष्य की योजना बनाने में सहायता के लिए एक अद्यतन डेटाबेस तैयार करना है। प्रशासन के सूत्रों ने संकेत दिया कि समीक्षा के दौरान पाई गई किसी भी अनियमितता या अनधिकृत गतिविधि की अलग से जांच की जाएगी।
‘वंदे मातरम’ का गायन अनिवार्य
हालांकि मदरसों द्वारा अपनाए जा रहे मौजूदा शैक्षणिक ढांचे या पाठ्यक्रम में बदलाव का कोई प्रस्ताव नहीं है। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से राज्य सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में शुरू की गई कई नीतिगत पहलों के बीच यह कदम उठाया गया है। संयोगवश, भाजपा सरकार ने हाल में राज्य में अन्य शिक्षण संस्थानों के साथ-साथ मदरसों में भी सुबह की प्रार्थना के दौरान ‘वंदे मातरम’ का गायन अनिवार्य कर दिया है।
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