कोरबा
जिले के 65 धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी हुआ शुरू
Published
1 year agoon
By
Divya Akashकोरबा। छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी योजनाओं एवं फैसलों से अन्न उपजाने वाले किसानो में प्रसन्नता व्याप्त है। जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर किसानों से जिले के 65 उपार्जन केंद्रों में जिला प्रशासन द्वारा धान खरीदी के लिए टोकन वितरण, बारदाने की उपलब्धता, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, भुगतान आदि की समुचित व्यवस्था करने के साथ धान खरीदी सुचारू रूप से शुरू की गई है। उपार्जन केन्द्र पोड़ी में अपनी उपज विक्रय के लिए पहुंचे विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा के ग्राम टुनियाकछार के रहने वाले किसान जे. पी. सिंह एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती माधुरी देवी ने प्रशासन द्वारा केंद्र में धान विक्रय के लिए किसानों हेतु दी गई सहूलियत से खुश हैं।
माधुरी देवी ने कहा कि आज उनकी मेहनत रंग लाई है और वे धान विक्रय के लिये उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि जून-जुलाई के महीने में खेत की जुताई से लेकर नवम्बर-दिसम्बर में फसल की कटाई तक किसान का पूरा समय फसल की देखरेख में गुजरता है। किसान अच्छी फसल के उत्पादन के लिए कड़ी मेहनत व अथक परिश्रम करता है एवं उसे खुशी अपने उपज को उपार्जन केंद्र में पहुँचाकर मिलती है। उन्होंने बताया कि उनकी 17 एकड़ कृषि भूमि है। जहाँ वे खरीफ मौसम में धान की पैदावार लेते है। आज धान खरीदी के पहले दिन वे समिति में लगभग 10 क्विंटल धान बेचने आए हैं। आने वाले दिनों में उनके द्वारा और भी धान का विक्रय किया जाएगा। केंद्र में उन्हें धान विक्रय में किसी प्रकार की समस्या नहीं हुई। महतारी वंदन योजना से हर माह एक हजार रुपए मिलने से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही है इसके साथ ही फसलों का उचित दाम मिलने से उन्हें भी संबल मिल रहा है।
माधुरी देवी के पति किसान जे. पी. सिंह ने खरीदी केंद्र में प्रशासन द्वारा की गई समुचित व्यवस्था को देखकर हर्ष प्रकट किया। उन्होंने बताया कि उनके परिश्रम, फसल की उचित देखरेख एवं क्षेत्र में हुए अच्छी बारिश से इस वर्ष उनकी फसल अच्छी हुई है, जिसके विक्रय से उनकी आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी। उन्होंने बताया कि समिति प्रबंधक द्वारा केंद्र में किसानों के लिए सभी सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा गया है। उन्हें धान विक्रय के लिए टोकन मिलने, बारदाना उपलब्धता के साथ ही धान तौलाई का कार्य भी बहुत ही सरलता से हो गया। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इस वर्ष 3100 रुपए प्रति क्विंटल एवं 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी होने से किसानों को उनकी उपज का वास्तविक मूल्य मिल रहा है। कृषक श्री सिंह ने बताया कि उनके द्वारा विगत वर्ष 210 क्विन्टल धान विक्रय किया गया था एवं 06 लाख रूपए तक का आय अर्जित किया गया था। आज उनके द्वारा पहला टोकन प्राप्त कर लगभग 10 क्विंटल धान विक्रय किया गया है एवं कुछ दिनों में उनके द्वारा और धान का विक्रय भी किया जाएगा। किसान जे. पी. सिंह ने कहा कि सरकार की यह पहल किसानों को आत्मनिर्भर बनाने का सकारात्मक प्रयास है, जिससे किसानों को अधिक लाभ मिलेगा एवं उनकी आय में वृद्धि के साथ ही आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी। उन्होंने सरकार के कहे वादे अनुसार निर्धारित समर्थन मूल्य में धान खरीदी के लिए राज्य सरकार के मुखिया विष्णुदेव साय व जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया है।
You may like
कोरबा
न्यू कोरबा अस्पताल में न्यूरो केयर की बड़ी पहल: 30 दिवसीय मेगा न्यूरो कैंप शुरू, 100 से अधिक लोग लाभान्वित
Published
20 hours agoon
January 17, 2026By
Divya Akashकोरबा। कोसाबाड़ी स्थित न्यू कोरबा अस्पताल में न्यूरो संबंधी मरीजों के लिए एक बड़ी और राहत भरी पहल शुरू की है। अस्पताल में 30 दिवसीय मेगा न्यूरो कैंप की शुरुआत की गई है, जो 31 जनवरी तक पूरे माह चलेगा। इस कैंप के तहत मरीजों को न्यूरो परामर्श निशुल्क एवं आवश्यक जांच में अधिकतम छूट उपलब्ध कराई जा रही है।
मेगा कैंप में प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ. शिवानी प्रगदा एवं न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. मनीष गोयल द्वारा प्रतिदिन निशुल्क ओपीडी सुबह 11 से 2 बजे तक व शाम 6 से 8 बजे तक परामर्श दिया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, न्यूरो केयर डिपार्टमेंट में सुविधाओं के विस्तार की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अब न्यूरोलॉजिस्ट, न्यूरो फिजियोथैरेपिस्ट, न्यूरोसर्जन के साथ न्यूरो साइकाइट्री की सुविधा भी जोड़ दी गई है, जिससे न्यूरो से संबंधित किसी भी आवश्यकता वाले मरीजों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि अब सभी न्यूरो जांच, परामर्श, फिजियोथेरेपी और सर्जरी की सुविधा एक ही छत के नीचे उपलब्ध है, जो कोरबा जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान समय में न्यूरो बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण मरीज समय पर डॉक्टर तक नहीं पहुंच पाते। अधिकांश मरीज तब अस्पताल आते हैं जब बीमारी गंभीर रूप ले चुकी होती है। ऐसे में इस तरह के मेगा कैंप समय पर जांच और उपचार के माध्यम से बीमारी को बढ़ने से रोकने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि ठंड के मौसम में बुजुर्गों में ब्रेन हेमरेज और लकवा (पैरालिसिस) का खतरा अधिक रहता है, जिसके प्रमुख कारण हाई ब्लड प्रेशर, बढ़ती उम्र और नशे की आदतें हैं। उन्होंने प्राथमिक देखभाल की जानकारी देते हुए कहा कि बेहोश मरीज को खाना या पानी नहीं देना चाहिए और अस्पताल ले जाते समय मरीज को करवट देकर रखना चाहिए। मिर्गी (एपिलेप्सी) को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों पर चिंता जताते हुए डॉक्टरों ने कहा कि यह कोई अभिशाप नहीं, बल्कि एक सामान्य न्यूरोलॉजिकल बीमारी है। झाड़-फूंक और अंधविश्वास के कारण मरीजों को प्रताड़ित करना गलत है और इससे बीमारी और गंभीर हो सकती है। न्यू कोरबा अस्पताल का यह 30 दिवसीय मेगा न्यूरो कैंप न सिर्फ इलाज बल्कि जनजागरूकता की दिशा में भी एक सराहनीय पहल माना जा रहा है, जिससे जिले के आम लोगों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके। पिछले 15 दिनों में 100 से भी अधिक मरीजों ने अपना रजिस्टेशन कराकर निशुल्क ओपीडी परामर्श लिया।
कोरबा
सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य आयोजन
Published
2 days agoon
January 16, 2026By
Divya Akash220 मातृशक्तियों की सहभागिता, नन्हे भैया-बहनों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिया पारिवारिक संस्कारों का संदेश
कोरबा। सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी, कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य, सुव्यवस्थित एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य राजकुमार देवांगन रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में दीपक सोनी (कोरबा विभाग समन्वयक) एवं संजय कुमार देवांगन (प्रधानाचार्य, पूर्व माध्यमिक) उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत विद्यालय परिवार द्वारा पारंपरिक रीति से किया गया।

अपने संबोधन में अतिथियों ने मातृशक्ति की भूमिका को बाल संस्कार एवं राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रारंभिक शिक्षा में माता का योगदान सबसे निर्णायक होता है। इस अवसर पर विद्यालय के नन्हे भैया-बहनों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। बच्चों ने आकर्षक नृत्य, गीत एवं लघु प्रस्तुतियों के माध्यम से पारिवारिक वातावरण, नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं संस्कारों का संदेश दिया। बच्चों की सहज एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित माताओं एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम में कुल 220 मातृशक्तियों की गरिमामयी सहभागिता रही, जिससे मातृसंगोष्ठी अत्यंत सफल रही। माताओं ने विद्यालय की शिक्षण पद्धति, संस्कार आधारित शिक्षा एवं गतिविधियों की सराहना की। शिशु नगरी कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय की 12 शैक्षिक व्यवस्थाओं एवं सहयोगी संस्थाओं की जीवंत प्रदर्शनी लगाई गई। इन प्रदर्शनियों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास, कौशल निर्माण, संस्कार शिक्षा एवं व्यवहारिक ज्ञान को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया। अभिभावक बंधुओं के सहयोग से आनंद मेले का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्राथमिक विभाग के भैया-बहनों ने विभिन्न खेलों, गतिविधियों एवं मनोरंजन कार्यक्रमों में भाग लेकर भरपूर आनंद उठाया। आनंद मेला बच्चों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रधानाचार्य पंकज तिवारी ने सभी अतिथियों, मातृशक्तियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से विद्यालय एवं परिवार के बीच सहयोग और विश्वास और अधिक मजबूत होता है। उप-प्रधानाचार्य श्रीमती सीमा त्रिपाठी सहित समस्त आचार्य परिवार ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
कोरबा
बॉयोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन कर संजय सुमन ने कमाए साल में 3.20 लाख
Published
2 days agoon
January 16, 2026By
Divya Akashकोरबा। विकासखंड करतला के ग्राम बड़मार निवासी संजय सुमन ने मछली पालन को अपना मुख्य व्यवसाय बनाकर सफलता की नई मिसाल कायम की है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत नवीन बॉयोफ्लॉक तकनीक अपनाकर उन्होंने कम भूमि में अधिक उत्पादन कर उल्लेखनीय आय अर्जित की है।
संजय सुमन ने अपनी 25 डिसमिल भूमि पर बॉयोफ्लॉक तालाब का निर्माण कराया। इस तकनीक में तालाब में लाइनर बिछाकर पानी भरा जाता है और तेजी से बढ़ने वाली उन्नत प्रजाति की मछलियों का पालन किया जाता है। इसकी विशेषता है कि वर्ष में दो बार उत्पादन लेकर अधिक आय प्राप्त की जा सकती है।
सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत उन्हें 8.40 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। पिछले वर्ष संजय सुमन ने बॉयोफ्लॉक तालाब से 6 मैट्रिक टन मछली उत्पादन किया, जिसे बेचकर 07 लाख 20 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई। उत्पादन लागत निकालने के बाद उन्हें 03 लाख 20 हजार रुपये का शुद्ध लाभ हुआ।
सफलता से उत्साहित संजय सुमन इस वर्ष अपने कार्य का विस्तार कर उत्पादन एवं आय को दुगुना करने की योजना बना रहे हैं। बॉयोफ्लॉक तकनीक की खासियत यह है कि कम भूमि में अधिक उत्पादन संभव होता है, जिससे किसानों की आय में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।
संजय सुमन की यह कहानी क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।

स्वर्गीय सेठ स्वर्गीय प्रभु अग्रवाल (प्रभु कृपा) के पुण्यतिथि पर किया गया भोग वितरण….देखे पूरी खबर
बाँकी ढेलवाडी मुख्य मार्ग पर बॉलरों सवार ने बाइक को मारी टक्कर, बाइक सवार की हालत नाजुक…देखे पूरी खबर
घर में काम करने वाली बाई ने की गहने समेत लाखों रुपए की चोरी…। खरीदार समेत बाई गिरफ्तार…देखे पूरी खबर
कटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
सुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
ग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
Trending
कोरबा2 years agoकटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
Uncategorized4 months agoसुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
कोरबा1 year agoग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
कोरबा2 years agoकुसमुंडा खदान में डंपर पलट कर लगी आग, सरकारी गाड़ी में कोयला और डीजल चोर सवार थे, जलने से दोनों गंभीर
कोरबा2 years agoश्रीमती स्वाति दुबे का निधन
कोरबा2 years agoकटघोरा जनपद की 25 करोड़ की जमीन उनके करीबी कांग्रेसियों की 25 लाख में कैसे हो गई?
छत्तीसगढ़2 years agoबिलासपुर में अपोलो अस्पताल के 4 सीनियर डॉक्टर अरेस्ट
कोरबा2 years agoदर्री में 1320 मेगावाट विद्युत परियोजना के लिए नई सरकार गठन के बाद होगी पर्यावरणीय जनसुनवाई