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विदेश

यूक्रेन जंग के बाद पुतिन पहली बार भारत आएंगे: रूस बोला- तारीख जल्द तय करेंगे; 3 साल पहले 4 घंटे के लिए भारत आए थे

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मॉस्को, एजेंसी । रूस-यूक्रेन जंग के बाद राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहली बार भारत की यात्रा करेंगे। क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने मंगलवार को इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने न्यूज एजेंसी ANI से कहा कि वे जल्द ही पुतिन के दौरे की तारीखों का ऐलान करेंगे। हमने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।

दिमित्री ने कहा कि PM मोदी की रूस की दो यात्राओं के बाद अब राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा हो रही है, इसलिए हम इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच न्यूज एजेंसी PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि पुतिन अगले साल रूस-भारत वार्षिक समिट के मौके पर आ सकते हैं।

PM मोदी ने इस साल दो बार रूस की यात्रा की है। वे BRICS समिट के लिए 22 अक्टूबर को रूस गए थे। इससे पहले जुलाई में भी मोदी ने दो दिन का रूस दौरा किया था। तब उन्होंने पुतिन को भारत आने का न्योता दिया था।

इससे पहले रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने 06 दिसंबर 2021 में भारत की यात्रा की थी। वह सिर्फ 4 घंटे के लिए भारत आए थे। इस दौरान भारत और रूस के बीच 28 समझौते पर दस्तखत हुए थे। इसमें मिलिट्री और तकनीकी समझौते थे। दोनों देशों ने 2025 तक 30 अरब डॉलर (2 लाख 53 हजार करोड़ रुपए) सालाना ट्रेड का टार्गेट रखा था।

पुतिन 6 दिसंबर 2021 को भारत दौरे पर आए थे। इस दौरान भारत-रूस के बीच कई समझौते हुए थे।

पुतिन 6 दिसंबर 2021 को भारत दौरे पर आए थे। इस दौरान भारत-रूस के बीच कई समझौते हुए थे।

अरेस्ट वारंट जारी होने के बाद दूसरे देशों की यात्रा से बच रहे पुतिन पिछले साल मार्च में ICC ने पुतिन के खिलाफ अरेस्‍ट वारंट जारी किया था। कोर्ट ने यूक्रेन में बच्चों के अपहरण और डिपोर्टेशन के आरोपों के आधार पर पुतिन को वार क्राइम्स के लिए जिम्मेदार माना था। यह पहला मौका था जब ICC ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के किसी स्थायी सदस्य देश के टॉप लीडर के खिलाफ अरेस्‍ट वारंट जारी किया था। अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस UNSC के स्थायी सदस्य हैं।

इसके बाद से पुतिन दूसरे देशों की यात्राएं करने से बचते रहे हैं। वह पिछले साल G20 समिट में शामिल होने भारत नहीं आए थे। इस साल ब्राजील में हो रहे G20 समिट में भी हिस्सा नहीं लिया है। उनकी जगह विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव दोनों कार्यक्रम में शामिल हुए।

2002 में शुरू हुआ इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट 1 जुलाई 2002 को इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट यानी ICC की शुरुआत हुई थी। ये संस्था दुनियाभर में होने वाले वॉर क्राइम, नरसंहार और मानवता के खिलाफ अपराधों की जांच करती है। ये संस्था 1998 के रोम समझौते पर तैयार किए गए नियमों के आधार पर कार्रवाई करती है।

इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट का मुख्यालय द हेग में है। ब्रिटेन, कनाडा, जापान समेत 123 देश रोम समझौते के तहत इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट के सदस्य हैं। भारत ICC का सदस्य देश नहीं है।

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विदेश

ट्रम्प की चेतावनी- अब होर्मुज में हमला मत करना:ऐसा किया तो ईरान में पुल और बिजली घरों को उड़ा देंगे, तेहरान तक अटैक करेंगे

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वॉशिंगटन, एजेंसी। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने एक बार फिर ईरान को बमबारी की धमकी दी है। ट्रम्प ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में एक भी जहाज पर हमला हुआ तो ईरान में पुल और बिजली घरों को उड़ा देंगे। इसमें तेहरान की राजधानी के अंदर या उसके पास मौजूद पुल और बिजलीघर भी शामिल होंगे।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा,

अब से अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी जहाज पर मिसाइल, रॉकेट, ड्रोन या किसी अन्य हथियार से हमला करता है, तो अमेरिका जवाब में ईरान के एक पुल या बिजलीघर को बम से उड़ा देगा।

वहीं, अमेरिका ने बुधवार तड़के ईरान के पांच शहरों में एक साथ एयर और मिसाइल स्ट्राइक की। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक चाबहार, कोनारक, तबरीज, बेहबहान और ओमीदियेह को निशाना बनाया गया। सीजफायर टूटने के बाद अमेरिका ने लगातार 11वीं रात यह हमला किया।

पिछले 24 घंटे के बड़े अपडेट्स…

भारत-चीन के टैंकरों ने रास्ता बदला

सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर भारत और चीन जा रहे दो टैंकर हूती विद्रोहियों की धमकी के बाद रेड सी में यू-टर्न लेकर स्वेज नहर की ओर लौट गए।

अमेरिका ने माना- ईरानी हमलों में 100 सैनिक घायल

पेंटागन ने स्वीकार किया कि 7 जुलाई के बाद ईरानी हमलों में करीब 100 अमेरिकी सैनिक घायल हुए। इनमें से 96% सैनिक इलाज के बाद ड्यूटी पर लौट चुके हैं।

कतर ने ईरान से मुआवजा मांगा

कतर ने संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद को पत्र भेजकर ईरान को हालिया हमलों और उनसे हुए सभी नुकसान के लिए जिम्मेदार ठहराया और पूरा मुआवजा देने की मांग की।

ट्रम्प ने माना- जॉर्डन में एक ईरानी हमला सफल रहा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने माना कि जॉर्डन में ईरान का एक हमला सफल रहा। हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत भी हुई थी।

ईरानी गृह मंत्री पाकिस्तान पहुंचे

ईरान के गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी पाकिस्तान पहुंचे और सेना प्रमुख आसिम मुनीर से मुलाकात की। बाद में उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी बातचीत की।

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विदेश

चीन ने भारत का जताया आभार, बोला- हमारे 12 नाविकों को बचाने का एहसान कभी नहीं भूलेंगे

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बीजिंग, एजेंसी। भारत और चीन के रिश्तों में धीरे-धीरे सुधार के संकेतों के बीच चीन ने भारतीय सेना के एक मानवीय अभियान की खुलकर सराहना की है। भारत में चीन के रक्षा अताशे रियर एडमिरल यू जियान ने कहा कि चीन पिछले साल केरल तट के पास दुर्घटनाग्रस्त मालवाहक जहाज से 12 चीनी नाविकों को सुरक्षित बचाने में भारतीय सेना की भूमिका को कभी नहीं भूलेगा।  मंगलवार को चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की 99वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में यू जियान ने कहा,”हम यह कभी नहीं भूलेंगे कि पिछले जून में केरल तट के पास आग लगने और विस्फोट का शिकार हुए एक मालवाहक जहाज से भारतीय सेना ने 12 चीनी नाविकों को सुरक्षित बचाया था।” उन्होंने इस मानवीय सहायता के लिए भारत का सार्वजनिक रूप से धन्यवाद भी किया।

‘साझा हित मतभेदों से बड़े’
चीनी रक्षा अताशे ने कहा कि भारत और चीन महत्वपूर्ण पड़ोसी देश हैं और दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा,”हमारा हमेशा से मानना रहा है कि भारत और चीन के साझा हित, आपसी मतभेदों से कहीं अधिक बड़े हैं।”साथ ही उन्होंने दोनों देशों की सेनाओं के बीच संवाद, विश्वास और सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। यू जियान का यह बयान ऐसे समय आया है, जब हाल के महीनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई मुलाकातों के बाद दोनों देशों के रिश्तों में सुधार के संकेत मिले हैं।इसके बाद सीमा और अन्य द्विपक्षीय मुद्दों पर दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है। ऐसे में चीन की ओर से भारत के मानवीय सहयोग की सार्वजनिक सराहना को द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

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देश

ईरान-अमेरिका तनाव का असर, एयर इंडिया ने ‘तेल अवीव-दिल्ली’ उड़ानें सितंबर के अंत तक रोकी

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नई दिल्ली, एजेंसी। पश्चिम एशिया में फिर से बढ़े तनाव और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच एअर इंडिया ने बुधवार को कहा कि उसने ‘तेल अवीव-दिल्ली’ वायुमार्ग पर अपनी उड़ानों का निलंबन सितंबर के अंत तक के लिए बढ़ा दिया है। पश्चिम एशिया में मौजूदा सुरक्षा स्थिति के मद्देनजर एअर इंडिया पिछले कई महीनों से इस मार्ग पर उड़ान सेवाओं का निलंबन लगातार बढ़ाती आ रही है। अमेरिका और ईरान द्वारा सैन्य गतिविधियां तेज किए जाने के बाद पिछले 10 दिनों में उत्पन्न हुई नई सुरक्षा चिंताओं के बीच यह घोषणा की गई है। इस संघर्ष के दौरान अमेरिका ने ईरान में पुलों, जल विलवणीकरण संयंत्रों और बिजली सुविधाओं को निशाना बनाया है, जबकि तेहरान ने इसके जवाब में पूरे पश्चिम एशियाई देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए हैं।

इजराइल में एअर इंडिया के परिचालन की व्यवस्था देखने वाले एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि सुरक्षा चिंताओं के कारण उड़ानों का निलंबन सितंबर के अंत तक बढ़ा दिया गया है। क्षेत्र में जारी तनाव को देखते हुए कई अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियां भी प्रतीक्षा और निगरानी की नीति अपना रही हैं। अमेरिका-ईरान संघर्ष फरवरी के अंत में शुरू हुआ था, जिसके बाद एअर इंडिया ने पहले अप्रैल में इस मार्ग पर उड़ानों का निलंबन मई के अंत तक करने की घोषणा की थी। बाद में इसे जुलाई के अंत तक बढ़ाया गया और अब इसे सितंबर के अंत तक बढ़ा दिया गया है। एअर इंडिया की उड़ानें निलंबित रहने से इजराइल में रह रहे 40,000 से अधिक भारतीयों की चिंताएं बढ़ गई हैं। इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं, जो निजी या पेशेवर कारणों से भारत जाना चाहते हैं या क्षेत्र में जारी अनिश्चितता के बीच यहां से बाहर निकलना चाहते हैं।  

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