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कोरबा

कटघोरा के ठेकेदार एवं अनुविभाग कटघोरा में पदस्थ अधिकारियों की सांठगांठ से कटघोरा, पाली, पोड़ी-उपरोड़ा ब्लाक में जल जीवन मिशन का बंटाधार

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कई ग्रामों में कागजों में योजना, जनप्रतिनिधियों में आक्रोश:शिविर में की शिकायत, कार्रवाई नहीं तो पीएचई आफिस के घेराव का ऐलान
पाली/कटघोरा/पोड़ी-उपरोड़ा ।

जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत कार्यों में ठेकेदार एवं अधिकारियों की जुगलबंदी से तकनीकी मापदंडों, गुणवत्ता को दरकिनार कर मनमाने ढंग से कराए जा रहे कार्यों को लेकर लिखित शिकायतों के बाद भी जिले में सम्बंधित फर्म के विरुद्ध जांच ठंडी पड़ी है।
ज्ञात हो कि जल जीवन मिशन के कार्यों को लेकर ग्रामवासी व जनप्रतिनिधि भी मुखर होने लगे हैं। इसकी 8 नवंबर को पोड़ी उपरोड़ा विकासखण्ड के ग्राम जटगा में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में किया गया जिसमें पाली ब्लॉक के 19 ग्राम पंचायतों में मेसर्स ज्योति इलेक्ट्रॉनिक्स कटघोरा के द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों की शिकायत की गई थी । सरपंच माखनपुर एवं ग्रामीणों ने फर्म के द्वारा कराए जा रहे कार्यों को तकनीकी मापदंडों के विपरीत गुणवत्ताहीन ,स्तरहीन बताते हुए मामले में अंतर्विभागीय जांच समिति गठित कर 30 दिवस के भीतर जिम्मदारों का चिन्हांकन कर उचित कार्यवाही करने एवं जांच तक आगामी भुगतान राशि रोके जाने की मांग की है।
दर्जनों गांवों में है नल जल निर्माण कार्य आधा अधूरा


पंचायत प्रतिनिधियों ने शिविर में जो शिकायत की थी, उनमें पाली, कटघोरा, पोड़ी उपरोड़ा ब्लाक के दर्जनों गांवों में योजना आधी-अधूरी छोड़ दी गई है। ग्रामीणों ने बताया कि पाली ब्लाक के कोरबी, बतरा ,हाथीबाड़ी ,बम्हनीखुर्द ,बड़ेबांका, पोलमी ,चैतमा , चटुवाभौंना, पोड़ी, बनबांधा , पोटापानी,बगधरीडांड ,कुटेलामुंडा ,डोंगानाला ,ईरफ ,मुनगाडीह, शिवपुर, कांजीपानी ,बम्हनीकोना सहित कई अन्य ग्राम पंचायतों में आज तक योजना पूरी नहीं हो पायी और अधिकारी ठेकेदार कागजों में योजना को सफल बता रहे हैं। इसी तरह कटघोरा, पोड़ी उपरोड़ा ब्लाक के कई पंचायतों में अधूरा निर्माण के साथ गुणवत्ताहीन निर्माण का खामियाजा ग्रामीण भुगत रहे हैं।

नियमानुसार नहीं हो रहा निर्माण कार्य


जन समस्या निवारण शिविर में कई पंचायतों के प्रतिनिधियों ने जल जीवन मिशन के कार्यों को लेकर जो शिकायत की थी, उसके अनुसार नल जल योजना अंतर्गत शुद्ध पेयजल आपूर्ति हेतु 90 एमएम पाइप लगाए गए हैं वह भी जमीन से महज एक से डेढ़ फीट एवं कई जगह ऊपर में ही बिछाया गया है जबकि नियम अनुसार जमीन से 3 फीट गहरा पाइप बिछाया जाना है । साथ ही पाइप बिछाने के पहले और बाद में रेत डालने का नियम है लेकिन रेत नहीं डाली गयी है । ऐसे ही कंक्रीट से बने सीसी रोड को जेसीबी मशीन से खोदकर मिट्टी से पाट दिया गया है। जो वर्षा के बाद मिट्टी से दबकर गड्ढे हो गए हैं इससे ग्रामीणों को आवागमन करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है । इन गड्ढों में दो पहिया वाहन चालक एवं राहगीर आए दिन गिर कर चोटिल हो रहे हैं । यहां पिछले दो साल से आधा अधूरा कार्य कर छोड़ दिया गया है, इससे घर में गली में बने चबूतरा नल के लिए बनाया गया केसिंग पाइप और नल की टोटी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। इसी प्रकार गली के पाइप से घर के नल चैंबर तक लगने वाली पाइप को भी जमीन के ऊपर 5 से 6 इंच में ही लगाया गया जबकि नियम 1 फीट गहरे में लगाने की है । इसे कभी भी भारी वाहन उसके ऊपर से गुजरने पर पाइप दबाकर क्षतिग्रस्त होने की आशंका है, जिससे कभी भी जल आपूर्ति बाधित हो सकती है।
घर में बनाए गए नल चबूतरा निर्माण करने में महज एक से डेढ़ बोरी सीमेंट से बेस तैयार किया गया है जबकि नियमानुसार ढाई बोरी सीमेंट का उपयोग किया जाना है उक्त महत्वाकांक्षी योजना में जमकर गुणवत्ताविहीन कार्य कर गोलमाल किया जा रहा है, जिससे केंद्र सरकार की नल जल जैसी महती योजना को अधिकारी-कर्मचारी एवं ठेकेदार के द्वारा धूमिल किया जा रहा है जांच उपरांत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की पोल खुलेगी। यहां यह बताना लाजिमी होगा कि कटघोरा एसडीओ, सब इंजीनियर एवं निरीक्षणकर्ता अधिकारियों की जुगलबंदी से भ्रष्टाचार का यह खेल खेला जा रहा है।

कटघोरा क्षेत्र में शासन प्रशासन के निर्देशों की उड़ रही धज्जियां: लाल ईंटों का हो रहा उपयोग


जल जीवन मिशन एवं नल जल योजना के तहत कटघोरा अनुविभाग में कई जगह पानी टंकी का निर्माण कराया गया है। यहां पदस्थ एसडीओ के दिशा निर्देशों के अनुसार ठेकेदार शासन एवं प्रशासन के निर्देशों का खुला उल्लंघन कर रहा है। एनजीटी के निर्देशों की भी धज्जियां उड़ाई जा रही है। सुतर्रा-पसान-जटगा रोड में कई जगह पानी टंकी की सुरक्षा के लिए दीवार बनायी गई है। इन दीवारों के निर्माण में लाल ईंटों का उपयोग किया गया है। प्रशासन ने पहुंच विहिन स्थल पर लाल ईंट में निर्माण के लिए कुछ छूट दी है, लेकिन पोड़ी उपरोड़ा ब्लाक के मुख्य मार्गों में भी जमकर लाल र्इंट का उपयोग किया गया है।
बनने से पूर्व ही मादन में बनी टंकी क्षतिग्रस्त


कलेक्टर एवं पीएचई के कार्यपालन अभियंता के कड़े निर्देशों के बाद भी कटघोरा एसडीओ एवं कटघोरा अनुविभाग में पदस्थ अधिकारियों की मनमानी कार्यशैली से ठेकेदार के हौसले बुलंद है। कटघोरा, पाली एवं पोड़ी उपरोड़ा ब्लाक में जल जीवन मिशन का क्या हाल है, यह मादन में निर्माणाधीन टंकी के हाल से पता चल सकता है। डेढ़ वर्ष पूर्व मादन में जल जीवन मिशन की पानी टंकी बनायी गई थी, जो अब तक अधूरी है और निर्माण से पूर्व ही क्षतिग्रस्त हो रही है। यहां के ग्रामीणों ने बताया कि ठेकेदार द्वारा पानी टंकी का निर्माण गुणवत्ताहीन कराया गया है, यह अभी निर्माणाधीन है फिर भी क्षतिग्रस्त हो रही है। ठेकेदार ने आधा अधूरा काम को पूरा किये बिना ही गायब हो गया है और डेढ़ साल से यहां काम बंद है। सीढ़ी का निर्माण भी नहीं कराया गया है।
इस तरह के कई कार्य अवलोकन करने पर पता चल जाएगा कि कटघोरा, पाली एवं पोड़ी उपरोड़ा ब्लाक में नल जल योजना का किस तरह ठेकेदार और अधिकारी बंटाधार करने में लगे हुए हैं।
कागजों में मिल रहा घरों में शुद्ध पेयजल


जनपद पंचायत पाली के क्षेत्र क्रमांक 14 के जनपद सदस्य योगलक्ष्मी अनिल मरावी ने कहा ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल कागजों में मिल रहा है। मोदी की गारंटी नल जल योजना पूरी तरह विफल साबित हो रही है। मेरे क्षेत्र में विगत दो वर्षों से नल जल योजना का काम आधा अधूरा छोड़ दिया गया है और अधिकारी एवं ठेकेदारों ने निर्माण कार्य को लटका दिया है। यह सब भ्रष्टाचार का खेल खेलने के लिए किया गया है और ग्रामीणों को बेवकूफ समझकर उनकी योजना को भ्रष्टाचार का जरिया बना लिया गया है लेकिन ग्रामीण अब जागरूक हो गए हैं। योग लक्ष्मी ने कहा गली मोहल्ले को खोदकर तहस-नस कर दिया गया है जिसका खामियाजा ग्रामीण जनताओं को भुगतना पड़ रहा है। ठेकेदार से विभागीय सांठगांठ है। इसका एक ही विकल्प हैं पीएचई कार्यालय का घेराव करेंगे।
नल-जल ड्रीम प्रोजेक्ट धरातल पर विफल


जनपद पंचायत पाली क्षेत्र क्रमांक 13 के जनपद सदस्य राजकुमार कंवर ने कहा पानी की समस्या को देखते हुए नल जल योजना को ड्रीम प्रोजेक्ट बनाया गया ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को शुद्ध पानी मिल सके लेकिन धरातल पर नल जल योजना पूरी तरह विफल साबित हो रही है। हर घर नल-हर घर जल धरातल पर पूरी तरह नहीं उतर सका है। जनपद सदस्यों के साथ चर्चा कर आधा अधूरा निर्माण कार्यों की शिकायत मुख्यमंत्री से करेंगे। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कार्य एजेंसी ठेकेदार को कई बार निर्माण कार्य में सुधार के लिए कहा गया, लेकिन अधिकारियों की सांठ गांठ से ठेकेदार निरंकुश दिखे।

जांच एवं ठेकेदार पर कार्यवाही की मांग
पोड़ी उपरोड़ा ब्लाक के ग्राम जटगा में कुछ दिन पूर्व जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया था, जिसमें कई पंचायत के प्रतिनिधियों ने आवेदन देकर शिकायत की थी और कटघोरा स्थित ज्योति इलेक्ट्रानिक्स के संचालक द्वारा 19 ग्राम पंचायतों में नल जलयोजना का काम कराया है, जो पूरी तरह से गुणवत्ताहीन है। पंचायत प्रतिनिधियों ने उक्त कार्य एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए 15 दिवस का अल्टीमेटम दिया था। आवेदन एवं शिकायत पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से पंचायत प्रतिनिधियों ने पीएचई कार्यालय का घेराव करने का ऐलान किया है।

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कोरबा

राताखार के बजरंग चौक स्थित शिव मंदिर के पास सड़क धंसी, गहरे गड्ढे से हादसे का खतरा बढ़ा

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कोरबा। नगर पालिका निगम कोरबा के वार्ड क्रमांक-4 राताखार स्थित बजरंग चौक के समीप शिव मंदिर के पास सड़क पर बना गहरा गड्ढा स्थानीय लोगों और राहगीरों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण यह गड्ढा पूरी तरह पानी से भर जाता है, जिससे इसकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। परिणामस्वरूप दोपहिया, चारपहिया और अन्य छोटे-बड़े वाहन चालक अनजाने में गड्ढे में उतर जाते हैं और वाहन फंसने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

बारिश के मौसम में जलभराव के कारण सड़क और गड्ढे में अंतर दिखाई नहीं देता। विशेषकर रात के समय या तेज बारिश के दौरान यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार दोपहिया वाहन चालक संतुलन खोकर गिर चुके हैं, जबकि चारपहिया वाहनों के भी गड्ढे में फंसने की शिकायतें सामने आई हैं। इससे लोगों को अनावश्यक परेशानी के साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।

स्थानीय रहवासियों का कहना है कि यह मार्ग क्षेत्र का प्रमुख आवागमन मार्ग है, जहां दिनभर लोगों और वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। शिव मंदिर होने के कारण सुबह-शाम श्रद्धालुओं का भी यहां आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में सड़क पर बना यह गहरा गड्ढा किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है। लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग और नगर निगम के अधिकारियों को कई बार इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक मरम्मत की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

क्षेत्रवासियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि जनहित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस गड्ढे की तत्काल मरम्मत कराई जाए। जब तक स्थायी मरम्मत नहीं होती, तब तक यहां बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की जाए ताकि वाहन चालकों को पहले से सतर्क किया जा सके। नागरिकों का कहना है कि बरसात के मौसम में ऐसी लापरवाही किसी भी समय गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। लोगों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर आमजन को राहत दिलाने की मांग की है।

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कोरबा

सीईओ जिला पंचायत ने निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण

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गुणवत्तायुक्त कार्य निश्चित समयावधि में पूर्ण करने के दिए निर्देश

स्व-सहायता समूह की महिलाओं से चर्चा कर किया उत्साहवर्धन

विशेष ग्राम सभा झाबर में हुए शामिल, रंजना के अमृत सरोवर परिसर में किया पौधरोपण

कोरबा। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन ने गुरुवार को जनपद पंचायत कटघोरा अंतर्गत ग्राम पंचायत ढेलवाडीह, चाकाबुड़ा, देवगांव, बतारी, रंजना, झाबर एवं घुंचापुर का दौरा कर विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं तथा कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही न बरती जाए।

निरीक्षण की शुरुआत ग्राम ढेलवाडीह से हुई, जहां सीईओ ने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट, सामुदायिक शौचालय, कचरा छटाई शेड एवं अटल डिजिटल सेवा केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने आसपास की पंचायतों से प्लास्टिक अपशिष्ट एकत्रित कर यूनिट की क्षमता बढ़ाने तथा सामुदायिक शौचालय के नियमित संचालन की जिम्मेदारी स्व-सहायता समूह को सौंपने के निर्देश दिए।

ग्राम चाकाबुड़ा में नवनिर्मित पीडीएस गोदाम, निर्माणाधीन पंचायत भवन एवं आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण करते हुए गोदाम परिसर में पौधरोपण एवं भवन के सामने सुरक्षा दीवार (रेट प्रोटेक्शन) निर्माण कराने के निर्देश दिए। इसी दौरान खुशी महिला स्व-सहायता समूह द्वारा कोकून से धागा निकालने की प्रक्रिया का अवलोकन कर समूह की महिलाओं से चर्चा की तथा उनकी नई मशीन एवं शेड की मांग पर आर.एफ. एवं सी.आई.एफ. मद से प्रस्ताव तैयार कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश जनपद पंचायत को दिए, ताकि महिलाएं आजीविका गतिविधियों से जुड़कर और अधिक आत्मनिर्भर बन सकें।

प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला चाकाबुड़ा के निरीक्षण के दौरान अध्ययन समय में अनुपस्थित पाए गए शिक्षकों के विरुद्ध जिला शिक्षा अधिकारी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए।

ग्राम देवगांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के अधूरे आवासों का निरीक्षण करते हुए हितग्राहियों को शीघ्र निर्माण कार्य प्रारंभ कर समय पर पूर्ण करने के लिए प्रेरित किया। ग्राम बतारी के बरेली हाट बाजार में निर्माणाधीन सामुदायिक शौचालय का निरीक्षण कर गुणवत्ता के साथ शीघ्र निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके पश्चात राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के क्लस्टर संगठन की बैठक में शामिल होकर समूह की महिलाओं से योजनाओं एवं आजीविका गतिविधियों पर चर्चा की तथा उनका उत्साहवर्धन किया। निर्माणाधीन महतारी सदन का निरीक्षण करते हुए समय पर कार्य पूर्ण करने तथा परिसर में बच्चों के लिए सुविधायुक्त क्रीड़ा स्थल विकसित करने के निर्देश दिए।

ग्राम रंजना में अमृत सरोवर परिसर में आम एवं जामुन सहित फलदार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके बाद रूरल इंडस्ट्रियल पार्क (रीपा) का निरीक्षण कर मशीनों की उपयोगिता एवं वर्तमान स्थिति का अवलोकन किया तथा ग्राम पुस्तकालय का निरीक्षण करते हुए भवन के भीतर आकर्षक चित्रकारी कराने के निर्देश एसडीओ आरईएस को दिए।

सीईओ श्री जैन ग्राम झाबर में आयोजित विशेष ग्राम सभा में भी शामिल हुए। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और कहा कि एसईसीएल के समन्वय से समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक पहल की जाएगी।

सीईओ ने ग्राम मोहनपुर के आश्रित ग्राम घुंचापुर स्थित गोबर गैस संयंत्र का निरीक्षण कर उसे शीघ्र क्रियाशील बनाने के लिए पंचायत को आवश्यक निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जनपद पंचायत कटघोरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी यशपाल सिंह, एसडीओ आरईएस ए.के. भार्गव, कार्यक्रम अधिकारी वीबी-जी राम जी योगेश चंद्रा, प्रधानमंत्री आवास बीसी श्रीमती शालिनी कंवर, उप अभियंता इन्द्र भूषण टेकाम एवं रामकुमार पोर्ते, क्षेत्रीय समन्वयक एनआरएलएम के. कश्यप, एसबीएम के अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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वेदांता एल्युमिनियम का मुनाफा 205 प्रतिशत बढ़कर रू.6,597 करोड़, एबिटडा 134% बढ़कर रू.10,499 करोड़

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मुंबई, 30 जुलाई 2026 । भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी वेदांता एल्युमिनियम मेटल लिमिटेड (बीएसई: 544780 और एनएसई: वीएएमएल) ने 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही के अपने वित्तीय नतीजों की घोषणा की। एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में अपनी पहली तिमाही में कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी के बोर्ड ने रू.8 प्रति शेयर के पहले अंतरिम लाभांश को भी मंजूरी दी है।

कंपनी की आय बढ़कर अब तक के सबसे अधिक रू.21,105 करोड़ हो गई, जो पिछली तिमाही की तुलना में 13 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 45 प्रतिशत अधिक है। यह बढ़ोतरी बिक्री की मात्रा और बेहतर कीमत मिलने के कारण हुई। कंपनी का एबिटडा बढ़कर रिकॉर्ड रू.10,499 करोड़ हो गया, जो पिछली तिमाही की तुलना में 24 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 134 प्रतिशत अधिक है। लागत पर बेहतर नियंत्रण के कारण कंपनी का एबिटडा मार्जिन भी बढ़कर अब तक के सबसे अधिक 50 प्रतिशत पर पहुंच गया।

कंपनी का मुनाफा रू.6,597 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही की तुलना में 33 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 205 प्रतिशत अधिक है। यह कंपनी के मजबूत परिचालन प्रदर्शन को दर्शाता है। कंपनी ने कर्ज कम करके अपनी वित्तीय स्थिति को और मजबूत किया है। नेट डेट-टू-एबिटडा अनुपात वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के 1.3 गुना से सुधरकर 0.9 गुना हो गया। लगातार अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए, क्रिसिल और आईसीआरए दोनों ने वेदांता एल्युमिनियम की क्रेडिट रेटिंग बढ़ाकर एए प्लस (स्टेबल) कर दी है।

कंपनी का एल्युमिनियम उत्पादन बढ़कर अब तक के सबसे अधिक 632 किलो टन रहा, जो पिछली तिमाही की तुलना में 3 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 5 प्रतिशत अधिक है। वहीं, वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स (वीएपी) का उत्पादन भी बढ़कर अब तक के सबसे अधिक 389 किलो टन हो गया, जो पिछली तिमाही की तुलना में 4 प्रतिशत और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 14 प्रतिशत अधिक है। कंपनी का एल्युमिना उत्पादन 826 किलो टन रहा, जो रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाने और संयंत्रों के बेहतर उपयोग के कारण पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक है।

भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी के रूप में, वेदांता एल्युमिनियम दुनिया के सबसे मजबूत और प्रतिस्पर्धी, पूरी तरह से एकीकृत एल्युमिनियम कारोबारों में से एक बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए कंपनी कच्चे माल की नियमित और सुरक्षित उपलब्धता को लगातार मजबूत कर रही है।

कंपनी के पहली तिमाही के प्रदर्शन पर बात करते हुए, वेदांता एल्युमिनियम के पूर्णकालिक निदेशक और सीईओ राजेश कुमार ने कहा, “एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में हमने इस तिमाही में मजबूत परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन के साथ अपनी नई शुरुआत की है। यह हमारे मजबूत कामकाज, योजनाओं को सही तरीके से लागू करने और भविष्य की सोच का परिणाम है। बदलते वैश्विक माहौल में कच्चे माल की सुरक्षित उपलब्धता, कामकाज को बेहतर बनाने और अधिक मूल्य वाले उत्पादों पर हमारा ध्यान हमारी प्रतिस्पर्धी स्थिति को मजबूत कर रहा है। इससे हमें लगातार और लंबे समय तक विकास करने में भी मदद मिल रही है। इन प्रयासों के जरिए हम भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार एक मजबूत कंपनी बना रहे हैं। साथ ही, हम अपने सभी हितधारकों के लिए लंबे समय तक बेहतर मूल्य बनाने, लागत को कम रखने और वैश्विक स्तर पर एक मजबूत एल्युमिनियम कारोबार तैयार करने की दिशा में काम कर रहे हैं।”

वेदांता एल्युमिनियम के मुख्य वित्त अधिकारी अनुप अग्रवाल ने कहा, “एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में हमारी पहली तिमाही की शुरुआत मजबूत रही। कंपनी ने रू.21,105 करोड़ की रिकॉर्ड आय, रू.10,499 करोड़ का एबिटडा और रू.6,597 करोड़ का पीएटी दर्ज किया। हम मजबूत वित्तीय स्थिति, बेहतर बैलेंस शीट और बेहतर क्रेडिट रेटिंग के साथ इस नए चरण में आगे बढ़ रहे हैं। इससे हमें अपनी रणनीतिक विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए अधिक लचीलापन मिलेगा। दुनिया की प्रमुख एल्युमिनियम उत्पादक कंपनियों में से एक के रूप में, हम अपनी एकीकृत उत्पादन श्रृंखला और लगातार बढ़ते वैल्यू-एडेड उत्पादों के माध्यम से भारत और वैश्विक बाजारों में ऊर्जा बदलाव, बुनियादी ढांचे, परिवहन, पैकेजिंग और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों में तेजी से बढ़ती मांग को पूरा करने का लक्ष्य रखते हैं।”

वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में ईएसजी की प्रमुख उपलब्धियां

• समुदायों का विकास | सामाजिक पहल: वेदांता एल्युमिनियम ने जरूरत के अनुसार किए गए सीएसआर कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 4 लाख लोगों तक मदद पहुंचाई। कौशल विकास पहलों के जरिए 72,000 लोगों को सशक्त बनाया और विभिन्न सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों के माध्यम से 27 लाख महिलाओं और बच्चों को सहयोग दिया।

• पर्यावरण के लिए पहल | प्रमुख उपलब्धियां:

o स्वच्छ ऊर्जा: वेदांता एल्युमिनियम द्वारा इस्तेमाल की गई नवीकरणीय ऊर्जा पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 38 प्रतिशत बढ़कर 70.1 करोड़ यूनिट हो गई। इससे कार्बन उत्सर्जन कम करने के प्रयासों को मदद मिली। नवीकरणीय ऊर्जा के बढ़ते उपयोग और ऊर्जा बचाने के उपायों से कंपनी के ग्रीनहाउस गैस (जीएचजी) उत्सर्जन में पिछले साल की तुलना में लगभग 3 प्रतिशत की कमी आई। यह वित्त वर्ष 2021 की तुलना में 11.6 प्रतिशत कम है।

o जल संरक्षण: कंपनी ने लगभग 49 लाख घन मीटर पानी का दोबारा उपयोग किया। साथ ही, पानी को फिर से इस्तेमाल करने, उसे दोबारा उपयोग में लाने और अन्य जल स्रोतों का उपयोग करके ताजे पानी की खपत कम की।

o कचरे से उपयोगी संसाधन: कंपनी ने 120 प्रतिशत फ्लाई ऐश का उपयोग किया, जिसमें पहले से जमा फ्लाई ऐश भी शामिल है। साथ ही, रेड-टू-ग्रीन पहल के तहत रेड मड का दोबारा उपयोग बढ़ाया।

o जैव विविधता संरक्षण: कंपनी ने स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाने और खदान क्षेत्रों को फिर से बेहतर बनाने पर ध्यान देते हुए जैव विविधता से जुड़ी अपनी पहलें आगे बढ़ाईं। अब तक कंपनी ने कुल 29 लाख पेड़ लगाए हैं।

• कार्यस्थल को बेहतर बनाना | कर्मचारियों से जुड़ी प्रमुख उपलब्धियां: वेदांता एल्युमिनियम ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के दौरान कार्यस्थल पर सुरक्षा को और मजबूत किया। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही की तुलना में कंपनी के सुरक्षा प्रदर्शन में सुधार हुआ। इस दौरान काम के दौरान होने वाली ऐसी चोटों की संख्या में कमी आई, जिनके कारण कर्मचारियों को काम से छुट्टी लेनी पड़ी। साथ ही, ऐसी चोटों की दर में भी सुधार हुआ।

कंपनी ने वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यस्थलों पर अधिक दौरे, नियमित सुरक्षा चर्चा, महत्वपूर्ण जोखिमों के प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्था और हर कार्यस्थल की जरूरत के अनुसार किए गए उपायों के माध्यम से कार्यस्थल की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया। कंपनी ने कार्यस्थल पर सभी के लिए बेहतर अवसर बढ़ाने के लिए 21 प्रतिशत लैंगिक विविधता बनाए रखी और एलजीबीटीक्यू प्लस कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर 35 से अधिक की। इससे कार्यस्थल को अधिक समावेशी और भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार बनाने में मदद मिली।

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