607.85 करोड़ से अधिक राशि के 250 विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन, 17.43 करोड़ से अधिक राशि के 34 कार्यों का किया लोकार्पण
कोरबा। सीएसईबी कोरबा पूर्व के फूटबॉल मैदान में महती जनसभा को मुख्यमंत्री ने आज संबोधित किया और कहा कि प्रदेश के विकास में राशि की कमी नहीं है। कोरबा भी विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने 625 करोड़ से अधिक राशि से निर्मित विभिन्न कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन किया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित 102 नवदंपत्तियों को परिणय सूत्र में बंधने पर अपना आशीर्वाद एवं शुभ कामनाएं दी। साय ने कहा कि 13 दिसंबर को हमारा एक वर्ष पूर्ण होने जा रहा है और कहा कि हम मोदी की गारंटी पर आगे काम कर रहे हैं।
उन्होंने तात्कालीन कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछली सरकार ने गरीबों के 18 लाख आवासों को बनने नहीं दिया, जिससे गरीबों को पक्की छत से वंचित होना पड़ा।
607.85 करोड़ से अधिक राशि के 250 विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन, 17.43 करोड़ से अधिक राशि के 34 कार्यों का किया लोकार्पण
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कोरबा के सीएसईबी फुटबॉल ग्राउंड में आयोजित विकास कार्यो का लोकार्पण व भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए । उन्होंने जिलेवासियों को लगभग 625 करोड़ 28 लाख 56 हजार से अधिक लागत की 284 विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। श्री साय विभिन्न विभागों के 284 विकास कार्यों का भूमिपूजन/ शिलान्यास और लोकार्पण किया। इन विकास कार्यों में 17 करोड़ 43 लाख 46 हजार से अधिक राशि के 34 कार्यों का लोकार्पण एवं 607 करोड़ 85 लाख 10 हजार से अधिक राशि की 250 कार्यों का भूमिपूजन/शिलान्यास शामिल हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा किए जाने वाली 34 लोकार्पण कार्यों में लोक निर्माण विभाग अंतर्गत कुल 02 निर्माण कार्य शामिल हैं। जिसके अंतर्गत पीडब्ल्यूडी (सेतु) द्वारा कटघोरा ब्लॉक में दीपका-जवाली-चाकाबुड़ा मार्ग में सलिहा नाला पर 04 करोड़ 85 लाख 56 हजार की लागत से निर्मित उच्च स्तरीय पुल एवं पाली विकासखण्ड के ग्राम पंचायत सपलवा में राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा मिशन अंतर्गत 62 लाख 83 हजार राशि की लागत से निर्मित नवीन हाईस्कूल भवन शामिल हैं। इसी प्रकार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजनांतर्गत 02 करोड़ 76 लाख 60 हजार की लागत से बालको से गढ़उपरोड़ा व्हाया सतरेंगा मार्ग के आर.डी. 15.7 कि.मी. में 01 वृहद पुल का निर्माण कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन योजनांतर्गत 02 करोड़ 63 लाख 65 हजार राशि की लागत से एकल ग्राम योजना, रेट्रो फिटिंग योजना व सोलर आधारित योजना के 06 कार्य, नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा विभिन्न शासकीय मदों से 01 करोड़ 93 लाख 25 हजार राशि की लागत से वृहद वृद्धाश्रम का नवीनीकरण कार्य, एन.सी.ए.पी. योजनांतर्गत 04 विभिन्न स्थानों में फब्वारे का निर्माण कार्य व वार्ड क्र. 16 में भवानी मंदिर कोहडिय़ा नया पुल से प्रगति नगर मोड़ तक प्रदाय व्यवस्था के 03 कार्य, स्वास्थ्य विभाग द्वारा 01 करोड़ 87 लाख 92 हजार की लागत से जिला चिकित्सालय के स्टाफ क्वार्टर, पब्लिक हैल्थ लैब (हमर लैब), जिला क्षय नियंत्रण भवन व बर्न वार्ड निर्माण के 04 कार्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा डीएमएफ मद से 02 करोड़ 54 लाख 35 हजार राशि की लागत से प्राथमिक शाला, माध्यमिक शाला भवन व सीसी रोड निर्माण, नवीन माध्यमिक व प्राथमिक शाला भवन (पुराना भवन विनष्टीकरण सहित) अन्य निर्माण के कुल 16 कार्य, वनमण्डल कटघोरा अंतर्गत 19 लाख 30 हजार राशि की लागत से समिति कार्यालय भवन निर्माण के कुल 02 कार्य शामिल हैं। भूमि पूजन के कार्यों के अंतर्गत नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा नगर पालिका निगम कोरबा व कटघोरा में डीएमएफ, अधोसंरचना, 15 वें वित्त सहित अन्य मदों से 176 करोड़ 80 लाख 54 हजार लागत के 88 कार्यों का भूमि पूजन/शिलान्यास किया जाएगा। इनमें 130 करोड़ 16 लाख 93 हजार की लागत कोरबा में 33 एमएलडी (अमृत मिशन) सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, गार्डन विकास, सीसी रोड, बाउंड्री निर्माण सहित अन्य विकास कार्य स्वीकृत हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत 145 करोड़ 70 लाख 50 हजार राशि के 112 विकास कार्य शामिल हैं। जिनमें पीएम जनमन अंतर्गत जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में सडक़ निर्माण एवं सडक़ों का सतह नवीनीकरण कार्य सहित जिले के सभी विकासखण्डों के अनेक स्थानों में नवीन विद्यालय भवन, आंगनबाड़ी भवन रेसिडेंसियल हॉस्टल, उच्च शिक्षा के विकास हेतु नए शैक्षणिक भवन, अधोसंरचना निर्माण, गुणात्मक सुधार, गोदाम निर्माण सहित अन्य निर्माण कार्य स्वीकृत हैं। लोक निर्माण विभाग अंतर्गत 74 करोड़ 14 लाख 97 हजार की लागत से सुनालिया अंडर ब्रिज निर्माण सहित पुल-पुलिया, महत्वपूर्ण सडक़ों में रंबल स्ट्रीप, संकेतक सहित निर्माण के अन्य 20 कार्य, जल संसाधन विभाग अंतर्गत 26 करोड़ 79 लाख 77 हजार की लागत से व्यपवर्तन/जलाशय/एनीकट/जीर्णोद्धार के 08 कार्य, आदिम जाति विकास विभाग अंतर्गत 03 करोड़ 89 लाख 61 हजार की लागत से नवीन छात्रावास भवन, आश्रम छात्रावास तक पहुंच मार्ग जैसे अन्य 08 कार्य, वन विभाग अंतर्गत 02 करोड़ 70 लाख 21 हजार की लागत से विभिन्न वन परिक्षेत्रों में तालाब, रपटा, मिट्टी मुरूम निर्माण, नाली निर्माण सहित अन्य 13 कार्य, स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत जिला चिकित्सालय में 16 करोड़ 63 लाख की लागत से क्रिटिकल केयर हेल्थ ब्लॉक निर्माण के 01 कार्य सहित अन्य विभागों के कार्य शामिल हैं।
पुराने कोरबा के लिए विष्णुदेव साय की बड़ी सौगात – कोरबा विधायक ने मांगा और कर दी बड़ी घोषणा
कोरबा कोरबा विधायक व श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने मुख्यमंत्री के कोरबा आगमन पर कोरबा-कुसमुंडा सर्वमंगला नदी के पास रपटा व लो लाइट ब्रिज व दुरपा रोड -रानी रोड से सड़क निर्माण की स्वीकृति मांगा जिस पर मुख्यमंत्री ने कोरबा विधायक की मांग पर स्वीकृति प्रदान की है ! इसके अलावा मुख्यमंत्री ने निगम को 23 करोड़ व अन्य घोषणा की है !
मुख्यमंत्री साय द्वारा कार्यक्रम में की गई घोषणाएं
सर्वमंगला हसदेव नदी रपटा सहित, पुरानी बस्ती रानी रोड की ओर एप्रोच रोड निर्माण की घोषणा
कोरबा मुख्यालय में नया सर्किट हाउस निर्माण की घोषणा
झगरहा में माध्यमिक शाला का हाई स्कूल में उन्नयन की घोषणा
कोरबा नगर निगम के विभिन्न वार्डो में विकास कार्यो के लिए 23 करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कोरबा हेलीपेड पर जनप्रतिनिधियों ने किया आत्मीय स्वागत
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कोरबा के एसईसीएल ग्राउंड हेलीपेड पर आगमन पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय के साथ उपमुख्यमंत्री अरुण साव, कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन साथ आए। हेलीपैड पर मुख्यमंत्री श्री साय का केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल, आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर अजीत वसंत, एसपी सिद्धार्थ तिवारी, डीएफओ कोरबा अरविंद पीएम, कटघोरा डीएफओ कुमार निशांत सहित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया।
बिलासपुर/कोरबा। आज दिनाँक 30.09.2026 को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर से सेवानिवृत्त हुए 09 कर्मियों को मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी कक्ष में उन्हें शाल, श्रीफल, पुष्पहार से सम्मानित कर समस्त भुगतान का चेक प्रदान कर भावभीनी विदाई दी गयी।
मुख्यालय प्रशासनिक भवन के कान्फ्रेन्स हाल में मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन एवं निदेशक (तकनीकी)–संचालन रमेश चंद्र महापात्र के मुख्य आतिथ्य, विभिन्न विभागाध्यक्षों, श्रमसंघ प्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति में कैलाश चंद्र साहू , महाप्रबंधक (खनन), ओएसडी सीएमडी सचिवालय , अजय तिवारी, महाप्रबंधक (खनन), भूमिगत खदान विभाग, विश्वजीत मोइत्रा, उप महाप्रबंधक (उत्खनन) आंतरिक अंकेक्षण विभाग, राजेंद्र कुमार गुजर, सीनियर डीईओ, ए-1 वन विभाग, मुनिराम सतनामी, कार्यालय अधीक्षक निदेशक (मा. सं.) सचिवालय, शुभेंदु चटर्जी, वरिष्ठ तकनीकी निरीक्षक ए-1 गुणवत्ता नियंत्रण विभाग, मिनीश्वर प्रसाद जांगड़े, वरिष्ठ सुरक्षा निरीक्षक सुरक्षा विभाग, वृन्दावन, सहायक सुरक्षा उप निरीक्षक सुरक्षा विभाग तथा तपोधन मिश्रा, फोरमेन इंचार्ज, ग्रेड–ए-1 इंदिरा विहार सब-स्टेशन को सेवानिवृत्ति पर विदाई दी गयी। इस अवसर पर शीर्ष प्रबंधन ने अपने-अपने उद्बोधन में कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के योगदान एवं कार्यकौशल से ही कम्पनी सफलता के मुकाम पर पहुँची है। सेवानिवृत्त कर्मियों के योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। अंत में उन्होंने सेवानिवृत्त कर्मियों के सपरिवार उज्ज्वल भविष्य की ईश्वर से कामना की।
सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों ने कम्पनी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि यहाँ के कर्मचारियों में कार्य के प्रति बहुत ही निष्ठा है। यहाँ के अधिकारी-कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर साथ में कार्य करते हैं।
कार्यक्रम में सेवानिवृत्त कर्मियों का परिचय पढ़ते हुए सफलतापूर्वक उद्घोषणा का दायित्व प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने निभाया।
गाँव स्थानीय जरूरत और संसाधनों के आधार पर बनेगा प्लान
युक्तधारा से परिसंपत्तियों की मैपिंग और वाटर बजट से तय होंगी जल संरक्षण की प्राथमिकताएं
कोरबा, 30 सितम्बर 2026। गांव में क्या चाहिए और विकास की सबसे पहली जरूरत क्या है, अब इसका निर्धारण गांव के लोग, स्थानीय जरूरतों और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर करेंगे। विकसित भारत-जी राम जी के अंतर्गत विकसित ग्राम पंचायत प्लान (वीजीपीपी) तैयार करने के लिए बुधवार को जिला पंचायत के सभा कक्ष में जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह ने की। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्यगण एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह ने कहा कि ग्रामों के समग्र एवं सतत विकास के लिए विकसित भारत-जी राम जी के तहत विकसित ग्राम पंचायत प्लान तैयार करने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि योजनाओं में हुए बदलावों और नई व्यवस्थाओं से ग्राम विकास को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को ग्राम पंचायत स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने तथा ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन ने कहा कि विकसित ग्राम पंचायत प्लान स्थानीय जरूरतों, उपलब्ध संसाधनों और ग्रामीणों की प्राथमिकताओं के आधार पर तैयार किया जाएगा। युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से ग्राम पंचायत में उपलब्ध परिसंपत्तियों की मैपिंग की जाएगी, जबकि वाटर बजट के आधार पर जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से जुड़े कार्यों की प्राथमिकताएं तय की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि ग्राम सभा इस पूरी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार होगी। ग्रामीणों से प्राप्त सुझावों के आधार पर रोजगार, जल सुरक्षा, आजीविका, ग्रामीण अधोसंरचना और स्थायी परिसंपत्तियों से जुड़े कार्यों को एकीकृत योजना में शामिल किया जाएगा, ताकि विकास कार्यों का सीधा लाभ ग्रामीणों को मिले और गांव में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण हो।
युक्तधारा बताएगा कहां है जरूरत और कहां बन सकता है काम
प्रशिक्षण में सहायक परियोजना अधिकारी संदीप डिक्सेना ने मैदानी अमले को विकसित ग्राम पंचायत प्लान तैयार करने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से ग्राम पंचायत में उपलब्ध परिसंपत्तियों की मैपिंग, स्थानीय आवश्यकताओं की प्रविष्टि, विकासात्मक अंतराल की पहचान तथा संभावित कार्यस्थलों के चयन की ऑनलाइन प्रक्रिया समझाई गई।
प्रशिक्षण में बताया गया कि उपलब्ध संसाधनों और मौजूदा परिसंपत्तियों का आकलन कर विकास कार्यों की आवश्यकता एवं प्राथमिकता का बेहतर निर्धारण किया जा सकेगा। इससे ग्राम पंचायतों में उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्यों का चयन किया जाएगा।
वाटर बजट से तय होगी गांव की जल जरूरत और संरक्षण की प्राथमिकता
प्रशिक्षण में वाटर बजट पर विशेष जोर दिया गया। ग्राम पंचायत में उपलब्ध जल संसाधनों तथा पानी की आवश्यकता का आकलन कर जल संरक्षण और जल संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इससे गांव की वर्तमान एवं भविष्य की जल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त कार्यों का चयन किया जा सकेगा।
अधिकारियों ने बताया कि सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन और ग्राम सभा के माध्यम से ग्रामीणों की जरूरतों एवं सुझावों को विकसित ग्राम पंचायत प्लान में शामिल किया जाएगा। इस प्रकार ग्रामीणों की भागीदारी, स्थानीय संसाधनों का आकलन और वैज्ञानिक तरीके से तैयार वाटर बजट ग्राम पंचायतों की विकास योजना का महत्वपूर्ण आधार बनेगा।
विकसित ग्राम पंचायत प्लान के माध्यम से रोजगार सृजन, जल सुरक्षा, आजीविका संवर्धन, ग्रामीण अधोसंरचना एवं स्थायी परिसंपत्तियों को आपस में जोड़ते हुए कार्यों की प्राथमिकता तय की जाएगी। इससे ग्राम पंचायतों में जरूरत आधारित और परिणाममूलक विकास कार्यों को बढ़ावा मिलेगा।
प्रशिक्षण में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया एवं श्रीमती सुष्मिता अनंत, कार्यपालन अभियंता आरईएस श्रीमती यामिनी, कार्यक्रम अधिकारी, सहायक प्रोग्रामर, तकनीकी सहायक सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
कोरबा । कोरबा के मिशन रोड में एक परिवार के लिए दिन की शुरुआत डर और दुख के साथ हुई। परिवार जब अपने पालतू तोतों को देखने पिंजरे के पास पहुंचा तो अंदर करीब 5 फीट लंबा नाग फन फैलाए बैठा था। पिंजरे में मौजूद दूसरा तोता जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहा था।
पिंजरे में फन फैलाए बैठे नाग का रेस्क्यू
परिवार ने बताया कि उन्होंने दो तोतों को लंबे समय से बच्चे की तरह पाल रखा था। पिंजरे के अंदर देखने पर पता चला कि नाग एक तोते का शिकार कर चुका था। अपने पालतू को इस तरह खोने से परिवार भावुक हो गया, जबकि दूसरे तोते की जान भी खतरे में थी।
बाद में प्राकृतिक रहवास में छोड़ा गया
छोटे पिंजरे में फन फैलाए बैठा था नाग
परिवार ने तुरंत नोवा नेचर फाउंडेशन के वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम प्रमुख जितेंद्र सारथी को सूचना दी। जानकारी मिलते ही उन्होंने टीम सदस्य बॉबी श्रीवास को मौके पर भेजा।
बॉबी ने मौके पर पहुंचकर सावधानी से रेस्क्यू शुरू किया। पिंजरा छोटा था और नाग फन फैलाए हुए था, ऐसे में सांप को बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद टीम ने सुरक्षित तरीके से नाग को रेस्क्यू कर लिया।
शरीर पर मिले संघर्ष के निशान
रेस्क्यू के दौरान नाग के शरीर पर संघर्ष के निशान भी दिखाई दिए। इससे अंदाजा लगाया गया कि शिकार बना तोता अपनी जान बचाने के लिए काफी देर तक संघर्ष करता रहा होगा। नाग को सुरक्षित रेस्क्यू बैग में रखने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली। बाद में वन विभाग के नियमानुसार नाग को उसके प्राकृतिक रहवास क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
बोले- सांप का कोई दोष नहीं
नोवा नेचर फाउंडेशन के जितेंद्र सारथी ने कहा कि परिवार के लिए अपने पालतू तोते को खोना बेहद दुखद है। लेकिन प्रकृति के नजरिए से देखें तो यह फूड चेन और इकोसिस्टम का हिस्सा है। सांप अपना भोजन तलाशते हुए पिंजरे में घुसा था, इसलिए इसमें सांप का कोई दोष नहीं है।