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कोरबा

प्रदेश मे सांय-सांय विकास हो रहा हैः- मुख्यमंत्री साय

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सर्वमंगला तिराहे के पास हसदेव नदी में रपटा निर्माण एवं एप्रोच रोड़ बनाने की घोषणा की

विवाह के बंधन में बंधने वाले 102 नव दांपत्य जोड़ों को दी बधाई

मंत्री लखनलाल देवांगन की माँग पर मुख्यमंत्री ने की जिले में महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणा

कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सीएसईबी पूर्व फुटबॉल मैदान में आयोजित जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि ऊर्जाजानी के पावन नगरी मंे 625 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन और शिलान्यास किया गया। यह एक बड़ी राशि हैै और इस राशि से जिले के विकास का और गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि जिले को डीएमएफ से बड़ी राशि प्राप्त होती है और इस राशि से जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के साथ अधोसंरचान्तमक विकास में खर्च किया जा रहा है। उन्होंने इसके लिए जिला प्रशासन को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से विवाह के बंधन में बंधने वाले 102 नव दांपत्य जोड़ों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 13 दिसम्बर को हमारी सरकार के कार्यकाल को एक वर्ष पूरे हो जायेंगे। इस अवसर को हम जनादेश परब के रूप में मना रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ’’मोदी की गारंटी’’ पर काम करते हुए शपथ लेने के दूसरे दिन मंत्रिमंडल में निर्णय लिया और प्रधानमंत्री आवास निर्माण की स्वीकृति दी गई। आवास से वंचित हमारे प्रदेश के 18 लाख लोगों को आवास देने के लिए निर्णय लिया। आज भी आवास के हितग्राहियों को गृह प्रवेश कराया गया है। पीएम आवास के हितग्राहियों के पक्के मकान बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ और 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रहे हैं। 13 लाख से अधिक किसानों के दो साल का बकाया धान बोनस राशि 3716 करोड़ का भुगतान भी किया है। आदिवासियों के आमदनी का मुख्य जरिया तेंदूपत्ता की पारिश्रमिक दर 4 हजार से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपये किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में सुशासन की दिशा में काम कर रही है और इसके लिए हम वचनबद्ध है। सरकार बनने के बाद पीएससी घोटाले की सीबीआई जांच जारी है। जो भी दोषी होंगे, उन्हें बख्शा नहीं जायेगा। हमने प्रदेश में सुशासन देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि कोरबा कोयले का भण्डार वाला क्षेत्र है। पहले डीएमएफ में भी गड़बड़ी होती थी। अभी गड़बड़ी करने वाले जेल में हैं। उन्होंने कहा कि सरकार डिजीटल, पारदर्शी व्यवस्था की दिशा में काम कर रही है, इस व्यवस्था से भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं बचेगी। मुझे खुशी है कि डीएमएफ की राशि का सदुपयोग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने डीएमएफ से हाईस्कूल के मेघावी छात्रों को प्रशिक्षण के लिए बाहर भेजे जाने, आठवीं तक के स्कूली विद्यार्थियों को सुबह नाश्ता दिए जाने और चिकित्सकों एवं शिक्षकों की व्यवस्था तथा जिले में किए गए नवाचार के लिए जिला प्रशासन के कार्यों की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को वन अधिकार पत्र, नगरीय निकाय क्षेत्र पाली के 32 हितग्राहियों को वन अधिकार पत्र दिए जाने की बात कहते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा पीवीटीजी क्षेत्रों के विकास के पीएम जनमन योजना शुरू की गई। इस योजना से जिले के पीवीटीजी परिवारों को बिजली, पानी, सड़क सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं मिल रही है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत आदिवासी समुदाय के लोगों के विकास के लिए बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका में सुधार करने के लिए 80 हजार करोड़ रुपए का बजट रखा है, इस योजना में छत्तीसगढ़ के 6 हजार 500 गांव भी शामिल है और इस क्षेत्र के परिवारों को भी लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश में लागू नई उद्योग नीति के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि इस नीति से प्रदेश के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति युवाओं, अग्निवीर की सेवा देने वाले सहित अन्य को लाभ मिलेगा। सिंगल विण्डो सिस्टम से एक जगह से आवेदन करने की सुविधा होगी।
उप मुख्यमंत्री एवं छत्तीसगढ़ शासन में नगरीय विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरूण साव ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा आज का दिन ऐतिहासिक दिन है कि इतनी बड़ी 625 करोड़ रूपये की राशि से अधिक की राशि का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया है। उन्होंने कहा कि यह विष्णु देव साय की सरकार है। जनता के पैसे का उपयोग जनता के लिये किया जा रहा है। हमारी प्रतिबद्धता जनता एवं विकास कार्यों के प्रति है। प्रदेश में सांय-सांय विकास कार्य हो रहे हैं।
नगर विधायक एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मोदी की गारंटी के तहत जो घोषणाएं हुई थी उसे अल्प समय में ही पूरा कर लिया गया। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं की खाते में एक हजार प्रतिमाह डाले जा रहे हैं। 31 सौ रूपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जा रही है। प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। 18 लाख पीएम आवास की स्वीकृति प्रदान कर हितग्राहियों के खाते में आवास निर्माण के लिये पैसे भेजे जा रहे हैं। उन्होंने सरकार के एक साल पूर्ण होने पर कोरबा वासियों को बधाई देते हुए आभार भी प्रकट किया।
कलेक्टर अजीत वसंत ने स्वागत भाषण में जिले में शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन और डीएमएफ की राशि के माध्यम से पारदर्शिता के साथ जिले में कराये जा रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक प्रेमचंद पटेल, महापौर राजकिशोर प्रसाद, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिवकला कंवर, पूर्व मंत्री ननकी राम कंवर आदि जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने हसदेव नदी पर रपटा निर्माण सहित अन्य कार्यों की घोषणा की-
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नगर विधायक और उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन की मांग पर जिले में विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने सर्वमंगला हसदेव नदी रपटा सहित, पुरानी बस्ती रानी रोड की ओर एप्रोच रोड निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कोरबा मुख्यालय में नया सर्किट हाउस निर्माण, झगरहा में माध्यमिक शाला का हाई स्कूल में उन्नयन और कोरबा नगर निगम के विभिन्न वार्डाे में विकास कार्याे के लिए 23 करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की।

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कोरबा

छत्तीसगढ़ में 125 अफसरों का ट्रांसफर:अपर-डिप्टी और संयुक्त कलेक्टर भी बदले, पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा के 125 अधिकारियों का तबादला किया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को तबादला आदेश जारी किया। अधिकारियों को प्रशासनिक आधार पर नई पदस्थापना दी गई है।

तबादला सूची में अपर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर और प्रवर श्रेणी के अधिकारी शामिल हैं। कई जिलों के संयुक्त कलेक्टर भी बदले गए हैं। जिलों से लेकर मंत्रालय स्तर तक अधिकारियों का फेरबदल किया गया है।

पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार दिया गया है।

पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार दिया गया है।

पुलक भट्टाचार्य को सूडा के अतिरिक्त CEO का प्रभार

पुलक भट्टाचार्य सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव के पद पर पदस्थ हैं। वे पीएमओटी मिशन कर्मयोगी के समन्वयक और नगरीय प्रशासन-विकास संचालनालय में अपर संचालक के अतिरिक्त प्रभार में हैं।

आदेश के अनुसार, वर्तमान दायित्वों के साथ उन्हें राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा), रायपुर के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

विपुल गुप्ता को कर्मकार मंडल का अतिरिक्त प्रभार

विपुल कुमार गुप्ता श्रम विभाग में उप सचिव के पद पर पदस्थ हैं। उन्हें वर्तमान दायित्वों के साथ सचिव, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, रायपुर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

विनायक शर्मा को नवा रायपुर विकास प्राधिकरण में प्रबंधक बनाया

विनायक शर्मा छत्तीसगढ़ राज्य शिष्टाचार कार्यालय में राज्य शिष्टाचार अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं। उनके पास उप सचिव, खनिज साधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी है।

आदेश के अनुसार, उन्हें नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में प्रबंधक के पद पर पदस्थ किया गया है।

डॉ. ऋतु वर्मा को उच्च शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार

डॉ. ऋतु वर्मा सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव (कक्ष-6 एवं 7) के पद पर पदस्थ हैं। उन्हें वर्तमान दायित्वों के साथ उच्च शिक्षा विभाग के उप सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

वैभव कुमार क्षेत्रज्ञ को छत्तीसगढ़ संवाद के प्रभार से हटाया

वैभव कुमार क्षेत्रज्ञ कृषि विकास-किसान कल्याण और जैव प्रौद्योगिकी विभाग में अवर सचिव के पद पर पदस्थ हैं। वे छत्तीसगढ़ संवाद में उप महाप्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।

आदेश के अनुसार, उन्हें छत्तीसगढ़ संवाद के उप महाप्रबंधक के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। उनके शेष दायित्व यथावत रहेंगे।

पुष्पेन्द्र शर्मा बने राज्य शिष्टाचार अधिकारी

पुष्पेन्द्र कुमार शर्मा छत्तीसगढ़ राज्य शिष्टाचार अधिकारी के कार्यालय में सत्कार अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं। आदेश के अनुसार, उन्हें राज्य शिष्टाचार अधिकारी, मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर के पद पर पदस्थ किया गया है।

गौतम सिंह को मार्कफेड के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया

गौतम सिंह सुशासन-अभिसरण विभाग में अवर सचिव के पद पर पदस्थ हैं और मार्कफेड का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।

आदेश के अनुसार, उन्हें मार्कफेड के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। उनके शेष दायित्व यथावत रहेंगे।

मोनिका जयनशीने बनीं डिप्टी कलेक्टर

मोनिका जयनशीने माध्यमिक शिक्षा मंडल, रायपुर में उप सचिव के पद पर पदस्थ हैं। वे नवाचार आयोग का अतिरिक्त प्रभार संभाल रही थीं।

आदेश के अनुसार, उन्हें डिप्टी कलेक्टर, दुर्ग के पद पर पदस्थ किया गया है।

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कोरबा

रायपुर : संजू की स्वर्णिम जीत पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने थपथपाई पीठ, कहा छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को मिलेगा उनके अनुभव का लाभ

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परिजनों के साथ उप मुख्यमंत्री साव से मिलीं संजू देवी, भारतीय महिला कबड्डी टीम के गोल्ड मेडल तक का सफर किया साझा

परिजनों के साथ उप मुख्यमंत्री श्री साव से मिलीं संजू देवी, भारतीय महिला कबड्डी टीम के गोल्ड मेडल तक का सफर किया साझा
परिजनों के साथ उप मुख्यमंत्री श्री साव से मिलीं संजू देवी, भारतीय महिला कबड्डी टीम के गोल्ड मेडल तक का सफर किया साझा

रायपुर/कोरबा 29 सितम्बर 2026। एशियन गेम्स-2026 में महिला कबड्डी में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली छत्तीसगढ़ की बेटी संजू देवी ने रायपुर लौटने के बाद उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव से मुलाकात की। श्री साव ने अपने नवा रायपुर स्थित शासकीय निवास कार्यालय में हुई मुलाकात के दौरान संजू देवी की उपलब्धि पर उनका अभिनंदन कर हौसला बढ़ाया। उन्होंने संजू की माता श्रीमती अमरीका बाई और पिता रामजी का भी अभिनंदन किया।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने संजू देवी को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने भारत के साथ छत्तीसगढ़ के तीन करोड़ लोगों को भी गौरवान्वित किया है। उन्होंने संजू से एशियन गेम्स के अनुभव और उनकी टीम के स्वर्ण पदक तक के अजेय सफर की जानकारी ली। श्री साव ने उनसे प्रतियोगिता के दौरान मिले अनुभवों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की।
श्री साव ने संजू का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि एशियन गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिला उनका अनुभव केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं रहेगा। इस अनुभव का लाभ छत्तीसगढ़ के अन्य खिलाड़ियों को भी मिलेगा। श्री साव से संजू देवी की मुलाकात के दौरान खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार और संचालक श्रीमती आकांक्षा शिक्षा खलखो भी मौजूद थीं।

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कोरबा

जाति जनगणना और प्रत्येक जाति के लिए विशिष्ठ वैज्ञानिक कोड तथा वैज्ञानिक वर्गीकरण सुनिश्चित करने राष्ट्रपति के नाम ओबीसी कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन

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कोरबा। जिला कांग्रेस कमेटी ओबीसी वर्ग के जिला अध्यक्ष गजानंद प्रसाद साहू (शहर) राजेश श्रीवास (ग्रामीण) तथा प्रदेश उपाध्यक्ष श्यामसुंदर सोनी, जिला कांग्रेस कमेटी शहर के जिलाध्यक्ष मुकेश राठौर, ग्रामीण जिलाध्यक्ष मनोज चौहान के नेतृत्व में एक रैली निकाली गई तथा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।

कांग्रेसजनों ने राष्ट्रपति से मांग की है कि जनगणना जाति के आधार पर की जाए और प्रत्येक जाति के लिए विशिष्ठ वैज्ञानिक कोड, वैज्ञानिक वर्गीकरण सुनिश्चित किया जाए। जिला कांग्रेस कमेटी शहर के जिलाध्यक्ष गजानंद प्रसाद साहू ने बताया कि ओबीसी कांग्रेस द्वारा रैली निकाली गई और राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें मांग की गई है कि जनगणना जाति के आधार पर सुनिश्चित की जाए और वैज्ञानिक, प्रमाणित एवं नीतिनिर्माण में उपयोगी जाति जनगणना हेतु ओबीसी श्रेणी मानकीकृत जाति सूची, प्रत्येक जाति के लिए विशिष्ठ वैज्ञानिक कोड तथा वैज्ञानिक वर्गीकरण सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

ज्ञापन में लिखा गया है कि अगामी जनगणना में जातियों की गणना की पद्धति से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषय की ओर आपका ध्यान आकर्षित करते हुए ज्ञापन प्रस्तुत किया जा रहा है। जाति जनगणना सामाजिक न्याय का ऐतिहासिक माध्यम तभी बन सकती है, जब देश की प्रत्येक जाति एवं समुदाय की सही, वैज्ञानिक और एकरुप गणना हो।
केवल किसी व्यक्ति से उसकी जाति पूछ लेना पर्याप्त नहीं है। यह भी सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि एक ही प्रमाणित जाति के अलग-अलग नाम, पर्यायवाची नाम, क्षेत्रीय नाम तथा उच्चारण एवं वर्तनी के अंतर के कारण उसे अनेक अलग-अलग जातियों के रूप में दर्ज न कर दिया जाए।

समस्या: एक जाति-अनेक नाम
भारत की सामाजिक संरचना अत्यंत विविध है। एक ही जाति अथवा समुदाय को अलग-अलग राज्यों, क्षेत्रों और भाषाओं में अलग-अलग नामों, उपनामों, परंपरागत व्यवसाय-सुचक नामों तथा वर्तनी से जाना जा सकता है। ज्ञापन में कहा गया है केन्द्र एवं राज्य सरकारों की आधिकारिक सूचियों तथा अन्य प्रमाणित अभिलेखों के आधार पर प्रत्येक राज्य एवं केन्द्र शासित प्रदेश के लिए वैज्ञानिक कास्ट मास्टर लिस्ट तैयार की जाए।
किसी भी दो नामों को केवल समानता के अधार पर स्वत: एक जाति न मानी जाए। उनका एकीकरण आधिकारिक दस्तावेजों, ऐतिहासिक एवं मानव शास्त्रीय प्रमाणों एवं विशेषज्ञों की समीक्षा के बाद ही किया जाए।
जाति जनगणना की अंतिम पद्धति तय करने से पहले एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति गठित की जाए। इसके अलावा ज्ञापन में कई विषयों पर राष्ट्रपति का ध्यान आकर्षित किया गया है।

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