रायपुर,एजेंसी। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का गुरुवार रात निधन हो गया। वे 92 साल के थे। उनके निधन पर छत्तीसगढ़ में 26 दिसंबर से 1 जनवरी तक 7 दिन राजकीय शोक है। शासकीय भवन और अन्य स्थानों पर राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे। छत्तीसगढ़ में पीएम और सीएम के कार्यक्रम रद्द किए गए हैं। प्रधानमंत्री वर्चुअल कार्यक्रम के जरिए 10 जिलों के लोगों को आवासीय पट्टा देने वाले थे।
मनमोहन सिंह का छत्तीसगढ़ से भी गहरा नाता रहा है। यहां एम्स, सीपत थर्मल पावर प्लांट (NTPC) समेत कई योजनाएं लाने में उनकी अहम भूमिका रही। वे 2013 में चुनावी माहौल के बीच रायपुर आए थे। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े नक्सल हमले झीरम कांड को लेकर एक बड़ा दावा किया था।
उन्होंने कहा था कि राजनीतिक मतभेदों के चलते छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेताओं को भाजपा की रमन सिंह सरकार ने सुरक्षा नहीं दी। इसलिए कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता और सुरक्षाकर्मी बेरहमी से मारे गए।
पूर्व पीएम के निधन पर छत्तीसगढ़ में 7 दिन राजकीय शोक है।
झीरम की खबर सुनते ही पहुंचे रायपुर
25 मई 2013 को झीरम हमले की खबर मिलते ही तब के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह रायपुर पहुंचे। उनके साथ सोनिया गांधी, राहुल गांधी भी थे। मनमोहन सिंह ने कहा था कि ये नक्सल हमला कांग्रेस के हौसले को तोड़ नहीं सकता।
बड़े नेताओं की कुर्बानी हमें जन सेवा करने की प्रेरणा देती है। तब रायपुर के गांधी मैदान स्थित कांग्रेस भवन में सभा हुई। इसके बाद मनमोहन सिंह ने अफसरों की एक बैठक भी रायपुर में ली थी।
झीरम हमले की खबर मिलते ही तब के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह रायपुर पहुंचे। घायल नेताओं और कार्यकर्ताओं से बातचीत की थी।
बीजेपी की सरकार में सुरक्षा व्यवस्था खराब
मनमोहन ने कहा था कि झीरम अटैक हमारे लोकतंत्र पर सीधा हमला था। मैं यह भी जानता हूं कि इस तरह की घटनाओं से देश और कांग्रेस पार्टी के मनोबल को कभी कम नहीं किया जा सकता। झीरम घाटी नक्सली हमला यह भी दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ की बीजेपी सरकार के कार्यकाल में सुरक्षा व्यवस्था कितनी खराब हो गई है।
भाजपा सरकार जिम्मेदारी को निभाने में असफल रही
मनमोहन ने कहा था कि आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की बुनियादी जिम्मेदारी होती है, लेकिन छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार इस जिम्मेदारी को निभाने में पूरी तरह असफल रही है। राज्य के बहुत से इलाके नक्सलियों के काबू में है और वहां सरकार की कोई बात नहीं मानी जाती। इसी वजह से इन हिस्सों में विकास के काम नहीं हो रहे।
विपक्षी नेताओं के खिलाफ ऐसे शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए
पूर्व पीएम ने कहा था कि मैं एक और बात यहां साफ तौर पर कहना चाहूंगा कि हम विपक्षी दलों की और उनकी सरकारों की नीतियों की आलोचना ये जरूर करेंगे, क्योंकि हम उनसे असहमत हैं, लेकिन हमें अपना संयम खोकर विपक्षी नेताओं के खिलाफ ऐसे शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए जो अपमानजनक हो।
किसी भी राजनीतिक दल का मकसद सत्ता में आना होता है लेकिन सत्ता के लालच में किसी भी दल को सस्ती राजनीति का रास्ता नहीं अख्तियार करना चाहिए।
मनमोहन ने कहा था कि बीजेपी द्वारा छत्तीसगढ़ के पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) की तारीफ की जाती है, लेकिन यह नहीं बताया जाता कि इस पीडीएस सिस्टम को आगे चलाने के लिए पैसा कहां से आता है, यह पैसा 90 फ़ीसदी केंद्र की कांग्रेस सरकार से आता है। (नोट- 9 नवंबर 2013 को रायपुर में प्रधानमंत्री रहते मनमोहन सिंह ने ये बातें तब के हालातों पर कही थीं)
रायपुर में एम्स शुरू करने में अहम रोल
PM मनमोहन सिंह का रायपुर में एम्स अस्पताल शुरू करने में भी अहम रोल रहा। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी और केंद्र में UPA सत्ता में थी। एम्स के लिए केंद्र से मिले फंड से अस्पताल बनाने का काम हुआ। 2012 में तब के स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने इसका लोकार्पण करवाया।
CG के बहादुर बच्चे को किया था सम्मानित
मुकेश निषाद को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार 2012 प्रदान करते हुए प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह।
24 जनवरी, 2013 को नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में छत्तीसगढ़ के चि. मुकेश निषाद को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार – 2012 प्रदान करते हुए प्रधान मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह।
सीपत में थर्मल पावर प्लांट शुरू किया
19 सितंबर 2013 को प्रधानमंत्री रहते हुए डॉ. मनमोहन सिंह ने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सीपत में राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (NTPC) के 13 हजार करोड़ रुपए की लागत से बने 2 हजार 980 मेगावाट क्षमता वाले सुपर थर्मल पावर प्लांट को देश को समर्पित किया था।
पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने बिलासपुर के सीपत में थर्मल पावर प्लांट शुरू किया।
ये प्लांट छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश समेत महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा, जम्मू-कश्मीर राज्यों के साथ ही दमन-दीव और दादरा नगर हवेली को बिजली देता है। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के तौर पर मनमोहन सिंह ने कहा था- बिना बिजली देश की अर्थव्यवस्था मजबूत नहीं हो सकती।
मनमोहन ने कहा था कि चाहे खेती-किसानी हो या उद्योग और व्यवसाय, पावर की जरूरत हर एक को है। छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से मालामाल राज्य है। इस राज्य में विकास की अपार संभावनाएं हैं। मुझे विश्वास है कि छत्तीसगढ़ अपने विकास में इन क्षमताओं का पूरा उपयोग करेगा।
मनमोहन सिंह ने ओपी को एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया था।
जब OP चौधरी को मनमोहन सिंह ने किया था सम्मानित
दंतेवाड़ा कलेक्टर रहते हुए उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों की शिक्षा के लिए काम किया था। इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों की प्रवेश परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग की सुविधा की शुरुआत की थी। 2011-12 में बेहतरीन काम करने के लिए तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह ने उन्हें एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया था।
अब छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने मनमोहन सिंह के निधन पर कहा कि रिजर्व बैंक के गवर्नर से लेकर देश के वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में डॉ. मनमोहन सिंह ने देश की शासन व्यवस्था में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। ईश्वर उनकी आत्मा को सद्गति प्रदान करें।
छत्तीसगढ़ के इन नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि पूर्व प्रधानमंत्री, प्रख्यात अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। मनमोहन सिंह अर्थशास्त्र के उन दिग्गजों में से एक थे, जो देश के वित्त मंत्री, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर और योजना आयोग के प्रमुख जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे।
मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ है। ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों, उनके शुभचिंतकों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं। वहीं छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उन्हें श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने लिखा कि महान राष्ट्रकर्मी विदा हुए। देश आपका आभारी रहेगा।
दीपक बैज ने भी निधन पर जताया दुख
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने पूर्व पीएम के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने लिखा मनमोहन सिंह खुद कम बोलते थे, मगर उनका काम ऐसा बोलता था कि पूरा विश्व उनका हमेशा प्रशंसक रहेगा। अपनी आर्थिक नीतियों से उन्होंने देश को एक नई ऊंचाई तक पहुंचा दिया।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का निधन देश और कांग्रेस पार्टी के लिए बहुत बड़ी क्षति है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति दे।
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने पूर्व पीएम के निधन पर शोक जताया है।
रायपुर, एजेंसी। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पुलिस पदकों की घोषणा की है। इस बार छत्तीसगढ़ पुलिस के 152 अधिकारी और जवान अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित होंगे। इनमें 141 को वीरता पदक, 10 को सराहनीय सेवा पदक और 1 अधिकारी को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक दिया जाएगा।
बता दें कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वीरता और अदम्य साहस का परिचय देने वाले सेना के जवानों, अफसरों और पुलिस अधिकारियों और जवानों को अवार्ड से सम्मानित किया जाता है। नक्सल प्रभावित इलाकों में लंबे समय तक चले अभियानों में अहम भूमिका निभाने वाले अधिकारियों को इस बार खास तौर पर सम्मानित किया गया है।
वीरता पदक पाने वाले प्रमुख अधिकारियों में आईजी पी. सुंदरराज, आईजी इंदिरा कल्याण एलेसेला, एएसपी संदीप पटेल और एएसपी रॉबिन्सन गुड़िया शामिल हैं। आईजी पी. सुंदरराज को नक्सल विरोधी अभियानों का बेहतर तरीके से नेतृत्व करने और माओवादी नेटवर्क को कमजोर करने के लिए किए गए काम के लिए वीरता पदक दिया गया है।
आईजी पी. सुंदरराज, आईजी इंदिरा कल्याण एलेसेला को किया जाएगा वीरता पदक से सम्मानित।
आईजी एलेसेला, एएसपी रॉबिंसन को भी वीरता पदक
आईजी इंदिरा कल्याण एलेसेला को नक्सल प्रभावित इलाकों में साहस के साथ नेतृत्व करने के लिए वीरता पदक दिया जाएगा। एएसपी संदीप पटेल और एएसपी रॉबिंसन गुड़िया को भी विशेष अभियानों में बहादुरी दिखाने के लिए वीरता पदक से सम्मानित किया जाएगा।
सीनियर IPS अधिकारी कोटवानी को राष्ट्रपति पदक
विशिष्ट सेवा के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एमएल कोटवानी को राष्ट्रपति पदक दिया जाएगा। पुलिस सेवा में उनके लंबे अनुभव, बेहतर प्रशासन और उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए उन्हें इस सम्मान के लिए चुना गया है।
सराहनीय सेवा पदक पाने वालों में कमांडेंट गायत्री सिंह, एएसपी दीपमाला कश्यप के नाम।
सराहनीय सेवा के लिए इन अफसरों को मिलेगा सम्मान
सराहनीय सेवा पदक पाने वालों में कमांडेंट गायत्री सिंह, कमांडेंट ओम प्रकाश शर्मा, अतिरिक्त डीसीपी डॉ. अर्चना झा, एएसपी दीपमाला कश्यप, डिप्टी कमांडेंट रमा पटेल, इंस्पेक्टर पिनाकी, डीएसपी सविता सिंह परिहार, असिस्टेंट कमांडेंट बृजेश कुमार तिवारी, कंपनी कमांडर राकेश कुमार सिंह और प्लाटून कमांडर नेहरू लाल शामिल हैं।
मनीषा ठाकुर रावटे सराहनीय सेवा पदक 20 वाहनी बटालियन की कमांडेंट है। डायल 112 प्रोजेक्ट में महत्तवपूर्ण भूमिका निभाई थी।
रायपुर, एजेंसी। रायपुर के एक कार्यक्रम में सरेंडर नक्सली महिलाओं ने रैंप वॉक किया। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर प्रदेश स्तरीय बुनकर सम्मेलन और स्वदेशी एक्सपो आयोजित किया गया था। जहां पूर्व महिला नक्सलियों ने कोसा साड़ी पहनकर हैंडलूम कपड़ों का प्रदर्शन किया।
यह फैशन शो सिर्फ पारंपरिक परिधानों का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि बदलते बस्तर और मुख्यधारा से जुड़कर नई जिंदगी शुरू कर रही महिलाओं की प्रेरक कहानी भी सामने लेकर आया। कभी बंदूक और हिंसा के साए में जीवन बिताने वाली इन महिलाओं ने आत्मविश्वास के साथ रैंप पर कदम रखा।
रैंप वॉक की तस्वीरें देखें…
कोसा सिल्क पहनकर उतरीं सरेंडर नक्सली महिलाएं।
रैंप पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध हथकरघा परंपरा की झलक दिखी।
रैंप वॉक करने वाली सभी महिलाएं पहली बार रायपुर पहुंची थीं।
रैंप वॉक के जरिए दिया संदेश
स्वदेशी फैशन शो में आत्मसमर्पित महिलाओं ने पूरे आत्मविश्वास के साथ रैंप वॉक किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक बुनाई और कोसा सिल्क से तैयार आकर्षक परिधानों को प्रदर्शित किया।
सरेंडर नक्सलियों ने रैंप वॉक के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया कि हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने के बाद सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन की नई शुरुआत संभव है।
कभी बंदूक के साए में जीवन बिताने वाली इन महिलाओं ने आत्मविश्वास के साथ रैंप पर कदम रखा।
सभी महिलाएं पहली बार रायपुर पहुंची
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि रैंप वॉक करने वाली लगभग सभी महिलाएं पहली बार रायपुर पहुंची थीं। उनके लिए यह अनुभव बेहद खास और यादगार रहा। पारंपरिक परिधानों में रैंप पर चलती महिलाओं के चेहरे पर आत्मविश्वास और उत्साह साफ नजर आया।
कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी आत्मसमर्पित महिलाओं से आत्मीय संवाद किया और उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने महिलाओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यधारा में लौट रहे लोगों के लिए शो
यह फैशन शो सरकार की पुनर्वास नीति के तहत मुख्यधारा में लौट रहे लोगों के सम्मान, आत्मनिर्भरता और नए अवसरों की दिशा में सकारात्मक संदेश के रूप में सामने आया।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के कोसा और पारंपरिक हथकरघा उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के प्रीमियम हैंडलूम ब्रांड ‘कोशल फैब’ का शुभारंभ किया।
रैंप वॉक पर दिखी हथकरघा परंपरा की झलक
रैंप पर कोसा सिल्क पहनकर उतरीं आत्मसमर्पित महिलाओं ने एक तरफ छत्तीसगढ़ की समृद्ध हथकरघा परंपरा की झलक दिखाई, वहीं दूसरी ओर बदलते बस्तर की ऐसी तस्वीर पेश की, जिसमें बंदूक की जगह हुनर और हिंसा की जगह आत्मनिर्भरता नजर आई।
‘लोकल टू ग्लोबल’ की ओर बढ़ते छत्तीसगढ़ में इन महिलाओं की मौजूदगी ने यह संदेश भी दिया कि पुनर्वास और अवसर मिलने पर वे अपनी नई पहचान और सम्मानजनक भविष्य बना सकती हैं।
जांजगीर-चांपा। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा, जिला जांजगीर-चांपा की प्रथम परिचयात्मक बैठक गुरुवार, 13 अगस्त को जिला कार्यालय जांजगीर-चांपा में आयोजित की गई। बैठक भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती विभा अवस्थी के निर्देशानुसार एवं जिला अध्यक्ष श्रीमती संतोषी सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुई।
बैठक का उद्देश्य महिला मोर्चा को जिले में और अधिक सशक्त एवं सक्रिय बनाना तथा संगठनात्मक गतिविधियों को बूथ एवं मंडल स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचाना रहा। बैठक में महिला कार्यकर्ताओं की अधिक से अधिक भागीदारी, संगठन विस्तार तथा आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम में जिला संगठन प्रभारी रामदेव कुमावत, जिला संगठन सह प्रभारी राजेंद्र वैष्णव, जिला भाजपा अध्यक्ष अंबेश जांगड़े, प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
वहीं विशेष अतिथि के रूप में महिला मोर्चा भाजपा जिला प्रभारी श्रीमती पुनिता डहरिया, जिला सह प्रभारी श्रीमती विभा गौरहा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यालता मीरी, बलौदा जनपद पंचायत, जिला महामंत्री श्रीमती नन्दनी राजवाड़े, जिला महामंत्री शक्ति श्रीमती मोहन कुमारी साहू, अध्यक्ष श्रीमती शारदा सनत देवांगन, नवागढ़ जनपद अध्यक्ष श्रीमती प्रीति देवी सिंह, नपा अध्यक्ष श्रीमती रेखा गढ़वाल, नपं अध्यक्ष श्रीमती अर्चना देवांगन, जिला पंचायत सभापति श्रीमती प्रियंका सिंह, श्रीमती संतोषी रात्रे की गरिमामयी उपस्थिति रही।
बैठक में जिला एवं मंडल स्तर की महिला मोर्चा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बहनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। उपस्थित अतिथियों ने महिला कार्यकर्ताओं को संगठन को मजबूत करने, सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने तथा महिलाओं को पार्टी की विचारधारा एवं संगठन से जोड़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का मंच संचालन भाजपा महिला मोर्चा जिला जांजगीर-चांपा की जिला महामंत्री डॉ. धनेश्वरी जागृति ने किया। अंत में महिला मोर्चा की ओर से सभी अतिथियों एवं उपस्थित कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त जिला उपाध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा डेहरे द्वारा किया गया।
बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित रहे संतोष लहरे, अमर सुल्तानिया, रवि पाण्डेय, प्रदीप श्रॉफ, श्रीमती उमा सोनी, श्रीमती संगीता पाण्डेय, श्रीमती, पूजा राठौर, श्रीमती संजीत माली, श्रीमती प्रेमलता कौशिक, श्रीमती अन्नपूर्णा सोनी, श्रीमती मेघा यादव, श्रीमती संतोषी बरेठ, श्रीमती रोशनी राठौर, श्रीमती कल्याणी केशरवानी, श्रीमती शशि राठौर, श्रीमती पुष्पा सिंह, श्रीमती मनीषा गोपाल, श्रीमती पूनम राय,श्रीमती पूनम अग्रवाल सहित सभी मंडल के महिला मोर्चा की अध्यक्ष महामंत्री एवं जिला एवं मंडल पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रहीं और महिला मोर्चा को जिले में और अधिक प्रभावी एवं सशक्त बनाने का संकल्प लिया।