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कोरबा

पाली महोत्सव से कोरबा को मिल रही अलग पहचानः कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन

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छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में पाली महोत्सव का हुआ समापन
कोरबा। छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग व श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में महाशिवरात्रि पर्व पर पाली में आयोजित दो दिवसीय पाली महोत्सव का समापन  समारोह आयोजित हुआ । कैबिनेट मंत्री देवांगन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पाली महोत्सव कोरबा वासियो के लिए गौरव की बात है। उन्होंने क्षेत्रवासियों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पाली देवाधिदेव भगवान शिव व महिषासुर मर्दिनी की नगरी है। जिसका अपना ऐतिहासिक महत्व है। तीज, त्यौहार, मड़ई, मेला, सुआ, ददरिया ये  हमारी संस्कृति की पहचान है,  इसकी रक्षा की जिम्मेदारी हम सबकी है।
कैबिनट मंत्री ने कहा कि पाली महोत्सव के दो दिवसीय  कार्यक्रम में बॉलीवुड, छालीवुड सहित स्थानीय कलाकारों द्वारा अपनी कला संस्कृति का शानदार प्रस्तुति दी। जिसका हम सभी ने भरपूर आनंद लिया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के आयोजन का उद्देश्य स्थानीय कला संस्कृति को बढ़ावा देना, स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करना एवं मंच के माध्यम से आमजनों का मनोरंजन करना है। जिला प्रशासन द्वारा महोत्सव का बहुत अच्छा आयोजन किया गया है। आगे भी प्रशासन द्वारा इस प्रकार का आयोजन किया जाता रहेगा। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार के गठन के साथ ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में प्रदेश का विकास तेजी से किया जा रहा है। अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से आमजन लाभान्वित हो रहे हैं। किसानों के परिश्रम को सम्मान देते हुए उनके उपज को 3100 रुपए प्रति क्विन्टल एवं 21 क्विन्टल प्रति एकड़ की दर से खरीदी की गई है। इसी प्रकार प्रदेश सरकार द्वारा जनहित में आगे भी निरंतर कार्य किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पाली में भी क्षेत्रवासियों की मांग को ध्यान में रखकर अनेक विकास कार्यो की स्वीकृति प्रदान की गई है। यहां के प्रमुख धार्मिक व पर्यटन स्थल की व्यवस्थित विकास हेतु कार्य योजना तैयार कर डीएमएफ के आने वाली बैठक में अनुमोदन कर कार्य की स्वीकृति प्रदान की जाएगी। इसी प्रकार आगे भी विकास कार्य निरंतर जारी रहेगा। श्री देवांगन ने गरिमामय कार्यक्रम के आयोजन के लिए जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया।

समापन समरोह को सम्बोधित करते हुए कलेक्टर श्री वसंत ने सभी को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि पाली की शिव मंदिर की गरिमा को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। क्षेत्र के विकास के सम्बंध में आने वाली बैठक में चर्चा कर ऐतिहासिक महत्व के स्थलों का व्यवस्थित ढंग से विकास किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के आपसी समन्वय से  विकास कार्यो में तेजी आएगी । आभार प्रदर्शन जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग ने किया।
समारोह को विधायक पाली तानाखार तुलेश्वर मरकाम, विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल,नवनिर्वाचित महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने सम्बोधित किया एवं सभी को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कार्यक्रम का आनंद लेने का आग्रह किया।
इस दौरान जिले में पर्यटन को  बढ़ावा देने के लिए पाली महोत्सव के अंतर्गत आयोजित विडियोग्राफी प्रतियोगिता के विजेताओं को  पुरस्कृत किया गया। जिसके अंतर्गत प्रथम पुरस्कार पाली के रितिक कुमार पटेल,  द्वितीय स्थान आईटीआई रामपुर कोरबा के विवेक कुमार यादव , तृतीय स्थान पाली  के किसन कुमार मरकाम  ने प्राप्त किया। सभी विजेताओं को मंच से अतिथियो द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत,  नगर पंचायत अध्यक्ष पाली अजय जायसवाल,  सरपंच श्रीमती गिरजा सत्यनारायण पैकरा, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं भारी संख्या में आमनागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम में अतिथियों सहित अधिकारियों ने कलाकारों की प्रस्तुति का आनंद लिया। जिला प्रशासन द्वारा कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन, सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

बॉलीवुड के मशहूर गायक शान की सुरीली आवाज ने बांधा समा

शान की गीतों पर जनकर झूमे दर्शक

लोकप्रिय छत्तीसगढ़ी गायक दिलीप षड़ंगी ने दी मनमोहक प्रस्तुति
पाली महोत्सव के समापन अवसर पर बॉलीवुड के मशहूर गायक शान के गीतों ने समा बांधा, उनके  गीतों पर दर्शक जमकर झूमे, शान की सुरीली आवाज ने दर्शकों का मन मोह लिया और दर्शक उनके गीतों में खूब नाचे। शान ने मैं हूँ डॉन गाने के साथ मंच पर प्रवेश किया। दर्शकों से रूबरू होते हुए उन्होंने भगवान शिव की वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। लोकप्रिय छत्तीसगढ़ी गीत छूनुर छुनुर पैरी बाजे.. गीत से उन्होंने पाली के लोगों समन्वय बनाया। चार कदम बस चार कदम चल दो ना साथ मेरे, चांद सिफारिश जो करता हमारी,.. हे शोना हे शोना,. दिवानगी दिवानगी,. ओम शांति ओम, दिल ने तुमको चुन लिया है,..
तन्हा दिल तन्हा सफर,. जैसे अनेक लोकप्रिय गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी। शान के सुरीली आवाज सुनकर दर्शक खुद को झूमने से नही रोक सके और सभी दर्शक झूमने लगे।
शान ने कहा कि  यह उनके लिए बड़े हर्ष की बात है कि भगवान शिव की नगरी पाली में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर उन्हें कार्यक्रम प्रस्तुत करने का अवसर मिला है।
पाली में भगवान भोलेनाथ का बहुत प्राचीन मंदिर है जो कि अपनी एक अलग पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि कुछ माह पूर्व ही वे रायपुर में राज्योत्सव में प्रस्तुति देने आए थे, उसके बाद आज कोरबा के खूबसूरत शहर पाली में परफार्म करने आए है। उन्होंने पाली की खूबसूरती की तारीफ करते हुए कहा कि यहां की वादियां बहुत अच्छी है , शहर के चकाचौंध से दूर यहां एक से एक दिलकश नजारे है, हवा की ताजगी से एक नई ऊर्जा का संचार हो रहा है। शान ने लोगों को इस खूबसूरत शहर को हमेशा स्वच्छ बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
इसी प्रकार पाली महोत्सव के समापन अवसर पर लोकप्रिय  छत्तीसगढ़ी गायक दिलीप षड़ंगी ने भी मनमोहक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। मां सर्वमंगला की वंदना से उन्होंने देश प्रदेश वासियों की सुख समृद्धि की कामना की। उनके चंदवा बैगा गीत से दर्शक आनंदित हुए। इस दौरान दुर्गेश साहू ने भजन की प्रस्तुति एवं अन्य स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने लोगों का मन मोह लिया।

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कोरबा

अपना बैंक खाता एवं मोबाइल नंबर दूसरों को देना पड़ा भारी

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कोरबा निवासी 02 लोगों के विरुद्ध म्यूल अकाउंट के मामले में पुलिस की कार्रवाई

कोरबा पुलिस की अपील—अपना बैंक खाता, एटीएम, सिम एवं मोबाइल नंबर किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग हेतु न दें

कोरबा। पुलिस अधीक्षक जिला कोरबा सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटेल एवं साइबर नोडल अधिकारी नितेश ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कटघोरा के मार्गदर्शन में साइबर थाना प्रभारी ललित कुमार चंद्रा के नेतृत्व में म्यूल अकाउंट के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है।

भारत सरकार के गृह मंत्रालय से म्यूल अकाउंट (Mule Account) के संबंध में प्राप्त निर्देशों के पालन में साइबर पुलिस थाना कोरबा द्वारा ऐसे बैंक खातों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है, जिनका उपयोग साइबर अपराधों में किए जाने की आशंका है।

इसी क्रम में साइबर पुलिस थाना कोरबा द्वारा अलग अलग बैंक खातों के संबंध में अपराध पंजीबद्ध कर धारा 317(2), 318(4) बीएनएस के तहत विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान दो अलग अलग अपराधों में दो खाताधारकों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई।

पूछताछ में खाता धारक महेंद्र कुमार धीवर निवासी मानस नगर, कोरबा एवं के प्रभाकर राव निवासी कृष्ण नगर कोरबा द्वारा अपने बैंक खातों को लाभ कमाने के उद्देश्य से अन्य व्यक्तियों को कमीशन के बदले उपयोग हेतु दिए जाने की बात सामने आई। बाद में उन्हें जानकारी हुई कि संबंधित बैंक खाते होल्ड हो गए हैं।

प्रकरण में उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर दोनों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई है। प्रकरण की विवेचना वर्तमान में जारी है।

म्यूल अकाउंट के विरुद्ध कोरबा पुलिस की कार्रवाई

साइबर अपराधियों द्वारा आम नागरिकों को कमीशन अथवा आसान कमाई का लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाकर अथवा पहले से संचालित बैंक खातों का उपयोग साइबर अपराध से प्राप्त राशि के लेन-देन के लिए किया जाता है। ऐसे बैंक खातों को म्यूल अकाउंट (Mule Account) कहा जाता है।

साइबर अपराध में प्रयुक्त ऐसे खातों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए उपलब्ध कराने वाले खाताधारक भी साइबर अपराध की विवेचना एवं कानूनी कार्रवाई की चपेट में आ सकते हैं।

कोरबा पुलिस की आम नागरिकों से अपील

साइबर अपराधी लोगों को कमीशन अथवा अन्य प्रकार के लाभ का लालच देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड, मोबाइल नंबर अथवा सिम का उपयोग साइबर अपराधों में कर सकते हैं। अतः नागरिक निम्न सावधानियां बरतें—

  • अपना बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग हेतु न दें।
  • अपना एटीएम/डेबिट कार्ड, पासबुक, चेकबुक या इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी किसी को न दें।
  • अपना मोबाइल नंबर अथवा सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग करने के लिए न दें।
  • किसी व्यक्ति द्वारा कमीशन या आसान कमाई का लालच देकर बैंक खाता उपलब्ध कराने की बात कही जाए तो सतर्क रहें।
  • अपने बैंक खाते में होने वाले लेन-देन की नियमित रूप से जानकारी रखें।
  • किसी संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिलने पर तत्काल अपने बैंक एवं पुलिस को सूचित करें।
  • किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने खाते में राशि प्राप्त कर उसे दूसरे खाते में ट्रांसफर अथवा नकद निकालकर न दें।

कोरबा पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि थोड़े से आर्थिक लाभ के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम, सिम अथवा मोबाइल नंबर किसी अन्य व्यक्ति को देकर स्वयं को साइबर अपराध की विवेचना एवं कानूनी कार्रवाई का हिस्सा न बनाएं।

सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।

सजग कोरबा – सतर्क कोरबा।

— जिला कोरबा पुलिस, छत्तीसगढ़

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कोरबा

SECL मानिकपुर जनसुनवाई रद्द करने की मांग:ग्रामीणों ने प्रक्रिया को फर्जी बताया,भू-विस्थापित बोले- पहले पुराने वादे पूरे करो,नहीं तो 3 हजार ग्रामीण करेंगे विरोध

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कोरबा। SECL मानिकपुर ओपन कास्ट खदान विस्तार परियोजना को लेकर प्रभावित ग्रामीणों और प्रबंधन के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। भू-विस्थापित संगठन मानिकपुर ने 21 अगस्त को प्रस्तावित पर्यावरण जनसुनवाई को रद्द करने की मांग की है।

संगठन ने जनसुनवाई की प्रक्रिया को फर्जी बताते हुए चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो 8 प्रभावित गांवों के करीब 2 से 3 हजार महिला-पुरुष ग्रामीण मौके पर पहुंचकर इसका उग्र विरोध करेंगे।

200-250 किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिलने का आरोप

200-250 किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिलने का आरोप

250 किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिलने का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि दशकों पहले खदान के लिए अपनी उपजाऊ जमीन देने के बावजूद करीब 200 से 250 किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। वहीं, SECL द्वारा गोद लिए गए 7-8 गांवों में सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी खराब है।

ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और SECL प्रबंधन खदान विस्तार और कॉर्पोरेट मुनाफे को प्राथमिकता दे रहा है, जबकि विस्थापित परिवारों की पुरानी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है।

युवाओं के लिए 400-500 स्थायी नौकरी की मांग

भू-विस्थापितों ने प्रभावित गांवों के युवाओं के लिए मौके पर ही 400 से 500 पदों पर नियमित और स्थायी भर्ती शुरू करने की मांग रखी है। इसके अलावा भिलाई खुर्द-1, 2 और 3 में बचे मकानों और जमीनों का दोबारा पारदर्शी तरीके से भौतिक सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन कराने की मांग की गई है।

रापाखरा और दादर खुर्द को लेकर भी मांग

ग्रामीणों ने रापाखरा के विस्थापितों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने और आने-जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं, दादर खुर्द के तालाब को गांव की निस्तारी का प्रमुख स्रोत बताते हुए वहां ओबी डंपिंग पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है।

ग्रामीणों को सूचना दिए बिना जनसुनवाई कराने का आरोप

ग्रामीण अमन पटेल ने आरोप लगाया कि SECL प्रबंधन 21 अगस्त को जनसुनवाई कराने जा रहा है, लेकिन प्रभावित गांवों को इसकी जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि करीब 15-20 दिन पहले अधिकारियों से चर्चा के दौरान कहा गया था कि जनसुनवाई की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों को बताया जाएगा। इसके बावजूद अब पंचायत सचिव, सरपंच और अन्य क्षेत्रों को नोटिस भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।

ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पुराने मुआवजे, रोजगार, पुनर्वास और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े वादे पूरे नहीं होते, तब तक खदान विस्तार के लिए जनसुनवाई नहीं होने दी जाएगी।

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कोरबा

भूमि के बदले रोजगार संबंधी शिकायतों की जांच के लिए एसईसीएल ने गठित की उच्चस्तरीय समिति

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पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध शिकायत निवारण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

बिलासपुर/कोरबा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने भूमि के बदले रोजगार से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय स्थायी समीक्षा समिति का गठन किया है। समिति उपलब्ध अभिलेखों, दस्तावेजों एवं साक्ष्यों के आधार पर प्रत्येक प्रकरण का परीक्षण कर अपनी अनुशंसाएं सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेगी।

भूमि के बदले रोजगार की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से लागू की गई यह उच्चस्तरीय स्थायी समीक्षा व्यवस्था प्रत्येक पात्र हितग्राही के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

समिति के अध्यक्ष महाप्रबंधक (भू-राजस्व), एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर होंगे। समिति में महाप्रबंधक (योजना एवं परियोजना), महाप्रबंधक (मानव संसाधन/श्रमशक्ति), महाप्रबंधक (मानव संसाधन/औद्योगिक संबंध) तथा उप-महाप्रबंधक (विधि), एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर सदस्य होंगे।

गठित समिति आवश्यकता के अनुसार संबंधित अभिलेखों एवं दस्तावेजों की जांच करेगी, अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त करेगी तथा उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों का सत्यापन करते हुए प्रचलित नियमों एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप शिकायतों का परीक्षण करेगी। इससे प्रकरणों के त्वरित, निष्पक्ष एवं तार्किक निस्तारण में सहायता मिलेगी।

भूमि के बदले रोजगार से संबंधित अनियमितता, जाली अथवा कूटरचित दस्तावेजों के उपयोग, तथ्य छिपाकर रोजगार प्राप्त करने अथवा अन्य संबंधित मामलों के संबंध में कोई भी व्यक्ति आवश्यक दस्तावेजों एवं साक्ष्यों सहित समिति के समक्ष शिकायत प्रस्तुत कर सकता है।

एसईसीएल ने स्पष्ट किया है कि विधिवत दर्ज की गई शिकायत को वापस लेने का कोई प्रावधान नहीं है। अतः शिकायतकर्ताओं से अपेक्षा की जाती है कि वे केवल प्रामाणिक तथ्यों एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही शिकायत दर्ज कराएं।
कंपनी ने सभी संबंधित पक्षों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि शिकायत केवल अधिकृत माध्यमों से ही प्रस्तुत करें तथा किसी भी प्रकार के बिचौलियों, अपुष्ट सूचनाओं अथवा भ्रामक दावों से सावधान रहें।

एसईसीएल ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि जांच के दौरान कोई शिकायत जानबूझकर असत्य, दुर्भावनापूर्ण अथवा भ्रामक तथ्यों पर आधारित पाई जाती है, अथवा किसी व्यक्ति की छवि धूमिल करने या अनावश्यक उत्पीड़न के उद्देश्य से की गई प्रतीत होती है, तो संबंधित शिकायतकर्ता के विरुद्ध प्रचलित नियमों एवं लागू विधिक प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

एसईसीएल सुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही एवं संस्थागत निष्पक्षता के उच्च मानकों के प्रति प्रतिबद्ध है। कंपनी का विश्वास है कि उच्चस्तरीय स्थायी समीक्षा व्यवस्था के माध्यम से भूमि के बदले रोजगार संबंधी शिकायतों के परीक्षण की प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष एवं विश्वसनीय बनेगी। साथ ही, वास्तविक एवं पात्र हितग्राहियों के हितों का प्रभावी संरक्षण सुनिश्चित होने के साथ शिकायत निवारण तंत्र में जनविश्वास एवं संस्थागत जवाबदेही भी और सुदृढ़ होगी।

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