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Samsung इलेक्ट्रॉनिक्स के को-CEO हान जोंग-ही का हार्ट अटैक से निधन

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सीयोल ,एजेंसी।सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के सह-सीईओ हान जोंग-ही का निधन मंगलवार को दिल का दौरा पड़ने के कारण हो गया। वह 63 वर्ष के थे और अस्पताल में भर्ती होने के दौरान उनकी मृत्यु हुई। सैमसंग ने इस दुखद घटना की पुष्टि की, हालांकि कंपनी ने अभी तक उनके उत्तराधिकारी के नाम का ऐलान नहीं किया है।

सैमसंग में तीन दशकों का लंबा करियर

हान जोंग-ही ने सैमसंग में अपने करियर की शुरुआत डिस्प्ले डिवीजन से की थी और उन्होंने कंपनी के लिए कई महत्वपूर्ण माइलस्टोन हासिल किए। उन्हें सैमसंग को टीवी उद्योग में प्रमुख बनाने का श्रेय जाता है, जहां उन्होंने सोनी जैसी जापानी कंपनियों को पीछे छोड़ दिया। इसके अलावा, उन्होंने सैमसंग के उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल डिवीजन का भी नेतृत्व किया और एप्पल जैसी प्रतिस्पर्धी कंपनियों के खिलाफ खड़ा किया।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में नवाचार

हन के नेतृत्व में सैमसंग ने गैलेक्सी उपकरणों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को एकीकृत किया, साथ ही स्मार्ट फ्रिज, वॉशिंग मशीन और वैक्यूम क्लीनर जैसे घरेलू उपकरणों में भी AI चिप्स का इस्तेमाल शुरू किया। वह तकनीकी नवाचारों के लिए प्रतिबद्ध थे और उनकी दूरदर्शिता ने सैमसंग को वैश्विक बाजार में मजबूती से खड़ा किया।

कंपनी के सामने आने वाली चुनौतियां

हान का निधन उस समय हुआ है, जब सैमसंग को AI मेमोरी क्षेत्र में SK Hynix Inc. के साथ प्रतिस्पर्धा करनी है और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स की सुस्त मांग से भी जूझना पड़ रहा है। हान ने हाल ही में 2025 को चुनौतीपूर्ण साल बताया था, लेकिन इसके बावजूद सैमसंग मर्जर और एक्विजिशन की योजनाओं पर काम कर रहा था।

हान जोंग-ही: सैमसंग के कर्णधार

हान जोंग-ही सैमसंग के लिए एक प्रमुख चेहरा रहे थे, और उनका करियर तीन दशकों से अधिक लंबा था। सैमसंग के डिस्प्ले डिवीजन से अपने करियर की शुरुआत करने वाले हान को 2020 में सह-सीईओ के पद पर नियुक्त किया गया था। उनका नेतृत्व सैमसंग के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ, खासकर टीवी उद्योग में, जहां उन्होंने जापान की प्रमुख कंपनी सोनी को पीछे छोड़ते हुए सैमसंग को वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख स्थान दिलाया।

इसके अलावा, हान ने सैमसंग के उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल डिवीजन को नई दिशा दी, खासकर स्मार्टफोन उद्योग में, जहां सैमसंग एप्पल जैसे दिग्गज से प्रतिस्पर्धा करता है। उनका दृष्टिकोण तकनीकी नवाचारों की ओर था, और हाल ही में उन्होंने सैमसंग के गैलेक्सी उपकरणों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को एकीकृत करने के लिए कई कदम उठाए थे। इसके तहत, सैमसंग ने अपने घरेलू उपकरणों जैसे फ्रिज, वॉशिंग मशीन और वैक्यूम क्लीनर में AI चिप्स का उपयोग करना शुरू किया था।

सैमसंग के भविष्य के लिए एक बड़ा शोक

हान जोंग-ही का निधन सैमसंग और तकनीकी दुनिया के लिए एक बड़ा आघात है। उनकी कमी सैमसंग के नेतृत्व में महसूस की जाएगी, खासकर जब कंपनी को वैश्विक प्रतिस्पर्धा और आर्थिक दबावों का सामना करना पड़ रहा है।

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वक्फ बिल का विरोध, 6 मुस्लिम नेताओं ने JDU छोड़ी:बोले- मुख्यमंत्री ने भरोसा तोड़ा; पप्पू यादव ने कहा- वोटिंग तक ही नीतीश BJP की जरूरत

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पटना,एजेंसी। JDU ने वक्फ संशोधन बिल पर मोदी सरकार का समर्थन किया है। इसके बाद से CM नीतीश कुमार की पार्टी में घमासान मचा हुआ है। बगावत शुरू हो गई है। एक के बाद मुस्लिम नेताओं का इस्तीफा जारी है। अब तक बिल को समर्थन देने से नाराज 6 मुस्लिम नेताओं ने पार्टी छोड़ दी है।

इनमें पूर्व प्रदेश सचिव एम. राजू नैयर, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव मोहम्मद शाहनवाज मलिक, बेतिया जिला के उपाध्यक्ष नदींम अख्तर, प्रदेश महासचिव सिए मो. तबरेज सिद्दीकी अलीग, भोजपुर से पार्टी सदस्य मो. दिलशान राईन , और खुद को मोतिहारी के ढाका विधानसभा सीट से पूर्व प्रत्याशी बताने वाले मोहम्मद कासिम अंसारी शामिल हैं।

मुस्लिम नेताओं ने वक्फ बिल पर समर्थन पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि पार्टी ने लाखों मुसलमानों का भरोसा तोड़ा है। हालांकि, पार्टी ने दावों को खारिज किया है।

इधर, बिल पर जदयू के समर्थन को लेकर पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा कि- ‘नीतीश कुमार सेक्युलर थे, हैं और रहेंगे.. लेकिन पार्टी के नेता नहीं है। वो आरक्षण विरोधी हैं। उनका पार्टी पर कोई कंट्रोल नहीं है।’

मुस्लिम नेताओं में नाराजगी, बोले- नीतीश ने भरोसा तोड़ा

मोहम्मद कासिम अंसारी ने CM को लिखे पत्र में कहा, ‘वक्फ बिल पर समर्थन देकर JDU ने अपनी सेक्युलर छवि वाला भरोसा तोड़ा है। लाखों मुसलमानों का यकीन टूटा है। साथ ही लोकसभा में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के दिए भाषण से भी लोग आहत हुए हैं।’

वहीं, मोहम्मद शाहनवाज मलिक ने कहा, ‘JDU के समर्थन से लाखों-करोड़ों मुस्लिमों को धक्का लगा है। ललन सिंह के बयान काफी दुख हुआ है। मैं कई साल तक इस पार्टी में रहा। लेकिन अब इस्तीफा दे रहा हूं।’

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राहुल गांधी को लखनऊ हाईकोर्ट से झटका:200 रुपए जुर्माना-समन रद्द करने की मांग खारिज, सावरकर को अंग्रेजों से पेंशन लेने वाला कहा था

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लखनऊ,एजेंसी। राहुल गांधी की याचिका लखनऊ हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। उन्होंने वीर सावरकर मानहानि मामले में लखनऊ की सेशन कोर्ट के समन आदेश और 200 रुपए जुर्माने को लेकर हाईकोर्ट में 2 अप्रैल को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने उन्हें अल्टरनेट रेमेडी (वैकल्पिक उपाय) अपनाने का सुझाव देते हुए लखनऊ सेशन कोर्ट जाने को कहा है।

दरअसल, 3 मार्च को लखनऊ की अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) कोर्ट ने लगातार पेशी से गायब रहने पर राहुल गांधी पर 200 रुपए जुर्माना लगाया था। चेतावनी दी थी कि 14 अप्रैल 2025 को अदालत में हाजिर हों, अगर वे इस तारीख को भी पेश नहीं होते हैं तो कठोर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। गैर-जमानती वारंट भी जारी किया जा सकता है।

राहुल गांधी के वकील प्रांशु अग्रवाल ने बताया – 12 दिसंबर, 2024 को धारा 153A और 505 IPC के तहत लखनऊ की सेशन कोर्ट ने राहुल गांधी को समन जारी किया था। 3 मार्च को ACJM ने भी 200 रुपए का जुर्माना लगाया था। इसके खिलाफ हम हाईकोर्ट गए थे, लेकिन कोर्ट ने हमारी मांग खारिज कर दी। अब हम एक और याचिका दाखिल करेंगे।

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अमेरिका में ईमेल भेज सैकड़ों विदेशी छात्रों का वीजा रद्द:AI से कैंपस एक्टिविस्ट्स की पहचान कर रही सरकार, देश छोड़ने के आदेश

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वॉशिंगटन डीसी ,एजेंसी। अमेरिका में पढ़ने वाले सैकड़ों विदेशी छात्रों को उनका एफ-1 वीजा यानी स्टूडेंट वीजा रद्द होने का अचानक ईमेल मिला है। यह मेल अमेरिकी विदेश मंत्रालय (DoS) की ओर से मार्च के आखिरी हफ्ते में भेजा गया है।

यह ई-मेल उन छात्रों को भेजा गया है, जो कैंपस एक्टिविज्म यानी कैंपस में होने वाले प्रदर्शनों में शामिल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन छात्रों को भी ऐसे मेल भेजे गए हैं, जो भले ही कैंपस एक्टिविज्म में शामिल नहीं थे, लेकिन उन्होंने सोशल मीडिया पर ‘इजराइल विरोधी’ पोस्ट को शेयर, लाइक या फिर कमेंट किया।

मेल में कहा गया है कि छात्रों के एफ-1 वीजा रद्द कर दिए गए हैं। छात्रों से खुद को डिपोर्ट करने यानी अमेरिका छोड़ने के लिए कहा गया है। ऐसा न करने पर उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करने की चेतावनी भी दी गई है।

अमेरिकी सरकार ‘कैच एंड रिवोक’ ऐप की मदद से ऐसे छात्रों की पहचान कर रही है। विदेश मंत्री मार्को रुबियो के मुताबिक 26 मार्च तक 300 से ज्यादा ‘हमास समर्थक’ छात्रों का F-1 वीजा रद्द किया जा चुका है। इसमें कई भारतीय छात्र भी शामिल हैं।

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