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Axiom Mission 4: सुनिता विलियम्स के बाद अब भारत के शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष के लिए भरेंगे उड़ान, मई 2025 में शुरू होगी यात्रा
नई दिल्ली ,एजेंसी। भारत के लिए एक और ऐतिहासिक पल आने वाला है। जहां एक समय सुनित विलियम्स ने भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री के तौर पर अपनी पहचान बनाई थी, वहीं अब भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला 2025 में NASA के साथ एक अंतरिक्ष मिशन का हिस्सा बनने जा रहे हैं।
बता दें कि भारतीय अंतरिक्ष यात्रा का एक नया अध्याय मई 2025 में शुरू होने जा रहा है, जब भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए उड़ान भरेंगे। वे Axiom Mission 4 (Ax-4) का हिस्सा होंगे, जो भारतीय अंतरिक्ष यात्री के लिए एक ऐतिहासिक मिशन साबित होने जा रहा है। यह मिशन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के लिए भी एक अहम कदम है, जो भारत की अंतरिक्ष यात्रा में बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
मिशन Ax-4 का उद्देश्य
Axiom Mission 4 (Ax-4) एक 14 दिवसीय मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन होगा, जिसमें अंतरिक्ष यात्री वैज्ञानिक प्रयोग, शैक्षिक पहलों और व्यावसायिक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इस मिशन के तहत, शुभांशु शुक्ला भारत की समृद्ध संस्कृति को अंतरिक्ष में प्रदर्शित करेंगे। वे विभिन्न भारतीय राज्यों से जुड़ी सांस्कृतिक कलाकृतियां अपने साथ ले जाएंगे और माइक्रोग्रैविटी (Microgravity) वातावरण में योग करने का प्रयास भी करेंगे।
शुभांशु शुक्ला का परिचय
शुभांशु शुक्ला का जन्म 10 अक्टूबर 1985 को उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुआ था। वे भारतीय वायुसेना के एक अनुभवी पायलट हैं और Su-30 MKI, MiG-21, MiG-29, Jaguar, Hawk, Dornier और An-32 जैसे लड़ाकू विमानों के पायलट रहे हैं। 2006 में भारतीय वायुसेना में कमीशन प्राप्त करने के बाद, उन्होंने 2,000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव प्राप्त किया है। मार्च 2024 में उन्हें ग्रुप कैप्टन के पद पर पदोन्नत किया गया। इसके अलावा, वे भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन के लिए भी अंतरिक्ष यात्री चुने गए हैं।
मिशन की महत्वपूर्ण जानकारी
- कमांडर: इस मिशन का नेतृत्व पूर्व NASA अंतरिक्ष यात्री पेगी व्हिटसन करेंगी, जो अब Axiom Space में मानव अंतरिक्ष उड़ान की निदेशक हैं।
- पायलट: भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला इस मिशन के पायलट होंगे।
- अंतरिक्ष यात्री: मिशन में अन्य अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्री भी शामिल होंगे, जिनमें पोलैंड और हंगरी के प्रतिनिधि शामिल हैं।
- मिशन के प्रभाव
- Ax-4 मिशन, न केवल भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होगा, बल्कि यह भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान और मानव अंतरिक्ष मिशन की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। शुभांशु शुक्ला का यह अंतरिक्ष मिशन भारत के लिए गर्व की बात है और यह इस बात को भी प्रमाणित करता है कि भारत अब अंतरिक्ष यात्रा में पूरी तरह से आत्मनिर्भर है।
- इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल होंगे, जिनमें:
- पेगी व्हिटसन: मिशन की कमांडर, पूर्व NASA अंतरिक्ष यात्री और Axiom Space की मानव अंतरिक्ष उड़ान निदेशक।
- शुभांशु शुक्ला: भारतीय अंतरिक्ष यात्री और मिशन के पायलट।
- स्लावोज़ उज़्नांस्की-विश्निव्स्की: पोलैंड के अंतरिक्ष यात्री, जो यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी से जुड़े हैं।
- टिबोर कपु: हंगरी के अंतरिक्ष यात्री, जो HUNOR मिशन का हिस्सा हैं।
- यह मिशन न केवल भारत के लिए, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक नया अध्याय है, और शुभांशु शुक्ला के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए इस ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा बनना सचमुच गर्व की बात है।

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Citroen Cars Discount : कार खरीदने का शानदार मौका! Citroen ने इन गाड़ियों पर किया डिस्काउंट का ऐलान
मुंबई, एजेंसी। Citroen ने अपने ग्राहकों के लिए चुनिंगा गाड़ियों पर डिस्काउंट का ऐलान किया है। ये डिस्काउंट मॉडल के आधार पर दिए जाएंगे और ग्राहक इसका फायदा 30 जून तक उठा सकते हैं। डिटेल में जानते हैं इन डिस्काउंट के बारे में-

Citroen Basalt
Basalt कूप-SUV पर इस महीने 1.4 लाख रुपये तक का डिस्काउंट मिल रहा है। इसमें 82hp, 115Nm वाला 1.2-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड (NA) पेट्रोल इंजन या 110hp, 190Nm वाला 1.2-लीटर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन मिलता है। NA इंजन के साथ 5-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन मिलता है, जबकि टर्बो-पेट्रोल इंजन 6-स्पीड मैनुअल या 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ आता है। ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ, टर्बो-पेट्रोल इंजन 205Nm का ज़्यादा टॉर्क देता है। मार्केट में इसकी कीमत 8.55 लाख रुपये से 13.75 लाख रुपये की के बीच है।

Citroen Aircross
Citroen Aircross पर कंपनी इस महीने 1.4 लाख रुपये तक का डिस्काउंट दे रही है। अपने सेगमेंट में यह एकमात्र 7 सीटर एसयूवी है। इसकी कीमत 8.89 लाख रुपये से 13.99 लाख रुपये तक जाती है।
Citroen C3
Citroen C3 की खरीदी करने पर आप 1.1 लाख रुपए तक की बचत कर सकते हैं। इसकी कीमत 4.99 लाख रुपये से 9.60 लाख रुपये के बीच की है।
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Tata के iPhone प्लांट पर पर्यावरण नियमों के उल्लंघन का आरोप, बंद हो सकती है फैक्ट्री
मुंबई, एजेंसी। भारत में iPhone निर्माण से जुड़े एक प्रमुख संयंत्र को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। तमिलनाडु के होसुर स्थित टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के प्लांट पर आसपास की कृषि भूमि और भूजल को प्रदूषित करने के आरोप लगे हैं। मामले की जांच के बाद राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कंपनी से जवाब मांगा है और संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर फैक्ट्री बंद करने तक की चेतावनी दी है।
यह प्लांट Apple के iPhone के लिए बैक पैनल और अन्य महत्वपूर्ण पुर्जों का निर्माण करता है। पिछले कई महीनों से प्लांट के आसपास के किसानों ने शिकायत की थी कि फैक्ट्री से निकलने वाला अपशिष्ट जल के कारण उनकी खेती और जल स्रोत को प्रभावित कर रहा है। किसानों की शिकायत के बाद राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जांच शुरू की और अब मामला गंभीर रूप ले चुका है।

जांच के दौरान बोर्ड ने नोटिस में कहा कि फैक्ट्री परिसर के एक तालाब से निकला पानी आसपास के कृषि क्षेत्रों तक पहुंचा, जिससे भूजल प्रदूषण की आशंका पैदा हुई। बोर्ड ने यह भी आरोप लगाया कि दिसंबर 2025 में जारी निर्देशों के बावजूद कंपनी ने जरूरी सुधारात्मक कदम नहीं उठाए। इसी वजह से मई में जारी नोटिस में पूछा गया कि आखिर क्यों न यूनिट की बिजली आपूर्ति काट दी जाए और संचालन बंद कर दिया जाए। यह चेतावनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है।
टाटा ने आरोपों को किया खारिज
वहीं, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि उसने एक मान्यता प्राप्त स्वतंत्र प्रयोगशाला द्वारा कराई गई जांच में संयंत्र को सभी पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप पाया गया है। कंपनी ने दावा किया है कि वह पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा प्रदूषण नियंत्रण अधिकारियों को अपना जवाब सौंप चुकी है।
पर्यावरण और उद्योग के बीच संतुलन की चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। एक तरफ भारत वैश्विक कंपनियों के लिए उत्पादन केंद्र बनने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय समुदायों और किसानों की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अब सभी की नजर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के बीच होने वाली आगे की कार्रवाई पर टिकी है।
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स्मार्टफोन की बिक्री में 35% की बड़ी गिरावट, कीमत बढ़ने से मांग पर दबाव
नई दिल्ली, एजेंसी। देश में स्मार्टफोन की बढ़ती कीमतों का असर अब बिक्री पर साफ दिखाई देने लगा है। रिटेलरों का कहना है कि मई में मोबाइल की बिक्री में सालाना आधार पर रिकॉर्ड 30-35 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसकी वजह यह है कि मेमरी चिप की बढ़ती लागत की भरपाई के लिए कंपनियां नवंबर 2025 से लगातार कीमतों में बढ़ोतरी कर रही हैं। अभी कुल बिक्री में से 60 प्रतिशत हिस्सा ऑफलाइन का है, जबकि 40 प्रतिशत बिक्री ऑफलाइन के जरिए होती है। कुल मिलाकर ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की बिक्री में भारी गिरावट आएगी।

काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार मई में शिपमेंट में सालाना आधार पर 15-20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। जून में भी इसी तरह की कमजोरी बने रहने की संभावना जताई गई है। साल 2026 की पहली तिमाही में मोबाइल शिपमेंट में गिरावट 3 प्रतिशत रही थी लेकिन दूसरी तिमाही में यह गिरावट 15 प्रतिशत से ज्यादा रहने का अनुमान है।
रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी और मई के बीच स्मार्टफोन की औसत कीमत में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह बढ़ोतरी पिछले साल हुई कीमतों में वृद्धि के अलावा है। रिटेलरों का कहना है कि कीमतें बढ़ने के बाद से कुछ मामलों में कुल असर 40-45 प्रतिशत तक रहा है।
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