देश
हरियाणा में PM बोले- कांग्रेस मुस्लिम को अध्यक्ष बनाए:वक्फ कानून ठीक होता तो मुसलमान पंचर नहीं बनाते; हिसार-अयोध्या फ्लाइट को हरी झंडी दी
हिसार/यमुनानगर,एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (14 अप्रैल) हरियाणा दौरे पर रहे। सुबह करीब 10 बजे उन्होंने हिसार में हरियाणा के पहले एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। यहां से हिसार-अयोध्या फ्लाइट को हरी झंडी दिखाई। इसके बाद PM यमुनानगर पहुंचे। यहां उन्होंने 800 मेगावाट के थर्मल पावर प्लांट की यूनिट, कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट का शिलान्यास और रेवाड़ी बाइपास का उद्घाटन किया।
PM मोदी ने कहा-”देश आजाद होने के बाद 2013 तक वक्फ का कानून चलता था। 2013 में कांग्रेस ने कानून में संशोधन कर दिया, ताकि चुनाव में वोट पा सकें। कानून को ऐसा बना दिया कि बाबा साहेब के संविधान की ऐसी-तैसी कर दी। इसका सही उपयोग होता तो मुसलमानों को साइकिल के पंचर बनाने की जरूरत नहीं होती।”
PM ने आगे कहा- ”कांग्रेस कहती है कि ऐसा मुसलमानों के हित में किया। मैं पूछना चाहता हूं कि अगर सच्चे मन से मुसलमानों के लिए थोड़ी भी हमदर्दी है तो कांग्रेस पार्टी अपनी पार्टी का अध्यक्ष किसी मुसलमान को बनाए, लेकिन इनके नेता ऐसा कुछ नहीं करेंगे। ये सिर्फ देश के नागरिकों के अधिकारों को छीनना चाहते हैं।”

PM मोदी ने हिसार एयरपोर्ट से हिसार-अयोध्या की फ्लाइट भी रवाना की।
हिसार में PM मोदी के संबोधन की 3 अहम बातें…
1. हवाई चप्पल पहनने वाला भी जहाज में उड़ेगा PM मोदी ने कहा, “अब श्रीकृष्ण जी की पावन भूमि हरियाणा, श्रीराम जी की भूमि अयोध्या से सीधी जुड़ गई है। बहुत जल्द हिसार से दूसरे शहरों के लिए भी उड़ानें शुरू होंगी। मेरा वादा रहा है कि हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज में उड़ेगा। 10 सालों में करोड़ों भारतीयों ने जीवन में पहली बार हवाई सफर किया है। हमने वहां भी नए एयरपोर्ट बनाए, जहां कभी अच्छे रेलवे स्टेशन तक नहीं थे। 2014 से पहले देश में 74 एयरपोर्ट थे, 70 साल में 74। आज देश में एयरपोर्ट की संख्या 150 के पार हो गई है।”
2. कांग्रेस ने धर्म के आधार पर आरक्षण दिया प्रधानमंत्री बोले, “हमें यह कभी नहीं भूलना है कि कांग्रेस ने बाबा साहेब के साथ क्या किया। कांग्रेस ने उन्हें 2 बार चुनाव हराकर अपमानित किया। कांग्रेस संविधान की भक्षक बन गई है। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने पेंशन में भी एससी, एसटी, ओबीसी के अधिकार छीनकर धर्म के आधार पर आरक्षण दे दिया।”
3. कांग्रेस के लोग यूनिफॉर्म सिविल कोड का विरोध कर रहे उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने हमारे पवित्र संविधान को सत्ता हासिल करने का एक हथियार बना दिया है। जब-जब कांग्रेस को सत्ता का संकट दिखा, उन्होंने संविधान को कुचल दिया। कांग्रेस ने संविधान की स्पिरिट को कुचला। संविधान की भावना है कि सबके लिए एक जैसी नागरिक संहिता हो, जिसे मैं कहता हूं यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC), लेकिन कांग्रेस ने इसे लागू नहीं किया। उत्तराखंड में BJP सरकार आने के बाद UCC डंके की चोट पर लागू हुआ। संविधान को जेब में लेकर बैठे कांग्रेस के लोग उसका विरोध कर रहे हैं।”

मुख्यमंत्री नायब सैनी ने PM का गेहूं की बालियां और हरियाणवी पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने उन्हें भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा भेंट की।
यमुनानगर में PM मोदी के संबोधन की 3 अहम बातें….
1. हिमाचल में सारे काम ठप, कर्नाटक में हर चीज महंगी मोदी ने कहा, “हरियाणा की गाड़ी अब विकास के पथ पर दौड़ रही है। कांग्रेस शासित राज्यों में जनता के साथ विश्वासघात हो रहा है। पड़ोस में देखिए, हिमाचल में सारे काम ठप पड़े हैं। कर्नाटक में देखिए, हर चीज महंगी हो रही है। कर्नाटक में जो कांग्रेस सरकार ने टैक्स लगाए हैं, उनकी सोशल मीडिया पर लोगों ने खूब आलोचना की है।
खुद वहां के मुख्यमंत्री के करीबी कहते हैं कि कांग्रेस ने कर्नाटक को करप्शन में नंबर वन बना। तेलंगाना में भी कांग्रेस की सरकार जंगलों पर बुलडोजर चला रही है।”
2. शंकरन नायर पंजाब में अंग्रेजों के खिलाफ खड़े हुए PM मोदी बोले, “कल देश ने बैसाखी का पर्व मनाया। कल ही जलियांवाला बाग हत्याकांड हुआ था। शंकरन नायर नाम सुना नहीं होगा, लेकिन इस नाम की चर्चा खूब हो रही है। उस जमाने में वे अंग्रेजी सरकार में बहुत बड़े पद पर विराजमान थे। उन्होंने विदेशी शासन के खिलाफ जलियांवाला बाग हत्याकांड के विरोध में आवाज उठाई। उन्होंने पद छोड़ दिया। वे केरल के थे, लेकिन घटना पंजाब में घटी।
नायर ने हत्याकांड के लिए अंग्रेजों को कोर्ट में खड़ा करा दिया। कैसे केरल का एक व्यक्ति पंजाब में हुए हत्याकांड के लिए अंग्रेजी सत्ता के खिलाफ खड़ा हो गया।”
3. कांग्रेस सरकार में पूरे देश में ब्लैकआउट होते थे उन्होंने आगे कहा, “2014 से पहले जब कांग्रेस सरकार थी, तब पूरे देश में ब्लैकआउट होते थे। कांग्रेस सरकार यदि रहती तो देश को आज भी ऐसे ही ब्लैकआउट से गुजरना पड़ता। न कारखाने चल पाते, न रेल चल पाती, न खेतों में पानी पहुंचता। यानी कांग्रेस की सरकार रहती तो ऐसे ही संकट बना रहता।
आज हालात बदल रहे हैं, बीते 10 सालों में भारत ने बिजली उत्पादन की क्षमता को करीब दो गुना किया है। आज भारत अपनी जरूरत को पूरा करने के साथ-साथ पड़ोसी देशों को बिजली निर्यात भी करता है।
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Citroen Cars Discount : कार खरीदने का शानदार मौका! Citroen ने इन गाड़ियों पर किया डिस्काउंट का ऐलान
मुंबई, एजेंसी। Citroen ने अपने ग्राहकों के लिए चुनिंगा गाड़ियों पर डिस्काउंट का ऐलान किया है। ये डिस्काउंट मॉडल के आधार पर दिए जाएंगे और ग्राहक इसका फायदा 30 जून तक उठा सकते हैं। डिटेल में जानते हैं इन डिस्काउंट के बारे में-

Citroen Basalt
Basalt कूप-SUV पर इस महीने 1.4 लाख रुपये तक का डिस्काउंट मिल रहा है। इसमें 82hp, 115Nm वाला 1.2-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड (NA) पेट्रोल इंजन या 110hp, 190Nm वाला 1.2-लीटर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन मिलता है। NA इंजन के साथ 5-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन मिलता है, जबकि टर्बो-पेट्रोल इंजन 6-स्पीड मैनुअल या 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ आता है। ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ, टर्बो-पेट्रोल इंजन 205Nm का ज़्यादा टॉर्क देता है। मार्केट में इसकी कीमत 8.55 लाख रुपये से 13.75 लाख रुपये की के बीच है।

Citroen Aircross
Citroen Aircross पर कंपनी इस महीने 1.4 लाख रुपये तक का डिस्काउंट दे रही है। अपने सेगमेंट में यह एकमात्र 7 सीटर एसयूवी है। इसकी कीमत 8.89 लाख रुपये से 13.99 लाख रुपये तक जाती है।
Citroen C3
Citroen C3 की खरीदी करने पर आप 1.1 लाख रुपए तक की बचत कर सकते हैं। इसकी कीमत 4.99 लाख रुपये से 9.60 लाख रुपये के बीच की है।
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Tata के iPhone प्लांट पर पर्यावरण नियमों के उल्लंघन का आरोप, बंद हो सकती है फैक्ट्री
मुंबई, एजेंसी। भारत में iPhone निर्माण से जुड़े एक प्रमुख संयंत्र को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। तमिलनाडु के होसुर स्थित टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के प्लांट पर आसपास की कृषि भूमि और भूजल को प्रदूषित करने के आरोप लगे हैं। मामले की जांच के बाद राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कंपनी से जवाब मांगा है और संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर फैक्ट्री बंद करने तक की चेतावनी दी है।
यह प्लांट Apple के iPhone के लिए बैक पैनल और अन्य महत्वपूर्ण पुर्जों का निर्माण करता है। पिछले कई महीनों से प्लांट के आसपास के किसानों ने शिकायत की थी कि फैक्ट्री से निकलने वाला अपशिष्ट जल के कारण उनकी खेती और जल स्रोत को प्रभावित कर रहा है। किसानों की शिकायत के बाद राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जांच शुरू की और अब मामला गंभीर रूप ले चुका है।

जांच के दौरान बोर्ड ने नोटिस में कहा कि फैक्ट्री परिसर के एक तालाब से निकला पानी आसपास के कृषि क्षेत्रों तक पहुंचा, जिससे भूजल प्रदूषण की आशंका पैदा हुई। बोर्ड ने यह भी आरोप लगाया कि दिसंबर 2025 में जारी निर्देशों के बावजूद कंपनी ने जरूरी सुधारात्मक कदम नहीं उठाए। इसी वजह से मई में जारी नोटिस में पूछा गया कि आखिर क्यों न यूनिट की बिजली आपूर्ति काट दी जाए और संचालन बंद कर दिया जाए। यह चेतावनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है।
टाटा ने आरोपों को किया खारिज
वहीं, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि उसने एक मान्यता प्राप्त स्वतंत्र प्रयोगशाला द्वारा कराई गई जांच में संयंत्र को सभी पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप पाया गया है। कंपनी ने दावा किया है कि वह पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा प्रदूषण नियंत्रण अधिकारियों को अपना जवाब सौंप चुकी है।
पर्यावरण और उद्योग के बीच संतुलन की चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। एक तरफ भारत वैश्विक कंपनियों के लिए उत्पादन केंद्र बनने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय समुदायों और किसानों की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अब सभी की नजर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के बीच होने वाली आगे की कार्रवाई पर टिकी है।
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स्मार्टफोन की बिक्री में 35% की बड़ी गिरावट, कीमत बढ़ने से मांग पर दबाव
नई दिल्ली, एजेंसी। देश में स्मार्टफोन की बढ़ती कीमतों का असर अब बिक्री पर साफ दिखाई देने लगा है। रिटेलरों का कहना है कि मई में मोबाइल की बिक्री में सालाना आधार पर रिकॉर्ड 30-35 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसकी वजह यह है कि मेमरी चिप की बढ़ती लागत की भरपाई के लिए कंपनियां नवंबर 2025 से लगातार कीमतों में बढ़ोतरी कर रही हैं। अभी कुल बिक्री में से 60 प्रतिशत हिस्सा ऑफलाइन का है, जबकि 40 प्रतिशत बिक्री ऑफलाइन के जरिए होती है। कुल मिलाकर ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की बिक्री में भारी गिरावट आएगी।

काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार मई में शिपमेंट में सालाना आधार पर 15-20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। जून में भी इसी तरह की कमजोरी बने रहने की संभावना जताई गई है। साल 2026 की पहली तिमाही में मोबाइल शिपमेंट में गिरावट 3 प्रतिशत रही थी लेकिन दूसरी तिमाही में यह गिरावट 15 प्रतिशत से ज्यादा रहने का अनुमान है।
रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी और मई के बीच स्मार्टफोन की औसत कीमत में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह बढ़ोतरी पिछले साल हुई कीमतों में वृद्धि के अलावा है। रिटेलरों का कहना है कि कीमतें बढ़ने के बाद से कुछ मामलों में कुल असर 40-45 प्रतिशत तक रहा है।
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