Connect with us

कोरबा

सीपीएस पाली का प्राथमिक एवं माध्यमिक प्रमाण पत्र परीक्षा 2025 का परिणाम शत प्रतिशत

Published

on

परीक्षा परिणाम ही हमारे विद्यालय की पहचान-डॉ. गजेन्द्र तिवारी

पाली। छत्तीसगढ़ पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल पाली के प्राथमिक एवं माध्यमिक प्रमाण पत्र परीक्षा 2025 का परिणाम शत प्रतिशत रहा, जिसमें कक्षा पांचवी से अंश कुमार जगत 93.50% कावेरी तंवर 93.50% प्राची निषाद 93.50% शालिनी राज 93% रिया बिंझवार 92.50% आदर्श श्रीवास 91.5 0% आकृति साहू 91.50%, , नित्या तांडिया 91.50%,जय पटेल 86.5% डीकेश पैकरा 86% परिधि श्रीवास 84.50%, आरती 81.50% एवं आरुषि 77% प्राप्त कर संस्था का गौरव बढ़ाया है जिसमें A+ _8, A _4 B+_1
इसी प्रकार पूर्व माध्यमिक परीक्षा में श्रेया तंवर 87.67% सानिया पटेल 87.67% रितिका उरांव 86% पूरब पटेल 84.50% सिद्धार्थ फुलेश्वर 80 . 17% हरीश यादव 72% आयुष राज 71.50% सफल सभी छात्राओं को संस्था प्रमुख एवं शाला परिवार की तरफ से शुभकामनाएं दी गई एवं भविष्य में और भी अच्छे अंकों के साथ उत्तीर्ण हो इसके लिए शुभकामनाएं दी गई l संस्था प्रमुख शिक्षाविद डॉ. गजेंद्र तिवारी ने बताया कि हमारी संस्था में नि:बालिका शिक्षा पर समाज से वंचित ऐसी बालिकाएं जो शिक्षा से परे हैं उनको जोड़ा जा रहा है अभी वर्तमान में 135 बालिकाएं फ्री एजुकेशन ले रही हैं ,क्यों जरूरी है गर्ल्स एजुकेशन ?-वर्तमान युग शिक्षा का यूग है हर कोई शिक्षा को प्राप्त करना चाहता है चाहे वह पुरुष या फिर महिला हर कोई शिक्षा को प्राप्त करना चाहता है भारतीय संस्कृति में महिलाओं को माता जैसे विशेष शब्दों से संबोधित किया गया है या फिर कहा जा सकता है कि महिलाओं को देवियों का रूप माना गया है तत्पश्चात अर्थात कुछ दशक पहले महिलाओं को मात्र घर का कामकाज करने के लायक ही माना जा रहा था लेकिन अभी वर्तमान समय में आधुनिक विचारधारा को अपनाते हुए उन्हें शिक्षा के रास्ते अग्रसर कर रहे हैं l शिक्षा से प्रकृति ने महिलाओं को मानसिक रूप से इतना सशक्त बनाना है कि वह पुरुषों की अपेक्षा हर काम को बहुत अच्छी तरह से कर सकती हैं प्रकृति को पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं पर अधिक विश्वास है, इसलिए प्रकृति ने बच्चा महिलाओं के पेट में दिया है क्योंकि प्रकृति प्रगति करने में कोई भी तरह की बाधा नहीं चाहती थी, मैं ऐसा मानता हूं कि यदि भारतीय महिलाओं ने स्वतंत्रता का सपना अपने दिल और दिमाग में नहीं सजाया होता तो शायद आज भी हमारा देश गुलाम ही रहा होता क्योंकि वह महिलाएं ही होती है जो अपने बच्चों के दिल और दिमाग में वह सब कुछ भर सकती है जो पुरुष शायद जिंदगी भर में भी नहीं भर सकते हैं इसका कारण यह है कि वह महिलाएं ही दुआ करती हैं जो अपने बच्चों को समझ आने के पहले यह समझा देती है कि आपको क्या समझना है वह महिलाएं ही दुआ करती है जो अपने बच्चों को सोचने की क्षमता आने से पहले यह समझा देती है कि आपको क्या सोचना है इत्यादि अनेक कारण है मैं ऐसा मानता हूं कि जितने भी महापुरुष हुए हैं यदि उनकी माताओ ने अपने दिल और दिमाग में स्वतंत्रता का स्वप्न नहीं सजाया होता तो शायद उनके पुत्र महापुरुष नहीं बन सकते थे
प्रकृति ने महिलाओं को शारीरिक दृष्टि के अनुसार कमजोर नहीं बनाया होता तो चंद्रगुप्त मौर्य छत्रपति शिवाजी और महाराणा प्रताप जैसे वीर पुत्र को जन्म कौन देता इसका कारण यह है कि महिलाओं का गर्भाशा जितना अधिक लचीला होता है पुत्र उतना ही अधिक शारीरिक और मानसिक रूप से कुशल होता है इसलिए प्रकृति ने महिलाओं को शारीरिक दृष्टि से के अनुसार कमजोर बनाया है जो की उचित ही है l


डॉक्टर तिवारी का मानना है कि गर्ल्स एजुकेशन से महिलाओं को अपने अधिकारों का ज्ञान होता है महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होती हैं शिक्षित महिलाएं दूसरों की शिक्षा को बढ़ावा देती है समाज का भविष्य बेहतर होता है देश के आर्थिक विकास में सहायक होती है घरेलू हिंसा की आशंका कम होती है बाल विवाह की आशंका कम होती है लिंग भेद को कम करने में सहायक होती है महिलाएं शिक्षित होने के कारण घर की आधी से ज्यादा समस्याओं का समाधान स्वयं हो जाया करता है समाज जागरूक होता है जाति पाति का मतभेद कम होता है एक शिक्षित महिला होने पर संपूर्ण पीढ़ी शिक्षित हो सकती है।
डा.गजेंद्र तिवारी ने बताया कि कल्पना फाउंडेशन के तहत मातृशक्ति के विकास और मजबूत सामाजिक बुनियाद के लिए छत्तीसगढ़ पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल पाली में निशुल्क बालिका शिक्षा कक्षा पहली से 12वीं तक मुहैया कराई जा रही है 135 छात्राएं इस सुविधा का लाभ ले रही हैं l

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

1 अप्रैल को नम: सामूहिक विवाह:राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य एवं पंडित धीरेंद्र शास्त्री के सानिध्य में 108 दिव्यांग/निर्धन कन्याएं बंधेंगी परिणय सूत्र में

Published

on

माँ सर्वमंगला देवी मंदिर प्रबंधन की पुण्य पहल
कोरबा। माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा प्रबंधन द्वारा 01 अप्रैल को ढपढप में चल रही श्रीहनुमंत कथा के पांच दिवसीय दिव्य आयोजन के पंचम एवं अंतिम दिन अपना घर सेवा आश्रम समिति के आयोजकत्व में दिव्यता और भव्यता के साथ सम्पन्न होगा। इस दिव्य आयोजन में बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश के महामहिम राज्यपाल रमेन डेका जहां मुख्य साक्षी बनेंगे, वहीं अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक एवं सनातन धर्म के संवाहक, बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का आशीर्वाद प्राप्त होगा और इस पुण्य और सेवा कार्य के लिए उनका सानिध्य प्राप्त होगा।
पांच दिवसीय श्रीहनुमंत कथा से जिले ही नहीं पूरे प्रदेश में हिन्दुत्व की जो विचार क्रांति की लहर ढपढप से चली है, उसका बड़ा संदेश आने वाले दिनों में दिखेगा। इस महान और पुण्य धार्मिक आयोजन के बीच 108 उन दिव्यांग और निर्धन कन्याओं का घर भी बसने जा रहा है और नवदाम्पत्य जीवन में प्रवेश के लिए पंडित धीरेंद्र शास्त्री का जहां सानिध्य मिलने से नम: सामूहिक की दिव्यता और बढ़ेगी और मा. राज्यपाल रमेन डेका की उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा बढ़ेगी। कार्यक्रम की विशालता और महानता को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित केबिनेट के सदस्य एवं कई विधायक, राजनीतिज्ञ, लब्धप्रतिष्ठित समाजसेवक एवं विद्वतजनों की उपस्थिति इस पुण्य कर्म की गरिमा बढ़ाएंगे।
माँ सर्वमंगला देवी मंदिर प्रबंधन ने नम: सामूहिक विवाह को इस बार विशालता प्रदान करने के लिए पूरी तैयारी कर ली है और अपना घर सेवा आश्रम के आयोजकत्व में ढपढप की पुण्यधरा इस महान पुण्य कर्म का साक्षी बनेगी।

पंडित शास्त्री के कार्यक्रम में पहली बार सामूहिक विवाह का आयोजन
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भारत सहित कई देशों में सनातन धर्म को बढ़ाने के लिए कई दिव्य आयोजनों में अपने श्रीमुख से लोगों को हिन्दुत्व की महिमा बता रहे हैं। कोरबा की पुण्य धरा में उनका यह विशाल आयोजन पहली बार हो रहा है और आज हनुमंत कथा का दूसरा दिन है। विशाल समुद्र सा जनसैलाब उन्हें सुनने के लिए ढपढप की पुण्य धरा पर खड़ा रहा और सरल, सहज वाणी को सुनने एक अद्भूत और विशाल श्रद्धा देखने को मिली।
हनुमंत कथा 01 अप्रैल तक चलेगी और कथा के अंतिम दिन ढपढप में श्रद्धा, आध्यात्म के साथ मानवीय सेवा का अद्भूत संगम देखने को मिलेगा और वह क्षण काफी रोमांचित होगा, जब 108 निर्धन एवं दिव्यांग जोड़े एक-दूसरे के जीवनसाथी बनेंगे और जमीन से लेकर आसमां भी इस अद्भूत समागम में फूल बरसाएंगे।

Continue Reading

कोरबा

जवारा विसर्जन के साथ माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा में उल्लास, उमंग एवं आध्यात्म के साथ चैत्र नवरात्रि सम्पन्न

Published

on

राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने सपरिवार जवारा कलश उठाने वाली नारीशक्ति की पूजा अर्चना की


कोरबा। 19 मार्च से 27 मार्च तक माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा में 9 दिन तक माँ आदिशक्ति के 9 रूपों की पूजा-अर्चना की गई और 9 दिन तक माँ का दरबार धार्मिक समागम के साथ सनातन एवं सांस्कृतिक, धार्मिक आस्था एवं परंपरा के संगम के रूप में लघु भारत का स्वरूप लिया हुआ था और रामनवमी को गोधूली बेला में दिव्य मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ जवारा कलशों की पूजा-अर्चना करने के बाद आह्वानित देवी-देवताओं की शांति करने के बाद जवारा विसर्जन हसदेव के पवित्र घाट में किया गया। इसके साथ माँ सर्वमंगला देवी मंदिर में 9 दिन की चैत्र नवरात्रि सम्पन्न हो गई।

जवारा कलश विसर्जन के लिए कलश उठाने वाली नारीशक्ति की पूजा-अर्चना मंदिर के प्रबंधक/पुजारी एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय (नन्हा महराज) ने सपरिवार की और बैगाओं को शांत किया। मंदिर परिसर से हसदेव घाट के बीच ढोल-ताशों की आवाज से पूरा परिसर गुंजायमान था और पवित्र हसदेव नदी में पूजा-अर्चना के बाद विश्व कल्याण की भावना लिए जवारा कलशों का विसर्जन कर दिया गया।
नवमी पर माँ सिद्धिदात्रि का दर्शन करने उमड़ा आस्था का सैलाब

चैत्र शुक्ल नवमी को जहां भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया गया, वहीं माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा पहुंचकर माँ सिद्धिदात्रि स्वरूपा का दर्शन कर श्रद्धालु तृप्त हुए और माँ सिद्धिदात्रि से मनोवांछित फल प्राप्ति के लिए आशीर्वाद मांगा। माँ सिद्धिदात्रि नाम के अनुरूप हर कार्यों में सिद्धि प्रदान करती हैं और भक्तों ने अपने कार्यों की सिद्धि के लिए आशीर्वाद मांगा। माँ को भोग के रूप में धान, तिल, लाई एवं फल अतिप्रिय हैं। भक्तों ने उनके प्रिय भोग समर्पित किए।

नमन पाण्डेय ने महायज्ञ रूपी चैत्र नवरात्रि के निर्विघ्न सम्पन्न होने पर जताया आभार

माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा के प्रबंधक/पुजारी एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने चैत्र शुक्ल प्रतिपदा विक्रम संवत् 2083, 19 मार्च 2026 से लेकर चैत्र शुक्ल नवमी विक्रम संवत् 2083, 27 मार्च 2026 तक नौ दिवसीय चैत्र नवरात्रि में विभिन्न धार्मिक आयोजनों, भोग-भंडारा सहित अन्य धार्मिक अनुष्ठान निर्विघ्न एवं शांति पूर्ण ढंग से सम्पन्न होने पर सभी धर्मानुरागियों, श्रद्धालुओं, भक्तों का अभिनंदन करते हुए आभार जताया। उन्होंने कार्यक्रम के सुचारू संचालन के लिए जिला प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था के बेहतर क्रियान्वयन के लिए पुलिस प्रशासन, सभी धार्मिक आयोजनों के अनुष्ठानों को सम्पन्न कराने वाले धर्माचारियों, विद्वान पंडितों, कार्यक्रमों के सहयोगी, सेवादारों का ह्दय से आभार जताया और कहा कि माँ सर्वमंगला देवी की छत्रछाया, कृपा विश्व कल्याण के लिए हम सब पर बनी रहे और विश्व में शांति की स्थापना हो, कोरबा, छत्तीसगढ़ समृद्धि एवं खुशहाली का नया आयाम स्थापित करे और माँ भारती का ललाट विश्व गगन पर दमकता रहे और हम अपने गौरवशाली सनातन धर्म की स्थापना के लिए सदैव निरंतर प्रयास करते रहें और इस पुण्य कर्म के लिए माँ सर्वमंगला हमें निरंतर नई ऊर्जा देती रहे।

Continue Reading

कोरबा

मालगाड़ी से कोयला चोरी करते मजदूर को लगा करंट:कोरबा में गंभीर रूप से झुलसा, कोरबा मेडिकल कॉलेज रेफर, गैस खत्म होने पर कर रहा था चोरी

Published

on

कोरबा। कोरबा-चांपा सड़क मार्ग पर उरगा थाना क्षेत्र के पताड़ी के पास एक निजी पावर प्लांट के समीप एक मजदूर चलती मालगाड़ी से कोयला चोरी करते समय करंट की चपेट में आ गया। गंभीर रूप से झुलसे मजदूर की हालत नाजुक बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार, पावर प्लांट के आसपास अस्थायी रूप से रहने वाले बाहरी राज्यों के मजदूर अक्सर रसोई गैस जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी का सामना करते हैं। बताया गया है कि गैस खत्म होने के कारण मजदूर खाना बनाने में परेशानी महसूस कर रहे थे।

झुलसा हुआ युवक

झुलसा हुआ युवक

11 हजार वोल्ट हाई टेंशन लाइन से लगा करंट

इसी दौरान एक मजदूर ने पास से गुजर रही कोयला मालगाड़ी से कोयला निकालने का जोखिम भरा कदम उठाया। वह चलती मालगाड़ी के ऊपर चढ़कर कोयला निकालने लगा, तभी ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाई टेंशन लाइन के संपर्क में आ गया।

तार छूते ही उसे जोरदार करंट लगा और वह बुरी तरह झुलस गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने घायल मजदूर को तुरंत नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।

मेडिकल कॉलेज, कोरबा रेफर किया गया

प्राथमिक उपचार के बाद, उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे मेडिकल कॉलेज, कोरबा रेफर कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार, मजदूर लगभग 70 प्रतिशत तक झुलस चुका है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

घायल मजदूर की पहचान ओमप्रकाश ( 28-30) के रूप में की गई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। फिलहाल मजदूर का इलाज जारी है और उसकी स्थिति पर चिकित्सकों की पैनी नजर बनी हुई है।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677