नई दिल्ली/मुंबई ,एजेंसी। दिल्ली से श्रीनगर जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट 21 मई को ओलावृष्टि के कारण भीषण टर्बुलेंस (हवा में झटकों) की चपेट में आ गई थी। इस दौरान पायलट ने पाकिस्तान से उसका एयरस्पेस इस्तेमाल करने की इजाजत मांगी थी। हालांकि, पाकिस्तान ने मना कर दिया।
न्यूज एजेंसी PTI ने 22 मई को सूत्रों के हवाले से बताया कि इंडिगो फ्लाइट जब अमृतसर के ऊपर से गुजर रही थी, तब पायलट ने हल्का टर्बुलेंस महसूस किया। उन्होंने लाहौर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से कॉन्टैक्ट किया और खराब मौसम से बचने के लिए पाकिस्तान के एयरस्पेस में घुसने की परमिशन मांगी।
लाहौर ATC ने पायलट को साफ मना कर दिया, जिसके कारण फ्लाइट को अपने तय रूट पर आगे बढ़ना पड़ा। आगे जाकर फ्लाइट गंभीर टर्बुलेंस की चपेट में आ गई। फ्लाइट जोर से हिलने-डुलने लगी। फ्लाइट में 227 लोग सवार थे। तेज झटकों के कारण सभी चीखने-चिल्लाने लगे थे।
पायलट ने श्रीनगर ATC को जानकारी दी और फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग कराई। लैंडिंग के बाद देखा गया कि फ्लाइट का अगला हिस्सा (नोज कोन) टूट गया था। सोशल मीडिया पर फ्लाइट के भीतर के कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें लोग अपनी जान के लिए प्रार्थना करते नजर आ रहे हैं। बच्चों के रोने की आवाजें भी आ रही हैं।
फ्लाइट में सवार कई पैसेंजर्स ने टर्बुलेंस के दौरान वीडियो बनाया था, जिसमें लोग चीखते सुने गए।
DGCA ने बताया, आखिर हवा में क्या हुआ था
डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि, 21 मई को इंडियो की A321 फ्लाइट दिल्ली से श्रीनगर जा रही थी। पंजाब के पठानकोट के पास अचानक मौसम बिगड़ गया। ओले गिरने लगे। पायलट के मुताबिक, उसने इंडियन एयर फोर्स से बाईं तरफ यानी इंटरनेशनल बॉर्डर की तरफ मुड़ने की परमीशन मांगी। जिसे मना कर दिया गया।
इसके बाद पायलट ने लाहौर एटीसी से संपर्क कर उनके हवाई क्षेत्र में इंट्री करने की परमीशन मांगी लेकिन लाहौर एटीसी ने इजाजत नहीं दी। इसके बाद पायलट ने फ्लाइट को वापस ले जाने का प्रयास किया लेकिन तब तक विमान तेज आंधी-बारिश में पहुंच गया। इसके बाद पायलट ने फ्लाइट को मौसम के बीच ले जाने का फैसला लिया। इस दौरान फ्लाइट की स्पीड तेज कर दी। आखिर में श्रीनगर एयरपोर्ट पर सेफ लैंडिंग की। हालांकि इससे विमान के नोज को नुकसान पहुंचा है। पूरे मामले की जांच DGCA की तरफ से की जा रही है।
पहलगाम हमले के बाद भारत-पाक ने एयरस्पेस बंद किया
बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव जारी है। 24 अप्रैल को पाकिस्तान ने भारतीय एयरलाइनों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था। भारत ने भी पाकिस्तानी एयरलाइनों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है।
इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन (ICAO) के नियमों के तहत, कोई भी देश किसी दूसरे देश के लिए अपना एयरस्पेस एक महीने से ज्यादा समय तक बंद नहीं कर सकता। ऐसे में पाकिस्तान भारतीय एयरलाइनों के लिए अपना एयरस्पेस सिर्फ 23 मई तक बंद रख सकता है।
फ्लाइट में सवार TMC सांसद बोलीं- मौत को करीब से देखा
यात्रियों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 5 नेताओं का डेलिगेशन भी सफर कर रहा था। इनमें शामिल TMC सांसद सागरिका घोष ने बताया, ‘मुझे लग रहा था कि मौत करीब है। जिंदगी खत्म हो गई है। लोग चीख रहे थे, प्रार्थना कर रहे थे। उस पायलट को सलाम जिसने हम सबकी जान बचाई।’
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, फ्लाइट में सवार एक यात्री ने बताया कि श्रीनगर में लैंडिंग से करीब 20-30 मिनट पहले सीट बेल्ट बांधने का अनाउंसमेंट हुआ। तब हल्के झटके लग रहे थे। अनाउंसमेंट के दो से तीन मिनट के भीतर ही फ्लाइट इतनी तेजी से हिलने-डुलने लगा कि सभी को लगा कि यह हमारी अंतिम फ्लाइट होगी।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा गया कि तेज झटकों की वजह से फ्लाइट के केबिन में रखा सामान गिरने लगा था। यात्रियों की चीखों के बीच क्रू ने सीट बेल्ट लगाने का ऐलान किया। कुछ देर में फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग हुई, तब जाकर यात्रियों ने राहत की सांस ली। फ्लाइट से उतरकर लोगों ने देखा कि नोज कोन टूटा हुआ है। ऐसी स्थिति में भी सेफ लैंडिंग कराने पर पायलट की तारीफ हो रही है।
इंडिगो ने कहा- सभी यात्री सुरक्षित
घटना के बाद इंडिगो ने प्रेस रिलीज जारी कर बताया, ‘फ्लाइट 6E 2142 को रास्ते में अचानक ओलावृष्टि का सामना करना पड़ा था। फ्लाइट और केबिन क्रू ने प्रोटोकॉल का पालन किया और फ्लाइट की श्रीनगर में सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।’
‘सभी यात्री सुरक्षित हैं। किसी के घायल होने की खबर नहीं है। श्रीनगर में अभी फ्लाइट की जांच और मेनटनेंस का काम चल रहा है। मंजूरी मिलने के बादऑपरेशन फिर से शुरू हो जाएगा।’ सूत्रों ने बताया कि डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) मामले की जांच कर रहा है।
फ्लाइट की नोज डैमेज हो गई, 3 फोटोज…
क्या होता है टर्बुलेंस?
विमान में टर्बुलेंस या हलचल का मतलब होता है- हवा के उस बहाव में बाधा पहुंचना, जो विमान को उड़ने में मदद करती है। ऐसा होने पर विमान हिलने लगता है और अनियमित वर्टिकल मोशन में चला जाता है यानी अपने नियमित रास्ते से हट जाता है। इसी को टर्बुलेंस कहते हैं। कई बार टर्बुलेंस से अचानक ही विमान ऊंचाई से कुछ फीट नीचे आने लगता है।
यही वजह है कि टर्बुलेंस की वजह से विमान में सवार यात्रियों को ऐसा लगता है, जैसे विमान गिरने वाला है। टर्बुलेंस में प्लेन का उड़ना कुछ हद तक वैसा ही है, जैसे-उबाड़-खाबड़ सड़क पर कार चलाना। कुछ टर्बुलेंस हल्के होते हैं, जबकि कुछ गंभीर होते हैं।
किसी भी प्लेन को स्थिर तौर पर उड़ने के लिए जरूरी है कि इसके विंग के ऊपर और नीचे से बहने वाली हवा नियमित हो। कई बार मौसम या अन्य कारणों से हवा के बहाव में अनियमितता आ जाती है, इससे एयर पॉकेट्स बन जाते हैं और इसी वजह से टर्बुलेंस होता है।
सुल्तानपुर, एजेंसी। तारीख- 8 मई 2018, राहुल गांधी ने बेंगलुरु में विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान अमित शाह का नाम लिए बिना कहा कि भाजपा ईमानदार राजनीति की बात करती है, जबकि उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष हत्या के एक मामले में आरोपी रहे हैं।
उनके 10 सेकेंड में दिए इस बयान की आंच 8 साल तक दिखी। अगस्त 2018 में यूपी के सुल्तानपुर में दर्ज हुए केस का फैसला 26 अक्टूबर 2026 को आया है। कोर्ट ने राहुल को बरी कर दिया है और उनके बयान को अपमानजनक नहीं माना है।
इस मामले में राहुल को दो बार बयान दर्ज कराने, एक बार पेश होने और आज फैसले के दिन सुल्तानपुर कोर्ट जाना पड़ा। राहुल आज सुबह 11:16 बजे कोर्ट में पेश हुए और 11:32 बजे फैसला आ गया, यानी महज 16 मिनट में। उनके वकील ने राहुल को बरी किए जाने की 3 वजहें बताईं…
पहली- राहुल ने पूरे बयान की जो सीडी कोर्ट में दाखिल की थी, उसे मजबूत सबूत माना। राहुल ने कहा था कि उनका मकसद किसी की मानहानि करना नहीं था।
दूसरी- मानहानि का केस करने वाले विजय मिश्रा को कोर्ट ने पीड़ित व्यक्ति नहीं माना। यानी, राहुल ने शाह पर जो बयान दिया उससे विजय मिश्रा का कोई सीधा मतलब नहीं था।
तीसरी- कोर्ट ने विजय मिश्रा के आरोपों को मानहानि की श्रेणी में नहीं रखा।
कोर्ट ने भाजपा नेता से कहा- झूठी वाहवाही के लिए केस किया
जज ने भाजपा नेता को फटकार भी लगाई। जज ने कहा- झूठी वाहवाही पाने के लिए इस तरह के मुकदमे दायर नहीं करने चाहिए। ऐसे मामलों से अदालत का कीमती समय बर्बाद होता है। मामले दायर करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। बिना ठोस आधार के मुकदमा नहीं करना चाहिए।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) शुभम वर्मा की कोर्ट में राहुल की तरफ से वरिष्ठ वकील आरएस चीमा और काशी शुक्ला ने दलीलें दीं। जबकि, भाजपा नेता की तरफ से संतोष कुमार पांडे ने पैरवी की।
मोदी सरनेम मामले में हुई थी सजा
2019 में कर्नाटक के कोलार में चुनावी रैली के दौरान राहुल गांधी ने ‘सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों है’ टिप्पणी की थी। इस बयान को लेकर दर्ज मानहानि मामले में गुजरात की अदालत ने 2023 में उन्हें दो साल की सजा सुनाई थी।
उस समय राहुल गांधी वायनाड से सांसद थे। सजा के बाद उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी। हालांकि, बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सजा पर रोक लगा दी, जिससे उनकी संसद सदस्यता बहाल हो सकी।
नई दिल्ली, एजेंसी। चक्रवात अर्नब बंगाल की खाड़ी से आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, यह 27 अक्टूबर तक तूफान का रूप ले सकता है। इसके 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका है। इस दौरान 140 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
आंध्र प्रदेश में करीब 6 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी है। तटीय जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मछुआरों को 29 अक्टूबर तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और पुडुचेरी में अलर्ट है।
ओडिशा में 60 रेस्क्यू टीमें तैनात होंगी। छह जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे। इस तूफान के असर से MP-UP समेत 10 राज्यों में बारिश की भी संभावना है।
वहीं, तमिलनाडु में पिछले 3 दिनों से लगातार बारिश हो रही है। अरनी के भास्कर नगर में पानी भर गया है। लोग अपने घरों में फंस गए हैं। कोडाइकनाल में पर्यटकों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है।
नई दिल्ली में खराब हवा के चलते सुबह धुंध होने लगी है। इस बीच कर्तव्य पथ के पास लोग जॉगिंग करते दिखे।
गुरुग्राम में भी धुंध नजर आई। यहां भी हवा की गुणवत्ता खराब होती जा रही है।
राजस्थान के अजमेर में सुबह-सुबह धुंध की परत छाई रही।
डोडा के ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी के बाद, बर्फ से ढंकी पर्वत श्रृंखला, रविवार को यहां बर्फबारी हुई।
तमिलनाडु में भारी बारिश की चेतावनी के बीच टूरिस्ट को हिल स्टेशन कोडइकनाल जाने से रोक दिया गया है।
अगले 2 दिन के मौसम का हाल
27 अक्टूबर
आंध्र प्रदेश में भारी बारिश का रेड अलर्ट है। ओडिशा में ऑरेंज अलर्ट है।
छत्तीसगढ़, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरलम, कर्नाटक और रायलसीमा में बारिश का यलो अलर्ट है।
28 अक्टूबर
आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और ओडिशा में भारी बारिश का रेड अलर्ट है। झारखंड में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।
बंगाल, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और कर्नाटक में बारिश का यलो अलर्ट है।
राज्यों से मौसम की खबर
मध्य प्रदेश: 17 जिलों में बारिश का अलर्ट, रात में बढ़ी ठंडक
मध्य प्रदेश में मंगलवार से बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और बालाघाट में ऑरेंज अलर्ट है, जबकि छतरपुर, कटनी, जबलपुर, मंडला, छिंदवाड़ा और सिवनी में भारी बारिश हो सकती है। बारिश की चेतावनी से पहले प्रदेश में रात के तापमान में गिरावट आई है। कटनी के करौंदी में न्यूनतम तापमान 13.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।
राजस्थान: तीन दिन मौसम साफ रहेगा, 29 अक्टूबर से आंधी-बारिश का अलर्ट
राजस्थान में 29 अक्टूबर से नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय होने के कारण जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग में आंधी-बारिश की चेतावनी है। इससे पहले प्रदेश में तीन दिन मौसम साफ रहने का अनुमान है। अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में रातें ठंडी होने लगी हैं। रविवार रात सीकर के फतेहपुर और माउंट आबू में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
उत्तराखंड: ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी, 29 अक्टूबर से फिर बदलेगा मौसम
उत्तराखंड में केदारनाथ, तुंगनाथ समेत रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, 26 से 28 अक्टूबर तक प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहेगा और धूप खिलने की संभावना है। इसके बाद 29 से 31 अक्टूबर के बीच उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, नैनीताल और चंपावत के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है।
पंजाब-चंडीगढ़: आज मौसम साफ, 28 अक्टूबर को बारिश के आसार
पंजाब और चंडीगढ़ में 26 अक्टूबर को मौसम साफ और शुष्क रहने का अनुमान है। सुबह-शाम हल्की ठंड महसूस हो रही है, जबकि दोपहर में धूप से मौसम सामान्य बना हुआ है। पंजाब में औसत अधिकतम तापमान 0.6 डिग्री गिरा है। बठिंडा में सबसे अधिक 32.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य में 28 अक्टूबर को बारिश की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश: 29 अक्टूबर तक धूप, 30-31 को बारिश-बर्फबारी के आसार
हिमाचल प्रदेश में अगले चार दिन मौसम साफ रहने का अनुमान है। 29 अक्टूबर तक ज्यादातर इलाकों में धूप खिलेगी, जिससे दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, 30 अक्टूबर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के आसार हैं। इसके असर से 30 और 31 अक्टूबर को कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है, जबकि चंबा, किन्नौर और लाहौल-स्पीति की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी होने की संभावना है।
बिहार: बदल सकता मौसम, 1 नवंबर तक बारिश के आसार
बिहार में सोमवार को सभी जिलों में मौसम सामान्य रहने की संभावना है। दिन में धूप निकलेगी, लेकिन रात से कई इलाकों में मौसम बदल सकता है। पटना, गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा और जहानाबाद समेत दक्षिण बिहार के जिलों में तेज हवा चलने और कुछ जगहों पर हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, 27 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच राज्य के ज्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
हरियाणा: हल्की ठंड की शुरुआत, 29 अक्टूबर को बारिश-आंधी का अलर्ट
हरियाणा में ठंड ने दस्तक दे दी है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के न्यूनतम तापमान में 1.4 डिग्री और अधिकतम तापमान में 1.1 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। 28 और 29 अक्टूबर को मौसम बदलने के आसार हैं। मौसम विभाग ने 29 अक्टूबर के लिए 14 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। यहां 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।
छत्तीसगढ़: 28-29 अक्टूबर को बारिश का अलर्ट, बस्तर में 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
छत्तीसगढ़ में सोमवार को मौसम शुष्क रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, दो दिन बाद बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान का असर दिख सकता है। 28 और 29 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट है। बस्तर संभाग में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, मंगलवार से बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
1999 के सुपर साइक्लोन से ओडिशा ने सीखे सबक
ओडिशा में जोरदार चक्रवात आने के बावजूद समय के साथ जान-माल के नुकसान को कम करने में मदद मिली है। इसकी बड़ी वजह 1999 के सुपर साइक्लोन के बाद आपदा प्रबंधन की रणनीति में किए गए बदलाव हैं। राज्य ने चक्रवात की पहले से चेतावनी देने, तटीय इलाकों से लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने और आश्रय स्थल तैयार करने पर जोर दिया। 2013 में चक्रवात फेलिन के दौरान करीब 10 लाख लोगों को सुरक्षित निकाला गया था।
नई दिल्ली, एजेंसी। राहुल गांधी ने 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाली महारैली को टालने से इनकार कर दिया। राहुल ने सोमवार को X पर लिखा कि दिल्ली के हर व्यापारी से हम प्यार करते हैं, उनकी बात सुन रहे हैं।
मोदी जी से कहिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटा दें। 30 सेकंड में आंदोलन रुक जाएगा।
दिल्ली के कश्मीरी गेट पर सोमवार को व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने कांग्रेस से 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली रैली को दिवाली के बाद कराने की मांग की।
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने कहा कि इस मुद्दे पर INDIA गठबंधन के सभी दलों को पत्र लिखा जाएगा। संगठन ने दिवाली फेस्टिवल सीजन में 10 हजार करोड़ रुपए के व्यापारिक नुकसान की चेतावनी दी है।
राहुल ने चलो दिल्ली का पोस्टर भी शेयर किया
खड़गे बोले- रैली में सब लोग शामिल हों
खड़गे ने X पर लिखा- यह त्योहार का मौसम है, लेकिन इस समय आप कमरतोड़ महंगाई से जूझ रहे है। सरकार को इसकी बिल्कुल भी चिंता नहीं, क्योंकि वह सिर्फ वोट चोरी करना जानते है।
इसी सिलसिले में 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में “वोट बचाओ, देश बचाओ” महा रैली होगी। आप से अपील है कि संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए, इस रैली में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले और इस मुहिम को सफल बनाए।
व्यापारी संगठन बोले- कारोबार पर असर पड़ेगा
1 नवंबर की रैली से थोक बाजारों पर गंभीर असर पड़ सकता है। कारोबार पर भारी असर पड़ेगा, क्योंकि रिपोर्टों के मुताबिक रामलीला मैदान में 10 लाख लोग जुट सकते हैं, जबकि इसकी वास्तविक क्षमता करीब 50 हजार है।
रामलीला मैदान के 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले 20 से ज्यादा प्रमुख थोक बाजारों का कारोबार प्रभावित हो सकता है। इनमें चांदनी चौक, सदर बाजार, खारी बावली, नया बाजार, चावड़ी बाजार, दरियागंज और कश्मीरी गेट शामिल हैं।
बैरिकेडिंग और सड़कें बंद होने से दिल्ली के बाहर से रोजाना आने वाले 3 से 4 लाख खरीदार बाजारों तक नहीं पहुंच पाएंगे। ट्रैफिक और आवाजाही पर प्रतिबंध की आशंका से स्थानीय ग्राहक भी इन बाजारों में आने से बच सकते हैं।
पिछले दिवाली सीजन लगभग रू.75,000 करोड़ बिक्री हुई
रामलीला मैदान के 5 किमी के दायरे में चांदनी चौक और कनॉट प्लेस समेत 8 बड़े बाजार हैं। व्यापारी संगठन CAIT के मुताबिक, 2025 में इन बाजारों में दिवाली पर त्योहारी बिक्री 75,000 करोड़ रुपए तक पहुंच गई थी।
INDIA ब्लॉक के नेताओं ने SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 6 से 13 अक्टूबर के बीच 8 बार प्रदर्शन किए।
कॉकरोच जनता पार्टी और लेफ्ट ने भी 10 अक्टूबर को इसी मुद्दे पर प्रदर्शन बुलाया था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी। इस दौरान शहर में बैरिकेडिंग की गई थी, 45 मेट्रो स्टेशन बंद रहे और 7 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।