Connect with us

छत्तीसगढ़

रायपुर : सड़क परिवहन और यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

Published

on

मुख्यमंत्री ने परिवहन सुरक्षा बेड़े में शामिल 48 वाहनों को झंडी दिखाकर किया रवाना

मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग के कर्मियों को सौंपी वाहनों की चाबी

मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग के कर्मियों को सौंपी वाहनों की चाबी

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि हमारी सरकार सड़क परिवहन और यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। परिवहन और यातायात सुरक्षा में लगे उड़नदस्ता दल को 48 नवीन वाहनों की तैनाती से दुर्घटनाओं में निश्चित रूप से कमी आएगी, यातायात सुग़म होगा और लोगों में ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर जागरूकता बढ़ेगी। श्री साय आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस मौके पर परिवहन विभाग के निरीक्षकों को इन वाहनों की चाबी सौंपी। 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश सरकार सड़क यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। नवीन शासकीय वाहनों की मदद से परिवहन उड़नदस्ता दल नियमों का उल्लंघन करने वालों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। उड़नदस्ता दल की कार्यक्षमता में वृद्धि, सड़क दुर्घटनाओं में कमी, सुरक्षा मानकों का बेहतर क्रियान्वयन और यातायात व्यवस्था में सुधार व अनुशासन बनाए रखने में यह पहल मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि इससे दूरदराज के क्षेत्रों में भी परिवहन दस्ते की निगरानी और पहुंच सुनिश्चित होगी। 
ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील
मुख्यमंत्री श्री साय ने हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करने और ट्रैफिक नियमों का पालन कर दूसरों के जीवन की रक्षा करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही हम एक सुरक्षित, संयमित और संवेदनशील सड़क परिवेश का निर्माण कर सकते हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने लोगों से नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने की अपील भी की। 
    इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, सचिव सह परिवहन आयुक्त एस. प्रकाश, अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर सहित परिवहन विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

सक्ती में खुलेगा कृषि विज्ञान केंद्र:छत्तीसगढ़ के लिए 3.65 लाख नए पीएम आवास मंजूर, 2 लाख परिवारों का एकसाथ गृह प्रवेश

Published

on

सक्ती। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण आवास योजना को बड़ा विस्तार मिला है। केंद्र सरकार ने प्रदेश के लिए ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’ (पीएमएवाय-जी) के तहत 3.65 लाख अतिरिक्त आवासों की मंजूरी दी है। सक्ती जिले में आयोजित ‘प्रधानमंत्री आवास गृह प्रवेश’ और ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह घोषणा की और स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को सौंपा।

इस अवसर पर प्रदेश भर में नवनिर्मित 2 लाख आवासों में हितग्राहियों का एक साथ गृह प्रवेश कराया गया और उन्हें चाबियां सौंपी गईं। चौहान ने सक्ती जिले में कृषि विज्ञान केंद्र खोलने तथा बस्तर संभाग में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के सर्वे की समय-सीमा 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाने की घोषणा भी की।

चौहान ने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन 1,600 से अधिक पीएम आवास बनकर तैयार हो रहेहैं। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से ग्रामीण क्षेत्रों में आवास के साथ सड़क, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।

गरीब का पक्का घर सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। राज्य सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति देकर अपनी प्राथमिकता स्पष्ट कर दी थी। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.50 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।

कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे: शर्मा

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है। गांवों में शिक्षा, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाने की दिशा में भी तेजी से कार्य हो रहा है।

कका और कांग्रेस ने राज्य को तबाह किया: चौहान

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और ‘कक्का’(कका) ने मिलकर छत्तीसगढ़ को तबाह कर दिया। उन्होंने सक्ती जिले में शामिल होने से पहले रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा के दौरान यह बात कही।

चौहान ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा गरीबों के आवास के लिए भेजी गई राशि को कांग्रेस सरकार ने दबाकर रखा और प्रदेश के जरूरतमंदों को पक्के मकानों से वंचित किया। उन्होंने याद दिलाया कि गरीबों के हक के लिए भाजपा ने ‘मोर आवास मोर अधिकार’ आंदोलन चलाया था, जिसमें कार्यकर्ताओं ने लाठियां तक खाईं।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

CGPSC केस, भूपेश के OSD रहे एडिशनल कलेक्टर गिरफ्तार:दावा- उत्कर्ष चंद्राकर के साथ वॉट्सऐप चैट मिली, ED को 6 दिन की रिमांड

Published

on

रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने चेतन बोरघारिया को 6 दिन की ED रिमांड पर भेज दिया है।

ED ने कोर्ट में CGPSC घोटाले के आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर के साथ चेतन बोरघारिया की वॉट्सऐप चैट मिलने की जानकारी दी। इसी आधार पर कोर्ट ने पूछताछ के लिए ED को उनकी 6 दिन की रिमांड दी है। अब ED उनसे CGPSC गड़बड़ी मामले में पूछताछ करेगी। चेतन बोरघरिया पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के OSD के रूप में काम कर चुके हैं।

बता दें कि 6 दिन पहले ED ने घोटाले में आरोपी कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर को कोर्ट में पेश किया था। ED ने आरोपी उत्कर्ष की रिमांड बढ़ाने के लिए आवेदन नहीं दिया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी उत्कर्ष को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

ED ने बलरामपुर-रामानुजगंज के एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया को गिरफ्तार किया।

ED ने बलरामपुर-रामानुजगंज के एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया को गिरफ्तार किया।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 10 दिन पहले ही धमतरी और बलरामपुर में कार्रवाई की थी। धमतरी में एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघरिया के अमलतास पुरम स्थित घर पर टीम ने छापा मारा गया, जबकि बलरामपुर में भी उनसे पूछताछ की गई थी।

इधर, CGPSC घोटाले की जांच में कैंडिडेट्स को परीक्षा के पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर लाखों रुपए लेने की बात सामने आई है। ED के वकील सौरभ पांडेय के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार उत्कर्ष चंद्राकर की भूमिका अभ्यर्थियों तक प्रीलिम्स और मेन्स के पेपर पहुंचाने से जुड़ी थी।

10 दिन पहले ईडी ने एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया के ठिकानों पर रेड मारी थी।

10 दिन पहले ईडी ने एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया के ठिकानों पर रेड मारी थी।

नौकरी दिलाने का दावा, 3 करोड़ से ज्यादा वसूली

जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर ने मेडिकल ऑफिसर डॉ. विकास चंद्राकर के साथ मिलकर अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी दिलाने का कथित नेटवर्क तैयार किया था।

अभ्यर्थियों को परीक्षा के अलग-अलग चरणों में मदद और प्री परीक्षा से इंटरव्यू तक सफलता की गारंटी देने का दावा किए जाने की बात सामने आई है। इसके बदले कैंडिडेट्स से 3 करोड़ रुपए से अधिक रकम वसूले जाने का दावा किया गया है।

ED ने इससे पहले कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर को अरेस्ट किया गया था।

ED ने इससे पहले कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर को अरेस्ट किया गया था।

पूर्व CM के PA और OSD के नाम का इस्तेमाल

जांच एजेंसी का दावा है कि, उत्कर्ष चंद्राकर ने कैंडिडेट्स से पैसे जुटाने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री के निजी सहायक (PA) और अपने मामा के.के. चंद्रवंशी के नाम, पद और प्रभाव का इस्तेमाल किया। इसके साथ ही तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ रहे OSD के नाम और प्रभाव का भी इस्तेमाल कर अभ्यर्थियों को प्रभावित करने की बात सामने आई है।

जानिए क्या है CGPSC घोटाला

यह मामला 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा है। आरोप है कि आयोग की परीक्षाओं और इंटरव्यू में पारदर्शिता को दरकिनार कर राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख वाले परिवारों के उम्मीदवारों को उच्च पदों पर चयनित किया गया।

इस दौरान योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी कर डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य राजपत्रित पदों पर अपने नजदीकी लोगों को पद दिलवाने का खेल हुआ। प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी। जांच एजेंसी ने छापेमारी में कई दस्तावेज और आपत्तिजनक साक्ष्य बरामद किए हैं।

इस घोटाले में सीबीआई ने तत्कालीन सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, उप परीक्षा नियंत्रक, चार चयनित अभ्यर्थियों और एक निजी व्यक्ति को पहले ही गिरफ्तार किया था। वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस मामले की जांच में जुटी है।

एजेंसी ने कथित कैश सिंडिकेट की पड़ताल के लिए करीब 30 लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था। इनमें विवादित अभ्यर्थियों के साथ एनजीओ, एक बड़ी कंपनी और रिसार्ट संचालकों से जुड़े लोग भी शामिल हैं। ईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर अभ्यर्थियों से वसूली गई रकम कहां से आई और किन लोगों तक पहुंचाई गई।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के 3 नेताओं को दिल्ली बुलाया गया:राष्ट्रीय सचिव की रेस में कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा, तीनों का हुआ इंटरव्यू

Published

on

रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के 3 नेता कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में राष्ट्रीय सचिव पद के चयन की प्रक्रिया के तहत दिल्ली बुलाया गया है। तीनों नेताओं के इंटरव्यू राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से लिए जा रहे हैं।

दिल्ली बुलाए जाने के बाद अब नजर इस बात पर है कि इनमें से किसे राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारी मिलती है। हालांकि अभी किसी नेता की नियुक्ति तय नहीं हुई है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।

राहुल-प्रियंका समेत राष्ट्रीय नेतृत्व ले रहा इंटरव्यू

जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय सचिवों के चयन की प्रक्रिया में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की भूमिका है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत राष्ट्रीय नेतृत्व इस प्रक्रिया से जुड़ा है।

छत्तीसगढ़ से 3 नेताओं को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे प्रदेश के नेताओं की राष्ट्रीय संगठन में भूमिका बढ़ने की संभावना बनी है।

कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में राष्ट्रीय सचिव पद के चयन की प्रक्रिया के तहत दिल्ली बुलाया गया है।

कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में राष्ट्रीय सचिव पद के चयन की प्रक्रिया के तहत दिल्ली बुलाया गया है।

चयन हुआ तो प्रदेश से राष्ट्रीय संगठन में बढ़ेगी हिस्सेदारी

तीनों नेताओं के पास युवा कांग्रेस, प्रदेश कांग्रेस और राष्ट्रीय संगठन में काम करने का अनुभव है। ऐसे में राष्ट्रीय सचिव के लिए इंटरव्यू तक पहुंचना ही प्रदेश कांग्रेस के भीतर महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

अगर इनमें से किसी नेता का चयन होता है तो छत्तीसगढ़ कांग्रेस को राष्ट्रीय संगठन में नई जिम्मेदारी मिलने के साथ प्रदेश के युवा नेताओं की राष्ट्रीय स्तर पर भूमिका भी बढ़ सकती है। फिलहाल सभी की नजर दिल्ली में चल रही चयन प्रक्रिया और उसके नतीजे पर है।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Uncategorized

रायपुर : सड़क परिवहन और यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

Published

on

मुख्यमंत्री ने परिवहन सुरक्षा बेड़े में शामिल 48 वाहनों को झंडी दिखाकर किया रवाना

मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग के कर्मियों को सौंपी वाहनों की चाबी

मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग के कर्मियों को सौंपी वाहनों की चाबी

रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि हमारी सरकार सड़क परिवहन और यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। परिवहन और यातायात सुरक्षा में लगे उड़नदस्ता दल को 48 नवीन वाहनों की तैनाती से दुर्घटनाओं में निश्चित रूप से कमी आएगी, यातायात सुग़म होगा और लोगों में ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर जागरूकता बढ़ेगी। श्री साय आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस मौके पर परिवहन विभाग के निरीक्षकों को इन वाहनों की चाबी सौंपी। 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश सरकार सड़क यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। नवीन शासकीय वाहनों की मदद से परिवहन उड़नदस्ता दल नियमों का उल्लंघन करने वालों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। उड़नदस्ता दल की कार्यक्षमता में वृद्धि, सड़क दुर्घटनाओं में कमी, सुरक्षा मानकों का बेहतर क्रियान्वयन और यातायात व्यवस्था में सुधार व अनुशासन बनाए रखने में यह पहल मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि इससे दूरदराज के क्षेत्रों में भी परिवहन दस्ते की निगरानी और पहुंच सुनिश्चित होगी। 
ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील
मुख्यमंत्री श्री साय ने हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करने और ट्रैफिक नियमों का पालन कर दूसरों के जीवन की रक्षा करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही हम एक सुरक्षित, संयमित और संवेदनशील सड़क परिवेश का निर्माण कर सकते हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने लोगों से नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने की अपील भी की। 
    इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, सचिव सह परिवहन आयुक्त एस. प्रकाश, अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर सहित परिवहन विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Uncategorized

हलषष्ठी पर माताओं ने रखा निर्जला व्रत, पुत्रों की लंबी उम्र की कामना

Published

on

पाली छिदपारा में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया हलषष्ठी पर्व

पाली छिदपारा। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि पर बुधवार, 2 सितंबर 2026 को पाली छिदपारा में हलषष्ठी पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। शिव मंदिर हनुमान के पास प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी माताओं ने अपने पुत्रों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर निर्जला व्रत रखा।इस अवसर पर माताओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर हलषष्ठी माता की कथा का श्रवण किया।

व्रत कथा का वाचन सुशील पांडेय जी (केराझरिया वाले महाराज) ने किया। कथा के दौरान हलषष्ठी व्रत के धार्मिक महत्व और इसकी परंपराओं के बारे में जानकारी दी गई।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भाद्रपद कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई भगवान बलराम जी का जन्मोत्सव भी मनाया जाता है। इसी कारण इस दिन माताओं द्वारा पुत्रों की दीर्घायु और उनके मंगलमय जीवन के लिए व्रत रखने की परंपरा है।हलषष्ठी व्रत में हल से जुते हुए खेत में उगे अनाज या सब्जियों का सेवन नहीं किया जाता।

प्राकृतिक आहार के रूप में तालाब में स्वयं उगने वाले तिन्नी या पसई के चावल, महुआ तथा भैंस के दूध-दही का विशेष महत्व माना जाता है। वहीं इस दिन गाय के दूध और घी का सेवन वर्जित माना जाता है।पर्व के दौरान महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर परिवार और विशेषकर अपने पुत्रों की दीर्घायु, स्वास्थ्य एवं सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।

Continue Reading

Uncategorized

जिला स्तर पर परचम लहराया विभूति ने,बढ़ाया नगर का गौरव:-पाली

Published

on

कोरबा पाली/सड़क सुरक्षा अभियान के अंतर्गत आयोजित जिला स्तरीय प्रतियोगिता में स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय (SAGES), पाली की कक्षा 11वीं की छात्रा कुमारी विभूति कुम्भकार ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया।कुमारी विभूति कुम्भकार की इस उल्लेखनीय उपलब्धि से विद्यालय परिवार एवं जिला कोरबा में हर्ष का माहौल है। छात्रा की सफलता पर विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं समस्त विद्यालय परिवार ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।कुमारी विभूति कुम्भकार की इस उल्लेखनीय उपलब्धि से विद्यालय परिवार एवं जिला कोरबा में हर्ष का माहौल है। छात्रा की सफलता पर विद्यालय के प्राचार्य श्री रामेश्वर प्रसाद लहरे, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं समस्त विद्यालय परिवार ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।यह उपलब्धि छात्र-छात्राओं में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा उन्हें यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

Continue Reading

Uncategorized

नौकरी के नाम पर ₹1 लाख लेने का आरोप, नरईबोध के ग्रामीण ने कलेक्टर से लगाई गुहार,,,देखे पूरी खबर

Published

on

विस्थापित परिवार के बेटे को PNC कंपनी में रोजगार दिलाने का दावा, रकम लेने के बाद बात बिगड़ने का आरोप

कोरबा/दीपका। एसईसीएल गेवरा परियोजना से प्रभावित नरईबोध के एक विस्थापित परिवार ने वैकल्पिक रोजगार को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीण छोटेलाल ने कलेक्टर को शिकायत सौंपकर आरोप लगाया है कि उसके पुत्र अशोक कुमार राठौर को PNC कंपनी में रोजगार दिलाने के नाम पर पार्षद पति राकेश पटेल को ₹1 लाख दिए गए, लेकिन रकम देने के बाद भी उसके पुत्र को रोजगार नहीं मिल सका।

शिकायतकर्ता का कहना है कि नरईबोध में उसकी पत्नी के नाम दर्ज भूमि एसईसीएल गेवरा क्षेत्र के लिए अधिग्रहित की गई थी। मुआवजा मिलने के बाद परिवार डोड़गीपारा, ग्राम पंचायत कटकीडबरी में निवास कर रहा है। विस्थापन के बाद परिवार को उम्मीद थी कि प्रभावित परिवार के बेरोजगार सदस्य को वैकल्पिक रोजगार का लाभ मिलेगा।

बायोडाटा देने के बाद रोजगार का भरोसा

शिकायत के मुताबिक, अशोक कुमार राठौर का बायोडाटा नरईबोध के पार्षद पति राकेश पटेल को दिया गया था। आरोप है कि उन्होंने एसईसीएल गेवरा क्षेत्र में कार्यरत ठेका कंपनी PNC में अशोक को वैकल्पिक रोजगार दिलाने का भरोसा दिया। इसी भरोसे के बाद करीब दो माह पहले ₹1 लाख दिए जाने का दावा शिकायत में किया गया है।

ग्रामीण का आरोप है कि रकम लेने के बाद अब रोजगार दिलाने से इनकार किया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने मामले की जांच की मांग करते हुए यह भी आरोप लगाया है कि अन्य लोगों से राशि लेकर कंपनी में रोजगार दिलाया गया है।

रिश्तेदारों को रोजगार मिलने के आरोप की भी जांच की मांग

शिकायत में पार्षद पति के करीब 12 रिश्तेदारों को कथित रूप से कंपनी में रोजगार मिलने का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि कंपनी में लगाए गए कर्मचारियों के आधार कार्ड, परिचय पत्र और अन्य दस्तावेजों की जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि रोजगार किस प्रक्रिया और पात्रता के आधार पर दिया गया।

कई अधिकारियों को भेजी शिकायत

छोटेलाल ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई करने और उसके पुत्र को वैकल्पिक रोजगार दिलाने की मांग की है। शिकायत की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक कोरबा, एसडीएम कटघोरा, महाप्रबंधक एसईसीएल गेवरा क्षेत्र, आयुक्त नगर निगम कोरबा और थाना प्रभारी कुसमुंडा को भी दी गई है।

शिकायत पत्र पर 15 जून 2026 की तारीख अंकित है।

न्याय नहीं मिला तो उच्च स्तर पर जाने की बात

शिकायतकर्ता और उसके समर्थन में सामने आए लोगों का कहना है कि यदि मामले की स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष जांच नहीं होती और उन्हें न्याय नहीं मिलता, तो वे उच्च अधिकारियों के समक्ष शिकायत करेंगे। उनका कहना है कि मामले की जांच से वास्तविक स्थिति सामने आनी चाहिए।

आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं: शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि समाचार तैयार किए जाने तक नहीं हो सकी है। वहीं, पार्षद पति राकेश पटेल का पक्ष भी सामने नहीं आया है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जाएगा।

Continue Reading

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677