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छत्तीसगढ़

रायपुर : सड़क परिवहन और यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

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मुख्यमंत्री ने परिवहन सुरक्षा बेड़े में शामिल 48 वाहनों को झंडी दिखाकर किया रवाना

मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग के कर्मियों को सौंपी वाहनों की चाबी

मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग के कर्मियों को सौंपी वाहनों की चाबी

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि हमारी सरकार सड़क परिवहन और यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। परिवहन और यातायात सुरक्षा में लगे उड़नदस्ता दल को 48 नवीन वाहनों की तैनाती से दुर्घटनाओं में निश्चित रूप से कमी आएगी, यातायात सुग़म होगा और लोगों में ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर जागरूकता बढ़ेगी। श्री साय आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस मौके पर परिवहन विभाग के निरीक्षकों को इन वाहनों की चाबी सौंपी। 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश सरकार सड़क यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। नवीन शासकीय वाहनों की मदद से परिवहन उड़नदस्ता दल नियमों का उल्लंघन करने वालों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। उड़नदस्ता दल की कार्यक्षमता में वृद्धि, सड़क दुर्घटनाओं में कमी, सुरक्षा मानकों का बेहतर क्रियान्वयन और यातायात व्यवस्था में सुधार व अनुशासन बनाए रखने में यह पहल मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि इससे दूरदराज के क्षेत्रों में भी परिवहन दस्ते की निगरानी और पहुंच सुनिश्चित होगी। 
ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील
मुख्यमंत्री श्री साय ने हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करने और ट्रैफिक नियमों का पालन कर दूसरों के जीवन की रक्षा करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही हम एक सुरक्षित, संयमित और संवेदनशील सड़क परिवेश का निर्माण कर सकते हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने लोगों से नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने की अपील भी की। 
    इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, सचिव सह परिवहन आयुक्त एस. प्रकाश, अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर सहित परिवहन विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

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छत्तीसगढ़

मंत्री गजेंद्र बोले- देशहित में धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा वापस लें:रमन सिंह ने कहा- फैसला जरूरी था, भूपेश बोले- Gen-Z नरसिंह अवतार, मोदी सरकार हिरण्यकश्यप

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रायपुर, एजेंसी। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। NEET पेपर लीक केस में उनके इस्तीफे की मांग करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी पिछले 36 दिन से जंतर-मंतर पर धरना दे रही थी। इस पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने X पर लिखा- एक प्रधान का इस्तीफा हो गया है। ये भारत के युवाओं की जीत है।

इसके अलावा भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार की तुलना ‘हिरण्यकश्यप’ से की और Gen Z को नरसिंह अवतार बताया। बघेल ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देशभर के छात्रों की जीत है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की हार है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी प्रधान के इस्तीफे का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन को शांत करने के लिए ये फैसला जरूरी था। वहीं प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा नहीं देना चाहिए था।

यादव ने आगे कहा कि बड़े मंत्रालय में हजारों अधिकारी और कर्मचारी काम करते हैं। ऐसे में अगर कहीं कोई चूक होती है तो उसके लिए सीधे मंत्री को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। देशहित में धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा वापस लेना चाहिए।

इधर, बिलासपुर में छात्रों और युवा संगठनों ने ‘विजय रैली’ निकाली। रैली के दौरान स्टूडेंट्स ने ‘छात्र एकता जिंदाबाद’ और ’एनटीए (NTA) रद्द करो’ के नारे लगाए। वहीं, छात्रों का कहना है कि लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है, लड़ाई अभी भी बाकी है।

भूपेश बघेल ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को युवाओं की जीत बताया।
भूपेश बघेल ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को युवाओं की जीत बताया।

भूपेल बोले- छात्र नरसिंह के अवतार में आए

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा की ट्रोल टीम ने सोनम वांगचुक को चीन का ऐजेंट बता दिया था और मंत्री उनको जूस पिला रहे थे। इनकी स्थिति यह है कि जब जरूरत पड़े तो ये किसी को भी अपना बाप बना ले। छात्रों के आगे किसी एजेंसी की नहीं चली। छात्र नरसिंह के अवतार में आए हैं।

रमन सिंह बोले- आंदोलन शांत करने जरूरी था फैसला

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि जिस विषय को लेकर पूरी दुनिया भर में हल्ला मचाया जा रहा था, उसकी इतिश्री हो गई। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह ने कहा है कि इस मामले में सख्त से सख्त कानून बनाया जाएगा। 10 करोड़ और 10 साल की सजा जैसे कठोर कानून आने वाले समय में बनाएंगे जाएंगे ताकि किसी के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं हो।

गजेंद्र यादव बोले- देशहित में इस्तीफा वापस लें प्रधान

डॉ रमन सिंह के बयान के कुछ ही समय बाद प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इससे बिल्कुल अलग राय रखी। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा नहीं देना चाहिए था। जब एक बार जांच के लिए कमेटी गठित हो गई है, फास्ट ट्रैक कोर्ट बना दिया गया है, तो उसके बाद मुझे ऐसा लगता है कि धर्मेन्द्र प्रधान को इस्तीफा नहीं देना चाहिए। बल्कि देशहित में इस्तीफा वापस ले लेना चाहिए।

12 साल में पहली बार विरोध के बाद मंत्री का इस्तीफा

2014 में पहली बार मोदी सरकार बनने के बाद 12 साल के कार्यकाल में धर्मेंद्र प्रधान पहले मंत्री हैं, जिन्हें विरोध के चलते इस्तीफा देना पड़ा है। हालांकि, इससे पहले 2018 में विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने इस्तीफा दिया था, लेकिन तब दुनियाभर में ‘मी टू’ आंदोलन चल रहा था और अकबर पर पत्रकारिता के दिनों में यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे।

मौजूदा पेपर लीक रोकने का कानून, 4 पॉइंट

जून 2024 तक पेपर लीक के लिए कोई एक सेंट्रल कानून नहीं था। धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और जालसाजी जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज होता था। इनमें जमानत की कोई सख्त शर्तें नहीं हैं।

कुछ राज्यों ने अलग से नकल-विरोधी भी कानून बनाए, मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट भी शामिल किया। उत्तर प्रदेश में कुछ मामलों में गैंगस्टर एक्ट भी लगाया गया।

NEET-UG और UGC के एग्जाम में धांधली के बाद 21 जून 2024 को केंद्र सरकार ने सार्वजानिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम लागू किया। इसमें पेपर लीक, मदद करना, गलत तरीके से OMR शीट हासिल करना, नकल करवाना, एग्जाम से जुड़ी फर्जी वेबसाइट बनाने या परीक्षक को धमकी को सजा के दायरे लाया गया।

ये सभी अपराध गैर-जमानती हैं, इनमें दो कैटेगरी में सजा का प्रावधान है। पहला- पेपर लीक वगैरह करने पर 3 से 5 साल की सजा और 10 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। दूसरा- एग्जाम करवाने वाली संस्था या एजेंसी के डायरेक्टर या मैनेजमेंट के ऑफिसर्स ने कोई अपराध किया, तो 3 से 10 साल तक की जेल और एक करोड़ का जुर्माना हो सकता है।

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छत्तीसगढ़

शराब कारोबारी के घर ED-IT की रेड:बलौदाबाजार में राघवेंद्र-रूपेश सराफ के ठिकानों पर छापा, 2 दिन से जारी है कार्रवाई

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बलौदाबाजार, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग (IT) की संयुक्त टीम ने कारोबारी राजकुमार सराफ के बेटों के घर पर दबिश दी है। राघवेंद्र सराफ और रूपेश सराफ शराब और जमीन कारोबारी है, उनकी पीतल की फैक्ट्री भी है। कार्रवाई के दौरान अफसर दस्तावेज खंगाल रहे हैं।

दरअसल, ईडी अधिकारियों ने 24 जुलाई की रात ही बलौदाबाजार पहुंचकर कारोबारी के घर की निगरानी शुरू कर दी थी। अगले दिन रविवार सुबह टीम ने घर में एंट्री कर तलाशी ली। जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई ED की रेड के बाद आयकर विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से की है।

बैंक-संपत्ति समेत कई दस्तावेज खंगाल रही टीम

छापेमारी के दौरान अधिकारी घर के हर कमरे की बारीकी से जांच कर रहे हैं। कई दस्तावेज खंगाले गए, जिनमें डायरी, बैंक खातों के विवरण, संपत्ति से जुड़े कागजात और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड शामिल हैं। परिवार के सदस्यों और कारोबार से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।

शहर के बड़े कारोबारी थे राजकुमार सराफ

राजकुमार सराफ शहर के जाने-माने कारोबारी थे। उनके कई व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं। राजकुमार के निधन के बाद उनके बेटे राघवेंद्र सराफ और रूपेश सराफ कारोबार चला रहे हैं।

अधिकारियों को बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं की आशंका है, जिसके चलते यह कार्रवाई की जा रही है। शनिवार को ED की टीम को कुछ अहम दस्तावेज मिले थे, जिनके आधार पर IT विभाग ने फिर अतिरिक्त कार्रवाई शुरू की है।

पुलिस जवान तैनात

इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में काफी चर्चा है। कारोबारी के घर के बाहर अधिकारियों के साथ पुलिस जवान भी तैनात है। आसपास के लोग दूर से ही घटनाक्रम को देख रहे थे। फिलहाल, जांच जारी है और टीम पूरे मामले की गंभीरता से पड़ताल कर रही है।

कोई अधिकारिक बयान नहीं आया

हालांकि, अधिकारियों की ओर से अभी तक छापे के कारणों और जांच के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। जांच के दौरान क्या कुछ मिला, इसे लेकर सफाई नहीं दी गई है।

बताया जा रहा है कि छापेमारी में कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

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छत्तीसगढ़

पूजा-पाठ से कैंसर ठीक करने का दावा,13 लाख ठगे:टीवी-विज्ञापन से फंसा परिवार, सोना गिरवी रखा, कर्ज लिया, पैसे मांगने पर CBI का डर दिखाया

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बालोद, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बालोद में महिला और उसका परिवार टीवी पर दिखाए गए ज्योतिष के विज्ञापन के झांसे में आ गया। आरोप है कि ठगों ने पूजा-पाठ से चौथे स्टेज का कैंसर ठीक करने का दावा किया और महिला से अलग-अलग खातों में 13 लाख 13 हजार 673 रुपए जमा करा लिए।

जब पति की तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ और पत्नी ने पैसे वापस मांगे। ऐसे में आरोपियों ने पुलिस, सीबीआई और हत्या के मामले में फंसाने की धमकी दी। महिला ने पति के इलाज की उम्मीद में अपना सोना गिरवी रखा और परिचितों से कर्ज लेकर यह रकम जुटाई।

महिला की शिकायत पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के वेद प्रकाश तिवारी, सृजन तिवारी, राहुल तिवारी समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, ठगी का यह सिलसिला 28 नवंबर 2024 से 30 मई 2026 तक चलता रहा। मामला रनचिरई थाना क्षेत्र के ग्राम सिर्री का है।

पीड़ित महिला का नाम प्रेमलता चंद्राकर (55) है। उनका परिवार खेती-किसानी करता है। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके पति ऋषि चंद्राकर चौथे स्टेज के कैंसर से पीड़ित हैं। धार्मिक चैनल पर पं. वेद प्रकाश तिवारी की लक्ष्मी नारायण ज्योतिष संस्था का विज्ञापन देखने के बाद उन्होंने दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया।

आरोप है कि बातचीत के दौरान उन्हें भरोसा दिलाया गया कि पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों से उनके पति पूरी तरह ठीक हो जाएंगे। इसके बाद अलग-अलग पूजा और अनुष्ठानों के नाम पर उनसे पैसे मांगे जाने लगे। आरोपी राहुल तिवारी ने सबसे पहले बारकोड के जरिए 30 हजार रुपए जमा कराए।

इसके बाद 28 नवंबर 2024 को फोन-पे के माध्यम से 18 हजार रुपए और भेजने के लिए कहा गया। पति के स्वस्थ होने की उम्मीद में प्रेमलता चंद्राकर ने अलग-अलग बैंक खातों, फोन-पे, गूगल-पे और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से लगातार रकम भेजी।

बेटी और परिचितों के खातों से भी भेजी रकम

प्रेमलता चंद्राकर ने बताया कि बेटी रूही चंद्राकर से 2.30 लाख रुपए, परिचित अमन देवांगन के जरिए 7 लाख 40 हजार 673 रुपए, नेहुल निर्मल से 25 हजार रुपए, तुषार साहू से 40 हजार रुपए, जयंत देशमुख से 73 हजार रुपए और छत्रपाल साहू से 2.05 लाख रुपए आरोपियों के बताए खातों और मोबाइल नंबरों पर ट्रांसफर कराए। इस तरह कुल 13 लाख 13 हजार 673 रुपए भेजे गए।

पैसे लौटाने का झांसा देकर फिर किया संपर्क

आरोप है कि बाद में पं. वेद प्रकाश तिवारी के नाम से फिर फोन आया। कॉल करने वाले ने कहा कि संस्था के कुछ लोगों ने उनके नाम का गलत इस्तेमाल कर ठगी की है। उसने भरोसा दिलाया कि महिला की पूरी रकम 2 महीने के भीतर वापस करा दी जाएगी।

पुलिस और CBI का डर दिखाकर फिर मांगे रुपए

प्रेमलता चंद्राकर का आरोप है कि बाद में उन्हें बताया गया कि राहुल तिवारी के पिता ने आत्महत्या कर ली है और सुसाइड नोट में उसका और वेद प्रकाश तिवारी का नाम लिखा है।

आरोपियों ने कहा कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो उत्तर प्रदेश पुलिस उसके घर पहुंचेगी, सीबीआई जांच होगी और उसे हत्या के मामले में फंसा दिया जाएगा। डर दिखाकर उससे फिर ऑनलाइन पैसे मांगे गए।

पति की बीमारी का उठाया फायदा

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उनके पति चौथे स्टेज के कैंसर से पीड़ित हैं। उन्हें बचाने की उम्मीद में उसने सोना गिरवी रखा और कई लोगों से कर्ज लेकर पैसे जुटाए। आरोप है कि ठगों ने उनकी मजबूरी और भावनात्मक स्थिति का फायदा उठाया। इस दौरान उन्होंने महिला का फोटो, आधार कार्ड और पैन कार्ड भी व्हाट्सऐप पर मंगवा लिया।

कई मोबाइल नंबरों पर किए गए ट्रांजेक्शन

एफआईआर में महिला ने नवंबर 2024 से मई 2026 के बीच अलग-अलग मोबाइल नंबरों और यूपीआई आईडी पर किए गए कई ट्रांजेक्शन की जानकारी पुलिस को दी है। सबसे ज्यादा रकम अमन देवांगन के बैंक खातों के जरिए भेजी गई। इसके अलावा बेटी और अन्य परिचितों के माध्यम से भी कई बार पैसे ट्रांसफर किए गए।

ASP बोलीं- केस दर्ज, जांच जारी

एएसपी मोनिका ठाकुर ने बताया कि महिला की शिकायत पर रनचिरई थाने में वेद प्रकाश तिवारी, सृजन तिवारी, राहुल तिवारी और अन्य आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 3(5) और 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस जांच कर रही है और जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

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रायपुर : सड़क परिवहन और यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

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मुख्यमंत्री ने परिवहन सुरक्षा बेड़े में शामिल 48 वाहनों को झंडी दिखाकर किया रवाना

मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग के कर्मियों को सौंपी वाहनों की चाबी

मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग के कर्मियों को सौंपी वाहनों की चाबी

रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि हमारी सरकार सड़क परिवहन और यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। परिवहन और यातायात सुरक्षा में लगे उड़नदस्ता दल को 48 नवीन वाहनों की तैनाती से दुर्घटनाओं में निश्चित रूप से कमी आएगी, यातायात सुग़म होगा और लोगों में ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर जागरूकता बढ़ेगी। श्री साय आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस मौके पर परिवहन विभाग के निरीक्षकों को इन वाहनों की चाबी सौंपी। 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश सरकार सड़क यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। नवीन शासकीय वाहनों की मदद से परिवहन उड़नदस्ता दल नियमों का उल्लंघन करने वालों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। उड़नदस्ता दल की कार्यक्षमता में वृद्धि, सड़क दुर्घटनाओं में कमी, सुरक्षा मानकों का बेहतर क्रियान्वयन और यातायात व्यवस्था में सुधार व अनुशासन बनाए रखने में यह पहल मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि इससे दूरदराज के क्षेत्रों में भी परिवहन दस्ते की निगरानी और पहुंच सुनिश्चित होगी। 
ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील
मुख्यमंत्री श्री साय ने हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करने और ट्रैफिक नियमों का पालन कर दूसरों के जीवन की रक्षा करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही हम एक सुरक्षित, संयमित और संवेदनशील सड़क परिवेश का निर्माण कर सकते हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने लोगों से नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने की अपील भी की। 
    इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, सचिव सह परिवहन आयुक्त एस. प्रकाश, अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर सहित परिवहन विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

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90 ग्राम की जगह निकला 70 ग्राम Surf Excel, HUL को देना पड़ा हर्जाना

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नैनीताल, एजेंसी। अगर किसी प्रोडक्ट के पैकेट पर लिखा वजन और अंदर मौजूद सामान का वजन अलग निकले, तो ग्राहक कानूनी कार्रवाई कर सकता है। उत्तराखंड में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां Surf Excel के कम वजन वाले पैकेट को लेकर उपभोक्ता ने HUL के खिलाफ केस जीता और कंपनी को मुआवजा देना पड़ा।

90 ग्राम की जगह निकला 70 ग्राम

मामला सितंबर 2020 उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर निवासी ज्ञान चंद्र गर्ग का है। गर्ग ने Surf Excel EW डिटर्जेंट का एक पैक खरीदा। आरोप है कि पैक पर 90 ग्राम लिखा था लेकिन तौलने पर उसका वजन केवल 70 ग्राम निकला। कंपनी और विक्रेता से समाधान नहीं मिलने पर उन्होंने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, नैनीताल का रुख किया।

जिला आयोग ने HUL को ठहराया जिम्मेदार

सुनवाई के दौरान आयोग ने सीलबंद पैकेट का वजन कराया, जिसमें वजन 70 ग्राम ही पाया गया। आयोग ने HUL को मानसिक पीड़ा और आर्थिक नुकसान के लिए 50,000 रुपए तथा मुकदमेबाजी खर्च के रूप में 10,000 रुपए देने का आदेश दिया। साथ ही अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए अलग से 50,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया था।

राज्य आयोग ने मुआवजा घटाया

HUL ने इस आदेश को राज्य उपभोक्ता आयोग में चुनौती दी। राज्य आयोग ने माना कि कम वजन वाला उत्पाद बेचना अनुचित व्यापार व्यवहार है और कंपनी की अपील खारिज कर दी। हालांकि, आयोग ने मानसिक पीड़ा और आर्थिक नुकसान के लिए दिए गए मुआवजे को 50,000 रुपए से घटाकर 40,000 रुपए कर दिया। वहीं 10,000 रुपए का मुकदमेबाजी खर्च बरकरार रखा और 50,000 रुपए का अलग जुर्माना रद्द कर दिया।

कोर्ट ने क्या कहा?

राज्य आयोग ने कहा कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत जिला आयोग को मामले की सुनवाई का पूरा अधिकार है। आयोग ने यह भी माना कि शिकायतकर्ता ने पर्याप्त और विश्वसनीय साक्ष्यों के आधार पर साबित किया कि उसे कम वजन वाला उत्पाद बेचा गया, जो स्पष्ट रूप से अनुचित व्यापार व्यवहार है।

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बाँकी मोगरा

पीएम श्री स्वामी आत्मानंद हिंदी/अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय बांकीमोंगरा में छात्र परिषद चुनाव लोकतांत्रिक मतदान प्रक्रिया से संपन्न

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संवाददाता साबीर अंसारी

बांकी मोगरा:– पीएम श्री स्वामी आत्मानंद हिंदी/अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय, बांकीमोंगरा, जिला कोरबा (छत्तीसगढ़) में दिनांक 21 जुलाई 2026, मंगलवार को प्राचार्य श्री एस. डिंडोरे के निर्देशन में हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम के छात्र परिषद का चुनाव लोकतांत्रिक एवं पारदर्शी मतदान प्रक्रिया के माध्यम से सफलतापूर्वक एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ।

चुनाव कार्यक्रम के अंतर्गत सर्वप्रथम विद्यालय के दोनों माध्यमों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की पृथक-पृथक मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) तैयार की गई। इसके पश्चात विभिन्न पदों के लिए नामांकन पत्र प्राप्त किए गए, उनकी जांच की गई तथा नियमानुसार नाम वापसी की प्रक्रिया पूर्ण कर अंतिम प्रत्याशियों की सूची प्रकाशित की गई।

चुनाव प्रचार के लिए निर्धारित अवधि में हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम के सभी प्रत्याशियों ने विद्यालय की विभिन्न कक्षाओं में जाकर लोकतांत्रिक एवं अनुशासित ढंग से अपना प्रचार-प्रसार किया तथा छात्र-छात्राओं से अपने पक्ष में मतदान करने की अपील की। प्रत्याशियों ने अपने विचार, योजनाएँ एवं छात्रहित से जुड़े संकल्प विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुत किए। विद्यालय प्रशासन ने संपूर्ण चुनाव प्रचार को निर्वाचन आचार संहिता एवं विद्यालयीन अनुशासन के अनुरूप शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराया।

निर्धारित कार्यक्रमानुसार मतदान दल का गठन किया गया तथा मतदान सामग्री का वितरण कर मतदान प्रक्रिया प्रारंभ की गई। विद्यालय के दोनों माध्यमों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। सम्पूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया का सफल संचालन, मतदान दल का गठन, निर्वाचन सामग्री का वितरण, मतदान एवं मतगणना का कार्य तथा चुनाव को सुव्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने का दायित्व पीएम श्री प्रभारी द्वय श्री एस. एस. पैकरा एवं श्री बी. के. शर्मा के कुशल मार्गदर्शन एवं देखरेख में सम्पन्न हुआ। विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों ने भी निर्वाचन कार्य में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।

हिंदी माध्यम में विभिन्न पदों के लिए प्रत्याशी इस प्रकार रहे— शाला नायक पद हेतु तन्मय साहू, चैतन्य दास, सुमित दास एवं प्राची साहू; उप शाला नायक पद हेतु नियति बंजारे एवं नंदनी सोनी; सचिव पद हेतु आर्यन सांडे एवं आकाशी महंत; सांस्कृतिक सचिव पद हेतु रिया यादव, स्तुति चौहान, तृप्ति यादव एवं रुचिपाल; अनुशासन सचिव पद हेतु युवराज मौर्य, अशनुर चौहान, चन्द्र प्रभा साहू एवं निशा कुमारी; क्रीड़ा सचिव पद हेतु महेंद्र महंत, तरुण कुमार रवानी, सुमित कुमार एवं मोहम्मद अरमान; स्वच्छता सचिव पद हेतु डाली जायसवाल, ममता पाटले, पूजा जांगड़े एवं सिद्धी तथा पर्यावरण सचिव पद हेतु मुस्कान कौर, गरिमा महंत एवं नीरज दास ने चुनाव लड़ा।

अंग्रेजी माध्यम में शाला नायक पद हेतु आशी बर्मन एवं आशी राय; उप शाला नायक पद हेतु मनीष प्रताप एवं अंशु देवांगन; सचिव पद हेतु प्रतीक्षा जायसवाल एवं पल्लवी यादव; सांस्कृतिक सचिव पद हेतु श्वेता चित्रकार एवं काकुल आजाद; अनुशासन सचिव पद हेतु सुनिधि शर्मा एवं कुमारी आकांक्षा; क्रीड़ा सचिव पद हेतु सामिया एवं अभिकांत साहू; स्वच्छता सचिव पद हेतु रिया सिन्हा एवं निधि महंत तथा पर्यावरण सचिव पद हेतु भूमि साहू एवं तमन्ना कुर्रे ने अपनी उम्मीदवारी प्रस्तुत की।

मतगणना उपरांत हिंदी माध्यम में शाला नायक पद पर तन्मय साहू, उप शाला नायक पद पर नियति बंजारे, सचिव पद पर आर्यन सांडे, सांस्कृतिक सचिव पद पर रिया यादव, अनुशासन सचिव पद पर युवराज मौर्य, क्रीड़ा सचिव पद पर महेंद्र महंत, स्वच्छता सचिव पद पर डाली जायसवाल तथा पर्यावरण सचिव पद पर मुस्कान कौर निर्वाचित हुए।

इसी प्रकार अंग्रेजी माध्यम में शाला नायक पद पर आशी बर्मन, उप शाला नायक पद पर मनीष प्रताप, सचिव पद पर पल्लवी यादव, सांस्कृतिक सचिव पद पर काकुल आजाद, अनुशासन सचिव पद पर कुमारी आकांक्षा, क्रीड़ा सचिव पद पर अभिकांत साहू, स्वच्छता सचिव पद पर रिया सिन्हा तथा पर्यावरण सचिव पद पर भूमि साहू विजयी घोषित किए गए।

प्राचार्य श्री एस. डिंडोरे ने सभी निर्वाचित छात्र प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि छात्र परिषद विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, उत्तरदायित्व, अनुशासन, सहयोग एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के विकास का सशक्त माध्यम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नव-निर्वाचित प्रतिनिधि विद्यालय की प्रगति एवं छात्रहित में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

अंत में प्राचार्य ने पीएम श्री प्रभारी द्वय श्री एस. एस. पैकरा एवं श्री बी. के. शर्मा, निर्वाचन कार्य में संलग्न समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं, कर्मचारियों तथा छात्र-छात्राओं का सफल एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन सम्पन्न कराने हेतु आभार व्यक्त किया तथा सभी निर्वाचित छात्र प्रतिनिधियों के उज्ज्वल एवं सफल कार्यकाल की शुभकामनाएँ दीं।

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नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा

बांकी मोगरा: सुरक्षित थाना परिसर से 18 चक्का ट्रेलर का शीशा तोड़कर सामान पार, उठ रहे कई गंभीर सवाल,,,देखे पूरी खबर

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संवाददाता साबीर अंसारी

बांकी मोगरा। थाना बाकी मोगरा परिसर से इन दिनों एक अजीबोगरीब मामले को लेकर चर्चा में है। थाने के भीतर खड़ी एक जप्त गाड़ी से कीमती सामान चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई गई है। एक तरफ जहां वाहन मालिक ने सामान गायब होने का दावा किया है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस प्रशासन का कहना है कि 24 घंटे सुरक्षा वाले परिसर से चोरी होना नामुमकिन है। बहरहाल, पुलिस ने मामले की निष्पक्ष जांच शुरू कर दी है।

क्या है पूरा माजरा? – प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बीते 20 जून को खनन विभाग (माइनिंग डिपार्टमेंट) ने ओवरलोडिंग के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ट्रांसपोर्टर संजय यादव के 18 चक्का ट्रेलर (क्रमांक: सीजी 30 एफ 8112) को चांदनी चौक से जप्त किया था। कानूनी कार्रवाई के बाद गाड़ी को सुरक्षित रखने के लिए बांकी मोगरा थाना परिसर में खड़ा करवा दिया गया।

पीड़ित का दावा:– वाहन मालिक संजय यादव ने बताया कि परसों वह गाड़ी को स्टार्ट करने और बैटरी चार्ज करने थाना परिसर आए थे, तब तक सब कुछ ठीक था। लेकिन आज, 12 जुलाई को जब वे दोबारा पहुंचे, तो गाड़ी के ड्राइवर साइड का शीशा टूटा हुआ मिला। वाहन के अंदर रखा जैक, टोचन, टेप रिकॉर्डर और ड्राइवर का झोला समेत अन्य सामान गायब था।

थाना प्रभारी का रुख: “सुरक्षा पुख्ता, हर एंगल से होगी जांच”

इस संवेदनशील और हैरान करने वाले मामले पर बांकी मोगरा थाना प्रभारी ने बेहद जिम्मेदारी भरा बयान दिया है। उन्होंने कहा: “थाना परिसर में पुलिसकर्मियों की चौबीसों घंटे मौजूदगी रहती है, इसलिए यहाँ से चोरी होना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। फिर भी, प्रार्थी की शिकायत को पूरी गंभीरता से लिया गया है। यह वाकई चोरी का मामला है या इसके पीछे कोई और कहानी है, यह निष्पक्ष जांच के बाद ही साफ होगा।”

पुलिस ने प्रार्थी और स्थानीय लोगों को आश्वासन दिया है कि मामले की तह तक जाने के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य पहलुओं की गहराई से तफ्तीश की जा रही है।

सवालों के घेरे में कानून व्यवस्था: क्या पुलिस को दी जा रही है चुनौती?

क्या चोरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे अब थाने के भीतर भी हाथ साफ करने से नहीं कतरा रहे?

क्या इलाके में कोई ऐसा शातिर गिरोह सक्रिय है जो पुलिस को सीधे चुनौती दे रहा है?

पुरानी घटनाओं पर भी अटकी सुई:– स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ दिनों पहले ही थाने से चंद कदमों की दूरी पर एक सूने मकान में अज्ञात चोरों ने सोने के जेवरात और मोटरसाइकिल पार कर दी थी, जिसका सुराग पुलिस अब तक नहीं लगा पाई है। चर्चाएं यह भी हैं कि क्षेत्र में बढ़ रही चोरियों के कई मामले सिर्फ कागजों और आवेदनों तक ही सीमित रह गए हैं, जिससे चोर बेखौफ घूम रहे हैं।

फिलहाल क्या है स्थिति? :– फिलहाल, थाना प्रभारी ने इस संबंध में ज्यादा विवरण साझा नहीं किया है, लेकिन पुलिस टीम जल्द ही सच सामने लाने और दोषियों को सलाखों के पीछे भेजने का दावा कर रही है। वहीं, इस अनोखी ‘चोरी’ को लेकर पूरे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं आम हैं। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या हकीकत निकलकर सामने आती है।

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