छत्तीसगढ़ी एक्ट्रेस को लुटेरों ने ट्रेन में मारा मुक्का:ज्योत्सना बोलीं-रीवा-बिलासपुर एक्सप्रेस में गेट लॉककर 20 यात्रियों से लूटपाट, RPF-GRP से भी नहीं मिली मदद
बिलासपुर, एजेंसी। मध्यप्रदेश के रीवा से होकर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर तक चलने वाली रीवा-बिलासपुर एक्सप्रेस में कटनी स्टेशन के आस-पास 20 जून की रात लुटेरों ने खूब आतंक मचाया। रीवा से दुर्ग आ रही छत्तीसगढ़ी एक्ट्रेस से लूट की कोशिश की गई। विरोध करने पर लुटेरों ने एक्ट्रेस के चेहरे पर मुक्का मार दिया।
ज्योत्सना ताम्रकार ने बताया कि आउटर में ट्रेन के रुकते ही 12 से ज्यादा बदमाश अंदर घुसे। गेट बंदकर 20 से अधिक लोगों को अपना शिकार बनाया। उन्होंने इस घटना की शिकायत भी की, लेकिन RPF और GRP से कोई मदद नहीं मिली।
रीवा-बिलासपुर एक्सप्रेस में 20 से ज्यादा लोगों से लूटपाट हुई है। 12 से ज्यादा की संख्या में पहुंचे थे लुटेरे।
बचाव में बदमाश का हाथ पकड़ा तो मुक्का मारा
दरअसल, दुर्ग की रहने वाली ज्योत्सना छत्तीसगढ़ी फिल्म की एक्ट्रेस हैं। वो रायपुर में रहती हैं। बीते 17 जून को वो पारिवारिक काम से अपनी मौसी के घर रीवा गई थी, जहां से 19 जून की रात करीब 10 बजे रीवा-बिलासपुर एक्सप्रेस में सवार हुईं। ट्रेन में स्लीपर कोच में साइड लोअर बर्थ मिला था।
रात करीब 2 बजे ट्रेन कटनी स्टेशन पहुंची, तभी ज्योत्सना अपनी सीट पर मोबाइल देख रहीं थी। बैग सिरहाने पर था। इसी दौरान खिड़की से लुटेरे आए। मोबाइल और बैग लूटने की कोशिश की, जिसका ज्योत्सना ने विरोध किया।
इस दौरान एक बदमाश के हाथ को कसकर पकड़ लिया। नहीं छोड़ने पर बदमाश ने मुक्का मार दिया। मारपीट में आंख के नीचे चोंटें आई। लुटेरे के हमला करने के बाद 139 पर शिकायत भी की, लेकिन कोई मदद नहीं मिली।
बिलासपुर पहुंचते ही ज्योत्सना ने वीडियो जारी कर आपबीती बताई। कहा कि उनसे लूट की कोशिश हुई। उन्हें मुक्का मारा गया, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने मदद नहीं की।
20 से ज्यादा यात्रियों से वारदात
ज्योत्सना ने बताया कि कटनी स्टेशन में 20 से अधिक यात्रियों से लूटपाट और चोरी की गई। रात में ज्यादातर यात्री नींद में थे। उसी समय मौका पाकर गैंग के सदस्यों ने अलग-अलग बोगी में वारदात को अंजाम दिया। एसी कोच से लेकर स्लीपर कोच में 20 से अधिक यात्रियों का सामान पार कर दिया।
ट्रेन में की रेकी, गेट बंदकर वारदात को दिया अंजाम
ज्योत्सना ने बताया कि लुटेरों ने स्टेशन पहुंचने से पहले ही गेट को बाहर से बंद कर दिया था, ताकि यात्री हंगामा न मचा सके। पहले से उन्होंने यात्रियों के सामानों को टारगेट कर लिया था। यही वजह है कि स्टेशन पहुंचते ही उन्होंने यात्रियों का सामान पार करना शुरू कर दिया।
ट्रेन में गायब रहे RPF और GRP के जवान
ज्योत्सना ने बताया कि ट्रेन में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। न तो RPF के जवान थे और न ही GRP, जब उन्हें पता चला कि कई यात्रियों से इस तरह की वारदात हुई है, जिसके बाद 139 में कॉल कर शिकायत की।
उन्हें बताया गया कि अगले स्टेशन पर सुरक्षा बल आएगा, लेकिन वहां भी कोई नहीं आया। बार-बार कॉल करने के बाद नरसिंहपुर स्टेशन में जवान आए और उनका बयान दर्ज किया।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने के बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे और ज्योत्सना से पूछताछ की।
VIDEO बनाकर एक्स पर शेयर की, तब पहुंचे अधिकारी
ज्योत्सना ने बताया कि वह बिलासपुर स्टेशन पहुंची। यहां करीब एक घंटे तक वो रेलवे के जिम्मेदार अफसरों के आने का इंतजार करती रहीं, लेकिन कोई नहीं पहुंचा, तब उन्होंने स्टेशन पर एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया। वीडियो को पीएम, रेलमंत्री से लेकर रेलवे के अधिकारियों को भी टैग किया। तब जाकर जीआरपी प्रभारी पहुंचे।
जीआरपी प्रभारी ने भी किया गुमराह- ज्योत्सना
ज्योत्सना ने बताया कि जीआरपी प्रभारी ने उनसे पूछताछ की। उन्होंने कहा कि घटना कटनी जीआरपी क्षेत्र में हुई है। उन्हें वहां जाकर शिकायत करनी पड़ेगी। यहां उनकी शिकायत ले लिया जाएगा, लेकिन बयान दर्ज कराने और कोर्ट की पेशी में जाने के लिए उन्हें चक्कर लगाना पड़ेगा। यह सुनकर ज्योत्सना हैरान रह गई।
उन्होंने बताया कि रेलवे के अधिकारी उन्हें भ्रमित करते रहे। अब वो इस मामले में रायपुर जीआरपी में जाकर शिकायत करेंगी।
30-35 साल से हो रही घटना फिर भी रेलवे को ध्यान नहीं
ज्योत्सना ने कहा कि कटनी-शहडोल सहित आसपास के स्टेशनों में इस तरह की घटना पहली बार नहीं हुई है। यह घटना उनकी दादी-नानी के समय से हो रही है। 35-40 साल बाद भी रेलवे के अफसर ट्रेन में हो रही इस तरह की लूटपाट और चोरी की घटना पर अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं।
जानिए कौन है ज्योत्सना ताम्रकार ?
ज्योत्सना 3-4 फिल्मों में काम कर चुकी हैं, जिसमें मार डरे मया म, कुरुक्षेत्र और जवानी जिंदाबाद जैसी छत्तीसगढ़ी फिल्में शामिल हैं। इसके अलावा 15-20 छत्तीसगढ़ी एल्बम कर चुकी हैं, जो यूट्यूब में अपलोड हैं। वह एक डांसर भी हैं।
वहीं मामले में बिलासपुर रेल मंडल सीनियर DCM अनुराग कुमार सिंह ने बताया कि एक्ट्रेस के मुताबिक कटनी स्टेशन के आउटर में हुआ है। मामला मारपीट और छीना-झपटी का है। इसमें पहली प्राथमिकता जिला पुलिस की है। अगर रनिंग ट्रेन में वारदात होती तो GRP की जिम्मेदारी होती। इस तरह की गतिविधियों पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी जिला पुलिस की है।
रायपुर, एजेंसी। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पुलिस पदकों की घोषणा की है। इस बार छत्तीसगढ़ पुलिस के 152 अधिकारी और जवान अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित होंगे। इनमें 141 को वीरता पदक, 10 को सराहनीय सेवा पदक और 1 अधिकारी को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक दिया जाएगा।
बता दें कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वीरता और अदम्य साहस का परिचय देने वाले सेना के जवानों, अफसरों और पुलिस अधिकारियों और जवानों को अवार्ड से सम्मानित किया जाता है। नक्सल प्रभावित इलाकों में लंबे समय तक चले अभियानों में अहम भूमिका निभाने वाले अधिकारियों को इस बार खास तौर पर सम्मानित किया गया है।
वीरता पदक पाने वाले प्रमुख अधिकारियों में आईजी पी. सुंदरराज, आईजी इंदिरा कल्याण एलेसेला, एएसपी संदीप पटेल और एएसपी रॉबिन्सन गुड़िया शामिल हैं। आईजी पी. सुंदरराज को नक्सल विरोधी अभियानों का बेहतर तरीके से नेतृत्व करने और माओवादी नेटवर्क को कमजोर करने के लिए किए गए काम के लिए वीरता पदक दिया गया है।
आईजी पी. सुंदरराज, आईजी इंदिरा कल्याण एलेसेला को किया जाएगा वीरता पदक से सम्मानित।
आईजी एलेसेला, एएसपी रॉबिंसन को भी वीरता पदक
आईजी इंदिरा कल्याण एलेसेला को नक्सल प्रभावित इलाकों में साहस के साथ नेतृत्व करने के लिए वीरता पदक दिया जाएगा। एएसपी संदीप पटेल और एएसपी रॉबिंसन गुड़िया को भी विशेष अभियानों में बहादुरी दिखाने के लिए वीरता पदक से सम्मानित किया जाएगा।
सीनियर IPS अधिकारी कोटवानी को राष्ट्रपति पदक
विशिष्ट सेवा के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एमएल कोटवानी को राष्ट्रपति पदक दिया जाएगा। पुलिस सेवा में उनके लंबे अनुभव, बेहतर प्रशासन और उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए उन्हें इस सम्मान के लिए चुना गया है।
सराहनीय सेवा पदक पाने वालों में कमांडेंट गायत्री सिंह, एएसपी दीपमाला कश्यप के नाम।
सराहनीय सेवा के लिए इन अफसरों को मिलेगा सम्मान
सराहनीय सेवा पदक पाने वालों में कमांडेंट गायत्री सिंह, कमांडेंट ओम प्रकाश शर्मा, अतिरिक्त डीसीपी डॉ. अर्चना झा, एएसपी दीपमाला कश्यप, डिप्टी कमांडेंट रमा पटेल, इंस्पेक्टर पिनाकी, डीएसपी सविता सिंह परिहार, असिस्टेंट कमांडेंट बृजेश कुमार तिवारी, कंपनी कमांडर राकेश कुमार सिंह और प्लाटून कमांडर नेहरू लाल शामिल हैं।
मनीषा ठाकुर रावटे सराहनीय सेवा पदक 20 वाहनी बटालियन की कमांडेंट है। डायल 112 प्रोजेक्ट में महत्तवपूर्ण भूमिका निभाई थी।
रायपुर, एजेंसी। रायपुर के एक कार्यक्रम में सरेंडर नक्सली महिलाओं ने रैंप वॉक किया। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर प्रदेश स्तरीय बुनकर सम्मेलन और स्वदेशी एक्सपो आयोजित किया गया था। जहां पूर्व महिला नक्सलियों ने कोसा साड़ी पहनकर हैंडलूम कपड़ों का प्रदर्शन किया।
यह फैशन शो सिर्फ पारंपरिक परिधानों का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि बदलते बस्तर और मुख्यधारा से जुड़कर नई जिंदगी शुरू कर रही महिलाओं की प्रेरक कहानी भी सामने लेकर आया। कभी बंदूक और हिंसा के साए में जीवन बिताने वाली इन महिलाओं ने आत्मविश्वास के साथ रैंप पर कदम रखा।
रैंप वॉक की तस्वीरें देखें…
कोसा सिल्क पहनकर उतरीं सरेंडर नक्सली महिलाएं।
रैंप पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध हथकरघा परंपरा की झलक दिखी।
रैंप वॉक करने वाली सभी महिलाएं पहली बार रायपुर पहुंची थीं।
रैंप वॉक के जरिए दिया संदेश
स्वदेशी फैशन शो में आत्मसमर्पित महिलाओं ने पूरे आत्मविश्वास के साथ रैंप वॉक किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक बुनाई और कोसा सिल्क से तैयार आकर्षक परिधानों को प्रदर्शित किया।
सरेंडर नक्सलियों ने रैंप वॉक के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया कि हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने के बाद सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन की नई शुरुआत संभव है।
कभी बंदूक के साए में जीवन बिताने वाली इन महिलाओं ने आत्मविश्वास के साथ रैंप पर कदम रखा।
सभी महिलाएं पहली बार रायपुर पहुंची
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि रैंप वॉक करने वाली लगभग सभी महिलाएं पहली बार रायपुर पहुंची थीं। उनके लिए यह अनुभव बेहद खास और यादगार रहा। पारंपरिक परिधानों में रैंप पर चलती महिलाओं के चेहरे पर आत्मविश्वास और उत्साह साफ नजर आया।
कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी आत्मसमर्पित महिलाओं से आत्मीय संवाद किया और उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने महिलाओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यधारा में लौट रहे लोगों के लिए शो
यह फैशन शो सरकार की पुनर्वास नीति के तहत मुख्यधारा में लौट रहे लोगों के सम्मान, आत्मनिर्भरता और नए अवसरों की दिशा में सकारात्मक संदेश के रूप में सामने आया।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के कोसा और पारंपरिक हथकरघा उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के प्रीमियम हैंडलूम ब्रांड ‘कोशल फैब’ का शुभारंभ किया।
रैंप वॉक पर दिखी हथकरघा परंपरा की झलक
रैंप पर कोसा सिल्क पहनकर उतरीं आत्मसमर्पित महिलाओं ने एक तरफ छत्तीसगढ़ की समृद्ध हथकरघा परंपरा की झलक दिखाई, वहीं दूसरी ओर बदलते बस्तर की ऐसी तस्वीर पेश की, जिसमें बंदूक की जगह हुनर और हिंसा की जगह आत्मनिर्भरता नजर आई।
‘लोकल टू ग्लोबल’ की ओर बढ़ते छत्तीसगढ़ में इन महिलाओं की मौजूदगी ने यह संदेश भी दिया कि पुनर्वास और अवसर मिलने पर वे अपनी नई पहचान और सम्मानजनक भविष्य बना सकती हैं।
जांजगीर-चांपा। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा, जिला जांजगीर-चांपा की प्रथम परिचयात्मक बैठक गुरुवार, 13 अगस्त को जिला कार्यालय जांजगीर-चांपा में आयोजित की गई। बैठक भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती विभा अवस्थी के निर्देशानुसार एवं जिला अध्यक्ष श्रीमती संतोषी सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुई।
बैठक का उद्देश्य महिला मोर्चा को जिले में और अधिक सशक्त एवं सक्रिय बनाना तथा संगठनात्मक गतिविधियों को बूथ एवं मंडल स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचाना रहा। बैठक में महिला कार्यकर्ताओं की अधिक से अधिक भागीदारी, संगठन विस्तार तथा आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम में जिला संगठन प्रभारी रामदेव कुमावत, जिला संगठन सह प्रभारी राजेंद्र वैष्णव, जिला भाजपा अध्यक्ष अंबेश जांगड़े, प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
वहीं विशेष अतिथि के रूप में महिला मोर्चा भाजपा जिला प्रभारी श्रीमती पुनिता डहरिया, जिला सह प्रभारी श्रीमती विभा गौरहा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यालता मीरी, बलौदा जनपद पंचायत, जिला महामंत्री श्रीमती नन्दनी राजवाड़े, जिला महामंत्री शक्ति श्रीमती मोहन कुमारी साहू, अध्यक्ष श्रीमती शारदा सनत देवांगन, नवागढ़ जनपद अध्यक्ष श्रीमती प्रीति देवी सिंह, नपा अध्यक्ष श्रीमती रेखा गढ़वाल, नपं अध्यक्ष श्रीमती अर्चना देवांगन, जिला पंचायत सभापति श्रीमती प्रियंका सिंह, श्रीमती संतोषी रात्रे की गरिमामयी उपस्थिति रही।
बैठक में जिला एवं मंडल स्तर की महिला मोर्चा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बहनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। उपस्थित अतिथियों ने महिला कार्यकर्ताओं को संगठन को मजबूत करने, सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने तथा महिलाओं को पार्टी की विचारधारा एवं संगठन से जोड़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का मंच संचालन भाजपा महिला मोर्चा जिला जांजगीर-चांपा की जिला महामंत्री डॉ. धनेश्वरी जागृति ने किया। अंत में महिला मोर्चा की ओर से सभी अतिथियों एवं उपस्थित कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त जिला उपाध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा डेहरे द्वारा किया गया।
बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित रहे संतोष लहरे, अमर सुल्तानिया, रवि पाण्डेय, प्रदीप श्रॉफ, श्रीमती उमा सोनी, श्रीमती संगीता पाण्डेय, श्रीमती, पूजा राठौर, श्रीमती संजीत माली, श्रीमती प्रेमलता कौशिक, श्रीमती अन्नपूर्णा सोनी, श्रीमती मेघा यादव, श्रीमती संतोषी बरेठ, श्रीमती रोशनी राठौर, श्रीमती कल्याणी केशरवानी, श्रीमती शशि राठौर, श्रीमती पुष्पा सिंह, श्रीमती मनीषा गोपाल, श्रीमती पूनम राय,श्रीमती पूनम अग्रवाल सहित सभी मंडल के महिला मोर्चा की अध्यक्ष महामंत्री एवं जिला एवं मंडल पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रहीं और महिला मोर्चा को जिले में और अधिक प्रभावी एवं सशक्त बनाने का संकल्प लिया।