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विदेश

इजराइल का ईरान में टारगेट अटैक, दावा- सैकड़ों सैनिक मारे:ईरान बोला- परमाणु कार्यक्रम नहीं रोकेंगे, ट्रम्प ने जंग शुरू की, खत्म हम करेंगे

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तेहरान/तेल अवीव,एजेंसी। इजराइल ने सोमवार दोपहर ईरान की राजधानी तेहरान में ईरानी सेना की यूनिट इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े ठिकानों पर हमले किए। इसमें सैकड़ों सैनिकों के मारे जाने का दावा है।

इजराइली सेना ने बताया कि उसने तेहरान में एविन जेल, इजराइल डिस्ट्रक्शन घड़ी, IRGC के बासिज फोर्स का हेडक्वार्टर और इंटरनल सिक्योरिटी हेडक्वार्टर को टारगेट किया था।

इससे पहले इजराइल ने ईरान के फोर्डो न्यूक्लियर साइट पर हमला किया। ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने बताया कि यह हमला ठीक उसी जगह किया गया, जहां रविवार सुबह अमेरिका ने बस्टर बम गिराए थे।

इजराइल ने ईरान के 6 एयरपोर्ट- मशहद, तेहरान, हमादान, देजफुल, शाहिद बख्तरी और तबरीज पर भी ड्रोन हमले लिए। इनमें ईरान के 15 फाइटर जेट और हेलिकॉप्टर नष्ट करने का दावा किया गया है।

इस बीच, ईरान के उप विदेश मंत्री माजिद तख्त रवांची ने कहा कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम नहीं रोकेगा। ईरान की मिलिट्री सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फागरी ने कहा, ‘गैम्बलर ट्रम्प, आपने युद्ध शुरू जरूर किया है, लेकिन इसे खत्म हम करेंगे।’

ट्रम्प ने ईरान में तख्तापलट का इशारा किया दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान में तख्तापलट के मुद्दे पर बात की। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा- अगर मौजूदा ईरानी सरकार ‘ईरान को फिर से महान’ नहीं बना सकती, तो सत्ता परिवर्तन क्यों नहीं होना चाहिए? मेक ईरान ग्रेट अगेन।

अमेरिका ने कल ईरान में 3 परमाणु ठिकानों पर हमला करके जंग में एंट्री की। ये ठिकाने फोर्डो, नतांज और इस्फहान थे। इस ऑपरेशन में 7 B-2 स्टेल्थ बॉम्बर्स ने हिस्सा लिया था, जिन्होंने ईरान के फोर्डो और नतांज न्यूक्लियर ठिकानों पर 13,608 किलो वजनी बंकर बस्टर बम गिराए।

इजराइल-ईरान संघर्ष के 5 फुटेज…

अमेरिका के स्टेल्थ B-2 बॉम्बर्स विमान रविवार को ईरान पर हमला करने के बाद अपने बेस पर लौट आए।

अमेरिका के स्टेल्थ B-2 बॉम्बर्स विमान रविवार को ईरान पर हमला करने के बाद अपने बेस पर लौट आए।

ईरान की इस्फहान न्यूक्लियर साइट पर रविवार को अमेरिकी हमले के बाद की सैटेलाइट इमेज।

ईरान की इस्फहान न्यूक्लियर साइट पर रविवार को अमेरिकी हमले के बाद की सैटेलाइट इमेज।

ईरान ने भी रविवार को इजराइल पर मिसाइल अटैक किए। इजराइल के नेस जियोना में तबाह इमारतों की तस्वीर।

ईरान ने भी रविवार को इजराइल पर मिसाइल अटैक किए। इजराइल के नेस जियोना में तबाह इमारतों की तस्वीर।

ईरान की राजधानी तेहरान में रविवार को अमेरिकी हमले के खिलाफ रैली निकाली गई। रैली के दौरान एक बच्चा अपने पिता के कंधे पर बैठकर प्रदर्शन में शामिल हुआ।

ईरान की राजधानी तेहरान में रविवार को अमेरिकी हमले के खिलाफ रैली निकाली गई। रैली के दौरान एक बच्चा अपने पिता के कंधे पर बैठकर प्रदर्शन में शामिल हुआ।

अमेरिका के न्यूयॉर्क में भी रविवार को ईरान पर हमले के खिलाफ रैली निकाली गई। कुछ प्रदर्शनकारियों ने ट्रम्प को वॉर क्रिमिनल बताया।

अमेरिका के न्यूयॉर्क में भी रविवार को ईरान पर हमले के खिलाफ रैली निकाली गई। कुछ प्रदर्शनकारियों ने ट्रम्प को वॉर क्रिमिनल बताया।

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देश

भारतीय कारोबारी पर अमेरिकी शिकंजा, नागरिकता रद्द करने की कार्रवाई शुरू

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वॉशिंगटन, एजेंसी। अमेरिका ने गंभीर अपराधों और कथित आव्रजन धोखाधड़ी के मामलों में 17 लोगों की नागरिकता रद्द (डिनैचुरलाइजेशन) करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इनमें भारतीय मूल के  नीरज शर्मा भी शामिल हैं, जिन पर फर्जी एच-1बी वीजा दस्तावेजों का उपयोग करने और नागरिकता प्रक्रिया के दौरान गलत जानकारी देने का आरोप लगाया गया है। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, न्यूजर्सी स्थित प्लेसमेंट फर्म मैग्नाविजन एलएलसी के मालिक नीरज शर्मा ने कथित तौर पर 11 एच-1बी वीजा आवेदनों पर हस्ताक्षर किए थे। इन आवेदनों में दावा किया गया था कि संबंधित कर्मचारी एक वैश्विक वित्तीय संस्थान में काम करेंगे।

जांच एजेंसियों का आरोप है कि एच-1बी वीजा आवेदनों के समर्थन में जमा किए गए कुछ दस्तावेजों में संबंधित वित्तीय संस्थान के अधिकारियों के जाली हस्ताक्षर थे। अधिकारियों का कहना है कि इन दस्तावेजों के आधार पर वीजा प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई। न्याय विभाग के मुताबिक, नीरज शर्मा ( Neeraj Sharma) ने वर्ष 2017 में अमेरिकी नागरिकता के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि नागरिकता साक्षात्कार के दौरान उन्होंने अपने कथित आपराधिक आचरण और गतिविधियों के बारे में सही जानकारी नहीं दी। शर्मा को दिसंबर 2017 में अमेरिकी नागरिकता प्रदान कर दी गई थी। बाद में उन्हें अप्रैल 2015 से अप्रैल 2017 के बीच वीजा धोखाधड़ी और आव्रजन नियमों के दुरुपयोग से जुड़े मामलों में दोषी ठहराया गया। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि नागरिकता केवल उन्हीं लोगों को मिलनी चाहिए जो कानून का पालन करते हैं और आवेदन प्रक्रिया के दौरान पूरी ईमानदारी बरतते हैं।

Markwayne Mullin ने कहा कि अमेरिकी नागरिकता एक विशेषाधिकार है और यदि कोई व्यक्ति आव्रजन प्रक्रिया में झूठ बोलता है या महत्वपूर्ण जानकारी छिपाता है, तो उससे यह विशेषाधिकार वापस लिया जा सकता है। न्याय विभाग ने जिन अन्य 16 लोगों के खिलाफ नागरिकता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की है, उनमें विभिन्न गंभीर अपराधों के आरोपी या दोषी ठहराए गए व्यक्ति शामिल हैं। इनमें यौन अपराध, बाल शोषण और अश्लील सामग्री से जुड़े मामलों में दोषी पाए गए लोग भी शामिल हैं। गौरतलब है कि अमेरिकी आव्रजन और नागरिकता अधिनियम (Immigration and Nationality Act) के तहत यदि कोई व्यक्ति गैरकानूनी तरीके से, महत्वपूर्ण तथ्य छिपाकर या जानबूझकर गलत जानकारी देकर नागरिकता प्राप्त करता है, तो अदालत के आदेश के माध्यम से उसकी नागरिकता रद्द की जा सकती है। यह प्रक्रिया नागरिकता मिलने के कई वर्षों बाद भी शुरू की जा सकती है, यदि अधिकारियों को धोखाधड़ी या तथ्य छिपाने के प्रमाण मिलते हैं।

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विदेश

उत्तर कोरिया से लौटे शी जिनपिंग, किम जोंग उन के साथ दोस्ती पर जोर,  परमाणु मुद्दे पर साधी चुप्पी

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प्योंगयांग/ बीजिंग, एजेंसी। चीन के राष्ट्रपति  शी जिनपिंग (Xi Jinping) ने उत्तर कोरिया की दो दिवसीय राजकीय यात्रा मंगलवार को संपन्न कर ली और बीजिंग लौट गए। सात वर्षों बाद हुई इस यात्रा को दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को पुनर्जीवित करने और क्षेत्रीय शक्ति संतुलन में अपनी भूमिका मजबूत करने के महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। प्योंगयांग में सोमवार को पहुंचने पर शी जिनपिंग का भव्य स्वागत किया गया। उत्तर कोरियाई नेता Kim Jong Un स्वयं उनके स्वागत और विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों में मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने शिखर वार्ता में द्विपक्षीय सहयोग को और विस्तार देने पर जोर दिया।

चीनी और उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया के अनुसार, शी जिनपिंग ने व्यापार, कृषि, निर्माण, प्रौद्योगिकी और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की चीन की इच्छा व्यक्त की। वहीं किम जोंग उन ने कहा कि चीन के साथ मित्रता को उत्तर कोरिया की “सर्वोच्च रणनीतिक प्राथमिकता” के रूप में बनाए रखा जाएगा। दोनों नेताओं ने 1950-53 के कोरियाई युद्ध में मारे गए चीनी सैनिकों की स्मृति में बने चीन-उत्तर कोरिया मैत्री स्मारक का भी दौरा किया और पारंपरिक मित्रता को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब उत्तर कोरिया के रूस के साथ संबंध तेजी से मजबूत हुए हैं। यूक्रेन युद्ध के दौरान प्योंगयांग और मॉस्को की बढ़ती निकटता ने बीजिंग की चिंता बढ़ाई है। विश्लेषकों के अनुसार, शी जिनपिंग की यात्रा का एक प्रमुख उद्देश्य उत्तर कोरिया पर चीन के पारंपरिक प्रभाव को फिर से मजबूत करना और यह दिखाना था कि बीजिंग अब भी प्योंगयांग का सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है। सरकारी मीडिया रिपोर्टों में कहा गया कि किम जोंग उन ने ताइवान मुद्दे पर चीन की “एक-चीन नीति” का समर्थन दोहराया। दोनों देशों ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर आपसी समन्वय बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी जताई।

हालांकि दोनों देशों की सरकारी रिपोर्टों में उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार कार्यक्रम पर किसी विस्तृत चर्चा का उल्लेख नहीं किया गया। यह विषय क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से सबसे संवेदनशील मुद्दों में से एक माना जाता है। यात्रा से पहले किम जोंग उन की बहन Kim Yo Jong ने स्पष्ट कहा था कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को छोड़ने वाला नहीं है और वह अपने परमाणु शस्त्रागार का विस्तार जारी रखेगा। दूसरी ओर चीन ने एक बार फिर कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु निरस्त्रीकरण के समर्थन की अपनी पुरानी नीति दोहराई। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Lin Jian ने कहा कि इस मुद्दे पर बीजिंग की नीति में कोई बदलाव नहीं आया है।

यात्रा के अंतिम दिन किम जोंग उन और उनकी पत्नी स्वयं हवाई अड्डे तक शी जिनपिंग और उनकी पत्नी को विदा करने पहुंचे। उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया के अनुसार, उनके सम्मान में विशेष विदाई समारोह आयोजित किया गया। किम ने कहा कि शी जिनपिंग की यात्रा पूरी तरह सफल रही और इससे दुनिया को यह संदेश गया कि चीन और उत्तर कोरिया अपनी पारंपरिक मित्रता और रणनीतिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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बिज़नस

मई में चीन का निर्यात 19.4 प्रतिशत उछला

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हांगकांग, एजेंसी। चीन के निर्यात में मई महीने के दौरान सालाना आधार पर 19.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। प्रौद्योगिकी उत्पादों के मजबूत निर्यात और वैश्विक मांग में सुधार को इस बढ़त का प्रमुख कारण बताया गया है। चीन की सीमा-शुल्क एजेंसी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अप्रैल में चीन का निर्यात 14.1 प्रतिशत बढ़ा था। मई में चीन का आयात भी 27.4 प्रतिशत बढ़ा, जो अप्रैल के 25.3 प्रतिशत की तुलना में अधिक है। 

आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका को होने वाले निर्यात में भी बड़ी तेजी देखी गई और यह मई में सालाना आधार पर 35 प्रतिशत से अधिक बढ़ गया। अप्रैल में यह वृद्धि केवल 11 प्रतिशत थी। विशेषज्ञों ने कहा कि वाहन, सेमीकंडक्टर और कृत्रिम मेधा (एआई) से जुड़े उत्पादों की मजबूत मांग ने चीन के निर्यात को समर्थन दिया है। वैश्विक एआई उछाल और हरित प्रौद्योगिकी की तरफ बढ़ते रुझान ने भी इस वृद्धि को बल दिया है। 

डच बैंक आईएनजी के मुख्य अर्थशास्त्री लिन सॉन्ग ने कहा कि जहाज, सेमीकंडक्टर चिप्स, वाहन और बैटरियों की मजबूत मांग वैश्विक प्रौद्योगिकी उछाल का परिणाम है और इससे व्यापार मूल्य वृद्धि को समर्थन मिला है। 

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