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कोरबा

महिला एवं बाल विकास विभाग – परियोजना चोटिया में आंगनबाड़ी भर्ती नहीं कर पाए अधिकारी, जनपद सदस्यों ने लगाया परियोजना अधिकारी पर अनियमितता का आरोप

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सभापति ने बैठक में कहा-परियोजना अधिकारी द्वारा की जा रही वसूली
प्रभारी परियोजना अधिकारी मनोज अग्रवाल को तत्काल हटाने की मांग

सीईओ डड़सेना ने की जांच टीम गठित
कोरबा/पोड़ी-उपरोड़ा (दिव्य आकाश)। महिला एवं बाल विकास विभाग – परियोजना चोटिया में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता भर्ती में बड़ा घोटाले का खुलासा हुआ है। जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा की सामान्य सभा में महिला बाल विकास समिति की सभापति श्रीमती पूजा दुबे ने यह खुलासा किया है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जांच टीम घोषित कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना चोटिया में परियोजना अधिकारी के रूप में मनोज अग्रवाल प्रभारी के रूप में सेवा दे रहे हैं। गत 28 अगस्त 2024 को एकीकृत बाल विकास परियोजना चोटिया में परियोजना अधिकारी मनोज अग्रवाल द्वारा जनपद पंचायत पोड़ी के चोटिया परियोजना अंतर्गत 75 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के लिए भर्ती विज्ञापन जारी किया था, लेकिन उक्त अधिकारी द्वारा आज तक भर्ती नहीं की जा सकी। सामान्य सभा की बैठक में मनोज अग्रवाल को भी उपस्थित होने का निर्देश सीईओ जयप्रकाश डड़सेना ने जारी किया था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। उनकी अनुपस्थिति ने भर्ती मेें अनियमितता को और पुष्ट कर दिया। सीईओ के सामने सभापति श्रीमती पूजा दुबे ने आक्रोश जताया और कहा कि उक्त अधिकारी द्वारा इतने दिन तक जारी सूची को दबाए रखा गया है और चुन-चुन कर चयनित अभ्यर्थियों से पैसा वसूलते रहे और उन्हें शिकायत मिली है कि परियोजना अधिकारी को पैसा देने के बाद भी चयनसूची जारी नहीं की जा रही है। गत 19 जून को सामान्य सभा की बैठक पोड़ी-उपरोड़ा जनपद कार्यालय के सभागार में आयोजित हुई। जांच टीम गठन के बाद हड़बड़ाए परियोजना अधिकारी ने 20 जून को बैठक बुलाने का पत्र जारी किया और उन्होंने महिला बाल विकास समिति की अध्यक्ष श्रीमती पूजा दुबे एवं सदस्य गण-सरस्वती जायसवाल, ममता पुहुप, सोना शिवभरोस लकड़ा, मथुरा पाटले, जवाहर लाल बिंझवार, वेदप्रताप सिंग, आनंद कुमार आयम, फूलकुंवर पावले, रघुराज सिंह को फोनकर एवं लेटर व्हाट्सएप भेजा और 25 जून को बैठक में आमंत्रित किया है। देखना है बैठक में समिति के सदस्यों का क्या रूख रहता है।
सामान्य सभा की बैठक में परियोजना अधिकारी मनोज अग्रवाल के खिलाफ जमकर भड़का आक्रोश
19 जून को जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा के सभागार में सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह विशेष रूप से उपस्थित हुए। जनपद अध्यक्ष माधुरीदेवी तंवर की अध्यक्षता में सामान्य सभा संपन्न हुई। बैठक शुरू होते ही सबसे पहले परियोजना अधिकारी मनोज अग्रवाल की अनुपस्थिति पर सदस्यों ने आक्रोश दिखाया। सभी सदस्यों ने जनपद सीईओ जयप्रकाश डड़सेना से कहा कि सामान्य सभा में अधिकारी आते नहीं, तो हमारी समस्या का समाधान कैसे होगा? विशेष रूप से महिला एवं बाल विकास विभाग परियोजना चोटिया की समीक्षा होनी थी, लेकिन परियोजना अधिकारी मनोज अग्रवाल ही उपस्थित नहीं हुए। बताया जा रहा है कि मनोज अग्रवाल को तब भी फोन किया गया लेकिन वे बैठक के अंत तक नहीं पहुंचे।आंगनबाड़ी भर्ती को एक साल तक रोक कर रखना कई संदेहों को दे रहा जन्म – डॉ. पवन


बैठक में विशेष रूप से उपस्थित जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह ने कहा कि परियोजना अधिकारी अग्रवाल द्वारा आंगनबाड़ी भर्ती को साल भर तक रोकना कई संदेहों को जन्म दे रहा है। वसूली की शिकायत आई है, जिस पर सीईओ ने जांच टीम गठित कर दी है। डॉ. पवन सिंह ने कहा कि जिले में बेरोजगारी बढ़ी हुई है और विज्ञापन जारी कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की भर्ती होनी है और 89 दिन के अंदर परियोजना अधिकारी को चयन प्रक्रिया पूरी कर लेनी थी और 76 बेरोजगारों को जहां नौकरी मिलती, लेकिन अधिकारी की भ्रष्टशैली के कारण साल भर बाद भी भर्ती नहीं हो पाई। एक ओर जहां शिक्षित युवतियों/महिलाओं को नौकरी मिलती, वहीं अधिकारी द्वारा बेरोजगारों से वसूली करना संगीन मामला है। पूरी पारदर्शिता के साथ भर्ती होनी थी, लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों के कारण शासन की छवि खराब हो रही है। उक्त अधिकारी द्वारा की जा रही अनियमितता की सूक्ष्म जांच करने का निर्देश सीईओ पोड़ी-उपरोड़ा को दिया गया है।
अनियमितता की शिकायत मिली है- माधुरी तंवर


जनपद अध्यक्ष श्रीमती माधुरी तंवर ने कहा कि सामान्य सभा की बैठक में आंगनबाड़ी भर्ती की समीक्षा विशेष रूप से की गई, जिसमें परियोजना अधिकारी आए ही नहीं और विभाग की सभापति ने कहा कि परियोजना अधिकारी द्वारा जानबूझकर भर्ती रोकी गई है और अनियमितता की शिकायत आई है। अनियमितता की जांच के लिए जांच टीम का गठन कर दिया गया है।
76 पदों के लिए भर्ती विज्ञापन, 58 केंद्रों में चयन की कार्यवाही पूरी, वसूली का आरोप
19 जून को सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें महिला एवं बाल विकास समिति के अध्यक्ष श्रीमती पूजा दुबे ने बैठक में जमकर भड़ास निकाली और कहा कि परियोजना अधिकारी द्वारा 3 महीने में चयन प्रक्रिया पूरी करनी थी, लेकिन उनके द्वारा अब तक सूची पर सामान्य सभा का अनुमोदन नहीं लिया गया एवं समिति के सदस्यों को अब तक इसकी जानकारी नहीं दी गई है और 76 पदों के लिए निर्धारित समय निकलने के बाद अब साल भर होने को है, लेकिन हमें भर्ती प्रक्रिया या चयन सूची की जानकारी नहीं दी गई है और न ही अनुमोदन लिया गया है। श्रीमती दुबे ने आरोप लगाते हुए कहा कि परियोजना अधिकारी द्वारा 56 केंद्रों में चयन करने का प्रयास किया जा रहा है, क्योंकि उनके द्वारा जो चयन सूची बनाई गई है, उन नामों के अभ्यर्थियों से जमकर वसूली की गई, जबकि बाकी जिस केंद्रों को रोके जाने का कहा जा रहा है। श्रीमती दुबे के आक्रोश को देखते हुए सभी सदस्यों ने अनियमितता को संज्ञान में लिया और जांच टीम का गठन कर दिया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह, जनपद अध्यक्ष श्रीमती माधुरीदेवी तंवर सहित सभी सदस्यों ने सीईओ श्री डड़सेना को निर्देशित किया, जिस पर सीईओ ने जांच टीम का गठन कर दिया और रिपोर्ट मिलने पर प्रशासन-शासन को अवगत कराने की बात कही।
चोटिया परियोजना में आंगनबाड़ी भर्ती घोटाला: जांच टीम गठित


जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा की सामान्य सभा में आंगनबाड़ी भर्ती घोटाला का उजागर करने के बाद विभाग की सभापति पूजा दुबे ने जांच टीम गठन करने की मांग की, जिस पर उपस्थित जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह, जनपद अध्यक्ष माधुरी तंवर सहित सभी सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर परियोजना अधिकारी मनोज अग्रवाल के खिलाफ कार्यवाही भी होनी चाहिए। मनोज अग्रवाल को हटाने की मांग भी सदस्यों ने की। सदस्यों की मांग पर जनपद सीईओ जयप्रकाश डड़सेना ने जांच टीम का गठन कर दिया, जिसमें स्वयं शामिल हैं, उनके अलावा विकास विस्तार अधिकारी युगलकिशोर जगत, सहायक आंतरिक लेखा परीक्षक एवं करारोपण अधिकारी एसपी धुर्वे, महिला एवं बाल विकास समिति की सभापति श्रीमती पूजा दुबे एवं जनपद सदस्य एवं संचार एवं संकर्म समिति के सदस्य आयुष सिंह शामिल हैं। सदस्यों ने कहा है कि यथाशीघ्र जांच की जाए।
मनमानी कर रहे हैं परियोजना अधिकारी, जांच में पूरा खुलासा हो जाएगा- पूजा


सामान्य सभा की बैठक में महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष श्रीमती पूजा दुबे का आक्रोश देखते ही बन रहा था। उन्होंने बैठक शुरू होने के बाद महिला एवं बाल विकास परियोजना चोटिया में आंगनबाड़ी भर्ती घोटाले का मुद्दा उठाया और कहा कि परियोजना अधिकारी अपनी मनमानी कर रहे हैं और साल भर के बाद भी चयन प्रक्रिया की जानकारी हमें नहीं दी और न ही सामान्य सभा में इसका अनुमोदन लिया गया। आवेदन करने वाले अभ्यर्थी हमसे पूछते हैं कि मैडम भर्ती का क्या हुआ और लिस्ट कब निकलेगी। हमने कई बार परियोजना अधिकारी से बात करने की कोशिश की और उनकी मनमानी कार्यशैली से शासन की छवि खराब हो रही है। सुनने में आया है कि 58 केन्द्रों के लिए चयन सूची बन चुकी है, हमें जब कि 20 केन्द्रों को अधिकारी द्वारा रोकने का प्रयास किया जा रहा है। जांच टीम गठन होने के बाद 25 जून को बैठक रखने की जानकारी दी गई है।
परियोजना अधिकारी को पहले हटाएं, तभी निष्पक्ष जांच संभव- आयुष


चोटिया परियोजना में कथित आंगनबाड़ी भर्ती में अनियमितता की शिकायत पर जांच टीम का गठन कर दिया गया है। जनपद सदस्य एवं संचार एवं संकर्म समिति के सदस्य आयुष सिंह ने कहा कि पहले मनोज अग्रवाल को चोटिया परियोजना से तत्काल हटाया जाए और अन्य अधिकारी की नियुक्ति की जाए। वे जांच को प्रभावित कर सकते हैं। चोटिया परियोजना में आंगनबाड़ी भर्ती में जमकर अनियमितता बरती जा रही है, जांच में खुलासा होगा।
सदस्यों ने कहा- परियोजना अधिकारी, मंत्री का धौंस दिखाकर कर रहे मनमानी
सामान्य सभा की बैठक में सदस्यों ने महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े को उक्त अधिकारी द्वारा बदनाम करने की साजिश का जमकर आक्रोश निकाला और कहा कि परियोजना अधिकारी मंत्री का धौंस दिखाकर अनियमितता बरत रहे हैं। इन्हें चोटिया परियोजना से तत्काल हटाया जाए और दूसरे अधिकारी को पदस्थ किया जाए और तभी जांच निष्पक्ष होगी।
भर्ती एक साल तक रूका, मनोज अग्रवाल ने कहा- चुनाव के कारण भर्ती रूकी, वसूली का आरोप गलत
चोटिया परियोजना में एक साल तक चयन प्रक्रिया को रोक कर रखने के मामले में प्रभारी परियोजना अधिकारी मनोज अग्रवाल ने कहा कि चुनाव सहित कई कारणों से भर्ती नहीं हो पाई। सदस्यों के आरोप पर कहा कि आरोप तो लगते रहते हैं। जांच टीम को पूरा सहयोग करूंगा और जांच में पूरा खुलासा हो जाएगा।
इन जगहों पर होनी है नियुक्ति


जनपद सदस्यों द्वारा जारी विज्ञप्ति


आंगनबाड़ी भर्ती के लिए एक साल पूर्व जारी की गई निविदा


जांच टीम गठन होने के बाद आनन-फानन में परियोजना अधिकारी ने जारी की बैठक की सूचना


जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने कहा –
चुनाव से पूर्व हो जानी थी नियुक्ति, नोटिस भी किया गया था जारी


महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना चोटिया में एक साल बाद भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की भर्ती न होने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने कहा कि चोटिया परियोजना में भर्ती विलंब होने पर कलेक्टर साहब भी नाराज हैं। चुनाव के कारण विलंब हुआ।
चुनाव से पूर्व भी नियुक्ति हो जानी थी, के प्रश्न पर रेणु प्रकाश ने कहा कि इसके लिए प्रभारी परियोजना अधिकारी मनोज अग्रवाल को नोटिस जारी किया गया था। 76 पोस्ट हैं और काफी आवेदन आए हैं, स्कूटनी पर काफी टाईम लगता है, जिसके बाद ऐन वक्त पर चुनाव आ गया। रेणु प्रकाश ने कहा कि जनपद की नई बॉडी भर्ती प्रक्रिया में रूची नहीं ले रही है। कई बैठकें आयोजित की गई, लेकिन सदस्य बैठक में रूचि नहीं ले रहे हैं।
आठवीं की कई मार्कसीट फर्जी मिले
रेणु प्रकाश ने कहा कि आंगनबाड़ी सहायिकाओं के लिए आवेदन के साथ अभ्यर्थियों द्वारा जमा की गई आठवीं की मार्कसीट फर्जी है, जिसकी स्कूटनी और जांच में विलंब हो रहा है। कलेक्टर साहब के निर्देश पर परियोजना अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि टीएल मीटिंग में कलेक्टर साहब ने भी भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करने का निर्देश दिया है।
बड़ा सवाल, जब अंकसूची फर्जी है तो एफआईआर क्यों नहीं कराई?
जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने कहा कि आवेदन के साथ आठवीं की कई मार्कसीट फर्जी निकली, तो संबंधित अधिकारी ने एफआईआर क्यों नहीं कराई। वसूली के आरोप को गलत बताते हुए कहा कि जिसका काम नहीं होगा, उसके द्वारा इस तरह के मनगढ़ंत आरोप लगाए जाते रहे हैं।

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सीएम हेल्पलाइन 1076 से मिली त्वरित राहत, अधूरी पुलिया बनी तो ग्रामीणों का आवागमन हुआ सुगम

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कुल्हरिया में शिकायत पर त्वरित कार्रवाई, क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत कर सुरक्षित आवागमन बहाल

कोरबा। छत्तीसगढ़ शासन की सीएम हेल्पलाइन 1076 आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान का भरोसेमंद माध्यम बनकर उभर रही है।
जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तायुक्त,समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है इसका एक प्रेरक उदाहरण जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत कुल्हरिया में देखने को मिला, जहां सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत के बाद अधूरी पाइप पुलिया का निर्माण पूर्ण कर क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत कर दी गई, जिससे ग्रामीणों का आवागमन पुनः सुचारु और सुरक्षित हो गया।

ग्राम पंचायत कुल्हरिया निवासी राजकुमार शांडिल्य ने 27 जून 2026 को सीएम हेल्पलाइन में टोकन क्रमांक CC260600052681 के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि मनरेगा योजना के तहत गुलाब घर से प्रधानपारा तक मिट्टी-मुरूम सड़क का निर्माण तो पूर्ण हो चुका है, लेकिन पाइप पुलिया अधूरी होने के कारण बरसात के दौरान ग्रामीणों को आवागमन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

शिकायत प्राप्त होते ही सीएम हेल्पलाइन केंद्र द्वारा प्रकरण संबंधित एल-1 अधिकारी को तत्काल भेजा गया। जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा की टीम ने बिना विलंब ग्राम पंचायत एवं निर्माण एजेंसी के साथ समन्वय स्थापित कर स्थल का निरीक्षण कराया।

जांच में पाया गया कि वर्ष 2022-23 में मनरेगा के अंतर्गत स्वीकृत इस सड़क निर्माण कार्य की कुल लागत 15.52 लाख रुपये थी, जिसमें 10.43 लाख रुपये मजदूरी मद तथा 5.09 लाख रुपये सामग्री मद के लिए स्वीकृत थे। अत्यधिक वर्षा के कारण निर्मित पाइप पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई थी तथा मिट्टी के कटाव से मार्ग अवरुद्ध हो गया था।

शिकायत के बाद जनपद पंचायत की सक्रिय पहल एवं निर्माण एजेंसी के समन्वित प्रयासों से पाइप पुलिया का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराया गया। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कर आवागमन को पुनः सुरक्षित एवं सुचारु बनाया गया। शिकायत का गुणवत्तापूर्ण निराकरण निर्धारित समय-सीमा में किया गया।

कार्य पूर्ण होने पर ग्रामवासियों ने संतोष व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ शासन की सीएम हेल्पलाइन व्यवस्था की सराहना की।
शिकायतकर्ता राजकुमार शांडिल्य सहित ग्रामीणों ने कहा कि उनकी समस्या का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान होने से शासन के प्रति उनका विश्वास और मजबूत हुआ है।

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गौधाम में पशुओं को नियमित दाना-पानी उपलब्ध कराएं, स्वच्छता और स्वास्थ्य देखभाल में न हो कोई कमी – सीईओ जिला पंचायत

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सीईओ प्रतीक जैन ने गौधाम योजना की समीक्षा कर दिए आवश्यक निर्देश

कोरबा। जिले की ग्राम पंचायतों में संचालित गौधामों में निराश्रित गौवंश के समुचित संरक्षण, बेहतर रखरखाव एवं सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को जिला पंचायत सभागार में गौधाम योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन ने की।

बैठक में सीईओ श्री जैन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी गौधामों में संधारित पशुओं को नियमित रूप से पर्याप्त दाना-पानी उपलब्ध कराया जाए तथा पशु शेड एवं पूरे परिसर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि गौधाम का मूल उद्देश्य निराश्रित पशुओं को सुरक्षित आश्रय, समुचित देखभाल और बेहतर प्रबंधन उपलब्ध कराना है, इसलिए संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

समीक्षा के दौरान गौधाम संचालन के लिए चयनित संस्थाओं के दायित्वों की विस्तार से जानकारी देते हुए उन्होंने निर्देशित किया कि शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई भूमि पर आवश्यकतानुसार बाउंड्रीवाल, पेयजल, विद्युत, पशु शेड, चारा विकास तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाए। साथ ही सभी पशुओं के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी, समय पर टीकाकरण, कृमिनाशक दवाओं का सेवन, कृत्रिम गर्भाधान, बधियाकरण तथा आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जाए।

सीईओ ने गौवंशीय नर पशुओं का बधियाकरण कर बैल जोड़ी तैयार करने, मादा पशुओं के नस्ल सुधार, सघन चारा विकास, आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता एवं लेखा-संधारण को भी अनिवार्य बताया। उन्होंने भारत सरकार एवं राज्य शासन द्वारा पशु कल्याण, पशु क्रूरता निवारण तथा पशुओं के रखरखाव संबंधी जारी सभी नियमों, अधिनियमों एवं दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।

उन्होंने गौधामों में गोबर एवं गौमूत्र आधारित जैविक खाद, जैविक कीटनाशक तथा अन्य उपयोगी उत्पादों के निर्माण, प्रशिक्षण एवं प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही परिसर एवं आसपास स्वच्छता और प्रदूषण नियंत्रण बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया।

बैठक में गौधामों में आवश्यक अभिलेखों का नियमित संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। इनमें पशु संख्या पंजी, पोषण आहार पंजी, रोकड़ बही, औषधि पंजी, टीकाकरण एवं पशु उपचार पंजी, गौधाम कार्यकारिणी बैठक पंजी, दुग्ध उत्पादन पंजी, भंडार पंजी तथा निरीक्षण पंजी का अद्यतन संधारण शामिल है।

उप संचालक, पशुधन विकास विभाग डॉ. सचिदानंद मिश्रा ने बताया कि जिले की ग्राम पंचायत अमरपुर, कपोंट, केराझरिया एवं लेपरा में गौधामों का सुचारु संचालन किया जा रहा है। बैठक में वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी, संबंधित गौधामों के अध्यक्ष तथा विभागीय मैदानी अमला उपस्थित रहा।

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गोपाल मोदी का बड़ा हमला: कटघोरा नगर पालिका में कथित ₹13.60 लाख घोटाले की निष्पक्ष जांच और सीएमओ की बर्खास्तगी की मांग

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कटघोरा नगर पालिका में रू.13.60 लाख घोटाले का मामला, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने कलेक्टर से निष्पक्ष जांच और सीएमओ की तत्काल बर्खास्तगी की मांग की

कटघोरा नगर पालिका में रू.13.60 लाख घोटाले पर भाजपा का हल्ला बोल, सीएमओ की बर्खास्तगी और उच्चस्तरीय जांच की मांग

कोरबा। भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने कटघोरा नगर पालिका परिषद में अटल परिसर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा निर्माण एवं ‘ब्रॉन्ज’ सामग्री की खरीदी में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर कलेक्टर को शिकायत सौंपते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही उन्होंने नगर पालिका परिषद कटघोरा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को तत्काल बर्खास्त कर कठोर कार्रवाई किए जाने की भी मांग उठाई है।

यह केवल सरकारी धन का दुरुपयोग नहीं, जनता के विश्वास के साथ भी गंभीर छल – गोपाल मोदी

गोपाल मोदी ने अपने शिकायत पत्र में कहा है कि विभिन्न समाचार माध्यमों एवं जनसामान्य से प्राप्त जानकारी के अनुसार अटल परिसर में ब्रॉन्ज सामग्री के नाम पर किए गए निर्माण कार्य में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की आशंका है। आरोप है कि ब्रॉन्ज के स्थान पर निम्न गुणवत्ता की सामग्री अथवा कंक्रीट का उपयोग किया गया, जबकि भुगतान ब्रॉन्ज सामग्री के नाम पर किया गया। इस पूरे मामले में लगभग रू.13.60 लाख की वित्तीय अनियमितता की आशंका जताई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सत्य सिद्ध होते हैं, तो यह केवल सरकारी धन का दुरुपयोग नहीं बल्कि जनता के विश्वास के साथ भी गंभीर छल है। ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई आवश्यक है, ताकि भविष्य में कोई भी अधिकारी या ठेकेदार सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का साहस न कर सके।

भाजपा जिलाध्यक्ष ने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे प्रकरण की किसी स्वतंत्र एजेंसी अथवा वरिष्ठ अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराई जाए, निर्माण कार्य की तकनीकी गुणवत्ता एवं उपयोग की गई सामग्री की विशेषज्ञों से जांच कराई जाए, भुगतान, निविदा प्रक्रिया, मापन पुस्तिका (एम.बी.), बिल, वाउचर एवं अन्य अभिलेखों की विस्तृत वित्तीय जांच हो तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध विभागीय एवं विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। गोपाल मोदी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सदैव भ्रष्टाचार मुक्त एवं पारदर्शी प्रशासन की पक्षधर रही है। जनहित और शासन की साख बनाए रखने के लिए इस गंभीर मामले में शीघ्र, निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है।

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