सभापति ने बैठक में कहा-परियोजना अधिकारी द्वारा की जा रही वसूली प्रभारी परियोजना अधिकारी मनोज अग्रवाल को तत्काल हटाने की मांग सीईओ डड़सेना ने की जांच टीम गठित कोरबा/पोड़ी-उपरोड़ा (दिव्य आकाश)। महिला एवं बाल विकास विभाग – परियोजना चोटिया में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता भर्ती में बड़ा घोटाले का खुलासा हुआ है। जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा की सामान्य सभा में महिला बाल विकास समिति की सभापति श्रीमती पूजा दुबे ने यह खुलासा किया है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जांच टीम घोषित कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना चोटिया में परियोजना अधिकारी के रूप में मनोज अग्रवाल प्रभारी के रूप में सेवा दे रहे हैं। गत 28 अगस्त 2024 को एकीकृत बाल विकास परियोजना चोटिया में परियोजना अधिकारी मनोज अग्रवाल द्वारा जनपद पंचायत पोड़ी के चोटिया परियोजना अंतर्गत 75 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के लिए भर्ती विज्ञापन जारी किया था, लेकिन उक्त अधिकारी द्वारा आज तक भर्ती नहीं की जा सकी। सामान्य सभा की बैठक में मनोज अग्रवाल को भी उपस्थित होने का निर्देश सीईओ जयप्रकाश डड़सेना ने जारी किया था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। उनकी अनुपस्थिति ने भर्ती मेें अनियमितता को और पुष्ट कर दिया। सीईओ के सामने सभापति श्रीमती पूजा दुबे ने आक्रोश जताया और कहा कि उक्त अधिकारी द्वारा इतने दिन तक जारी सूची को दबाए रखा गया है और चुन-चुन कर चयनित अभ्यर्थियों से पैसा वसूलते रहे और उन्हें शिकायत मिली है कि परियोजना अधिकारी को पैसा देने के बाद भी चयनसूची जारी नहीं की जा रही है। गत 19 जून को सामान्य सभा की बैठक पोड़ी-उपरोड़ा जनपद कार्यालय के सभागार में आयोजित हुई। जांच टीम गठन के बाद हड़बड़ाए परियोजना अधिकारी ने 20 जून को बैठक बुलाने का पत्र जारी किया और उन्होंने महिला बाल विकास समिति की अध्यक्ष श्रीमती पूजा दुबे एवं सदस्य गण-सरस्वती जायसवाल, ममता पुहुप, सोना शिवभरोस लकड़ा, मथुरा पाटले, जवाहर लाल बिंझवार, वेदप्रताप सिंग, आनंद कुमार आयम, फूलकुंवर पावले, रघुराज सिंह को फोनकर एवं लेटर व्हाट्सएप भेजा और 25 जून को बैठक में आमंत्रित किया है। देखना है बैठक में समिति के सदस्यों का क्या रूख रहता है। सामान्य सभा की बैठक में परियोजना अधिकारी मनोज अग्रवाल के खिलाफ जमकर भड़का आक्रोश 19 जून को जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा के सभागार में सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह विशेष रूप से उपस्थित हुए। जनपद अध्यक्ष माधुरीदेवी तंवर की अध्यक्षता में सामान्य सभा संपन्न हुई। बैठक शुरू होते ही सबसे पहले परियोजना अधिकारी मनोज अग्रवाल की अनुपस्थिति पर सदस्यों ने आक्रोश दिखाया। सभी सदस्यों ने जनपद सीईओ जयप्रकाश डड़सेना से कहा कि सामान्य सभा में अधिकारी आते नहीं, तो हमारी समस्या का समाधान कैसे होगा? विशेष रूप से महिला एवं बाल विकास विभाग परियोजना चोटिया की समीक्षा होनी थी, लेकिन परियोजना अधिकारी मनोज अग्रवाल ही उपस्थित नहीं हुए। बताया जा रहा है कि मनोज अग्रवाल को तब भी फोन किया गया लेकिन वे बैठक के अंत तक नहीं पहुंचे।आंगनबाड़ी भर्ती को एक साल तक रोक कर रखना कई संदेहों को दे रहा जन्म – डॉ. पवन
बैठक में विशेष रूप से उपस्थित जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह ने कहा कि परियोजना अधिकारी अग्रवाल द्वारा आंगनबाड़ी भर्ती को साल भर तक रोकना कई संदेहों को जन्म दे रहा है। वसूली की शिकायत आई है, जिस पर सीईओ ने जांच टीम गठित कर दी है। डॉ. पवन सिंह ने कहा कि जिले में बेरोजगारी बढ़ी हुई है और विज्ञापन जारी कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की भर्ती होनी है और 89 दिन के अंदर परियोजना अधिकारी को चयन प्रक्रिया पूरी कर लेनी थी और 76 बेरोजगारों को जहां नौकरी मिलती, लेकिन अधिकारी की भ्रष्टशैली के कारण साल भर बाद भी भर्ती नहीं हो पाई। एक ओर जहां शिक्षित युवतियों/महिलाओं को नौकरी मिलती, वहीं अधिकारी द्वारा बेरोजगारों से वसूली करना संगीन मामला है। पूरी पारदर्शिता के साथ भर्ती होनी थी, लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों के कारण शासन की छवि खराब हो रही है। उक्त अधिकारी द्वारा की जा रही अनियमितता की सूक्ष्म जांच करने का निर्देश सीईओ पोड़ी-उपरोड़ा को दिया गया है। अनियमितता की शिकायत मिली है- माधुरी तंवर
जनपद अध्यक्ष श्रीमती माधुरी तंवर ने कहा कि सामान्य सभा की बैठक में आंगनबाड़ी भर्ती की समीक्षा विशेष रूप से की गई, जिसमें परियोजना अधिकारी आए ही नहीं और विभाग की सभापति ने कहा कि परियोजना अधिकारी द्वारा जानबूझकर भर्ती रोकी गई है और अनियमितता की शिकायत आई है। अनियमितता की जांच के लिए जांच टीम का गठन कर दिया गया है। 76 पदों के लिए भर्ती विज्ञापन, 58 केंद्रों में चयन की कार्यवाही पूरी, वसूली का आरोप 19 जून को सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें महिला एवं बाल विकास समिति के अध्यक्ष श्रीमती पूजा दुबे ने बैठक में जमकर भड़ास निकाली और कहा कि परियोजना अधिकारी द्वारा 3 महीने में चयन प्रक्रिया पूरी करनी थी, लेकिन उनके द्वारा अब तक सूची पर सामान्य सभा का अनुमोदन नहीं लिया गया एवं समिति के सदस्यों को अब तक इसकी जानकारी नहीं दी गई है और 76 पदों के लिए निर्धारित समय निकलने के बाद अब साल भर होने को है, लेकिन हमें भर्ती प्रक्रिया या चयन सूची की जानकारी नहीं दी गई है और न ही अनुमोदन लिया गया है। श्रीमती दुबे ने आरोप लगाते हुए कहा कि परियोजना अधिकारी द्वारा 56 केंद्रों में चयन करने का प्रयास किया जा रहा है, क्योंकि उनके द्वारा जो चयन सूची बनाई गई है, उन नामों के अभ्यर्थियों से जमकर वसूली की गई, जबकि बाकी जिस केंद्रों को रोके जाने का कहा जा रहा है। श्रीमती दुबे के आक्रोश को देखते हुए सभी सदस्यों ने अनियमितता को संज्ञान में लिया और जांच टीम का गठन कर दिया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह, जनपद अध्यक्ष श्रीमती माधुरीदेवी तंवर सहित सभी सदस्यों ने सीईओ श्री डड़सेना को निर्देशित किया, जिस पर सीईओ ने जांच टीम का गठन कर दिया और रिपोर्ट मिलने पर प्रशासन-शासन को अवगत कराने की बात कही। चोटिया परियोजना में आंगनबाड़ी भर्ती घोटाला: जांच टीम गठित
जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा की सामान्य सभा में आंगनबाड़ी भर्ती घोटाला का उजागर करने के बाद विभाग की सभापति पूजा दुबे ने जांच टीम गठन करने की मांग की, जिस पर उपस्थित जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह, जनपद अध्यक्ष माधुरी तंवर सहित सभी सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर परियोजना अधिकारी मनोज अग्रवाल के खिलाफ कार्यवाही भी होनी चाहिए। मनोज अग्रवाल को हटाने की मांग भी सदस्यों ने की। सदस्यों की मांग पर जनपद सीईओ जयप्रकाश डड़सेना ने जांच टीम का गठन कर दिया, जिसमें स्वयं शामिल हैं, उनके अलावा विकास विस्तार अधिकारी युगलकिशोर जगत, सहायक आंतरिक लेखा परीक्षक एवं करारोपण अधिकारी एसपी धुर्वे, महिला एवं बाल विकास समिति की सभापति श्रीमती पूजा दुबे एवं जनपद सदस्य एवं संचार एवं संकर्म समिति के सदस्य आयुष सिंह शामिल हैं। सदस्यों ने कहा है कि यथाशीघ्र जांच की जाए। मनमानी कर रहे हैं परियोजना अधिकारी, जांच में पूरा खुलासा हो जाएगा- पूजा
सामान्य सभा की बैठक में महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष श्रीमती पूजा दुबे का आक्रोश देखते ही बन रहा था। उन्होंने बैठक शुरू होने के बाद महिला एवं बाल विकास परियोजना चोटिया में आंगनबाड़ी भर्ती घोटाले का मुद्दा उठाया और कहा कि परियोजना अधिकारी अपनी मनमानी कर रहे हैं और साल भर के बाद भी चयन प्रक्रिया की जानकारी हमें नहीं दी और न ही सामान्य सभा में इसका अनुमोदन लिया गया। आवेदन करने वाले अभ्यर्थी हमसे पूछते हैं कि मैडम भर्ती का क्या हुआ और लिस्ट कब निकलेगी। हमने कई बार परियोजना अधिकारी से बात करने की कोशिश की और उनकी मनमानी कार्यशैली से शासन की छवि खराब हो रही है। सुनने में आया है कि 58 केन्द्रों के लिए चयन सूची बन चुकी है, हमें जब कि 20 केन्द्रों को अधिकारी द्वारा रोकने का प्रयास किया जा रहा है। जांच टीम गठन होने के बाद 25 जून को बैठक रखने की जानकारी दी गई है। परियोजना अधिकारी को पहले हटाएं, तभी निष्पक्ष जांच संभव- आयुष
चोटिया परियोजना में कथित आंगनबाड़ी भर्ती में अनियमितता की शिकायत पर जांच टीम का गठन कर दिया गया है। जनपद सदस्य एवं संचार एवं संकर्म समिति के सदस्य आयुष सिंह ने कहा कि पहले मनोज अग्रवाल को चोटिया परियोजना से तत्काल हटाया जाए और अन्य अधिकारी की नियुक्ति की जाए। वे जांच को प्रभावित कर सकते हैं। चोटिया परियोजना में आंगनबाड़ी भर्ती में जमकर अनियमितता बरती जा रही है, जांच में खुलासा होगा। सदस्यों ने कहा- परियोजना अधिकारी, मंत्री का धौंस दिखाकर कर रहे मनमानी सामान्य सभा की बैठक में सदस्यों ने महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े को उक्त अधिकारी द्वारा बदनाम करने की साजिश का जमकर आक्रोश निकाला और कहा कि परियोजना अधिकारी मंत्री का धौंस दिखाकर अनियमितता बरत रहे हैं। इन्हें चोटिया परियोजना से तत्काल हटाया जाए और दूसरे अधिकारी को पदस्थ किया जाए और तभी जांच निष्पक्ष होगी। भर्ती एक साल तक रूका, मनोज अग्रवाल ने कहा- चुनाव के कारण भर्ती रूकी, वसूली का आरोप गलत चोटिया परियोजना में एक साल तक चयन प्रक्रिया को रोक कर रखने के मामले में प्रभारी परियोजना अधिकारी मनोज अग्रवाल ने कहा कि चुनाव सहित कई कारणों से भर्ती नहीं हो पाई। सदस्यों के आरोप पर कहा कि आरोप तो लगते रहते हैं। जांच टीम को पूरा सहयोग करूंगा और जांच में पूरा खुलासा हो जाएगा। इन जगहों पर होनी है नियुक्ति
जनपद सदस्यों द्वारा जारी विज्ञप्ति
आंगनबाड़ी भर्ती के लिए एक साल पूर्व जारी की गई निविदा
जांच टीम गठन होने के बाद आनन-फानन में परियोजना अधिकारी ने जारी की बैठक की सूचना
जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने कहा – चुनाव से पूर्व हो जानी थी नियुक्ति, नोटिस भी किया गया था जारी
महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना चोटिया में एक साल बाद भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की भर्ती न होने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने कहा कि चोटिया परियोजना में भर्ती विलंब होने पर कलेक्टर साहब भी नाराज हैं। चुनाव के कारण विलंब हुआ। चुनाव से पूर्व भी नियुक्ति हो जानी थी, के प्रश्न पर रेणु प्रकाश ने कहा कि इसके लिए प्रभारी परियोजना अधिकारी मनोज अग्रवाल को नोटिस जारी किया गया था। 76 पोस्ट हैं और काफी आवेदन आए हैं, स्कूटनी पर काफी टाईम लगता है, जिसके बाद ऐन वक्त पर चुनाव आ गया। रेणु प्रकाश ने कहा कि जनपद की नई बॉडी भर्ती प्रक्रिया में रूची नहीं ले रही है। कई बैठकें आयोजित की गई, लेकिन सदस्य बैठक में रूचि नहीं ले रहे हैं। आठवीं की कई मार्कसीट फर्जी मिले रेणु प्रकाश ने कहा कि आंगनबाड़ी सहायिकाओं के लिए आवेदन के साथ अभ्यर्थियों द्वारा जमा की गई आठवीं की मार्कसीट फर्जी है, जिसकी स्कूटनी और जांच में विलंब हो रहा है। कलेक्टर साहब के निर्देश पर परियोजना अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि टीएल मीटिंग में कलेक्टर साहब ने भी भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करने का निर्देश दिया है। बड़ा सवाल, जब अंकसूची फर्जी है तो एफआईआर क्यों नहीं कराई? जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने कहा कि आवेदन के साथ आठवीं की कई मार्कसीट फर्जी निकली, तो संबंधित अधिकारी ने एफआईआर क्यों नहीं कराई। वसूली के आरोप को गलत बताते हुए कहा कि जिसका काम नहीं होगा, उसके द्वारा इस तरह के मनगढ़ंत आरोप लगाए जाते रहे हैं।
रायपुर में आयोजित स्टार रेटिंग पुरस्कार समारोह 2026 में सुरक्षित, कुशल एवं पर्यावरण अनुकूल खनन की उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों को मिला सम्मान
केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने पुरस्कार वितरित करने के बाद अपने संबोधन में जिम्मेदार एवं सतत खनन पर दिया जोर
रायपुर, 2 नवंबर 2026। भारत सरकार के कोयला मंत्रालय द्वारा आज रायपुर, छत्तीसगढ़ स्थित मेफेयर लेक रिसॉर्ट में स्टार रेटिंग पुरस्कार समारोह 2026 का आयोजन किया गया। समारोह में वित्त वर्ष 2024-25 के मूल्यांकन के आधार पर कोयला एवं लिग्नाइट खनन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली देश की कुल 50 पांच सितारा खदानों को सम्मानित किया गया। इनमें 15 भूमिगत (अंडरग्राउंड) तथा 35 ओपनकास्ट खदानें शामिल हैं। इन पुरस्कारों के माध्यम से सुरक्षित, कुशल, वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल खनन की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली खदानों के योगदान को मान्यता दी गई।
समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने पुरस्कार वितरित किए। पुरस्कार वितरण के पश्चात अपने संबोधन में उन्होंने कोयला क्षेत्र में उत्कृष्टता, सुरक्षित खनन, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जिम्मेदार एवं सतत खनन पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में कोयला मंत्रालय के अपर सचिव सानोज कुमार झा, कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष बी. साईराम, कोयला नियंत्रक संगठन (CCO), नई दिल्ली के कोयला नियंत्रक सतीश कुमार सहित कोयला मंत्रालय एवं विभिन्न कोयला कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। समारोह में देश की विभिन्न कोयला कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
छत्तीसगढ़ के लिए भी यह समारोह विशेष उपलब्धि का अवसर रहा। पांच सितारा रेटिंग प्राप्त खदानों की सूची में दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की तीन भूमिगत खदानें—बंगवार अंडरग्राउंड माइन, खैराहा UG माइन और बहेराबांध UG माइन—शामिल हैं। इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड की गेरे पेलमा सेक्टर-III कोल माइन तथा पारसा केंटे कोलियरीज लिमिटेड की पारसा ईस्ट एंड कांटा बासन ओपनकास्ट कोल माइन को भी पांच सितारा रेटिंग प्राप्त हुई है।
कोयला मंत्रालय की स्टार रेटिंग नीति के अंतर्गत कोयला एवं लिग्नाइट खदानों के प्रदर्शन का विभिन्न निर्धारित मानकों पर व्यापक मूल्यांकन किया जाता है। इनमें परिचालन दक्षता, उत्पादन एवं उत्पादकता, तकनीकी नवाचार, व्यावसायिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, पर्यावरण प्रबंधन, सतत विकास तथा स्थानीय समुदायों के कल्याण से जुड़े पहलू शामिल हैं। मूल्यांकन एवं सत्यापन की प्रक्रिया कोयला नियंत्रक संगठन द्वारा नियुक्त समीक्षकों के माध्यम से की जाती है।
स्टार रेटिंग प्रणाली का उद्देश्य खदानों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना तथा उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों को व्यापक रूप से अपनाने के लिए प्रेरित करना है। यह पहल देश के कोयला क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रदर्शन आधारित कार्यसंस्कृति को सुदृढ़ करने के साथ-साथ वैज्ञानिक, सुरक्षित एवं सतत खनन को प्रोत्साहित करती है।
कोयला मंत्रालय की यह पहल देश की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक विकास में कोयला क्षेत्र के योगदान को मजबूत करने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
कोरबा 02 नवम्बर 2026। कोरबा शहर के घन्टाघर चौक स्थित डॉ भीमराव अंबेडकर ओपन आडिटोरियम परिसर में तीन दिवसीय राज्योत्सव का आयोजन किया गया। यहाँ विभिन्न विभागों द्वारा शासन की कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी और योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।
इसी कड़ी में जनसंपर्क विभाग द्वारा स्टॉल लगाकर शासन की योजनाओं के संबंध में जानकारी दी गई। जिले के विकास प्रगति तथा विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी प्रदर्शित की गई। जिले के हितग्राहियों को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, युक्तियुक्त करण एवं अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति से विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में सुधार, जल जीवन मिशन अंतर्गत लगे नल, पहाड़ी कोरवाओं के युवा बेरोजगारों को मिली नौकरी के बाद जीवन में सकारात्मक परिवर्तन, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास एवं अन्य योजनाओं के लाभ से जीवन में आए बदलाव को बताया गया।
स्टॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित मासिक पत्रिका जनमन सहित अन्य ब्रोसर,पाम्पलेट व पत्रिकाओं का वितरण भी आमनागरिको को किया गया। यहाँ से शासन की योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर युवाओं द्वारा बताया गया कि जनमन जैसी पत्रिका उनके लिए बहुत उपयोगी है। पत्रिका में शासन द्वारा संचालित सभी योजनाओं की जानकारी होती है। जो कि प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी में काम आती है। साथ ही आमजनों को स्टॉल में लगी फोटो प्रदर्शनी के माध्यम अनेक विभागीय योजनाओं की भी जानकारी प्राप्त हुई। जिससे वे उन योजनाओं से जुड़कर निश्चित ही लाभांवित होंगे। राज्योस्थल पर महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, आदिम जाति विकास, वन, कृषि, मछली पालन, क्रेडा स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, उद्योग, रेशम, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सहित अन्य विभागों द्वारा अपने स्टॉल के माध्यम से विभागीय योजनाओं, उपलब्धियों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी दी जा रही है। नागरिक इन स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।
दो दुकानों से मिठाइयों के नमूने लिए, चार दुकानों पर 13 हजार रुपये का जुर्माना
कोरबा, 2 नवंबर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन, राजस्व प्रशासन तथा नगर पालिक निगम की संयुक्त टीम ने मिठाई दुकानों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान निहारिका स्थित मधु स्वीट्स से खोवा तथा टीपी नगर स्थित न्यू दिल्ली स्वीट्स से काजू कतली का नमूना जाँच के लिए लिया गया। खाद्य मानकों का पालन नहीं करने पर निहारिका स्थित रवि डेयरी पर 3,000 रुपये और लल्ला कैफे पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। टीपी नगर स्थित नेचुरल स्वीट्स पर 3,000 रुपये तथा सुगर क्राउन पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। संयुक्त टीम ने दुकानदारों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता मानकों का पालन करने के निर्देश दिए।