कोरबा
शिशु शिक्षा व पोषण को मिलेगा संबल, डीएमएफ से 96 नए आंगनबाड़ी भवनों को मिली मंजूरी
12 करोड़ से अधिक राशि से नगरीय क्षेत्र के विभिन्न वार्डो में नवीन आंगनबाड़ी भवन का होगा निर्माण
प्रारंभिक शिक्षा और पोषण सेवाओं को मिलेगी मजबूती
कोरबा । जिला प्रशासन द्वारा शिशु शिक्षा एवं बाल विकास को संबल प्रदान करते हुए कोरबा जिले के नगरीय निकायों में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण की दिशा में बड़ी पहल की गई है। कलेक्टर अजीत वसंत ने जिला खनिज न्यास निधि से जिले के नगरीय क्षेत्र के विभिन्न जोन के अनेक वार्डो में कुल 96 नवीन आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण हेतु 12 करोड़ 40 लाख की स्वीकृति प्रदान की है। जिसमें नगर पालिका निगम कोरबा के विभिन्न जोन अंतर्गत 88 नए आंगनबाड़ी भवन एवं नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा के विभिन्न वार्डो में 08 नवीन आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कार्य शामिल है। इससे शहरी क्षेत्रों के पिछड़े परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पूर्व-प्रारंभिक शिक्षा और पोषण सेवाओं का लाभ मिलेगा। स्वीकृत कार्यो के अंतर्गत नगर पालिका निगम कोरबा क्षेत्रान्तर्गत परिवहन नगर जोन में 12 नवीन आंगनबाड़ी भवन हेतु 1 करोड़ 56 लाख, सर्वमंगला नगर जोन अंतर्गत 10 नवीन आंगनबाड़ी भवन हेतु 1 करोड़ 30 लाख, दर्री जोन भाग 01 व भाग 02 में 14-14 नग नवीन आंगनबाड़ी भवन निर्माण हेतु प्रत्येक भाग के लिए 1 करोड़ 82 लाख, बालको जोन में 08 आंगनबाड़ी भवन हेतु 1 करोड़ 04 लाख, पं. रविशंकर शुक्ल नगर जोन में 02 आंगनबाड़ी भवन हेतु 26 लाख, कोसाबाड़ी जोन में 13 आंगनबाड़ी भवन हेतु 1 करोड़ 69 लाख, कोरबा जोन अंतर्गत 15 आंगनबाड़ी भवन हेतु 1 करोड़ 95 लाख एवं नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा के विभिन्न वार्डों में 08 नवीन आंगनबाड़ी भवन निर्माण हेतु 96 लाख की स्वीकृति प्रदान की है। साथ ही नए भवनों में बेहतर अधोसरंचना सहित अन्य सुविधाएं सुनिश्चित की जाएगी।
वर्तमान में कई आंगनबाड़ी केंद्र अस्थायी या पुराने भवनों में संचालित हो रहे हैं, जिससे बच्चों को समुचित सुविधाएं नहीं मिल पा रही। नवीन आंगनबाड़ी भवन निर्माण से बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निश्चित ही सुधार होगा। नवनिर्मित भवनों के माध्यम से बच्चों को एक सुरक्षित, स्वच्छ और प्रेरणादायक वातावरण उपलब्ध होगा। साथ ही यह कदम केंद्रों में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए भी कार्य की गुणवत्ता और सुविधा को बढ़ाएगा।
आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण का यह प्रयास बाल हितों की रक्षा और भविष्य की पीढ़ियों को मजबूत आधार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। डीएमएफ राशि का यह प्रभावी उपयोग जिले में बाल शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेगा।
कोरबा
क्षतिग्रस्त और अधूरी पुलिया-एप्रोच रोड से बारिश में आवाजाही होगी बाधित, ग्रामीणों को घूमकर जाना पड़ेगा
कोरबा। क्षतिग्रस्त व अधूरी पुलिया-एप्रोच रोड से बारिश में फिर से आवाजाही बाधित होगी। इससे उपनगर बांकीमोंगरा, हरदीबाजार, चैतमा के ग्रामीणों को वैकल्पिक सड़क से घूमकर जाना पड़ेगा। बारिश में संपर्क टूटने पर स्कूली छात्रों, कामकाजी लोगों को सबसे अधिक परेशानी होगी, जो सड़क मार्ग से रोज आवाजाही करनी पड़ती है। हरदीबाजार से नेवसा, उतरदा, सिल्ली, बोईदा, निरतु की ओर आवाजाही के लिए लीलागर नदी पर बनी पुरानी पुलिया की ऊंचाई कम है। 24 घंटे से भी कम बारिश में नदी का जलस्तर बढ़ने पर पुलिया के ऊपर से पानी बहता है। इससे गांवों को संपर्क टूटने पर सबसे अधिक परेशानी नेवसा समेत आसपास गांवों के स्कूली छात्रों को होती है, जो हरदीबाजार व दीपका के स्कूलों में पढ़ाई करते हैं। यह सड़क हरदीबाजार को बलौदा सीपत व मस्तूरी से भी जोड़ती है, इस कारण यात्री बसें भी मार्ग से गुजरती है।

हरदीबाजार से नेवसा की दूरी लीलागर नदी का पुलिया पारकर 2 किलोमीटर है। वहीं रतिजा की ओर से बायपास सड़क से आवाजाही पर 5 किलोमीटर दूरी पड़ेगी। पुलिया की कम ऊंचाई के मद्देनजर नया पुल का निर्माण कराया है, जो बनकर तैयार हो गया है, लेकिन पुल के दोनों ओर की एप्रोच रोड अब तक नहीं बनाया है। सड़क पर मिट्टी पड़ी है। नौतपा की विदाई से मानसून भी अब करीब है। आने वाले दिनों प्री-मानसून बारिश की संभावना है। एप्रोच रोड को पुल के लेवल के हिसाब से निर्माण नहीं कराने पर वाहनों से आवाजाही मुश्किल होगी। पिछले साल बारिश में पश्चिम क्षेत्र बांकीमोंगरा के + लीलागर नदी पर निर्मित पुल का अधूरा एप्रोच रोड।
कोरबा
लो वोल्टेज और कटौती पर ग्रामीणों का हल्लाबोल
कोरबा/पाली। 5 ग्राम पंचायतों में बिजली आपूर्ति की लचर व्यवस्था पर ग्रामीणों ने पाली सब स्टेशन कार्यालय में जमकर नारेबाजी की। लगभग 2 घंटे धरना देने के बाद पुलिस शासन की मौजूदगी में सब स्टेशन के बिजली अफसरों के साथ परिसर में ही वार्ता हुई। इसके बाद ग्रामीणों का आंदोलन समाप्त हुआ। सब स्टेशन कार्यालय के निकट से ग्रामीणों ने रैली की शक्ल में बिजली दफ्तर पहुंचे। इस दौरान गांवों में बिजली कटौती व लो वोल्टेज का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने कहा कि अनाफ-शनाफ बिजली बिल भेजा रहा है। खराब पड़े ट्रांसफार्मर को बदलने में ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

सिल्ली, परसदा, शिवपुर, निरधी, पोलमी पंचायत के गांवों के हजारों उपभोक्ता लो वोल्टेज व बिजली कटौती से परेशान हैं। कई बार मौखिक व लिखित शिकायत के बाद भी अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। दफ्तर परिसर में ग्रामीणों के साथ बिजली अधिकारियों की वार्ता हुई। उनकी बिजली संबंधी समस्याओं के निराकरण का भरोसा दिलाया। इसके बाद ग्रामीणों ने आंदोलन स्थगित कर दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर यदि 10 दिनों के भीतर समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो चक्काजाम आंदोलन करने मजबूर होंगे।
कोरबा
कोरबा निगम सभापति जमीन पर बैठे:मूर्तिकला लोकार्पण कार्यक्रम में अव्यवस्था पर प्रभारी सचिव को नोटिस
कोरबा। कोरबा नगर पालिक निगम में विकास कार्यों के लोकार्पण के बीच निगम के भीतर अव्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की नाराजगी खुलकर सामने आ गई। विरोध स्वरूप निगम सभापति ने अपने सभा कक्ष में कुर्सी छोड़कर जमीन पर बैठकर काम किया। मामले के बाद निगम आयुक्त ने प्रभारी सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है।

पूरा मामला बिहारी लाल बहादुर शास्त्री चौक स्थित मूर्तिकला के लोकार्पण कार्यक्रम से जुड़ा है। कार्यक्रम में प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आवास-सार्वजनिक उपक्रम मंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। आयोजन के दौरान कई जनप्रतिनिधियों को सूचना और आमंत्रण नहीं मिलने की शिकायतें सामने आईं।
महापौर, सभापति समेत कई वरिष्ठ पार्षदों को भी कथित तौर पर उचित तवज्जो नहीं मिलने से निगम के भीतर असंतोष बढ़ गया। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम की व्यवस्थाओं और प्रशासनिक समन्वय को लेकर लंबे समय से नाराजगी थी। आयोजन में प्रोटोकॉल का पालन नहीं होने और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से सभापति खासे नाराज थे।

विरोध के लिए अपनाया अनोखा तरीका
इसी नाराजगी के चलते सोमवार को सभापति ने अपने सभा कक्ष में कुर्सी पर बैठने से इनकार कर दिया। उन्होंने जमीन पर बैठकर ही निगम का कामकाज निपटाया। इसकी तस्वीर सामने आने के बाद निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे।
प्रभारी सचिव को जारी हुआ कारण बताओ नोटिस
मामले ने तूल पकड़ा तो निगम प्रशासन हरकत में आया। निगम आयुक्त ने प्रभारी सचिव गणेश्वर सिंह कंवर को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस में कार्यक्रम के दौरान लापरवाही और जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किए जाने को गंभीर माना गया है।
तीन दिन में मांगा जवाब, कार्रवाई की चेतावनी
प्रभारी सचिव से तीन दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
निगम में चर्चाओं का दौर तेज
घटनाक्रम के बाद निगम के गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सभापति ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का सम्मान आवश्यक है और प्रोटोकॉल का पालन नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है।

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