Connect with us

छत्तीसगढ़

बलरामपुर में बाढ़ में बहे मां-बेटे…3 की मौत:पुल धंसने से गिरी पिकअप, सूरजपुर में नदी-नाले उफान पर, कंधे पर बाइक रख कर रहे पार

Published

on

रायपुर ,एजेंसी।छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में बारिश का कहर जारी है। बलरामपुर के शंकरगढ़ में कोरवा जनजाति के मां-बेटे की उफनते नाले में बहने से मौत हो गई, जबकि दूसरी तरफ गेउर नदी में मछली मारने गए एक युवक की डूबने से जान चली गई।

वहीं बलरामपुर के गागर नदी में अचानक आई बाढ़ के कारण तीन पहाड़ी कोरवा बच्चे घंटों तक फंसे रहे, जिन्हें ग्रामीणों की मदद से बड़ी मुश्किल से सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसी दौरान बचवार मार्ग पर एक पुरानी और कमजोर पुलिया तेज बहाव में ढह गई, जिससे एक लोडेड पिकअप धंस गई।

हादसे के बाद से बचवार-पटना मार्ग पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है, जिससे स्थानीयों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं सूरजपुर जिले के चांदनी बिहारपुर क्षेत्र में लोग जान जोखिम में डालकर बाइक को कंधे पर उठाकर नदी पार करने को मजबूर हैं।

बारिश और बाढ़ से जुड़ी ये तस्वीरें

सूरजपुर के चांदनी बिहारपुर क्षेत्र में बाइक को कंधे पर उठाकर नदी पार करने को लोग मजबूर।

सूरजपुर के चांदनी बिहारपुर क्षेत्र में बाइक को कंधे पर उठाकर नदी पार करने को लोग मजबूर।

बलरामपुर में कोरवा जनजाति के मां-बेटे की उफनते नाले में बहने से मौत हो गई।

बलरामपुर में कोरवा जनजाति के मां-बेटे की उफनते नाले में बहने से मौत हो गई।

बलरामपुर के बचवार मार्ग पर जर्जर पुलिया ढह गई। लोड पिकअप गुजरने के दौरान हादसा हो गया।

बलरामपुर के बचवार मार्ग पर जर्जर पुलिया ढह गई। लोड पिकअप गुजरने के दौरान हादसा हो गया।

अब सिलसिलेवार कहां कौन सी घटना हुई ?

पहली घटना- बलरामपुर में बहने से मां-बेटे की मौत

बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र में उफनते नाले को पार कर रहे मां-बेटे बह गए। दोनों का शव मंगलवार को बरामद हुआ है। आमगांव निवासी विशुन कोरवा की पत्नी रजनी पहाड़ी कोरवा (20) अपने 2 वर्षीय बेटे आनंद के साथ मायके रकैया गांव गई थी।

बताया जा रहा है कि वहां से शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच वह बेटे को लेकर पैदल ही लौट रही थी। दोनों गांव के बीच स्थित बढ़नी झरिया नाले में कमर तक पानी भरा था। बेटे को गोद में लेकर रजनी कोरवा नाला पार कर रही थी, तभी दोनों नाले के तेज बहाव में बह गए।

बलरामपुर में नाले में बहने से मां-बेटे की मौत हो गई।

बलरामपुर में नाले में बहने से मां-बेटे की मौत हो गई।

पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा

मंगलवार सुबह ग्रामीणों ने मां-बेटे का शव घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर खेत में पड़ा देखा। सूचना शंकरगढ़ पुलिस को दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पंचनामा के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।

दूसरी घटना- बलरामपुर में डूबने से युवक की मौत

वहीं दूसरी घटना बलरामपुर जिले की है। जारगिम निवासी में मणिशंकर पैकरा (45) सोमवार को अपने अन्य साथियों के साथ गेउर नदी पार कर मछली पकड़ने के लिए गया हुआ था। दोपहर करीब तीन बजे ग्रामीण वापस जारगिम आने के लिए निकले, तब तक नदी में बाढ़ आ चुकी थी।

इस दौरान उफनती नदी को पार करने के दौरान मणिशंकर पैकरा बह गया। शाम को उसकी लाश नदी किनारे मिली है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को शव सौंपा जाएगा।

बलरामपुर में उफनती गेउर नदी को पार करते वक्त बाढ़ में बह जाने से युवक की मौत हो गई।

बलरामपुर में उफनती गेउर नदी को पार करते वक्त बाढ़ में बह जाने से युवक की मौत हो गई।

तीसरी घटना- राजपुर में बाढ़ में फंसे 3 कोरवा बच्चे

राजपुर क्षेत्र में बारिश के बीच गागर नदी में मछली पकड़ने गए 3 पहाड़ी कोरवा बच्चे घंटों तक फंसे रहे। राजपुर से तीन किलोमीटर दूर उधेनुपुरा के तीन पहाड़ी कोरवा बच्चे नदी में मछली पकड़ने गए थे। अचानक नदी का जल स्तर 3 बढ़ गया तो तीनों बच्चे बीच में ही फंस गए।

इस दौरान करीब तीन घंटे बाद नदी का जलस्तर कम हुआ, तो बच्चों को ग्रामीणों की मदद से बाहर निकाला गया। सभी बच्चे सुरक्षित हैं।

राजपुर में गागर नदी में मछली पकड़ने गए 3 पहाड़ी कोरवा बच्चे घंटों तक फंसे रहे।

राजपुर में गागर नदी में मछली पकड़ने गए 3 पहाड़ी कोरवा बच्चे घंटों तक फंसे रहे।

चौथी घटना- सूरजपुर में कंधे पर बाइक रखकर नदी पार कर रहे ग्रामीण

सूरजपुर जिले में लगातार हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। क्षेत्र में रुक-रुक कर हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। नदी चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के खोड़- छतौली मार्ग पर स्थित है। पुलिया का निर्माण अभी तक नहीं हो सका है।

ऐसे में कंधे पर बाइक रखकर जान जोखिम में डालकर ग्रामीण नदी पार कर रहे हैं, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है।

सूरजपुर में पुल नहीं होने के कारण लोग बाइक कंधे पर रखकर नदी पार रहे हैं।

सूरजपुर में पुल नहीं होने के कारण लोग बाइक कंधे पर रखकर नदी पार रहे हैं।

33 जिलों में अलर्ट

इस बीच मौसम विभाग ने आज पूरे छत्तीसगढ़ में बारिश का अलर्ट जारी किया है। बिलासपुर-कोरबा समेत 18 जिलों में गरज चमक के साथ पानी बरसेगा। वहीं रायपुर-धमतरी समेत 15 जिलों में बिजली गिर सकती है। अगले पांच दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी-बारिश की स्थिति बनी रहेगी।

सोमवार को प्रदेश के 100 से अधिक जगहों पर पानी बरसा। औसतन बारिश 29.42 मिमी रिकॉर्ड किया गया है। वहीं तापमान की बात करें तो 31.0°C के साथ बिलासपुर सबसे गर्म रहा और 19.0°C डिग्री न्यूनतम तापमान के साथ राजनांदगांव सबसे ठंडा रहा।

जून में 22% कम बरसा पानी, बलरामपुर में सबसे ज्यादा

1 जून से 30 जून तक प्रदेश में 151.2 MM बारिश हो चुकी है। जबकि पूरे जून में नॉर्मली 193.5 MM बारिश रिकॉर्ड की जाती है। इस लिहाज से अब तक बारिश लगभग 22% कम हुई है। सबसे ज्यादा बारिश बलरामपुर में हुई है।

यहां सामान्य से लगभग 112% प्रतिशत ज्यादा पानी बरसा है। जिले में जून में अब तक 293.7 MM पानी बरस चुका है। जबकि सामान्य तौर पर 138 MM पानी ही गिरता है।

बारिश की तस्वीर देखिए-

रायपुर में सोमवार दिनभर बादल छाए रहे, रिमझिम बारिश होती रही।

रायपुर में सोमवार दिनभर बादल छाए रहे, रिमझिम बारिश होती रही।

बारिश के बीच ई रिक्शा और अपने वाहनों से आना-जाना करते रहे लोग।

बारिश के बीच ई रिक्शा और अपने वाहनों से आना-जाना करते रहे लोग।

राजनांदगांव में कम बरसा पानी

वहीं सबसे कम बारिश राजनांदगांव और बेमेतरा में हुई है। राजनांदगांव में सामान्य से लगभग 66% कम पानी गिरा है। जिले में जून में 64.2 MM पानी बरसा है। जबकि बीते महीने में सामान्य तौर पर 189.3 मिमी पानी बरस जाना चाहिए था।

वहीं बेमेतरा में लगभग 62% कम बारिश हुई है। जिले में 67.4 MM पानी बरसा है। जबकि बीते महीने में सामान्य तौर पर 175.8 मिमी पानी बरस जाना चाहिए था।

प्रदेश के आंकड़ों पर ओवरऑल बात करें तो एक जिले में सामान्य से बहुत अधिक पानी गिरा है। एक जिले में सामान्य से अधिक पानी गिरा है। नौ जिलों में सामान्य पानी बरसा है। 20 जिलों में नॉर्मल से कम पानी गिरा है। दो जिलों में सामान्य से बहुत कम बारिश हुई है।

मई में 374 फीसदी ज्यादा बारिश हुई थी

पिछले माह लगातार बने सिस्टम और करीब 14 दिन पहले आए मानसून ने पूरे छत्तीसगढ़ में मई महीने में जमकर बारिश कराई। इस दौरान औसत से 373 फीसदी ज्यादा पानी गिर गया। इसके बाद से मानसून पिछले करीब 12 दिनों से ठहरा है। यह आगे ही नहीं बढ़ रहा है।

छत्तीसगढ़ में 22 मई से 28 मई के बीच 53.51 मिलीमीटर औसत बारिश हो चुकी है। प्रदेश में मानसून में औसतन 1200 मिलीमीटर पानी बरसता है। पिछले साल 1276.3 MM पानी गिरा था।

पिछले साल के मुकाबले तापमान कम

हालांकि इस बार की स्थित पिछले साल के मुकाबले बेहतर है। साल 2024 में जून का अधिकतम तापमान 45.7°C था, जो 1 जून को दर्ज किया गया था। जबकि इस साल अधिकतम तापमान अब तक 42 से 43°C के आस-पास ही रहा है।

वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.5°C 19 जून को रिकॉर्ड किया गया था। पिछले साल जून में पूरे महीने के औसत तापमान की बात करें तो 38.6°C रहा था। वहीं न्यूनतम औसतन तापमान 27.7°C दर्ज किया गया था।

लंबा रह सकता है मानसून

मानसून के केरल पहुंचने की सामान्य तारीख 1 जून है। इस साल 8 दिन पहले यानी 24 मई को ही केरल पहुंच गया था। मानसून के लौटने की सामान्य तारीख 15 अक्टूबर है। अगर इस साल अपने नियमित समय पर ही लौटता है तो मानसून की अवधि 145 दिन रहेगी। इस बीच मानसून ब्रेक की स्थिति ना हो तो जल्दी आने का फायदा मिलता सकता है।

इसलिए बिजली गिरती है

दरअसल, आसमान में विपरीत एनर्जी के बादल हवा से उमड़ते-घुमड़ते रहते हैं। ये विपरीत दिशा में जाते हुए आपस में टकराते हैं। इससे होने वाले घर्षण से बिजली पैदा होती है और वह धरती पर गिरती है। आकाशीय बिजली पृथ्वी पर पहुंचने के बाद ऐसे माध्यम को तलाशती है जहां से वह गुजर सके।

अगर यह आकाशीय बिजली, बिजली के खंभों के संपर्क में आती है तो वह उसके लिए कंडक्टर (संचालक) का काम करता है, लेकिन उस समय कोई व्यक्ति इसकी परिधि में आ जाता है तो वह उस चार्ज के लिए सबसे बढ़िया कंडक्टर का काम करता है। जयपुर में आमेर महल के वॉच टावर पर हुए हादसे में भी कुछ ऐसा ही हुआ।

आकाशीय बिजली से जुड़े कुछ तथ्य जो आपके लिए जानना जरूरी

  • आकाशीय बिजली का तापमान सूर्य के ऊपरी सतह से भी ज्यादा होता है। इसकी क्षमता तीन सौ किलोवॉट अर्थात 12.5 करोड़ वॉट से ज्यादा चार्ज की होती है। यह बिजली मिली सैकेंड से भी कम समय के लिए ठहरती है।
  • यह मनुष्य के सिर, गले और कंधों को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है।
  • दोपहर के वक्त इसके गिरने की आशंका ज्यादा होती है।

आकाशीय बिजली से जुड़े मिथ

  • आकाशीय बिजली के एक चीज पर दो बार नहीं गिरती।
  • रबर, टायर या फोम इससे बचाव कर सकते हैं।-अगर कोई नाव चला रहा हो तो बाहर आ जाना चाहिए।
  • लम्बी चीजें आकाशीय बिजली से बचाव करती हैं।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

सक्ती में खुलेगा कृषि विज्ञान केंद्र:छत्तीसगढ़ के लिए 3.65 लाख नए पीएम आवास मंजूर, 2 लाख परिवारों का एकसाथ गृह प्रवेश

Published

on

सक्ती। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण आवास योजना को बड़ा विस्तार मिला है। केंद्र सरकार ने प्रदेश के लिए ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’ (पीएमएवाय-जी) के तहत 3.65 लाख अतिरिक्त आवासों की मंजूरी दी है। सक्ती जिले में आयोजित ‘प्रधानमंत्री आवास गृह प्रवेश’ और ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह घोषणा की और स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को सौंपा।

इस अवसर पर प्रदेश भर में नवनिर्मित 2 लाख आवासों में हितग्राहियों का एक साथ गृह प्रवेश कराया गया और उन्हें चाबियां सौंपी गईं। चौहान ने सक्ती जिले में कृषि विज्ञान केंद्र खोलने तथा बस्तर संभाग में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के सर्वे की समय-सीमा 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाने की घोषणा भी की।

चौहान ने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन 1,600 से अधिक पीएम आवास बनकर तैयार हो रहेहैं। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से ग्रामीण क्षेत्रों में आवास के साथ सड़क, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।

गरीब का पक्का घर सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। राज्य सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति देकर अपनी प्राथमिकता स्पष्ट कर दी थी। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.50 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।

कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे: शर्मा

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है। गांवों में शिक्षा, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाने की दिशा में भी तेजी से कार्य हो रहा है।

कका और कांग्रेस ने राज्य को तबाह किया: चौहान

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और ‘कक्का’(कका) ने मिलकर छत्तीसगढ़ को तबाह कर दिया। उन्होंने सक्ती जिले में शामिल होने से पहले रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा के दौरान यह बात कही।

चौहान ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा गरीबों के आवास के लिए भेजी गई राशि को कांग्रेस सरकार ने दबाकर रखा और प्रदेश के जरूरतमंदों को पक्के मकानों से वंचित किया। उन्होंने याद दिलाया कि गरीबों के हक के लिए भाजपा ने ‘मोर आवास मोर अधिकार’ आंदोलन चलाया था, जिसमें कार्यकर्ताओं ने लाठियां तक खाईं।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

CGPSC केस, भूपेश के OSD रहे एडिशनल कलेक्टर गिरफ्तार:दावा- उत्कर्ष चंद्राकर के साथ वॉट्सऐप चैट मिली, ED को 6 दिन की रिमांड

Published

on

रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने चेतन बोरघारिया को 6 दिन की ED रिमांड पर भेज दिया है।

ED ने कोर्ट में CGPSC घोटाले के आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर के साथ चेतन बोरघारिया की वॉट्सऐप चैट मिलने की जानकारी दी। इसी आधार पर कोर्ट ने पूछताछ के लिए ED को उनकी 6 दिन की रिमांड दी है। अब ED उनसे CGPSC गड़बड़ी मामले में पूछताछ करेगी। चेतन बोरघरिया पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के OSD के रूप में काम कर चुके हैं।

बता दें कि 6 दिन पहले ED ने घोटाले में आरोपी कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर को कोर्ट में पेश किया था। ED ने आरोपी उत्कर्ष की रिमांड बढ़ाने के लिए आवेदन नहीं दिया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी उत्कर्ष को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

ED ने बलरामपुर-रामानुजगंज के एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया को गिरफ्तार किया।

ED ने बलरामपुर-रामानुजगंज के एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया को गिरफ्तार किया।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 10 दिन पहले ही धमतरी और बलरामपुर में कार्रवाई की थी। धमतरी में एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघरिया के अमलतास पुरम स्थित घर पर टीम ने छापा मारा गया, जबकि बलरामपुर में भी उनसे पूछताछ की गई थी।

इधर, CGPSC घोटाले की जांच में कैंडिडेट्स को परीक्षा के पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर लाखों रुपए लेने की बात सामने आई है। ED के वकील सौरभ पांडेय के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार उत्कर्ष चंद्राकर की भूमिका अभ्यर्थियों तक प्रीलिम्स और मेन्स के पेपर पहुंचाने से जुड़ी थी।

10 दिन पहले ईडी ने एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया के ठिकानों पर रेड मारी थी।

10 दिन पहले ईडी ने एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघारिया के ठिकानों पर रेड मारी थी।

नौकरी दिलाने का दावा, 3 करोड़ से ज्यादा वसूली

जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर ने मेडिकल ऑफिसर डॉ. विकास चंद्राकर के साथ मिलकर अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी दिलाने का कथित नेटवर्क तैयार किया था।

अभ्यर्थियों को परीक्षा के अलग-अलग चरणों में मदद और प्री परीक्षा से इंटरव्यू तक सफलता की गारंटी देने का दावा किए जाने की बात सामने आई है। इसके बदले कैंडिडेट्स से 3 करोड़ रुपए से अधिक रकम वसूले जाने का दावा किया गया है।

ED ने इससे पहले कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर को अरेस्ट किया गया था।

ED ने इससे पहले कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर को अरेस्ट किया गया था।

पूर्व CM के PA और OSD के नाम का इस्तेमाल

जांच एजेंसी का दावा है कि, उत्कर्ष चंद्राकर ने कैंडिडेट्स से पैसे जुटाने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री के निजी सहायक (PA) और अपने मामा के.के. चंद्रवंशी के नाम, पद और प्रभाव का इस्तेमाल किया। इसके साथ ही तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ रहे OSD के नाम और प्रभाव का भी इस्तेमाल कर अभ्यर्थियों को प्रभावित करने की बात सामने आई है।

जानिए क्या है CGPSC घोटाला

यह मामला 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा है। आरोप है कि आयोग की परीक्षाओं और इंटरव्यू में पारदर्शिता को दरकिनार कर राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख वाले परिवारों के उम्मीदवारों को उच्च पदों पर चयनित किया गया।

इस दौरान योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी कर डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य राजपत्रित पदों पर अपने नजदीकी लोगों को पद दिलवाने का खेल हुआ। प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी। जांच एजेंसी ने छापेमारी में कई दस्तावेज और आपत्तिजनक साक्ष्य बरामद किए हैं।

इस घोटाले में सीबीआई ने तत्कालीन सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, उप परीक्षा नियंत्रक, चार चयनित अभ्यर्थियों और एक निजी व्यक्ति को पहले ही गिरफ्तार किया था। वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस मामले की जांच में जुटी है।

एजेंसी ने कथित कैश सिंडिकेट की पड़ताल के लिए करीब 30 लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था। इनमें विवादित अभ्यर्थियों के साथ एनजीओ, एक बड़ी कंपनी और रिसार्ट संचालकों से जुड़े लोग भी शामिल हैं। ईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर अभ्यर्थियों से वसूली गई रकम कहां से आई और किन लोगों तक पहुंचाई गई।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के 3 नेताओं को दिल्ली बुलाया गया:राष्ट्रीय सचिव की रेस में कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा, तीनों का हुआ इंटरव्यू

Published

on

रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के 3 नेता कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में राष्ट्रीय सचिव पद के चयन की प्रक्रिया के तहत दिल्ली बुलाया गया है। तीनों नेताओं के इंटरव्यू राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से लिए जा रहे हैं।

दिल्ली बुलाए जाने के बाद अब नजर इस बात पर है कि इनमें से किसे राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारी मिलती है। हालांकि अभी किसी नेता की नियुक्ति तय नहीं हुई है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।

राहुल-प्रियंका समेत राष्ट्रीय नेतृत्व ले रहा इंटरव्यू

जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय सचिवों के चयन की प्रक्रिया में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की भूमिका है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत राष्ट्रीय नेतृत्व इस प्रक्रिया से जुड़ा है।

छत्तीसगढ़ से 3 नेताओं को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे प्रदेश के नेताओं की राष्ट्रीय संगठन में भूमिका बढ़ने की संभावना बनी है।

कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में राष्ट्रीय सचिव पद के चयन की प्रक्रिया के तहत दिल्ली बुलाया गया है।

कोको पाढ़ी, नरेश ठाकुर और दीपक मिश्रा को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में राष्ट्रीय सचिव पद के चयन की प्रक्रिया के तहत दिल्ली बुलाया गया है।

चयन हुआ तो प्रदेश से राष्ट्रीय संगठन में बढ़ेगी हिस्सेदारी

तीनों नेताओं के पास युवा कांग्रेस, प्रदेश कांग्रेस और राष्ट्रीय संगठन में काम करने का अनुभव है। ऐसे में राष्ट्रीय सचिव के लिए इंटरव्यू तक पहुंचना ही प्रदेश कांग्रेस के भीतर महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

अगर इनमें से किसी नेता का चयन होता है तो छत्तीसगढ़ कांग्रेस को राष्ट्रीय संगठन में नई जिम्मेदारी मिलने के साथ प्रदेश के युवा नेताओं की राष्ट्रीय स्तर पर भूमिका भी बढ़ सकती है। फिलहाल सभी की नजर दिल्ली में चल रही चयन प्रक्रिया और उसके नतीजे पर है।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677