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कंगना मंडी के बाढ़ प्रभावित इलाके में पहुंचीं:नाराज महिला बोली- फोटो खिंचाने आई हो, BJP सांसद बोलीं- फंड लाऊंगी तो कांग्रेस वाले डकार जाएंगे
मंडी,एजेंसी। भाजपा सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट अपने संसदीय क्षेत्र मंडी (हिमाचल प्रदेश) के बाढ़ प्रभावित इलाके सराज पहुंचीं। यहां कंगना पर एक महिला भड़क गई। कंगना से कहा, ‘अब सिर्फ फोटो खिंचाने आई हो क्या। ऐसा थोड़ी होता है कि 2 आदमी पकड़ो, फोटो खिंचाओ और चलते बनो।’
इस पर कंगना ने महिला से कहा, ‘सारे लोग कंगना-कंगना बोलते रहते हैं। मेरे पास कौन सी कोई कैबिनेट है? मेरे पास मेरे 2 भाई हैं, जो मेरे साथ चलते रहते हैं। न ही मेरे पास कोई राहत कोष आता है। मैं स्पेशल पैकेज (फंड) लेकर आऊंगी, लेकिन उसे कांग्रेस सरकार डकार जाएगी।’
मंडी में 30 जून की रात से लेकर अब तक 16 जगह बादल फट चुके हैं। बाढ़ में बहने से 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 28 लोग अभी भी लापता हैं। कंगना मंडी से सांसद हैं। बाढ़ से हुए नुकसान के बाद वे 6 जुलाई से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं।

सराज में नुकसान पर लोकल लोगों से बातचीत करतीं सांसद कंगना रनोट।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में न जाने पर ट्रोल हुईं थीं कंगना
कंगना रनोट अपने दौरे से पहले सोशल मीडिया पर ट्रोल हुई थीं। कंगना ने X पर लिखा था, ‘मैं मंडी क्षेत्र का दौरा कर रही थी। इसी दौरान मेरी गाड़ी पर पत्थर आकर गिरा। यह समय हिमाचल में ट्रैवल के लिए सेफ नहीं है।’ इसके बाद लोगों ने मंडी में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दौरा न करने पर कंगना पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
इस पर जब पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ‘मुझे मालूम नहीं है। मैं इस बारे में टिप्पणी नहीं करना चाहता। यहां हम लोग हैं। हम उन लोगों के साथ जीने मरने के लिए हैं, जिनका कन्सर्न है। जिनका नहीं है, उनके बारे में मैं टिप्पणी नहीं करना चाहता।’
इसके जवाब में कंगना ने कहा था- ‘मैंने सराज और मंडी के बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचने की कोशिश की, लेकिन जयराम ठाकुर ने सलाह दी कि जब तक सड़कें बहाल नहीं हो जातीं, तब तक इंतजार करें।’
कंगना रनोट की जयराम ठाकुर पर पोस्ट…

पिछले साल भी प्रभावित इलाकों में देर से पहुंची थीं
पिछले साल 31 जुलाई को शिमला के समेज, कुल्लू के बागीपुल और मंडी में एक गांव में बादल फट गया था। तब करीब 51 लोगों की बाढ़ में बहने से मौत हो गई थी। उस दौरान भी कई दिन तक कंगना आपदा प्रभावितों से मिलने नहीं पहुंचीं।
तब कंगना ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में लिखा था, ‘मैंने बाढ़ प्रभावित इलाकों के विधायकों और DC से बात की, उन्होंने मुझे सलाह दी कि मैं अभी हिमाचल की यात्रा न करूं, क्योंकि कई जगहों पर रेड और ऑरेंज अलर्ट है।’
हालांकि कुछ दिन बाद कंगना बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचीं। यहां उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सुक्खू सरकार ने मुझे बाढ़ प्रभावित एरिया में जाने से रोका।

मंडी के आपदा प्रभावित क्षेत्र थुनाग पहुंचीं सांसद कंगना रनोट।
मंत्री विक्रमादित्य बोले- मदद के लिए कुर्सी की जरूरत नहीं
कंगना के कैबिनेट वाले बयान पर PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने तंज कसा। विक्रमादित्य सिंह ने अपने फेसबुक अकाउंट पर लिखा, ‘किसी की मदद करने के लिए कुर्सी की जरूरत नहीं होती। कैबिनेट हो न हो, दृढ़ इच्छाशक्ति होना आवश्यक है। दुख हुआ देखकर कि कैसे इस सारे विषय का उपहास उड़ाया जा रहा है।’
पवन खेड़ा बोले- इस्तीफा दें कंगना
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि रूलिंग पार्टी की MP कहती हैं कि उनके पास डिजास्टर के लिए फंड नहीं है। राहत के लिए पावर नहीं है। कंगना ने जिस तरह हंसते हुए यह बात कही है, यह बहुत ही असंवेदनशील है। MP को इस्तीफा दे देना चाहिए।
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भारत वेंचर्स शिखर सम्मेलन में स्टार्टअप ने पेश किए नए समाधान
जयपुर, एजेंसी। जयपुर में आयोजित भारत वेंचर्स शिखर सम्मेलन में शनिवार को स्टार्टअप ने सूचना एवं प्रौद्योगिकी, कृत्रिम मेधा, बैंकिंग, वित्त और परिवहन क्षेत्रों में नए समाधान पेश किए। कार्यक्रम में 20 से अधिक स्टार्टअप ने निवेशकों के सामने अपने नवाचार के बारे में बताया। कार्यक्रम में बैंकिंग और वित्त से जुड़े स्टार्टअप ने फिनटेक मंच, डिजिटल भुगतान समाधान, ब्लॉकचेन-आधारित सुरक्षा प्रणालियों और सूक्ष्म वित्त मॉडल पर ध्यान आकर्षित किया। इनका मकसद दक्षता को और अधिक बढ़ाना है।

परिवहन क्षेत्र पर केंद्रित स्टार्टअप ने विद्युत गतिशीलता, कृत्रिम मेधा आधारित यातायात प्रबंधन और हरित परिवहन में नवाचार के बारे में बताया, जिन्हें भविष्य-उन्मुख शहरी ढांचे के लिए अहम माना जा रहा है। भारत वेंचर शिखर सम्मेलन के दौरान फेडरेशन ऑफ यूनिकॉर्न इनोवेटिव स्टार्टअप्स एंड इंडस्ट्रीज (एफयूआईएसआई) के पदाधिकारियों का स्थापना समारोह भी हुआ, जिसमें शोधकर्ताओं, नवप्रवर्तकों और उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
पोद्दार समूह और एफयूआईएसआई के चेयरमैन आनंद पोद्दार ने कहा कि संस्था का लक्ष्य 10,000 स्टार्टअप को सलाह, अनुदान और ज्ञान-साझाकरण पहलों के माध्यम से सहयोग देना है। संगठन का ध्यान नवीकरणीय ऊर्जा, मीडिया तकनीक, हरित अर्थव्यवस्था और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों पर है। भारत वेंचर के चेयरमैन डॉ. संजय खंडेलवाल ने कहा, ”स्टार्टअप भारत की आर्थिक वृद्धि के प्रमुख इंजन है। एफयूआईएसआई के माध्यम से निवेश, मार्गदर्शन और तकनीकी समर्थन देकर युवाओं के विचारों को वास्तविकता में बदलने का प्रयास किया जा रहा है।”
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‘भारतीय हवाई या जमीनी रास्ते से ईरान की न करें यात्रा…’ विदेश मंत्रालय ने जारी की नई एडवाइजरी
तेहरान/नई दिल्ली, एजेंसी। क्षेत्रीय तनाव और अनिश्चितता के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए एक नई और सख्त एडवाइजरी जारी की है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों को स्पष्ट रूप से ईरान की यात्रा न करने की सलाह दी है।

हवाई और जमीनी यात्रा पर रोक
दूतावास द्वारा जारी बयान के अनुसार, हालांकि भारत और ईरान के बीच कुछ सीमित उड़ानें फिर से शुरू होने की खबरें हैं, लेकिन नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे हवाई या जमीनी मार्ग से ईरान की यात्रा न करें। दूतावास ने चेतावनी दी है कि क्षेत्रीय तनाव के कारण हवाई क्षेत्र (Airspace) पर प्रतिबंध और परिचालन संबंधी अनिश्चितताएं अभी भी बनी हुई हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हो रही हैं।
ईरान में मौजूद भारतीयों के लिए निर्देश
जो भारतीय नागरिक वर्तमान में ईरान में हैं, उन्हें दूतावास ने सख्त निर्देश दिए हैं कि वे दूतावास के साथ समन्वय करते हुए निर्धारित जमीनी सीमा मार्गों (land border routes) के माध्यम से देश छोड़ दें। सरकार ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे मार्गदर्शन और सहायता के लिए दूतावास के निरंतर संपर्क में रहें।
वर्तमान स्थिति
ईरान ने हाल ही में इमाम खुमैनी और मेहराबाद जैसे अपने प्रमुख हवाई अड्डों को फिर से खोलना शुरू किया है और मशहद हवाई अड्डे से भी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की अनुमति दी गई है। हालांकि, यह स्थिति 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद पैदा हुए क्षेत्रीय संघर्ष के कारण अस्थिर बनी हुई है। भले ही वर्तमान में एक नाजुक संघर्ष विराम (ceasefire) है, लेकिन यात्रा और सुरक्षा स्थितियों को लेकर अभी भी गहरा संशय बना हुआ है।
मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर किसी भी सहायता या आपात स्थिति के लिए, भारतीय दूतावास ने निम्नलिखित मोबाइल नंबर साझा किए हैं, जिन पर भारतीय नागरिक संपर्क कर सकते हैं:
- +989128109115
- +989128109109
- +989128109102
- +989932179359
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जुलाई में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाएंगे PM मोदी, मेलबर्न में भारतीय समुदाय को करेंगे संबोधित
नई दिल्ली,एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस साल जुलाई में ऑस्ट्रेलिया की आधिकारिक यात्रा पर जा सकते हैं। शुक्रवार को राजनयिक सूत्रों और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। पीएम मोदी का यह दौरा उनके क्षेत्रीय प्रवास का हिस्सा होगा, जिसमें वे इंडोनेशिया और न्यूजीलैंड की यात्रा भी करेंगे।

दौरे का संभावित कार्यक्रम
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी सबसे पहले इंडोनेशिया जाएंगे। 7 और 8 जुलाई को वे न्यूजीलैंड के दौरे पर रहेंगे। इसके बाद 9 और 10 जुलाई को दो दिवसीय यात्रा के लिए प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया पहुँचेंगे।
मेलबर्न में होगा भव्य ‘प्रवासी कार्यक्रम’
इस यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण भारतीय समुदाय (Diaspora) के साथ होने वाला सार्वजनिक कार्यक्रम होगा। सूत्रों के मुताबिक, सिडनी के बजाय इस बार मेलबर्न को एक बड़े सामुदायिक जमावड़े के लिए चुना गया है। अधिकारियों ने मेलबर्न में दो बड़े इनडोर स्टेडियमों का निरीक्षण किया है, जिनकी क्षमता 14,000 से 35,000 के बीच है। जुलाई में ऑस्ट्रेलिया की ठंड और बारिश को देखते हुए इनडोर वेन्यू (छत वाले स्टेडियम) को प्राथमिकता दी जा रही है।

सिडनी में होगी आधिकारिक द्विपक्षीय वार्ता
जहाँ एक ओर मेलबर्न में मेगा कम्युनिटी इवेंट होगा, वहीं दूसरी ओर ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बनीस का कार्यालय सिडनी में पीएम मोदी की मेजबानी के लिए उत्सुक है। यहाँ दोनों देशों के बीच व्यापारिक, आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को लेकर उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठकें होने की संभावना है।
व्यापारिक संगठनों में मची होड़
प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान कई बड़े बिजनेस इवेंट्स के लिए भी होड़ मची है। ऑस्ट्रेलिया इंडिया बिजनेस काउंसिल (AIBC) अपनी 40वीं वर्षगांठ मना रहा है और वे पीएम मोदी की मेजबानी करना चाहते हैं। साथ ही ‘ऑस्ट्रेलिया-इंडिया सीईओ फोरम’ भी एक हाई-प्रोफाइल मीटिंग की रेस में है। हालांकि, माना जा रहा है कि आधिकारिक तौर पर केवल एक ही संगठन को कार्यक्रम की अनुमति मिलेगी।

भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों में बढ़ती गर्मजोशी
इससे पहले पीएम मोदी मई 2023 में सिडनी गए थे, जहाँ उन्होंने ‘क्वाड’ सम्मेलन में हिस्सा लिया था। उस यात्रा के दौरान ब्रिस्बेन में नए भारतीय वाणिज्य दूतावास और बेंगलुरु में ऑस्ट्रेलियाई वाणिज्य दूतावास खोलने जैसी महत्वपूर्ण घोषणाएं हुई थीं। एबीसी (ABC) के विदेश मामलों के संवाददाता स्टीफन डज़ेडज़िक ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि यह दौरा तय होता है, तो यह ऑस्ट्रेलिया के लिए कूटनीतिक रूप से एक बड़ा साल होगा, जिसमें कारने, वॉन डेर लेयेन और ताकाइची के बाद अब मोदी भी शिरकत करेंगे।
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