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छत्तीसगढ़

बिलासपुर में डूबी कॉलोनियां…कोरबा में बाढ़ में फंसे 17 लोग:जांजगीर-चांपा में उफनती नदी पार रहे लोग, रायपुर-दुर्ग समेत मध्य छत्तीसगढ़ में रेड अलर्ट

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रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में पिछले 3 दिनों से जोरदार बारिश हो रही है। बिलासपुर में कई इलाके डूब गए हैं। बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में सड़कों पर नालियों का पानी आ गया है। वहीं कोरबा जिले में रविवार शाम आई बाढ़ में फंसे 17 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

मिली जानकारी के मुताबिक ढुकुपथरा और लब्दापारा के ये ग्रामीण खेती के काम से गए थे। भारी बारिश के कारण नदी में अचानक आई बाढ़ में ये लोग फंस गए। इनमें बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे। वहीं जांजगीर चांपा में बच्चों को लेकर लोग उफनती नदी को पार कर रहे हैं।

वहीं मौसम विभाग ने मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं उत्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों में भी भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जल भराव हो गया है।

मौसम विभाग ने रायपुर, दुर्ग, महासमुंद, बलौदाबाजार, गरियाबंद, धमतरी, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम में ऑरेज अलर्ट जारी किया है। वहीं बिलासपुर और बस्तर संभाग के जिलों में यलो अलर्ट है।

बिलासपुर में कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। बारिश के कारण घरों में पानी घुस गया है। यह तस्वीर बिलासपुर के शेखर गुप्तार ने ड्रोन से ली है।

बिलासपुर में कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। बारिश के कारण घरों में पानी घुस गया है। यह तस्वीर बिलासपुर के शेखर गुप्तार ने ड्रोन से ली है।

जांजगीर चांपा में बच्चों को लेकर लोग उफनती नदी को पार कर रहे हैं।

जांजगीर चांपा में बच्चों को लेकर लोग उफनती नदी को पार कर रहे हैं।

तस्वीर मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर स्थित अमृतधारा वाटरफॉल की है। जहां बारिश के बाद हसदेव नदी उफान पर है।

तस्वीर मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर स्थित अमृतधारा वाटरफॉल की है। जहां बारिश के बाद हसदेव नदी उफान पर है।

कोरबा के पाली ब्लॉक के ढुकुपथरा और पोंडी के लब्दापारा के ये ग्रामीण खेती के काम से गए थे।

कोरबा के पाली ब्लॉक के ढुकुपथरा और पोंडी के लब्दापारा के ये ग्रामीण खेती के काम से गए थे।

रायपुर में तेज बारिश के बीच स्कूल जाता हुआ छात्र।

रायपुर में तेज बारिश के बीच स्कूल जाता हुआ छात्र।

रायपुर में देर रात से रुक-रुककर तेज बारिश हुई है। काले बादल छाए हुए हैं।

रायपुर में देर रात से रुक-रुककर तेज बारिश हुई है। काले बादल छाए हुए हैं।

बिलासपुर, सरगुजा के कई इलाकों में जलभराव

पिछले 24 घंटों में सरगुजा और बिलासपुर संभाग के अधिकांश जगहों पर पानी बरसा। सरगुजा में पॉश कॉलोनी से लेकर निचली बस्तियों में पानी भर गया। अंबिकापुर के कुंडला सिटी में दो से तीन फीट तक पानी भर जाने से रोड पर खड़ी कई कार आधी डूब गईं। घरों में भी पानी घुस गया।

रविवार को हुई बारिश के बाद शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया। पुराना बस स्टैंड, सरकंडा, तोरवा, श्रीकांत वर्मा मार्ग, व्यापार विहार, हंसा विहार, देवरीखुर्द, राजकिशोर नगर, मोपका, सिरगिटटी, मंगला, उसलापुर आदि क्षेत्रों में लबालब पानी भर गया है। कई स्थानों पर सड़कों पर पानी का स्तर एक फीट तक पहुंच गया, जिससे यातायात में बाधा आई और लोगों को परेशान होते रहे।

वहीं, सरकंडा, सिरगिट्‌टी व चुचुहियापारा के कई जगहों में बारिश का पानी घरों में घुस गया। इसके चलते लोगों को पूरे दिन परेशानियों का सामना करना पड़ा। रविवार की रात हुई बारिश के बाद फिर से उनकी चिंता बढ़ गई है। बारिश ज्यादा हुई तो फिर से घरों तक पानी पहुंचने का डर सता रहा है।

तस्वीर बिलासपुर के बंधवापारा, इमलीभाठा, चौबे कॉलोनी, जोरापारा की है। जहां जलभराव हो गया।

तस्वीर बिलासपुर के बंधवापारा, इमलीभाठा, चौबे कॉलोनी, जोरापारा की है। जहां जलभराव हो गया।

छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ के अमृतधारा की तस्वीर है। भारी बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति है।

छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ के अमृतधारा की तस्वीर है। भारी बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति है।

राजनांदगांव में सामान्य से 60% कम बारिश राजनांदगांव जिले में इस मानसून सीजन में सबसे कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से अब तक जिले में मात्र 94 मिमी बारिश हुई है। यह औसत से 60% कम है। जबकि अब तक औसत 214 मिमी बारिश हो जानी थी।

खरीफ फसल की बुवाई इस कम बारिश से प्रभावित हुई है। जिले में अभी तक केवल 55% क्षेत्र में ही धान की बुवाई हो पाई है। हालांकि, रविवार रात से सोमवार तक हुई रिमझिम बारिश ने किसानों को कुछ राहत दी है। इससे बुवाई की गति में तेजी आई है।

राजनांदगांव जिले में अभी तक केवल 55% क्षेत्र में ही धान की बुआई हो पाई है।

राजनांदगांव जिले में अभी तक केवल 55% क्षेत्र में ही धान की बुआई हो पाई है।

बिलासपुर में उफान पर अरपा, घरों में घुसा पानी

बिलासपुर में रविवार दिनभर हुई बारिश से निचली कॉलोनियों में पानी भर गया। शहर के पुराना बस स्टैंड, मिशन अस्पताल रोड, सरकंडा सहित कई इलाके पानी में डूबे रहे।

अरपा नदी उफान पर है। उससे सटे निचले इलाकों में पानी घरों में घुस रहा है। लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं। निगम प्रशासन ने दावे किए थे कि इस बार जलभराव की नौबत नहीं आएगी, लेकिन हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है।

बिलासपुर में आफत की बारिश-

बिलासपुर में रविवार सुबह से बारिश हो रही है, कई इलाकों में पानी भर गया है।

बिलासपुर में रविवार सुबह से बारिश हो रही है, कई इलाकों में पानी भर गया है।

बिलासपुर में हो रही लगातार बारिश से कॉलोनियों में पानी घरों में घुस रहा है।

बिलासपुर में हो रही लगातार बारिश से कॉलोनियों में पानी घरों में घुस रहा है।

बिलासपुर में भास्कर रिपोर्टर सुरेश पांडेय ने लोगों से बात की। लोगों ने कहा कि निगम प्रशासन ने कोई तैयारी नहीं की है।

बिलासपुर में भास्कर रिपोर्टर सुरेश पांडेय ने लोगों से बात की। लोगों ने कहा कि निगम प्रशासन ने कोई तैयारी नहीं की है।

गरियाबंद में डूब गए खेत

रायपुर, दुर्ग, धमतरी, गरियाबंद, बेमेतरा, बालोद रविवार देर रात से ही रुक-रुककर बारिश हो रही है। गरियाबंद जिले के राजिम-फिंगेश्वर क्षेत्र में भी लगातार बारिश से खेतों में पानी भर गया है।

रायपुर और गरियाबंद जिले में देर रात से लगातार बारिश होती रही।

रायपुर और गरियाबंद जिले में देर रात से लगातार बारिश होती रही।

गरियाबंद जिले के राजिम-फिंगेश्वर क्षेत्र में लगातार बारिश से खेतों में पानी भर गया है।

गरियाबंद जिले के राजिम-फिंगेश्वर क्षेत्र में लगातार बारिश से खेतों में पानी भर गया है।

बलरामपुर में तेज बारिश से पुल बहा

बलरामपुर के गेरांव स्थित बांस झर्रा में पुल बहने से बड़मार क्षेत्र का संपर्क कई गांव से कट गया । मार्ग पर आना जाना बंद हो गया है। इलाके में लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। छत्तीसगढ़ में बारिश की बात करें तो 1 जून से अब तक 243.4 मिमी औसत बारिश रिकॉर्ड की गई है।

बीजापुर जिले में सबसे ज्यादा 382 मिमी बारिश और बेमेतरा जिले में सबसे कम 81.5 मिमी सबसे कम पानी गिरा है। आने वाले समय में मूसलाधार बारिश की उम्मीद है।

बलरामपुर के गेरांव के बांस झर्रा में पुल बहने से बड़मार क्षेत्र का संपर्क कई गांव से कट गया।

बलरामपुर के गेरांव के बांस झर्रा में पुल बहने से बड़मार क्षेत्र का संपर्क कई गांव से कट गया।

बारिश से जुड़ी ये तस्वीरें देखिए…

करार टिकरा गांव में जेवस नदी उफान पर है। बाढ़ का पानी गांव में घुस गया।

करार टिकरा गांव में जेवस नदी उफान पर है। बाढ़ का पानी गांव में घुस गया।

महासमुंद जिले के सरायपाली में स्थित रक्सा गांव में स्टॉप डैम के पास अचानक मिट्टी धंसने से वहां खड़ा शख्स लापता हो गया।

महासमुंद जिले के सरायपाली में स्थित रक्सा गांव में स्टॉप डैम के पास अचानक मिट्टी धंसने से वहां खड़ा शख्स लापता हो गया।

कोरबा में रेलवे ट्रैक के नीचे पुलिया निर्माण के दौरान कर्मचारी तेज बहाव में आ गया था।

कोरबा में रेलवे ट्रैक के नीचे पुलिया निर्माण के दौरान कर्मचारी तेज बहाव में आ गया था।

बिलासपुर-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन पुलिया के लिए बना बाईपास पानी में टूटकर दो हिस्सों में बंट गया।

बिलासपुर-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन पुलिया के लिए बना बाईपास पानी में टूटकर दो हिस्सों में बंट गया।

लंबा रह सकता है मानसून

मानसून के केरल पहुंचने की सामान्य तारीख 1 जून है। इस साल 8 दिन पहले यानी 24 मई को ही केरल पहुंच गया था। मानसून के लौटने की सामान्य तारीख 15 अक्टूबर है। अगर इस साल अपने नियमित समय पर ही लौटता है तो मानसून की अवधि 145 दिन रहेगी। इस बीच मानसून ब्रेक की स्थिति ना हो तो जल्दी आने का फायदा मिलता सकता है।

बारिश की और तस्वीरें देखिए

रायगढ़ के दुर्गा विहार कॉलोनी, विनोबा नगर और कुछ मोहल्लों के घरों में भी पानी घुस गया।

रायगढ़ के दुर्गा विहार कॉलोनी, विनोबा नगर और कुछ मोहल्लों के घरों में भी पानी घुस गया।

मैनपाट में मौसम हुआ सुहाना, बादलों से ढंका पहाड़।

मैनपाट में मौसम हुआ सुहाना, बादलों से ढंका पहाड़।

बस्तर का चित्रकोट वाटरफॉल भी अपने पूरे शबाब पर है।

बस्तर का चित्रकोट वाटरफॉल भी अपने पूरे शबाब पर है।

घरों से घुसे बारिश को पानी को फेंकते हुए लोग। गली में जलभराव हो गया।

घरों से घुसे बारिश को पानी को फेंकते हुए लोग। गली में जलभराव हो गया।

कोरबा के चिमनीभट्ठा इलाके में लोगों के घरों में बारिश का पानी घुस गया।

कोरबा के चिमनीभट्ठा इलाके में लोगों के घरों में बारिश का पानी घुस गया।

3 दिन पहले लगातार बारिश से कोरबा में घर का बरामदा और बाथरूम ढह गया।

3 दिन पहले लगातार बारिश से कोरबा में घर का बरामदा और बाथरूम ढह गया।

छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्से में इस समय मानसून सबसे ज्यादा एक्टिव है। बादलों से ढंका मैनपाट।

छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्से में इस समय मानसून सबसे ज्यादा एक्टिव है। बादलों से ढंका मैनपाट।

बलरामपुर में उफनती गेउर नदी को पार करते वक्त बाढ़ में बह जाने से युवक की मौत हो गई।

बलरामपुर में उफनती गेउर नदी को पार करते वक्त बाढ़ में बह जाने से युवक की मौत हो गई।

जानिए इसलिए गिरती है बिजली

दरअसल, आसमान में विपरीत एनर्जी के बादल हवा से उमड़ते-घुमड़ते रहते हैं। ये विपरीत दिशा में जाते हुए आपस में टकराते हैं। इससे होने वाले घर्षण से बिजली पैदा होती है और वह धरती पर गिरती है। आकाशीय बिजली पृथ्वी पर पहुंचने के बाद ऐसे माध्यम को तलाशती है जहां से वह गुजर सके।

अगर यह आकाशीय बिजली, बिजली के खंभों के संपर्क में आती है तो वह उसके लिए कंडक्टर (संचालक) का काम करता है, लेकिन उस समय कोई व्यक्ति इसकी परिधि में आ जाता है तो वह उस चार्ज के लिए सबसे बढ़िया कंडक्टर का काम करता है। जयपुर में आमेर महल के वॉच टावर पर हुए हादसे में भी कुछ ऐसा ही हुआ।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : राज्यपाल रमेन डेका ने आसमान में देखा भारतीय वायु सेना का अद्भुत शौर्य, साहस और कौशल

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सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों के रोमांचकारी करतबों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

 आकाशगंगा के स्काईडाइवर्स और गरुड़ कमांडोज ने भी दिखाया अदम्य साहस

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर सेंध लेक में आयोजित भव्य एयर-शो बना आकर्षण का केंद्र

 तिरंगे की मनमोहक फॉर्मेशन और ‘वंदे मातरम्’ की गूंज से देशभक्ति के रंग में रंगा आसमान

सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों के रोमांचकारी करतबों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों के रोमांचकारी करतबों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

रायपुर, 2 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के गौरवपूर्ण अवसर पर नवा रायपुर का आसमान आज भारतीय वायु सेना के अदम्य शौर्य, साहस, अनुशासन और अद्भुत उड़ान कौशल का साक्षी बना। सेंध लेक में आयोजित भारतीय वायु सेना की विश्वप्रसिद्ध सारंग एयरोबेटिक डिस्प्ले टीम के भव्य एयर-शो में राज्यपाल रमेन डेका शामिल हुए। इस अवसर पर आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम, गरुड़ कमांडोज और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम के जांबाजों ने अपने साहसिक करतबों, सटीक नियंत्रण और उत्कृष्ट समन्वय से उपस्थित जनसमूह को रोमांचित कर दिया। पांच हेलीकॉप्टरों की आकर्षक फॉर्मेशन, हैरतअंगेज हवाई करतबों, आसमान में तिरंगे की मनमोहक छटा और ‘वंदे मातरम्’ की गूंज ने पूरे वातावरण को देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना से सराबोर कर दिया।

सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों के रोमांचकारी करतबों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
    राज्यपाल रमेन डेका ने भारतीय वायु सेना के जांबाजों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रतिष्ठित सारंग टीम का यह आयोजन हम सभी के लिए गौरव और प्रसन्नता का विषय है। वायु वीरों ने जिस साहस, अनुशासन, आत्मविश्वास और सटीक समन्वय के साथ अपने कौशल का प्रदर्शन किया है, वह प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। यह आयोजन केवल रोमांचकारी हवाई करतबों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारतीय वायु सेना की उत्कृष्ट क्षमता, कठिन प्रशिक्षण, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना का जीवंत परिचय है। उन्होंने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कामना की, कि हमारा छत्तीसगढ़ निरंतर विकास, प्रगति और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करता रहे। उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना दिवस की खुशियों के बीच भारतीय वायु सेना के जांबाजों का यह अद्भुत प्रदर्शन प्रदेशवासियों के उत्साह और गौरव को और अधिक बढ़ा रहा है।

सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों के रोमांचकारी करतबों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
अनुशासन, आपसी विश्वास और टीम भावना का अनुपम उदाहरण है सारंग टीम
    राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि सारंग का अर्थ मोर होता है। जिस प्रकार मोर हमारे देश की विशिष्ट पहचान और सुंदरता का प्रतीक है, उसी प्रकार सारंग टीम भारतीय वायु सेना की गरिमा, उत्कृष्ट कौशल और अनुशासन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हवाई प्रदर्शन के दौरान हेलीकॉप्टरों की विभिन्न फॉर्मेशन और साहसिक करतब भले ही देखने में सहज और सुंदर दिखाई देते हों, लेकिन इनके पीछे विस्तृत योजना, निरंतर अभ्यास, गहरी एकाग्रता और     असाधारण समन्वय होता है। प्रत्येक पायलट को अपनी भूमिका के साथ-साथ अपने साथियों की गतिविधियों का भी पूरा ध्यान रखना पड़ता है। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में एक-दूसरे पर अटूट विश्वास और सटीक तालमेल ही ऐसी अद्भुत प्रस्तुतियों को संभव बनाता है। उन्होंने कहा कि सारंग टीम का प्रदर्शन हमें यह महत्वपूर्ण संदेश देता है कि अनुशासन, समर्पण, सामूहिक प्रयास और आपसी विश्वास से कठिन से कठिन लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। यह प्रदर्शन युवाओं को उत्कृष्टता प्राप्त करने, अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहने और सामूहिक प्रयासों से सफलता हासिल करने की प्रेरणा देता है।

सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों के रोमांचकारी करतबों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
आकाशगंगा के जांबाजों ने आसमान से उतरकर दिखाया अद्भुत साहस और सटीक नियंत्रण
    एयर-शो का रोमांचकारी शुभारंभ भारतीय वायु सेना की प्रसिद्ध आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम ने किया। खुले आसमान से छलांग लगाते हुए टीम के जांबाजों ने अपने पैराशूट को कुशलतापूर्वक नियंत्रित कर अदम्य साहस, संतुलन और सटीकता का परिचय दिया। निर्धारित दिशा और गति के अनुरूप पैराशूट को नियंत्रित करते हुए स्काईडाइवर्स ने सेंध लेक के सामने निर्धारित स्थान पर सटीक लैंडिंग की। उनके इस साहसिक प्रदर्शन को देखकर दर्शक रोमांचित हो उठे और सफल लैंडिंग के बाद पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस प्रस्तुति ने भारतीय वायु सेना के जवानों की शारीरिक दक्षता, मानसिक एकाग्रता और दृढ़ता और उच्चस्तरीय प्रशिक्षण की प्रभावशाली झलक प्रस्तुत की।
गरुड़ कमांडोज ने किया रेस्क्यू और कॉम्बैट ऑपरेशन का प्रभावशाली प्रदर्शन    
    आकाशगंगा टीम के प्रदर्शन के बाद भारतीय वायु सेना के गरुड़ कमांडोज ने अपने अदम्य साहस और विशेष ऑपरेशन की दक्षता का परिचय दिया। कमांडोज ने एयर-शो से पहले आठ हजार फीट की ऊंचाई से पैराशूट लैंडिंग कर दर्शकों को रोमांचित किया। इसके पश्चात एमआई-17 हेलीकॉप्टर से स्लिदरिंग का प्रदर्शन किया गया। हवा में स्थिर हेलीकॉप्टर से रस्सियों के सहारे नीचे उतरते जवानों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में निर्धारित स्थान तक पहुंचने की अपनी दक्षता प्रदर्शित की। सेंध लेक के सामने कमांडोज ने रेस्क्यू एवं कॉम्बैट ऑपरेशन का प्रभावशाली प्रदर्शन कर अपनी परिचालन क्षमता, त्वरित कार्रवाई और कठिन परिस्थितियों में मिशन को सफलतापूर्वक पूरा करने के कौशल का परिचय दिया। इसके पश्चात जवानों ने मंच को सलामी दी। उनके अनुशासित और साहसिक प्रदर्शन पर दर्शकों ने तालियों के साथ उत्साहवर्धन किया।
सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों की फॉर्मेशन और क्रॉसओवर करतब ने थाम दीं दर्शकों की सांसें
    एयर-शो का सबसे प्रमुख आकर्षण भारतीय वायु सेना की विश्वप्रसिद्ध सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम की शानदार प्रस्तुति रही। ग्रुप कैप्टन अभिजीत कुमार के नेतृत्व में टीम के पांच हेलीकॉप्टरों ने नवा रायपुर के आसमान में एक के बाद एक आकर्षक फॉर्मेशन और रोमांचकारी हवाई करतब प्रस्तुत किए। पायलटों ने अत्यंत सटीक नियंत्रण, संतुलन और बेहतरीन समन्वय के साथ हेलीकॉप्टरों को उड़ाकर अपने अद्भुत कौशल का परिचय दिया।
    आसमान में एक साथ उड़ते पांच हेलीकॉप्टरों की आकर्षक फॉर्मेशन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कभी हेलीकॉप्टर एक-दूसरे के बेहद करीब आते दिखाई दिए, तो कभी अलग-अलग दिशाओं में उड़ान भरते हुए पुनः निर्धारित फॉर्मेशन में एक साथ आ गए। प्रदर्शन के दौरान हेलीकॉप्टरों का बेहद नजदीक से एक-दूसरे को क्रॉस करने वाला रोमांचकारी ‘क्रॉसओवर’ करतब विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। तेज गति से एक-दूसरे के सामने से गुजरते हेलीकॉप्टरों को देखकर दर्शक आश्चर्यचकित रह गए। इस करतब में पायलटों के मन की एकाग्रता, उड़ान पर नियंत्रण और आपसी तालमेल का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिला।
सारंग के कॉकपिट से गूंजा ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’, दर्शकों का उत्साह हुआ दोगुना
    छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर सारंग टीम ने प्रदेश के प्रति अपने विशेष स्नेह और सम्मान का भी परिचय दिया। हवाई प्रदर्शन के दौरान ग्रुप कैप्टन श्री अभिजीत कुमार ने हेलीकॉप्टर के कॉकपिट से छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय उद्घोष ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ के माध्यम से प्रदेशवासियों का आत्मीय अभिवादन किया। आसमान से गूंजे इस उद्घोष ने उपस्थित जनसमूह के उत्साह को दोगुना कर दिया। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर भारतीय वायु सेना के जांबाजों द्वारा छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान और जनभावनाओं को सम्मान देने का यह क्षण दर्शकों के लिए विशेष रूप से यादगार बन गया।
तिरंगे की मनमोहक फॉर्मेशन और ‘वंदे मातरम्’ की गूंज से देशभक्ति के रंग में रंगा आसमान
    हवाई प्रदर्शन के अंतिम चरण में सारंग टीम ने ‘वंदे मातरम्’ गीत की गूंज के बीच तिरंगे की मनमोहक फॉर्मेशन प्रस्तुत की। आसमान में तिरंगे के रंगों की आकर्षक छटा, हेलीकॉप्टरों का अद्भुत तालमेल और देशभक्ति गीत की गूंज ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। शौर्य, साहस, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम से परिपूर्ण इस प्रस्तुति के साथ एयर-शो का भव्य एवं यादगार समापन हुआ। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने प्रदेशवासियों को भारतीय वायु सेना की उत्कृष्टता और राष्ट्रसेवा के गौरवशाली स्वरूप को निकट से देखने का अवसर प्रदान किया।
विश्वभर में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ा चुकी है सारंग टीम
    उल्लेखनीय है कि भारतीय वायु सेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम विश्व की एकमात्र पांच हेलीकॉप्टरों वाली एयरोबेटिक प्रदर्शन टीम है। यह टीम अपने सुनियोजित हवाई करतबों, आकर्षक फॉर्मेशनों और अद्भुत उड़ान कौशल के माध्यम से भारतीय वायु सेना की सटीकता, अनुशासन, व्यावसायिकता तथा उच्चस्तरीय प्रशिक्षण का परिचय देती है। सारंग टीम जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, मॉरिशस, रूस और मिस्र सहित दुनिया के अनेक देशों में अपने शानदार 1500 हवाई प्रदर्शनों से भारत की प्रतिष्ठा और गौरव को नई ऊंचाइयां प्रदान कर चुकी है।
    छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर नवा रायपुर में आयोजित यह भव्य एयर-शो प्रदेशवासियों के लिए विशेष गौरव और उत्साह का अवसर बना। आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम, गरुड़ कमांडोज और सारंग टीम की साहसिक प्रस्तुतियों ने राज्य स्थापना दिवस के उत्सव को और अधिक भव्य एवं यादगार बना दिया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल सहित सांसदगण, विधायकगण, निगम-मंडल के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में दर्शकगण उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़

मांडविया बोले-इंदिरा गांधी ने वोट चोरी कर जीता था चुनाव:कश्यप ने कांग्रेस नेताओं को लोमड़ी, PM को बताया बाघ, जगदलपुर में BJP की पदयात्रा

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जगदलपुर, एजेंसी। जगदलपुर में सोमवार को ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत भाजपा ने पदयात्रा निकाली। इससे पहले दंतेश्वरी मंदिर के सामने सभा हुई। इस दौरान केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि राहुल गांधी की दादी इंदिरा गांधी ने इलाहाबाद में वोट चोरी कर चुनाव जीता था। जिसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चुनाव रद्द कर दिया था।

वहीं वन मंत्री केदार कश्यप ने हल्बी में कहा कि देश का प्रधानमंत्री कौन होगा, यह पाकिस्तान या बांग्लादेश नहीं, बल्कि देश के लोग तय करेंगे। उन्होंने कांग्रेस नेताओं की तुलना लोमड़ी से और पीएम नरेंद्र मोदी को बाघ बताते हुए कहा कि देश में बाघ ही दहाड़ेगा।

केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया पदयात्रा में शामिल हुए।

केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया पदयात्रा में शामिल हुए।

जगदलपुर में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत पदयात्रा निकाली जा रही है।

जगदलपुर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत पदयात्रा निकाली जा रही है।

केंद्रीय मंत्री ने इंदिरा गांधी पर वोट चोरी का आरोप लगाया।

केंद्रीय मंत्री ने इंदिरा गांधी पर वोट चोरी का आरोप लगाया।

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छत्तीसगढ़

धीरेंद्र शास्त्री पर भूपेश का तंज-केमिकल लोचा है,रेबीज जांच हो:राम-कृष्ण की तुलना पर पूछा- हिंदू धर्म के ठेकेदारों की भावनाएं आहत क्यों नहीं हुईं?

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रायपुर, एजेंसी। कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की तुलना करने वाले बयान पर विवाद बढ़ता जा रहा है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मामले में शास्त्री पर निशाना साधा है। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में लिखा- ‘कोई तो केमिकल लोचा है। इनकी रेबीज वगैरह की जांच करवाना ठीक होगा।’

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में चल रही रामकथा में विवादित टिप्पणी की

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में चल रही रामकथा में विवादित टिप्पणी की

भूपेश बघेल ने फेसबुक पर किया पोस्ट

भूपेश बघेल ने फेसबुक पर किया पोस्ट

पूर्व सीएम भूपेश बघेल का पोस्ट

पूर्व सीएम भूपेश बघेल का पोस्ट

भूपेश बघेल ने आगे लिखा कि हिंदू-हिंदू करते-करते अब यह ढोंगी बाबा हिंदुओं के आराध्य देवी-देवताओं की खिल्ली उड़ाने लगा है। उन्होंने सवाल किया कि हिंदू धर्म के ठेकेदारों की भावनाएं आहत क्यों नहीं हो रही हैं।

हालांकि, धीरेंद्र शास्त्री के इस बयान पर मथुरा के साधु-संतों ने नाराजगी जताते हुए माफी की मांग की। विवाद बढ़ने के बाद शास्त्री ने सफाई देते हुए कहा कि राम और कृष्ण एक ही हैं, उनमें कोई अंतर नहीं है। उन्होंने किसी की भावना आहत होने पर माफी भी मांगी।

भूपेश बघेल ने धीरेंद्र शास्त्री पर लगाया था अंधविश्वास का आरोप

बतादें कि इससे पहले 2025 में भी भूपेश बघेल ने धीरेंद्र शास्त्री पर अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में धीरेंद्र शास्त्री ने मंच से कहा था कि “अगर हिंदू समाज को जोड़ना अंधविश्वास है, तो ऐसे लोग देश छोड़ दें।”

वहीं, भूपेश बघेल ने पलटवार करते हुए कहा था कि “जब धीरेंद्र शास्त्री पैदा भी नहीं हुए थे, तब से मैं हनुमान चालीसा पढ़ रहा हूं।” उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री को BJP का एजेंट तक बता दिया था।

क्या है पूरा विवाद?

दरअसल, मध्यप्रदेश के शिवपुरी में श्रीराम कथा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की तुलना करते हुए टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि श्रीकृष्ण की मुद्रा तीन जगह से टेढ़ी होती है, जबकि भगवान श्रीराम सीधे खड़े होते हैं।

उन्होंने अयोध्या और वृंदावन की तुलना करते हुए भी टिप्पणी की थी। शास्त्री के इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद मथुरा के साधु-संतों ने नाराजगी जताई और उनसे माफी मांगने को कहा।

विवाद बढ़ा तो धीरेंद्र शास्त्री ने दी सफाई

विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वीडियो जारी कर सफाई दी। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने उनकी बात का गलत मतलब निकाला है। उनका भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण में भेद करने का कोई इरादा नहीं था।

शास्त्री ने कहा कि वे खुद ठाकुरजी और ब्रज के भक्त हैं। वे श्रीमद्भागवत कथा कहते हैं और भगवान श्रीकृष्ण का गुणगान करते हैं। उन्होंने कहा कि राम और कृष्ण दोनों एक ही हैं और उनमें कोई अंतर नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी बात या व्याख्या से किसी की भावना आहत हुई है, तो वे माफी मांगते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि उनकी बात का गलत अर्थ निकालकर उसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश न किया जाए।

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