रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में पिछले 3 दिनों से जोरदार बारिश हो रही है। बिलासपुर में कई इलाके डूब गए हैं। बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में सड़कों पर नालियों का पानी आ गया है। वहीं कोरबा जिले में रविवार शाम आई बाढ़ में फंसे 17 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक ढुकुपथरा और लब्दापारा के ये ग्रामीण खेती के काम से गए थे। भारी बारिश के कारण नदी में अचानक आई बाढ़ में ये लोग फंस गए। इनमें बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे। वहीं जांजगीर चांपा में बच्चों को लेकर लोग उफनती नदी को पार कर रहे हैं।
वहीं मौसम विभाग ने मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं उत्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों में भी भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जल भराव हो गया है।
मौसम विभाग ने रायपुर, दुर्ग, महासमुंद, बलौदाबाजार, गरियाबंद, धमतरी, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम में ऑरेज अलर्ट जारी किया है। वहीं बिलासपुर और बस्तर संभाग के जिलों में यलो अलर्ट है।
बिलासपुर में कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। बारिश के कारण घरों में पानी घुस गया है। यह तस्वीर बिलासपुर के शेखर गुप्तार ने ड्रोन से ली है।
जांजगीर चांपा में बच्चों को लेकर लोग उफनती नदी को पार कर रहे हैं।
तस्वीर मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर स्थित अमृतधारा वाटरफॉल की है। जहां बारिश के बाद हसदेव नदी उफान पर है।
कोरबा के पाली ब्लॉक के ढुकुपथरा और पोंडी के लब्दापारा के ये ग्रामीण खेती के काम से गए थे।
रायपुर में तेज बारिश के बीच स्कूल जाता हुआ छात्र।
रायपुर में देर रात से रुक-रुककर तेज बारिश हुई है। काले बादल छाए हुए हैं।
बिलासपुर, सरगुजा के कई इलाकों में जलभराव
पिछले 24 घंटों में सरगुजा और बिलासपुर संभाग के अधिकांश जगहों पर पानी बरसा। सरगुजा में पॉश कॉलोनी से लेकर निचली बस्तियों में पानी भर गया। अंबिकापुर के कुंडला सिटी में दो से तीन फीट तक पानी भर जाने से रोड पर खड़ी कई कार आधी डूब गईं। घरों में भी पानी घुस गया।
रविवार को हुई बारिश के बाद शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया। पुराना बस स्टैंड, सरकंडा, तोरवा, श्रीकांत वर्मा मार्ग, व्यापार विहार, हंसा विहार, देवरीखुर्द, राजकिशोर नगर, मोपका, सिरगिटटी, मंगला, उसलापुर आदि क्षेत्रों में लबालब पानी भर गया है। कई स्थानों पर सड़कों पर पानी का स्तर एक फीट तक पहुंच गया, जिससे यातायात में बाधा आई और लोगों को परेशान होते रहे।
वहीं, सरकंडा, सिरगिट्टी व चुचुहियापारा के कई जगहों में बारिश का पानी घरों में घुस गया। इसके चलते लोगों को पूरे दिन परेशानियों का सामना करना पड़ा। रविवार की रात हुई बारिश के बाद फिर से उनकी चिंता बढ़ गई है। बारिश ज्यादा हुई तो फिर से घरों तक पानी पहुंचने का डर सता रहा है।
तस्वीर बिलासपुर के बंधवापारा, इमलीभाठा, चौबे कॉलोनी, जोरापारा की है। जहां जलभराव हो गया।
छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ के अमृतधारा की तस्वीर है। भारी बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति है।
राजनांदगांव में सामान्य से 60% कम बारिश राजनांदगांव जिले में इस मानसून सीजन में सबसे कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से अब तक जिले में मात्र 94 मिमी बारिश हुई है। यह औसत से 60% कम है। जबकि अब तक औसत 214 मिमी बारिश हो जानी थी।
खरीफ फसल की बुवाई इस कम बारिश से प्रभावित हुई है। जिले में अभी तक केवल 55% क्षेत्र में ही धान की बुवाई हो पाई है। हालांकि, रविवार रात से सोमवार तक हुई रिमझिम बारिश ने किसानों को कुछ राहत दी है। इससे बुवाई की गति में तेजी आई है।
राजनांदगांव जिले में अभी तक केवल 55% क्षेत्र में ही धान की बुआई हो पाई है।
बिलासपुर में उफान पर अरपा, घरों में घुसा पानी
बिलासपुर में रविवार दिनभर हुई बारिश से निचली कॉलोनियों में पानी भर गया। शहर के पुराना बस स्टैंड, मिशन अस्पताल रोड, सरकंडा सहित कई इलाके पानी में डूबे रहे।
अरपा नदी उफान पर है। उससे सटे निचले इलाकों में पानी घरों में घुस रहा है। लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं। निगम प्रशासन ने दावे किए थे कि इस बार जलभराव की नौबत नहीं आएगी, लेकिन हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है।
बिलासपुर में आफत की बारिश-
बिलासपुर में रविवार सुबह से बारिश हो रही है, कई इलाकों में पानी भर गया है।
बिलासपुर में हो रही लगातार बारिश से कॉलोनियों में पानी घरों में घुस रहा है।
बिलासपुर में भास्कर रिपोर्टर सुरेश पांडेय ने लोगों से बात की। लोगों ने कहा कि निगम प्रशासन ने कोई तैयारी नहीं की है।
गरियाबंद में डूब गए खेत
रायपुर, दुर्ग, धमतरी, गरियाबंद, बेमेतरा, बालोद रविवार देर रात से ही रुक-रुककर बारिश हो रही है। गरियाबंद जिले के राजिम-फिंगेश्वर क्षेत्र में भी लगातार बारिश से खेतों में पानी भर गया है।
रायपुर और गरियाबंद जिले में देर रात से लगातार बारिश होती रही।
गरियाबंद जिले के राजिम-फिंगेश्वर क्षेत्र में लगातार बारिश से खेतों में पानी भर गया है।
बलरामपुर में तेज बारिश से पुल बहा
बलरामपुर के गेरांव स्थित बांस झर्रा में पुल बहने से बड़मार क्षेत्र का संपर्क कई गांव से कट गया । मार्ग पर आना जाना बंद हो गया है। इलाके में लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। छत्तीसगढ़ में बारिश की बात करें तो 1 जून से अब तक 243.4 मिमी औसत बारिश रिकॉर्ड की गई है।
बीजापुर जिले में सबसे ज्यादा 382 मिमी बारिश और बेमेतरा जिले में सबसे कम 81.5 मिमी सबसे कम पानी गिरा है। आने वाले समय में मूसलाधार बारिश की उम्मीद है।
बलरामपुर के गेरांव के बांस झर्रा में पुल बहने से बड़मार क्षेत्र का संपर्क कई गांव से कट गया।
बारिश से जुड़ी ये तस्वीरें देखिए…
करार टिकरा गांव में जेवस नदी उफान पर है। बाढ़ का पानी गांव में घुस गया।
महासमुंद जिले के सरायपाली में स्थित रक्सा गांव में स्टॉप डैम के पास अचानक मिट्टी धंसने से वहां खड़ा शख्स लापता हो गया।
कोरबा में रेलवे ट्रैक के नीचे पुलिया निर्माण के दौरान कर्मचारी तेज बहाव में आ गया था।
बिलासपुर-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन पुलिया के लिए बना बाईपास पानी में टूटकर दो हिस्सों में बंट गया।
लंबा रह सकता है मानसून
मानसून के केरल पहुंचने की सामान्य तारीख 1 जून है। इस साल 8 दिन पहले यानी 24 मई को ही केरल पहुंच गया था। मानसून के लौटने की सामान्य तारीख 15 अक्टूबर है। अगर इस साल अपने नियमित समय पर ही लौटता है तो मानसून की अवधि 145 दिन रहेगी। इस बीच मानसून ब्रेक की स्थिति ना हो तो जल्दी आने का फायदा मिलता सकता है।
बारिश की और तस्वीरें देखिए
रायगढ़ के दुर्गा विहार कॉलोनी, विनोबा नगर और कुछ मोहल्लों के घरों में भी पानी घुस गया।
मैनपाट में मौसम हुआ सुहाना, बादलों से ढंका पहाड़।
बस्तर का चित्रकोट वाटरफॉल भी अपने पूरे शबाब पर है।
घरों से घुसे बारिश को पानी को फेंकते हुए लोग। गली में जलभराव हो गया।
कोरबा के चिमनीभट्ठा इलाके में लोगों के घरों में बारिश का पानी घुस गया।
3 दिन पहले लगातार बारिश से कोरबा में घर का बरामदा और बाथरूम ढह गया।
छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्से में इस समय मानसून सबसे ज्यादा एक्टिव है। बादलों से ढंका मैनपाट।
बलरामपुर में उफनती गेउर नदी को पार करते वक्त बाढ़ में बह जाने से युवक की मौत हो गई।
जानिए इसलिए गिरती है बिजली
दरअसल, आसमान में विपरीत एनर्जी के बादल हवा से उमड़ते-घुमड़ते रहते हैं। ये विपरीत दिशा में जाते हुए आपस में टकराते हैं। इससे होने वाले घर्षण से बिजली पैदा होती है और वह धरती पर गिरती है। आकाशीय बिजली पृथ्वी पर पहुंचने के बाद ऐसे माध्यम को तलाशती है जहां से वह गुजर सके।
अगर यह आकाशीय बिजली, बिजली के खंभों के संपर्क में आती है तो वह उसके लिए कंडक्टर (संचालक) का काम करता है, लेकिन उस समय कोई व्यक्ति इसकी परिधि में आ जाता है तो वह उस चार्ज के लिए सबसे बढ़िया कंडक्टर का काम करता है। जयपुर में आमेर महल के वॉच टावर पर हुए हादसे में भी कुछ ऐसा ही हुआ।
कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव
गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!
एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।
कोरबा। कोरबा जिले में एक जून से 28 जुलाई तक कुल 528.2 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। अधीक्षक भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार उक्त अवधि में जिले की तहसील कोरबा में 546.1 मिलीमीटर, अजगरबहार 372.8, भैंसमा, 478.4, करतला 471.1, बरपाली 567.5, कटघोरा 540.9 दीपका 572.5, दर्री 661.3, पाली 581.4, हरदीबाजार 429.4, पोंड़ी-उपरोड़ा 577.6, और पसान तहसील में 539.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
खनिज विभाग कोरबा की लगातार कार्यवाही से खनिज माफियाओं में मचा हड़कंप
कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश तथा उप संचालक, खनि प्रशासन के मार्गदर्शन में जिले में अवैध उत्खनन परिवहन व भण्डारण पर प्रतिबंध लगाने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत गठित खनिज उड़़नदस्ता दलों द्वारा जिले के कई स्थानों पर छापा मारकर सघन जांच की गई। जिस दौरान सीतामढ़ी में रेत का अवैध परिवहन कर रहे 2 ट्रेक्टर, बरमपुर में रेत का अवैध परिवहन कर रहे 1 टीपर, राताखार में गिट्टी का अवैध परिवहन कर रहे 2 हाइवा व रेत का अवैध परिवहन कर रहे 1 टीपर, कुसमुंडा में ईंट का अवैध परिवहन कर रहे 2 ट्रेक्टर तथा कटघोरा में रेत का अवैध परिवहन कर रहे 1 ट्रेक्टर सहित कुल 9 वाहनों पर कार्यवाही करते हुए जब्त कर सिटी कोतवाली थाना, सर्वमंगला पुलिस चौकी, कुसमुंडा थाना, दर्री थाना व खनिज जांच चौकी, कटघोरा की अभिरक्षा में सुरक्षार्थ रखा गया है।
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भण्डारण पर प्रतिबंध सुनिश्चित करना, अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना, प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा शासकीय राजस्व की हानि को रोकना है। नियमों का उल्लघंन करने, अवैध उत्खनन एवं परिवहन तथा भण्डारण में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध खान और खनिज ( विकास और विनियमन) अधिनियम 1957, छत्तीसगढ़़ गौण खनिज नियम 2015 और अन्य वैधानिक प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जा रही है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अवैध खनन, परिवहन और भण्डारण के विरुद्ध सघन अभियान लगातार जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।