रायगढ़ में 2703 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे, देर से आने वाले को नहीं मिली एंट्री
रायगढ़,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में आबकारी आरक्षक भर्ती की परीक्षा हो गई है। रायगढ़ जिले में 41 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। यहां 11,343 अभ्यर्थियों में 8, 640 कैंडिडेट ही परीक्षा देने आए। बाकी 2703 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। सबसे अधिक अनुपस्थिति उत्तम मेमोरियल कॉलेज पटेल पाली में रही।
यहां 420 दर्ज संख्या में 305 परीक्षार्थी परीक्षा देने पहुंचे और 115 अनुपस्थित रहे। इसके अलावा सेंट टेरेसा कान्वेंट स्कूल में 480 दर्ज संख्या में 371 उपस्थित रहे और 109 अनुपस्थित रहे। साथ ही सभी 41 परीक्षा केन्द्रों में कई परीक्षार्थी अनुपस्थित थे।
सुबह 11 बजे से दोपहर सवा 1 बजे तक चली परीक्षा में शामिल हुए जगन्नाथ गुप्ता ने बताया कि छत्तीसगढ़ से संबंधित प्रश्न आए थे। बाहर से प्रश्न नहीं आए थे। प्रश्नपत्र हार्ड नहीं थे और अच्छे से परीक्षा दिया गया।
देरी से पहुंचे अभ्यर्थी परीक्षा देने से वंचित रह गए।
एंट्री से पहले कड़ाई से जांच
सेंटर में एंट्री से पहले कड़ाई से जांच की गई। जो अभ्यर्थियों हाथ में कड़ा, रिंग, चाबी लेकर पहुंचे थे उन्हें उतरवा कर केंद्र के बाहर जमा कराया गया। फूल शर्ट और डार्क कपड़े पहनकर आए कुछ कैंडिडेट को प्रवेश ही नहीं दिया गया। लड़कियों को कान की बाली उतारकर आने बोले।
इसके अलावा कन्या हाई स्कूल के परीक्षा केंद्र में साढ़े दस बजे के बाद आने वाले 4-5 अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं दिया गया। नटवर हाई स्कूल परीक्षा केंद्र से भी 1-2 अभ्यर्थियों को वापस लौटाया गया। बता दें कि 200 पदों के लिए पूरे प्रदेश भर से लगभग 2 लाख 70 हजार कैंडिडेट परीक्षा दे रहे है।
लड़कियों के कान की बाली उतर वा दी गई।
व्यापम ने पहले ही गाइड लाइन जारी किया था
व्यापम ने परीक्षा को लेकर पहले ही गाइड लाइन जारी कर दिया था। जिसके मुताबिक, केंद्र में परीक्षा से पहले जांच और सत्यापन कार्य किया जाएगा। इसके बाद सुबह 10.30 बजे तक ही प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद किसी की एंट्री नहीं होगी। गाइड लाइन का पालन सभी को अनिवार्य है।
परीक्षा केन्द्रों में जांच
डिप्टी कलेक्टर प्रवीण भगत ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रवेश के दौरान अभ्यर्थियों की जांच की गई। सभी केन्द्र में एक पुरूष और एक महिला कर्मी ड्यूटी में तैनात किए गए थे। महिला अभ्यर्थियों की फ्रिस्किंग (कपड़ों की तलाशी लेना) महिला पुलिस कर्मी से ही कराया गया।
गाइड लाइन में इन बातों का जिक्र था
परीक्षार्थी को हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े और पैरों में सिर्फ चप्पल पहनना अनिवार्य था।
कान में किसी भी प्रकार का आभूषण प्रतिबंध किया गया था।
परीक्षा प्रारंभ होने के पहले आधा घंटा और परीक्षा समाप्ति के आखिरी आधा घंटा में परीक्षा कक्ष से बाहर जाना वर्जित है।
परीक्षा कक्ष में किसी प्रकार का संचार उपकरण इलेक्ट्रानिक उपकरण, इलेक्ट्रानिक घड़ी, पर्स, पाउच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूरी तरह प्रतिबंध है।
प्रवेश पत्र के सभी पेज का प्रिंट आउट लाना और पेज के केवल एक तरफ प्रिंट करें, क्योंकि प्रत्येक परीक्षा के लिए व्यापम की प्रति परीक्षा केंद्र में जमा हो जाएगी।
प्रवेश पत्र के साथ पहचान पत्र के रूप में मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पेन कार्ड, आधार कार्ड जिसमें अभ्यर्थी का फोटो हो, का एक मूल पहचान पत्र परीक्षा दिवस में परीक्षा केंद्र में लाना अनिवार्य था।
मूल पहचान पत्र जमा नहीं करने पर परीक्षा केंद्र में प्रवेश वर्जित।
दो रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो अनिवार्य।
अनुचित साधनों का उपयोग करने पर कार्रवाई
परीक्षार्थी परीक्षा कक्षा में केवल काले या नीले बाल पॉइंट पेन को ही उत्तर अंकित करने के लिए उपयोग कर सकते थे। गाइड लाइन में यह भी बताया गया है कि चयन-प्रवेश के समय प्रवेश पत्र मांगा जाता है। इसलिए उसे सुरक्षित रखें।
व्यापम ने दोबारा प्रवेश पत्र जारी नहीं किए जाने की बात कही गई है। निर्देशों का पालन नहीं करने पर अभ्यर्थी को परीक्षा देने से वंचित किया जाएगा। परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
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गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!
एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।
कोरबा। कोरबा जिले में एक जून से 28 जुलाई तक कुल 528.2 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। अधीक्षक भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार उक्त अवधि में जिले की तहसील कोरबा में 546.1 मिलीमीटर, अजगरबहार 372.8, भैंसमा, 478.4, करतला 471.1, बरपाली 567.5, कटघोरा 540.9 दीपका 572.5, दर्री 661.3, पाली 581.4, हरदीबाजार 429.4, पोंड़ी-उपरोड़ा 577.6, और पसान तहसील में 539.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
खनिज विभाग कोरबा की लगातार कार्यवाही से खनिज माफियाओं में मचा हड़कंप
कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश तथा उप संचालक, खनि प्रशासन के मार्गदर्शन में जिले में अवैध उत्खनन परिवहन व भण्डारण पर प्रतिबंध लगाने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत गठित खनिज उड़़नदस्ता दलों द्वारा जिले के कई स्थानों पर छापा मारकर सघन जांच की गई। जिस दौरान सीतामढ़ी में रेत का अवैध परिवहन कर रहे 2 ट्रेक्टर, बरमपुर में रेत का अवैध परिवहन कर रहे 1 टीपर, राताखार में गिट्टी का अवैध परिवहन कर रहे 2 हाइवा व रेत का अवैध परिवहन कर रहे 1 टीपर, कुसमुंडा में ईंट का अवैध परिवहन कर रहे 2 ट्रेक्टर तथा कटघोरा में रेत का अवैध परिवहन कर रहे 1 ट्रेक्टर सहित कुल 9 वाहनों पर कार्यवाही करते हुए जब्त कर सिटी कोतवाली थाना, सर्वमंगला पुलिस चौकी, कुसमुंडा थाना, दर्री थाना व खनिज जांच चौकी, कटघोरा की अभिरक्षा में सुरक्षार्थ रखा गया है।
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भण्डारण पर प्रतिबंध सुनिश्चित करना, अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना, प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा शासकीय राजस्व की हानि को रोकना है। नियमों का उल्लघंन करने, अवैध उत्खनन एवं परिवहन तथा भण्डारण में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध खान और खनिज ( विकास और विनियमन) अधिनियम 1957, छत्तीसगढ़़ गौण खनिज नियम 2015 और अन्य वैधानिक प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जा रही है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अवैध खनन, परिवहन और भण्डारण के विरुद्ध सघन अभियान लगातार जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।