कोरबा
विष्णु सुशासन को डेढ़ साल बीते, लेकिन शाकम्भरी बोर्ड का गठन नहीं, मरार पटेल समाज भड़का
कोरबा/ कटघोरा। छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के सत्तारूढ़ हुए डेढ़ साल से अधिक हो गए, लेकिन विष्णु सरकार शाकम्भरी बोर्ड का गठन नहीं कर पाई, जिससे मरार पटेल समाज को प्रतिनिधित्व नहीं मिल पा रहा है और शाकम्भरी योजनाओं का लाभ प्रदेश की जनता को ठीक से नहीं मिल पा रही है। कटघोरा में मंगलवार को मरार पटेल महासंघ की अहम बैठक संस्कृतिक भवन में आयोजित हुई जिसमें प्रदेशभर के जिला प्रमुख सहित वरिष्ठ पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित हुए और पदाधिकारियों ने शाकम्भरी बोर्ड का गठन न होने से अपनी भड़ास निकाली। सूत्रों जो जानकारी उपलब्ध कराई है, उसके मुताबिक समाज के वरिष्ठ सदस्य शाकम्भरी बोर्ड के गठन को लेकर एकजुट होकर शीघ्र ही मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और अपना दर्द साझा करेंगे।
बैठक में और भी कई महत्वपूर्ण लिए गए, जिसमें समाज का सांगठनिक ढांचा को मजबूत करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा समाज का अपना खुद का भवन हो, इसके लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत बताई गई। शासन के पास उनकी जो भी मांगें लंबित हैं, उनके निराकरण का भी सामूहिक प्रयास पर जोर दिया गया। सभी मामलों में उपस्थित पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने एकजुटता दिखाई।

छत्तीसगढ़ मरार पटेल महासंघ की कार्यकारिणी बैठक का भव्य आयोजन कटघोरा नगर के संस्कृति भवन में संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों से आए समाज के वरिष्ठजन, प्रतिनिधिगण एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बैठक का शुभारंभ समाज की आराध्य देवी मां शाकंभरी की विधिवत पूजा-अर्चना एवं मंत्रोच्चार के साथ किया गया। कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक समरसता से परिपूर्ण रहा। बैठक में समाज के उत्थान, संगठनात्मक मजबूती और भविष्य की दिशा को लेकर अनेक गंभीर विषयों पर चर्चा हुई। इस दौरान वक्ताओं ने विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं प्रशासनिक मुद्दों को लेकर अपने विचार व्यक्त किए और समाधान हेतु ठोस सुझाव रखे।

बैठक में समाज ने यह स्पष्ट रूप से कहा कि छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की सरकार को कार्यभार संभाले दो वर्ष होने को है, किंतु अब तक शाकंभरी बोर्ड का गठन नहीं किया गया है। समाज की यह पुरानी मांग है कि शाकंभरी बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त कर समाज को शासन से उचित प्रतिनिधित्व प्रदान किया जाए। महासंघ ने शासन से शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा जताई। बैठक में यह मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया गया कि कवर्धा जिले में कुछ समय पूर्व उत्पन्न हुए अंतर्घटकीय विवाह का समाधान अब तक नहीं हो पाया है। इस घटना ने समाज में असंतोष का माहौल उत्पन्न कर दिया है, जिसे समाप्त करने के लिए पंद्रह दिन का समय दिया गया।
समाज के बीच घटकिया शादियों में होने वाली आर्थिक लेन-देन की प्रथा पर चिंता जताई गई। यह निर्णय लिया गया कि इस तरह की प्रथाओं पर रोक लगाने हेतु समाज को जागरूक किया जाएगा और नियमावली को कड़ाई से लागू किया जाएगा।
शिक्षा के क्षेत्र में समाज के होनहार छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने हेतु यह प्रस्ताव पारित हुआ कि राज्यस्तर पर एक सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं तथा अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
संगठन की वित्तीय पारदर्शिता एवं संचालन को बेहतर करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया कि महासंघ का अधिकृत बैंक खाता रायपुर में खोला जाए, जिससे सभी लेन-देन सुचारू रूप से हो सके। समाज के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वरोजगार एवं महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर समाज को संगठित होकर कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। युवाओं को समाज सेवा से जोड़ने, बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सहायता पहुंचाने जैसे सुझाव सामने आए। बैठक में समाज के कई वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित जनों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ-साथ महासंघ प्रदेशाध्यक्ष बारतराम पटेल, संयोजक राजेंद्र नायक , कोषाध्यक्ष गीताराम पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष आत्मानारायण पटेल, सुरेंद्र पटेल, सलाहकार लोचन पटेल, दुर्गाप्रसाद पटेल, चैतन्य पटेल, लीलार सिंह पटेल, चिकित्सा प्रकोष्ठ अध्यक्ष डॉ. हलधर पटेल, सांस्कृतिक अध्यक्ष अशोक पटेल, राजनीति प्रकोष्ठ अध्यक्ष कृष्णा पटेल, शिक्षाप्रकोष्ठ अध्यक्ष नागेश्वर पटेल, कृषकप्रकोष्ठ रामफल पटेल, जिलाध्यक्ष सरवन पटेल, ललिता पटेल, सुरीतराम पटेल, बजरंग पटेल, गंगा पटेल, ईश्वर पटेल सहित सैकड़ों समाजबंधु इस अवसर पर उपस्थित रहे। विधायक प्रेमचंद पटेल ने समाज को संगठित रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मरार पटेल समाज एक श्रमशील, आत्मनिर्भर एवं संस्कृति प्रेमी समाज है। यदि समाज के सभी वर्ग मिलकर कार्य करें, तो आने वाले वर्षों में समाज की स्थिति और भी सशक्त हो सकती है। उन्होंने राज्य शासन स्तर पर समाज के लंबित मुद्दों को लेकर पहल करने का आश्वासन भी दिया।
कोरबा
धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे:मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी, पंडाल में झूपने लगे महिलाएं-पुरुष
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में 583 लोगों की ‘घर वापसी’ हुई। इनमें एक मुस्लिम परिवार भी शामिल है, जिन्होंने सनातन धर्म अपनाया है। वहीं, दरबार में महिलाएं और पुरुष झूमते नजर आए।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने धर्मांतरण कराने वालों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि, जब तक जिएंगे, हिंदुओं को न कटने देंगे, न बंटने देंगे और न मिटने देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि लालच में आकर जिन लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर दूसरा मजहब अपनाया था, उनमें से सैकड़ों लोग अब ‘घर वापसी’ कर रहे हैं।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।
कथा के चौथे दिन लगा दिव्य दरबार
दरअसल, कोरबा के ढपढप में 5 दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन किया गया है। आज चौथे दिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य दरबार में जनसैलाब उमड़ पड़ा। चौथे दिन 2 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे।
दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का विशेष इलाज किया गया। पर्चा लिखकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे। कुछ लोग जमीन पर लोटते और झूमते हुए दिखाई दिए।
जरूरतमंदों को दो रुपए – धीरेंद्र शास्त्री
दरबार के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक गरीब बुजुर्ग की मदद के लिए यजमानों और जनप्रतिनिधियों से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, लोग नाचने वाली स्त्रियों पर तो पैसे लुटाते हैं, लेकिन जरूरतमंदों की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।
धीरेंद्र शास्त्री ने बुजुर्ग की आर्थिक मदद की
बुजुर्ग ने धीरेंद्र शास्त्री को बताया कि, वो पाली मुनगाडीह का रहने वाला है। अपने घर से पैदल सुबह निकला था। इस दरबार में शामिल हो गया। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिस पर धीरेंद्र शास्त्री ने तत्काल 50 हजार दिए।
वहीं, सामने बैठे वीआईपी लोगों को आर्थिक मदद करने को कहा। जिसके बाद कुल 1 लाख 20 हजार रुपए बुजुर्ग को दिए गए। इसके बाद उन्होंने अपने टीम के वाहन से सुरक्षित घर तक छोड़ने को कहा।
धीरेंद्र शास्त्री बोले- हालेलुया वालों की ठठरी मारी जाएगी
इससे पहले कोरबा में ही बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्मांतरण पर कहा था कि, यहां आसपास हालेलुया वाले भी रहते हैं, उनकी भी ठठरी मारी जाएगी। अब यह खेल नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग राह भटक गए हैं, उनकी घर वापसी कराई जाएगी। इसके अलावा उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़ का भांचा बताया।

कोरबा
श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में हनुमान जन्मोत्सव पर विविध धार्मिक आयोजन
कोरबा। श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में भगवान श्री हनुमान के पावन जन्मोत्सव के अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

मंदिर समिति द्वारा दी जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल को दोपहर 2:00 बजे से अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ किया जाएगा, जो निरंतर चलता रहेगा।

2 अप्रैल को प्रातः 9:00 बजे से 12:00 बजे तक विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक हवन कार्यक्रम संपन्न होगा। हवन के उपरांत दोपहर 1:30 बजे से श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।

मंदिर समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करें एवं कार्यक्रम को सफल बनाएं।

कोरबा
एसईसीएल मुख्यालय के 4 कर्मियों को सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गयी
बिलासपुर/कोरबा। 31.03.2026 को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को 30 . 03.2026 को निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी सुनील कुमार, निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र एवं विभिन्न विभागाध्यक्षों, श्रम संघ प्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी कक्ष में शाल, श्रीफल, पुष्पहार से सम्मानित कर समस्त भुगतान का चेक प्रदान कर भावभीनी विदाई दी गयी।

सेवानिवृत्त होने वालों में सी.डी.एन सिंह महाप्रबंधक (वित्त) वित्त विभाग, जी श्यामला राव महाप्रबंधक (मा.सं) कल्याण विभाग, राम विनय कुमार, महाप्रबंधक (उत्खनन) उत्खनन विभाग, राज, सुरक्षा उप निरीक्षक- सुरक्षा विभाग शामिल रहे।
शीर्ष प्रबंधन ने अपने उद्बोधनों में कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारी अपनी कार्यकुशलता और समर्पण से एसईसीएल को सफलता की नई ऊँचाइयों तक लेकर गए हैं। उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। प्रबंधन ने सभी के उज्ज्वल भविष्य और सुखद पारिवारिक जीवन की कामना की।
सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी कम्पनी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि एसईसीएल में कार्य करना गौरव का विषय रहा। उन्होंने कहा कि यहाँ के अधिकारी और कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं और किसी भी जिम्मेदारी को पूर्ण निष्ठा से निभाते हैं।
कार्यक्रम का चालन एवं सेवानिवृत्त कर्मियों का परिचय प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने सफलतापूर्वक किया।

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