रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में बिजली बिल-केते एक्सटेंशन जैसे मुद्दे पर बीजेपी-कांग्रेस नेताओं की जुबानी जंग अब सोशल मीडिया वॉर में तब्दील हो गई है। दोनों दल सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के खिलाफ आपत्तिजनक कार्टून और मीम बनाकर वायरल कर रहे हैं।
बुधवार को 2 नए कार्टून पोस्ट किए गए, जिनसे विवाद और बढ़ गया। एक कार्टून में कांग्रेस ने बीजेपी नेताओं को पशु के रूप में दिखाया। वहीं इसके पलटवार में बीजेपी ने भी कांग्रेस नेताओं को लेकर आपत्तिजनक कार्टून पोस्ट कर दिया।
इन कार्टूनों को लेकर कांग्रेस ने कहा कि यह बीजेपी और RSS की मानसिकता को दिखाता है। वहीं बीजेपी ने भी जवाब में कहा कि वे कांग्रेस को उसी की भाषा में जवाब दे रहे हैं। पार्टियों के इस तरह के पोस्ट पर प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकारों का कहना है कि प्रदेश की राजनीति का स्तर गिरता जा रहा है।
किस कार्टून पर छिड़ा है विवाद:
कांग्रेस मीडिया सेल ने इंडिया नेशनल कांग्रेस पेज पर ये पोस्ट शेयर किए हैं-
अमेरिका की ओर से भारत पर लगाए गए टैरिफ पर कांग्रेस ने पोस्ट किया है।
इसके पलटवार में बीजेपी मीडिया सेल ने बीजेपी छत्तीसगढ़ पेज पर ये पोस्ट शेयर किए हैं-
कांग्रेस की पोस्ट के जवाब में भाजपा ने पलटवार किया है।
कांग्रेस के खिलाफ भाजपा की ये पोस्ट, राफेल सौदा, सेना, सर्जिकल स्ट्राइक जैसे मुद्दे को लेकर है।
भूपेश के बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी को लेकर बीजेपी ने पोस्ट किया है।
भाजपा की ये पोस्ट कर्नाटक चुनाव में बैलेट पेपर को लेकर है।
बीजेपी नेताओं को ये सीख RSS से मिली: धनंजय सिंह ठाकुर
कांग्रेस नेता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि बीजेपी के पास प्रदेश और देश को बताने के लिए कुछ भी नहीं है। इसलिए वो सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर कांग्रेस नेताओं के चरित्र हनन का प्रयास कर रही है। ये सीख इन्हें आरएसएस से मिलती है।
बीजेपी नेताओं ने महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी जैसे नेताओं की भी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है। अब वही प्रयास राहुल गांधी और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ किया जा रहा है।
कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा- बीजेपी नेताओं को ये सीख RSS से मिली है।
कांग्रेस जिस भाषा में बात करेगी, उसे उसी भाषा में जवाब देंगे: दीपक उज्जवल
इस मामले में बीजेपी नेता दीपक उज्जवल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश और प्रदेश में लगातार अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रही है। पीएम और सीएम को लेकर कांग्रेस नेता न सिर्फ आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे हैं, बल्कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट भी शेयर कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे हर पोस्ट और बयान का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। दीपक उज्जवल ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी की बयानबाजी पर टिप्पणी की है। राहुल गांधी बिना किसी सबूत के निराधार आरोप लगाते हैं।
दीपक उज्जवल ने कहा कि कांग्रेस जिस भाषा में बात करेगी, बीजेपी उसी भाषा में जवाब देगी।
बीजेपी नेता दीपक उज्जवल ने कहा कि कांग्रेस को उसी की भाषा में जवाब देंगे।
नेहरू-पटेल और अटल को मानने वाले राजनीति का स्तर गिरा रहे
वरिष्ठ पत्रकार उचित शर्मा ने कहा कि आज की नई तकनीक के जरिए जो राजनीति की तस्वीर पेश की जा रही है, वह बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि अब नेताओं को बंदर और कुत्ते जैसे जानवरों के रूप में दिखाया जा रहा है।
उचित शर्मा ने कहा कि राजनीतिक दल यह भूल रहे हैं कि वे नेहरू, सरदार पटेल और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेताओं की विरासत का दावा करते हैं। ऐसे में उन्हें यह सोचना चाहिए कि अगर युवा पीढ़ी ऐसे पोस्ट देखेगी तो उसका क्या असर पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि वे छत्तीसगढ़ की राजनीति को पिछले 25 वर्षों से देख रहे हैं। उन्होंने टेंट में चलने वाले सत्र भी देखे हैं और अब भव्य विधानसभाएं भी देख रहे हैं, लेकिन जितना राजनीतिक स्तर आज गिरा है, वैसा पहले कभी नहीं देखा।
शर्मा ने कहा कि राजनीति करना गलत नहीं है, लेकिन दोनों दलों को प्रदेश हित में जिम्मेदार और मर्यादित राजनीति करनी चाहिए।
बीजेपी-कांग्रेस के बीच पहले भी हो चुकी है सोशल मीडिया वॉर
बीजेपी और कांग्रेस नेताओं के बीच सोशल मीडिया वॉर का ये पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी विधानसभा चुनावों से पहले दोनों दलों के नेताओं ने एक-दूसरे पर जमकर आरोप लगाए थे और तीखी टिप्पणियां की थीं।
जब विवाद बढ़ा तो दोनों पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं के निर्देश पर मीडिया प्रभारियों ने सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के खिलाफ पोस्ट करना कम कर दिया था।
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के दौरान ये पोस्ट बीजेपी ने जारी किया था।
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने ये पोस्ट जारी किया था।
रायपुर, एजेंसी। रायपुर के एक कार्यक्रम में सरेंडर नक्सली महिलाओं ने रैंप वॉक किया। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर प्रदेश स्तरीय बुनकर सम्मेलन और स्वदेशी एक्सपो आयोजित किया गया था। जहां पूर्व महिला नक्सलियों ने कोसा साड़ी पहनकर हैंडलूम कपड़ों का प्रदर्शन किया।
यह फैशन शो सिर्फ पारंपरिक परिधानों का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि बदलते बस्तर और मुख्यधारा से जुड़कर नई जिंदगी शुरू कर रही महिलाओं की प्रेरक कहानी भी सामने लेकर आया। कभी बंदूक और हिंसा के साए में जीवन बिताने वाली इन महिलाओं ने आत्मविश्वास के साथ रैंप पर कदम रखा।
रैंप वॉक की तस्वीरें देखें…
कोसा सिल्क पहनकर उतरीं सरेंडर नक्सली महिलाएं।
रैंप पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध हथकरघा परंपरा की झलक दिखी।
रैंप वॉक करने वाली सभी महिलाएं पहली बार रायपुर पहुंची थीं।
रैंप वॉक के जरिए दिया संदेश
स्वदेशी फैशन शो में आत्मसमर्पित महिलाओं ने पूरे आत्मविश्वास के साथ रैंप वॉक किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक बुनाई और कोसा सिल्क से तैयार आकर्षक परिधानों को प्रदर्शित किया।
सरेंडर नक्सलियों ने रैंप वॉक के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया कि हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने के बाद सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन की नई शुरुआत संभव है।
कभी बंदूक के साए में जीवन बिताने वाली इन महिलाओं ने आत्मविश्वास के साथ रैंप पर कदम रखा।
सभी महिलाएं पहली बार रायपुर पहुंची
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि रैंप वॉक करने वाली लगभग सभी महिलाएं पहली बार रायपुर पहुंची थीं। उनके लिए यह अनुभव बेहद खास और यादगार रहा। पारंपरिक परिधानों में रैंप पर चलती महिलाओं के चेहरे पर आत्मविश्वास और उत्साह साफ नजर आया।
कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी आत्मसमर्पित महिलाओं से आत्मीय संवाद किया और उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने महिलाओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यधारा में लौट रहे लोगों के लिए शो
यह फैशन शो सरकार की पुनर्वास नीति के तहत मुख्यधारा में लौट रहे लोगों के सम्मान, आत्मनिर्भरता और नए अवसरों की दिशा में सकारात्मक संदेश के रूप में सामने आया।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के कोसा और पारंपरिक हथकरघा उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के प्रीमियम हैंडलूम ब्रांड ‘कोशल फैब’ का शुभारंभ किया।
रैंप वॉक पर दिखी हथकरघा परंपरा की झलक
रैंप पर कोसा सिल्क पहनकर उतरीं आत्मसमर्पित महिलाओं ने एक तरफ छत्तीसगढ़ की समृद्ध हथकरघा परंपरा की झलक दिखाई, वहीं दूसरी ओर बदलते बस्तर की ऐसी तस्वीर पेश की, जिसमें बंदूक की जगह हुनर और हिंसा की जगह आत्मनिर्भरता नजर आई।
‘लोकल टू ग्लोबल’ की ओर बढ़ते छत्तीसगढ़ में इन महिलाओं की मौजूदगी ने यह संदेश भी दिया कि पुनर्वास और अवसर मिलने पर वे अपनी नई पहचान और सम्मानजनक भविष्य बना सकती हैं।
जांजगीर-चांपा। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा, जिला जांजगीर-चांपा की प्रथम परिचयात्मक बैठक गुरुवार, 13 अगस्त को जिला कार्यालय जांजगीर-चांपा में आयोजित की गई। बैठक भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती विभा अवस्थी के निर्देशानुसार एवं जिला अध्यक्ष श्रीमती संतोषी सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुई।
बैठक का उद्देश्य महिला मोर्चा को जिले में और अधिक सशक्त एवं सक्रिय बनाना तथा संगठनात्मक गतिविधियों को बूथ एवं मंडल स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचाना रहा। बैठक में महिला कार्यकर्ताओं की अधिक से अधिक भागीदारी, संगठन विस्तार तथा आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम में जिला संगठन प्रभारी रामदेव कुमावत, जिला संगठन सह प्रभारी राजेंद्र वैष्णव, जिला भाजपा अध्यक्ष अंबेश जांगड़े, प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
वहीं विशेष अतिथि के रूप में महिला मोर्चा भाजपा जिला प्रभारी श्रीमती पुनिता डहरिया, जिला सह प्रभारी श्रीमती विभा गौरहा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यालता मीरी, बलौदा जनपद पंचायत, जिला महामंत्री श्रीमती नन्दनी राजवाड़े, जिला महामंत्री शक्ति श्रीमती मोहन कुमारी साहू, अध्यक्ष श्रीमती शारदा सनत देवांगन, नवागढ़ जनपद अध्यक्ष श्रीमती प्रीति देवी सिंह, नपा अध्यक्ष श्रीमती रेखा गढ़वाल, नपं अध्यक्ष श्रीमती अर्चना देवांगन, जिला पंचायत सभापति श्रीमती प्रियंका सिंह, श्रीमती संतोषी रात्रे की गरिमामयी उपस्थिति रही।
बैठक में जिला एवं मंडल स्तर की महिला मोर्चा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बहनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। उपस्थित अतिथियों ने महिला कार्यकर्ताओं को संगठन को मजबूत करने, सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने तथा महिलाओं को पार्टी की विचारधारा एवं संगठन से जोड़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का मंच संचालन भाजपा महिला मोर्चा जिला जांजगीर-चांपा की जिला महामंत्री डॉ. धनेश्वरी जागृति ने किया। अंत में महिला मोर्चा की ओर से सभी अतिथियों एवं उपस्थित कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त जिला उपाध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा डेहरे द्वारा किया गया।
बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित रहे संतोष लहरे, अमर सुल्तानिया, रवि पाण्डेय, प्रदीप श्रॉफ, श्रीमती उमा सोनी, श्रीमती संगीता पाण्डेय, श्रीमती, पूजा राठौर, श्रीमती संजीत माली, श्रीमती प्रेमलता कौशिक, श्रीमती अन्नपूर्णा सोनी, श्रीमती मेघा यादव, श्रीमती संतोषी बरेठ, श्रीमती रोशनी राठौर, श्रीमती कल्याणी केशरवानी, श्रीमती शशि राठौर, श्रीमती पुष्पा सिंह, श्रीमती मनीषा गोपाल, श्रीमती पूनम राय,श्रीमती पूनम अग्रवाल सहित सभी मंडल के महिला मोर्चा की अध्यक्ष महामंत्री एवं जिला एवं मंडल पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रहीं और महिला मोर्चा को जिले में और अधिक प्रभावी एवं सशक्त बनाने का संकल्प लिया।
कोरबा। कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थय अधिकारी, जिला कोरबा द्वारा जिला खनिज न्यास मद अंतर्गत पैरामेडिकल स्टॉफ के पद पर भर्ती हेतु विज्ञापन प्रकाषित कर आवेदन आमंत्रित किया गया था। कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थय अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार विज्ञापित पद पर प्राप्त आवेदन के आधार पर स्टॉफ नर्स, डेªसर, ग्रामीण स्वास्थय संयोजक महिला एवं ग्रामीण स्वास्थय संयोजक पुरूष के पद पर पात्र/अपात्र की सूची कार्यालयीन सूचना पटल पर चस्पा तथा कोरबा जिले के शासकीय वेबसाईट www.korba.gov.in मे सर्व संबंधितों के अवलोकनार्थ एवं दावा आपत्ति हेतु अपलोड़ कर दिया गया है। सूची के समस्त कॉलमों का उम्मीद्वारों द्वारा सूक्ष्म अवलोकन कर दावा आपत्ति कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थय अधिकारी में 31 अगस्त 2026 समय 5ः00 बजे तक मय आवश्यक दस्तावेज सहित प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित तिथि एवं समय के पश्चात् किसी भी प्रकार का दावा आपत्ति स्वीकार नही किया जायेगा। निर्धारित समय पर प्राप्त दावा आपत्ति का नियमानुसार निराकरण कर पृथक से दावा आपत्ति निराकरण सूची एवं पात्र सूची कार्यालयीन सूचना पटल पर चस्पा तथा उक्त वेबसाईट पर अपलोड किया जायेगा।