विदेश
ट्रम्प ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन को चेतावनी दी:कहा- बातचीत के बाद जंग नहीं रोकी तो गंभीर नतीजे भुगतने होंगे
वॉशिंगटन डीसी,एजेंसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को यूक्रेन जंग पर चेतावनी दी है।
ट्रम्प ने कहा है कि अगर पुतिन शुक्रवार को होने वाली बातचीत के बाद भी जंग खत्म करने पर राजी नहीं होते हैं तो उन्हें गंभीर नतीजे भुगतने पड़ेंगे। उनका यह बयान बुधवार को प्रेस ब्रीफिंग के दौरान आया।
ट्रम्प और पुतिन 15 अगस्त को अलास्का में मिलने वाले हैं। इसका मकसद यूक्रेन में साढे तीन साल से चल रही जंग को खत्म करना है। दोनों नेता पहली बार अमेरिका की जमीन पर मिलेंगे।

पुतिन और ट्रम्प के बीच 16 जुलाई 2018 को हेलिंस्की में मुलाकात हुई थी। यह दोनों के बीच आखिरी मुलाकात थी।
जेलेंस्की ने जंग खत्म करने के बदले जमीन देने से इनकार किया
ट्रम्प ने बुधवार को ही यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं के साथ वर्चुअल मीटिंग की।
इस मीटिंग में ट्रम्प ने कहा कि जंग को खत्म करने के लिए दोनों पक्षों को जमीन की अदला-बदली करनी पड़ सकती है। इस पर यूरोपीय नेताओं ने ट्रम्प को समझाने की कोशिश की कि 15 अगस्त को उनकी रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ होने वाली मुलाकात में ऐसा कोई समझौता न हो, जिससे यूक्रेन को नुकसान पहुंचे।
जेलेंस्की ने बैठक के दौरान कहा कि पुतिन धोखा दे रहे हैं। वो यह दिखावा कर रहे हैं कि पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों का उन पर कोई असर नहीं पड़ रहा हैं और ये कारगर नहीं हैं।
इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में डोनबास क्षेत्र की जमीन रूस को सौंपने के सवाल पर जेलेंस्की ने साफ कहा कि वे अपनी जमीन नहीं छोड़ रहे हैं। पहले युद्धविराम होना चाहिए और फिर सुरक्षा की गारंटी मिलनी चाहिए।

जेलेंस्की बोले- मेरी पोजिशन नहीं बदलेगी
जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन की जमीन के बारे में कोई भी फैसला बिना यूक्रेन की सहमति के नहीं हो सकता। मेरी पोजिशन नहीं बदलेगी। एक दिन पहले भी उन्होंने कहा था कि उनके पास अपनी देश की जमीन छोड़ने का कोई अधिकार नहीं है।
उन्होंने आगे कहा- पहले युद्धविराम होना चाहिए, फिर मजबूत सुरक्षा गारंटी दी जानी चाहिए। रूस को यूक्रेन के यूरोप या नाटो में शामिल होने की संभावनाओं पर वीटो लगाने का अधिकार नहीं होना चाहिए।
जेलेंस्की ने यह भी कहा कि पुतिन शांति नहीं चाहते, वे यूक्रेन पर कब्जा करना चाहते हैं। पुतिन किसी को बेवकूफ नहीं बना सकते।
दरअसल, यूरोप और यूक्रेन को डर है कि ट्रम्प और व्लादिमीर पुतिन के बीच कोई ऐसा समझौता हो सकता है, जिससे रूस को यूक्रेन का करीब पांचवां हिस्सा मिल सकता है। इस बैठक में फिनलैंड, फ्रांस, ब्रिटेन, इटली, पोलैंड, यूरोपीय यूनियन (EU) के नेता और नाटो महासचिव मार्क रूट भी मौजूद थे।
ट्रम्प बोले- यह बाइडेन का युद्ध है
यूरोपीय नेताओं के साथ बैठक के बाद ट्रम्प ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिसमें ट्रम्प से पूछा गया कि क्या वे पुतिन को यूक्रेन में नागरिकों पर हमले रोकने के लिए मना सकते हैं, तो उन्होंने कहा-शायद नहीं, क्योंकि मैंने पहले भी यह बात की है।
ट्रम्प ने आगे कहा कि मैं इस युद्ध को खत्म करना चाहता हूं। यह बाइडेन का युद्ध है, लेकिन मैं इसे खत्म करने पर गर्व महसूस करूंगा, जैसे मैंने पिछले छह महीनों में पांच युद्ध खत्म किए।”
ट्रम्प ने यह भी चेतावनी दी कि अगर पुतिन जंग रोकने पर सहमत नहीं होते, तो रूस को खतरनाक अंजाम भुगतने होंगे।
ट्रम्प अब तक 4 बार रूसी राष्ट्रपति से बात कर चुके
- 12 फरवरी, 2025: ट्रम्प और पुतिन ने यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए बातचीत की।
- 18 मार्च, 2025: दोनों नेताओं ने यूक्रेन में युद्धविराम और शांति पर बात की।
- 19 मई, 2025: दो घंटे से अधिक की बातचीत में यूक्रेन युद्ध समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
- 4 जून, 2025: यूक्रेन और ईरान के मुद्दे पर दोनों नेताओं में 1 घंटे बातचीत हुई।
विदेश
शाही महल में डिनर, फोन पर बात और जंग खत्म:दिन में ईरान को धमकाने वाले ट्रम्प रात को चिल्लाकर बोले- डील साइन
वॉशिंगटन, एजेंसी। अमेरिका-ईरान जंग खत्म करने के समझौते पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार रात फ्रांस के वर्साय पैलेस में दस्तखत कर दिए। दिलचस्प बात यह रही कि कुछ घंटे पहले तक वही ट्रम्प ईरान को धमका रहे थे। G7 समिट के दौरान उन्होंने कहा था कि अगर 60 दिन में अंतिम समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका फिर से ईरान पर बम बरसाएगा।

लेकिन शाम ढलते-ढलते तस्वीर बदल गई। G7 समिट के समापन के बाद ट्रम्प फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के विशेष निमंत्रण पर वर्साय पैलेस पहुंचे। वहां डिनर से पहले दोनों नेताओं को फोन पर किसी से बातचीत करते देखा गया। इसके कुछ देर बाद ट्रम्प ने ईरान के साथ शांति समझौते (MoU) पर दस्तखत कर दिए।
विदेश
यूक्रेन ने रूस पर सबसे बड़ा ड्रोन अटैक किया:1000 से ज्यादा ड्रोन, क्रूज मिसाइलें भी दागीं, जेलेंस्की बोले- यूक्रेन जलेगा तो रूस भी जलेगा
मॉस्को/कीव, एजेंसी। यूक्रेन ने गुरुवार को रूस पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया। रूस के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, रातभर में करीब 1,000 ड्रोन और चार क्रूज मिसाइलों को मार गिराया गया। इनमें करीब 200 ड्रोन राजधानी मॉस्को की तरफ बढ़ रहे थे। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा, “हम यह युद्ध नहीं चाहते थे, लेकिन अगर यूक्रेन जलेगा तो मॉस्को भी जलेगा।”
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक हमले में दक्षिणी रोस्तोव क्षेत्र का एक ऑयल डिपो धमाके से तबाह हो गया। यहां मौजूद एक व्यक्ति की मौत हो गई। मॉस्को की कपोतन्या ऑयल रिफाइनरी पर भी हमला हुआ। विस्फोट के बाद ऑयल डिपो टैंक का ढक्कन कई मीटर ऊपर उछल गया और आसमान में काले धुएं के गुबार छा गए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पास के एक शॉपिंग सेंटर में भी आग लग गई। ड्रोन का मलबा गिरने से कुछ रिहायशी और व्यावसायिक इमारतों को नुकसान पहुंचा। कई ऊंची इमारतों को खाली कराया गया। हमले के बाद मॉस्को के हवाई अड्डों पर कुछ समय के लिए उड़ानों पर रोक लगाई गई।

जेलेंस्की बोले- हमने रूस के हमले का जवाब दिया
जेलेंस्की ने मॉस्को पर हमले को पिछले हफ्ते कीव पर रूस की कार्रवाई का जवाब बताया। उन्होंने कहा कि यूक्रेनी सेना ने उन ठिकानों को निशाना बनाया, जो रूस के युद्ध अभियान को सहारा दे रहे हैं।
जेलेंस्की ने कहा कि अब समय आ गया है कि रूस युद्ध खत्म करने के लिए कूटनीतिक रास्ता अपनाए। उन्होंने यूक्रेन की विभिन्न सैन्य और खुफिया एजेंसियों की कार्रवाई की तारीफ भी की।
हमले के समय रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन कजान में दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के नेताओं के साथ शिखर बैठक में मौजूद थे। उन्होंने यूक्रेन के इस हमले पर अभी तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

जेलेंस्की ने X पर पोस्ट कर मॉस्को पर हमले की जिम्मेदारी ली।
2023 से रूसी राजधानी पर ड्रोन हमले बढ़े
2022 में युद्ध शुरू होने के बाद यूक्रेन के ड्रोन हमले सीमित थे। 2023 में पहली बार उसके ड्रोन मॉस्को तक पहुंचे, लेकिन तब हमलों में कुछ ही ड्रोन इस्तेमाल किए जाते थे।
अब यूक्रेन लंबी दूरी तक हमला करने में सक्षम हो गया है, जबकि रूस ने भी राजधानी के चारों ओर मजबूत एयर डिफेंस तैनात कर रखा है।
इस वजह से युद्ध अब सिर्फ फ्रंटलाइन तक सीमित नहीं रहा। दोनों देश तेल डिपो, रिफाइनरी और दूसरे रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना रहे हैं।
G7 देशों ने यूक्रेन को मदद देने का ऐलान किया
मॉस्को पर बड़े हमले के बीच G7 देशों ने यूक्रेन के लिए सैन्य मदद बढ़ाने का ऐलान किया है। संगठन ने कहा कि यूक्रेन को ज्यादा एयर डिफेंस सिस्टम, इंटरसेप्टर और लंबी दूरी के हथियार दिए जाएंगे।
इसके अलावा रूस के तेल और गैस कारोबार पर प्रतिबंध और सख्त किए जाएंगे। G7 देशों ने सर्दियों से पहले यूक्रेन की बिजली और ऊर्जा जरूरतों के लिए भी अतिरिक्त मदद देने का भरोसा दिया है।
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि उन्हें लगा था कि रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म कराना आसान होगा, लेकिन दोनों देशों के बीच गहरी दुश्मनी ने बातचीत को मुश्किल बना दिया है।
उन्होंने कहा कि उनकी वोलोदिमिर जेलेंस्की और व्लादिमिर पुतिन दोनों से अच्छी बातचीत हुई है और वह इस युद्ध का अंत देखना चाहते हैं।
बिज़नस
वो Luxury Villa जिसे देखने दुनिया भर से आते हैं रईस, 32 कमरे और आलीशान Pool, जानें कौन है इसका मालिक और क्या है कीमत?
बीजिंग, एजेंसी। खूबसूरत वादियों, शांत समंदर या किसी खूबसूरत आइलैंड (द्वीप) पर अपना एक आलीशान घर होना हर किसी का सपना होता है। जरा सोचिए, एक ऐसा घर जो चारों तरफ से नीले पानी और पहाड़ों से घिरा हो, जिसमें तैरने के लिए एक शानदार इनफिनिटी पूल हो और अंदर कदम रखते ही सात सितारा होटल जैसी लक्जरी का अहसास हो। चीन के सूझोउ (Suzhou) शहर में स्थित एक ऐसा ही आलीशान महलनुमा घर इस समय पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह चीन का अब तक का सबसे महंगा घर है जिसकी भव्यता और कीमत सुनकर अच्छे-अच्छों के होश उड़ जाते हैं।


क्या है इस महल का नाम और कहां है स्थित?
इस आलीशान विला को ‘ताओहुआयुआन’ (Taohuayuan) नाम दिया गया है। चीनी भाषा में इसका मतलब होता है ‘यूटोपिया’ (Utopia)—यानी एक ऐसी आदर्श और शांत दुनिया जहां सिर्फ सुख और शांति हो। यह घर चीन की मशहूर ‘दुशु झील’ (Dushu Lake) के ठीक बीच में बने एक बेहद खूबसूरत प्राइवेट आइलैंड (निजी द्वीप) पर स्थित है।

कौन है इसका रहस्यमयी मालिक?
इस घर की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इसका असली मालिक कौन है यह आज तक कोई नहीं जानता। इस आलीशान प्रॉपर्टी का मालिकाना हक पूरी तरह से गुप्त (गुमनाम) रखा गया है जो इसे और ज्यादा रहस्यमयी बनाता है।

जानिए इसकी खासियतें
रिपोर्ट के मुताबिक इस घर को तैयार करने में दुनिया भर के बेहतरीन आर्किटेक्ट्स को लगाया गया था। यह प्रॉपर्टी करीब 72,400 वर्ग फुट के विशाल एरिया में फैली हुई है। इसे पूरी तरह से बनकर तैयार होने में 3 साल से भी ज्यादा का समय लगा था। इस घर के अंदर कुल 32 आलीशान बेडरूम और 32 हाई-टेक बाथरूम बनाए गए हैं।
घर का नक्शा इस तरह तैयार किया गया है कि इसके हर एक कमरे में सूरज की प्राकृतिक रोशनी (Natural Light) सीधी पहुंचती है। इस पूरे विला का डिजाइन यूनेस्को की विश्व धरोहरों से प्रेरित है। इसे फेंगशुई के सभी नियमों को ध्यान में रखकर बनाया गया है और इसे तराशने के लिए खास पारंपरिक कारीगरों की मदद ली गई थी।

कितनी है इस Luxury Villa की कीमत?
चीन के बाजार में इसकी कीमत 1 अरब युआन है। डॉलर में आंका जाए तो यह संपत्ति लगभग 150 मिलियन डॉलर की है। भारतीय मुद्रा के हिसाब से इस एक अकेले घर की कीमत करीब 1200 करोड़ रुपये बैठती है। खूबसूरत बगीचों, पारंपरिक चीनी नक्काशी और आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस इस द्वीप-महल को देखने और इसकी एक झलक पाने के लिए दुनिया भर से रईस और टूरिस्ट चीन पहुंचते हैं।
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