मोहला-मानपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़-चौकी जिले में जवानों ने मुठभेड़ में 2 नक्सलियों को मार गिराया है। दोनों पर 1 करोड़ 16 लाख का इनाम था। पुलिस ने घटना स्थल से हथियार और शव बरामद कर लिए हैं। मुठभेड़ मदनवाड़ा थाना इलाके में हुई है।
मारे गए नक्सलियों की पहचान विजय रेड्डी उर्फ सुगुलूरी चिनन्ना उर्फ नगन्ना उर्फ शंकर (DKSZCM) और लोकेश सलामे उर्फ हरसिंग (DVCS) के रूप हुई है। विजय पर छत्तीसगढ़ में 25 लाख समेत 90 लाख का इनाम था। जबकि लोकेश पर छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र में 26 लाख का इनाम था।
वहीं, बीजापुर जिले के माटवाड़ा- कुटरू सड़क पर माओवादियों के लगाए IED की चपेट में आने से एक जवान घायल हो गया। इस दौरान पुलिस-नक्सलियों के बीच फायरिंग भी हुई। इसके अलावा, पामेड़ के उड़तामल्ला के जंगल में बने नक्सली स्मारक को जवानों ने ध्वस्त कर दिया गया।
मुठभेड़ के बरामद शव को लेकर जवान जिला मुख्यालय पहुंचे।
अब जानिए मोहला-मानपुर में कैसे हुई मुठभेड़
जानकारी के मुताबिक, बुधवार (13 अगस्त) को जिला पुलिस बल और ITBP की संयुक्त टीम सर्चिंग पर निकली थी। कांकेर से सपोर्टिंग टीम मौके पर थी, तभी उत्तर बस्तर कांकेर की सीमा से सटे बंडा पहाड़ पर शाम करीब 5 बजे नक्सलियों ने फायरिंग खोल दिया।
जवाबी कार्रवाई में जवानों ने भी फायरिंग की। भारी बारिश के बावजूद जवानों ने ऑपरेशन जारी रखा। दोनों तरफ से लगातार गोलीबारी हुई। सर्चिंग के दौरान दोनों के शव बरामद हुए। यह बंडा पहाड़ 2004-05 में नक्सलियों का प्रमुख ठिकाना था।
बंडा पहाड़ पर छुपकर रह रहे थे नक्सली
मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी के SP यशपाल सिंह ने बताया कि, विजय रेड्डी और लोकेश सलामे एके-47 हथियार लेकर चलते थे। ये दोनों कांकेर जिले के कई इलाकों में लंबे समय से सक्रिय थे। पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण दोनों नक्सली पहले अबूझमाड़ के बॉर्डर चले गए थे।
वहां भी दबाव बढ़ने पर कांकेर जिले की सीमा से लगे मानपुर जिले के बंडा पहाड़ पर शरण ली थी। मानपुर पुलिस को लोकेशन मिलने पर डीआरजी टीम ने कार्रवाई की। विजय के खिलाफ 37 अपराध दर्ज थे। जबकि लोकेश पर पर 26 अपराध दर्ज थे। घटना स्थल से ए इंसास राइफल, एक 303 राइफल, कारतूस और रेडियो बरामद किया गया है।
नक्सलियों से मुठभेड़ के बाद कैंप लौटे जवान।
बीजापुर में IED ब्लास्ट में जवान जख्मी
इधर, बीजापुर जिले के माटवाड़ा- कुटरू सड़क पर नक्सलियों के लगाए IED की चपेट में आने से एक जवान घायल हो गया। गुरुवार (14 अगस्त) को इंद्रावती एरिया में एंटी नक्सल ऑपरेशन के लिए DRG की टीम बाइक और पिकअप से निकली थी। इस दौरान पुलिस-माओवादियों के बीच फायरिंग भी हुई। मामला जांगला थाना क्षेत्र का है।
बताया जा रहा है कि, घायल जवान की हालत खतरे से बाहर है। उसे भैरमगढ़ CHC में प्राथमिक इलाज के लिए लाया गया। पुलिस पार्टी को निशाना बनाने के मकसद से नक्सलियों ने ब्लास्ट किया है। बैकअप पार्टियां मौके के लिए रवाना हो गई है।
स्मारक ध्वस्त करने के बाद बड़ी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद किए गए हैं।
संयुक्त टीमें अभियान पर निकली थी
वहीं,पामेड़ थाना इलाके के उड़तामल्ला के जंगल में बने नक्सलियों स्मारक को जवानों ने ध्वस्त कर दिया गया। गुरुवार सुबह कोबरा 208, केरिपु 228 और जिला सुकमा से कोबरा 203 की संयुक्त टीमें अभियान पर निकली थी।
जवानों ने नक्सलियों के बनाए स्मारक को ध्वस्त कर दिया है।
बड़े चट्टानों के बीच छिपाकर रखा विस्फोटक-हथियार
जवानों ने घटना स्थल से भरमार बंदूक, बीजीएल राउंड, रॉड, बीजीएल पार्ट्स, विस्फोटक निर्माण सामग्री (PEK, यूरिया, इलेक्ट्रिक वायर), एन्युएशन पोच, कई आकार के प्रेशर कुकर (10 लीटर, 5 लीटर, 3 लीटर), आरी ब्लेड, स्पीकर बरामद किया है l
6 अगस्त को 1 नक्सली हुआ था ढेर
इससेपहले, बीजापुर जिले में 6 अगस्त को जवानों ने मुठभेड़ में एक नक्सली को ढेर किया था। मारे गए नक्सली का शव और हथियार बरामद कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि फोर्स ने नक्सलियों को घेर कर रखा था। वहीं बीजापुर में एनकाउंटर के डर से एक महिला नक्सली समेत 9 नक्सलियों ने सरेंडर किया था। 9 नक्सलियों में से 6 नक्सलियों पर 24 लाख रुपए का इनाम घोषित था।
लगातार बड़े नक्सली लीडर मारे जा रहे
21 मई को हुई मुठभेड़ में 27 नक्सली मारे गए। इसमें 1.5 करोड़ का इनामी बसवा राजू भी था।
21 मई की मुठभेड़ से 7 दिन पहले पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कर्रेगुट्टा ऑपरेशन की भी जानकारी दी थी। इसमें 31 नक्सलियों को मार गिराया था।
छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर स्थित कर्रेगुट्टा के पहाड़ों पर सुरक्षाबलों ने 24 दिनों तक ऑपरेशन चलाया था।
शाह का दावा- 2026 तक खत्म कर देंगे नक्सलवाद
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अगस्त 2024 और दिसंबर 2024 में छत्तीसगढ़ के रायपुर और जगदलपुर आए थे। वे यहां अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग मंचों से नक्सलियों को चेताते हुए कहा था कि हथियार डाल दें। हिंसा करोगे तो हमारे जवान निपटेंगे।
वहीं उन्होंने एक डेडलाइन भी जारी की थी कि 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का खात्मा कर दिया जाएगा। शाह के डेडलाइन जारी करने के बाद से बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन काफी तेज हो गए हैं।
कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव
गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!
एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।
कोरबा। कोरबा जिले में एक जून से 28 जुलाई तक कुल 528.2 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। अधीक्षक भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार उक्त अवधि में जिले की तहसील कोरबा में 546.1 मिलीमीटर, अजगरबहार 372.8, भैंसमा, 478.4, करतला 471.1, बरपाली 567.5, कटघोरा 540.9 दीपका 572.5, दर्री 661.3, पाली 581.4, हरदीबाजार 429.4, पोंड़ी-उपरोड़ा 577.6, और पसान तहसील में 539.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
खनिज विभाग कोरबा की लगातार कार्यवाही से खनिज माफियाओं में मचा हड़कंप
कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश तथा उप संचालक, खनि प्रशासन के मार्गदर्शन में जिले में अवैध उत्खनन परिवहन व भण्डारण पर प्रतिबंध लगाने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत गठित खनिज उड़़नदस्ता दलों द्वारा जिले के कई स्थानों पर छापा मारकर सघन जांच की गई। जिस दौरान सीतामढ़ी में रेत का अवैध परिवहन कर रहे 2 ट्रेक्टर, बरमपुर में रेत का अवैध परिवहन कर रहे 1 टीपर, राताखार में गिट्टी का अवैध परिवहन कर रहे 2 हाइवा व रेत का अवैध परिवहन कर रहे 1 टीपर, कुसमुंडा में ईंट का अवैध परिवहन कर रहे 2 ट्रेक्टर तथा कटघोरा में रेत का अवैध परिवहन कर रहे 1 ट्रेक्टर सहित कुल 9 वाहनों पर कार्यवाही करते हुए जब्त कर सिटी कोतवाली थाना, सर्वमंगला पुलिस चौकी, कुसमुंडा थाना, दर्री थाना व खनिज जांच चौकी, कटघोरा की अभिरक्षा में सुरक्षार्थ रखा गया है।
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भण्डारण पर प्रतिबंध सुनिश्चित करना, अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना, प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा शासकीय राजस्व की हानि को रोकना है। नियमों का उल्लघंन करने, अवैध उत्खनन एवं परिवहन तथा भण्डारण में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध खान और खनिज ( विकास और विनियमन) अधिनियम 1957, छत्तीसगढ़़ गौण खनिज नियम 2015 और अन्य वैधानिक प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जा रही है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अवैध खनन, परिवहन और भण्डारण के विरुद्ध सघन अभियान लगातार जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।