देश
स्वतंत्रता दिवस पर मोदी 103 मिनट बोले:लाल किले पर किसी पीएम का सबसे लंबा भाषण, ट्रम्प के टैरिफ का नाम लिए बिना जवाब दिया
नई दिल्ली,एजेंसी। 79वें स्वतंत्रता दिवस पर PM मोदी ने लाल किले पर लगातार 12वीं बार तिरंगा फहराया। इस दौरान उन्होंने 103 मिनट का भाषण दिया। यह अब तक के किसी भी प्रधानमंत्री का लाल किले से दिया सबसे लंबा भाषण है।
लाल किले पर भाषण देकर मोदी ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा है। उन्होंने 2015 में 88 मिनट का भाषण दिया था। तब उन्होंने पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा था। नेहरू ने 1947 में 72 मिनट का भाषण दिया था।
PM ने अपने भाषण की शुरुआत ऑपरेशन सिंदूर से की। इस पर 13 मिनट से ज्यादा बोले। उन्होंने आतंकवाद, सिंधु समझौता, आत्मनिर्भरता, मेड इन इंडिया, नक्सलवाद और अवैध घुसपैठियों पर अपनी बात रखी। उन्होंने बिना नाम लिए ट्रम्प के टैरिफ का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा-
भारत के किसान, पशुपालक, मछुआरे, हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता हैं। इससे जुड़ी किसी भी अहितकारी नीति के आगे मोदी दीवार बनकर खड़ा है। भारत, अपने किसानों, पशुपालकों, मछुआरों के संबंध में कभी भी कोई समझौता नहीं स्वीकार करेगा।
2 ऐलान की, GST घटेगा, आज से रोजगार वाली नई योजना
- GST रिफॉर्म: इस दिवाली पर सरकार GST रिफॉर्म ला रही है। इससे आम लोगों को टैक्स में बड़ी राहत मिलेगी।
- 23.5 करोड़ नौजवानों को रोजगार: आज से ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ लागू की जा रही है। इस योजना के तहत निजी क्षेत्र में पहली नौकरी पाने वालों को केंद्र सरकार 15 हजार रुपए देगी। जो कंपनियां ज्यादा रोजगार जुटाएंगी, उन्हें भी प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह योजना करीब 3.5 करोड़ नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर बनाएगी।

PM मोदी ने तिरंगा फहराया। फ्लाइंग ऑफिसर रशिका शर्मा PM की फ्लैग बियरर रहीं। इस दौरान 1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) ने 21 तोपों की सलामी दी।
12 साल में पहली बार लाल किले से RSS का जिक्र
‘आज गर्व के साथ मैं इस बात का जिक्र करना चाहता हूं कि आज से 100 साल पहले एक संगठन का जन्म हुआ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ। 100 साल की राष्ट्र की सेवा बहुत ही गौरवपूर्ण है। व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के संकल्प को लेकर 100 साल मां भारती के कल्याण का लक्ष्य लेकर मातृभूमि के लिए अपना जीवन समर्पित किया, सेवा, समर्पण संगठन और अप्रतिम अनुशासन जिसकी पहचान रही है। ऐसा आरएसएस दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ है।’
मोदी की बड़ी बातें, खून और पानी एक साथ नहीं बहेगा
1. ऑपरेशन सिंदूर में सेना को खुली छूट दी: ‘आज मुझे लाल किले की प्राचीर से ऑपरेशन सिंदूर के वीर जांबाजों को सैल्यूट करने का अवसर मिला है। हमारे सैनिकों ने दुश्मनों को उनकी कल्पना से परे सजा दी है। 22 अप्रैल को पहलगाम में सीमा पार से आतंकियों ने जिस प्रकार का कत्ले आम किया। धर्म पूछकर लोगों को मारा। पूरा हिंदुस्तान आक्रोश से भरा हुआ था। पूरा विश्व इस संहार से चौंक गया था। ऑपरेशन सिंदूर उसी आक्रोश की अभिव्यक्ति है।
हमने सेना को खुली छूट दी। हमारी सेना ने वो करके दिखाया, जो कई दशकों तक भुलाया नहीं जा सकता। सैकड़ों किमी दुश्मन की धरती में घुसकर आतंकियों को नेस्तनाबूद किया। पाकिस्तान की नींद अभी उड़ी है। पाकिस्तान में हुई तबाही इतनी बड़ी है कि रोज नए खुलासे हो रहे हैं।
2. खून और पानी एक साथ नहीं बहेगा: सिंधु का समझौता कितना एकतरफा है। भारत का पानी दुश्मनों की धरती को सींच रहा है। मेरे देश की धरती प्यासी है। पिछले कई दशक से इस समझौते ने देश के किसानों का नुकसान किया। अब हमने न्यू नॉर्मल स्थापित किया है। आतंक और आतंकियों को पालने पोसने वालों को अब हम अलग-अलग नहीं मानते। वे मानवता के समान दुश्मन हैं। अब भारत ने तय कर लिया है कि परमाणु धमकियों को हम नहीं सहेंगे। परमाणु ब्लैकमेल अब नहीं सहा जाएगा। आगे भी अगर दुश्मनों ने कोशिश जारी रखी तो हमारी सेना तय करेगी कि सेना की शर्तों पर सेना जो लक्ष्य तय करे उसे हम अमल में लाएंगे। भारत ने तय कर लिया है कि खून और पानी एक साथ नहीं बहेगा।
3. किसी की लकीर छोटी करने में ऊर्जा न खपाएं: ‘हमें किसी की भी लकीर छोटी नहीं करनी है। किसी की लकीर को छोटा करने में हमें अपनी ऊर्जा नहीं खपानी है। हमें अपनी लकीर लंबी करनी है। हम अगर अपनी लकीर लंबी करते हैं तो दुनिया भी हमारा लोहा मानेगी और ऐसे समय में जब वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, आर्थिक स्वार्थ बढ़ रहा है तो समय की मांग है कि हम उन संकटों पर रोते नहीं रहें बल्कि हिम्मत के साथ अपने रास्ते पर आगे बढ़ते रहे। अगर हमने ये रास्ता चुन लिया तो फिर कोई स्वार्थ हमें अपने चंगुल में नहीं फंसा सकता। बीता दशक रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म का रहा है, लेकिन अब हमें और नई ताकत से जुटना है।’
4. दाम कम, लेकिन दम ज्यादा: दुनिया गुणवत्ता को स्वीकार करती है। हमारी गुणवत्ता सर्वोत्तम होनी चाहिए। सरकार कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करने और उत्पादन लागत कम करने के लिए भी प्रयास कर रही है। विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े हम सभी लोगों को एक मंत्र अपनाना चाहिए, ‘दाम कम लेकिन दम ज़्यादा’।
भारत में बने उत्पाद, भारत के नागरिकों की कड़ी मेहनत से बने, हमारी मिट्टी की खुशबू से युक्त, आत्मनिर्भरता के संकल्प को मजबूत करने वाले, हम उन्हीं को खरीदेंगे, उन्हीं का उपयोग करेंगे, और उसी दिशा में आगे बढ़ेंगे। यही हमारा सामूहिक संकल्प होना चाहिए।
5. मोटापा समस्या, लोग घरों में 10% कम तेल का इस्तेमाल करें: मोटापा हमारे देश के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले वर्षों में हर तीन में से एक व्यक्ति मोटापे से प्रभावित होगा। हमें खुद को मोटापे से बचाना होगा। इसलिए सभी को इसमें भाग लेना होगा और मैंने एक छोटा सा उपाय सुझाया था।
परिवारों को यह तय करना चाहिए कि जब घर में खाना पकाने का तेल आए, तो वे 10% कम तेल का इस्तेमाल करेंगे। ऐसा करके हम मोटापे के खिलाफ लड़ाई जीतने में योगदान देंगे।
6. हमारा अपना मेड इन इंडिया जेट इंजन हो: ‘ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ISS से लौट चुके हैं। स्पेस में भी अपने बलबूते पर आगे बढ़ रहे हैं। भारत का भी अपना स्पेस स्टेशन होगा, भारत इस पर काम कर रहा है। 140 करोड़ भारतवासी 2047 में विकसित भारत के संकल्प को परिपूर्ण करने के लिए ताकत से जुटे हैं।
भारत आज हर सेक्टर आधुनिक इकोसिस्टम तैयार कर रहा है। यही हमें हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगा। मैं अपने युवा, टैलेंटेड यूथ, हर के हर विभाग को आह्वान है कि हमारा अपना मेड इन इंडिया जेट इंजन होना चाहिए।”

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भारत वेंचर्स शिखर सम्मेलन में स्टार्टअप ने पेश किए नए समाधान
जयपुर, एजेंसी। जयपुर में आयोजित भारत वेंचर्स शिखर सम्मेलन में शनिवार को स्टार्टअप ने सूचना एवं प्रौद्योगिकी, कृत्रिम मेधा, बैंकिंग, वित्त और परिवहन क्षेत्रों में नए समाधान पेश किए। कार्यक्रम में 20 से अधिक स्टार्टअप ने निवेशकों के सामने अपने नवाचार के बारे में बताया। कार्यक्रम में बैंकिंग और वित्त से जुड़े स्टार्टअप ने फिनटेक मंच, डिजिटल भुगतान समाधान, ब्लॉकचेन-आधारित सुरक्षा प्रणालियों और सूक्ष्म वित्त मॉडल पर ध्यान आकर्षित किया। इनका मकसद दक्षता को और अधिक बढ़ाना है।

परिवहन क्षेत्र पर केंद्रित स्टार्टअप ने विद्युत गतिशीलता, कृत्रिम मेधा आधारित यातायात प्रबंधन और हरित परिवहन में नवाचार के बारे में बताया, जिन्हें भविष्य-उन्मुख शहरी ढांचे के लिए अहम माना जा रहा है। भारत वेंचर शिखर सम्मेलन के दौरान फेडरेशन ऑफ यूनिकॉर्न इनोवेटिव स्टार्टअप्स एंड इंडस्ट्रीज (एफयूआईएसआई) के पदाधिकारियों का स्थापना समारोह भी हुआ, जिसमें शोधकर्ताओं, नवप्रवर्तकों और उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
पोद्दार समूह और एफयूआईएसआई के चेयरमैन आनंद पोद्दार ने कहा कि संस्था का लक्ष्य 10,000 स्टार्टअप को सलाह, अनुदान और ज्ञान-साझाकरण पहलों के माध्यम से सहयोग देना है। संगठन का ध्यान नवीकरणीय ऊर्जा, मीडिया तकनीक, हरित अर्थव्यवस्था और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों पर है। भारत वेंचर के चेयरमैन डॉ. संजय खंडेलवाल ने कहा, ”स्टार्टअप भारत की आर्थिक वृद्धि के प्रमुख इंजन है। एफयूआईएसआई के माध्यम से निवेश, मार्गदर्शन और तकनीकी समर्थन देकर युवाओं के विचारों को वास्तविकता में बदलने का प्रयास किया जा रहा है।”
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‘भारतीय हवाई या जमीनी रास्ते से ईरान की न करें यात्रा…’ विदेश मंत्रालय ने जारी की नई एडवाइजरी
तेहरान/नई दिल्ली, एजेंसी। क्षेत्रीय तनाव और अनिश्चितता के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए एक नई और सख्त एडवाइजरी जारी की है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों को स्पष्ट रूप से ईरान की यात्रा न करने की सलाह दी है।

हवाई और जमीनी यात्रा पर रोक
दूतावास द्वारा जारी बयान के अनुसार, हालांकि भारत और ईरान के बीच कुछ सीमित उड़ानें फिर से शुरू होने की खबरें हैं, लेकिन नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे हवाई या जमीनी मार्ग से ईरान की यात्रा न करें। दूतावास ने चेतावनी दी है कि क्षेत्रीय तनाव के कारण हवाई क्षेत्र (Airspace) पर प्रतिबंध और परिचालन संबंधी अनिश्चितताएं अभी भी बनी हुई हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हो रही हैं।
ईरान में मौजूद भारतीयों के लिए निर्देश
जो भारतीय नागरिक वर्तमान में ईरान में हैं, उन्हें दूतावास ने सख्त निर्देश दिए हैं कि वे दूतावास के साथ समन्वय करते हुए निर्धारित जमीनी सीमा मार्गों (land border routes) के माध्यम से देश छोड़ दें। सरकार ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे मार्गदर्शन और सहायता के लिए दूतावास के निरंतर संपर्क में रहें।
वर्तमान स्थिति
ईरान ने हाल ही में इमाम खुमैनी और मेहराबाद जैसे अपने प्रमुख हवाई अड्डों को फिर से खोलना शुरू किया है और मशहद हवाई अड्डे से भी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की अनुमति दी गई है। हालांकि, यह स्थिति 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद पैदा हुए क्षेत्रीय संघर्ष के कारण अस्थिर बनी हुई है। भले ही वर्तमान में एक नाजुक संघर्ष विराम (ceasefire) है, लेकिन यात्रा और सुरक्षा स्थितियों को लेकर अभी भी गहरा संशय बना हुआ है।
मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर किसी भी सहायता या आपात स्थिति के लिए, भारतीय दूतावास ने निम्नलिखित मोबाइल नंबर साझा किए हैं, जिन पर भारतीय नागरिक संपर्क कर सकते हैं:
- +989128109115
- +989128109109
- +989128109102
- +989932179359
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जुलाई में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाएंगे PM मोदी, मेलबर्न में भारतीय समुदाय को करेंगे संबोधित
नई दिल्ली,एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस साल जुलाई में ऑस्ट्रेलिया की आधिकारिक यात्रा पर जा सकते हैं। शुक्रवार को राजनयिक सूत्रों और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। पीएम मोदी का यह दौरा उनके क्षेत्रीय प्रवास का हिस्सा होगा, जिसमें वे इंडोनेशिया और न्यूजीलैंड की यात्रा भी करेंगे।

दौरे का संभावित कार्यक्रम
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी सबसे पहले इंडोनेशिया जाएंगे। 7 और 8 जुलाई को वे न्यूजीलैंड के दौरे पर रहेंगे। इसके बाद 9 और 10 जुलाई को दो दिवसीय यात्रा के लिए प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया पहुँचेंगे।
मेलबर्न में होगा भव्य ‘प्रवासी कार्यक्रम’
इस यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण भारतीय समुदाय (Diaspora) के साथ होने वाला सार्वजनिक कार्यक्रम होगा। सूत्रों के मुताबिक, सिडनी के बजाय इस बार मेलबर्न को एक बड़े सामुदायिक जमावड़े के लिए चुना गया है। अधिकारियों ने मेलबर्न में दो बड़े इनडोर स्टेडियमों का निरीक्षण किया है, जिनकी क्षमता 14,000 से 35,000 के बीच है। जुलाई में ऑस्ट्रेलिया की ठंड और बारिश को देखते हुए इनडोर वेन्यू (छत वाले स्टेडियम) को प्राथमिकता दी जा रही है।

सिडनी में होगी आधिकारिक द्विपक्षीय वार्ता
जहाँ एक ओर मेलबर्न में मेगा कम्युनिटी इवेंट होगा, वहीं दूसरी ओर ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बनीस का कार्यालय सिडनी में पीएम मोदी की मेजबानी के लिए उत्सुक है। यहाँ दोनों देशों के बीच व्यापारिक, आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को लेकर उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठकें होने की संभावना है।
व्यापारिक संगठनों में मची होड़
प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान कई बड़े बिजनेस इवेंट्स के लिए भी होड़ मची है। ऑस्ट्रेलिया इंडिया बिजनेस काउंसिल (AIBC) अपनी 40वीं वर्षगांठ मना रहा है और वे पीएम मोदी की मेजबानी करना चाहते हैं। साथ ही ‘ऑस्ट्रेलिया-इंडिया सीईओ फोरम’ भी एक हाई-प्रोफाइल मीटिंग की रेस में है। हालांकि, माना जा रहा है कि आधिकारिक तौर पर केवल एक ही संगठन को कार्यक्रम की अनुमति मिलेगी।

भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों में बढ़ती गर्मजोशी
इससे पहले पीएम मोदी मई 2023 में सिडनी गए थे, जहाँ उन्होंने ‘क्वाड’ सम्मेलन में हिस्सा लिया था। उस यात्रा के दौरान ब्रिस्बेन में नए भारतीय वाणिज्य दूतावास और बेंगलुरु में ऑस्ट्रेलियाई वाणिज्य दूतावास खोलने जैसी महत्वपूर्ण घोषणाएं हुई थीं। एबीसी (ABC) के विदेश मामलों के संवाददाता स्टीफन डज़ेडज़िक ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि यह दौरा तय होता है, तो यह ऑस्ट्रेलिया के लिए कूटनीतिक रूप से एक बड़ा साल होगा, जिसमें कारने, वॉन डेर लेयेन और ताकाइची के बाद अब मोदी भी शिरकत करेंगे।
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