छत्तीसगढ़
यशु-यशु वाले पास्टर स्टाइल में चमत्कार से इलाज का दावा…:तेल-पानी से हाथ ठीक किया, महिलाएं बोलीं-हमने धर्म नहीं बदला, स्थानीय बोले-पैसे-बिजनेस का लालच दिया
रायपुर,एजेंसी। एक टीन-शेड से बने छोटे से कमरे में रविवार दोपहर को करीब 50-60 लोग जुटे थे। सामने लकड़ी की कुर्सी पर बाइबल रखी थी और पास्टर हाथ उठाकर जोर-जोर से प्रार्थना कर रहा था। भीड़ में बैठे लोगों की नजरें तभी एक युवक पर टिक गईं, जब पास्टर ने उसे आगे बुलाया। पास्टर ने उससे पूछा- “अभी तुम्हारा हाथ कितना हिलता है?” युवक ने कोशिश की, लेकिन उसका हाथ उठ नहीं पाया।
पास्टर ने तभी तेल की एक शीशी निकाली। उसने युवक के हाथ पर तेल लगाया, आंखें बंद कर जोर-जोर से प्रार्थना की और फिर उसके कान में कुछ कहा। कुछ ही सेकेंड बाद युवक का हाथ धीरे-धीरे कांपने लगा और फिर ऊपर उठ गया।
भीड़ ने तालियां बजाई और कमरा “हलेलुया” की आवाज से गूंज उठा। लोग कह रहे थे -“यीशु ने चमत्कार किया…”
रायपुर के कुकुरबेड़ा इलाके में बने उसी होम चर्च जहां कुछ दिनों पहले धर्म परिवर्तन को लेकर बजरंग दल और हिंदू संगठनों ने घेराव कर दिया था।

पास्टर ने आंखें बंद कर जोर-जोर से प्रार्थना की और फिर उसके कान में कुछ कहा।

पास्टर ने तेल की एक शीशी निकाली, उसने युवक के हाथ पर तेल लगाया।

कुछ ही सेकेंड बाद युवक का हाथ धीरे-धीरे कांपने लगा और फिर ऊपर उठ गया।
बजिंदर सिंह के स्टाइल पर चल रही थी ‘मिनी चंगाई सभा’
कुकुरबेड़ा इलाके के होम चर्च में पंजाब के पास्टर बजिंदर सिंह के स्टाइल में चमत्कार दिखाकर लोगों का इलाज किया जा रहा था। पास्टर बजिंदर वही हैं, जो “मेरा यशु-यशु” गाने के साथ चमत्कार दिखाकर लोगों को ठीक करने का दावा करता था। हालांकि, बजिंदर सिंह इस समय जेल में है।
कुकुरबेड़ा के इस होम चर्च में मिनी चंगाई सभा चल रही थी। यहां भी दावा किया जाता है कि प्रार्थना और तेल-पानी से बीमारियां छूमंतर हो जाती हैं।
बजरंग दल का आरोप है कि तेल और पानी से चमत्कार दिखाकर लोगों को बहकाया जा रहा है। उन्हें लालच दिया जा रहा है और उन्हें धर्म बदलने के लिए उकसाया जा रहा है। जिसके चलते यहां विरोध प्रदर्शन हुआ था।

रायपुर के कुकरबेड़ा इलाके में इसी मकान के बाहर हुआ था प्रदर्शन।
पहले जानते हैं कि क्या था पूरा विवाद
10 अगस्त रविवार की सुबह कुकुरबेड़ा में मोहल्लेवासियों ने हिंदू संगठनों को बुलाया। उनका कहना था कि, मोहल्ले के एक मकान में पैसे का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया जाता है। हिंदू संगठन के लोग मौके पर पहुंचे। मकान में 30 से 35 लोग मौजूद थे। इस दौरान हिंदू संगठन के लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। सरस्वती नगर पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने मकान से एक महिला और 2 युवकों को हिरासत में लिया गया था। उन्हें पूछताछ के लिए लेकर थाने लेकर आई और फिर उन्हें छोड़ दिया गया। हिंदू संगठन का कहना है कि युवक भागने की कोशिश कर रहे थे, इसलिए मोहल्लेवासियों ने उन्हें पीट दिया।

मोहल्लेवासियों के अनुसार इसी घर में धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था। फिलहाल, पुलिस ने कमरे को लॉक कर दिया है।
अब होम चर्च का वो कमरा लॉक है
कुकरबेड़ा बस्ती के कोने में 2 मंजिला बिल्डिंग के ऊपर टिन शेड से ये होम चर्च बना गया था। हिन्दू संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद वो कमरा लॉक कर दिया गया था।
विवाद वाले दिन यहां प्रेयर कर रहीं महिलाएं और युवतियां इसी घर में थी। पूछने पर महिलाओं ने बताया कि सभी शहर के अलग-अलग इलाकों में रहती हैं और यहां संडे प्रेयर के लिए आती है।

हिंदू हूं, लेकिन यीशु में विश्वास है
यहां आने वाली पूजा ध्रुव ने बताया कि वो रायपुर के कचना इलाके में रहती हैं और पिछले कई सालों से यहां प्रेयर के लिए आ रही हैं। पूजा का कहना है कि “मैंने धर्म नहीं बदला। मैं आज भी हिंदू हूं। लेकिन मेरा विश्वास यीशु पर है। यहां आने से मेरी तबीयत ठीक हुई है। इसलिए हर रविवार यहां आती हूं।” हालांकि, यहां आने वाली सभी महिलाएं हिन्दू ही हैं और हिन्दू देवी-देवताओं की पूजा छोड़ चुकी है।

हर्षिता निहाल ने बताया कि नानी बीमार थीं तो उन्होंने कहा कि चर्च में सब ठीक हो जाएगा।
तेल-पानी से बीमारी ठीक करने का दावा
इसी मोहल्ले में रहने वाली हर्षिता निहाल ने बताया कि “मेरी नानी बीमार थीं। उन्होंने कहा कि नानी को चर्च लाओ। वहां तेल और पानी दिया गया और दावा किया गया कि यीशु से प्रार्थना करने पर सारी बीमारियां दूर हो जाएंगी। लेकिन शर्त ये रखी कि अब हमें हिंदू देवी-देवताओं की पूजा छोड़नी होगी।”
हर्षिता का कहना है कि हम तेल और पानी लेकर भी गए, लेकिन उसका कोई फायदा हमें नहीं मिला, फिर हम कभी उस होम चर्च में नहीं गए।
इसी होम चर्च के पड़ोस में रहने वाली गीता सोनी बताती हैं कि यहां अनजान लोगों का आना-जाना लगातार बना रहता है। कई बार अचानक देर रात भी प्रार्थना शुरू हो जाती है। गीता का कहना है कि एक बार होम चर्च से जुड़े लोग उनके पास आए और उनसे कहा कि हिन्दू देवी-देवताओं को छोड़कर यीशु को मानो।

रश्मि निर्मलकर का कहना है कि उन्हें धर्म बदलने 5 लाख रुपए देने का लालच दिया गया।
पैसे, राशन और बिजनेस सेट करने का लालच
इसी इलाके की रश्मि निर्मलकर ने बताया कि “मुझसे कहा गया कि अगर मैं यीशु की आराधना करूं तो मेरे परिवार को 5 लाख रुपए और राशन मिलेगा। यहां तक कि हमारे देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक बातें कही गईं। लेकिन मैंने साफ कहा कि मैं अपने धर्म में ही रहूंगी।”
बजरंग दल वालों ने अश्लील इशारे किए
वहीं इसी बिल्डिंग में रहने वाली नेहा ने बताया कि यहां संडे को ही प्रेयर होती है। किसी को भी जोर-जबरदस्ती करके प्रेयर में नहीं लाया जाता। सब अपनी मर्जी से ही आते हैं, लेकिन हिन्दू संगठन के लोग गलत आरोप लगा रहे हैं।
वहीं स्टेशन रोड में रहने वाली दुर्गा भी यहां प्रेयर के लिए आती है। दुर्गा का कहना है कि उस दिन जो कुछ हुआ वो सब पुलिस के समाने हुआ।
अश्लील इशारे करने वाले हमारे लोग नहीं- बजरंग दल
बजरंग दल के सदस्य विशाल मानिकपुरी ने बताया कि मोहल्ले के लोगों ने ही उन्हें कॉल कर बुलाया था। विरोध प्रदर्शन के दौरान बस्ती के कई स्थानीय लोग भी शामिल थे। उनका कहना है कि अश्लील इशारे करने वाले बजरंग दल के कार्यकर्ता नहीं थे, बल्कि बस्ती के ही लोग थे, जो आपसी रंजिश में एक-दूसरे को इशारे कर रहे थे।
होम चर्च खोलकर लोगों को बरगलाया जा रहा- VHP
विश्व हिंदू परिषद के विकास तिवारी ने कहा कि उन्होंने कभी किसी चर्च में तोड़फोड़ या विरोध प्रदर्शन नहीं किया। उनका कहना है कि इलाके में कई चर्च पहले से मौजूद हैं, लोग वहां जा सकते हैं, लेकिन होम चर्च खोलकर लोगों को बरगलाया जा रहा है। बीमारियां ठीक करने का दावा कर और पैसों का लालच देकर धर्मांतरण के लिए उकसाया जा रहा है।
बता दें कि छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण-मतांतरण पर हिंदू और ईसाई समाज में टकराव के हालात हैं। 25 जुलाई को दुर्ग रेलवे स्टेशन से 2 मिशनरी सिस्टर्स की गिरफ्तारी हुई थी। ये मुद्दा लोकसभा-राज्यसभा तक पहुंचा था।
आंकड़ों की बात करें तो छत्तीसगढ़ में 2021 से लेकर अब तक हिंदू और ईसाई समाज में 104 बार टकराव हुआ। अलग-अलग जिलों में 44 FIR दर्ज हुई है। इसमें 23 FIR बीते एक साल में दर्ज की गई है। कोरबा, बलरामपुर, महासमुंद, दुर्ग और बिलासपुर जिले हॉटस्पॉट बने हुए हैं।
कोरबा
धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे:मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी, पंडाल में झूपने लगे महिलाएं-पुरुष
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में 583 लोगों की ‘घर वापसी’ हुई। इनमें एक मुस्लिम परिवार भी शामिल है, जिन्होंने सनातन धर्म अपनाया है। वहीं, दरबार में महिलाएं और पुरुष झूमते नजर आए।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने धर्मांतरण कराने वालों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि, जब तक जिएंगे, हिंदुओं को न कटने देंगे, न बंटने देंगे और न मिटने देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि लालच में आकर जिन लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर दूसरा मजहब अपनाया था, उनमें से सैकड़ों लोग अब ‘घर वापसी’ कर रहे हैं।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।
कथा के चौथे दिन लगा दिव्य दरबार
दरअसल, कोरबा के ढपढप में 5 दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन किया गया है। आज चौथे दिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य दरबार में जनसैलाब उमड़ पड़ा। चौथे दिन 2 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे।
दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का विशेष इलाज किया गया। पर्चा लिखकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे। कुछ लोग जमीन पर लोटते और झूमते हुए दिखाई दिए।
जरूरतमंदों को दो रुपए – धीरेंद्र शास्त्री
दरबार के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक गरीब बुजुर्ग की मदद के लिए यजमानों और जनप्रतिनिधियों से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, लोग नाचने वाली स्त्रियों पर तो पैसे लुटाते हैं, लेकिन जरूरतमंदों की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।
धीरेंद्र शास्त्री ने बुजुर्ग की आर्थिक मदद की
बुजुर्ग ने धीरेंद्र शास्त्री को बताया कि, वो पाली मुनगाडीह का रहने वाला है। अपने घर से पैदल सुबह निकला था। इस दरबार में शामिल हो गया। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिस पर धीरेंद्र शास्त्री ने तत्काल 50 हजार दिए।
वहीं, सामने बैठे वीआईपी लोगों को आर्थिक मदद करने को कहा। जिसके बाद कुल 1 लाख 20 हजार रुपए बुजुर्ग को दिए गए। इसके बाद उन्होंने अपने टीम के वाहन से सुरक्षित घर तक छोड़ने को कहा।
धीरेंद्र शास्त्री बोले- हालेलुया वालों की ठठरी मारी जाएगी
इससे पहले कोरबा में ही बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्मांतरण पर कहा था कि, यहां आसपास हालेलुया वाले भी रहते हैं, उनकी भी ठठरी मारी जाएगी। अब यह खेल नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग राह भटक गए हैं, उनकी घर वापसी कराई जाएगी। इसके अलावा उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़ का भांचा बताया।

कोरबा
श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में हनुमान जन्मोत्सव पर विविध धार्मिक आयोजन
कोरबा। श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में भगवान श्री हनुमान के पावन जन्मोत्सव के अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

मंदिर समिति द्वारा दी जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल को दोपहर 2:00 बजे से अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ किया जाएगा, जो निरंतर चलता रहेगा।

2 अप्रैल को प्रातः 9:00 बजे से 12:00 बजे तक विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक हवन कार्यक्रम संपन्न होगा। हवन के उपरांत दोपहर 1:30 बजे से श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।

मंदिर समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करें एवं कार्यक्रम को सफल बनाएं।

कोरबा
एसईसीएल मुख्यालय के 4 कर्मियों को सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गयी
बिलासपुर/कोरबा। 31.03.2026 को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को 30 . 03.2026 को निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी सुनील कुमार, निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र एवं विभिन्न विभागाध्यक्षों, श्रम संघ प्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी कक्ष में शाल, श्रीफल, पुष्पहार से सम्मानित कर समस्त भुगतान का चेक प्रदान कर भावभीनी विदाई दी गयी।

सेवानिवृत्त होने वालों में सी.डी.एन सिंह महाप्रबंधक (वित्त) वित्त विभाग, जी श्यामला राव महाप्रबंधक (मा.सं) कल्याण विभाग, राम विनय कुमार, महाप्रबंधक (उत्खनन) उत्खनन विभाग, राज, सुरक्षा उप निरीक्षक- सुरक्षा विभाग शामिल रहे।
शीर्ष प्रबंधन ने अपने उद्बोधनों में कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारी अपनी कार्यकुशलता और समर्पण से एसईसीएल को सफलता की नई ऊँचाइयों तक लेकर गए हैं। उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। प्रबंधन ने सभी के उज्ज्वल भविष्य और सुखद पारिवारिक जीवन की कामना की।
सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी कम्पनी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि एसईसीएल में कार्य करना गौरव का विषय रहा। उन्होंने कहा कि यहाँ के अधिकारी और कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं और किसी भी जिम्मेदारी को पूर्ण निष्ठा से निभाते हैं।
कार्यक्रम का चालन एवं सेवानिवृत्त कर्मियों का परिचय प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने सफलतापूर्वक किया।

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